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NHM कार्यालय के बाहर एंबुलेंसकर्मी हड़ताल: 108 कर्मी मांगों पर अड़े

Ranchi, Jharkhand:NHM कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर 108 एंबुलेंस कर्मियों का जारी है हड़ताल अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है एंबुलेंस कर्मी राज्यभर में ठप रखी गई है 108 एंबुलेंस सेवा एंबुलेंस कर्मी की मांगे सिविल सर्जन के माध्यम से कराया जाए एंबुलेंस कर्मियों का मासिक भुगतान सरकारी स्तर पर हो संचालन सम्मान फाउंडेशन द्वारा हटाए गए कर्मियों को जल्द जल्द बहाल करने की मांग राज्यभर के एंबुलंस कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार पूर्ण रूप सुनिश्चित किया जाए
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ध्रुव राठी के बयान से केंद्र-सेना के खिलाफ उकसावे का आरोप; शिकायत दर्ज

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के एक वकील विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर, नार्थ डीसीपी DCP और रूप नगर थाना प्रभारी को शिकायत दी है शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ध्रुव राठी ने इंटरव्यू में भारतीय सेना और पुलिस को सरकार के खिलाफ विद्रोह करने के लिए उकसाया शिकायतकर्ता का दावा है कि ध्रुव राठी के बयान देश और केंद्र सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश तथा साजिश से जुड़े हैं शिकायत में सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो का हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने ध्रुव राठी के आर्थिक स्रोतों और कथित संपर्को की जांच करने के साथ उनका पासपोर्ट जब्त करने की भी मांग की है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच करने की अपील की गई
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हांसी मंडी में धान खरीदी-उठान ठप, बारिश से संकट बढ़ा

Hansi, Haryana:हांसी मंडी में किसान परेशान, खरीद और उठान ठप होने से बढ़ी मुश्किलें आाने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना से बढ़ी चिंता, गेहूं की आवक शुरू होने पर छोटी मंडी में बढ़ सकता है दबाव हांसी की अनाज मंडी में धान की खरीद और उठान की धीमी प्रक्रिया किसानों व आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी में धान की आवक करीब 47 हजार क्विंटल तक पहुंच चुकी है, जबकि अब तक करीब 16 हजार क्विंटल धान की सरकारी खरीद हुई है। उठान की रफ्तार धीमी होने के कारण मंडी में धान के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं आढ़तियों को भी मंडी में जगह की कमी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दे कि आने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मंडी में बड़ी मात्रा में धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। यदि बारिश होती है तो किसानों की मेहनत से तैयार की गई फसल भीगने और खराब होने का खतरा है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का आरोप है कि धान की खरीद समय पर नहीं हो रही और निजी खरीद में भी फसल के भाव में कटौती की जा रही है। धानी धान की खरीद और उठान में देरी के बीच आने वाले समय में गेहूं की भारी आवक शुरू होने की संभावना भी मंडी प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकती है। हांसी की मंडी का क्षेत्र सीमित होने के कारण यदि धान का उठान समय पर नहीं हुआ और गेहूं की आवक बढ़ गई, तो फसल रखने के लिए जगह की कमी हो सकती है। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसान दिलबाग का कहना है कि धान की सरकारी खरीद में तेजी लाई जाए, निजी खरीद में उचित भाव सुनिश्चित किया जाए और मंडी में जमा फसल का जल्द उठान करवाया जाए, ताकि बारिश से फसल को बचाने के साथ-साथ आगामी गेहूं सीजन के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।
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जामताड़ा में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, बकाया मानदेय ने बढ़ाई तकरार

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा में साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित, नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी जामताड़ा। चार महीने से मानदेय नहीं मिलने से नाराज सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित कर्मियों ने سुभाष चौक, टावर चौक और मुख्य बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में कचरा फैलाकर अपना विरोध जताया। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे。 प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष से लेकर वरीय अधिकारियों तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण कर्मियों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया。 कर्मियों ने स्पष्ट कहा कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की。 वहीं, दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान मुख्य सड़कों और बाजारों में कचरा फैलने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। व्यस्त इलाकों में गंदगी के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। ऐसे में सफाईकर्मियों का आंदोलन नगर पंचायत प्रशासन के सामने चुनौती बन गया है。 अब सवाल यह है कि नगर पंचायत प्रशासन सफाईकर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान कब तक करता है और शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठाता है。
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समाजवादी पार्टी सांसद के नॉनवेज खाते वीडियो पर पर्यटन मंत्री की तीखी टिप्पणी

