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सुल्तानपुर नवमी पर रघुनाथ के आभूषणों की परंपरा: सुनार परिवार सफाई में जुटे

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय सुल्तानपुर में नवरात्रि के नवमी के अवसर पर भगवान रघुनाथ के आभूषणों को साफ करने की पुरानी परंपरा निभाई गई। यह परंपरा सुल्तानपुर में रहने वाले सुनार परिवारों के द्वारा निभाई गई। जो दशकों से इस परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं। दशहरा उत्सव से एक दिन पहले यह परंपरा निभाई जाती है और भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा में प्रयोग किए जाने वाले सोने, चांदी के आभूषion, चांदी बर्तन व अन्य वस्तुओं की सफाई का कार्य पूरा किया जाता है। सुनार परिवार के सदस्य इस परंपरा को निभाने के लिए रघुनाथ मंदिर पहुंचे और भूखे पेट उन्होंने यह इस परंपरा का निर्वाह किया तथा उसके बाद भगवान रघुनाथ का भी आशीर्वाद ग्रहण किया। इस परंपरा का निर्वाह करने पहुंचे संजीव वर्मा ने बताया कि उनके पूर्वज दशकों से इस काम को करते आ रहे हैं। ऐसे में वह सभी परिवार मिलकर हर बार नवमी के दिन तथा भगवान रघुनाथ के मंदिर पहुंचने हैं और इस परंपरा को निभाते हैं। बाइट - संजीव वर्मा वही अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि वह उनके पूर्वज दशकों पहले यहां पर बसे थे और उनके परिवार के द्वारा ही पहले से यह कार्य किया जाता है। यह कार्य निस्वार्थ भाव से किया जाता है और आज भी सभी परिवार मिलकर इस परंपरा को पूरा करते हैं। बाइट - अभिमन्यु वर्मा भगवान रघुनाथ के पुजारी दिनेश किशोर ने बताया कि नवमी के दिन हर साल यह परंपरा निभाई जाती है। सुनार परिवार के सभी सदस्य भूखे पेट इस काम को पूरा करते हैं और उसके बाद उन्हें भगवान रघुनाथ का प्रसाद भी दिया जाता है। ऐसे में इस साल भी यह परंपरा निभाई गई और बुधवार को भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा ढालपुर मैदान में आयोजित की जाएगी。 बाइट - दिनेश किशोर पुजारी भगवान रघुनाथ
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RSS ने विजयादशमी पर 101वाँ स्थापना दिवस मनाकर पंच परिवर्तन का आह्वान किया

