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सीवान: विशेष छापेमारी में तीन शातिर गिरफ्तार, भारी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण बरामद

ASAmit SinghJust now
Siwan, Bihar:सीवान में पुलिस ने विशेष छापेमारी के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, करीब 6 लाख रुपये नकद और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार तीनों आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है।पुलिस ने मैरवा रेलवे स्टेशन के काली मंदिर के पास से तीनों अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मैरवा एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी है। एसडीपीओ ने बताया कि अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार विशेष छापेमारी की जा रही है।इसी दौरान मैरवा रेलवे स्टेशन के पास काली मंदिर के नजदीक से तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से सोने जैसे दिखने वाले धातु के आभूषणों के साथ चांदी जैसे दिखने वाले आभूषण भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामान में करीब 6 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और एक बैग भी शामिल है। सोने जैसे दिखने वाले आभूषणों का कुल वजन करीब 220 ग्राम और चांदी जैसे दिखने वाले आभूषणों का कुल वजन करीब 214.2 ग्राम है। इसके अलावा चांदी जैसे दिखने वाले पायल और अन्य आभूषण भी बरामद किए गए हैं।वहीं, गिरफ्तार तीनों अपराधियों का पहले से आपराधिक इतिहास है।तीनों अपराधियों का मैरवा थाना में अलग अलग कांड दर्ज है।गिरफ्तार अपराधियों की पहचान छपरा जिले के लालजी कुमार,राजकुमार और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गुड्डू कुमार के रूप में हुई है।
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पाकुड़ सेजा गांव में वृद्ध की मौत, तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मारी

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सेजा गांव में सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई... पाकुड़ - बड़हरवा मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें टक्कर मारी... घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया... मृतक कालू ठाकुर दुर्गा पूजा की सप्तमी पर गांव के दुर्गा मंदिर जा रहे थे... पाकुड़ की तरफ से आ रही मोटरसाइकिल ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी... वे सड़क पर गिर गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई... हादसे के बाद लोग जमा हुए और मोटरसाइकिल चालक को पकड़ लिया... सूचना पर थाना प्रभारी गौरव कुमार पुलिस के साथ पहुंचे... पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया... मृतक के नाती प्रत्यूष ठाकुर ने बताया कि कालू ठाकुर लिट्टीपाड़ा प्रखंड के मूल निवासी थे... परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की है... लोगों में तेज रफ्तार वाहनों पर जांच अभियान की मांग को लेकर आक्रोश दिखा...
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कोपरगांव उद्घाटन के दौरान चोर ने भीड़ में लूटपाट की कोशिश, भाग निकला

Shirdi, Maharashtra:पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील यांच्या उपस्थितीत आणि कोपरगावच्या दोन्ही आमदारांच्या उपस्थितीत भव्य उद्घाटन सोहळा सुरू असतानाच चोरट्यांनी धुमाकूळ घातल्याची धक्कादायक घटना कोपरगावात घडलीय. शहरातील कृष्णा कलेक्शनच्या उद्घाटनासाठी नागरिकांची मोठी गर्दी , लोकप्रतिनिधींची उपस्थिती आणि पोलिसांचा फौजफाटा असतानाही चोरट्याने नागरिकांच्या खिशावर डल्ला मारण्याचा प्रयत्न केला.. नागरिकांनी चोरट्याला पकडलं मात्र चोरटे पळाले , पोलिसांनीही त्याचा पाठलाग केला... मात्र, पोलिसांना गुंगारा देत या चोरट्याने थेट घराच्या संरक्षण भिंतीवरून उडी मारून पळ काढला. हा संपूर्ण प्रकार मोबाईल कॅमेऱ्यात कैद झाला..त्यामुळे भर कार्यक्रमात चोर-पोलिसांचा थरार रंगला..आता प्रश्न असा की , मंत्री आणि लोकप्रतिनिधी उपस्थित असलेल्या कार्यक्रमातच नागरिक सुरक्षित नसतील , तर सर्वसामान्यांच्या सुरक्षेची जबाबदारी नेमकी कोणाची..? गर्दीचा फायदा घेणाऱ्या या चोरट्यांना पोलिसांचा धाक उरला आहे की नाही..? या घटनेमुळे कोपरगावातील पोलीस बंदोबस्त आणि नागरिकांच्या सुरक्षेवर प्रश्नचिन्ह निर्माण झालंय...
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SC का बड़ा फैसला: बच्चों के इंटरनेट अधिकार सुरक्षा से नहीं रुकेंगे

