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गोरखपुर में कोलकाता घटना के खिलाफ BRD मेडिकल कॉलेज में हुई हड़ताल
Gorakhpur, Uttar Pradesh:कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और जान लेने के विरोध में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है। उन्होंने पीड़ित को न्याय दिलाने और आरोपियों को सजा देने की मांग की। इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन OPD सेवाएं तब तक ठप रहेंगी जब तक न्याय नहीं मिलता।
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हाथरस में संदिग्ध हालात में दूध पीने से मासूम की मौत, पिता व दूसरा बेटा गंभीर
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस गेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खंदारी गढ़ी में गुरुवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में दूध पीने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में एक 5 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़े भाई की हालत गंभीर होने पर उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय दानिश अलीगढ़ रोड स्थित एक जूते के शोरूम में नौकरी करता है। वह करीब आठ दिन पहले ही अपनी पत्नी काजल और दो बच्चों के साथ मोहल्ला खंदारी गढ़ी में किराए का मकान लेकर रहने आया था। गुरुवार रात परिवार ने दूध पिया था। दूध पीने के कुछ ही देर बाद दानिश और उसके दोनों बेटों—पांच वर्षीय आंशू तथा छह वर्षीय सोहेब की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तीनों को तेज उल्टियां होने लगीं। आनन-फानन में परिवार और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात करीब डेढ़ बजे पांच वर्षीय आंशू की मौत हो गई। वहीं, दानिश और सोहेब की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अचानक इस तरह तबीयत बिगड़ने से मोहल्ले में सनसनी फैल गई है। आशंका जताई जा रही है कि दूध में कोई जहरीला पदार्थ या मिलावट हो सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही शुक्रवार सुबह हाथरस गेट कोतवाली पुलिस मोहल्ला खंदारी गढ़ी पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। मामले पर जानकारी देते हुए सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने बताया कि मृतक बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस को अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और अन्य आशंकाओं का खुलासा हो सकेगा।0
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रतलाम से धार-झाबुआ तक करोडों के गांजा खेत, माफिया डिमांड क्या बड़ी?
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम से लेकर धार झाबुआ तक अवैध गांजा खेतों में उगाया जा रहा, वह भी करोडों की गांजा खेती। आखिर क्यों अवैध खेती करोडों की हो रही है, क्या माफिया डिमांड तो नहीं बनी?0
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जोधपुर के बालेसर में पंचायत चुनाव: सरपंच-वार्ड पंच के नामांकन और नाम वापसी शुरू
Jodhpur, Rajasthan:बालेसर जोधपुर पंचायत राज चुनाव के पहले चरण में आज सरपंच और वार्ड पंच के लिए नामांकन और नाम वापसी का दिन. सरपंच एवं वार्डपंच के नामांकन जमा कराने की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से प्रारंभ, सरपंच प्रत्याशियों ने आज जमा किए नामांकन, 2 बजे तक नाम वापसी का समय, नाम वापसी के बाद 3 बजे तक होगा चुनाव चिन्ह आवंटित, कल होगा मतदान और शाम तक परिणाम होगा घोषित, सोमेसर ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए सुआ कंवर, आदिति जैन, पुष्प कंवर और हरु देवी ने किया नामांकन पेश।0
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अयोध्या में छत्रपति शिवाजी महाराज की 17 फीट ऊँची प्रतिमा की तैयारी तेज
