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Hathras - अज्ञात कारणों से वृद्ध ने की आत्महत्या
Sasni, Uttar Pradesh:सासनी के गांव चंदैया में पेड़े से लटक कर अज्ञात कारणों के चलते 60 वर्षीय बुजुर्ग ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, वही इस घटना से परिजनों में हाहाकार मच गई, वहीं पुलिस ने मृतक वृद्ध का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
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बेगूसराय के दिनकर घाट ध्वस्त: निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, कल्पवास प्रभावित
Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय के सिमरिया धाम स्थित श्मशान घाट के पास बना दिनकर घाट 2 साल के अंदर ही गंगा नदी की तेज धारा और जलस्तर में वृद्धि के कारण पूरी तरह ध्वस्त होकर नदी में समा गया है। करीब 11 करोड़ की भारी-भरकम लागत से निर्मित इस स्थाई स्नान घाट के नीचे से मिट्टी का कटाव इतनी तेजी से हुआ कि इसका बड़ा हिस्सा ढह गया। साथ ही साथ सीढ़ी पूरी तरह से गंगा के पानी में समा गया। आपको बताते चले कि हालत ये है कि जिस स्थान पर कभी भव्य सीढ़ियों वाला घाट चमकता था, वहां केवल कंक्रीट का मलबा ही नजर आ रहा है। हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पौड़ी की तर्ज पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकसित किए गए इस प्रोजेक्ट के हाल को लोग सरकारी धन की बर्बादी बता रहे हैं। इस स्थानीय लोग इसे निर्माण एजेंसियों की लापरवाही और संवेदनहीनता बता रहे हैं। बाते की नमामि गंगे योजना के तहत इस घाट का निर्माण पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के सीएसआर (कॉर्पोरट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से कराया गया था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की महारत्न निर्माण एजेंसी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई थी। फरवरी 2023 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। अनुबंध की शर्तों के अनुसार निर्माण के बाद अगले 15 साल तक इस घाट की मरम्मत, सुरक्षा और देख-रेख की पूरी जिम्मेदारी इसी कार्यकारी संस्था एनबीसीसी की थी। विडंबना ये कि निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद से लेकर today तक एनबीसीसी का कोई भी अधिकारी या इंजीनियर घाट की स्थिति जानने या इसकी सुध लेने कभी सिमरिया नहीं पहुंचा। फरवरी 2024 में स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस घाट का लोकार्पण किया थालेकिन लोकार्पण के कुछ ही महीनों बाद ये पूरा ढांचा गंगा की गोद में विलीन हो गया। 63 मीटर लंबे और 25 मीटर चौड़े इस स्थाई स्नान घाट के निर्माण की शुरुआत से ही स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इसके स्थान चयन, डिजाइन और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते रहे थे। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट आरोप है कि एनबीसीसी द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और घटिया निर्माण कार्य किया गया। जिस समय घाट की सीढ़ियां और सुरक्षा दीवारें बनाई जा रही थी, उस समय भी स्थानीय लोगों ने घटिया निर्माण का कड़ा विरोध जताया था। लेकिन न तो ठेकेदार ने इस पर ध्यान दिया और न ही एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच करने की जहमत उठाई। सिमरिया धाम में नमामि गंगे के तहत इस घाट का निर्माण हो रहा था, उस समय क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और आम लोग बेहद उत्साहित होकर निर्माण कार्य देखने जाया करते थे। सिमरिया धाम बेगूसराय और पूरे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक और पवित्र स्थल माना जाता है, जहां हर पर्व-त्योहार पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं।लगा था कि केंद्र सरकार की योजना के तहत सिमरिया में एक अभूतपूर्व और आधुनिक घाट बनने जा रहा है, जिससे यहां जाने वाले तीर्थयात्रियों को असीम सहूलियत मिलेगी। लेकिन निर्माण के दौरान पारदर्शिता का नामो-निशान नहीं था। जब भी स्थानीय लोग या जनप्रतिनिधि वहां जाकर काम की जानकारी मांगते थे, तो वहां मौजूद कर्मी और ठेकेदार के लोग भगा देते थे। कहते थे कि अभी इंजीनियर नहीं हैं, आप लोग यहां से जाइए। लोगों ने सोचा कि चलो सीढ़ीदार घाट बन रहा है, तो फायदा जनता को ही होगा। लेकिन संवेदक और एनबीसीसी ने जिस संवेदनहीनता के साथ काम किया, उसका परिणाम आज सबके सामने है।