Noida, Uttar Pradesh:*बच्चों को भी इंटरनेट इस्तेमाल करने का मौलिक अधिकार, ऑनलाइन सुरक्षा के नाम पर पूरी तरह रोक लगाना सही नहीं, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला* सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि बच्चों को भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने का मौलिक अधिकार हासिल है। इंटरनेट पर होने वाले नुकसान से बच्चों को बचाने के नाम पर उन्हें इससे पूरी तरह दूर नहीं रखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 और आर्टिकल 19(1)(a) के तहत इंटरनेट तक पहुंच और उसका इस्तेमाल करना हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। इसमें बच्चे भी शामिल हैं, चाहे उनकी उम्र कितनी भी हो。 इन अधिकारों से बच्चों को पूरी तरह वंचित करना उतना ही बेतुका होगा, जितना यह कहना कि एक तय उम्र से कम के बच्चों में न तो चेतना होती है और न ही अपनी बात रखने की आजादी। *बच्चों को सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों चाहिए* जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और उनकी स्वतंत्रता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। बच्चों को ये दोनों ही अधिकार मिलने चाहिए।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अधिकारियों की विफलताओं के कारण किसी बच्चे को इंटरनेट से दूर रखना ऐसा होगा, जैसे समस्या के लिए जिम्मेदार लोगों के बजाय पीड़ित बच्चे को ही समस्या मान लिया जाए। *कोर्ट के सामने मामला क्या था?* सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी इंटरनेट पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के खिलाफ दायर याचिका पर अपने फैसले में की है। इसी दौरान कोर्ट ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उम्र के आधार पर रोक लगाने की बढ़ती मांग पर भी अपनी राय रखी। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने की चिंता जायज है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें इंटरनेट से पूरी तरह दूर कर दिया जाए। आज इंटरनेट शिक्षा, जानकारी हासिल करने और दूसरों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। *इंटरनेट पर पूरी तरह रोक लगाने के अपने खतरे हैं* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने से बच्चे दूसरे ऐसे प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर जा सकते हैं, जहां सुरक्षा के इंतजाम कम हों और खतरे अधिक हों。 इतना ही नहीं, इंटरनेट इस्तेमाल करने पर सजा मिलने का डर बच्चों को ऑनलाइन दुर्व्यवहार की शिकायत करने से भी रोक सकता है। अगर किसी बच्चे को इंटरनेट पर कोई व्यक्ति अपने जाल में फंसाता है, धमकाता है या उसका शोषण करता है, तो वह अपने माता-पिता, अभिभावक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताने से हिचकिचा सकता है। उसे डर हो सकता है कि इंटरनेट इस्तेमाल करने के कारण उसे ही डांट या सजा मिलेगी। *बच्चों के लिए भी जरूरी है इंटरनेट* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट का महत्व केवल जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह बच्चों को सीखने, अपनी बात रखने और दूसरे लोगों से जुड़ने का अवसर भी देता है। कोर्ट ने कहा कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले कई बच्चों के लिए इंटरनेट सीखने और जानकारी प्राप्त करने का एकमात्र साधन है। इसी तरह, विशेष जरूरतों वाले बच्चों को भी इंटरनेट के माध्यम से अपने जैसे दूसरे लोगों से जुड़ने और उनका साथ पाने का अवसर मिलता है। *बच्चों के बजाय हानिकारक कंटेंट और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी* कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने भर से उनके यौन शोषण से जुड़े कंटेंट का प्रसार नहीं रुकेगा। न ही इससे ऐसी कंटेंट बनाने, फैलाने और देखने वाले लोगों को अपने आप रोका जा सकेगा。 इस समस्या से निपटने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और नियामक संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। उन्हें ऐसे कंटेंट का पता लगाने, उसे हटाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर ध्यान देना चाहिए। *बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट के लिए ‘चाइल्ड मोड’ का सुझाव* सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा के लिए माता-पिता की सहमति, मार्गदर्शन और निगरानी पर अधिक ध्यान देने की बात कही। इसके साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट में बच्चों के लिए एक अलग ‘चाइल्ड मोड’ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। इस व्यवस्था के तहत बच्चों के अकाउंट डिफॉल्ट रूप से निजी रखे जा सकते हैं। अनजान वयस्कों के संदेशों और संपर्क को सीमित किया जा सकता है। इसके अलावा, बच्चों को दिखाई जाने वाली विज्ञापन सामग्री और अन्य कंटेंट पर भी नियंत्रण रखा जा सकता है। किशोरावस्था से पहले के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति की पुष्टि करने के उचित उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। कोर्ट ने इन उपायों को लागू करने के तरीके तय करने का काम केंद्र सरकार पर छोड़ दिया है। *सरकार से डेटाबेस बनाने को कहा* सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जाए। इसमें ऐसे कंटेंट के डिजिटल पहचान-चिह्न (हैश) और इंटरनेट लिंक (URL) दर्ज हों, ताकि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी पहचान करके उसे हटाया जा सके। हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री की शिकायत करने के लिए स्पष्ट और आसानी से उपलब्ध व्यवस्था होनी चाहिए। शिकायतों की जांच प्रशिक्षित अधिकारियों द्वारा की जाए और शिकायतकर्ता को उसकी स्थिति तथा लिए गए फैसले की जानकारी दी जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों के यौन शोषण से संबंधित शिकायतों, उन पर की गई कार्रवाई और उन्हें हल करने में लगे समय का रिकॉर्ड रखें। *लापरवाही बरतने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की जाए* कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह लापरवाही बरतने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करने और उन पर जुर्माना लगाने के उपायों पर विचार करे。 कोर्ट ने कहा कि पेड सब्सक्रिप्शन या पेवॉल के पीछे उपलब्ध सामग्री की भी उचित जांच होनी चाहिए, ताकि बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी या बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा न मिले। *सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश* कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए, एसओपी बनाए और जहां आवश्यक हो, वहां कानून में संशोधन की दिशा में काम करे。 कोर्ट ने सरकार को फैसले पर अमल की प्रगति के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
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कोटा में शराबी ASI ने युवती से बदसलूकी, मेडिकल जांच के बाद कार्रवाई