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या के गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। महबूबगंज बाजार के पास साईं बाबा कॉलेज ऑफ फार्मेसी परिसर में प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। आयोजकों के मुताबिक, 27 दिसंबर 2026 को होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रेस वार्ता में डॉ. सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि कुशल कारीगरों द्वारा प्रतिमा का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जमीन से प्रतिमा की ऊंचाई करीब 17 फीट होगी। प्रतिमा स्थापना से पहले गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र और अयोध्या जनपद के विभिन्न गांवों में माटी यात्रा निकाली जाएगी। इसके तहत गांव-गांव से मिट्टी एकत्र की जाएगी, ताकि ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। आयोजकों ने बताया कि प्रतिमा स्थापना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुझाव और आशीर्वाद भी प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम की स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।0
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मुज़फ्फरनगर में भाकियू धरना, गन्ना भवन के गेट बंद; टिकैत पंचायत की तैयारी
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग मुज़फ्फरनगर डीएम कार्यालय पर भाकियू का धरना प्रदर्शन लखनऊ गन्ना भवन का गेट बंद करने पर गुस्साए किसान राकेश टिकैत क़ो गन्ना भवन मे करनी थी पंचायत पंचायत से पहले ही गन्ना भवन का गेट कर दिया गया था बंद टिकैत ने प्रदेश मे डीएम कार्यालयों पर धरने का किया था ऐलान किसानो का ऐलान डीएम क़ो नहीं दिया जायेगा दफ्तर मे बैठने गन्ने के रेट व MSP क़ानून बनाने की कर रहे है माँग0
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हाथरस के बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के अर्णव शर्मा बने 'इंडिया जीनियस' के नेशनल टॉपर
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल, की कक्षा आठवीं के छात्र अर्णव शर्मा ने 'इंडिया जीनियस अवॉर्ड्स (IGA) ओलंपियाड 2026' में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 8.75 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था, जिनके बीच अर्णव ने 'इंडिया जीनियस' का राष्ट्रीय खिताब हासिल किया। लखनऊ में आयोजित 13वें इंडिया जीनियस अवॉर्ड समारोह 2026 में अर्णव शर्मा को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता हरिश चंद्र श्रीवास्तव, भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक गुप्ता, समाजसेवी राहुल सेन सतसेना, दंत चिकित्सक डॉ. गोविंद जायसवाल और सत्य प्रकाश त्रिपाठी उपस्थित रहे।बीएलएस ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन बी.एल. शर्मा ने अर्णव शर्मा की राष्ट्रीय सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में छात्र की माता और नानी भी उपस्थित रहीं। विद्यालय की प्रधानाचार्या विद्या प्रतीक बाटकक्के ने कहा कि अर्णव का समर्पण और निरंतर प्रयास अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भी IGA ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर साइकिल, स्मार्ट वॉच, टैबलेट तथा पदक जीते हैं। IGA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था का उद्देश्य देश भर की प्रतिभाओं को पहचानना और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाना है।0
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कल्वण में एक ही समय में तीन बिबटों का वावर, CCTV में कुत्ते को उठाते देखा गया
