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हरदोई में दिल्ली से लौट रही महिला की रोडवेज बस में बिगड़ी तबीयत गई जान
Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में दिल्ली से अपने पति के साथ लौट रही एक महिला की रोडवेज बस में तबीयत बिगड़ने से गई जान। बिलग्राम के लालपुर कन्हरी गांव निवासी महिला अपने पति के साथ 1 सितंबर को दिल्ली मजदूरी करने गई थी। वापसी यात्रा के दौरान आरती की हालत बिगड़ी। हरदोई पहुंचने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जान चली गई। आरती की शादी तीन साल पहले मंझिला थाना क्षेत्र के ढकिया निवासी से हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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महिलाओं के सम्मान की शिक्षा: घर से शुरू होकर समाज बनाएगा सुरक्षित भविष्य
Saharanpur, Uttar Pradesh:दो कचौड़ी, एक समोसा… मर्दों का क्या भरोसा”—इस तरह के नारे इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मशहूर देवबंदी उलेमा मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे नारे सुनकर उन्हें हैरत हुई। उनके मुताबिक़, जब उन्होंने इस मामले के बारे में तहक़ीक़ की तो उन्हें बताया गया कि यह नारा कुछ लड़कियों की ओर से अपनी सुरक्षा और तहफ़्फ़ुज़ से जुड़ी चिंता व्यक्त करने के लिए लगाया जा रहा है। इस नारे की भाषा और अंदाज़ पर अलग-अलग राय हो सकती है और इसे लेकर बहस भी हो सकती है। लेकिन अगर इसके पीछे सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी कोई चिंता व्यक्त की जा रही है, तो उस चिंता को समझने की कोशिश करना भी ज़रूरी है। यहीं से बात सिर्फ़ एक नारे की नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और पारिवारिक तरबियत की भी हो जाती है। हमें अपने बच्चों, खास तौर पर बेटों को यह सिखाना चाहिए कि महिलाओं और लड़कियों के साथ सम्मान, शालीनता और ज़िम्मेदारी के साथ पेश आना कितना ज़रूरी है। उन्हें यह समझाना चाहिए कि किसी भी महिला के साथ ऐसा व्यवहार न हो जिससे उसे असहजता या असुरक्षा महसूस हो। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि ख़वातीन में हमारी अपनी बहनें, माँएँ, नानियाँ और दादियाँ भी होती हैं। जिस सम्मान और सुरक्षा की हम अपने घर की महिलाओं के लिए उम्मीद करते हैं, वही सम्मान समाज की दूसरी महिलाओं के लिए भी हमारे व्यवहार में दिखाई देना चाहिए। हम अपने बच्चों को बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ तो दिलाते हैं, लेकिन साथ ही उनकी तरबियत, अख़लाक़, संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी पर भी ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है। क्योंकि तालीम इंसान को क़ाबिल बनाने में मदद करती है, लेकिन अच्छी तरबियत उसे अपने व्यवहार और ज़िम्मेदारियों को समझने वाला इंसान बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए बहस सिर्फ़ इस बात तक सीमित न रहे कि— “यह नारा सही है या ग़लत?” बल्कि हमें यह भी सोचना चाहिए— “हम अपने घरों में अगली नस्ल को महिलाओं के सम्मान, तहज़ीब और इंसानी रिश्तों की क़द्र करना कितना सिखा रहे हैं?” किसी भी समाज में बेहतर माहौल बनाने की शुरुआत केवल नारों या बहसों से नहीं, बल्कि घर से मिलने वाली सही तरबियत और हमारे अपने व्यवहार से भी होती है।0
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सांगली में बदमाशों के हमले से युवक गौरव सर्जे की निर्घृण हत्या
Sangli, Maharashtra:सांगली खून का बदला खून, चौघांच्या टोळीकडून तरुणाचा निर्घृण खून अँकर - खून का बदला खून यातून सांगलीमध्ये एका तरुणाचा निर्घृण खूनण्यात आला है. शहरातल्या गोकुळ नगर येथे चौघा जणांच्या टोळीने धारदार शस्त्रांनी हल्ला करत भर वस्तीमध्ये खून केल्याची धक्कादायक घटना घडली आहे. गौरव सर्जे, असं हत्या झालेल्या तरुणाचं नाव आहे. हत्याचा सीसीटीव्ही व्हिडिओदेखील व्हायरल झाला आहे. काही दिवसांपूर्वी सांगली मध्ये कृष्णा नदीच्या काठावर घडलेल्या हत्येच्या बदल्यातून गौरव सर्जे याची हत्या करण्यात आल्याची चर्चा सुरू आहे, दरम्यान खुनाच्या घटने प्रकरणी विश्रामबाग पोलीस ठाण्यामध्ये चौघांच्या विरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून नेमका कोणत्या कारणातून करण्यात झाला आहे, त्याचा तपास करण्यात येत असून चौघांना अटक करण्यासाठी पथक देखील रवाना झाल्याची माहिती पोलीस अधीक्षक तुषार दोषी यांनी दिली आहे. बाईट - तुषार दोशी - पोलीस अधीक्षक, सांगली.0
