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चतरा रायफल शूटिंग क्लब ट्रेनर सचिन कुमार गिरफ्तार, युवतियों के वीडियो बनने के आरोप

Ranchi, Jharkhand:रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित चतरा रायफल शूटिंग क्लब हंगामा मामला, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी ट्रेनर सचिन कुमार को किया गिरफ्तार... रायफल शूटिंग क्लब में ट्रेलिंग लेने वाली युवतियों का बनाया जाता था वीडियो... चेकिंग रूम में कैमरा लगा कर किया जा रहा था रिकॉर्ड.. आरोपी के मोबाइल से मिले है कई वीडियो... मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार... बाथरूम में मोबाइल कैमरे लगा कर वीडियो बनाने के आरोप में किया गया गिरफ्तार.. चतरा रायफल शूटिंग क्लब के ट्रेनर पर लगा वीडियो बनने का आरोप.... गुरु और शिष्य के रिश्ते को किया गया कलंकित.. मामले की जानकारी के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को किया गिरफ्तार...
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अंता में भाजपा पार्षद पति के साथ अभद्रता, डीएसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:बारां जिले के अंता में पुलिस कॉस्टेबल द्वारा भाजपा पार्षद पति के साथ अभद्रता के मामले को लेकर भाजपा पार्षदों सहित कार्यकर्ताओं द्वारा डीएसपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया गया बाद आरोपी कॉस्टेबल को लाइन हाजिर किए जाने के बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित भाजपा पार्षद पति जितेंद्र सुमन का कहना हे कि बीती रात को वे अंता थाने में एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो कॉन्स्टेबल चेतन द्वारा उनके साथ अभद्रता का व्यवहार किया गया। इसी मामले को लेकर आज भाजपा पार्षदों सहित कार्यकर्ताओं द्वारा डीएसपी कार्यालय में कॉnstेबल को लाइन हाजिर करने को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया । बाद में डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह ओढ़ द्वारा कॉन्स्टेबल चेतन को लाइन हाजिर करने के बाद मामला शांत हुआ।
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रविंद्र सिंह राणावत ने युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद जीता; 9,353 वोटों से जीत

Begun, Rajasthan:चिट्टौड़गढ़ जिले के गंगरार के चोगावड़ी निवासी रविंद्र सिंह राणावत ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस जिला युवा अध्यक्ष पद हासिल किया है। राणावत ने चुनाव में 9 हजार 353 मतों से जीत दर्ज की। उनकी इस बड़ी जीत के बाद समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने राणावत को जिला युवा अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और इसे गंगरार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि बताया। अब रविंद्र सिंह राणावत के सामने जिले में युवा कांग्रेस को मजबूत करने और युवाओं को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी होगी। समर्थकों ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी।
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कम बारिश से राजस्थान खरीफ फसलों की उपज घटी, बाजरा-ज्वार समेत उत्पादन घटे

Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - छितराई बारिश, घट गई उपज! - खरीफ 2026 में पिछले साल से कम उपज - कृषि विभाग ने जारी किया उपज का पूर्वानुमान - बाजरा, ज्वार दोनों की उपज में आई कमी - मूंगफली और ऑयल सीड्स का बढ़ा उत्पादन - पिछले साल की तुलना में 5 लाख हेक्टेयर कम बुवाई एंकर इस बार कमजोर मानसून के चलते खरीफ फसल की उपज में भी कमी देखने काे मिली है। छितराई और कमजोर बारिश के चलते एक तरफ जहां बुवाई का क्षेत्रफल लक्ष्य की तुलना में काफी कम रहा। वहीं अब उपज को लेकर आए ताजा अनुमानों में भी गिरावट देखने को मिली है। खरीफ फसल कटाई अब अंतिम चरण में है, कितनी रह सकती है खरीफ फसलों की उपज, देखिए, जी मीडिया की यह खास रिपोर्ट- वीओ- 1 राजस्थान में इस बार कमजोर मानसून के चलते बारिश की मात्रा पिछले वर्षों के औसत से 22 फीसदी कम रही है। अब कमजोर बारिश का असर खरीफ फसलों की उपज पर भी देखने को मिल सकता है। राज्य में कृषि विभाग ने खरीफ फसलों की उपज का अनुमान जारी किया है, जिसके तहत न केवल ज्वार-बाजरा, मक्का जैसी प्रमुख फसलों के उत्पादन में कमी आई है। इसके अलावा मूंग दाल, तुअर दाल सहित दालों के उत्पादन में भी कमी देखी गई है। राज्य में खरीफ फसलों की कटाई प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। ऐसे में किसानों के घर उपज पहुंचना शुरू हो गई है। कृषि विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक बाजरा की उपज इस बार पिछले साल के मुकाबले 1.34 लाख टन कम हुई है। ज्वार की उपज भी 58 हजार टन कम हो सकती है। चावल की उपज पिछले साल के लगभग बराबर ही रहेगी। वहीं मक्का की उपज 1.08 लाख टन कम होगी। मूंग की दाल की उपज में 2.34 लाख टन की कमी होने का अनुमान है। कुलमिलाकर सभी तरह खाद्यान्नों का उत्पादन पिछले साल जहां 1.11 करोड़ टन था, जबकि इस बार 1.07 करोड़ टन उपज होने का अनुमान है। यानी खाद्यान्नों के मामले में राजस्थान में करीब 4 लाख टन उपज कम हो सकती है। हालांकि इस बार सोयाबीन, मूंगफली आदि उपज में बढ़ोतरी हो सकती है। कुल ऑयल सीड्स का उत्पादन पिछले साल 39.21 लाख टन था, जो इस बार 45.11 लाख टन हो सकता है। Gfx In इतना घटा कृषि उपज का उत्पादन - बाजरा की उपज पिछले साल 50.73 लाख टन थी - इस बार बाजरा की उपज 49.39 लाख टन होने का है अनुमान - ज्वार की उपज पिछले साल थी 5.50 लाख टन, इस बार 4.92 लाख टन हो सकती - चावल की उपज पिछले साल 10.17 लाख टन, इस बार 10.20 लाख टन हो सकती - मक्का की उपज पिछले साल 22.05 लाख टन, इस बार 20.97 लाख टन का अनुमान - मूंग दाल पिछले साल 16.74 लाख टन, इस बार 14.40 लाख टन हो सकती - मूंगफली का उत्पादन पिछले साल 24.65 लाख टन, इस बार 28.21 लाख टन संभव - सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल 10.89 लाख टन, इस बार 12.27 लाख टन संभव - ग्वार का उत्पादन पिछले साल 17.64 लाख टन, इस बार 17.85 लाख टन होना संभव Gfx Out वीओ- 2 आपको बता दें कि कमजोर बारिश का असर इस बार खरीफ सीजन की फसलों पर शुरू से ही रहा था। बारिश के देरी से आने की वजह से फसलों की बुवाई में भी देरी हुई और बुवाई के कुल रकबे में कमी आई। कृषि विभाग के आधिकारिक सूत्राें की मानें तो पिछले साल 158.83 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई हुई थी। जबकि इस बार 153.72 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी थी। अकेले बाजरा का रकबा ही करीब 3 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल घट गया था। इसके अलावा कुछ अन्य फसलों के रकबे में भी कमी देखने को मिली है। कहा जाता है कि बारिश अन्नदाता की फसल का भविष्य तय करती है, ऐसे में इस बार रही कमजोर बारिश ने अन्नदाता को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया है। वहीं कृषि विभाग के लिए भी अपनी बुवाई और फसल उपज के लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल हो गया है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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मानसून कमजोर, राजस्थान में बाजरा-ज्वार और मक्का की उपज घटेगी—किसानों के लिए खतरा?

