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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow9 May 2025, 05:21 am
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गोण्डा के नगवा गांव में सरकारी जमीन पर बने 26 मकान पर बुलडोजर एक्शन

KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow2m ago
Gonda, Uttar Pradesh:गोंडा के तरबगंज तहसील क्षेत्र के नगवा और जमुवा गांव में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। खलिहान और खाद के गड्ढे की जमीन पर बने मकानों को हटाने के लिए बुलडोजर पहुंचने से पहले ही कई परिवारों ने खुद अपने मकान तोड़ना शुरू कर दिया। कार्रवाई को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मौके पर 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी मौजूद है। जिले के नगवा और जमुवा गांव में प्रशासन के मुताबिक दोनों गांवों में कुल 26 मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित परिवारों को पहले कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बावजूद सरकारी जमीन खाली नहीं की गई।कार्रवाई शुरू होने से पहले कई परिवार अपने घरों से सामान निकालते नजर आए। कुछ लोगों ने खुद ही मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं, जिन परिवारों के पास रहने के लिए दूसरी जगह नहीं है, उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई। इस दौरान कई परिवार भावुक भी नजर आए।मामला कई वर्षों से तहसील प्रशासन के सामने लंबित था। नगवा गांव निवासी पराग दत्त मिश्रा ने इस मामले को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को 5 अक्टूबर को शपथ पत्र के साथ तलब किया है। सुनवाई से पहले ही प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन खाली कराने की कार्रवाई की जा रही है।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, एसडीएम तरबगंज सविता शुक्ला समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीम को भी तैनात रखा गया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान स्वामीनाथ सिंह ने बताया कि इसका मुकदमा तहसील में चल रहा था। वहां से बेदखली का आदेश हो गया था। उसके खिलाफ हम लोग डीएम के पास गए थे डीएम ने मुकदमा किया लेकिन फिर यह मुकदमा CRO के कोर्ट पर ट्रांसफर हो गया. 30 सितम्बर को मुकदमा खारिज हो गया लेकिन अभी तक हम लोगों को नोटिस नहीं मिला। लेकिन फरमान आया कि इसको खाली करना है तो गांव वाले अपना स्वयं खाली कर रहे हैं. इससे लगभग 250 से 300 लोग प्रभावित हो रहे हैं यहां पर लगभग 40 वर्षों से मकान बने हुए हैं. वर्ग 4 की जमीन है।
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बरेली/बहेड़ी*तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार दंपति को कुचला, मौके पर मौत, चालक हिरासत में*

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली/बहेड़ी थाना क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर गुडवारा गांव के पास रविवार को तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से स्कूटी सवार दंपति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने डंपर को रोककर चालक की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर डंपर को कब्जे में ले लिया।जानकारी के अनुसार, बहेड़ी थाना क्षेत्र के गुरसौली ग्राम पंचायत के मकसूदनपुर गांव निवासी रफीक अहमद (55) अपनी पत्नी तौफीकन (53) के साथ टीवीएस स्कूटी से जा रहे थे। रविवार को गुडवारा गांव के निकट नैनीताल हाईवे पर ओवरटेक करने के दौरान तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी सवार दंपति की मौके पर ही मौत हो गई।दुर्घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और डंपर को रुकवाकर चालक की पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही बहेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेड़ी भिजवाया, जहां पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, डंपर को सीज कर दिया गया है।हादसे में दंपति की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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खूँटी में तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई, 3 घायल—रेफरल अस्पताल में इलाज

