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कुमार सर्वजीत ने BJP-RSS पर निशाना, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के समर्थन में बड़ी बात

Gaya, Bihar:BJP-RSS पर कुमार सर्वजीत का निशाना, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव के समर्थन में कही बड़ी बात राजद के पूर्व मंत्री सह विरोधी दल के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत ने जहानाबाद सांसद के आवास पर किया प्रेसवार्ता। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार सिर्फ धर्म के प्रचार में व्यस्त है।मोहन भागवत का एक बयान आया कि कुछ लोग देश को बांटना चाहते है। हमारा सवाल है कि क्या राहुल गांधी, तेजस्वी यादव ने बिहार और देश मे हिन्दू मुस्लिम का प्रचार किया। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ऐसे व्यक्ति भाईचारा स्थापित करने का बात किया। देश को कौन बांट रहा है। हिन्दू और मुसलमान की बात कौन कर रहा है। देश को धरातल पर कौन पहुँचा रहा है। हिन्दू और मुसलमान की बात करने वाले देश और बिहार में नफरत पैदा करने वाले लोग प्रवचन दे रहे हैं कि बांटने की साजिश हो रही है। आंदोलन करने वाले व्यक्तियों को जेल भेजा जा रहा है। पूरी दुनिया में आंदोलन हो रही है एस आई आर को लेकर। हम मोहन भागवत के बयान की कड़ी निंदा करते हैं और आग्रह करते हैं कि यह देश सोने की चिड़िया है और यह देश सादा इस नारा से चला है हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम सब है भाई भाई इसी नारा से यह देश चला है। जब से इस देश में भाजपा की सरकार आई है हिंदू और मुसलमान के नाम पर मंदिर और मस्जिद के नाम पर बातें हो रही है। एक बस में एक भी डेवलपमेंट कोई काम नहीं हुआ है.
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क Kashmir में RSS से जुड़ी मजदूर संघ BMS का पहली बार सार्वजनिक कार्यालय खोला गया

Chaka, GROUND REPORT कश्मीर में सबसे बड़ा वैचारिक बदलाव: RSS से जुड़ा मजदूर संगठन, जिसके प्रमुख एक स्थानीय मुस्लिम हैं, ने पूर्व अलगाववादी गढ़ में अपना झंडा फहराया। संघ से जुड़े BMS ने पुलवामा में अपना पहला कार्यालय 2019 के आतंकी हमले वाली जगह से महज 5 किमी पर खोला। एक शांत गांव, जो कभी अशांति और अलगाववाद का गड़ माना जाता था, वहां एक मंजिला इमारत के कुछ कमरे अब बदलाव की एक शांत निशानी के रूप में खड़े हैं। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले की अवंतीपोरा तहसील के बारसू गांव में स्थित, भारतीय मजदूर संघ (BMS) जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का श्रमिक संगठन है का नया डिविजनल कार्यालय, कश्मीर घाटी में RSS से जुड़े किसी संगठन की पहली सार्वजनिक और स्थायी उपस्थिति है। यह जगह लेथपोरा के उस इलाके से लगभग पांच किलोमीटर दूर है, जहां फरवरी 2019 के पुलवामा हमले में एक आत्मघाती हमलावर ने CRPF के 40 जवानों की जान ले ली थी। इस साधारण सी इमारत में सुरक्षा कैमरे लगे हैं सुरक्षा कर्मी तैनात हैं लेकिन यहां कोई भगवा झंडा या बड़ा साइनबोर्ड नहीं है, बस एक छोटा सा बोर्ड लगा है जिस पर सिर्फ 'OFFICE' लिखा है। एक ऐसा संगठन जो सालों तक घाटी में चुपचाप काम करता रहा, उसके लिए यह सादगी जानबूझकर रखी गई है लेकिन अब इस संगठन का सार्वजनिक रूप से दरवाजे खोलना एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कश्मीर में BMS के प्रभारी और बारसू गांव के ही रहने वाले 36 वर्षीय समीर कुछाए ने कहा कि कश्मीर में किसी संग संगठन के कार्यालय का यह पहला