Chandigarh, Chandigarh:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया 101वाँ स्थापना दिवस, पंच परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान खरड़। 20 अक्टूबर। विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संघ का 101वाँ स्थापना दिवस श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीराम भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, स्वयंसेवकों तथा बंधु-भगिनियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संघ के गौरवशाली इतिहास, राष्ट्र निर्माण में योगदान, सामाजिक समरसता तथा पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होली बेसिल अस्पताल, खरड़ के M.D.डॉ. सचिन ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज केवल एक राष्ट्रीय संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गतिविधियों और विचारों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि भारतीय धर्म, संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने संघ के 101 वर्षों के सफर की सराहना करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मोहाली जिले के जिला प्रचारक श्री विक्रम जी ने संघ के 101 वर्षों के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। प्रारंभ में कुछ स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज व्यापक संगठनात्मक विस्तार तक पहुँच चुकी है। उन्होंने संघ की ऐतिहासिक यात्रा, संगठनात्मक विकास तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। श्री विक्रम जी ने कहा कि संघ से प्रेरित एवं जुड़े अनेक संगठन शिक्षा, सेवा, संस्कृति, श्रमिक कल्याण और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनमें विद्या भारती, सेवा भारती, संस्कार भारती, भारतीय मजदूर संघ और विज्ञान भारती जैसे संगठन प्रमुख हैं। इन संगठनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचकर शिक्षा, सेवा, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक विकास से संबंधित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। पंच परिवर्तन से होगा समाज और राष्ट्र का उत्थान अपने संबोधन में जिला प्रचारक श्री विक्रम जी ने संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा राष्ट्र को सशक्त, संस्कार् 탯 और प्रगतिशील बनाने के लिए पाँच प्रमुख विषयों पर सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। इनमें स्व-बोध एवं स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्यों का पालन, सामाजिक समरसता तथा कुटुंब प्रबोधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता किसी भी सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। जाति, धर्म, वंश अथवा लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करके ही समाज में एकता, परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान देने तथा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि परिवार केवल व्यक्तिगत जीवन का आधार नहीं, बल्कि समाज के निर्माण की महत्वपूर्ण इकाई भी है। इसलिए परिवारों में सकारात्मक वातावरण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आवश्यक पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए विक्रम जी ने कहा कि आज पर्यावरणीय असंतुलन पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती है। प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण और पर्यावरण के प्रति लापरवाही का प्रभाव मानव जीवन तथा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने, जल संरक्षण करने, पौधारोपण को प्रोत्साहित करने, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा राष्ट्र स्व-बोध एवं स्वदेशी के विषय पर उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय उत्पादों और व्यवसायों को प्रोत्साहित करना, भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक कौशल एवं उद्योगों के संरक्षण के लिए प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी के प्रति जागरूकता से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और उत्पादकों को प्रोत्साहित करें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंच परिवर्तन के इन पाँच विषयों को लेकर समाज के बीच जन-जागरण का प्रयास कर रहा है। इन सिद्धांतों को व्यक्तिगत जीवन, परिवार और सामाजिक व्यवहार में अपनाकर राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में योगदान दिया जा सकता है। इस अवसर पर खरड़ नगर के नगर संघचालक श्री विजय वर्मा जी तथा श्री विकास जी मोहाली जिला सहकार्यवाह जी भी उपस्थित रहे इस कार्यक्रम में लगभग 500 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और राष्ट्र, समाज एवं भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, बंधु-भगिनियाँ तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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जालौन में विजयादशमी के अवसर पर RSS का भव्य पथ संचलन, पुष्पवर्षा से स्वागत

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कोंच नगर में मंगलवार सुबह विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और उत्साह के साथ भव्य पथ संचलन निकाला। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरे पथ संचलन का लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण, समाजसेवा और देश की उन्नति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। पथ संचलन एसआरपी इंटर कॉलेज से प्रारंभ हुआ। स्वयंसेवक रेलवे फाटक, बस स्टैंड, सागर चौकी, चंदकुआ चौराहा और स्टेट बैंक होते हुए पावर हाउस पहुंचे। इसके बाद बजरिया, मालवीय नगर और शाह साहब की मजार के रास्ते भारत माता मंदिर पहुंचे। कार्यक्रम का समापन प्राचीन गढ़ी पर हुआ। पूरे मार्ग में लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर संघ के जिला प्रचारक शिवम जी ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आरएसएस प्रतिवर्ष अपने स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में यह उत्सव आयोजित करता है। उन्होंने बताया कि संघ के स्वयंसेवक देशभर में समाजसेवा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान देते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर देश के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम में नगर कार्यवाह गिरवासिया सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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चित्रगुप्त पीठ में शस्त्र पूजा से कारसेवा की चर्चा तेज

