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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow23 Jan 2025, 02:38 am

Gorakhpur - गांव के युवक पर दुष्कर्म व वीडियो वायरल करने का आरोप

Khajani, Uttar Pradesh:

थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी लगभग 16 वर्षीय लड़की ने अपने गांव के निवासी युवक पर दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन कई बार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है. अपने भाई और मां के साथ थाने में पहुंची पीड़िता ने घटना की शिकायत दर्ज कराई है.जानकारी के अनुसार गांव के निवासी युवक ने युवती को अपने जाल में फंसाने की नियत से पहले उसे मोबाइल फोन दिया और उससे बातचीत किया करता था.इस बीच मौका पाकर एक दिन उसने खेत की तरफ जा रही लड़की का हाथ पकड़ कर जबरन खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया.आरोप है कि उसने घटना का वीडियो भी बना लिया है तथा पीड़िता का वीडियो वायरल करने व गांव वालों को दिखाने की धमकी देकर युवक ने लड़की से कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

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छठ त्योहार के दौरान बिहार आने वालों के लिए रेलवे को अधिक ट्रेनें चाहिए

Patna, Bihar:छठ पर्व को लेकर बिहार आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है, दिल्ली-मुंबई रूट से बिहार आने वाली कई नियमित ट्रेनों में सीटें फुल हो गई हैं और नो रूम की स्थिति बन गई है, करीब 70 हजार यात्रियों ने वेटिंग टिकट कराया है। छठ पर दिल्ली, मुंबई समेत दूसरे शहरों से करीब 3 लाख लोगों के बिहार आने का अनुमान है , यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे को 125 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत बताई जा रही है। संपूर्ण क्रांति, ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल, विक्रमशिला और गरीब रथ समेत कई ट्रेनों में नवंबर की तारीखों पर टिकट उपलब्ध नहीं हैं। पटना से दिल्ली रूट पर रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं ऐसे में त्योहार से पहले टिकट को लेकर दबाव बढ़ गया है, छठ से करीब एक सप्ताह पहले बिहार आने और त्योहार के बाद करीब 10 दिनों तक वापस लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से वेटिंग और बढ़ने की संभावना है ऐसे मैं रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है किसी भी तरीके से यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए ताकि यात्रा करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े
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महासमुंद में 24 घंटे से भारी बारिश, जल-नालों में उफान

Mahasamund, Chhattisgarh:लोकेशन -महासमुंद ब्रेकिंग न्यूज़ महासमुंद में 24 घंटे से आफत की बारिश, नदी-नाले उफान पर। बंगाल की खाड़ी के गहरे अवदाब का जिले में दिख रहा असर। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। आज रात गरज-चमक के साथ तेज बौछार और आकाशीय बिजली की आशंका। ठंडी हवाओं के साथ तापमान गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। शनिवार दोपहर बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना। रविवार से मौसम में सुधार और सोमवार से पूरी तरह शुष्क मौसम के आसार। महासमुन्द, छत्तीसगढ़ में आज बारिश की संभावना दिन में 86% और रात में 75% बनी हुई है, तथा वर्तमान में 25°C तापमान और 9 mph की रफ्तार से उत्तर-पूर्वी हवा के साथ भारी बारिश (heavy rain) की स्थिति दर्ज है।
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बोकारो के तेलो में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चंद्रपुरा के तेलों से सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता होगी। गाँव वाले सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर पाएंगे। बिजली कट से ग्रामीणों को निजात मिलेगी तथा वे बिजली उत्पादन कर सरकार को बेच أيضاً सकते हैं। डीडीसी ने घोषणा की और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया। बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के पश्चिम, मध्य और पूर्वी तेलो पंचायत में जल्द सौर आधारित बिजली उत्पादन शुरू होगा। पहले इस योजना से एक हजार घरों को जोड़ा जाएगा, फिर तीन हजार घरों को और फिर पूरे क्षेत्र को। यह प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत किया जाएगा जिसमें चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो को पूर्ण रूप से अच्छादित कर आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य है। तेलो दुर्गा मंदिर तथा हनुमान प्रतिमा स्थल परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्तShatabdi Majumdar ने कहा कि तेलो के सभी आम जनों के सामूहिक प्रयास से ही तेलो को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। टीम भावना के साथ ही कार्य करने पर तेलो पूरे भारत में सौर उत्पादक पंचायत बन सकता है; हर घर बिजली उत्पादन कर सरकार को बिजली देगी, जिससे यहाँ के लोगों का सामाजिक एवं आर्थिक विकास होगा, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा। इस दौरान प्रखंड के बीडीओ, सीओ सहित बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बाइट — शताब्दी मजूमदार, उप विकास आयुक्त, बोकारो。
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पराली रोकथाम के लिए हरियाणा ने किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया