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्डा के पास एक कार की जबरदस्त दुर्घटना हो गयी जिससे उसमें सवार तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये। जिनका उपचार तोरपा स्थित रेफरल अस्पताल में चल रहा है। यह घटना कोलेबिरा स्टेट हाईवे तीन पर तोरपा थाना क्षेत्र के कुलडा के पास घटि है जहाँ पर एक तेज रफ्तार स्विफ्ट अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक कार सवार सभी लोग सिमडेगा प्रिंस चौक से राँची जा रहे थे जो कुलडा के पास एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराया और सड़क से नीचे खेत में उतर गया जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना की जानकारी पर जुटी राहगीर और स्थानीय लोगों की भीड़ ने एंबुलेंस से घायलों को उपचार के लिए रेफरल अस्पताल तोरपा पहुंचाया जहां चिकित्सकों की देखरेख में कार सवार घायलों का उपचार चल रहा है।
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केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब, वीकेंड में भीड़ रिकॉर्ड

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:केदारनाथ, उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ ज्योतिर्लिंग टेंपल धाम में इन दिनों आस्था का जबरदस्त सैलाब उमड़ रहा है। छुट्टियों और वीकेंड के कारण धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 3 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक 14 हजार 230 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए, जिसके साथ ही इस यात्रा सीजन में दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं का आंकड़ा 16 लाख 21 हजार 914 के पार पहुंच गया है। केदारनाथ, उत्तराखंड: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सदस्य विनीत पोस्ती ने कहा, "3-4 दिन के इस वीकेंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए हैं। निरंतर संख्या में बढ़ोतरी हो रही है...यही प्रयास किया जा रहा है सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ साथ उनके गंतव्य तक पहुंचने में आसानी की जाए। शासन प्रशासन बेहतर व्यवस्थाएं कर रहा है。"
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कुएं में बुजुर्ग महिला का शव, पेट पर पत्थर बंधा मिला; जांच जारी

Sagar, Madhya Pradesh:कुएं में संदिग्ध हालत में मिला 74 साल की बुजुर्ग का शव. सागर जिले के देवरी इलाके में आज एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जहां एक कुएं में बुजुर्ग महिला का शव बरामद हुआ है और ये उस समय संदिग्ध हो गया जब महिला के पेट पर एक बड़ा सा पत्थर बंधा हुआ मिला है। मामला देवरी थाना क्षेत्र के धूलतरा गांव का है यहां रहने वाली 74 साल की महिला रामरती राजपूत कई घंटों से लापता थी परिजनों ने तलाश की और घर के बाहर बने कुएं में होने का शक हुआ तो वहाँ तलाश की गई और शक सही निकला, पुलिस को सूचना दी गई और जब शव बाहर निकाला गया तो मामला संदिग्ध हो गया क्योंकि महिला के पेट पर पत्थर बंधा हुआ था। देवरी थाने की पुलिस के मुताबिक फिलहाल परिजनों ने बताया है कि महिला पेट दर्द की बीमारी से पीड़ित थी लेकिन मामला संदिग्ध होने की वजह से हर एंगल से जांच की जा रही है।
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सतना पहुंचे भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी पर हार का आरोप लगाया

Satna, Madhya Pradesh:सतना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज सतना पहुंचे। अपने दौरे के दौरान वे सेवा सेतु अभियान सहित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। सतना आने से पहले प्रदेश अध्यक्ष ने मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे सतना पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।सतना में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल रीवा के लिए रवाना होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उनके पास लगातार चुनाव हारने का रिकॉर्ड है। उनके बारे में बात करना ही बेकार है।
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90 करोड़ की सड़क की पहली डामर परत उखड़ी, बारिश कारण बताकर पुनः डामरीकरण