Nashik, Maharashtra:कळवण तालुक्यातील भेंडी परिसरात एकाच वेळी तीन बिबट्यांचा वावर सुरू झाला. कुत्र्याला उचलून घेऊन जात असतानाची घटना CCTV कॅमेर्यात कैद झाली आहे. कळवण तालुक्यातील भेंडी येथील बेज फाटा शिवारात बिबट्यांचा वावर पुन्हा एकदा समोर आला असून, एकाच वेळी तीन बिबटे दिसल्याने परिसरातील शेतकरी आणि नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण निर्माण झाले आहे. विशेष म्हणजे, शेतातील कुत्र्याला बिबट्याने उचलून नेल्याची घटना सीसीटीव्ही कॅमेऱ्यात कैद झाली आहे. शेतीची कामे, पिकांना पाणी देणे आणि इतर कामांसाठी शेतकऱ्यांना अनेकदा रात्री-अपरात्री शेतात जावे लागते. अशा परिस्थितीत शेतशिवारात बिबट्यांचा वावर असल्याने शेतकरी, शेतमजूर आणि शेतात वास्तव्यास असलेल्या नागरिकांच्या सुरक्षिततेचा प्रश्न गंभीर बनला आहे. बिबट्यांच्या वाढत्या हालचालीमुळे नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण असून, संभाव्य धोका टाळण्यासाठी वनविभागाने तातडीने उपाययोजना कराव्यात, अशी मागणी परिसरातील शेतकऱ्यांकडून होत आहे.0
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फरीदाबाद पुलिस ने चोरी हुए 20 मोबाइल लौटाए, CIEF पोर्टल से बरामद
Faridabad, Haryana:फरीदाबाद पुलिस ने चोरी हुए करीब 20 मोबाइलों को CIEF पोर्टल की मदद से सकुशल बरामद कर उनके मालिकों को वापस कर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटने का काम किया है। बल्लभगढ़ एसीपी अशोक वर्मा ने बताया कि करीब 20 मोबाइल बल्लभगढ़ इलाके से चोरी हुए थे, इसके बाद मोबाइल के मालिकों ने CIEF पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पोर्टल की मदद से उन सभी 20 मोबाइलों को बरामद कर उनके मालिकों को आज वापस लौटने का काम किया है। मौलिक जानकारी के अनुसार चावला कॉलोनी निवासी सोनवीर ने एसीपी अशोक वर्मा सहित फरीदाबाद पुलिस का धन्यवाद किया। सोनवीर ने बताया कि उनका मोबाइल 12 अक्टूबर को बल्लभगढ़ मंडी से चोरी हुआ था जिसके बाद उसने मोबाइल चोरी की शिकायत (सीआईईएफ) पोर्टल पर दर्ज कराई, जिस पर फरीदाबाद पुलिस ने लगभग 12 दिन बाद मोबाइल को सकुशल बरामद कर लिया है और आज उन्हें वापस कर दिया है; इसके लिए फरीदाबाद पुलिस और एसीपी अशोक वर्मा का बहुत-बहुत धन्यवाद।0
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भारतीय यात्रियों के लिए कॉर्डिलिया स्काई क्रूज़: समुद्र के बीच लग्जरी अनुभव शुरू
Mumbai, Maharashtra:नोट- इस फीड को आर्काइव कर दें . फीड नेम - Ashwin_cordelia_sky कॉर्डिलिया स्काई समंदर के बीच चलता-फिरता शहर, लग्जरी से लेकर मनोरंजन और शॉपिंग तक का पूरा इंतजाम समंदर के बीच छुट्टियां बिताने का अनुभव कैसा होता है, इसकी एक झलक कॉर्डिलिया स्काई पर देखने को मिलती है। यहां लग्जरी केबिन, प्रीमियम सुइट, नौ रेस्टोरेंट, स्विमिंग पूल, थिएटर, लाइव म्यूजिक, शॉपिंग, स्पा, सैलून, कैसिनो और बच्चों के लिए खास गेमिंग जोन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। जहाज पर यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखते हुए कई तरह के अनुभव तैयार किए गए हैं। कॉर्डिलिया क्रूज़ेस के CFO निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, कंपनी का उद्देश्य भारतीय यात्रियों को समुद्र के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कॉर्डिलिया स्काई के टॉप डेक से रिसेप्शन तक, लग्जरी का अनुभव कॉर्डिलिया स्काई के टॉप डेक से जहाज के रिसेप्शन एरिया का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। आकर्षक इंटीरियर और व्यवस्थित डिजाइन के साथ यह जगह यात्रियों का स्वागत करती है। निशिकांत उपाध्याय ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2025 में इस जहाज को खरीदा था। इससे पहले यह विदेश में सेवाएं दे रहा था। अब इसे भारतीय यात्रियों के लिए क्रूज़ अनुभव का हिस्सा बनाया गया है। एक हजार केबिन, करीब 2400 यात्रियों की क्षमता कॉर्डिलिया स्काई को एक चलते-फिरते शहर की तरह विकसित किया गया है। निशिकांत उपाध्याय के मुताबिक, जहाज में करीब एक हजार केबिन हैं, जिनमें 260 प्रीमियम कैटेगरी के केबिन शामिल हैं। जहाज में लगभग 2400 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है, जबकि संचालन और यात्रियों की सेवा के लिए करीब 800 कर्मचारी मौजूद रहते हैं। अलग-अलग हिस्सों में फैली सुविधाओं के कारण यात्रियों को