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Govind ChauhanGovind ChauhanFollow9 Jan 2025, 12:46 pm
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जींद जिला नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान मारपीट और इलाज में देरी पर बड़ा सवाल

Jhanj Kalan, Haryana:जींद के जिला नागरिक अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दर्द से परेशान एक मरीज को करीब दो घंटे तक उपचार का इंतजार करना पड़ा। मरीज का आरोप है कि इमरजेंसी में डॉक्टर से दवाई देने या रेफर करने की मांग करने पर एक युवक ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि मरीज की पत्नी के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। आखिर इमरजेंसी में इलाज मांगना मरीज का गुनाह कैसे बन गया जिसकी पीड़ित परिवार ने वीडियो बना ली है, गौरतलब है पुलिस कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। पीड़ित सन्नी नागराज के अनुसार शनिवार को घर पर विवाद के बाद मामा के बेटों ने उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया। इस घटना में उनकी पत्नी भावना को भी चोटें आईं। दोनों उपचार के लिए शाम करीब 5 बजे जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। पीड़ित का दावा है कि करीब दो घंटे तक उन्हें उपचार नहीं मिला और दर्द बढ़ने पर डॉक्टर से दवाई देने की गुहार लगाई, पर सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड ने डॉक्टर के पास बार-बार जाने पर उसे धमकाना शुरू कर दिया। जब उसने दवाई देने या दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही तो सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर उस पर थप्पड़-मुक्कों से हमला कर दिया। पीड़ित ने अपनी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। अब बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की सुरक्षा और उपचार की जिम्मेदारी किसकी है। पीड़ित ने डॉक्टर पर भी ML R काटने के नाम पर 7 हजार रुपये मांगे जाने के आरोप लगाए। मामले में अस्पताल प्रशासन और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना जरूरी है। भावना ने कहा कि अस्पताल में आये 3 घंटे तक इलाज नहीं हुआ, एक घंटे बाद MLR भी नहीं कटी। नोट: अभी तक किसी उच्चाधिकारियों व पुलिस ने कैमरे के सामने बोलने से मना कर दिया है।
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धनतेरस पर गोरखपुर के बाजारों में खरीदारी तेजी, कैशबैक योजनाओं की बहार

Noida, Uttar Pradesh:गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: धनतेरस के मौके पर बाजारों में काफी धूम है। ग्राहक बाजारों में जुट रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दुकानदार देवेंद्र सिंह ने कहा, "आज के जो ग्राहक हैं ना, सरकार की पॉलिसी को लेकर बहुत उत्सुक हैं। क्योंकि एक अक्टूबर से 8 परसेंट प्राइस बढ़ने वाला था, जो अभी तक इंप्लीमेंट नहीं हुआ है, तो सारे कस्टमर को इसका लाभ मिल रहा है। 8 परसेंट प्राइस बढ़ने का मतलब मूल्य बहुत ज्यादा हो जाता है। और अभी हम लोगों ने इतनी अच्छी-अच्छी स्कीम लॉन्च कर रखी हैं। अगर कस्टमर के पास क्रेडिट कार्ड है, तो हम 4 हजार रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का कैशबैक दे पा रहे हैं कस्टमर को। अगर क्रेडिट कार्ड नहीं है, तो पेपर फाइनेंस के थ्रू भी प्रोडक्ट ले सकता है..."
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अमेठी में चोरों के हौसले बुलंद, पुलिस को दे रहे चुनौती

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी में चोरों के हौसले बुलंद, पुलिस को लगातार दे रहे चुनौती, बीएसएफ के जवान के घर चोरों ने मचाया आतंक, लाखों रुपए के सामान और लाइसेंसी रिवाल्वर सहित बेटी के विवाह की तैयारी को रखे गहने पर चोरों ने किया हाथ साफ, घर के सभी लोग गाँव के घर गए थे, पड़ोसी ने सुबह घर मालिक को फोन कर घटना की दी जानकारी, घटना की जानकारी मिलते ही सभी लोग पहुँचे घटना स्थल, तत्काल अमेठी कोतवाली पुलिस को दी सूचना, मौके पर पुलिस के साथ सीओ गौरीगंज, डॉग स्क्वायड टीम और SOG टीम घटना स्थल पर पहुँच जांच में जुटी, अमेठी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बाईपास स्थित खरौना गाँव का है मामला।
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केदारताल ट्रैक हादसे में मृतकों की संख्या 7, एक लापता, तलाश जारी

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर और गाइड की रेस्क्यू टीम को आज एक शव बरामद हुआ। एवलांच हादसे में मरने वालों की संख्या अब 07 हो गई है। इससे पहले अभियान के दौरान 06 शव बरामद किए जा चुके थे। केदारताल ट्रैक पर अभी भी 01 व्यक्ति लापता है, जिसकी तलाश सर्च टीमों द्वारा लगातार जारी है। दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम और बर्फबारी के बीच टीम लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी है। इस अभियान में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, एनआईएम और आईटीबीपी की टीमें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं।
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गर्ल्स हाई स्कूल में आवारा कुत्तों के डेरों से पढ़ाई बाधित, विभाग जांच करेगा