Khairgarh, Uttar Pradesh:Content: 90 करोड़ की लागत से बन रही सड़क बनने से पहले ही उखड़ने लगी... जी मीडिया ने जब सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तस्वीरें सामने रखीं, तो अब विभाग हरकत में आया है। खबर के बाद जांच टीम खैरागढ़ पहुंची और सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के सैंपल लिए। राजनांदगांव-खैरागढ़ मुख्य मार्ग पर पहली डामर परत कई जगह से उखड़ने और गिट्टियां बाहर निकलने की तस्वीरें सामने आई थीं। सवाल उठ रहा था कि जब सड़क पर अभी दो और डामर की परतें बिछनी हैं, तो पहली परत इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई? खबर के बाद हुई जांच में अब सैंपल लिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि बारिश और पानी की वजह से पहली परत क्षतिग्रस्त हुई है और खराब हिस्से को काटकर दोबारा डामरीकरण कराया जाएगा। खास बात ये रही कि मौके पर पहुंचे अधिकारी कैमरे के सामने जांच को लेकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। अब सैंपल की रिपोर्ट बताएगी कि सड़क की गुणवत्ता में खामी थी या इसके पीछे बारिश और पानी वजह है। फिलहाल जी मीडिया की खबर के बाद हुई जांच ने 90 करोड़ की सड़क को लेकर जिम्मेदारों पर सवाल जरूर बढ़ा दिए हैं。
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सेट परीक्षा: बिलासपुर केंद्रों में पहली पाली के प्रश्न, दूसरी पाली ऐच्छिक विषय सफलतापूर्वक संपन्न

Bilaspur, Chhattisgarh:ब Bilaspur। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से रविवार को न्यायधानी के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) का आयोजन किया गया। पहली पाली में शिक्षण और शोध अभिवृत्ति तथा दूसरी में ऐच्छिक विषयों के पर्चे हल कराए गए। केंद्रों में कड़ी निगरानी के बीच जिले सहित आसपास से पहुंचे अभ्यर्थियों ने पर्चे लिखे। शहर के केंद्रों में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10.15 से 11.15 बजे तक आयोजित की गई। इसमें अनिवार्य विषय के रूप में शिक्षण और शोध अभिवृत्ति के 100 अंकों के 50 वस्तुनिष्ठ सवाल पूछे गए थे। पर्चे में शोध पद्धतियों, अनुसंधान नैतिकता, बाल विकास के सोपानों व गद्यांश आधारित विश्लेषणात्मक प्रश्नों ने अभ्यर्थियों के ज्ञान और एकाग्रता को परखा। दोपहर 2 से 4 बजे तक दूसरी पाली में संबंधित 30 विषयों की मुख्य परीक्षा 200 अंकों के लिए आयोजित की गई। सक्ती, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे परीक्षार्थियों की केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग, प्रवेश पत्र व पहचान पत्र की सघन जांच की गई। केंद्र अधीक्षकों की निगरानी में दोनों सत्रों की परीक्षा निर्विघ्न संपन्न हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर व्यापक इंतजाम रहे। मुख्य द्वारों पर सघन तलाशी के बाद ही कक्ष में प्रवेश मिला। नोडल अधिकारियों और उड़नदस्ता टीमों ने केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया। प्रथम सत्र के अनिवार्य पर्चे के बाद दूसरी पाली में ऐच्छिक विषयों की परीक्षा बिना किसी बाधा के पूरी हुई पहला प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम के पूरी तरह अनुरूप और संतुलित रहा। इसमें जटिल गणना या गणितीय उलझनें नहीं थीं, जिससे निर्धारित एक घंटे में सवाल हल हो गए। शोध अभिवृत्ति के विश्लेषणात्मक प्रश्न स्तरीय थे, जिन्हें समझकर हल करने में आसानी हुई और पहला पर्चा काफी सकारात्मक रहा।
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खड़गवां में सेवा सेतु अभियान: 16 स्टॉल से ग्रामीणों को ही स्थान पर लाभ

भरतपुर जिले के खड़गवां जनपद पंचायत में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के जरिए ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ लिया। स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद मंत्री ने शिविर में लगाए गए करीब 16 विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह, एसडीएम विजेंद्र सिंह सारथी, तहसीलदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामा बाई, जनपद उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न विभागों के स्टॉलों के जरिए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सेवा सेतु अभियान के तहत 16 विभागीय स्टॉल लगाए गए हैं ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच सके। अभियान का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सेतु बनाना है, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर जरूरी सेवाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है और इस दौरान जनसेवा और कल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को मंत्री के हाथों हितलाभ का वितरण किया गया।
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रायसेन के 450 पटवारी निष्पादन बनना नहीं चाहते; सरकार पर दबाव बढ़ा