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रायबरेली में झाड़-फूंक के नाम पर किशोर के साथ अत्याचार का वीडियो वायरल
Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में झाड़ फूक के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला एक वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में एक महिला झूमती हुई किशोर के साथ झाड़ फूक के नाम पर अत्याचार भी कर रही है। वायरल वीडियो सरेनी ब्लॉक के विक्रमगंज गांव का बताया गया है। सीओ लालगंज सुजीत कुमार राय ने वायरल वीडियो की जाँच कराए जाने की बात कही है।0
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गोरखपुर AIIMS में इमरजेंसी सुविधाओं पर सवाल, मरीज गोद में उठाने पड़े
Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर AIIMS... पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए बेहतर और अत्याधुनिक इलाज की उम्मीद का बड़ा केंद्र। करोड़ों रुपये की लागत से बना ये संस्थान... जहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन अब AIIMS की कुछ तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। तस्वीरों में कहीं मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले जाया जा रहा है, तो कहीं पैर में फ्रैक्चर बताई जा रही बुजुर्ग महिला इमरजेंसी के बाहर लेटी नजर आ रही है। सवाल सीधा है जब मरीज इमरजेंसी में पहुंचता है, तो क्या उसे व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के लिए भी इंतजार करना पड़ेगा? क्या करोड़ों की लागत से बने अस्पताल में मरीजों को इमरजेंसी की बुनियादी सुविधा के लिए भी परेशान होना पड़ेगा? वीडियो वायरल होने के बाद तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। देखिए गोरखपुर AIIMS की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती ये ग्राउंड रिपोर्ट... ये तस्वीरें हैं गोरखपुर AIIMS की इमरजेंसी के बाहर की। एक तरफ देश के बड़े चिकित्सा संस्थानों की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने का दावा... और दूसरी तरफ मरीजों की ऐसी तस्वीरें, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। तस्वीरों में परिजन एक मरीज को गोद में उठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है... लेकिन सवाल ये है कि क्या उसे व्हीलचेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हुआ? अगर तस्वीरों में दिखाई दे रही स्थिति वास्तव में व्हीलचेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध न होने की वजह से बनी, तो ये निश्चित तौर पर गंभीर सवाल है। और ये दूसरी तस्वीर... इमरजेंसी के बाहर लेटी एक बुजुर्ग महिला। बताया जा रहा है कि महिला के पैर में फ्रैक्चर है। ऐसे मरीज के लिए अस्पताल की पहली जरूरत क्या होती है? सहारा... व्हीलचेयर... स्ट्रेचर... और तत्काल मेडिकल अटेंशन। लेकिन अगर मरीज को इमरजेंसी के बाहर ही लेटना पड़े, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर अस्पताल की व्यवस्था किसके लिए है? मरीज के लिए या सिर्फ कागजों पर दर्ज सुविधाओं के लिए? गोरखपुर AIIMS की आधिकारिक जानकारी में इमरजेंसी सेवाओं के साथ बेड और रिकवरी ट्रॉली जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया जाता है। लेकिन इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या ये सुविधाएं मरीज की जरूरत के वक्त वास्तव में उपलब्ध रहती हैं? क्योंकि अस्पताल की असली परीक्षा उसके भवन से नहीं... बल्कि इमरजेंसी में पहुंचे मरीज को मिलने वाली तत्काल मदद से होती है। गोरखपुर AIIMS की ये तस्वीरें सिर्फ एक मरीज की परेशानी की तस्वीर नहीं हैं... बल्कि ये सवाल पूछ रही हैं कि करोड़ों रुपये खर्च करके तैयार किए गए इस बड़े चिकित्सा संस्थान में अगर किसी मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए परिजनों को उसे गोद में उठाना पड़े... तो फिर अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था को लेकर सवाल क्यों न उठें? और अगर किसी बुजुर्ग मरीज को इमरजेंसी के बाहर जमीन पर लेटना पड़े... तो जिम्मेदारी किसकी है? अस्पताल प्रशासन की? व्यवस्था की? या फिर उस सिस्टम की, जो कागजों पर तो मजबूत नजर आता है, लेकिन जरूरत के वक्त कमजोर पड़ जाता है? इमरजेंसी में आने वाला मरीज सुविधा मांगने नहीं आता... इलाज कराने आता है। वो भी ऐसी स्थिति में, जब हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर अगर मरीज के परिजनों को परेशान होना पड़े... तो सवाल सिर्फ सुविधा का नहीं... संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी है। और ये सवाल सिर्फ आज की तस्वीरों तक सीमित नहीं है। AIIMS गोरखपुर में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की उपलब्धता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। अब नई तस्वीरों ने एक बार फिर व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। सवाल ये है कि... क्या अस्पताल प्रशासन को मरीजों की इस परेशानी की जानकारी है? अगर जानकारी है तो कार्रवाई क्या हुई? और अगर जानकारी नहीं है... तो फिर अस्पताल की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल क्यों न उठें? गोरखपुर AIIMS... बड़ा अस्पताल, बड़ी सुविधाएं और बड़े दावे। लेकिन मरीज को अगर इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए परिजनों को उसे गोद में उठाना पड़े... या फ्रैक्चर बताई जा रही बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी के बाहर जमीन पर लेटना पड़े... तो तस्वीरें सवाल पूछेंगी ही। सवाल ये नहीं कि AIIMS कितना बड़ा है... सवाल ये है कि मुश्किल वक्त में मरीज के साथ खड़ी व्यवस्था कितनी मजबूत है? अब देखना होगा कि AIIMS प्रशासन इन तस्वीरों और मरीजों की परेशानी पर क्या जवाब देता है और व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।0
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आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेज़ से शस्त्र लाइसेंस बनवाने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार
Azamgarh, Uttar Pradesh:कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसंस बनवाने का आरोपी मुंबई से गिरफ्तार, SIR प्रक्रिया भी आई संदेह के घेरे में, गांव का निवासी दिखाकर तैयार कराए गए थे परिवार रजिस्टर व विद्यालय अभिलेख। आजमगढ़ के निजामाबाद थाने की पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लायसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में नामजद अभियुक्त मो. इबराक खान को मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लाइसेंसी रिवाल्वर, 33 जिंदा व 2 खोखा कारतूस के अलावा आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बरामद किये गए हैं। आरोपी वर्तमान में ओशिवरा के मुंबई में रह रहा था, जबकि दस्तावेजों में उसे निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाया गया था। पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक को सूचना मिली थी कि ग्राम मिर्जापुर निवासी म mirza अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दिखाकर उनके नाम पर फर्जी पता और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए जाते हैं। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस सहित अन्य सरकारी लाभ दिलाए जाते थे और इसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। जांच में पुलिस को पता चला कि महाराष्ट्र में मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहने वाले मो. इबराक के नाम पर ग्राम मिर्जापुर के पते से परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इन्हीं अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2010 में रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस संख्या 315/2010 जारी कराया गया था। पुलिस के अनुसार ग्राम मिर्जापुर से संबंधित जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल सहित कुछ दस्तावेजों के कूटरचित होने की जानकारी जांच में सामने आई है। इस मामले में मुकदमा सं. 245/2026 धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस और 29/30 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति के बाद पुलिस टीम एक अक्टूबर को मुंबई पहुंची। ओशिवरा पुलिस के सहयोग से पुलिस टीम ने आरोपी के वर्तमान पते पर दबिश दी। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम इबराक खान बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड मिले। इसके अलावा मुकदमे से संबंधित लाइसेंसी रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और 2 खोखा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांद्रा, मुंबई के समक्ष पेश किया। वहां से उसे आजमगढ़ न्यायालय में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद अब आरोपी को निजामाबाद थाने लाया गया, जहां मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरह अन्य व्यक्तियों को ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए और उनके आधार पर शस्त्र लाइसेंस एवं अन्य