कई दशकों बाद जब इस बार गंगा के जलस्तर में इतना भारी इजाफा हुआ और पानी का दबाव बढ़ा, तो घटिया नींव पर टिका यह पूरा निर्माण कार्य ध्वस्त होकर नदी में विलीन हो गया।उन्होंने कहा कि गंगा नदी या उसके पानी का बहाव इस तबाही का कारण नहीं है, क्योंकि नदियां तो अपने कुदरती नियम से बहती ही रहेंगी। इसके लिए पूरी तरह से निर्माण एजेंसी और उसका संवेदक दोषी है, जिन्होंने बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए केवल कागजों पर काम पूरा कर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। बताया जाता है कि इसी स्थान से महज 500 मीटर की दूरी पर Bihar Government के जल संसाधन विभाग द्वारा एक अन्य घाट का निर्माण कराया गया है, जो आज भी गंगा की उफनती धारा के बीच पूरी तरह सुरक्षित और ज्यों का त्यों खड़ा है। घाट निर्माण के दौरान विभाग के सचिव, डीएम और तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में जल कटाव से बचाव के लिए ठोस उपाय किए गए थे। उस घाट में पानी के कटाव को रोकने के लिए 50 से 60 फीट गहरे से सेफ्टी पायलिंग कराया गया, जो नदी के प्रचंड वेग को सहने में सक्षम है।लेकिन एनबीसीसी ने बनाए गए दिनकर घाट में इस तरह का कोई तकनीकी सुरक्षा चक्र या पायलिंग कार्य नहीं किया गया। घटिया और उथली नींव होने के कारण जैसे ही गंगा की धारा ने घाट के नीचे की मिट्टी को काटना शुरू किया, पूरा ढांचा नीचे से खोखला होकर गिर गया। बेगूसराय की यह पावन धरती राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि और कर्मभूमि रही है। राष्ट्रकवि दिनकर के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से ही इस प्रथम स्थाई स्नान घाट का नामकरण दिनकर घाट किया गया था। छठ में यहां श्रद्धालु गंगा के पवित्र जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदयगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। लोग कल्पना करते थे कि हरिद्वार के हर की पौड़ी की तरह वे भी दिनकर घाट की सुंदर सीढ़ियों पर बैठकर गंगा स्नान करेंगे, तस्वीरें खिंचवाएंगे और रील बनाएंगे। लेकिन संवेदक की लापरवाही ने स्थानीय लोगों की इन तमाम आकांक्षाओं और सांस्कृतिक भावनाओं पर पानी फेर दिया। इस घाट के ध्वस्त होने से सबसे बड़ा संकट आने वाले कार्तिक कल्पवास मेले पर मंडरा रहा है। आपको बताते चले कि सिमरिया धाम में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से ऐतिहासिक कल्पवास मेला शुरू होने वाला है, जिसमें पूरे बिहार और देश के कोने-कोने से हजारों कल्पवासी और साधु-संत महीने भर के कठिन व्रत और कल्पवास के लिए जुटते हैं। कल्पवासियों के ठहरने के मुख्य स्थल से यह दिनकर घाट मात्र 150 मीटर की दूरी पर स्थित था, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को स्नान करने में बहुत आसानी होती। आपको बताते चले कि कल्पवासियों को उम्मीद थी कि इस बार वे इसी सुंदर और सुलभ घाट पर गंगा स्नान करेंगे। अब घाट के पूरी तरह तबाह हो जाने के कारण कल्पवासियों की उम्मीदें टूट चुकी हैं और उन्हें विवश होकर दूर के घाटों पर जाना पड़ेगा। फिलहाल घाट ध्वस्त होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा एनबीसीसी और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग किया है。0
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छपरा की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर 5000 करोड़ पैकेज दें
Chapra, Bihar:छपरा की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें, 5000 करोड़ का पैकेज दें: पप्पू यादव तरैया और पानापुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार सरकार और बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने केवल छपरा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार को प्रभावित किया है। केंद्र सरकार को बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करते हुए 5 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देना चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ से गन्ना, मक्का और धान समेत किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों का ऋण माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने बाढ़ में पशुओं और मकानों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कच्चे मकान के लिए दो लाख रुपये और पक्के मकान के लिए 10 लाख रुपये की सहायता दी जानी चाहिए। बांध निर्माण और फ्लड फाइटिंग पर उठाए सवाल पूर्णिया सांसद ने सिंचाई मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें बाढ़ और बांध टूटने के कारणों को लेकर नासा के आंकड़ों का हवाला दिया गया था। पप्पू यादव ने कहा कि नासा के लोग यहां बांध बनाने नहीं आए थे। बांध का निर्माण स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों ने कराया है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए。 