icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बैतूल नगरपालिका ने अज्ञात शवों के तर्पण से मानवता की मिसाल कायम की

Betul, Madhya Pradesh:आमतौर पर नगरपालिकाओं की जिम्मेदारी जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड रखने और शहर की व्यवस्थाएं संभालने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन बैतूल नगरपालिका ने इससे आगे बढ़कर मानवता और संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जिन 13 लोगों की मौत के बाद उनके अपनों ने भी उनकी सुध नहीं ली, जिनके शवों पर दावा करने वाला कोई सामने नहीं आया, उन अज्ञात मृतकों की आत्मा की शांति के लिए नगरपालिका ने विधि-विधान से तर्पण कराया। बैतूल की माचना नदी के घाट पर हुई इस पहल ने समाज को एक भावुक संदेश दिया है। बैतूल में इंसानियत की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देगी। सड़क किनारे लावारिस हालत में मृत मिले 13 अज्ञात लोगों का न तो कोई परिजन सामने आया और न ही कोई उनकी पहचान कर सका। नगरपालिका ने इन सभी का अंतिम संस्कार कराया था, लेकिन अब पितृ पक्ष के अंतिम दिन इन मृतकों को याद करते हुए उनके नाम से तर्पण भी कराया गया। बैतूल विधायक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पहल और सोच को अमलीजामा पहनाते हुए नगरपालिका परिषद के अधिकारियों ने माचना नदी के घाट पर विधि-विधान के साथ तर्पण की रस्म पूरी की। इस दौरान अज्ञात मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की गई। दरअसल बीते एक साल में बैतूल नगरपालिका क्षेत्र में 13 अज्ञात शव मिले थे। इन शवों पर किसी ने दावा नहीं किया, जिसके बाद नगरपालिका ने उनका अंतिम संस्कार कराया। अब नगरपालिका ने इन मृतकों के लिए तर्पण कर एक ऐसी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई, जो सरकारी कामकाज से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी है। नगरपालिका के सीएमओ के मुताबिक धार्मिक मान्यताओं और पुराणों में भी अज्ञात लोगों का तर्पण करने के पुण्य का उल्लेख मिलता है। इसी भावना के साथ अब हर साल अज्ञात मृतकों का तर्पण कराने का प्रयास किया जाएगा। जिन लोगों को अंतिम विदाई देने के लिए अपना कोई सामने नहीं आया, उनके लिए बैतूल नगरपालिका ने अपनत्व का भाव दिखाया। यह पहल सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है इंसान की पहचान भले ही दुनिया से मिट जाए, लेकिन उसके प्रति मानवता का कर्तव्य कभी खत्म नहीं होना चाहिए।
0
0
Report

पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण न देने पर भर्ती परीक्षाएं रद्द, हाईकोर्ट में सुनवाई

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद 11 अक्टूबर को प्रस्तावित सहायक शिक्षक परीक्षा और 25 अक्टूबर को होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे 2,292 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। मामले के अनुसार, भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1,497 पद शामिल थे। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। इस विसंगति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूंगटा ने अदालत में पक्ष रखते हुए पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर रखने पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया। गौरतलब है कि अधिवक्ता रूंगटा स्वयं शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित हैं और ब्रेल लिपि के माध्यम से अपनी दलीलें प्रस्तुत करते हैं।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्णराम महापात्र की अध्यक्षता वाली हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष मामला उठने के बाद भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकारों और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर सवाल खड़े हुए। बताया जा रहा है कि समाज कल्याण विभाग के परिपत्र में किए गए बदलाव के कारण पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। परीक्षाएं रद्द होने से उन अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली थी। प्रवेश पत्र जारी हो चुके थे। कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना होने की तैयारी में थे, जबकि दूरस्थ जिलों के कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र वाले शहरों में ठहरने की व्यवस्था भी कर ली थी। अब भर्ती प्रक्रिया आगे कब बढ़ेगी, इस पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं। पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े विवाद के कारण हजारों पदों पर भर्ती की समय-सारिणी प्रभावित हो गई है।
0
0
Report
Advertisement