Jaipur, Rajasthan:कोटा में नशे में ASI ने युवती से की बदसलूकी, गाली-गलौज कर लोगों को धमकाया VIDEO वायरल, SP ने मेडिकल-जाँच के बाद कार्रवाई के दिए निर्देश कोटा में शराब के नशे में एक ASI द्वारा युवती से कथित बदसलूकी और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया है। झालावाड़ रोड स्थित कोटा हार्ट हॉस्पिटल के आसपास हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सिटी SP तेजस्विनी गौतम ने ASI का मेडिकल करवाने और मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं。 जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 1 बजे की है। आरोप है कि ASI हरि सिंह हाड़ा शराब के नशे में था और उसने सड़क पर युवती के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की तो आरोप है कि उसने अपना नाम ASI हरि सिंह हाड़ा बताते हुए लोगों को धमकाया। इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया。 पुलिस लाइन में तैनात है ASI सिटी SP तेजस्विनी गौतम ने बताया कि ASI हरि सिंह हाड़ा पुलिस लाइन में तैनात है और उसकी ड्यूटी 112 में लगी हुई है। उसका मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है। मामले की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。 वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मी के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल मेडिकल परीक्षण और जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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कवर्धा में धान खरीदी में 17.63 करोड़ रुपये का अंतर,IGA कार्रवाई की मांग

