icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241124
Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow23 Jan 2025, 01:52 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Advertisement

धनबाद शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर निरसा विधायक का भूख हड़ताल खत्म

Dhanbad, Jharkhand:एकंर -- धनबाद शिक्षा विभाग में भरष्टाचार को लेकर मंगलवार को निरसा विधायक अरूप चटर्जी समाहरणालय परिसर डीसी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठे थे।अनशन के चौथे दिन डीसी के लिखित आश्वासन के बाद भूख हड़ताल विधायक ने खत्म किया। चौथे दिन धनबाद भाजपा विधायक राज सिन्हा,सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो,बगोदर पूर्व विधायक विनोद सिंह,जेएमएम नेता चंद्रशेखर अग्रवाल,अनशन स्थल पहुंचे।निरसा विधायक अरूप चटर्जी के आंदोलन को समर्थन दिया। धनबाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी शुक्रवार देर शाम विधायक अरूप चटर्जी से वार्ता कर 2 माह के भीतर सभी मामलों का निपटारा के साथ-साथ एक दिसंबर को जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक करने के लिखित आश्वासन के बाद अनशन को खत्म किया गया है। वही निरसा विधायक का आरोप है कि धनबाद में शिक्षा विभाग में 1600 से अधिक शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के साथ-साथ बीपीएल के छात्रों के नामांकन में गड़बड़ी, एकल विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा पैसे लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग किया गया था।ग्रामीण क्षेत्र के स्कुलो में शिक्षकों की कमी है।मांगों को लेकर आश्वस्त किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र स्कूलों में शिक्षकों की पोस्टिंग, और बड़े स्तर पर शिक्षकों के ट्रांसफर सूची में सुधार किया जाएगा।एक दिसंबर को जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक की जायेगी।डीसी द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया है।जिसके बाद अनशन को समाप्त किये है। बाइट-- अरूप चटर्जी(निरसा विधायक)व्हाईट शर्ट में बाइट -- अभिषेक झा (डीइओ,धनबाद)चेक ब्लू शर्ट में
0
0
Report

दीवाली पर जीरो पॉइंट पर बसों की कमी से यात्री घंटों इंतजार में फंसे

Greater Noida, Uttar Pradesh:दिवाली पर अपने घर पहुंचकर परिवार के साथ त्योहार मनाने की चाह में हजारों लोग सफर पर निकले हैं। ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट पर शुक्रवार को यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आगरा, लखनलि देवरिया और बिहार के पटना समेत कई शहरों को जाने वाले यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बसों की कमी और अव्यवस्थाओं के चलते जीरो पॉइंट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. हालात ऐसे हैं कि यात्राओं को तीन से चार घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑनलाइन टिकट बुक कराने के बावजूद कई बसें निर्धारित समय पर नहीं पहुंच रहीं हैं। लंबी प्रतीक्षा और भीड़ के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई परिवार अपने छोटे बच्चों के साथ सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठने और सोने को मजबूर हैं। त्योहार के मौके पर यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर निजी बस संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप लग रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना तक किराया मांगा जा रहा है। विरोध करने पर बस में नहीं बैठाने और सफर से मना करने की धमकी भी दी जा रही है। बसों की कमी, घंटों इंतजार और कथित अवैध वसूली से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हर साल दिवाली और अन्य बड़े त्योहारों पर जीरो पॉइंट पर इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त बसों और यातायात व्यवस्था के इंतजाम नहीं किए जाते। त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी में हजारों यात्री परेशानियों के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहे हैं.
0
0
Report
Advertisement