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकنگ सपा राज्यसभा सांसद के नॉनवेज खाते वीडियो का मामला मामले पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सपा सांसद को घेरा जिनका सनातन से कोई वास्ता नहीं उनके लिए क्या कहां जाए नवरात्रो में ज्यादातर लोग या तो व्रत रखते है या फिर कम से कम नॉनवेज का सेवन नहीं करते लेकिन जिनकी आस्था का सनातन से कोई लेना देना नहीं,जिनका विरासत से कोई सरोकार नहीं उनके बारे में टिप्पणी करने का कोई औचित्य ही नहीं है जैसे लालू जी को 25 साल बाद भी जनता ने नकार दिया वैसे ही सपा को जनता स्वीकार नहीं करेगी 2012 से 17 तक सपा सरकार में अराजकता,गुंडई, लूट,महिलाओं पर अपराध,चौथ वसूली,जमीनों पर कब्जे और हर दिन दंगों का औसत आता था
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टेहक में 129 ग्राम स्मैक के साथ तीन गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की आशंका

Tonk, Rajasthan:टोंक जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिला स्पेशल टीम (DST) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बनेठा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 129 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से स्मैक की सप्लाई में संलल्त थे। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में 15 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई में डीएसटी टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने मौके से स्मैक के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, 1,390 रुपए नकद और स्मैक तौलने में इस्तेमाल होने वाला एक इलेक्ट्रिक कांटा भी जब्त किया है। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामकेश गुर्जर (22), निवासी रामपुरा चाकडान, थाना बनेठा; मोनू गुर्जर (27), निवासी रामपुरा चाकडान, थाना बनेठा; और राजवीर गुर्जर (20), निवासी छोरू, थाना अलीगढ़ के रूप में हुई है। नशे के कारोबार पर पुलिस की नजर डीएसटी की इस कार्रवाई को जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर स्मैक की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। पुलिस की अपील: आमजन नशे की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में मेस की गुणवत्ता पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रावासों में खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। देर रात हॉस्टल के छात्रों ने मुख्य बैरियर बंद कर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि मेस में निर्धारित राशि देने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा। सूचना मिलने के बाद सिक्योरिटी कर्मचारियों और हॉस्टल वार्डन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हॉस्टल के खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने देर रात विरोध प्रदर्शन किया। पुरुष छात्रावासों के मुख्य बैरियर पर एकत्रित हुए छात्रों ने बैरियर बंद कर नारेबाजी की, जिसके चलते दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि वे प्रतिदिन मेस के लिए 114 रुपये देते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अच्छी गुणवत्ता का भोजन नहीं मिल रहा। छात्रों ने आरोप लगाया कि रोटियों में आटा झड़ता है, सब्जियां खाने लायक नहीं होतीं और दाल भी पतली मिलती है। छात्रों ने मांग की कि उनकी शिकायतों का गंभीरता से समाधान किया जाए और खाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। प्रदर्शन के दौरान नरहरि, भीम, प्रताप और रणवीर समेत कई हॉस्टलों के छात्र मौजूद रहे। सिक्योरिटी कर्मचारियों और हॉस्टल वार्डन ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक बैरियर पर हंगामा चलता रहा। छात्रों ने मौके पर चीफ वार्डन को बुलाने की मांग भी की। पिछले महीने विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर वीरेंद्र पाल ने भी हॉस्टल का दौरा कर भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया था। उन्होंने भीम भवन छात्रावास की मेस में विद्यार्थियों के साथ दोपहर का भोजन किया और छात्रों से बातचीत कर मेस व अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी。 वहीं, 14 सितंबर को स्पोर्ट्स हॉस्टल के छात्र भी भोजन की व्यवस्था को लेकर बैरियर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका कहना था कि मेस की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण उन्हें भोजन के लिए दूसरे हॉस्टल में जाना पड़ता है। अब एक बार फिर छात्रों के प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करेगा और मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। फिलहाल छात्रों की मांग है कि हॉस्टल में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाया जाए, ताकि उन्हें निर्धारित राशि खर्च करने के बावजूद खाने को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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राजपुरा के किसान रामदयाल काली हल्दी से लाखों कमाने की राह पर