खाने, मनोरंजन और आराम के लिए कई विकल्प मिलते हैं। चेयरमैन सुइट समुद्र के सामने निजी जकूजी और लग्जरी बेडरूम कॉर्डिलिया स्काई के सबसे प्रीमियम विकल्पों में चेयरमैन सुइट शामिल है। जहाज पर ऐसे चार सुइट मौजूद हैं। निशिकांत उपाध्याय ने इस सुइट की सुविधाएं दिखाते हुए बताया कि इसमें अलग लिविंग एरिया, लग्जरी बेडरूम, बड़ा वॉर्डरोब, वॉशरूम और बार काउंटर जैसी सुविधाएं हैं। लिविंग रूम और बेडरूम के बीच मौजूद पार्टिशन को खोलकर दोनों हिस्सों को आपस में जोड़ा जा सकता है। लिविंग एरिया में मौजूद सोफे को जरूरत के मुताबिक सोने की जगह में भी बदला जा सकता है। हर बजट के लिए केबिन और नौ रेस्टोरेंट में अलग-अलग स्वाद कॉर्डिलिया स्काई पर यात्रियों के लिए अलग-अलग बजट की केबिन कैटेगरी मौजूद हैं। लोअर रेंज से लेकर मिड-रेंज और हाई-रेंज तक के विकल्पों के जरिए यात्री अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से कमरे चुन सकते हैं। खाने-पीने के लिए जहाज पर नौ रेस्टोरेंट मौजूद हैं। यहाँ भारतीय भोजन, जैन फूड, नॉन-वेज और जापानी व्यंजनों सहित अलग-अलग तरह के खाने के विकल्प मिलते हैं। लाइब्रेरी में किताबें, सुकून और पढ़ने के लिए खास जगह कॉर्डिलिया स्काई पर मनोरंजन और गतिविधियों के बीच शांत समय बिताने के लिए लाइब्रेरी भी मौजूद है। यहाँ हिंदी और अंग्रेजी की किताबों के साथ बच्चों की उम्र और रुचि के मुताबिक अलग-अलग तरह की किताबें रखी गई हैं। फोटो गैलरी सफर की यादों को घर ले जाने का इंतजाम जहाज पर यात्रियों के लिए फोटो गैलरी भी है। क्रूज़ के अलग-अलग हिस्सों में फोटोग्राफर्स द्वारा खींची गई तस्वीरें यहां से हासिल की जा सकती हैं। यात्रियों के लिए डिजिटल कॉपी और हार्ड कॉपी लेने की सुविधा उपलब्ध है। चेयरमेन क्लब और लाइव ऑर्केस्ट्रा में पार्टी का माहौल कॉर्डिलिया स्काई पर परिवार के साथ समय बिताने और खास समारोह आयोजित करने के लिए चेयरमैन क्लब मौजूद है। इसके पास ही लाइव ऑर्केस्ट्रा और डांस फ्लोर की व्यवस्था है। शादी समारोह, मेहंदी की रस्म और दूसरे पारिवारिक आयोजनों के लिए भी इन जगहों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कैसिनो भी मनोरंजन का एक अतिरिक्त विकल्प कॉर्डिलिया स्काई पर कैसिनो भी मौजूद है, जिसका इंटीरियर और रॉयल लुक आकर्षित करता है। कंपनी का मुख्य कारोबार क्रूज़िंग है, कैसिनो चलाना नहीं। इसलिए इसके संचालन की जिम्मेदारी थर्ड पार्टी वेंडर को दी गई है। स्पा और सैलून में आराम, साथ में समंदर का नजारा स्पा और सैलून की व्यवस्था बड़ी गतिविधियों के बाद आराम के लिए है। स्पा और सैलून के बाहर से समंदर का नजारा भी दिखाई देता है। बच्चों के लिए स्प्लैश एकेडमी और आर्केड गेमिंग जोन बच्चों के लिए स्प्लैश एकेडमी नाम का खास जोन बनाया गया है। तीन से 11 वर्ष के बच्चों के लिए ड्रॉइंग, कलरिंग और खेल-कूद जैसी गतिविधियां होती हैं। पेरेंट-फ्री जोन है और एक घंटे तक मुफ्त देखरेख सुविधा भी उपलब्ध है। इसी के पास आर्केड गेमिंग जोन भी मौजूद है। अंशु आहूजा ने बताया कि उनके बच्चे पिछले दो दिन से अलग-अलग गेम्स का आनंद ले रहे हैं। शShopिंग शोरूम में ज्वेलरी, बैग और गिफ्टिंग के विकल्प जहाज के शोरूम में ज्वेलरी, बैग और दूसरी चीजों का कलेक्शन मौजूद है। यात्री अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए शॉपिंग करते हैं और बजट के मुताबिक विकल्प मिलते हैं। यात्रियों ने बताया अपना अनुभव, दोबारा आने की भी इच्छा यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि वे भविष्य में भी क्रूज़ पर जाना चाहेंगे। 2027 में कॉर्डिलिया सन, क्रूज़ टूरिज्म के विस्तार की तैयारी कॉर्डिलिया स्काई के जरिए कंपनी अपने जहाजों की क्षमता और यात्रियों को उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार कर रही है। 2027 में कॉर्डिलिया सन में विशाल प्रीमियम कैटेगरी के केबिन होंगे। Jagannath पुरी तक क्रूज़ यात्रा पर विचार जारी है। 