Kawardha, Chhattisgarh:धान खरीदी सीजन 2025-26 के आंकड़े कवर्धा जिले के उपार्जन केंद्रों से संग्रहण केंद्रों तक धान के उठाव और मिलान में बड़े अंतर को दर्शाते हैं. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, उपार्जन केंद्रों में लगभग 11 करोड़ 93 लाख रुपये मूल्य के धान और संग्रहण केंद्रों में लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य के धान का अंतर सामने आया है. इस मिलान के साथ कुल अंतर 17 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक हो गया है. सवाल है कि इतनी बड़ी मात्रा में धान कहां गया? क्या यह महज सुखत है या इसमें गड़बड़ी भी हुई है. आठ समितियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कमी की भरपाई अब तक नहीं हो पाई. कवर्धा जिले में धान खरीदी सीजन 2025-26 के दौरान 108 उपार्जन केंद्रों में कुल 6 लाख 37 हजार 235 मीट्रिक टन धान खरीदी गई, लेकिन उठाव और उपलब्ध स्टॉक मिलान के दौरान केवल 6 लाख 33 हजार 392 मीट्रिक टन मिलान हुआ, यानी लगभग 3 हजार 848 मीट्रिक टन की कमी. जिले के 52 उपार्जन केंद्रों में धान की कमी सामने आई, जबकि 56 केंद्रों में कमी शून्य दर्ज की गई. आठ समितियों के खिलाफ थानों में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद कमी की पूरी भरपाई नहीं हो पाई. संग्रहण केंद्रों में भी धान की कमी के मुद्दे सामने आए; चारभाठा और बघर्रा स्थित केंद्रों पर उपार्जन केंद्रों से उठाव के बाद करीब 6 लाख 20 हजार क्विंटल धान संग्रहित किया गया था, पर अंतिम उठाव और स्टॉक मिलान के दौरान लगभग 18 हजार 400 क्विंटल कमी पाई गई. इसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है. पिछले वर्ष भी संग्रहण केंद्रों में धान की सुरक्षा-खराबी के आरोप सामने आ चुके हैं. अब बड़े पैमाने पर धान की कमी पर सवाल उठ रहे हैं.
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खंडवा में बलवा परेड से त्योहारों की सुरक्षा तैयारी का मॉक ड्रिल

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा में आगामी दशहरा, नवरात्रि विसर्जन और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस लाइन ग्राउंड पर बलवा परेड का अभ्यास किया गया। इस अभ्यास में पुलिसकर्मियों को बलवा से निपटने, हुड़दंगियों पर नियंत्रण रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने को परखा गया। परेड में थाना स्तर के पुलिसकर्मियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस की तैयार किया गया। बलवा परेड के साथ ही वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रास्ता पार्टी का पूर्वाभ्यास भी किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को वीआईपी सुरक्षा घेरे में रखा गया, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरे को भेदने का प्रयास किया। इस अभ्यास से पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियों का जायजा लिया। बाइट आदित्य सिंघारिया adnl SP
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इलाहाबाद HC के निर्देश: यूपी में 3 महीनों में पंचायत चुनाव, गांवों में हलचल

Lucknow, Uttar Pradesh:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और यूपी सरकार को अगले 3 महीने में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव करवाने के निर्देश दिए इसके बाद अब प्रधान संघ हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है लेकिन जब से यह खबर सामने आई है उसके बाद से गांव में जबरदस्त हलचल मची हुई है लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिरकार इस फैसले के बाद क्या होगा। माहौल समझने के लिए जी मीडिया की टीम लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा के हबीबपुर गांव पहुंची जहां पर मौजूद ग्रामीणों ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया उन्होंने कहा कि समय पर चुनाव होने चाहिए और हमें अपने गांव के विकास और काम से मतलब है अगर समय पर चुनाव होंगे हम अपना प्रतिनिधि चुनेंगे तो वह गांव के विकास के लिए काम करेगा प्रधान संघ के सुप्रीम कोर्ट जाने से कोई लाभ नहीं होगा विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानों का चुनाव होना चाहिए।
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मिसाइल से मंत्र तक: रामचंद्रपुर मिलन संघ की दुर्गापूजा में शांति का संदेश