बैतूल के धनियाजाम गांव के खेत से गांजे के पौधे गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल में खेत के अंदर गांजे की खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस खेत में फसल लहलहानी चाहिए थी, वहां गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर दबिश दी, तो खेत में गांजे के 12 पौधे देखकर कार्रवाई शुरू कर दी। मामला चिचोली थाना क्षेत्र के धनियाजाम गांव का है, जहां पुलिस ने गांजे की खेती का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरअसल चिचोली पुलिस को सूचना मिली थी कि धनियाजाम गांव में मुल्लाजी मर्सकोले के खेत में गांजे के पौधे लगाए गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान खेत में गांजे के 12 पौधे लगे मिले। पुलिस ने सभी पौधों को जब्त कर लिया और मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। इस मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मुल्लाजी मर्सकोले के खिलाफ पहले से ही बैतूल कोतवाली थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत एक प्रकरण दर्ज है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि खेत में गांजे के पौधे कब और किस उद्देश्य से लगाए गए थे। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
0
0
Report

Morbi के खानपर गांव में दामाद के विवाद ने की हत्या, 8 गिरफ्तार

Morbi, Gujarat:મોરીબી જિલ્લામાં વાંકાનેર તાલુકાના ખાનપર ગામે રહેતા પરિવારની દીકરીને એક શખ્સે ભાગીડી ગયો હતો જેની ફરિયાદ કરતાં દીકરીના દાદા સહિતના લોકોએ આ શખ્સના ઘરે જઈને પૂછપરછ કરવાનો પ્રયાસ કર્યો ત્યારે ત્યાં યુવાનના પિતાની સાથેના 8 લોકોએ લાકડાના ધોકા જેવી હથિયારોથી હુમલો કર્યો હતો જેના પરિણામે ભગાડી ગયેલ યુવતીના દાદાને માથામાં ગંભીર ઈજા લાગી હતી અને સારવાર દરમિયાન તેનું મોત નીપજયું હતું આ ઘટનાને હત્યામાં પલટાવી લેવામાં આવી હતી. પોલીસે આ ઘટનાના બાદ 8 આરોપીઓને પકડીને આગળની કાર્યવાહી કરી હતી.ovana–ના ઘરના લોકો હેતલને શોધવા માટે ગયા હતા ત્યારે કિશનના પિતાએ તેમને મારો હતો જેમાં વડા સહિતના લોકોનો સમાવેશ થાય છે. આ બનાવના કારણે ગામમાં શોકનું માહોલ હતું અને પાઇલટ દક્ષિણ પોલીસે સમગ્ર મામલો નોંધ્યો હતો.
0
0
Report

दमोह-जबलपुर स्टेट हाइवे पर दो स्कूली छात्राओं की मौत, एक की हालत नाजुक

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर दर्दनाक हादसा, 2 स्कूली छात्राओं की मौत 1 की हालत नाजुक.. दमोह से बेहद दर्दनाक खबर है जहां एक हादसे में दो मौत के बाद मातम पसरा हुआ है वहीं लोग सड़क पर आकर विरोध जाहिर कर रहे है। दरअसल दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर अभाना में एक तेज रफ्तार यात्री बस ने स्कूल जा रही तीन छात्राओं को रौंद डाला, इस हादसे में दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। इस हादसे की खबर के बाद गांव के तमाम लोग सड़को पर आ गए और उन्होंने सड़क जाम कर दी जिस वजह से स्टेट हाइवे पर दोनों तरफ कई किलोमीटर तक जाम लगा रहा। लोगों की माने तो रोजाना इस रास्ते पर बेलगाम होकर बसें गुजरती है और तेज रफ्तार से कई हादसे पहले भी हो चुके है लेकिन रफ्तार रोकने के कोई उपाय नहीं हुए है। वहीं हादसे की सूचना के बाद जिला अस्पताल में पूर्व मंत्री और दमोह के सीनियर विधायक जयंत मलैया, कलेक्टर सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे है और पीड़ितों को मदद का भरोसा दिया है। फिलहाल नोहटा पुलिस ने बस को जब्त किया है वहीं घटना के बाद फरार हुए बस ड्राईवर की तलाश भी पुलिस कर रही है。
0
0
Report
Advertisement

मैहर में शारदीय नवरात्रि मेले के लिए मांस-मछली-अंडे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू

Maihar, Madhya Pradesh:शारदीय क्वांर नवरात्रि मेले को लेकर मैहर प्रशासन ने धार्मिक नगरी की पवित्रता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। नवरात्रि मेला अवधि के दौरान पूरे नगरपालिका क्षेत्र मैहर में मांस, मछली और अंडे के क्रय-विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अनुविभागीय दंडाधिकारी मैहर दिव्या पटेल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तक नगरपालिका क्षेत्र में मांस, मछली एवं अंडे की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित रहेगी。 प्रशासन के मुताबिक, मैहर धार्मिक नगरी घोषित है और शारदीय नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचते हैं। ऐसे में मेले की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है。 प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध की अवधि में मांस, मछली और अंडे का क्रय-विक्रय करने वाले दुकानदारों अथवा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है。 नवरात्रि मेले को लेकर प्रशासन द्वारा शहर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में यह प्रतिबंध भी लागू किया गया है। प्रशासन ने संबंधित व्यापारियों से आदेश का पालन करने की अपील की है。
0
0
Report