उन्होंने फ्लड फाइटिंग के कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई जगहों पर बालू की जगह मिट्टी भरकर काम किया गया और इस पूरी व्यवस्था में अरबों रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि बांध निर्माण और फ्लड फाइटिंग से जुड़े ठेकेदारों और अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए。 उन्होंने श्रीराम और एसपी सिंघला जैसी एजेंसियों को लगातार टेंडर मिलने की प्रक्रिया की भी जांच की मांग की। पप्पू यादव ने कहा कि इन एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए तथा जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। संसद में भी उठाए जाएंगे बाढ़ का मुद्दा संसद में बाढ़ का मुद्दा उठाने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि छपरा सुरक्षित नहीं है और यहां की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं। सरकार में बैठे लोग हों या अधिकारी, अगर कहीं लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ से हुई तबाही की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।0
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आदित्यपुर नगर निगम के फरमान से दुर्गा पूजा कमेटियों पर भड़का गुस्सा, विपक्ष घेराव करेगा
Jamshedpur, Jharkhand:सरायकेला आदित्यपुर नगर निगम के तुगलकी फरमान पर भड़का जनाक्रोश । दुर्गा पूजा सफाई पर वसूली का कांग्रेस नेता अंबुज कुमार ने किया कड़ा विरोध, बोले - हेमंत सरकार को बदनाम करने की साजिश । आदित्यपुर दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर आदित्यपुर नगर निगम द्वारा जारी एक आदेश ने आस्थावानों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने पूजा पंडालों और आसपास सफाई के नाम पर पूजा समितियों से शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जेसीबी के लिए 950 रुपये प्रति घंटा, ट्रैक्टर के लिए 700 रुपये प्रति घंटा और सफाई कर्मियों के लिए 550 रुपये प्रति घंटा शुल्क तय किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार ने कड़ा विरोध जताया है। पूजा पंडाल से जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो निगम में कोई विरोधी ताकतें बैठकर आस्था पर प्रहार कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करते हैं, वहां बिना बोर्ड बैठक और पार्षदों को विश्वास में लिए ऐसा जनविरोधी फैसला किसके इशारे पर लिया गया। अंबुज कुमार ने कहा, "बंगाल और अन्य पड़ोसी राज्यों में सरकारें दुर्गा पूजा কমेटियों को आर्थिक सहयोग और अनुदान देती हैं। वहीं आदित्यपुर नगर निगम जनता से टैक्स और कचरा शुल्क वसूलने के बावजूद आस्था के पर्व पर वसूली का जरिया तलाश रहा है। पूजा कमेटियां घर-घर जाकर चंदा जुटाती हैं और सेवा भाव से समाज को जोड़ती हैं। यह फरमान हेमंत सरकार की छवि बिगाड़ने की साजिश है।" उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारी शहरवासियों से माफी मांगें और इस आदेश को अविलंब वापस लें। यदि आदेश रद्द नहीं हुआ तो उपायुक्त और नगर आयुक्त के समक्ष उग्र आंदोलन किया जाएगा। आस्था पर कोई भी आर्थिक बोझ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।0
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लोहरदगा में शहादत दिवस पर पुलिस-प्रशासन ने माल्यार्पण किया
Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा - चार अक्टूबर 2000 को तत्कालीन एसपी अजय कुमार सिंह का शहादत दिवस लोहरदगा में आज मनाया गया। नक्सलियों से लोहा लेते हुए आज के ही दिन पेशरार के घने जंगल में बिहार राज्य के समय तत्कालीन एसपी अजय कुमार सिंह शहीद हो गए थे। शहादत दिवस के मौके पर आज डीसी संदीप कुमार मीना एसपी सादिक अनवर रिजवी सहित जिला प्रशासन के तमाम पदाधिकारी और पुलिस कर्मियों ने माल्यार्पण किया। एसपी सादिक अनवर रिजवी ने कहा की शहादत का ही देन है कि लोहरदगा सहित झारखंड राज्य आज नक्सलवाद से मुक्त हो गया है।0
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बस्तर के लिए मोदी सरकार से विशेष राहत पैकेज और 300–100 करोड़ की मांग
Jagdalpur, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जगदलपुर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र, बस्तर में आई बाढ़ को लेकर विशेष राहत एवं मुआवजा पैकेज स्वीकृत करने की मांग, जोरा नाला का DPR निर्माण की उठाई मांग, विशेष वित्तीय सहायता के तहत बस्तर जिले के लिए 300 करोड़ एवं सुकमा और बीजापुर के लिए 100 -100 करोड़ की राहत राशि स्वीकृत करने की मांग।0