Mathura, Uttar Pradesh:चित्रगुप्त पीठ में अनोखी शस्त्र पूजा: कृष्ण जन्मभूमि कारसेवा के लिए कुदाल, हथौड़े और तलवारों का हुआ पूजन मुग़ल शासक ऑरंगजेब के पाप की निशानी शाही ईदगाह मस्जिद को ढहाने के लिए हुई शस्त्र पूजा : स्वामी सच्चिदानंद महाराज..... (मथुरा): विजय दशमी के पावन पर्व पर मथुरा के वृंदावन स्थित चित्रगुप्त पीठ आश्रम में एक बेहद अनोखी शस्त्र पूजा देखने को मिली। पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज के नेतृत्व में आयोजित इस पूजन में परंपरागत हथियारों के साथ-साथ खुदाई और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले औजारों की पूजा की गई। इस विशेष शस्त्र पूजन में शामिल होने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश (यूपी) से बड़ी संख्या में सनातनी भक्त चित्रगुप्त पीठ आश्रम पहुंचे। विवादित ढांचा हटाने वाले औजारों का पूजन आश्रम में आयोजित इस अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने कुदाल, फावड़े, गेंती, हथौड़े, गदा और तलवार जैसे शस्त्रों व औजारों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। आश्रम परिसर में इस दौरान भक्तों का उत्साह चरम पर था और चारों तरफ "कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे..." के नारे गूंजते रहे। 6 दिसंबर को कारसेवा का प्रस्ताव पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने इस मौके पर बताया कि 6 दिसंबर को श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मुक्ति के लिए कारसेवा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा, "श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास बनी मुगल शासक औरंगज़ेब के पाप की निशानी (विवादित ढांचे) को ढहाया जाएगा। उस ढांचे को तोड़ने और वहां से मलबा हटाने के लिए ही इन कुदाल, फावड़ों और हथौड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसीलिए आज विजय दशमी के शुभ मुहूर्त पर इन शस्त्रों से पूजन कर सफलता की याचना की गई है। इस आयोजन के बाद से ही क्षेत्र और सोशल मीडिया पर यह अनोखी शस्त्र पूजा भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। ये रहे उपस्थित...... गौ-सेवक विष्णु शर्मा, प्रमोद सक्सेना, प्रदीप गुप्ता, ईश्वर दास, संदीप माथुर, पवन, आयुष, काली ठाकुर, भूत पूर्व सैनिक प्रकाश सोनी, श्याम ठाकुर, कन्हैया पंडित, राजू, अजय, शिवम, राहुल शर्मा आदि उपस्थित थे。
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गोंडा में आज दशमी को सैकड़ों दुर्गा प्रतिमाओं का होगा विसर्जन

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Gonda, Uttar Pradesh:नवरात्रि समाप्त होते ही आज दशमी के पर्व पर जहां रावण दहन विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा वहीं जनपद की लगभग ढाई सौ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन जिले के चारो तहसीलों एवं अयोध्या एवं करनैलगंज स्थित सरयू नदी में विसर्जित किया जाएगा। गोंडा मुख्यालय के खैरा मंदिर के पोखरे में सैकड़ों दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिय जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा भारी पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रकाश की व्यवस्था के साथ पोखरे ट्यूब और नाव की व्यवस्था की गई है जिससे विसर्जन के दौरान को पानी में डूबने न पाए। रामलीला मैदान खैरा में आज अन्तिम दिन राम लीला का आयोजन कर रावण दहन किया जाएगा।इस अवसर पर हजारों मेलार्थी राम लीला रावण दहन और दुर्गा जी की प्रतिमाओं के विसर्जन में भाग लेंगे।
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अयोध्या में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शोभायात्रा धूमधाम से, सुरक्षा व्यवस्था चौकस

Ayodhya, Uttar Pradesh:रामनगरी अयोध्या में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ जीआईसी मैदान से निकली। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। वहीं, ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं नृत्य करती दिखाई दीं। शोभायात्रा की अगुवाई पूर्व सांसद लल्लू सिंह, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी और भाजपा के अन्य नेताओं ने की। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शोभायात्रा में शामिल हुए। वहीं, सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने भी पहुंचकर भागीदारी की। आयोजकों के मुताबिक, शहर की करीब 150 दुर्गा प्रतिमाएं शोभायात्रा में शामिल होंगी। यह शोभायात्रा फतेहगंज, सुभाष नगर, बजाजा चौक, रिकाबगंज और सिविल लाइंस होते हुए गुप्तार घाट स्थित निर्मली कुंड पहुंचेगी, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे मार्ग को जोन और सेक्टर में बांटकर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सिविल पुलिस के साथ पीएसी और अर्धसैनिक बल भी सुरक्षा संभालेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है。
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हरिद्वार के अखाड़ों में दशहरे पर शस्त्रपूजन: नागा संन्यासियों की परंपरा