Sagar, Madhya Pradesh:एंकर- सागर जिले कर्रापुर स्थित गर्ल्स हाई स्कूल में अव्यवस्थाओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पढ़ने वाली 181 छात्राओं को स्कूल परिसर में गंदगी और आवारा कुत्तों की मौजूदगी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल परिसर से लेकर कक्षाओं तक में कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। हैरानी की बात यह है कि स्कूल में पिछले करीब दो साल से 4 से 6 कुत्ते लगातार मौजूद हैं। और प्राचार्य का दावा है कि ये कुत्ते फ्रेंडली है, मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग के जेडी ने जांच के आदेश दिए है, वीओ- जानकारी के अनुसार, स्कूल सुबह 10:30 बजे शुरू होता है। छात्राएं जैसे ही स्कूल पहुंचती हैं, उन्हें मुख्य गेट से ही गंदगी और कुत्तों का सामना करना पड़ता है। कई बार कक्षाओं के अंदर भी एक-दो कुत्ते बैठे दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल की प्राचार्या ने इन स्ट्रीट डॉग्स को परिसर में ही रखा हुआ है। इनके लिए एक कमरा भी खाली छोड़ दिया गया है। स्कूल परिसर में कुत्तों की मौजूदगी से छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुत्तों की गंदगी और उछल-कूद के बीच ही पढ़ाई और शिक्षण कार्य संचालित हो रहा है। इस संबंध में शिक्षक, छात्राएं और अभिभावक कई बार आपत्ति जता चुके हैं, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद प्राचार्य कुत्तों को स्कूल परिसर से बाहर नहीं करा रही हैं और न ही किसी अन्य को ऐसा करने दे रही हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों और शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकारी बालिका विद्यालय में लंबे समय से कुत्तों का डेरा होना कई सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि आखिर छात्राओं की सुरक्षा और स्वच्छ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? वही इस मामले को लेकर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण शत्रुंजय बिसेन ने बताया कि मामला संज्ञान आने के बाद जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी Byte: शत्रुंजय बिसेन, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण Byte: वंदना अबाधे, प्राचार्या कट शॉट,फ़ोटो,
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टिहरी लेक फेस्टिवल: स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता, बाहरी खर्च घटेगा

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी लेक फेस्टिवल में स्थानीय कलाकारों को दी जाए प्राथमिकता। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दिसंबर में होने वाले टिहरी लेक फेस्टिवल में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी और ढोल गायन से लेकर अन्य कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा क्योंकि हम कलाकारों को बाहर से बुलाते है लाखों खर्च करते है और फिर वो यहां लिप्सिंग करके चले जाते है जिसका एग्जांपल नरेंद्र नगर में देखने को मिला इसलिए हमारा प्रयास रहेगा हम स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करे।
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धनतेरस पर ग्रामीण मकानों की रजिस्ट्री: MP बना पहला राज्य, CM यादव बोले धन

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने धनतेरस पर की पूजा सीएम डॉक्टर मोहन यादव का बयान ग्रामीण मकानों की रजिस्ट्री करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश सीएम ने सभी प्रदेशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को धनतेरस की बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान विभाग द्वारा आयुर्वेदिक और एलोपैथिक चिकित्सा को जोड़ने की पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी या अन्य जमीनों पर बने मकानों का पंजीकरण (रजिस्ट्री) कर रहा है। अब तक 100% पंजीकरण के करीब पहुंच चुके गांवों के मकानों की असली कीमत इस रजिस्ट्री के बाद ही तय होगी। इस रजिस्ट्री से ग्रामीण अपने मकानों पर बैंक लोन ले सकेंगे और व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। सीएम ने कहा कि यह कदम ग्रामीणों के लिए 'सच्चा धन' है और उन्होंने इसे धनतेरस और दिवाली की सबसे बड़ी सौगात बताया। इस अवसर पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी की चिंता कर रही है। बाइट -डॉ मोहन यादव , मुख्यमंत्री
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Mandla में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 8 सूत्रीय मांगें

Mandla, Madhya Pradesh:8 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, नगरपालिका के सामने दिया धरना नियमितीकरण, 25 हजार रुपये वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करने और पुरानी पेंशन बहाली की मांग; कामकाज प्रभावित होने की आशंका मंडला - वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन, जिला शाखा मंडला के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने नगरपालिका कार्यालय के सामने धरना शुरू कर शासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 15 से 20 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी एवं विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, 25 हजार रुपये मासिक वेतन, नगरीय निकायों में ठेका pratha और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करना तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है। इसके साथ ही रिक्त पदों पर सीधी भर्ती, रोस्टर प्रणाली समाप्त करने और ग्रामीण क्षेत्रों के सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर वेतन देने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से नगरीय निकायों और विभिन्न शासकीय संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। कई कर्मचारी 15 से 20 वर्षों की सेवा के बाद भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शासन के समक्ष पूर्व में 8 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है。 हड़ताल के दौरान महिला एवं पुरुष सफाई कर्मचारियों ने नगरपालिका के सामने एकत्रित होकर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से नगर की सफाई व्यवस्था पर कितना असर पड़ेगा और प्रशासन उनकी मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाएगा।
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