23 अक्टूबर से कॉर्डिलिया स्काई की कमर्शियल यात्रा की योजना 23 अक्टूबर 2026 से मुंबई से कमर्शियल यात्रा शुरू होगी, गोवा और लक्षद्वीप जैसे स्थलों के लिए क्रूज़ पैकेज होंगे। कोच्चि से कॉर्डिलिया इम्प्रेस परिचालन अक्टूबर 25 से शुरू होगा, मालदीव और श्रीलंका जैसे गंतव्य होंगे। समुद्र के बीच एक छोटा शहर, क्रूज़ टूरिज्म की नई संभावनाएं कॉर्डिलिया स्काई पर करीब एक हजार केबिन, नौ रेस्टोरेंट, प्रीमियम सुइट, स्विमिंग पूल, थिएटर, लाइव म्यूजिक, स्पा, शॉपिंग, कैसिनो और बच्चों के लिए गेमिंग जोन जैसी सुविधाएं एक ही जगह मौजूद हैं। अब सवाल यह है कि क्या समुद्र के रास्ते छुट्टियां मनाना भारत में पर्यटन का एक लोकप्रिय विकल्प बन पाएगा? कॉर्डिलिया स्काई और प्रस्तावित कॉर्डिलिया सन जैसे जहाज, नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स तथा यात्रियों के अनुभव इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कंपनी की विस्तार योजनाओं का वास्तविक असर आने वाले समय में परिचालन, किराये, यात्रियों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं से तय होगा। अश्विनी कुमार पांडेय, ज़ी मीडिया मुंबई .0
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मल्हार के स्कूल मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद छात्राओं का प्रदर्शन जारी
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के प्रदर्शन के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्राओं ने स्कूल के कुछ शिक्षकों पर दुर्व्यवहार, पढ़ाई में लापरवाही और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, एक अक्टूबर 2026 का बताया जा रहा है। एडिशनल कलेक्टर शिव बनर्जी छात्राओं की भाषा पर आपत्ति जताते हुए उन्हें बाहर जाने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं। एडिशनल कलेक्टर शिव बनर्जी का रहे हैं कि तुम लोगों को ऐसे ही ऊंचे टोन में बात करने से भाषा समझ आएगी चलिए बाहर निकलिए। क्या एडिशनल कलेक्टर की यही मर्यादा है कि वह छात्राओं से ऐसी बात करेंगे छात्राओं की शिकायतों के बाद जांच समिति गठित की गई। कलेक्टर की मंजूरी से जिला शिक्षा अधिकारी ने नौ अक्टूबर को आदेश जारी कर प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला सहित तीन शिक्षकों को अलग-अलग स्कूलों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।हालांकि, इस कार्रवाई से असंतुष्ट छात्राओं ने दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि संबंधित शिक्षकों को निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक संजय दुबे पर अभद्र भाषा और अश्लील टिप्पणी, गणित व्याख्याता काजल सोन पर पढ़ाई नहीं कराने और एक्सपायरी सैनिटरी पैड बांटने, जबकि एएफ प्रभारी शिक्षिका संगीता यादव पर रिकॉर्ड और राशि के हिसाब में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इधर, प्राचार्य कल्याण संघ और प्राचार्य मंच शिक्षकों के समर्थन में उतर आए हैं। संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि संबंधित प्राचार्य का पक्ष सुने बिना एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अब सबकी नजर जांच के निष्कर्ष और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।0
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वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च: विभाग ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी
Jaipur, Rajasthan:काशीराम चौधरी ओवरलोड रोकने के नाम पर 21 करोड़ की फिजूलखर्ची, जी मीडिया की खबर के बाद रिपोर्ट तलब! - परिवहन विभाग में PWM मशीनों की खरीद मामला, मुख्यालय ने सभी जिलों से PWM मशीनों के उपयोग और मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी - किसी भी जिले में उपयोग नहीं की जा रही मशीनें, ओवरलोड मापना था उद्देश्य, मशीनें हुई कबाड़ जयपुर। राज्य में ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की योजना अधर में ही अटक गई है। परिवहन उड़नदस्तों के कामकाज को आसान बनाने के लिए उन्हें पोर्टेबल वेइंग मशीनें मुहैया कराई गई थी। लेकिन तकनीकी रूप से अक्षम मशीनें कभी भी उपयोग में ही नहीं आ सकी। इस पूरे मामले का जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को खुलासा किया था। अब परिवहन विभाग ने प्रदेशभर से इन मशीनों के उपयोग को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दरअसल जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को 'वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च, रिजल्ट जीरो!' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रसारित की थी। खबर में बताया था कि विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों का मौके पर वजन मापने और उन पर सख्त कार्रवाई करने के उद्देश्य से विभाग ने वर्ष 2022-22 में 21 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर 179 मशीनें खरीदी थी। पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर विभाग का दावा था कि इन मशीनों को परिवहन विभाग के प्रत्येक उड़नदस्ते को दिया जाएगा। इन मशीनों को उड़नदस्ते के परिवहन निरीक्षक अपनी साथ ही रखेंगे। किसी भी ओवरलोड वाहन को इस मशीन पर चढ़ाने पर उसका वजन किया जा सकेगा। इससे जो वाहन ओवरलोड होंगे, उनके आसानी से चालान किए जा सकेंगे। प्रत्येक वाहन को धर्मकांटे तक ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। लेकिन ये सब दावे कागजी साबित हुए। परिवहन विभाग ने 21 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर इन मशीनों की खरीद तो कर ली, लेकिन ये मशीनें सही मायनों में कभी उपयोग ही नहीं आ सकी। पोर्टेबल वेइंग मशीन घोटाले की गणित - वित्त विभाग ने 179 मशीन खरीद के लिए 27 करोड़ का फंड स्वीकृत किया - परिवहन विभाग ने मार्च 2022 में कम्पनी को 21.26 करोड़ का भुगतान किया - वर्ष 2022 में उड़नदस्तों को फील्ड में मशीनें मुहैया कराई गई - लेकिन मशीनें POS मशीनों से इंटिग्रेट नहीं की गई, न वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया - कम्पनी को 3 वर्ष की वारंटी, मेंटिनेंस और तकनीकी सहायता देनी थी - लेकिन इन शर्तों की पालना में भी कम्पनी पूरी तरह फेल रही वेइंग मशीनों को लेकर जांच शुरू जी मीडिया द्वारा 11 अगस्त को खुलासा किए जाने के बाद परिवहन मुख्यालय ने एक बार फिर पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब परिवहन मुख्यालय ने प्रत्येक RTO-DTO को पत्र भेजकर मशीनों के वास्तविक उपयोग और मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है。 अब मुख्यालय ने मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट - प्रत्येक RTO-DTO को आवंटित मशीन व उपलब्ध मशीनों की संख्या - उड़नदस्तों ने कितनी बार मशीन का उपयोग किया, इसकी संख्या - मशीन से बनाए ओवरलोड के चालान व जुर्माना राशि का विवरण - मशीनों के उपयोग का माहवार रिकॉर्ड, लॉगबुक-रजिस्टर की जानकारी मांगी - उपयोग नहीं ली जा रही मशीनों की संख्या, उपयोग नहीं करने के कारण - मशीनों में पाई गई तकनीकी खराबी, वारंटी, शिकायत की स्थिति - मशीन उपयोग के लिए कार्यालय स्तर पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी वजन सही नहीं मापा, इसलिए नहीं बने चालान परिवहन विभाग को जिन कुछ आरटीओ-डीटीओ से तथ्यात्मक जवाब मिले हैं, उनमें कहा गया है कि मशीन द्वारा ओवरलोड वाहनों का वजन सही नहीं बताया गया। मशीन में बताए गए वजन और धर्मकांटे पर किए गए वजन में काफी अंतर पाया गया। इससे ओवरलोड वाहनों के बहुत कम चालान किए गए। इस कारण उड़नदस्तों ने ज्यादातर मशीनों का उपयोग करना ही बंद कर दिया। इस कारण प्रदेशभर में लगभग सभी मशीनें अब स्टोर रूम में कबाड़ बनकर शोभा बढ़ा रही हैं।0
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फलोदी जिले के सरपंच प्रत्याशीयों ने नामांकन दाखिल