अनुभव है। BMS के कश्मीर प्रभारी ने कहा अब समय आ गया है कि खुलकर काम किया जाए। कश्मीर के हालात बदल गए हैं। और हम राजनीति से दूर है बहले ही किसी राजनीतिक दल से विचारधारा मिलती है मगर हम राजनीति में सकरी नहीं हैं। हमारा मकसद केवल देश की उनती है। समीर कुछे का अपना सफर इस क्षेत्र के हालिया उतार-चढ़ाव भरे इतिहास को दर्शाता है। वे बताते हैं कि वे 2009 के आसपास RSS से जुड़े और 2016 में औपचारिक रूप से BMS/RSS के काम से जुड़ गए। यह वही साल था जब हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी मारा गया था, जिसके बाद पूरी घाटी में बड़े पैमाने पर अशांति फैल गई थी। वे ऐसे साल थे जब सार्वजनिक रूप से देशभक्ति दिखाने पर भी भारी सामाजिक कीमत चुकानी पड़ती थी। कुछे ने बताया कि उनके रिश्तेदारों ने उस अछूत समझते थे कहते थे तुम "संघी" हो। फेसबुक पर तिरंगा फहराते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ था उसके बाद कुछे नज़र में आया। उनके लिए, एक decade बाद अपने ही गाँव में एक औपचारिक कार्यालय खोल पाना इस बात का संकेत है कि ज़मीनी हालात कितने बदल गए हैं। समीर कुछे ने कहा “मैं आपको ईमानदारी से बताता हूँ, शुरू में कठिनाइयाँ बहुत थी, यहाँ तक कि मेरे अपने रिश्तेदार भी मुझे संघी कहते थे, जैसे मैं अछूत हूँ, लेकिन बाद में चीजें बदल गईं, खासकर 370 के निरस्तीकरण के बाद।” BMS के पदाधिकारियों का कहना है कि यह संगठन क Kashmir में लगभग 2020 से सक्रिय है—यानी अनुच्छेद 370 हटने के बाद से। शुरुआत में यह श्रीनगर के शिवपोरा में एक छोटी सी किराए की जगह से काम करता था। दक्षिण कश्मीर में एक विधिवत डिवीज़नल कार्यालय स्थापित करने का निर्णय, बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक रूप से मज़बूत समर्थन आधार को दर्शाता है: इस क्षेत्र में BMS से जुड़े ज़्यादातर मज़दूर संगठन दक्षिण कश्मीर के चार ज़िलों में स्थित हैं। कुछे के अनुसार, इस संगठन से अभी लगभग 20 पंजीकृत मज़दूर यूनियनें जुड़ी हुई हैं, जो कश्मीर में लगभग 30,000 कर्मचारियों और मज़ूरों का प्रतिनिधित्व करती हैं। समीर कुछे ने कहा “अब लोग सोचते हैं और महसूस करते हैं कि जैसे भारतीय मजदूर संघ हैं। भारतीय मजदूर संघ के बारे में पहले ये था कि देखो जी ये मुस्लिम विरोधी है। आज हमारे साथ कश्मीर प्रांत के 20 संबद्ध यूनियन हैं, जिसमें 30,000 से ज्यादा मजदूर, 30,000 से ज्यादा कर्मचारी हमारे साथ संबद्ध हैं। उन 30,000 के माध्यम से हमारे कश्मीर प्रांत में एक बात सीधे से आ गई है कि हम बिना परवाह किए कि हमारा मजदूर भाई किस धर्म से है, किस समुदाय से है और किस राजनीतिक विचारधारा का पालन करता है, हम उसके सिर्फ हित में, मजदूर हित में काम करने वाले लोग हैं। तो ऐसी चीजें बदली हैं”। पदाधिकारियों के मुताबिक पुलवामा को इसलिए चुना गया क्योंकि यह एक केंद्रीय स्थान पर है, यहाँ से दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर दोनों जगह आसानी से पहुँचा जा सकता है, और यहाँ बड़ी संख्या में मज़दूर रहते हैं। इस कार्यालय का मुख्य उद्देश्य व्यावहारिक है और पूरी तरह से मज़दूरों पर केंद्रित है: यह सुनिश्चित करना कि कर्मचारियों और मज़दूरों को उनका हक मिले और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार हो। समीर कुछे ने कहा “अब लोग सोचते हैं और महसूस करते हैं कि जैसे भारतीय मजदूर संघ हैं। भारतीय मजदूर संघ के बारे में पहले ये تھا कि देखो जी ये मुस्लिम विरोधी है। आज हमारे साथ कश्मीर प्रांत के 20 संबद्ध यूनियन हैं, जिसमें 