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Mayank Kumar KashyapMayank Kumar KashyapFollow20 Jan 2025, 11:27 am

Varanasi - काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर , श्रद्धालुओं को दिलाई स्वच्छता की शपथ

Rajatalab, Uttar Pradesh:

 श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर 'सबका साथ हो गंगा साफ हो' के नारे गूंज रहे है . नमामि गंगे ने कुंभ स्नान के पश्चात काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए गंगा द्वार पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को स्वच्छता की शपथ दिलाकर मां गंगा की आरती उतारी.  राष्ट्रीय नदी गंगा की निर्मलता हेतु राष्ट्रध्वज और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर उपस्थित जनसमूह स्वयं भी जागरूक हुए और लोगों को भी जागरूक किया. स्वच्छ गंगा - निर्मल गंगा जैसे नारों से गंगा द्वार का दिव्य आध्यात्मिक परिसर गूंजता रहा. गंगा सेवक नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला जागरुक करते हुए नजर आएं।

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सुप्रीम कोर्ट की ग्रीन पटाखा छूट से चौखंडी मार्किट में दिवाली बाजार पलटा

Delhi, Delhi:दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से 7 और 8 नवंबर को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दिए जाने के बाद बाजारों में हलचल कम हो गई है। पश्चिमी दिल्ली के चौखंडी मार्किट में पटाखा बाजारों और इलाकों में ग्रीन क्रैकर्स की बिक्री और उपलब्धता का ग्राउंड रियलिटी चेक किया गया, जिसमें दुकानदारों में नाराजगी नजर आई और ग्राहकों का भी कहना है कि दिवाली का त्यौहार है ऐसे में पटाखे तो जलेंगे ही। पिछले साल भी दिवाली पर पटाखे बैन थे फिर भी देर रात तक पटाखे जले। दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ जाएगा। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों से उनकी राय भी जानी गई कि वे इस दिवाली ग्रीन क्रैकर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं या सामान्य आतिशबाजी को, और क्या लोग पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखों के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा के तहत सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे जलाने की अनुमति है। इसके साथ लोगों और दुकानदारों से यह जानकारी भी पूछी गई कि उन्हें इन समय-सीमाओं की जानकारी है या नहीं और वे नियमों का पालन करने को लेकर कितने जागरूक हैं।
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अयोध्या दीपोत्सव से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 80 अफसर और 2500 जवान तैनात

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, उत्तर प्रदेश: दीपोत्सव से पहले सुरक्षा इंतजाम पर अयोध्या रेंज के DIG सोमेन वर्मा ने बताया, "दीपोत्सव के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें ट्रैफिक सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था, फायर टेंडर्स, फायर ब्रिगेड हैं। उसके बाद कम से कम 80 अफसरों की तैनाती की गई है, 2500 के ऊपर का पुलिस बल तैनात किया गया है...PAC और CRPF तैनात हैं। रैपिड एक्शन फोर्स हैं। स्पेशल QRT हैं, हमारे ऐसे दस्ते भी हैं जो किसी भी परिस्थिति को संभालने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा NDRF, SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं, CCTV कैमरा लगाए गए हैं... इस तरह से इस कार्यक्रम को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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दमोह के किन्नरों का दीपावली पर खास महत्व, दुकानों में आशीर्वाद से बिक्री बढ़ती

Damoh, Madhya Pradesh:यहां दीवाली के دو دن पहले से देव उठनी एकादशी तक लोग करते है किन्नरों का इंतजार, पुरानी मान्यता आज भी निभा रहे हैं लोग... MP के दमोह में दीपावली में किन्नरों का खास महत्व है और यहां के लोग धनतेरस से देव उठनी एकादशी तक किन्नरों का इंतजार करते है और लोगों की यह इक्षा होती है कि उनकी दुकान में किन्नरों के कदम पड़े और उनके घर आंगन में किन्नर आकर ढोलक की थाप पर नाच गाना करें। दरअसल मान्यता है कि किन्नर शुभ होते है और दीपावली के इस त्यौहार पर उनका आना और उनके आव भगत से मिलने वाली दुआओ से व्यापार बढ़ता है और लोगों के घरों में बरक्कत आती है। दशकों से दमोह के बाजार में दीवाली पर किन्नरों की टोली दुकानों पर जाती है और एक एक दुकान पर उनका स्वागत सत्कार किया जाता है इस प्रक्रिया में धर्म मजहब जाति भी मायने नहीं रखती बल्कि हर एक दुकान में इन किन्नरों का जाना होता है और लोग उन्हें आदर से बैठाते है स्वागत करते है और फिर दान भी देते हैं, इसके साथ ही किन्नर इन दुकानदारों को बदले में सिक्का देते है जो सिक्का दुकानदार अपने गल्ले या तिजोरी में संभाल कर रखते है ठीक ऐसे ही लोगों को घरों में भी इन किन्नरों का स्वागत सत्कार और आदर किया जाता हैं। पिछले कुछ सालों में देश भर में आए किन्नर विवादों और किन्नरों से जुड़ी खबरों का इस इलाके में कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि अब नई पीढ़ी भी इस परंपरा को निभा रही है और युवा कहते है कि वो बचपन से ये देखते आ रहे है और जब उन्होंने अपने माता पिता से पूछा तो जानकारी मिलने के बाद अब वो भी इस मान्यता को निभा रहे है। दमोह के किन्नरों की माने तो ऐसे तो साल भर कभी उनका विवाद लोगों से नहीं होता लेकिन दिवाली के समय जो प्रेम और सम्मान उन्हें एक एक व्यक्ति से मिलता है वो अदभुत रहता है और वो भी अपने शहर के लोगों की तरक्की की कामना करते है।
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