उदयपुर के मनवाखेडा में टूटे तार से ज्वार खेत जलकर राख, किसानों के आरोप

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के मनवाखेडा इलाके में बिजली का तार टूटने से ज्वार की फसल जल कर राख हो गई । तड़के अचानक शार्ट सर्किट होने से बिजली का तार टूटने से किसान भग्गा डांगी और मदन डांगी के खेत में आग लगने से करिब डेड बिघा में ज्वार की पक्की फसल जल कर नष्ट हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जन हानी नहीं हुई। किसान नेता विष्णु पटेल ने बताया की विधुत विभाग की घोर लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है। यह तार एक माह पहले विभाग द्वारा नया खींचा गया था। पूराना पोल टूट गया था। बिना मानक को ध्यान में रखकर यह पोल लगाया है किसान नेता ने विभाग से किसान को मुहावजा देने की मांग की है।
0
0
Report

रेगर बस्ती के सूने मकान में भीषण आग, दमकल ने काबू पाया

Rajsamand, Rajasthan:आमेट उपखंड मुख्यालय के वार्ड-5 रेगर बस्ती में सूने मकान में लगी भीषण आग, मकान के छत की पट्टियां टूटीं मोहल्ले के बीचोंबीच अचानक हुई दुर्घटना से मची अफरातफरी, दमकल की गाड़ी ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू आमेट, राजसमंद आज एक सूने मकान में भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी भयानक थी कि इसकी लपटों के कारण मकान की छत की पट्टियां तक टूट गईं। घनी आबादी वाले मोहल्ले के बीचोंबीच हुई इस घटना से आसपास के इलाके में भारी अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस मकान में काफी समय से नाना लाल रेगर रह रहे थे। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय मकान पूरी तरह सूना था, जिसके चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग की भयंकर तीव्रता के कारण मकान में रखे लकड़ी के दरवाजे और अन्य जरूरी सामान जलकर पूरी तरह राख हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे आग आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से बच गई
0
0
Report
Advertisement

हाईकोर्ट का आदेश: 33 कर्मचारियों को 2013-2023 के बीच वेतनवृद्धि मिलेगी

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने हिंदी टाइपिंग कौशल परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण वर्षों से वार्षिक वेतनवृद्धि से वंचित 33 कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति तिथि और सेवा नियमों के अनुरूप वर्ष 2013 से 2023 के बीच देय वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाए।मामला राजनांदगांव जिले में हिंदी टाइपिंग परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं में जयप्रकाश, कुशल कुमार मंडावी और थानेश कुमार साहू सहित राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और दुर्ग जिले के 33 कर्मचारी शामिल थे। इन सभी की नियुक्ति अलग-अलग समय पर अनुकंपा के आधार पर हुई थी।कर्मचारियों का कहना था कि वर्ष 2013 से 2023 तक विभाग ने हिंदी टाइपिंग परीक्षा आयोजित नहीं की। इसके बावजूद परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने का हवाला देकर उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी गई। कर्मचारियों की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि विभागीय लापरवाही की सजा कर्मचारियों को देना उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि हिंदी टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करना सेवा नियमों के तहत जरूरी है। भविष्य में वेतनवृद्धि और नियमितीकरण के लिए इस शर्त को पूरा करना होगा। हालांकि, जिस अवधि में परीक्षा आयोजित ही नहीं हुई, उसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट के इस फैसले से 33 कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें नियमानुसार वर्ष 2013 से 2023 के बीच देय वेतनवृद्धि का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
0
0
Report