Kolkata, West Bengal:যুদ্ধ নয়, শান্তির বার্তা! ‘মিসাইল থেকে মন্ত্র’ থিমে সেজে উঠেছে রামচন্দ্রপুর মিলন সংঘের দুর্গাপুজো সোনারপুর: একদিকে মিসাইল, যুদ্ধ আর ধ্বংসের ছবি। অন্যদিকে মা দুর্গার আরাধনা, মন্ত্রোচ্চারণ এবং বিশ্বশান্তির আহ্বান। যুদ্ধবিধ্বস্ত পৃথিবীর বাস্তব চিত্র তুলে ধরে শান্তির বার্তা দিতে এবারের দুর্গাপুজোয় অভিনব থিম বেছে নিয়েছে রামচন্দ্রপুর মিলন সংঘ। পুজোর ৮০তম বর্ষে তাদের ভাবনা—‘মিসাইল থেকে মন্ত্র’। ইজরায়েল-প্যালেস্তাইন থেকে রাশিয়া-ইউক্রেন, বিশ্বের বিভিন্ন প্রান্তে দীর্ঘদিন ধরে চলা সংঘাতের প্রভাব পড়েছে সাধারণ মানুষের জীবনযাত্রায়। প্রাণহানি, ধ্বংস এবং অর্থনৈতিক ক্ষয়ক্ষতির সেই ছবিই মণ্ডপসজ্জার মাধ্যমে তুলে ধরার চেষ্টা করেছেন শিল্পীরা। তবে শুধু যুদ্ধের ভয়াবহতা নয়, সেই ধ্বংসের মধ্যেও শান্তির প্রয়োজনীয়তার বার্তা দিচ্ছেন পুজো উদ্যোক্তারা। প্রায় আড়াই থেকে তিন মাস ধরে চলেছে মণ্ডপ তৈরির কাজ। থার্মোকল, ফোম, প্লাইবোর্ড, বাঁশ ও কাপড়ের মতো বিভিন্ন উপকরণ ব্যবহার করে বাস্তব রূপ দেওয়া হয়েছে থিমকে। মণ্ডপের প্রতিটি অংশে যুদ্ধের ভয়াবহতা এবং শান্তির আহ্বান ফুটিয়ে তোলার চেষ্টা করা হয়েছে। থিমের সঙ্গে সামঞ্জস্য রেখে বিশেষ গুরুত্ব দেওয়া হয়েছে আলোকসজ্জাতেও। মণ্ডপ তৈরির সঙ্গে যুক্ত প্রসেনজিৎ জানান, নির্দিষ্ট সময়ের মধ্যে কাজ শেষ করতে দীর্ঘদিন ধরে পরিশ্রম করেছেন শিল্পী ও কর্মীরা। দর্শনার্থীদের সামনে যুদ্ধ ও শান্তির দুই বিপরীত চিত্র তুলে ধরাই তাঁদের অন্যতম লক্ষ্য। পুজোর অন্যতম উদ্যোক্তা সুজয় চ্যাটার্জি জানান, যুদ্ধের কারণে শুধু প্রাণহানি নয়, ক্ষতিগ্রস্ত হচ্ছে বিশ্বের অর্থনীতি। তার প্রভাব পড়ছে সাধারণ মানুষের উপর। তাই যুদ্ধ বন্ধ করে বিশ্বজুড়ে শান্তি প্রতিষ্ঠার আবেদন জানাতেই এবারের এই বিশেষ ভাবনা। মিসাইল যেখানে ধ্বংসের প্রতীক, সেখানে মন্ত্র হয়ে উঠেছে প্রার্থনা ও শান্তির আহ্বান। এই দুই বিপরীত ভাবনাকে একসূত্রে বেঁধেছে রামচন্দ্রপুর মিলন সংঘ। উদ্যোক্তাদের বিশ্বাস, মা দুর্গা দুর্গতিনাশিনী। তাঁর আগমনে দূর হোক হিংসা, সংঘাত ও ধ্বংস। পৃথিবীজুড়ে প্রতিষ্ঠিত হোক শান্তি। আর সেই বার্তাই এবারের দুর্গাপুজোয় তুলে ধরেছে রামচন্দ্রপুর মিলন সংঘের ‘মিসাইল থেকে মন্ত্র’ থিম.
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मेछोग्राम दुर्गोत्सव: थीम लोभ, मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया; 36वां वर्ष

Haldia, West Bengal:থিম ‘लोभ’, বাংলা আর্টের প্রতিমায় নজর কাড়ছে মেশগ্রামের দুর্গোৎসব. জি ২৪ ঘন্টা মহা পুজো অনুষ্ঠানে জেলার সেরা পুরস্কার পেয়েছে। মেছোগ্রাম, পূর্ব মেদিনীপুর: মেছোগ্রাম সমাজ শিক্ষা কেন্দ্র ও ব্যবসায়ী বৃন্দের দুর্গোৎসব এ বছর ৩৬ বছরে পদার্পণ করল। এবারের থিম ‘लोभ’। বাংলা আর্টের প্রতিমা ও সুদৃশ্য মণ্ডপ দর্শনার্থীদের নজর কাড়ছে। মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী এই মণ্ডপের উদ্বোধন করেছেন। পুজো উপলক্ষে প্রতিদিন থাকছে বর্ণাঢ্য অনুষ্ঠান। উল্লেখ্য, জি ২৪ ঘণ্টার ‘মহাপুজো’ অনুষ্ঠানে জেলার সেরা পুজোর পুরস্কার পেয়েছে এই পুজো কমিটি।
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23 साल बाद डॉक्टर-रोगी का भावुक पुनर्मिलन: जीवनदाता को सलाम