Raisen, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश पटवारी संघ पूरे प्रदेश में विगत 17 सितंबर से किसानों के लिए स्वामित्व योजना में निष्पादक बनने को तैयार नहीं है और इसका जमकर विरोध कर रहा है. रायसेन में भी जिले भर के 450 से अधिक पटवारी किसी भी कीमत पर निष्पादक बनने को तैयार नहीं है और इसका जमकर विरोध कर रहे है. सरकार से निष्पादक नहीं बनाए जाने की मांग को लेकर लगातार आवेदन देता आ रहा है लेकिन सरकार पटवारी की एक भी नहीं सुन रही है,इसी कड़ी में अगर बात करते हैं तो रायसेन जिले के भी लगभग 450 से अधिक पटवारी निष्पादक बनने को तैयार नहीं है,जहां पटवारीयों का कहना है कि जिस किसान के पास अपनी जमीन की पहले से ही "वही" है तो पटवारी उस किसान की जमीन की दोबारा रजिस्ट्री कैसे करा सकता है.वहीं पटवारीयों की मांग है कि ऐसे में किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति होती है तो पटवारी को उसका जिम्मेदार बनाया जायेगा,जबकि निष्पादक के तौर पर मध्य प्रदेश शासन का नाम आना चाहिए जिससे आने वाले समय में किसी को कोई परेशानी या कोर्ट कचहरी का मामला बनता है तो वह सरकार के विरुद्ध अपना केस लड़ सके ना कि पटवारी के खिलाफ.आगे पटवारीयों का कहना है कि सरकार द्वारा निष्पादक हमे बनाया जा रहा है ताकि आगे चलकर किसी भी कोर्ट कचहरी की समस्या से पटवारी को जूझना पड़ेगा और पटवारी को ही कोर्ट कचहरी के मामले में सामना करना पड़ेगा,वहीं पटवारी का कहना है कि सरकार हम सभी से निष्पादक को छोड़कर किसी भी कार्य को कराए हम किसानों के हित में सभी कार्य करने को तैयार हैं लेकिन निष्पादक नहीं बनेंगे वहीं पटवारी ने मांग की है कि रायसेन जिले में उनके पांच पटवारी को निलंबित किया गया है जो कि सरासर गलत है उनको तत्काल बहाल किया जाना चाहिए।अगर उनको बहाल नहीं किया गया तो आगे से पटवारी अपनी योजना अनुसार कार्य करेंगे तथा सरकार को किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे। पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह का कहना है कि सरकार किसानों के साथ किसी भी प्रकार के विवाद में पटवारी को ही पार्टी बनाना चाहती है यह गलत है रिटायरमेंट के बाद भी पटवारी किसी भी विवाद में कोर्ट कचहरी के चक्कर काटता रहेगा इसलिए सरकार को निष्पादक से पटवारी को हटाना चाहिए और मध्य प्रदेश शासन को निष्पादक बनाया जाना चाहिए.वहीं मीना राय पटवारी का कहना है कि हम सरकार की सभी योजनाओं का निरंतर प्रचार प्रसार करते है और किसानों के सभी कार्य समय पर करते हैं लेकिन हम किसी भी कीमत पर निष्पादक नहीं बनेंगे. वहीं एक अन्य पटवारी आनंद सिंह पटेल ने कहा कि हमारे पांच साथियों को जो निलंबित किया गया है उनकी तत्काल बहाली होना चाहिए नहीं तो सारे पटवारी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जाएंगे.
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मंदिर के पास तेंदुए की लगातार मौजूदगी से सुरक्षा अलर्ट, 20 ट्रैप कैमरे लगे