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में इस बार बारिश 22% कम रही, जिसके चलते बाजरा और ज्वार की उपज में कमी की संभावना है। खरीफ 2026 के लिए कृषि विभाग ने उपज का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें बाजरा और ज्वार के साथ मक्का, चावल तथा दालों की उपज में भी गिरावट दिख रही है। मूंग दाल, तुअर दाल आदि दालों की उपज घट सकती है। किसानों के बुवाई क्षेत्र में कमी और बारिश के देर से आने के कारण खरीफ फसलों की कटाई भी तेजी से 진행 नहीं हो पाई है; इस बार कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष के मुकाबले गिरकर लगभग 1.07 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 1.11 करोड़ टन था। वहीं सोयाबीन और मूंगफली जैसी आयल सीड्स की उपज बढ़ सकती है। बुवाई क्षेत्रफल में भी कमी आई है। पिछले वर्ष 158.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ रकबा था, जो इस बार 153.72 लाख हेक्टेयर रहा। बाजरा के क्षेत्रफल में अकेले लगभग 3 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है, जबकि अन्य फसलों में भी कटौती देखने को मिली है। कमजोर बारिश ने अन्नदाता के लिए भविष्य को चिंताजनक बनाया है और कृषि विभाग को अपनी बुवाई और उपज के लक्ष्य पूरे करने में कठिनाई हो रही है.
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झुंझुनूं में 6 वनपाल रक्षक रिलीव: टैंडर घोटाले पर कार्रवाई अब भी ब्रेक

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-जी मीडिया की खबर का बड़ा असर, झुंझुनूं में 6 वनपाल, रक्षकों को रिलीव किया, DCF झुंझुनू ने 3 महीने पहले किए थे तबादले इस तबादला लिस्ट को हॉफ ने किए थे निरस्त, लेकिन आदेश की 2 महीने तक नहीं हुई पालना, जी मीडिया ने प्रमुखता से प्रसारित की थी खबर, झुंझुनूं में फॉरेस्ट हॉफ का नो खौफ! हॉफ के आदेश की उड़ाई जा रही थी धज्जियां, खबर चलते ही वनपाल,रक्षकों को रिलीव किया, हालांकि टैंडर घोटाले को लेकर संशय बरकरार, उच्च अफसरों पर कब होगा सस्पेंड/APO एक्शन? DCF समेत 3 पर की थी कार्रवाई की अनुशंसा, 1 महीने पहले की थी कार्रवाई अनुशंसा, लेकिन अभी तक कार्रवाई पर लगा हुआ ब्रेक!
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बंडा में सिविल अस्पताल के सामने अवैध उत्खनन पर प्रशासन की कार्रवाई और जाँच

Sagar, Madhya Pradesh:सिविल अस्पताल के सामने अवैध उत्खनन चल रहा था, वीडियो वायरल हुए तो प्रशासन जागा। सागर जिले के बंडा में अवैध उत्खनन का खेल लंबे समय से चल रहा है, खनिज माफिया के हौसले बुलंद हैं और दिन के उजाले में भी जमीन और पहाड़ खोदने में लगे हैं। बंडा के सिविल अस्पताल के सामने भी ऐसा ही अवैध उत्खनन चल रहा है जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो इलाके का प्रशासन जागा और नायब तहसीलदार ने छापा मारा है। इस कार्यवाही को लेकर भी शंका जाहिर की जा रही है, जबकि नायब तहसीलदार जब मौके पर पहुँचे तो उनके सामने से ही कई ट्रैक्टर ट्रॉली मुरम लोड करके निकले लेकिन उन्हें रोका नहीं गया और मौके पर सिर्फ एक ट्रैक्टर पर कार्यवाही हुई है। जब मीडिया ने अधिकारी से ये सवाल किया तो उनका जवाब है कि फिलहाल जो मौके पर मिला है उस पर कार्यवाही की जा रही है, वहीं जो वीडियो सामने आए हैं उनकी जांच की जाएगी और फिर कार्रवाई भी होगी। बाइट/ ज्ञान चंद राय (नायब तहसीलदार बंडा सागर)
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34 साल बाद फैसला: बुलंदशहर अदालत में अभियुक्त अधिवक्ताओं बाइज्जत बरी