Chandigarh, Chandigarh:मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन चंडीगढ़, 24 सितंबर- हरियाणा सरकार ने धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर ‘पराली संरक्षण बल’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह बल पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी और रोकथाम के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, देर शाम और रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी तथा खेतों में आग की घटनाओं की निगराणी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहाँ पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में राज्य कार्य योजना की समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राज्य में पराली प्रबंधन और निगरानी के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्य योजना के तहत गठित ‘पराली संरक्षण बल’में पुलिस कर्मियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, नोडल एवं क्लस्टर अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। यह बल जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्य करेगा तथा खेतों में आग लगने की घटनाओं की निगरानी करने के साथ-साथ पराली जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार ने बताया कि देर शाम गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि कुछ किसानों द्वारा उपग्रहों की निगरानी से बचने के लिए अंधेरा होने के बाद पराली जलाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है। कार्ययोजना के अनुसार पराली जलाने की प्रत्येक सत्यापित घटना में तीन स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी, चालान किया जाएगा तथा किसान के भूमि रिकॉर्ड में ‘रेड एंट्री’ की जाएगी। इसके साथ ही निर्धारित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि भी संबंधित उल्लंघनकर्ता से वसूल की जाएगी। सरकार द्वारा पराली जलाने के विकल्प उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है। धान की कटाई के कार्यक्रम के अनुसार बेलर, रेकर्स तथा अन्य फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी को विभिन्न जिलों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। सितंबर माह से यमुनानगर, अम्बाला, करनाल और कुरुक्षेत्र में धान की कटाई शुरू होती है, जबकि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद जैसे जिलों में कटाई का कार्य तेज होता है। अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों तथा हरियाणा के आसपास के जिलों में मशीनरी के मालिकों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कटाई के समय आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। पराली प्रबंधन और खेत स्तर पर निगरानी के लिए 8,134 ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राज्य में लगभग 5,600 गांवों में 6,21,285 पंजीकृत धान उत्पादक किसान हैं, जिनके पास लगभग 34.1 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की खेती है। अब तक 6,04,314 किसानों को नोडल अधिकारियों द्वारा कवर किया जा चुका है, जबकि 16,971 किसानों को अभी कवर किया जाना बाकी है। निगरानी व्यवस्था के तहत सामान्य गांवों में एक नोडल अधिकारी को अधिकतम 100 किसानों तथा হॉटস্পॉट गांवों में अधिकतम 50 किसानों से जोड़ा जाएगा। नोडल अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में सक्रिय आग की लोकेशन की सूचना देंगे तथा यह भी दर्ज करेंगे कि संबंधित किसान फसल अवशेष का प्रबंधन खेत में ही करने, खेत से बाहर निकालकर करने या चारे के रूप में उपयोग करने जैसी विधियों से कर रहे हैं या नहीं। मोबाइल एप पर दर्ज सक्रिय आग की घटनाओं पर पराली संरक्षण बल द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने ड्रोन आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुरूप राज्य में ‘दृश्य’ के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। उपायुक्तों को पहले से उन गांवों और स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारियों को सीएक्यूएम और NRSE द्वारा खेतों में जले हुए क्षेत्र का आकलन करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। अधिकारियों को केन्द्र सरकार द्वारा विकसित ‘भूवन’ एप के माध्यम से निर्धारित स्थानों का सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्ययोजना के तहत सरकारी और पंचायत भूमि की पहचान कर वहां पराली से तैयार गांठों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। पराली का उपयोग करने वाले उद्योगों के साथ समन्वय कर भंडारण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिला स्तर पर आपूर्ति श्रंृखला की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। इसके तहत बेलिंग, पेलेटिंग, ब्रिकेटिंग और स्टोरेज की उपलब्ध सुविधाओं को चिह्नित करके किसानों को पराली का उपयोग करने वाले अंतिम उपभोक्ता उद्योगों से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार द्वारा पराली जलाने के दुष्प्रभावों और फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों के बारे में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक गांव और ब्लॉक स्तर पर 646 शिविर, संवाद कार्यक्रम एवं प्रदर्शन आयोजित किए जा चुके हैं, इनमें 23 हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में 370 जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जिनमें 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन कोParali जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए निगरानी, प्रवर्तन, मशीनरी की उपलब्धता तथा किसानों के साथ निरंतर संवाद और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन और व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमों का प्रभावी अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए।
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2047 का Developed भारत: बच्चों ने ड्रॉ और भाषण से सपना प्रदर्शित किया