Maihar, Madhya Pradesh:मां शारदा देवी मंदिर की पहाड़ी पर तेंदुए की लगातार मौजूदगी से श्रद्धालुओं में एक बार फिर दहशत का माहौल है। मंदिर पहाड़ी के ऊपर तृतीय चक्र के वैन मार्ग पर शनिवार शाम तेंदुआ एक बार फिर नजर आया। वहां से गुजर रहे श्रद्धालुओं ने तेंदुए को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। आज रविवार को इसका वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ पिछले करीब तीन माह से मंदिर की पहाड़ी और आसपास के वन क्षेत्र में लगातार मूवमेंट कर रहा है। इससे पहले भी पहाड़ी क्षेत्र और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले रास्तों पर तेंदुए की मौजूदगी के वीडियो सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही मूवमेंट के चलते श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। वन विभाग अलर्ट, लगाए गए 20 ट्रैप कैमरे गौरतलब है कि तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग भी पहले से ही अलर्ट मोड पर है। वन विभाग की टीम द्वारा मंदिर पहाड़ी के वैन मार्ग सहित उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। तेंदुए की वैज्ञानिक तरीके से पहचान और उसके मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए वन विभाग ने करीब 20 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिए तेंदुए की तस्वीरें और उसकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है, जिससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहा तेंदुआ वही है या अलग-अलग वन्यजीवों की मौजूदगी है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि पहाड़ी और वन क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, उसका पीछा न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है।
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नवनीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला हॉकी ने एशियन गेम्स गोल्ड के बीच 44 साल का इंतजार किया खत्म