दीपावली पर जयपुर पुलिस का तोहफा: 40 मोबाइल लौटे, कीमत करीब 10 लाख

Jaipur, Rajasthan:दीपावली खुशियों का त्योहार है... और इस त्योहार पर जयपूर पुलिस ने भी 40 लोगों को खुशियों का खास तोहफा दिया है। जिन लोगों के मोबाइल फोन गुम हो गए थे या चोरी हो गए थे, उनके लिए पुलिस की ऑपरेशन रिकवरी मुहिम राहत बनकर आई है। साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय जयपुर ने CEIR पोर्टल की मदद से 40 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। खास बात यह है कि पुलिस ने मोबाइल बरामद करने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। ऑपरेशन रिकवरी से मिली राहत दीपावली पर जयपुर पुलिस ने आमजन को बड़ी राहत दी है। साइबर पुलिस थाना आयुक्तालय जयपुर ने विशेष अभियान ऑपरेशन रिकवरी के तहत गुमशुदा और चोरी हुए 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपए है। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की मदद से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। खास बात यह है कि कुछ मोबाइल राजस्थान के बाहर भी इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी जुटाकर उनका पता लगाया और उन्हें बरामद करने में सफलता हासिल की। किश्तों पर खरीदे मोबाइल भी मिले बरामद मोबाइल फोन उनमें बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूरी करने वाले, किसान, विद्यार्थी और सरकारी व निजी कर्मचारी शामिल हैं। कई लोगों ने बड़ी मुश्किल से किस्तों पर मोबाइल खरीदे थे। मोबाइल गुम होने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ जरूरी डेटा और संपर्क खोने की परेशानी भी उठानी पड़ रही थी। ऐसे में दीपावली पर मोबाइल वापस मिलने से उनके चेहरों पर खुशी लौट आई। पीड़ितों ने जयपुर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए आभार जताया। अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई पुलिस आयुक्त जयपुर सचिन मित्तल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध डॉ. रामेश्वर सिंह और पुलिस उपायुक्त अपराध योगेश गोयल के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। DCP क्राइम योगेश गोयल के निर्देश पर थानाधिकारी साइबर पुलिस थाना हेमराज RPS के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने वर्ष 2025-26 सहित पिछले एक-दो वर्षों में गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई और CEIR पोर्टल के माध्यम से उनकी तलाश की। इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल अमरेश यादव, कांस्टेबल सुरेश कुमार, भूपसिंह, रविन्द्र कुमार और दिनेश कुमार शामिल रहे। कांस्टेबल रविन्द्र कुमार और दिनेश कुमार की विशेष भूमिका रही। पहले भी लौटाए 70 मोबाइल जयपुर साइबर पुलिस थाना इससे पहले भी ऑपरेशन मुस्कान-मोबाइल अभियान के तहत 70 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा चुका है। इन मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए थी। अब ऑपरेशन रिकवरी के तहत 40 मोबाइल और बरामद किए गए हैं। इस तरह दोनों अभियानों में कुल 110 मोबाइल फोन बरामाद कर लौटाए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपए है। पुलिस का कहना है कि गुमशुदा मोबाइल कीबरामदगी के लिए लगातार तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? जयपुर पुलिस ने आमजन से मोबाइल गुम होने पर तुरंत सतर्कता बरतने की अपील की है। सबसे पहले नजदीकी सिम रिटेलर से अपनी सिम बंद करवाएं। इसके बाद राजस्थान पुलिस के लॉस्ट आर्टिकल पोर्टल पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाएं। फिर भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल के दोनों IMEI नंबर ब्लॉक करवाएं। CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू होती है। मोबाइल मिलने पर उसे उसके वास्तविक मालिक को वापस सौंपा जा सकता है। कुल मिलाकर जयपुर पुलिस का ऑपरेशन रिकवरी उन लोगों के लिए दीपावली का खास तोहफा साबित हुआ, जिन्होंने अपना मोबाइल खोने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लोगों को आर्थिक राहत दी, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को भी मजबूत किया है।
0
0
Report

**कटोरा छीनोगे तो चढ बैठेंगे पुरवा विधायक अनिल सिंह के बयान से पुरवा की सियासत में उबाल**

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow6m ago
Murtazanagar, Uttar Pradesh:**उन्नाव।** पुरवा की सियासत में अनिल सिंह के बयान ने नया तूफान खड़ा करने वाले तेवर दिखाए हैं। सार्वजनिक मंच से उन्होंने विरोधियों को सिर्फ चुनावी चुनौती ही नहीं दी, बल्कि तीन महीने के बाद आने वाले चुनाव में उन्हें हराने का दम दिखाने का अल्टीमेटम तक दे दिया। भाषण के दौरान दबदबे का दावा, शेर-सियार की मिसाल और पुरवा छोड़कर भागने की नसीहत ने राजनीतिक मर्यादाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए। अनिल सिंह ने मंच से कहा, "यहां दबदबा सिर्फ अनिल सिंह का है और अनिल सिंह का ही दबदबा रहेगा।" उन्होंने दिल्ली से आकर पुरवा में उन्हें हराने की कोशिश करने वालों को भी चुनौती दी। उनके शब्द थे, "सोच-समझकर बदतमीजी करना, फिर किसी शेर की खाल से निकलकर सियार की खाल में मत घुसना।" वोट मांगने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम आपके दरवाजे वोट मांगने जाएंगे, मर्जी हो तो देना, नहीं मर्जी हो तो मत देना। लेकिन कटोरा छीनोगे तो चढ़ बैठेंगे। उन्होंने विरोध को बुरा न मानने की बात कही, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें हरा नहीं पाए तो बाद में विरोध झेलने के लिए तैयार रहना। अपने भाषण में उन्होंने ठाकुर, पंडित और लोधी समाज का जिक्र करते हुए कहा, कि बाद में यह मत कहना कि "हम भैया ठाकुर हैं, हम भैया पंडित हैं, हम भैया लोधी हैं।" इसके बाद विरोधियों को तीन महीने का समय देते हुए कहा कि जितना दम हो, मिलकर निपटा दो, लेकिन यदि नहीं हरा पाए तो पुरवा छोड़कर भाग जाना। **अब सवाल यह है कि पुरवा में सियासत का पैमाना क्या होगा—जनता का समर्थन या दबदबे का दावा? विरोधियों को हराने की चुनौती देना लोकतांत्रिक राजनीति है, लेकिन उन्हें पुरवा छोड़कर जाने की बात कहना किस राजनीतिक सोच को दर्शाता है? आखिर चुनाव में फैसला किसी नेता का दबदबा नहीं, जनता का वोट करता है।**
0
0
Report