सरकारी लाभ दिलाने की बात सामने आई है। जांच में शाहिद मोहम्मद खान, निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई के नाम भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते से शस्त्र लाइसेंस संख्या 314/2010 जारी होना पाया गया। पुलिस के अनुसार इस लाइसेंस के संबंध में भी कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। जिसमें मो. इबराक खान और शाहिद मोहम्मद खान के नाम Special Intensive Revision ( Voter List-2026 ) में भी ग्राम मिर्जापुर के पते पर दर्ज पाए गए। वहीं ग्राम प्रधान की वर्तमान रिपोर्ट, परिवार रजिस्टर और अन्य अभिलेखों के अवलोकन में दोनों के गांव का निवासी होने की पुष्टि नहीं हुई। जांच में मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी सामने आई है, पुलिस के अनुसार उसके द्वारा बाहरी व्यक्तियों को ग्राम मिर्जापुर का निवासी दर्शाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने तथा शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में सहयोग किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक अयाज बेग, उसकी पत्नी, पुत्र और भाइयों सहित परिवार से जुड़े कुल 8 शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इस मामले में सामने आए अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जायेगी।0
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वाराणसी तक जाएगी सेवा संकल्प यात्रा: बिहार-झारखंड से प्रवेश, मंत्री का स्वागत
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी तक के लिए निकली ''सेवा संकल्प यात्रा'' का कारवां झारखंड के रास्ते बिहार की सीमा में प्रवेश कर गया।यात्रा में शामिल 25 बाइकर्स औरंगाबाद जिले के संडा बॉर्डर के रास्ते बिहार पहुंचे जहां बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह तथा रमा निषाद ने उनका भव्य स्वागत किया ।यात्रियों ने संडा में पौधरोपण भी किया।उसके बाद यात्रा औरंगाबाद जिला मुख्यालय के लिए निकल पड़ी जहां आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उन सबों ने भाग लिया।पूरे रास्ते उनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं।यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओ में खासा जोश देखने को मिल रहा था ।0
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जयपुर में 25 प्रकोष्ठ बनाकर चुनावी तैयारी तेज
Jaipur, Rajasthan:एंकर-पंचायती राज आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित होने के बाद जयपुर जिला प्रशासन चुनावी तैयारियों में जुट गया है। जिले में चुनाव प्रक्रिया को सुचारू तरीके से पूरा कराने के लिए 25 अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। इन प्रकोष्ठों के जिम्मे मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्र, पोलिंग पार्टियों की ट्रेनिंग, EVM, चुनाव सामग्री, परिवहन और कानून-व्यवस्था तक की जिम्मेदारी रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर संदेश नायक ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने साफ किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। सभी प्रकोष्ठ निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें और आपस में लगातार समन्वय बनाए रखें। बैठक में मतदाता सूचियों के अद्यतन और पुनरीक्षण के साथ ही मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मतदान दलों के गठन और प्रशिक्षण, निर्वाचन सामग्री, EVM, कानून-व्यवस्था, परिवहन और कार्मिक व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मतदाता जागरूकता, सूचना प्रौद्योगिकी और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की प्रगति भी देखी गई। कलेक्टर ने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान के लिए बूथ तक पहुंचें, इसके लिए जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने को कहा गया। सभी प्रकोष्ठ प्रभारियों को अपने हिस्से की जिम्मेदारी के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव से जुड़ी सूचनाओं और रिपोर्टों का नियमित रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी मेघराज मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर पूर्व नरेन्द्र वर्मा, एडीएम प्रथम राजीव द्विवेदी, एडीएम जयपुर दक्षिण युगांतर शर्मा, एडीएम चतुर्थ आशीष कुमार, एडीएम जयपुर उत्तर राजेंद्र सिंह सहित संबंधित प्रकोष्ठों के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।0