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले में बच्चों की कल्पना में 2047 का विकसित भारत नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘मेरे सपनों का भारत–सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला संयोजक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की प्रस्तुतियां देखीं। बेरला, गोंडगिरी, सरदा और बेमेतरा के स्कूलों में विद्यार्थियों ने ड्रॉइंग, भाषण और रंगोली के जरिए विकसित भारत की अपनी कल्पना पेश की। किसी चित्र में आधुनिक तकनीक और एआई का भारत दिखा, तो किसी ने स्वच्छ पर्यावरण, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल सुविधाओं, मजबूत कृषि और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर उकेरी। कल्पना योगेश तिवारी ने बच्चों की रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे。
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कटिहार रेल मंडल में स्वच्छता पखवाड़ा से शुरू हुआ प्लास्टिक मुक्त स्टेशन अभियान

Katihar, Bihar:कटिहार रेल मंडल ने चलाया स्वच्छता पखवाड़े के तहत महाअभियान कटिहार रेल मंडल के तहत 108 स्टेशन और 20 हाल्टों पर चल रहा है स्वच्छता पखवाड़ा कटिहार रेल मंडल में 1500 सीटीयू ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और होंगी सफाई सभी चिह्नित स्थलों पर 17 सितंबर से लगातार गहन सफाई अभियान, समापन 02 अक्टूबर को होगा सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बहिष्कार का संदेश स्टेशनों पर कुल्हड़ के उपयोग को बढ़ावा रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाने का सुझाव; वेंडरों, कर्मियों और यात्रियों में जागरूकता पर जोर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष स्वच्छता अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर आगामी 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान के तहत कटिहार मंडल में प्रतिदिन विभिन्न स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम किरेन्द्र नरह ने बताया कि पखवाड़े के तहत रेलवे स्टेशनों, रेल परिसरों और ट्रेनों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे का पूरा प्रयास है कि क्लीन स्टेशन और क्लीन ट्रेन के संकल्प को पूरी तरह धरातल पर उतारा जाए। 17 सितंबर को स्वच्छता की शपथ के साथ इसकी शुरुआत की गई थी और 2 अक्टूबर तक हर दिन अलग-अलग गतिविधियां निर्धारित हैं। डीआरएम किरेन्द्र नरह ने आगे बताया कि इस अभियान के तहत जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। आम जनता और यात्रियों से मिले सुझावों को भी अमल में लाने के लिए जांचा और परखा जा रहा है। स्टेशनों पर चाय की दुकानों में मिट्टी के कुल्हड़ के उपयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों पर मिट्टी के कुल्हड़ का चलन बंद नहीं हुआ है, बल्कि यह अधिकांश जगहों पर सुचारू रूप से चल रहा है। जहां इक्का-दुक्का जगहों पर प्लास्टिक के कप का उपयोग देखने को मिलता है, वहां भी इसे पूरी तरह समाप्त कर पर्यावरण अनुकूल मिट्टी के कुल्हड़ को ही शत-प्रतिशत लागू किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटिहार रेल मंडल के एडीआरएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि देशभर के सभी मंत्रालयों में यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें रेलवे अहम भूमिका निभा रहा है । कटिहार रेल मंडल के हिस्से में 1500 सीटीयू आए हैं, जिनकी लगातार गहन सफाई की जा रही है। संबोधन के दौरान एडीआरएम मनोज कुमार सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खान-पान की श्रृंखला में माइक्रोप्लास्टिक का पहुंचना मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। सामाजिक जिम्मेदारी को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखकर हवा, पानी और जमीन को शुद्ध रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधि राजेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए रेलवे वेंडरों, कर्मचारियों और यात्रियों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। सिंगल-यूज प्लास्टिक के उचित निपटान के लिए उन्होंने बड़े शहरों और विदेशों की तर्ज पर प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रिवर्स वेंडिंग मशीन स्थापित करने का सुझाव दिया। राजेश कुमार सिंह ने आगे सुझाव दिया कि इस पहल की शुरुआत कटिहार रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों में न्यू जलपाईगुड़ी, जो विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित हो रहा है और दार्जिलिंग हिमालयन रेल क्षेत्र में हो, जो विश्व धरोहर है। यदि इन महत्वपूर्ण पर्यटन और प्रमुख स्टेशनों से इस पहल की शुरुआत की जाती है, तो इसके काफी व्यापक और सार्थक परिणाम सामने आएंगे।
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