Haridwar, Uttarakhand:धर्मनगरी हरिद्वार में दशहरे के अवसर पर अखाड़ों में सदियों पुरानी शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई गई। नागा संन्यासियों ने विधि-विधान के साथ पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों और आधुनिक हथियारों का पूजन किया। कनखल स्थित पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में सूर्य प्रकाश और भैरव प्रकाश नामक भालों को देव स्वरूप मानकर विशेष पूजा-अर्चना की गई। अखाड़ों में शस्त्र पूजन को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प से जोड़कर देखा जाता है। दशहरे के अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न अखाड़ों में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी दशनामी संन्यासी परंपरा के नागा संन्यासियों ने अपने अखाड़ों में प्राचीन परंपराओं के अनुसार अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की। कनखल स्थित पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े में सूर्य प्रकाश और भैरव प्रकाश नामक भालों का विशेष पूजन किया गया। इन भालों को अखाड़े में देव स्वरूप माना जाता है और इनका धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों की पेशवाई में ये भाले सबसे आगे चलते हैं। वहीं, शाही स्नान के अवसर पर इन्हें सबसे पहले गंगा स्नान कराया जाता है। इसके बाद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर और अन्य संत-महात्मा स्नान करते हैं।
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लखीमपुर खीरी: 5 वर्षीय रतन की मौत शंका, खेत में शव मिलने से हड़कंप

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के फरधान थाना इलाके में कल से लापता 5 वर्षीय मासूम रतन का शव गन्ने के खेत से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रथम दृष्टया पूरा मामला किसी हिंसक जानवर से जुड़ा बताया जा रहा है जिसकी चपेट में रतन के आ जाने और उसके हमले से मौत की आशंका जताई जा रही है। मामले की जानकारी पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। मौत के असली कारणों की जांच के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकेगी। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। इससे पहले भी आपको बता दें तेंदुए के हमले में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। फिलहाल इस घटना में कौन हिंसक जानवर ने हमला किया यह अभी तक तय नहीं है लेकिन कहीं ना कहीं तक जानवरों की रिहायसी इलाकों में चहल कदमी की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
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रामनगर दशहरा मेले की तैयारी पूरी, अतिक्रमण हटाने के बाद सहयोग बढ़ने की उम्मीद