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खेत से जुताई के लिए ट्रैक्टर निकालने के विवाद में विकलांग बुजुर्ग की निर्मम हत्या, आरोपी फरार।।
Muskara, Uttar Pradesh:खेत से जबरन निकलने के विवाद में विकलांग वृद्ध की हुई निर्मम हत्या। "उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खेत से निकलने के मामूली विवाद में एक 60 साल के बुजुर्ग किसान की निर्मम हत्या कर दी गई है। आरोप है कि हत्यारों ने वृद्ध के सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है।" V/O –"हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 'बुधवा का डेरा' गांव में एक दर्दनाक वारदात ने सबको झकझोर कर रख दिया है। 60 वर्षीय मृतक राजबहादुर अहिरवार, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग थे, आज सुबह अपने 16 बीघा खेत पर जुताई कराने के लिए पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, खेत से निकलने को लेकर कुछ पारिवारिक लोगों से उनका विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों—अर्जुन (पुत्र जमुना प्रसाद) और जगत (पुत्र मुन्ना)—ने बुजुर्ग किसान को घेर लिया और उनके सिर पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस बेरहमी से की गई मारपीट में राजबहादुर की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव खेत में ही संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला।" "घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने पारिवारिक विवाद और रंजिश के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से दोनों आरोपी मौके से फरार हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।0
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1962 सेवा ने गाय के पेट से स्टील की चम्मच निकालकर जीवन बचाया
Jabalpur, Madhya Pradesh:1962 सेवा बनी बेजुबान के लिए वरदान, गाय का ऑपरेशन कर निकाली स्टील की चम्मच जबलपुर के ग्राम सरोंद में एक गाय ने पानी पीने या चारा खाने के दौरान स्टील की चम्मच निगल ली थी, जिससे उसकी जान पर बन आई थी. किसान की सूझबूझ और 1962 पशु सेवा की तत्परता से बेजुबान की जान बच गई। जानकरी के अनुसार सरोंद गांव के किसान अभिषेक पटेल 50 हजार रुपए में गाय खरीदकर लाए थे। कुछ दिन पहले गाय ने खाने या पानी पीने के दौरान स्टील की चम्मच निगल ली। इसके बाद से गाय को काफी परेशानी होने लगी और उसने खाना-पीना छोड़ दिया। मामले की सूचना किसान ने 1962 पर कॉल करके पशु विभाग को दी। सूचना मिलते ही डॉ. नमन सिंह के नेतृत्व में पशु विभाग की टीम ग्राम सरोद पहुंची। टीम ने गाय की हालत देखकर प्राथमिक उपचार किया और गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जबलपुर वेटरनरी अस्पताल रेफर किया। जबलपुर वेटरनरी अस्पताल में एक्स-रे जांच के दौरान पता चला कि गाय के पेट के अंदर स्टील की चम्मच फंसी हुई है. इसके बाद पशु चिकित्सकों की टीम ने तत्काल गाय का ऑपरेशन कर पेट से स्टील की चम्मच को सुरक्षित बाहर निकाला। ऑपरेशन सफल रहा और गाय की जान बच गई। फिलहाल गाय पूरी तरह से स्वस्थ है और सामान्य रूप से चारा-पानी ले रही है। किसान अभिषेक पटेल और ग्रामीणों ने 1962 पशु सेवा और पशु चिकित्सकों की टीम का आभार व्यक्त किया है0
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वोटर लिस्ट गड़बड़ी पर आक्रोश, बज्जू में पानी की टंकी पर चढ़े दो युवक
Bikaner, Rajasthan:बज्जू से बड़ी खबर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप पर पानी की टंकी पर चढ़े दो युवक बज्जू बाजार में पानी की टंकी पर चढ़े दोनों युवक पंचायतराज चुनाव की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर जताई नाराजगी युवकों का आरोप-शिकायत के बावजूद मामले में नहीं हुई सुनवाई नए नाम जोड़ने में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप एक ही मतदाता का नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज होने का भी आरोप वोटर लिस्ट की जांच करवाने और मामले में कार्रवाई की मांग मामले को लेकर मौके पर लोगों की भीड़ जुटी, प्रशासन से जांच की मांग0
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बाढ़ से जुड़ी खबर उपलब्ध नहीं, आगे की जानकारी जारी है
Jagdalpur, Chhattisgarh:0
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मिर्जापुर : पूर्व IAS दिव्या मित्तल के स्वागत में ध्रुव अग्रवाल ने लगाया पोस्टर
