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Hathras: कस्बा सासनी में मंगलामुखियों में हुआ विवाद
Sasni, Uttar Pradesh:जनपद हाथरस के कोतवाली सासनी क्षेत्र के आशा नगर में आज उस वक़्त हंगामा खड़ा हो गया जब मंगलामुखी बने एक व्यक्ति ने अपने गुरु मंगलामुखी बिंदिया के घर मे घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की। जिससे उर्स में अलग अलग जिलों से चादर चढ़ाने आये मंगलामुखियों ने अशोक उर्फ मनचली को पुलिस के हवाले करते हुए मनचली और उसके साथ के अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नामदर्ज तहरीर दी है। मौके पर दर्जनों की संख्या में मंगलामुखियों ने भी मनचली के विरोध में वहां पहुंचे और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।0
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एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला रिकर्व टीम ने गोल्ड से इतिहास रचा
Noida, Uttar Pradesh:A golden breakthrough for India in Recurve Archery! Congratulations to Ankita Bhakat, Kirti and Kumkum Anil Mohod on winning the Gold Medal in the Recurve Women’s Team event at the Asian Games 2026. Defeating South Korea 5-3 in a closely fought final, the Indian trio has created history by securing India’s first-ever Asian Games Gold in this event. A remarkable achievement for Indian Archery. Jai Hind!0
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CM के दौरे से पहले धूपगुड़ी में दबिश: भारी मात्रा में ब्राउन शुगर पकड़ी गई
Jalpaiguri, West Bengal:মুখ্যমন্ত্রীর সফরকে ঘিরে কড়া নিরাপত্তার মধ্যেই জলপাইগুড়ি জেলার ধূপগুড়ি পুরসভার ৩ নম্বর ওয়ার্ডের বাজার সংলগ্ন এলাকায় রুটিন টহলদারি চলাকালীন একটি যুবক সন্দেহজনকভাবে ঘোরাফেরা করলে পুলিশ তাকে আটক করে তল্লাশি চালায়। তল্লাশায় যুবকের কাছ থেকে বিপুল পরিমাণ ব্রাউন সুগার উদ্ধার হয় বলে পুলিশ সূত্রে খবর। মুখ্যমন্ত্রীর আসন্ন সফর উপলক্ষে ধূপগুড়ি শহর ও সংলগ্ন এলাকায় নজরদারি ও নাকা চেকিং শুরু হয়েছিল; এ নজরদারির মধ্যেই এই মাদক উদ্ধার ঘটেছে। ধূপগুড়ি মহকুমার ডিএমডিসি সাব্বির মোল্লা ও ধূপগুড়ি থানার পুলিশ উপস্থিতিতে উদ্ধার মাদক সিল করে এবং অভিযুক্ত যুবককে গ্রেফতার করা হয়েছে। মাদক কোথা থেকে আনা হয়েছিল,背রে কোনো বড় মাদক পাচার চক্র রয়েছে কিনা ও আরো কেউ জড়িত আছে কিনা তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে।0
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Bengal में मानसून विदाई के बीच आज हल्की बारिश के आसार
Kolkata, West Bengal:১) রাজ্যে বর্ষা বিদায় আসন্ন। দিন দশেকের মধ্যে পশ্চিমবঙ্গ থেকে মৌসুমী বায়ুর আনুষ্ঠানিক বিদায় বার্তা দিতে পারে মৌসম ভবন। তার আগে বাতাসে থেকে যাওয়া জলীয় বাষ্পের জেরে আজ গান্ধী জয়ন্তী শুক্রবার কয়েক জেলায় বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা।আগামী মঙ্গলবার পর্যন্ত ভারী বৃষ্টির কোনো সম্ভাবনা নেই। কলকাতা ও সংলগ্ন এলাকায় আর্দ্রতাজনিত অস্বস্তি কিছুটা বাড়বে। ২) উত্তরবঙ্গে দার্জিলিং সহ ওপরের দিকের পাঁচ জেলায় হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা। শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত এই বৃষ্টির সম্ভাবনা বেশি থাকবে। আপাতত ভারী বৃষ্টির সম্ভাবনা নেই। ৩) বাংলাদেশের নিম্নচাপ দক্ষিণ-পূর্ব বাংলাদেশ এবং সংলগ্ন নাগাল্যান্ড মিজোরাম এলাকায় অবস্থান করছে। ক্রমশ শক্তি হারিয়ে এটি সাধারণ নিম্নচাপে পরিণত হবে। ৪) দেশে বর্ষা বিদায় রেখা ক্রমশ এগোচ্ছে। আগামী দু-তিন দিনে ঝাড়খন্ড বিহার থেকেও বর্ষা বিদায় পর্ব শুরু হবে। পরবর্তী ৭ থেকে ৮ দিনে বাংলায় বর্ষার বিদায় ঘণ্টা বাজতে চলেছে। ৫) দক্ষিণবঙ্গে আজ শুক্রবার হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা। উত্তর ও দক্ষিণ চব্বিশ পরগনা পূর্ব ও পশ্চিম মেদিনীপুর এবং নদিয়া ও মুর্শিদাবাদে বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকবে। এই বৃষ্টি খুব অল্প সময়ের জন্য। বৃষ্টির সম্ভাব্য পরিমাণ হালকা থেকে মাঝারি। বৃষ্টির চরিত্র আঞ্চলিক। ৬) কাল শনিবার থেকে মঙ্গলবার পর্যন্ত বৃষ্টির সম্ভাবনা কার্যত কম। কোন জেলার দু'এক জায়গায় হালকা বৃষ্টির খুব সামান্য