Jodhpur, Rajasthan:फलोदी सरपंच प्रत्याशीयो ने किये नामांकन फलोदी जिलेभर के सरपंच प्रत्याशीयों ने अपने ग्राम पंचायत कार्यालय में नामांकन किये दाखिल。 ग्राम पंचायत कार्यालय के आगे रहा मेले से माहौल। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल रहा तैनात。0
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21 करोड़ की फिज़ूलखर्ची: PWM वेइंग मशीनें बेकार, रिपोर्ट मांगी गई
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - 21 करोड़ की फिजूलखर्ची, रिपोर्ट तलब! - परिवहन विभाग में PWM मशीनों की खरीद मामला - मुख्यालय ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट - PWM मशीनों के उपयोग और मौजूदा स्थिति - किसी भी जिले में उपयोग नहीं की जा रही मशीनें - ओवरलोड मापना था उद्देश्य, मशीनें हुई कबाड़ एंकर राज्य में ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने की योजना अधर में ही अटक गई है। परिवहन उड़नदस्तों के कामकाज को आसान बनाने के लिए उन्हें पोर्टेबल वेइंग मशीनें मुहैया कराई गई थी। लेकिन तकनीकी रूप से अक्षम मशीनें कभी भी उपयोग में ही नहीं आ सकी। इस पूरे मामले का जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को खुलासा किया था। अब परिवहन विभाग ने प्रदेशभर से इन मशीनों के उपयोग को लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। वीओ- 1 जी मीडिया ने 11 अगस्त 2026 को 'वेइंग मशीनों पर 21 करोड़ खर्च, रिजल्ट जीरो!' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रसारित की थी। खबर में बताया था कि विभाग द्वारा ओवरलोड वाहनों का मौके पर वजन मापने और उन पर सख्त कार्रवाई करने के उद्देश्य से विभाग ने वर्ष 2022-22 में 21 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर 179 मशीनें खरीदी थी। पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर विभाग का दावा था कि इन मशीनों को परिवहन विभाग के प्रत्येक उड़नदस्ते को दिया जाएगा। इन मशीनों को उड़नदस्ते के परिवहन निरीक्षक अपने साथ ही रखेंगे। किसी भी ओवरलोड वाहन को इस मशीन पर चढ़ाने पर उसका वजन किया जा सकेगा। इससे जो वाहन ओवरलोड होंगे, उनके आसानी से चालान किए जा सकेंगे। प्रत्येक वाहन को धर्मकांटे तक ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी। लेकिन ये सब दावे कागजी साबित हुए। परिवहन विभाग ने 21 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर इन मशीनों की खरीद तो कर ली, लेकिन ये मशीनें सही मायनों में कभी उपयोग ही नहीं आ सकी। Gfx In पोर्टेबल वेइंग मशीन घोटाले की गणित - वित्त विभाग ने 179 मशीन खरीद के लिए 27 करोड़ का फंड स्वीकृत किया - परिवहन विभाग ने मार्च 2022 में कम्पनी को 21.26 करोड़ का भुगतान किया - वर्ष 2022 में उड़नदस्तों को फील्ड में मशीनें मुहैया कराई गई - लेकिन मशीनें POS मशीनों से इंटिग्रेट नहीं की गई, न वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया - कम्पनी को 3 वर्ष की वारंटी, मेंटिनेंस और तकनीकी सहायता देनी थी - लेकिन इन शर्तों की पालना में भी कम्पनी पूरी तरह फेल रही Gfx Out वीओ- 2 जी मीडिया द्वारा 11 अगस्त को खुलासा किए जाने के बाद परिवहन मुख्यालय ने एक बार फिर पोर्टेबल वेइंग मशीनों को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब परिवहन मुख्यालय ने प्रत्येक RTO-DTO को पत्र भेजकर मशीनों के वास्तविक उपयोग और मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी है। Gfx In अब मुख्यालय ने मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट - प्रत्येक RTO-DTO को आवंटित मशीन व उपलब्ध मशीनों की संख्या - उड़नदस्तों ने कितनी बार मशीन का उपयोग किया, इसकी संख्या - मशीन से बनाए ओवरलोड के चालान व जुर्माना राशि का विवरण - मशीनों के उपयोग का माहवार रिकॉर्ड, लॉगबुक-रजिस्टर की जानकारी मांगी - उपयोग नहीं ली जा रही मशीनों की संख्या, उपयोग नहीं करने के कारण - मशीनों में पाई गई तकनीकी खराबी, वारंटी, शिकायत की स्थिति - मशीन उपयोग के लिए कार्यालय स्तर पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी Gfx Out क्लोजिंग पीटीसी- काशीराम चौधरी0