30,000 से ज्यादा मजदूर, 30,000 से ज्यादा कर्मचारी हमारे साथ संबद्ध हैं। उन 30,000 के माध्यम से हमारे कश्मीर प्रांत में एक बात सीधे से आ गई है कि हम बिना परवाह किए कि हमारा मजदूर भाई किस धर्म से है, किस समुदाय से है और किस राजनीतिक विचारधारा का पालन करता है, हम उसके सिर्फ हित में, मजदूर हित में काम करने वाले लोग हैं। तो ऐसी चीजें बदली हैं, लेकिन 2015, 2016 से पहले ऐसा है कि मुझे भी व्यक्तिगत रूप से सुनना पड़ा कि तुम संघी हो, शायद तुम मुस्लिम विरोधी हो। मैं एक बात बोलूँ, मैं मुसलमान हूँ, मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ है, लेकिन मैं भारतीय हूँ, मैं गर्वित भारतीय हूँ, तो दोनों चीजें अलग हैं, गर्वित भारतीय होने के साथ मैं मुस्लिम समर्थक भी हो सकता हूँ। तो दो अलग-अलग चीजें हैं, तो मुझे ये नहीं लगता कि कहीं भारतीय मजदूर संघ में मुझे किसी अपने वरिष्ठ ने या किसी अधिकारी ने कभी पूछा हो कि तुम किस धर्म से हो। मुझे सिर्फ ये बोला गया कि आप समाज में भारत के विकास के लिए, इस देश के विकास के लिए आप क्या योगदान दे सकते हो।” कुछे स्पष्ट रूप से एक लक्ष्मण रेखा खींच रखी है। उन्होंने बार-बार ज़ोर देकर कहा है, "हम BJP या किसी अन्य पार्टी के साथ नहीं हैं। हमारा राजनीति या धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "लोगों को लगता है कि हम मुस्लिम-विरोधी हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमारा धर्म से कोई वास्ता नहीं है।" समीर कुछे ने कहा “जैसे खालिद साहब मैंने आपको पहले भी बोला क्योंकि हम एक भारतीय मजदूर संघ, मजदूरों का एक संगठन हैं, भारत का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा नंबर वन ट्रेड यूनियन संगठन है, तो मजदूरों के काम में हम यहाँ हैं मजदूरों के हित में हैं राष्ट्र निर्माण सर्वप्रथम के, जैसे कि हमारा स्लोगन है उसी से दर्शा होता है, भारतीय मजदूर संघ का स्लोगन है कि हम राष्ट्र के हित में करेंगे काम, उस काम के लेंगे पूरे दाम। कि हम राष्ट्र के विकास के لئے काम करेंगे, लेकिन इसी तरह, भारतीय मजदूर संघ अपने हर मजदूर के जो वेतन हैं, उसके जो कानूनी अधिकार हैं, उसको पाने में, गरिमा के साथ, उसको वो हक मिले, उसके लिए हमेशा काम करेंगे। तो यह एक दृष्टिकोण नजर में रखकर, मुझे नहीं लगता कि कोई भी समाज, इस एक, जो हम हक की बात करें, मजदूर को, मजदूर केहक की बात करेंगे, मुझे कभी भी नहीं लगता कि हमारी कोई भी यहाँ की समाज इस चीज को स्वीकार नहीं करेगी। कुछे ने कहा “हमारा सरोकार सिर्फ ये है कि हम हर पलंग क्षेत्र में एक पिछड़े से पिछड़े मजदूर के पास जाएँ, उसको पहले ये जागरूक करें कि उसके लिए सरकार ने क्या-क्या, उसका क्या कानूनी अधिकार है, और उस कानूनी अधिकार को पाने के लिए हम उसके साथ कंधे से कंधा मिला के लड़ेंगे। यहाँ, यहाँ हर कोई स्वागत योग्य है। हम किसी को प्रतिबंधित नहीं कर रहे, लेकिन मैं अपने संगठन, भारतीय मजदूर संगठन के कार्यालय में बोल रहा हूँ, हर किसी का स्वागत है, लेकिन बिना राजनीति के, क्योंकि हमें राजनीति से कोई सरोकार नहीं। इस ऑफिस के उद्घाटन के समय BMS के वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें अखिल भारतीय संगठन सचिव बी. सुरेंद्रन, उत्तर भारत संगठन सचिव सोहन लाल गुप्ता और अन्य लोग शामिल थे। RSS जुड़े संगठनों ने घाटी में खुद को चर्चा से दूर रखा और चुपचाप काम किया। BMS का यह कार्यालय पहली बार ऐसा मौका है जब RSS से जुड़ा कोई संगठन कश्मीर जो भारत का एकमात्र मुस्लिम-बहुसंख्यक क्षेत्र है में सार्वजनिक रूप से और स्थायी तौर पर स्थापित हुआ है। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि 2019 के बाद से वहां का माहौल काफी शांत हुआ है, जिससे अब खुलकर काम करना संभव हो पाया है। समीर मानते हैं कि अब समय और बेहतर हो और संग कश्मीर के कोने कोने में दिखेगा। खालिद हुसैन जी मीडिया कश्मीर