সম্ভাবনা। তবে বাড়বে জলীয় বাষ্প জনিত অস্বস্তি। তাপমাত্রার বড়সড়ো পরিবর্তন নেই। ৭) উত্তরবঙ্গে আজ শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত ওপরের দিকের পাঁচ জেলায় বিক্ষিপ্তভাবে বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকবে। সোমবার থেকে বৃষ্টির সম্ভাবনা এবং পরিমাণ কমবে উত্তরবঙ্গে। ৮) কলকাতায় আজ শুক্রবার হালকা বৃষ্টির সামান্য সম্ভাবনা থাকবে। বজ্রবিদ্যুৎ সহ দু-এক পশলা হালকা বৃষ্টি হতে পারে এই দুদিনে। ভারী বৃষ্টির কোনো সম্ভাবনা নেই। কাল শনিবার থেকে পরবর্তী ৬ দিন কলকাতায় বৃষ্টির সম্ভাবনাও ক্রমশ কমবে। বাতাসে জলীয়বাষ্পের পরিমাণ বেশি থাকবে। সেই কারণে আর্দ্রতাজনিত অস্বস্তি বাড়তে পারে। ৯) কলকাতায় সেপ্টেম্বরের বৃষ্টি ১২৬ বছরের রেকর্ড স্পর্শ করেছে। কলকাতায়Secs সেপ্টেম্বরে ৫৫৭.৪ মিলিমিটার বৃষ্টি হয়েছে। ১৯০০ সাল থেকে ২০২৬ সাল পর্যন্ত সেপ্টেম্বর মাসের নিরিখে এল নিনোর চোখরাঙানি অগ্রাহ্য করে রেকর্ড বৃষ্টি হয়েছে। ১৯০০ সালের Septেমব্যরে কলকাতায় ১১৫৭ মিলিমিটার বৃষ্টি হয়েছিল। ১৯৭৮ সালে বন্যার বছরে বৃষ্টি হয়েছিল ৮৯২ মিলিমিটার। ২০২১ সালের সেপ্টেম্বরে বৃষ্টি হয়েছিল ৬১৩.৮ মিলিমিটার। তারপরেই তালিকায় উঠে এল ২০২৬ সালের সেপ্টেম্বর মাস।0
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लखनऊ के नाका में समलैंगिक विरोध पर 17 वर्षीय ने मां की हत्या कर दी
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के नाका इलाके में समलैंगिक संबंधों का विरोध करने पर 17 वर्षीय किशोर ने गुरुवार रात 42 वर्षीय मां गीता भागचंदानी की हत्या कर दी उसने लोहे के रिंच से मां के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किया पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक नाबालिक 12वीं का छात्र है पिता की चारबाग में कपड़े की दुकान है गुरुवार रात 9:00 बजे पिता दुकान पर थे इस बीच नाबालिक घर पहुंचा मां से उसका विवाद हो गया नाबालिग ने लोहे का रिंच उठाकर मां के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए कुछ ही देर में पिता और पुलिस भी आ गई पुलिस कर्मियों ने नाबालिक को पकड़ लिया वही उसकी मां को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें अमृत घोषित कर दिया पुलिस के मुताबिक नाबालिक के पास से वारदात में प्रयुक्त रिंच भी बरामद कर लिया गया है पूछ ताछ में पता चला की नाबालिक समलैंगिक है वह लड़कों के करीब रहता था माता-पिता नाराज रहते थे और इसका विरोध करते थे विरोध के कारण ही उसने मां की हत्या कर दी।0
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संभल में अवैध पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी मिलावट पर भारी हंगामा
Sambhal, Uttar Pradesh:संभल । अवैध पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी की भारी मिलावट पर हंगामा । किसान के ट्रैक्टर में डाले गये 35 लीटर डीजल में निकला 25 लीटर पानी । डीजल में पानी की मिलावट से ट्रैक्टर कुछ ही दूरी पर बंद होने पर किसान ने ग्रामीणों के साथ पेट्रोल पंप पर पहुंचकर हंगामा काटा । पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने कैमरे के सामने कबूल की डीजल में पानी की मिलावट । डीजल में पानी की मिलावट की शिकायत पर पहुंची पूर्ति विभाग की टीम ने पेट्रोल पंप सील कर कार्यवाही शुरू की । जुनावई थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव का मामला । बाइट भूपेंद्र सेल्समैन बाइट ओमपाल पीड़ित किसान बাইট धर्मेंद्र ग्रामीण0
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गोरखपुर AIIMS में नवजात की ऑक्सीजन सपोर्ट पर सवाल, वीडियो की जांच आवश्यक
Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। Date: 02-10-2026 लोकेशन: गोरखपुर SLUG: एम्स गोरखपुर में नवजात शिशु के इलाज में लापरवाही की वीडियो वायरल。 ANCHOR: गोरखपुर के AIIMS से सामने आए एक वायरल वीडियो ने अस्पताल में नवजात बच्चों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं... इस वीडियो में एक नवजात Shishu को अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर भीषण गर्मी में ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रखा हुआ दिखाई दे रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा मौजूद नजर आ रही है। आरोप है कि गंभीर हालत में AIIMS लाए गए नवजात को भर्ती करने के बजाय बाहर ही रखकर उपचार किया गया। हालांकि AIIMS प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी,उसे भर्ती कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे। AIIMS का कहना है कि इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। लेकिन सवाल यही है कि अगर नवजात की हालत इतनी गंभीर थी तो उसे अस्पताल की सुरक्षित और नियंत्रित मेडिकल सुविधा में रखकर इलाज क्यों नहीं किया गया? देखिए पूरी रिपोर्ट... ये तस्वीरें गोरखपुर के AIIMS की हैं... एक तरफ अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का दावा... और दूसरी तरफ वायरल हो रहा ये वीडियो, जिसमें एक नवजात शिशु अस्पताल परिसर के बाहर दिखाई दे रहा है। वीडियो में बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गंभीर हालत में AIIMS पहुंचे नवजात को बाहर क्यों रखा गया? सबसे बड़ा सवाल नवजात की सुरक्षा को लेकर है। नवजात शिशु सामान्य मरीजों की तुलना में तापमान में बदलाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। AIIMS गोरखपुर की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अस्पताल में नवजातों के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और गंभीर बच्चों के लिए केंद्रीय इमरजेंसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। ऐसे में सवाल है—अगर बच्चा गंभीर हालत में था...अगर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी...तो क्या उसे खुले परिसर में रखने के बजाय निर्धारित मेडिकल एरिया में मॉनिटरिंग की जानी चाहिए थी? और अगर बाहर उपचार की स्थिति बनी थी, तो इसकी वजह क्या थी? वायरल वीडियो को लेकर दूसरा सवाल इलाज करने वाले व्यक्ति की भूमिका को लेकर है। वीडियो में MBBS इंटर्न छात्रा बच्चे के पास दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि गंभीर नवजात की देखभाल के दौरान इंटर्न की भूमिका क्या थी? क्या मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे? क्या बच्चे की निगरानी किसी पीडियाट्रिशियन या नियोनेटोलॉजी टीम द्वारा की जा रही थी? और क्या बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देने की पूरी प्रक्रिया अस्पताल के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब AIIMS प्रशासन से अपेक्षित है。 BYTE — मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता कार्यकारी निदेशक, AIIMS गोरखपुर。 वहीं इस मामले को लेकर AIIMS की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि नवजात की मेडिकल कंडीशन बेहद खराब थी। उनके मुताबिक बच्चे में मल्टीपल सिंड्रोमिक जैसी गंभीर समस्या थी और अस्पताल की तरफ से उसे भर्ती कराने के लिए कहा गया था। लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे。 इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। AIIMS प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का है और इसे अस्पताल में भर्ती न करने या इलाज से पल्ला झाड़ने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए。 लेकिन अब इस पूरे मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब रिकॉर्ड के आधार पर सामने आना जरूरी है。 VO: पहला सवाल— क्या नवजात का मेडिकल परीक्षण और प्रारंभिक आकलन किया गया था? दूसरा सवाल— अगर बच्चे की हालत गंभीर थी तो क्या उसे तत्काल NICU, MNICU या किसी उपयुक्त आपातकालीन चिकित्सा सुविधा में रखने की पेशकश की गई? तीसरा सवाल— क्या बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने के दौरान वरिष्ठ डॉक्टर की निगरानी थी? चौथा सवाल— क्या बच्चे के बाहर रहने का समय और उस दौरान दी गई चिकित्सा सहायता मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज है? और सबसे अहम सवाल— क्या अस्पताल ने परिजनों को भर्ती और इलाज के विकल्प के बारे में पर्याप्त जानकारी दी थी? गोरखपुर AIIMS से सामने आया ये वीडियो कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है। एक तरफ अस्पताल के पास नवजातों के इलाज के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, तो दूसरी तरफ एक गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की तस्वीर सामने आई है। AIIMS प्रशासन