Bulandshahr, Uttar Pradesh:वादी जज, कटघरे में वकील... 34 साल बाद फैसले से सिस्टम पर सवाल 34 साल चली कानूनी लड़ाई, एक आरोपी की मौत के बाद बाकी दो अधिवक्ता बाइज्जत बरी अभियोजन की नाकामी से 34 साल तक कागजों में भटकता रहा दोनों पक्षों का न्याय ​तारीख पर तारीख.. का जुमला तो न्याय व्यवस्था के संदर्भ में अक्सर सुनने को मिलता है, लेकिन बुलंदशहर की अदालत में एक ऐसा मामला सामने आया है जो पूरे सिस्टम की रफ्तार पर सवालिया निशान लगा रहा है। जिस मुकदमे में वादी खुद कानून के रखवाले एक न्यायिक मजिस्ट्रेट थे और कटघरे में कानून के पैरोकार अधिवक्ता खड़े थे, उसका अंतिम फैसला आने में पूरे 34 साल गए। आम आदमी जब इंसाफ की आस में अदालत की सीढ़ियां चढ़ता है, तो पीढ़ियां खप जाती हैं और तारीखों का अंतहीन सिलसिला जिंदगी के साथ ही खत्म होता होता है। अपर सिविल जज अवर खंड/न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय कक्ष संख्या-08, मोनिका कालरा की अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी अधिवक्ता प्रेमशंकर चौहान और वेदपाल राघव को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। वहीं, मुकदमे के तीसरे आरोपी अधिवक्ता विजय राघव का फैसला आने से पहले ही देहांत हो चुका है। 24 जून 1992 को खुर्जा न्यायालय में तैनात तत्कालीन मुंसिफ/न्यायिक दंडाधिकारी एसीजे-जेडी अशोक कुमार वर्मा ने खुर्जा नगर थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। न्यायिक अधिकारी का आरोप था कि जब वे मोटर वाहन रिलीज प्रार्थना पत्र की सुनवाई कर रहे थे, तभी स्थानीय अधिवक्ता वेदपाल राघव, प्रेमशंकर चौहान और विजय राघव ने अदालत कक्ष में प्रवेश किया और अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाते हुए अशोभनीय भाषा व गाली-गलौज का इस्तेमाल किया। ​आरोप था कि अधिवक्ताओं ने न्यायिक पत्रावली की अर्जी फाड़कर अपनी जेब मे रख ली, डायस पर चढ़कर अभद्रता की और बाद में पीठासीन अधिकारी के चैंबर में घुसकर उनके साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी दी। एक पीठासीन जज के साथ ऐसी घटना से उस वक्त पूरे न्यायिक हलके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में आनन-फानन में चार्जशीट तो दाखिल कर दी। ​आरोप इतने संगीन थे कि किसी भी न्यायिक व्यवस्था में त्वरित और कठोर सुनवाई की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में सरकारी अभियोजन तंत्र की भूमिका बेहद गैर-जिम्मेदाराना और लचर साबित हुई। सरकारी मशीनरी की सुस्ती का आलम यह रहा कि अभियोजन पक्ष 34 वर्षों की लंबी कानूनी जद्दोजहद में अदालत के समक्ष मात्र एक गवाह ज्ञानसिंह को ही पेश कर सका। ​हद तो तब हो गई जब अभियोजन द्वारा पेश किया गया यह इकलौता गवाह भी कोर्ट में अपने मूल बयानों से पूरी तरह मुकर गया। उसने जज के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी, मारपीट या पत्रावली फाड़ने की घटना से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय की विभिन्न नजीरों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में अभियोजन पर यह कानूनी दायित्व होता है कि वह आरोपों को किसी भी संदेह से परे साबित करे। किसी भी स्वतंत्र गवाह या ठोस साक्ष्य के न होने पर अदालत ने दोनों अधिवक्ताओं को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया और पत्रावली को हमेशा के लिए दाखिल दफ्तर करने का आदेश सुनाया। वहीं आरोपी पक्ष के वकील ने बताया कि वादी पक्ष का बार-बार बुलाने पर भी गवाही के लिए कोर्ट में पेश न होना, साथ ही उसमें घटना के समय पुलिस ने 14 गवाह के नाम दर्ज किए थे, लेकिन 14 गवाहों में से बार-बार नोटिस देने के बाद भी 13 गवाह गवाही देने नहीं पहुंचे, वहीं एकमात्र गवाह के कोर्ट में अपने बयानों से मुकुर जाने पर आरोपी वकीलों को सबूत के आभाव में बाइज्जत बरी कर दिया गया हालांकि, देर से ही सही लेकिन अधिवक्ताओं को न्याय मिला है। - ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता
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राज्य में छह महीनों में UCC लागू, लव जिहाद और लैंड जिहाद पर कानून