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सलीम को पैरोल मिलने पर Shabnam के चाचा-चाची नाराज, फांसी की मांग तेज

Amroha, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बहुचर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड के दोषी सलीम को अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए सात दिन की पैरोल मिली है। 14-15 अप्रैल 2008 की रात हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के बावनखेड़ी गांव में शबनम के परिवार के सात लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शबनम और उसके प्रेमी सलीम को दोषी ठहराया गया था। सलीम की पैरोल को लेकर शबनम के चाचा सत्तार और चाची फातमा ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि इतने जघन्य अपराध के दोषियों को अब तक सजा-ए-मौत नहीं हुई और अब पैरोल मिलना गलत है। उनका कहना है कि इससे समाज में गलत संदेश जाएगा और युवा गलत कदम उठाने से नहीं डरेंगे। परिजनों ने दोनों दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की है। पैरोल के दौरान सलीम पुलिस सुरक्षा में रहेगा और उसे रोजाना थाने में हाजिरी लगाने समेत निर्धारित कानूनी शर्तों का पालन करना होगा।
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आगरा एमएलसी चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियाँ रवाना, मतगणना 27 अक्टूबर से

Agra, Uttar Pradesh:आगरा ब्रेकिंग आगरा एमएलसी चुनाव का प्रचार थमा, आज 12 जिलों में होने वाले मतदान के लिए पोलिंग पार्टी हो रही है रवाना, आगरा की मंडी समिति से पोलिंग पार्टियाँ हो रही है रवाना,सभी तैयारी पूर्ण, आगरा में खंड स्नातक के लिए 48 खंड शिक्षक के लिए 27 पोलिंग बूथ, खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगी वोटिंग स्नातक सीट पर 1,90,725 और शिक्षक सीट पर 50,802 मतदाता करेंगे मतदान स्नातक सीट के लिए 262 और शिक्षक सीट के लिए बनाए गए 150 मतदान केंद्र शिक्षक सीट पर भाजपा के हरि किशोर तिवारी और सपा के आकाश अग्रवाल के बीच मुकाबला स्नातक सीट पर भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह, सपा के शशांक यादव और निर्दलीय अम्बरीश पाल सिंह के बीच कड़ा मुकाबला मतदान केंद्रों पर प्रत्याशियों ने कार्यकर्ताओं और एजेंटों की तैनाती की तैयारी की आगरा सीट के लिए खंड स्नातक के लिए 13 और खंड शिक्षक के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में, 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी एमएलसी चुनाव की मतगणना मतगणना के लिए 570 कार्मिकों को दिया गया प्रशिक्षण, शिक्षक सीट का परिणाम पहले आने की संभावना
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चौमूं पंचायत समिति चुनाव: पहली बार मतदान, रामलाल शर्मा दावा करते हैं भाजपा कमल

Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में हो रहा मतदान गोविंदगढ़ और चौमूं पंचायत समिति में चल रहा है मतदान चौमूं में पहली बार बनाई गई है पंचायत समिति भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने किया दावा दोनों पंचायत समितियों में कमल खिलाने का किया दावा रामलाल शर्मा ने कहा -विकास कार्य को देखकर जनता देती है वोट गोविंदगढ़ और चौमूं पंचायत समिति में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। खास बात यह है कि चौमूं में पहली बार पंचायत समिति के लिए चुनाव हो रहे हैं।भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा इलाके में सक्रिय नजर आए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर चुनावी रुझानों की जानकारी ली और भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत की। रामलाल शर्मा ने गोविंदगढ़ और चौमूं, दोनों पंचायत समितियों में भाजपा का कमल खिलने का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता विकास कार्यों को देखकर वोट देती है। भाजपा को विश्वास है कि विकास के मुद्दे पर मतदाता पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे। अब चुनाव परिणाम से ही तस्वीर साफ होगी। रामलाल शर्मा से बातचीत की हमारे संवाददाता प्रदीप सोनी ने
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बूंदी पंचायत चुनाव: निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए तैयारियां पूरी

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी में पंचायत चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी हरफूल सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। नामांकन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्याशियों की सहायता हेतु हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। निर्वाचन अधिकारी एचडी सिंह और रिटर्निंग अधिकारी रमेश देव सहित अधिकारी पूरी मुस्तैदी से व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कार्मिकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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रेवाड़ी में निजीकरण विरोधी हड़ताल, बिजली सेवाएं तीसरे दिन भी ठप्प

Rewari, Haryana:रेवाडी में भी निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू, तीन दिन तक ठप रहेंगी बिजली सेवाएं --- पहले दिन सरकार के खिलाफ गरजे कर्मचारी, बिजली में खराबी आने पर दुरुस्त करने नहीं जाएंगे कर्मचारी, उपभोक्ताओं की बढ़ेंगी मुश्किलें रेवाड़ी। हरियाणा में बिजली के निजीकरण के विरोध में प्रदेशभर के बिजली कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। आज हड़ताल का पहला दिन है। रेवाड़ी में भी बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग उठाई। हड़ताली कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण यदि बिजली की लाइन, ट्रांसफार्मर या अन्य उपकरणों में खराबी आती है तो उसे दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी मौके पर नहीं जाएंगे। ऐसे में बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान प्रभावित हो सकता है और उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों का समाधान निकालने की जिम्मेदारी सरकार की है। यदि सरकार तीन दिन के भीतर निजीकरण का फैसला वापस लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जा सकता है। इससे बिजली सेवाओं पर और अधिक असर पड़ने की आशंका है。