Bilaspur, Chhattisgarh:स्लग- काली हल्दी की फसल तैयार कर रहा बिलासपुर जिला के राजपुरा के किसान राम दयाल, बैजनाथ से काली हल्दी बीज बो कर कमा रहे लाखों रुपए, 1 बीघा जमीन पर 10 क्विंटल तक काली हल्दी का होता है उत्पादन तो बाजार में 300 रूपये किलो बिकती है काली हल्दी, एंटी केंसर मेडिशन प्लांट के रूप में अहम है काली हल्दी। रिपोर्ट- विजय भारद्वाज टॉप- बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश。 रिपोर्ट- विजय भारद्वाज टॉप- बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश。 एंकर- बिलासपुर जिला के राजपुरा निवासी प्रगतिशील किसान रामदयाल काली हल्दी की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में नई पहल कर रहे हैं। उन्होंने जनकल्याण सभा पपरोला, बैजनाथ से काली हल्दी के प्रकंद खरीदकर अपनी दो बीघा जमीन पर इसकी खेती की है। रामदयाल के अनुसार काली हल्दी की फसल तैयार होने में करीब एक साल का समय लगता है और बाजार में इसकी कीमत लगभग 300 रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है। रामदयाल द्वारा तैयार की जा रही काली हल्दी की फसल का निरीक्षण करने के लिए जनकल्याण सभा का एक प्रतिनिधिमंडल राजपुरा पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने फसल का जायजा लिया और किसान से उत्पादन तथा इसकी संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। किसान रामदयाल ने बताया कि उन्होंने काली हल्दी के प्रकंद बैजनाथ से खरीदे थे और एक बीघा जमीन में करीब एक क्विंटल प्रकंद लगाने पर लगभग 10 क्विंटल तक काली हल्दी की पैदावार हो सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि बाजार में 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 10 क्विंटल फसल की कीमत करीब तीन लाख रुपये बनती है। इसी संभावना को देखते हुए उन्होंने दो बीघा जमीन पर काली हल्दी की खेती शुरू की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मौसम काली हल्दी की खेती के अनुकूल है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस फसल को आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और बंदरों से भी नुकसान का खतरा कम है। काली हल्दी को औषधीय पौधे के रूप में जाना जाता है और इसी कारण बाजार में इसकी मांग होने की बात कही जाती है। जनकल्याण सभा के अध्यक्ष चुन्नी लाल ने बताया कि सभा पूरे हिमाचल प्रदेश में किसानों को काली हल्दी के उत्पादन के प्रति जागरूक कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों को औषधीय फसलों की खेती की जानकारी देना और उन्हें आय के नए विकल्पों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सभा के पास जटामांसी और जंगली गेंदे के बीज भी निःशुल्क उपलब्ध हैं और इन फसलों की खेती करने के इच्छुक किसान सभा से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही चुन्नी लाल ने कहा कि एक बीघा जमीन पर करीब 60 हजार रुपये के काली हल्दी के प्रकंद लगाकर किसान एक साल में तीन लाख रुपये तक की फसल तैयार कर सकता है। उन्होंने कहा कि औषधीय फसलों की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक हो सकती है। बाइट- रामदयाल, राजपुरा से किसान。 चुन्नी लाल, अध्यक्ष, जनकल्याण सभा पपरोला, बैजनाथ。
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DSP खरड़ के नेतृत्व में नशा विरोधी कैंप: बंगाला बस्ती में कानून सख्ती

Sahibzada Ajit Singh Nagar, Punjab:ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਐਸਡੀਐਮ ਖਰੜ ਅਤੇ ਡੀਐਸਪੀ ਖਰੜ ਵੱਲੋਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਹੋਟ ਸਪੋਟ ਕਹੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬੰਗਾਲਾ ਬਸਤੀ ਵਿਖੇ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਕੈਂਪ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਕਾਪੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਟੌਫੀਆਂ ਅਤੇ ਚੋਕਲੇਟਾਂ ਦੇ ਕੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਨਸੀਹਤ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹੋ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਭਵਿੱਖ ਉਜਵਲ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਬੰਗਾਲਾ ਬਸਤੀ ਦੇ ਸਰਪੰਚ ਵੱਲੋਂ ਆਏ ਹੋਏ ਅਫਸਰਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਸੌਂਪਿਆ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਲਿਖਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਕਿ ਬੰਗਾਲਾ ਬਸਤੀ ਨੂੰ ਬਦਨਾਮ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਇਥੇ ਨਸ਼ਾ ਵੇਚਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਉਹ ਖੁਦ ਪਕੜਵਾਉਣਗੇ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਡੀਐਸਪੀ ਖਰੜ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਟਰੀਟ ਲਾਈਟਾਂ ਲਗਵਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਐਂਟਰੀ ਅਤੇ ਐਗਜਿਟ ਪੁਆਇੰਟ ਤੇ ਸੀਸੀਟੀਵੀ ਕੈਮਰੇ ਲਗਵਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਤੇ ਪੈਣੀ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖੀ ਜਾ ਸਕੇ。
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अमरौहा में मतदाता कैंप: 17 से 24 अक्टूबर तक नाम दर्ज कराने की अपील