Jalpaiguri, West Bengal:UCC নিয়ে পশ্চিমবঙ্গের জলপাইগুড়ি জেলার মুসলিম সম্প্রদায় মানুষজনের বক্তব্য। এবিষয়ে নানান মত উঠে আসলো মুসলিম সম্প্রদায়ের মানুষজনের থেকে。 ৬ মাসের মধ্যে বাংলায় UCC, ‘লাভ জিহাদ’-এর বিরুদ্ধে আইন আনার ঘোষণা শুভেন্দু অধিকারীর পশ্চিমবঙ্গে আগামী ছয় মাসের মধ্যে অভিন্ন দেওয়ানি বিধি (UCC) কার্যকর করা হবে বলে জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। তিনি জানান, UCC কার্যকরের পর ধর্মান্তর, ‘লাভ জিহাদ’ এবং ‘ল্যান্ড জিহাদ’-এর বিরুদ্ধে কঠোর আইন আনা হবে। কলকাতায় বিশ্ব হিন্দু পরিষদের আয়োজিত এক অনুষ্ঠানে বক্তব্য রাখতে গিয়ে শুভেন্দু অধিকারী বলেন, উত্তরাখণ্ড ও গুজরাটের ধাঁচে বাংলাতেও UCC চালু করা হবে। রিপোর্ট:- प्रद्यুত दास ( জলপাইগুড়ি )
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सिंगापुर में छत्तीसगढ़ का डंका: मिला ₹43,250 करोड़ का FDI, 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्

Raipur, Chhattisgarh:सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित 'सिंग फोरम 2026' में विदेश मंत्रालय के नामांकन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। मंच पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सिंगापुर की राज्य मंत्री गान सिओ हुआंग भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री साय ने वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए बताया कि 450 से अधिक सुधारों और प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों के दम पर राज्य ने पिछले 18 महीनों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। इस मंच पर राज्य को ₹43,250 करोड़ की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं, जिसमें 'एनर्जी कैपिटल ग्लोबल' द्वारा ₹41,750 करोड़ की लागत से 100 मेगावाट का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करने का ऐतिहासिक निवेश आमंत्रण भी शामिल है। यह कदम राज्य को देश के अग्रणी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करेगा।
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सम्भल में अधिवक्ता ने नाजिर सदर पर लगाए गंभीर आरोप डीएम से की कार्रवाई की मांग

बहज़ोई, उत्तर प्रदेश:सम्भल में अधिवक्ता ने नाजिर सदर पर लगाए गंभीर आरोप डीएम से की कार्रवाई की मांग सम्भल में अधिवक्ता ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांचकर, कार्रवाई और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। अधिवक्ता का आरोप है कि 2 अक्टूबर को गाटा संख्या 155 स्थित उनकी पैतृक जमीन पर प्रशस्त गुप्ता कुछ लोगों के साथ पहुंचे और बाउंड्रीवाल लगाने का प्रयास किया। विरोध करने पर हाथापाई और मारपीट का आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में भ्रष्टाचार और कथित बेनामी संपत्तियों की जांच की मांग भी की गई है। अधिवक्ता ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है
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