इसे वाहन का इंतजार करने के दौरान दी गई मेडिकल सहायता बता रहा है, जबकि वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों का पूरी तरह समाधान मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के बाद ही हो सकेगा। अब जरूरत इस बात की है कि अस्पताल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन स्पष्ट करे और बताए कि बच्चे के AIIMS पहुंचने से लेकर अस्पताल से बाहर जाने तक क्या-क्या मेडिकल प्रक्रिया अपनाई गई। फिलहाल वायरल वीडियो ने AIIMS गोरखपुर की नवजात चिकित्सा व्यवस्था और मरीज सुरक्षा को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। सवाल सिर्फ इस वीडियो का नहीं है... सवाल ये है कि गंभीर हालत में AIIMS पहुंचने वाले हर नवजात को सुरक्षित, नियंत्रित और निर्धारित चिकित्सा व्यवस्था के तहत इलाज कैसे मिले? क्योंकि एक नवजात के मामले में कुछ मिनट भी बेहद अहम हो सकते हैं, अब देखना होगा कि AIIMS प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराता है या नहीं और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर मेडिकल रिकॉर्ड से क्या तस्वीर सामने आती है। डिस्क्लेमर: जी मीडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है。 क्या गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप था? क्या उस समय वरिष्ठ पीडियाट्रिशियन/नियोनेटोलॉजिस्ट मौके पर मौजूद थे? MBBS इंटर्न छात्रा की भूमिका क्या थी और उसकी निगरानी कौन कर रहा था? बच्चे की जांच, निदान और भर्ती की सलाह का मेडिकल रिकॉर्ड क्या कहता है? क्या AIIMS प्रशासन ने वायरल वीडियो की आंतरिक जांच शुरू की है?0
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पॉलीटेक्निक के दो गुटों में सड़क पर जमकर मारपीट, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
Noida, Uttar Pradesh:आपसी विवाद के बाद सड़क पर झगड़ा, जमकर काटा बवाल गांव धांगड़ के पॉलीटेक्निक के छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर हुई मारपीट हाथ मे हथियार भी नज़र आये छात्र घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहे हैं वायरल मामले की सूचना दी गई पुलिस को, मामले की जांच में जुटी हुई है पुलिस0
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हरिद्वार में पीलीभीत के परिवार ने सनातन धर्म में घर वापसी की
Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार स्लग: घर वापसी एंकर:: सनातन धर्म में आस्था और उसकी उदारता को दर्शाते हुए आज उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले एक गैर-हिंदू परिवार ने धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म अपनाया। तीर्थ सेवा न्यास के संत रामविशाल दास की प्रेरणा से पीलीभीत के रहने वाले माहिद ने अपनी पत्नी सबीना और तीन बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचकर गंगा पूजन और हवन अनुष्ठान के माध्यम से हिंदू धर्म में घर वापसी की। गुरुवार को धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर एक परिवार ने सनातन धर्म में आस्था जताते हुए घर वापसी की है। उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के निवासी माहिद अपनी पत्नी सबीना और बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचे, जहाँ पवित्र गंगा तट पर गंगा पूजा, हवन और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्होंने हिंदू धर्म स्वीकार किया। इस अवसर पर बात करते हुए मोहित (पूर्व नाम माहिद) ने बताया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सम्मान और दयाभाव बहुत है। वहीं उनकी पत्नी ने बताया कि वे काफी समय से हिंदू धर्म के रीति-रिवाज और त्योहार मनाते आ रहे हैं और अब पूरे विधि-विधान से परिवार के साथ घर वापसी की है। वही माहीद कि पत्नी सबीना बीबी उर्फ़ खुशी ने बताया कि वे लोग काफी समय से इस धर्म के त्योहार और रीति-रिवाज मानते आ रहे हैं। उन्हें सनातन धर्म में शांति महसूस होती है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों के साथ यहाँ आकर घर वापसी की है। संत रामविशाल दास ने बताया कि परिवार ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म को समझा और उसमें वापसी का निर्णय लिया। गंगा स्नान और हवन के बाद उनका नामकरण संस्कार भी सम्पन्न कराया जा रहा है। बाइट 1: मोहित (पूर्व नाम माहिद) - घर वापसी करने वाला व्यक्ति। बाइट 2: सबीना (मोहित की पत्नी)。 बाइट 3: संत रामविशाल दास - तीर्थ सेवा न्यास।0