Mirzapur, Uttar Pradesh:मिर्जापुर : पूर्व IAS दिव्या मित्तल के फैसले का मिर्जापुर के लोगो ने किया स्वागत, मिर्जापुर : पूर्व IAS दिव्या मित्तल के फैसले का मिर्जापुर के लोगो ने किया स्वागत, ध्रुव अग्रवाल ने दिव्या मित्तल के समर्थन में लगाया पोस्टर।।0
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NSUI का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
Dholpur, Rajasthan:मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन धौलपुर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देश पर जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल, जिला महासचिव जितेन्द्र माहौर और पूर्व अध्यक्ष पंकज तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र गांधी पार्क में एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष गौरव पोसवाल ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। जितेन्द्र माहौर ने कहा कि लोकतंत्र की नींव पारदर्शी चुनाव प्रणाली है और जनता का भरोसा बहाल होना चाहिए।0
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नंगल किलन क्षेत्र में BBMB ने दो मकान ध्वस्त कर दिए; नोटिस नहीं मिला
Anandpur Sahib, Punjab:Nangal के किलन क्षेत्र में BBMB Enforcement विभाग ने आज अचानक कार्रवाई की. SDO प्रदीप चौधरी की अगुवाई में BBMB की टीम CISF जवानों और पीले बुलडोज़र के साथ मौके पर पहुंची. टीम ने सबसे पहलेSUBHASH CHANDRA के मकान के एक कमरे को ध्वस्त कर दिया. कुछ कदमों के बाद एक अन्य इमारत पर भी पीला पंजा चलाया गया. इस इमारत की दीवारें ही खड़ी थीं और उस पर लैंटर लगाना बाकी था. कार्रवाई के दौरान मकान मालिकSubhash Kumar ने बताया कि जिस कमरे को ढहा दिया गया, उस पर पिछले करीब 40 सालों से उसका कब्ज़ा था. उन्होंने इसका आरोप लगाया कि BBMB प्रबंधन ने कार्रवाई से पहले उन्हें किसी तरह का नोटिस जारी नहीं किया गया. VO2 – BBMB Enforcement विभाग के SDO प्रदीप चौधरी ने कहा कि ढाए गए दोनों निर्माण गैर-कानूनी थे और इसी चक्र में आज यह कार्रवाई की गई. Byte – प्रदीप चौधरी, SDO Enforcement, BBMB आम आदमी पार्टी के नेता डाक्टर संजीव गौतम0
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जालौन सीट: दलित वोटों के साथ PDA और NDA की जंग तेज
Jalaun, Uttar Pradesh:स्लग- चुनावी चाय आपकी राय में जालौन में 27 के चुनाव को लेकर जनता का मूड अब समझिए जालौन जिले का समीकरण चुनावी जातीय समीकरण की बात करें तो जालौन लोकसभा सीट अनुसूचित जातियों (SC) के लिए आरक्षित है, जहां दलित मतदाता सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। हालांकि, पिछड़ी और अल्पसंख्यक जातियां भी यहां निर्णायक भूमिका निभाती हैं। सियासी दांव समझने के लिए ये आंकड़े सबसे अहम हैं। अनुसूचित जाति (एससी): सबसे बड़ा ब्लॉक (27% से 35 लाख मतदाता)। इसमें जाटव, कोरी, बाल्मीeki, पासी, अहिरवार जैसे समुदाय शामिल हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी): यादव: लगभग 52,000 मत कुशवाहा (मौर्य, शाक्य): लगभग 70,000 मत लोधी, कुर्मी, निषाद: 45,000-50,000 मत सामान्य वर्ग (जनरल): ब्राह्मण: लगभग 1.25 लाख मत क्षत्रिय / ठाकुर: लगभग 80,000 मत, जिसमें राठौर प्रमुख हैं वैश्य: लगभग 70,000 मत अल्पसंख्यक (म मुस्लिम): लगभग 90,000 मत (कुल आबादी का 9.5-10%) हाल के चुनावों में यहां की राजनीति दो मुख्य गठबंधनों के बीच संघर्ष वाली रही है: 2024 परिणाम: सपा गठबंधन (PDA) को जीत मिली। नारायण दास अहिरवार (सपा) ने 5,30,180 वोट (46.96%) लेकर जीत दर्ज की। बीजेपी के भानु प्रताप सिंह वर्मा 4,76,282 वोट (42.19%) से दूसरे स्थान पर रहे। · 'PDA' फॉर्मूला: सपा-कांग्रेस ने पिछड़ा (Pichda), दलित (Dalit), अल्पसंख्यक 'PDA' फॉर्मूले के तहत यादव-मुस्लिम समीकरण को साधा, जिससे अनुसूचित जाति के वोटों का बंटवारा करने में कामयाबी मिली। · 'एनडीए' का आधार: बीजेपी परंपरागत रूप से कुशवाहा, लोधी, कुर्मी और सामान्य वर्ग (ब्राह्मण-क्षत्रिय) पर निर्भर रही है, साथ ही दलितों के एक बड़े वर्ग (विशेषकर कोरी) में भी उसकी पैठ है। · बसपा की स्थिति: एक समय की ताकतवर बसपा का वोट प्रतिशत 2024 में घटकर लगभग 8.8% रह गया, जो यहां दलित वोटों के बंटवारे को साफ दिखाता है। पुराने और नए समीकरण 2024 के नतीजों ने यह साफ कर दिया कि दलित वोटों का एकजुट होना अब जरूरी नहीं रह गया है। पिछले चुनावों में बीजेपी 50% से अधिक वोट हासिल कर जीत रही थी, लेकिन इस बार मुद्दों और गठबंधन के सहारे 'PDA' ने बाजी मार ली।0
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