Kurukshetra, Haryana:शाहाबाद : एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली ओलंपियन नवनीत कौर ने कहा कि फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम मैदान पर केवल एक ही लक्ष्य लेकर उतरी थी और वह था गोल्ड मेडल जीतना। टीम ने 44 वर्षों के इंतजार को खत्म करने की ठान रखी थी और फाइनल से पहले चीन के पिछले मुकाबलों के वीडियो देखकर उसकी कमजोरियों और गलतियों का गहराई से अध्ययन किया गया था। नवनीत कौर ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल दोनों ही मुकाबले ऐसे थे, जहां गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी। दोनों मैचों में जीत ही एकमात्र रास्ता था। टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ की सोच एक थी कि इस बार भारतीय महिला हॉकी टीम को स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि कोच बलदेव सिंह सहित सभी कोचों का सपना था कि भारतीय टीम एशियन गेम्स में गोल्ड जीते और टीम ने उस सपने को साकार करने के लिए मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया। चीन के वीडियो देखकर बनाई रणनीति नवनीत कौर ने बताया कि चीन के खिलाफ फाइनल से पहले टीम ने उसके पहले खेले गए मुकाबलों के वीडियो देखे। चीन किस तरह आक्रमण करता है, उसकी डिफेंस लाइन में कहां जगह बनती है और किन परिस्थितियों में उससे गलतियां होती हैं, इन सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि रणनीति साफ थी कि चीन के खिलाफ शुरुआत में बढ़त हासिल करनी है और उसके बाद उसे वापसी का मौका नहीं देना है। जैसे ही भारतीय टीम ने गोल किया, इसके बाद डिफेन्स को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। चीन ने गोलकीपर हटाकर 11 खिलाड़ियों से किया हमला नवनीत ने फाइनल के रोमांचक क्षणों को याद करते हुए कहा कि चीन ने आखिरी समय में अपना गोलकीपर तक बाहर भेज दिया और 11 खिलाड़ियों के साथ भारतीय टीम पर हमला किया, लेकिन भारतीय महिला हॉकी टीम के मजबूत डिफेंस को भेदना चीन के लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उस समय टीम के खिलाड़ियों के मन में केवल यही था कि किसी भी कीमत पर गोल नहीं होने देना है। हर खिलाड़ी ने अपनी जिम्मेदारी को समझा और डिफेन्स ने पूरी मजबूती के साथ चीन के हमलों को रोका। सविता ने अपना एक प्रतिशत जीत लिया नवनीत कौर ने भारतीय गोलकीपर सविता के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पेनल्टी कॉर्नर के दौरान गेंद जिस रफ्तार और ताकत के साथ गोल की ओर आती है, उसे रोकना बेहद मुश्किल होता है। नवनीत ने कहा कि गोलकीपर के पास पेनल्टी स्ट्रोक रोकने का मौका बेहद कम होता है, लेकिन सविता ने अपने उस छोटे से मौके को जीत में बदल दिया। उसने जिस तरह पेनल्टी स्ट्रोक को रोका, वह लाजवाब था। पेनल्टी कॉर्नर पर किया गया बचाव मेरे लिए सबसे खास नवनीत ने कहा कि एशियन गेम्स के दौरान उनके द्वारा किए गए पेनल्टी कॉर्नर के बचाव उनके लिए सबसे खास पलों में रहे। उन्होंने बताया कि पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद सीधे खिलाड़ी के शरीर की ओर तेजी से आती है और ऐसे समय में बिना डर के गेंद को रोकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि टीम के लिए हर खिलाड़ी का एक-एक योगदान महत्वपूर्ण था और गोल्ड मेडल किसी एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। अनुभव के कारण मिली टीम को लीड करने की जिम्मेदारी नवनीत कौर ने कहा कि उन्हें फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में टीम को लीड करने का अवसर उनके अनुभव के कारण मिला। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मुकाबलों में केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन मायने नहीं रखता, बल्कि मैदान पर साथियों का हौसला बढ़ाना और दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेना भी उतना ही जरूरी होता है。 एशियन गेम्स में नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 गोल किए और भारतीय टीम के स्वर्णिम अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 44 साल का इंतजार खत्म करना था नवनीत ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने केवल एक मुकाबला जीतने का लक्ष्य नहीं था, बल्कि 44 साल के इंतजार को खत्म करने का जुनून था। टीम को पता था कि इतिहास बनाने का यह मौका बार-बार नहीं आता। उन्होंने कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने एक-दूसरे पर विश्वास रखा और हर मुकाबले के साथ आत्मविश्वास बढ़ता गया। फाइनल में पहुंचने के बाद सभी खिलाड़ियों ने ठान लिया था कि इस बार स्वर्ण पदक लेकर ही वापस लौटना है。 अब अगला लक्ष्य ओलंपिक है एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद नवनीत कौर ने साफ कर दिया कि भारतीय महिला हॉकी टीम अब रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि अब ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी। नवनीत ने कहा कि एशियन गेम्स की यह जीत टीम को नया आत्मविश्वास देगी, लेकिन असली लक्ष्य और भी बड़ा है। अब खिलाड़ी मैदान पर पहले से ज्यादा पसीना बहाएंगे, अपनी कमियों पर काम करेंगे और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स का गोल्ड सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि आगे आने वाली बड़ी चुनौती के लिए प्रेरणा है। पुरुष हॉकी टीम और सभी पदक विजेताओं को दी बधाई नवनीत कौर ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम सहित देश के लिए पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जब तिरंगा पोडियम पर सबसे ऊपर जाता है तो खिलाड़ी के साथ पूरा देश गौरवान्वित महसूस करता है। भारतीय खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है और आने वाले समय में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास जारी रहेगा। यह सिर्फ मेरा नहीं, पूरे शाहाबाद का सपना था नवनीत कौर ने कहा कि उनकी सफलता में उनके परिवार, कोच बलदेव सिंह साथियों और शाहाबाद के लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि शाहाबाद की मिट्टी ने उन्हें हॉकी खेलना सिखाया और यहां के लोगों ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज जो स्वर्ण पदक उनके हाथ में है, उसमें उनके परिवार के त्याग, कोचों की मेहनत, टीम की एकजुटता और देशवासियों की दुआएं शामिल हैं। नवनीत ने कहा कि वह इस प्यार और सम्मान को हमेशा अपने दिल में रखेंगी और अब उनका सपना है कि ओलंपिक में भी तिरंगा सबसे ऊंचा लहराए और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता जाए।
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