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अमेठी में तेज रफ्तार बाइक टकराई, दो युवक गम्भीर घायल
Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - तेज़ रफ़्तार का दिखा कहर, तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर, जोरदार टक्कर में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से हुए घायल, राहगीरों व स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए भेजवाया गया जिला अस्पताल, जहां पर घायलों की हालत नाजुक देखते हुए रायबरेली एम्स किया गया रेफर, गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के सैठा के पास का है मामला0
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वोल्वो बस-ट्रेलर हादसा, 4 यात्रियों की मौत
Ambad, Maharashtra:अम्बेडकरनगर- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वोल्वो बस और ट्रेलर में भीषण टक्कर. भीषण सड़क हादसे में 4 यात्रियों की मौके पर दर्दनाक मौत. हादसे मे 4 यात्री गंभीर रूप से घायल. पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. दिल्ली से दरभंगा बिहार जा रही थी वोल्बो बस. जैतपुर थाना क्षेत्र में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के 85 किमी के पास हुआ हादसा.0
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रोहतक के भिवानी पुल के नीचे कचरे में आग, तीन दमकलें ने बुझाई
Rohtak, Haryana:रोहतक में एक बार फिर सुबह-सुबह आग लगने की घटना सामने आई है। यह लोकेशन रोहतक के भिवानी पुल के नीचे की है, जहां कचरे में जबरदस्त आग लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में धुआं-धुआं हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पानी की बौछार कर आग बुझाने में लगे हुए हैं। पुल के नीचे जमा कचरे के कारण आग ने ज्यादा भयानक रूप ले लिया था। पुल की दीवारें भी आग के कारण काली पड़ गई हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सवाल यह उठता है कि रोहतक में आखिर कब तक ऐसे ही कचरे में आग लगती रहेगी। प्रशासन को पुल के नीचे कचरा जमा होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.0
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भारत-चीन सीमा के गर्ब्यांग SSB कैंप में भीषण आग, कोई जनहानि नहीं
Pithoragarh, Uttarakhand:भारत चीन सीमा मैं स्थित गर्ब्यांग SSB कैंप में भीषण आग, बुखारी फटने से हादसा धारचूला के भारत चीन सीमा से सटे गर्ब्यांग स्थित SSB कैंप में देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बुखारी फटने के बाद कैंप में आग लगी, जिसने देखते ही देखते एक बैरक को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई दीं, जिसका स्थानीय लोगों ने वीडियो भी बनाया है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी तरह की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है। CO 11 SSB ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। धारचूला के गर्ब्यांग में देर रात SSB कैंप में आग लगने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि बुखारी फटने के बाद आग भड़की और देखते ही देखते कैंप के एक बैरक को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि इसकी लपटें दूर से ही दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों ने आग का वीडियो भी बनाया, जिसमें कैंप से उठती आग की तेज लपटें नजर आ रही हैं। घटना की पुष्टि CO 11 SSB की ओर से की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आग बुखारी फटने की वजह से लगी। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही किसी पशु की हानि हुई है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। संबंधित टीमों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।0
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रंगदारी मामले में शोएब की गिरफ्तारी बनी चुनौती, पुलिस ने दबिश जारी रखी