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भजनलाल सरकार के 34 महीने: किसानों की सौगातों की गहलोत से तुलना
Jaipur, Rajasthan:भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के पांच साल और अपने चौंतीस महीने के कार्यकाल के विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है खेती किसानी से लेकर सिंचाईं तक के क्षेत्र में सरकार ने अपने कामकाज का पूरा ब्यौरा सामने रखा है, जिसमें चौंतीस महीने के कार्यकाल को पांच साल पर भारी करार दिया गया है वीओ गहलोत के पांच साल पर भजनलाल सरकार के चौंतीस महीने भारी पड़ रहे हैं भजनलाल सरकार ने किसानों को दी गई सौगातों का रिपोर्ट कार्ड जारी कर पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर हमला बोला है सरकार का दावा है कि गहलोत सरकार के मुकाबले उसने नहरी तंत्र की मजबूती, किसानों को दी जा रही सब Subsidy, फॉर्म पौंड निर्माण, खेतों पर तारबंदी, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों की स्थापना, फव्वारा संयंत्रों की सब Subsidy, शेडनेट हाउस, सोलर पंप सेट्स, पशु चिकित्सालयों के क्रमोन्नयन के साथ स्वामित्व कार्ड के वितरण में गहलोत सरकार से कहीं ज्यादा बेहतर काम करके दिखाया है ग्राफिक्स खेती,किसानी,नहरी तंत्र,पशुपालन भाजपा सरकार की अब तक की उपलब्धि गहलोत सरकार ने पांच साल में किया गुणांक नहरी तंत्र से सृजित सिंचाई सुविधा 1 लाख 42 हजार हैक्टर 52 हजार 182 हैक्टर पौने तीन गुना ज्यादा पाइपलाइन से सब्सिडी से लाभान्वित किसान 98 हजार 753 91हजार 582 - फॉर्म पौंड 35 हजार 893 29 हजार 430 सवा गुना फॉर्म पौंड 369 करोड़ रूपये 202 करोड़ पौने दो गुना खेतों पर तारबंदी 445 लाख मीटर 113 लाख मीटर चार गुना तारंबदी पर किसानों को सब्सिडी 511 करोड़ रूपये 113 करोड़ रूपये साढ़े चार गुना ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों की स्थापना 3 लाख 10 हजार हैक्टर 1 लाख 83 हजार हैक्टर पौने दो गुना ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर संयत्रों पर सब्सिडी 1 हजार 304 करोड़ रूपये 842 करोड़ रूपये डेढ़ गुना फव्वारा संयंत्रों पर सब्सिडी 393 करोड़ रूपये 238 करोड़ रूपये डेढ़ गुना शेडनेट हाउस 10 लाख 91 हजार वर्ग मीटर 8 लाख 60 हजार वर्ग मीटर सवा गुना शेडनेट हाउस पर दी गई सब्सिडी 45 करोड़ रूपये 15.78 करोड़ रूपये पौने तीन गुना सोलर पंप सेट की स्थापना 67 हजार 408 63 हजार 140 - बहु उद्धेशीय पशु चिकित्सालय क्रमोन्नयन 55 13 सवा चार गुना पशु चिकित्सालय ka प्रथम श्रैणी में क्रमोन्नयन 117 36 सवा तीन गुना स्वामित्व कार्ड वितरण 16 लाख 77 हजार 1 लाख 75 हजार साढे नौ गुना बाइट भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री वीओ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आंकड़ों के दम पर कांग्रेस को जनसभाओं से लेकर विधानसभा तक में ललकारते रहे हैं पर कांग्रेस इस मुददे पर हमेशा बहस से बचती रही है ऐसे में एक बार फिर भजनलाल सरकार ने किसानों को दी गई सौगातों का जिक्र कर कांग्रेस को चारों खाने चित्त कर दिया है कांग्रेस से इस मामले में जवाब देते नहीं बन रहा बाबूलाल धायल जी मीडिया जयपुर0
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लखीमपुर खीरी मितौली में मतदान केंद्र पर समाजवादी-बीजेपी में भारी टकराव
Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के मितौली में मतदान केंद्र में प्रवेश को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में जमकर नोकझोक हुई । मामले में मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग कर मामला शांत कराया। लखीमपुर खीरी MLC चुनाव में 12 बजे तक शिक्षक 33.9 % जबकि स्नातक 18.7% मतदान हुआ है जैसे जैसे समय बीत रहा है वैसे मतदाताओं को संख्या बढ़ रही है।0
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