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आगे आएं पात्र नागरिक, अमरोहा डीएम नितिन गौड़ ने आगामी 17 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक लगने वाले विशेष कैंप के माध्यम से वोट बनवाने की की अपील, अमरोहा जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जनपदवासियों से अपील की है। उन्होंने बताया कि 17 और 24 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बीएलओ मौजूद रहेंगे। पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे। आवेदन के साथ नवीनतम फोटो और जन्मतिथि व पते से संबंधित जरूरी दस्तावेज देने होंगे। डीएम ने युवाओं सहित सभी पात्र नागरिकों से अभियान का लाभ उठाने और मतदाता सूची में अपना नाम जांचने की अपील की।
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प्रतापगढ़ के ऋषि महादेव मंदिर में बारिश से बन गया प्राकृतिक शिवधाम

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के अरनोद क्षेत्र की बड़ी साख़थली स्थित ग्राम पंचायत लोहारखाली में ऋषि महादेव मंदिर आस्था और प्रकृति का ऐसा संगम है, जहां पहुंचकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक सुकून के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुभव होता है। जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर चारों ओर पहाड़ियों और हरियाली से घिरा हुआ है। बारिश के दिनों में पहाड़ों से बहता पानी, झरने और कुंड का मनमोहक दृश्य इस स्थान की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। इसके बावजूद यह धाम अब तक व्यापक पर्यटन पहचान से दूर है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ऋषि महादेव मंदिर कई पीढ़ियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। बुजुर्ग बताते हैं कि उनके पूर्वज भी यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते थे। लंबे समय से चली आ रही यह परंपरा मंदिर को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती है। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर परिसर में पहले बड़ी संख्या में पत्थर जमा थे। परिसर की सफाई के दौरान यहां शिवलिंग दिखाई दिए, जिन्हें स्थानीय लोग प्राचीन धार्मिक मान्यताओं से जोड़कर देखते हैं। मंदिर परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप भी स्थापित हैं, जहां श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां तीन दिवसीय यज्ञ और मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान आसपास के गांवों और पंचायत क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजन के चलते मंदिर परिसर में विशेष रौनक रहती है और पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में सराबोर नजर आता है। ऋषि महादेव मंदिर की सबसे खास पहचान इसका प्राकृतिक परिवेश है। सावन और बारिश के दिनों में पहाड़ियों से पानी बहने लगता है। चारों ओर फैली हरियाली, चट्टानों के बीच बहती जलधाराएं और कुंड का दृश्य यहां आने वालों को आकर्षित करता है। सावन में मंदिर में शिवभक्ति का माहौल रहता है। श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हैं। शिव पुराण, रामायण, गीता और अन्य धार्मिक पाठों के माध्यम से भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है। धार्मिक गतिविधियों और प्राकृतिक खूबसूरती का यह मेल इस धाम को विशिष्ट बनाता है। अरनोद क्षेत्र स्थित गौतमेश्वर महादेव तीर्थ को आदिवासी समाज के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। इसी क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और आस्था की धारा से ऋषि महादेव जैसे स्थानीय तीर्थ भी जुड़े हुए हैं। यहाँ प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ मध्यप्रदेश के रतलाम, सैलाना और उज्जैन सहित आसपास के इलाकों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात स्थानीय लोग बताते हैं। ग्राम पंचायत लोहारखाली के प्रतिनिधि ने सरकार से मंदिर तक डामर सड़क और आगे सीसी सड़क निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि पानी की व्यवस्था की गई है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास भी जरूरी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि मंदिर तक बेहतर सड़क बनाई जाए, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाएं विकसित हों तथा इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में आधिकारिक पहचान मिले, तो यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावना भी बनेगी। ऋषि महादेव मंदिर में धार्मिक आस्था, स्थानीय मान्यताओं और प्रकृति की खूबसूरती का अनूठा संगम है। पहाड़ियों के बीच बसा यह धाम बारिश में झरनों और हरियाली के कारण अलग ही रूप में नजर आता है। इसके बावजूद व्यापक प्रचार-प्रसार और जरूरी सुविधाओं के अभाव में इसकी पहचान सीमित बनी हुई है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार और संबंधित विभाग इस स्थल के महत्व को समझते हुए इसके विकास की दिशा में कदम उठाएंगे। बेहतर सड़क, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ योजनाबद्ध विकास किया जाए, तो ऋषि महादेव मंदिर प्रतापगढ़ जिले के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। पहाड़ों की गोद में बसे इस शिवधाम को अब इंतजार है उस पहल का, जो इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और वर्षों पुरानी आस्था को व्यापक पहचान दिला सके.
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