Begun, Rajasthan:रायपुर यह शोएब ढेबर रंगदारी मामले में पुलिस की कार्रवाई क्राइम ब्रांच के आरक्षक समेत तेलीबांधा का सिपाही लाइन अटैच आरक्षक शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम पर कार्रवाई पुलिस की गोपनीय जानकारी लीक करने की आशंका शोएब की गिरफ्तारी से पहले ही ठिकाने से फरार होने का मामला शोएब की तलाश में पुलिस ने आधा दर्जन ठिकानों पर दी थी दबिश पुलिस पहुंचने से पहले ही ठिकानों से निकल गया था शोएब गोपनीय सूचना उस तक कैसे पहुंची, इसकी जांच जारी TI स्तर के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शोएब की दोबारा गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से मिल चुकी है अनुमति दूसरे राज्य भागने की आशंका के चलते संभावित ठिकानों पर नजर कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ की मांगी थी फिरौती DCP क्राइम और सेंट्रल डीसीपी आरक्षकों को किया लाइन अटैच0
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युवा आक्रोश के साथ घर छोड़ो सत्याग्रो गोंडा पहुँचा, बेरोजगारी के ठोस कदम मांग
Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- बेरोजगारी और घटते रोजगार अवसरों के खिलाफ युवाओं का आक्रोश अब एक अनोखे आंदोलन का रूप ले चुका है। लखनऊ से शुरू हुआ Gen-Z का “घर छोड़ो सत्याग्रह” अब गोंडा पहुँच चुका है। गोंडा जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में गुरुवार देर रात से कई शिक्षित युवा अपना घर-परिवार छोड़कर सड़कों और चौराहों पर ‘घर छोड़ो सत्याग्रह’ के तहत धरने पर बैठ गए हैं। खोरहंसा बाजार, मल्लापुर बाजार और कटौली चौराहे पर युवा धरने पर बैठे हुए थे। मोमबत्ती जलाकर हाथों में डिग्रियां और जुबां पर रोजगार का सवाल लिए "घर के ताने समाज की गाली दूर करो ये बेरोजगारी" लिखी तख्तियां लेकर युवा प्रशासन और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। गोंडा में इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं विपनेश यादव का कहना है कि वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद उनके पास कोई सुरक्षित रोजगार नहीं है। लगातार पेपर लीक,रुकी हुई भर्तियां और परिणामों में देरी ने उनकी उम्मीदों को तोड़ा है। अपना दर्द साझा करते हुए कहा "माता-पिता ने कर्ज लेकर और पेट काटकर हमें पढ़ाया-लिखाया, लेकिन इस उम्र में भी हम उन्हीं पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। घर पर रहकर लाचारी का बोझ बनने से बेहतर हमने सत्याग्रह का रास्ता चुनना समझा। युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कोई पारदर्शी व ठोस समाधान सामने नहीं आता, वे अपने घर वापस नहीं लौटेंगे। आंदोलन से जुड़े छात्रों का एक ही दो-टूक संदेश है "समाज जो खिलाएगा, हम वही खा लेंगे, नहीं मिलेगा तो भूखे पेट सो जाएंगे, लेकिन अपने अधिकारों और रोजगार के सवाल से पीछे नहीं हटेंगे। उल्लेखनीय है कि राजधानी लखनऊ से शुरू हुई यह मुहिम अब गोंडा सहित पूर्वांचल और अवध के कई जिलों में फैल रही है। स्थानीय स्तर पर भी इस सत्याग्रह को बड़ा जनसमर्थन मिल रहा है। आसपास के ग्रामीण और व्यापारी वर्ग के लोग न केवल युवाओं के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं,बल्कि धरने में शामिल होकर उनकी हौसलाअफजाई भी कर रहे हैं।0
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जमशेदपुर के सीतारामडेरा में देर रात गोलीबारी, युवक घायल
Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के ओल्ड बाराद्वारी में देर रात गोलीबारी की घटना से अफरा-तफरी मच गई। मोहम्मद राजा नामक युवक को निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान दो गोलियां राजा को लगीं, जिससे वह घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घायल राजा के अनुसार, साकची निवासी इस्माइलु और काशीदीह निवासी कुट्टू से किसी बात को लेकर उसका विवाद हुआ था। राजा का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने उसके साथ मारपीट भी की। किसी तरह वहां से निकलकर वह अपने घर पहुंचा। राजा ने पुलिस को बताया कि देर रात वह अपने घर के बाहर मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और उसे निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के पीछे आपसी विवाद की बात सामने आ रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है。0
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