Yeola, Maharashtra:अँकर इंट्रो :- एखाद्याचा जीव वाचवणे हे डॉक्टरांसाठी कर्तव्य असते; मात्र त्याच रुग्णाने मोठे होऊन डॉक्टर बनत आपल्या जीवनदात्यांची भेट घेतली, तर तो क्षण भावनांनी भरलेला असतो. नाशिकच्या येवला तालुक्यातील कोटमगाव येथील जगदंबा माता मंदिरात असाच एक हृदयस्पर्शी प्रसंग घडला. तब्बल 23 वर्षांपूर्वी एका नवजात बालकाचे प्राण वाचवणाऱ्या डॉक्टरांना, तोच बालक आज डॉक्टर बनून भेटला. पाहूया, माणुसकी आणि वैद्यकीय सेवेचे महत्त्व अधोरेखित करणारी ही भावस्पर्शी कहाणी... व्हॉइस ओव्हर 1 : - नियतीच्या खेळात काही क्षण असे असतात, जे आयुष्यभर स्मरणात राहतात. येवला तालुक्यातील कोटमगाव येथील श्रीक्षेत्र जगदंबा माता मंदिरात असाच एक भावनिक प्रसंग अनुभवायला मिळाला. सुमारे 23 वर्षांपूर्वी अवघ्या एक किलो 300 ग्रॅम वजनाच्या एका अर्भकाचा जन्म झाला होता. त्या नवजात बालकाचे प्राण वाचवण्यासाठी बालरोगतज्ज्ञ डॉ. चंद्रशेखर क्षत्रिय आणि भूलतज्ज्ञ डॉ. दीपाली क्षत्रिय यांनी मोलाची भूमिका बजावली होती. *व्हॉइस ओव्हर 2 :- काळ पुढे सरकला... ते बालक मोठे झाले, शिक्षण घेतले आणि वैद्यकीय क्षेत्रात प्रवेश करत स्वतः डॉक्टर बनले. आपल्या आयुष्याला नवी संधी देणाऱ्या डॉक्टरांना भेटण्याची वेळ आली, तेव्हा हा क्षण केवळ भेटीपुरता मर्यादित राहिला नाही; तर तो कृतज्ञतेचा आणि भावनांचा अविस्मरणीय सोहळा ठरला. ज्या डॉक्टरांच्या प्रयत्नांमुळे आपल्याला जीवन मिळाले, त्याच डॉक्टरांसमोर डॉक्टर म्हणून उभे राहणे, यापेक्षा मोठा आनंद आणखी काय असू शकतो? व्हॉइस ओव्हर 3 :- या भावनिक भेटीच्या निमित्ताने देवस्थान ट्रस्टच्या वतीने डॉ. चंद्रशेखर क्षत्रिय यांचा शाल, श्रीफळ आणि देवीची फोटोफ्रेम देऊन विशेष सन्मान करण्यात आला. यावेळी ग्रामस्थ आणि भाविक मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. महाआरतीचा मान मिळाल्यानंतर समोर आलेल्या या तरुण डॉक्टरला पाहून जुन्या आठवणींना उजाळा मिळाला. वैद्यकीय सेवा ही केवळ व्यवसाय नसून ती माणसाला जीवन देणारी आणि नाती जोडणारी सेवा आहे, याची जाणीव या प्रसंगाने पुन्हा एकदा करून दिली. बाईट : डॉ. चंद्रशेखर क्षत्रिय ,येवला बाईट : डॉ ,राम गायकवाड,(लहानपणी जीव असलेला मुलगा) बाईट :- खुशाल गायकवाड, डॉ राम गायकवाड ( वडील) **आउट्रो :** एका नवजात बालकासाठी केलेले प्रयत्न... 23 वर्षांनंतर त्याच बालकाचे डॉक्टर म्हणून समोर येणे... आणि जीवनदात्यांप्रती व्यक्त झालेली कृत्रज्ञता! कोटमगावातील हा प्रसंग डॉक्टर आणि रुग्ण यांच्यातील नात्याला एक वेगळीच उंची देणारा ठरला आहे. PTC प्रतिनिधी :- सुदर्शन खिल्लारे झी 24 तास, येवला नाशिक
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