Ramanagara, Karnataka:रामनगर में दशहरा मेले के आयोजन से पहले नगर पालिका और पाइते वाली रामलीला कमेटी के बीच उत्पन्न विवाद सुलझ गया है,रामलीला कमेटी के जनरल मैनेजर सचिन अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों की ओर से भविष्य में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है,वहीं उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर रामलीला और दशहरा मेले से जुड़े पूजा स्थल पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया, एमपी इंटर कॉलेज ग्राउंड में पूर्व की भांति दशहरा मेला आयोजित किया जाएगा, जहां शाम साढ़े छह बजे रावण के पुतले का दहन होगा.रामनगर में दशहरा मेले से पहले नगर पालिका और पाइते वाली रामलीला कमेटी के बीच सामने आए विवाद को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है, रामलीला कमेटी के जनरल मैनेजर सचिन अग्रवाल ने बताया कि संबंधित अधिकारी की ओर से दिए गए बयान को लेकर गलतफहमी पैदा हुई थी. अधिकारी का कहना था कि उन्होंने यह बात रामलीला कमेटी को संबोधित करते हुए नहीं कही थी, लेकिन कमेटी ने स्पष्ट किया कि शब्द किसी के लिए भी इस्तेमाल किए गए हों उनका संबंध मेले के आयोजन से था.सचिन अग्रवाल के मुताबिक, अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस तरह की स्थिति पैदा नहीं होने देने का आश्वासन दिया है,उन्होंने यह भी कहा कि रामलीला के लगभग 15 से 18 दिनों तक चलने के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेने नगरपालिका अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे, मेले की तैयारियों के दौरान भी कमेटी को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला,हालांकि अब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और उनकी पूरी टीम की ओर से रामलीला कमेटी को सहयोग देने का भरोसा दिया गया है.पायते वाली रामलीला के जनरल मैनेजर सचिन अग्रवाल ने बताया कि पिछले पांच-छह वर्षों की परंपरा के अनुसार इस बार भी एमपी कॉलेज ग्राउंड में दशहरा मेला पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा,उन्होंने रामनगर की जनता को आमंत्रित करते हुए बताया कि शाम साढ़े छह बजे रावण दहन का कार्यक्रम निर्धारित है.वहीं उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि नगर पालिका और रामलीला कमेटी के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं था, बल्कि आपसी संवाद में गलतफहमी हुई थी, जिसे सुलझा लिया गया है,उन्होंने बताया कि रामनगर के पैठपड़ाव स्थित रामलीला के पूजा-पाठ वाले स्थल पर अतिक्रमण किया गया था ,इस संबंध में करीब पांच-छह महीने पहले भी संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था, लेकिन इसे नहीं हटाया गया,एसडीएम ने बताया कि रावण दहन के बाद इस स्थान पर पूजा-पाठ की परंपरा है,ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटवाया गया। रामलीला शुरू होने से पहले पूजा-पाठ वाले स्थान पर किए गए अतिक्रमण को भी प्रशासन ने तत्काल हटवा दिया.अब रामनगर में दशहरा मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों को शाम साढ़े छह बजे होने वाले रावण दहन कार्यक्रम का इंतजार है.
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भीकनगांव हत्या मामला: ग्रामीणों ने थाने घेरा, चक्काजाम के बाद आरोपियों की हिरासत

Khargone, Madhya Pradesh:खरगोन जिले के भीकनगांव थाना क्षेत्र के रामपुरा में भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी साहेबराम चौहान की धारदार हथियार से हत्या। आक्रोशित ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ताओ ने भीकनगांव थाने का घेराव कर किया चक्काजाम। हत्या के पकडे गये आरोपियों को उनके हवाले करने की ग्रामीणो ने की मांग। भीकनगांव पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटना के करीब 4 घंटे बाद दो आरोपियों को ले लिया हिरासत में। पुराने विवाद की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का परिजनों ने लगाया आरोप। मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे, समझाइस देकर कराया चक्काजाम समाप्त। भीकनगांव में दुकान बंद कराने के दौरान ग्रामीण और दुकानदार भी बैठे। मौके पर पुलिस ने स्थिति का संभाला, करीब आधा घंटा रहा चक्काजाम। गोगावां और झिरन्या थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर तैनात, जिले से वज्र वाहन भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ पहुंचा। भीकनगांव थाना क्षेत्र के रामपुरा गांव की घटना।
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बीकानेर के करीनी सिंह स्टेडियम में भव्य रावण दहन, 85 फीट के पुतले के साथ आतिशबाजी का खास आकर्षण

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर करणी सिंह स्टेडियम में आज होगा भव्य रावण दहन, तैयारियां पूरी 85 फीट ऊंचा रावण और 75-75 फीट के कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले बनकर तैयार दशहरा उत्सव को लेकर शहरवासियों में उत्साह, स्टेडियम में उमड़ेगी हजारों लोगों की भीड़ इस बार इलेक्ट्रिक आतिशबाजी रहेगी विशेष आकर्षण का केंद्र करीब 40 मिनट तक आतिशबाजी से आसमान होगा रोशन, रंग-बिरंगी रोशनी से सजेगा माहौल 25 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना, जिला प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल होंगे मुख्य रूप से शामिल स्टेडियम में प्रवेश के लिए अलग-अलग एंट्री गेट बनाए गए, भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस सुरक्षा व्यवस्था और दर्शकों की सुविधा को लेकर प्रशासन अलर्ट रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देगा दशहरा उत्सव भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में, शहरवासियों को आज के कार्यक्रम का इंतजार
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