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बिलासपुर के विधायक ने PDNA फंड के अनियमितताओं पर कांग्रेस सरकार को घेरा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने PDNA फंड में फर्जी टेंडर और कागजों पर काम दिखाकर भुगतान के लगाए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र की 2,006 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजना, PWD को 487.80 करोड़ स्वीकृत के बावजूद सड़कें बदहाल हैं और पैसा कहां गया, यह स्पष्ट हो। जम्वाल ने कहा कि 18 जून 2025 को वर्ष 2023 की आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश के लिए 2,006.40 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजना स्वीकृत की गई थी, जिसमें केंद्रीय हिस्सा 1,504.80 करोड़ रहा। पहली केंद्रीय किस्त के रूप में 451.44 करोड़ जारी हुए। 13 जनवरी 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार दूसरी किस्त में विभिन्न विभागों के लिए 753.29 करोड़ स्वीकृत हुए, जिसमें 564.97 करोड़ केंद्रीय और 188.32 करोड़ राज्य हिस्सा दर्शाया गया है। लोक निर्माण विभाग को 487.80 करोड़, जल शक्ति विभाग को 176.48 करोड़, कृषि विभाग को 29.13 करोड़ और बिजली बोर्ड को 18.22 करोड़ स्वीकृत किए गए। विधायक ने सवाल किया कि इतनी बड़ी राशि स्वीकृत होने के बाद भी सड़कें और पुल क्यों बदहाल हैं, गड्ढे, टूटी सड़के और यातायात बाधित क्यों हैं। अगस्त 2026 में 259 सड़कें अवरुद्ध होने की खबरें सामने आई थीं। सितंबर में ठियोग और किन्नौर के पूह क्षेत्र में NH-5 पर भी यातायात बाधित हुआ। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि PDNA के पैसे 2023 की आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों पर खर्च होने चाहिए थे और नियमों से बाहर खर्च की व्यक्तिगत जिम्मेदारी संबंधित स्वीकृति अधिकारियों की होगी। उन्होंने सरकार से कहा कि सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों की स्वीकृत राशि, टेंडर, ठेकेदार और भुगतान का विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा, आपदा पीड़ितों के पुनर्निर्माण का पैसा किसी के राजनीतिक संरक्षण या निजी लाभ का साधन नहीं बन सकता। जहां अनियमितता के प्रमाण मिलें, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई हो। त्रिलोक जम्वाल ने सभी संदिग्ध कार्यों का विशेष ऑडिट, भौतिक सत्यापन और PDNA फंड पर विधानसभा क्षेत्रवार श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
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अजमेर दरगाह में ख्वाजा गरीब नवाज के 815वें उर्स की तैयारी तेज व्यवस्थाएं

Ajmer, Rajasthan:अजमेर शरीफ दरगाह में सुल्तानउल हिंद हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि के 815वा उर्स मुबारक़ की तैयारियों को लेकर खुद्दामे ख्वाजा की अंजुमन अर्लट हो गई है। दरगाह कमेटी, अंजुमन सैय्य़द जादगान, अंजुमन शेख जादगान ने उर्स के मद्देनजर दरगाह आहता में जायज़ा लिया। बाबा फरीद का चिल्ला शरीफ और आस्ताना मुबारक में जायरीन को ज़ियारत के वक्त कोई दिक्कत ना पेश आए, इसके लिए अंजुमन नुमाइंदों ने इंतजाम देखे। आस्ताना शरीफ में लगे ए.सी दुरुस्त करवाए गए जबकि गुंबद की लाइटिंग को भी सही करवाया जा रहा है। इसके अलावा दरगाह में रंग रोगन और साफ सफाई से लेकर जायरीन को आस्ताना तक आने जाने की आसान सहूलियत फराहम कराई जा रही है। अंजुमन मेंबर हाजी सैय्यद एहतेशाम चिश्ती और सैय्यद गफ्फार चिश्ती ने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना उर्स मुबारक में लाखों जायरीन अजमेर दरगाह आयेंगे। इन सभी अकीदत मंदो को दरगाह ज़ियारत आसानी से हो जाए और कोई दिक्कत पेश ना आए, इसके लिए अंजुमन सैय्य्यद जादगान और शेख जादगान समेत दरगाह कमेटी स्टॉफ ने अभी से ही ख्वाजा साहब के 815वे उर्स की तैयारियां शुरू कर दी है。
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