एसीबी जांच के बाद फ्लड लाइट भुगतान पर निर्णय, नैनवा बोर्ड में हंगामा

Noida, Uttar Pradesh:नैनवा एंकर । स्टेडियम में लगाई गई फ्लड लाइटों के भुगतान को लेकर हुई बैठक में बिफरे पार्षद बोर्ड बैठक में उठा मामला एसीबी जांच के बाद ही होगा भुगतान मेज़र ध्यानचंद स्टेडियम में लगाई गई लाइटों के बिल पर नगरपालिका बोर्ड बैठक में हंगामा, सर्वसम्मति से पारित हुआ जांच का प्रस्ताव, अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी उठा नैनवां। नैनवा नगरपालिका सभागार में शुक्रवार को पालिकाध्यक्ष कृष्णा मित्तल की अध्यक्षता में नगरपालिका बोर्ड की बैठक आयोजित हुई । शहर के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में लगाई गई फ्लड लाइटों के 97 लाख 14 हजार 731 रुपए के भुगतान को लेकर बुलाई गई बैठक में भुगतान को रोकने को लेकर पार्षदों ने एकजुट होकर विरोध जताया। जांच के अभाव में लंबे समय से अटके इस भुगतान को लेकर बैठक में हंगामा हुआ। पार्षदों ने पालिकाध्यक्ष कृष्णा मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसीबी से जांच करवाने के बाद ही भुगतान करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। पार्षद दिलखुश पोटर, दीपक चोपड़ा, आबिद अली, अखिलेश उपाध्याय सहित पार्षदों ने बैठक में आरोप लगाया कि संवेदक द्वारा स्टेडियम फ्लड लाइट के भुगतान को लेकर बैठक क्यों बुलाई विकास को लेकर चर्चा होनी चाहिए। बड़े संवेदकों के भुगतान को लेकर बैठक बुलाई जाती है लेकिन छोटे लोगों को भुगतान के लिए पालिका के चक्कर काटने पे मजबूर होना पड़ रहा है । बैठक में पार्षदों ने स्टेडियम में संवेदक द्वारा लगाई गई सोडियम लाइटों के कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षदों का कहना था कि जब तक एसीबी से जांच नहीं हो भुगतान नहीं किया जाए । 99 लाख का वार्षिक टेंडर का प्रस्ताव। बोर्ड बैठक में कुशल ,अकुशल अर्द्व कुशल श्रमिकों के लिए सर्व सम्मति से 99 लाख का प्रस्ताव लिया । साथ श्रमिकों का दो माह का भुगतान करने का निर्णय लिया गया । बैठक उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान, नगरपालिका उपाध्यक्ष नीतू मारवाड़ा सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे। 1 करोड़ 95 लाख 59 हजार 330 का हुआ था टेंडर। पालिका ईओ नरेंद्र मीणा ने बताया कि मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में फ्लड लाइट लगाने के लिए 1 करोड़ 95 लाख 59 हजार 330 का हुआ था टेंडर। हुआ था जिसमें पालिका द्वारा 50 प्रतिशत भुगतान कर दिया था शेष भुगतान के लिए पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड बैठक बुलाकर भुगतान करवाने के निर्देश दिए थे ।
0
0
Report
Advertisement

संपतिया उइके ने स्थानीय कलाकारों से दीपावली के लिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया

Mandla, Madhya Pradesh:धनतेरस पर मंत्री संपतिया उइके ने पेश की मिसाल । स्थानीय कलाकारों से खरीदे मिट्टी के दीये और पूजन सामग्री । लोकल फ़ॉर व्होकल को बढ़ावा देने की बात । मंडला में दीपावली की जगमगाहट के बीच मंडला में स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन देने की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। धनतेरस के अवसर पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने बाजार पहुंचकर स्थानीय कलाकारों और छोटे व्यापारियों का उत्साह बढ़ाया। मंत्री ने न सिर्फ मिट्टी के दीये और पूजन सामग्री की खरीदारी की, बल्कि आम लोगों को भी स्वदेशी उत्पाद अपनाने का संदेश दिया। रेडक्रॉस के समीप सजे स्थानीय बाजार में पहुंचीं मंत्री संपतिया उइके ने स्थानीय कलाकारों के हाथों से तैयार मिट्टी के आकर्षक दीये, रंगोली, पारंपरिक झाड़ू, भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी के चित्र, फूल-मालाएं सहित विभिन्न पूजन सामग्री खरीदी। मंत्री की इस पहल से स्थानीय कुम्हारों, हस्तशिल्पियों और छोटे दुकानदारों का उत्साह बढ़ा। इस दौरान उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि इस दीपावली पर केवल अपने घरों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय कलाकारों के जीवन को भी खुशियों से रोशन करें। मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प है। त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों और स्व-सहायता समूहों के उत्पाद खरीदकर हम उनके परिवारों की आजीविका को मजबूत कर सकते हैं。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top