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वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से लापता युवक साकेत नामदेव की तलाश तेज
Bhopal, Madhya Pradesh:प्रेमानंद महाराज के आश्रम से सागर का युवक एक माह से लापता, परिवार लगा रहा तलाश में चक्कर वृंदावन में आखिरी बार राधा केली कुंज आश्रम में होने की दी थी जानकारी, 12 सितंबर के बाद से मोबाइल बंद ; परिवार ने मथुरा पुलिस पर सहयोग नहीं करने के लगाए आरोप सागर। वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े जबलपुर निवासी रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की रहस्यमयी मौत का मामला चर्चा में है। इसी बीच सागर का एक 26 वर्षीय युवक साकेत नामदेव भी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। करीब एक महीने से बेटे की खोज में भटक रहा परिवार अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने से परेशान है। परिजनों ने मथुरा पुलिस पर तलाश में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार सागर के नरयावली थाना क्षेत्र स्थित जलंधर गांव निवासी आईटीआई छात्र साकेत नामदेव 31 अगस्त को वृंदावन जाने के लिए घर से निकला था। उसने अपने पिता रामगोपाल नामदेव को बताया था कि वह प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जा रहा है। इसके बाद वह वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचा था। परिवार की साकेत से आखिरी बार 12 सितंबर को फोन पर बात हुई थी। उस दौरान उसने बताया था कि वह राधा केली कुंज आश्रम में मौजूद है। इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है और परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया है। परिजनों के मुताबिक, जब वे वृंदावन पहुंचे और प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जानकारी जुटाई, तो वहां के परिकरों ने बताया कि साकेत बेल वन आश्रम में तीन दिन तक रुका था। हालांकि, इसके बाद वह कहां गया और उसके साथ क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है。 बेटे की तलाश में परिवार के सदस्य लगातार वृंदावन में भटक रहे हैं। जगह-जगह साकेत के गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए हैं। परिवार के कुछ सदस्य लगातार संभावित स्थानों पर जाकर उसकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है。 साकेत के पिता रामगोपाल का आरोप है कि मथुरा पुलिस उनकी शिकायत के बावजूद गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है। न तो मोबाइल की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है और न ही परिवार को किसी तरह का सहयोग मिल रहा है। परिवार का कहना है कि साकेत पढ़ा-लिखा और सीधा-साधा युवक है। वह पिछले करीब एक साल से प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से प्रभावित होकर उनकी भक्ति कर रहा था। वह मोबाइल पर महाराज के प्रवचन सुनता था और इसी लगाव के चलते उनके दर्शन करने वृंदावन गया था。 एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी साकेत का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। अब परिजन पुलिस प्रशासन से युवक की तलाश के लिए गंभीरता से प्रयास करने और जल्द से जल्द उसका पता लगाने की मांग कर रहे हैं。 बाइट- 1-रामगोपाल नामदेव -पिता 2-नीतू नामदेव-चाची0
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उत्तराखंड सीट के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया
Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड सीट के लिए बीजेपी ने दिनेश आर्य को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया0
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जयपुर में पंचायत चुनाव: निषेधाज्ञा लागू, हथियारों और प्रचार पर सख्त रोक
Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनाव का काउंटडाउन... जयपुर में निषेधाज्ञा लागू जयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का मोर्चा संभाल लिया है... जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा ग्राम पंचायत के चुनाव को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है... BNSS की धारा 163 के तहत जारी आदेश 4 अक्टूबर से आचार संहिता खत्म होने तक प्रभावी रहेगा... हथियारों के प्रदर्शन से लेकर भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाले कंटेंट तक पर सख्ती रहेगी... राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है... चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब जयपुर पुलिस ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है... जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है... आदेश के अनुसार झोटवाड़ा, आमेर, चाकसू, कोटखावदा, सांगानेर, बस्सी और तूंगा क्षेत्र में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों तथा पंचायत के चुनाव चार चरणों में होने हैं... चुनाव शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए हैं... ग्राफिक्स: 4 अक्टूबर 2026 से निषेधाज्ञा आचार संहिता समाप्त होने तक प्रभावी BNSS धारा 163 पंचायत चुनाव 2026 निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर रोक रहेगी... रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, तलवार, भाला, चाकू और अन्य घातक हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है... हालांकि चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड और मतदान दल के कर्मचारियों को इससे छूट रहेगी... इसके अलावा बिना अनुमति जुलूस, सभा, धरना और भाषण आयोजित नहीं किए जा सकेंगे... लाउडस्पीकर या ध्वनि प्रसारण यंत्र के लिए संबंधित पुलिस उपायुक्त की पूर्व अनुमति जरूरी होगी... अनुमति मिलने पर भी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही ध्वनि प्रसारण की अनुमति रहेगी... ग्राफिक्स: चुनाव में इन पर रहेगी नजर भड़काऊ भाषण साम्प्रदायिक नारे जातिगत द्वेष सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार सरकारी संपत्ति पर पोस्टर/नारे बिना अनुमति चुनावी जुलूस पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी साफ निर्देश दिए हैं... फेसबुक, X, व्हाट्सऐप और यूट्यूब समेत इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या विघटनकारी दुष्प Charl प्रचार करने पर कार्रवाई होगी... सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों पर पोस्टर, होर्डिंग, नारे या चुनावी प्रतीक लगाने पर भी रोक रहेगी... धार्मिक स्थलों को चुनाव प्रचार का मंच बनाने की भी इजाजत नहीं होगी... मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, गुरुद्वारा या अन्य पूजा स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा... मतदान केंद्र के आसपास भी पोस्टर, झंडे, चुनाव चिन्ह या प्रचार सामग्री के प्रदर्शन पर रोक रहेगी... जयपुर पुलिस का यह आदेश 4 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आचार संहिता समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा... आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी... यानी पंचायत चुनाव में शांतिपूर्ण मतदान के लिए जयपुर पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का पूरा खाका तैयार कर लिया है... अब चुनावी मैदान में प्रचार के साथ-साथ पुलिस की निगरानी भी और सख्त रहेगी।0
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ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन दुकान का लेंटर गिरा, मजदूर मलबे में दबा, हालत गंभीर
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा - निर्माणाधीन दुकान का अचानक गिरा लेंटर, लेंटर के मलबे में दबा एक मजदूर, कई लोग घायल, स्थानीय पुलिस ने लोगों की मदद से मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला, गंभीर हालत में अस्पताल में कराया भर्ती, पुरानी दुकान में चल रहा था मरम्मत का काम, दादरी नगर में तहसील के पास की घटना।0
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बांसवाड़ा में 9 साल की बच्ची छत से गिरकर घायल, इलाज जारी
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर - बांसवाड़ा जिले के दानाپور थाना क्षेत्र के छोटी सरवन गांव में रहने वाली 9 साल की मासूम बच्ची नींद में दो मंजिला मकान की छत से नीचे गिर गई। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार छोटी सरवन निवासी पायल पुत्री कोदर अपने परिजनों के साथ उज्जैन के पास सोयाबीन की कटाई के लिए गई थी। परिजन और बालिका वहां छत पर सो रहे थे। इसी दौरान देर रात नींद में बालिका छत से नीचे गिर गई। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। हादसे में बालिका के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। जहा प्राथमिक इलाज के बाद परिजन उसे बांसवाड़ा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहा डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है0
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भाजपा ने सोशल मीडिया पर फर्जी वोटिंग-हैकिंग के मुद्दे पर तंज, पोस्ट से तकरार
Raipur, Chhattisgarh:रायपुर- यूथ कांग्रेस में फर्जी वोटिंग और राहुल गांधी के ईवीएम हैक के आरोपों पर भाजपा ने सोशल मीडिया के जरिए कसा तंज. कार्टून पोस्टर जारी कर कसा तंज. लिखा- मजनू भाई की पेंटिंग आज समझ में आ रही है... जब राजनीति में गधों की रेस में हैकर्स भी दौड़ने लगें, तो पेंटिंग एकदम सटीक बैठती है...0
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मधुबनी में नशे में युवक ने दुकानदार पर हमला, गिरफ्तार
Madhubani, Bihar:मधुबनी में नशे की हालत में एक युवक ने गांधी चौक स्थित दुकानदार अजय नायक पर चाकू से जानलेवा हमला किया। निजी अस्पताल में इलाज के बाद मरीज DMCH रेफर किया गया है। आरोपी शुभम कुमार पड़ोसी बताये गये हैं; उसने उधार में सिगरेट व अन्य सामान मांगने पर इनकार किए जाने पर हमला किया। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल दुकानदार को सदर अस्पताल से DMCH रेफर किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हथियार बरामदगी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।0
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रावतभाटा में स्वच्छता अभियान: नगराध्यक्ष ने झाड़ू लगाकर दिया साफ संदेश
Begun, Rajasthan:रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत सेक्टर नंबर एक स्थित होमी जहांगीर भाभा बस स्टैंड परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर पालिका अध्यक्ष अनुसूईया नागर ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई में सहभागिता की। अभियान में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, पालिका कर्मचारियों, स्वच्छता मित्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों से कचरा इधर-उधर नहीं फेंकने और कचरा संग्रहण वाहन में ही डालने की अपील की गई। पालिका की ओर से सभी वार्डों में चरणबद्ध सफाई अभियान चलाने, नाले-नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। अभियान के जरिए स्वच्छ शहर, स्वच्छ रावतभाटा के लिए आमजन की सहभागिता को जरूरी बताया गया।0
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खाद की मांग पर नरेश मीणा का जयपुर कूच, बिना अटैचमेंट खाद की मांग
Baran, Rajasthan:खाद की मांग को लेकर नरेश मीणा का जयपुर कूच, मांगरोल में रात्रि विश्राम एंकर- बारां में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे भगत सिंह सेवा प्रमुख नरेश मीणा ने जयपुर कूच शुरू कर दिया है। जयपुर जाते समय नरेश मीणा ने अपने समर्थकों के साथ मांगरोल में रात्रि विश्राम किया। वह ठेले पर सवार होकर समर्थकों के साथ जयपुर के लिए रवाना हुए हैं。 आज उनके आमरण अनशन का तीसरा दिन है। फिलहाल मांगरोल में नरेश मीणा और प्रशासन के बीच वार्ता चल रही है। नरेश मीणा की मांग है कि हाड़ौती क्षेत्र के साथ ही टोंक-उनियारा क्षेत्र में किसानों को बिना अटैचमेंट के पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए。 नरेश मीणा के जयपुर कूच के बाद टोंक जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। टोंक जिला कलेक्टर टीना डाबी ने नरेश मीणा से फोन पर बातचीत की। इस दौरान कलेक्टर ने टोंक जिले में खाद की किल्लत नहीं होने देने का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि नरेश मीणा ने पूर्व में उनियारा क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर धरने का ऐलान किया था。 नरेश मीणा का कहना है कि किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़े और उन्हें बिना अटैचमेंट के पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। इसी मांग को लेकर वह समर्थकों के साथ जयपुर की ओर कूच कर रहे हैं。 बातचीत - टीना डाबी से कॉल पर0
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हमीरपुर में नदी में डूबे युवक का शव बरामद, परिजन शोक में
Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर: यमुना नदी में नहाने गया 18 वर्षीय युवक डूबा, नदी की गहराई में जाने से डूबा युवक, आज नदी में उतराता मिला युवक का शव, शनिवार की सुबह नदी नहाने के लिए घर से निकला था युवक, घर न लौटने पर युवक तलाश में जुटे थे परिजन, खोजबीन के दौरान नदी किनारे मिली थी युवक की साइकिल, युवक का शव बरामद होने की सूचना पर पहुंची पुलिस कार्रवाई में जुटी, कुरारा थाना क्षेत्र के जमरेही तीर इलाके की घटना0
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