राष्ट्रीय लोक अदालत से आमजन को सुलभ न्याय, विवाद कम होंगे

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में शनिवार को मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल मुकदमों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि आमजन को न्याय का वास्तविक अनुभव कराना और न्याय व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास मजबूत करना भी है। न्याय की सार्थकता तभी है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो। मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में न्याय को सुलभ, सरल और कम खर्चीला बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों, संसाधनों की कमी या लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय पाने के अवसर से वंचित नहीं रहना चाहिए। राष्ट्रीय लोक अदालतें ऐसे पक्षकारों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जो आपसी सहमति से कम समय और कम खर्च में अपने विवादों का समाधान चाहते हैं। आपसी सहमति से विवादों का समाधान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से विवादों का निपटारा कर सकते हैं। इससे उन्हें लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों, आर्थिक खर्च और मानसिक परेशानी से राहत मिलती है। साथ ही, न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की मज़बूती का आकलन केवल मामलों के निस्तारण की संख्या से नहीं किया जा सकता, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आम नागरिक को न्यायिक प्रक्रिया से कितनी राहत मिलती है और उसका न्याय व्यवस्था पर कितना भरोसा कायम रहता है। राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय को अधिक सुलभ और व्यावहारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद उद्घाटन समारोह में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विनीत कुमार माथुर, जस्टिस अरुण मोंगा, जस्टिस बलजिंदर सिंह, जस्टिस संजीत पुरोहित, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित, रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा और रालसा के सदस्य सचिव डॉ. हरिओम शर्मा सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और पक्षकार मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेशभर के न्यायालयों में किया जा रहा है।
0
0
Report
Advertisement

उज्जैन में नाजिया इलाही खान ने पूर्वजों के तर्पण के साथ सनातन धर्म अपनाने की बात कही

Ujjain, Madhya Pradesh:सर्वपितृ अमावस्या पर उज्जैन पहुंचीं नाजिया इलाही खान, पूर्वजों के साथ बेजुबान जानवरों का भी किया तर्पण लव जिहाद, फ्रिज और गरबा पर नाजिया का बड़ा बयान औरंगजेब पर निशाना, भारतीय मुसलमानों से की अपील बोलीं- सनातन धर्म अपनाने से पहले खुद की शुद्धि कर रही हूं उज्जैन। सर्वपितृ अमावस्या पर सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान उज्जैन के रामघाट पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। पंडित अजय गुरु ने विधि-विधान से पूजा करवाई। नाजिया ने कहा कि उन्होंने बकरीद के नाम पर मारे जाने वाले बेजुबान जानवरों के लिए भी अलग से तर्पण और पूजा करवाई है। पूजा के बाद उन्हें मन हल्का महसूस हो रहा है। इस दौरान रामघाट पर पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए。 सनातन धर्म अपनाने को लेकर क्या बोलीं? मीडिया से चर्चा के दौरान नाजिया ने सनातन धर्म अपनाने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह अभी खुद की शुद्धि कर रही हैं। जब उन्हें लगेगा कि शुद्धि पूरी हो गई है और पंडित जी उन्हें इसके लिए कहेंगे, तब वह सनातन धर्म स्वीकार करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर इसकी सार्वजनिक घोषणा भी करेंगी。 औरंगजेब पर साधा निशाना नाजिया ने मुगल शासक औरंगजेब की आलोचना करते हुए कहा कि भारतीय मुसलमानों को भी उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने औरंगजेब को इस्लाम को बदनाम करने वाला बताते हुए उसकी निंदा करने की अपील की。 लव जिहाद, फ्रिज और गरबा पर भी दिया बयान नवरात्रि और गरबा आयोजनों को लेकर नाजिया ने पुलिस प्रशासन से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू त्योहारों के दौरान हिंदू बेटियों को प्रेम के जाल में फंसाकर निशाना बनाते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने हत्या के बाद शव के टुकड़े फ्रिज में रखने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने इन मामलों को लेकर कई आरोप लगाए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उनके इस बयान से नहीं होती। धमकियों पर बोलीं- मैं डरने वाली नहीं नाजिया ने कहा कि उन्हें धमकियों और विरोध से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि वह सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने धमकी देने वालों को खुली चुनौती भी दी। नाजिया इलाही खान तीन तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई के बाद चर्चा में आई थीं। इससे पहले भी वह दो बार उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुकी हैं।
0
0
Report

जलपाइगुड़ी के वैकुण्ठपुर राजबाड़े में महालया पर देवी के नेत्रदान की परंपरा

Jalpaiguri, West Bengal:মহালয়ার পূর্ণলগ্নে জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়িতে দেবীর চক্ষুদান, ৫১৭ বছরে ঐতিহ্যবাহী দুর্গাপুজো। মহালয়ার পুণ্যলগ্নে দেবীর চক্ষুদান পর্বকে ঘিরে উৎসবের আবহ উত্তরবঙ্গের জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়িতে। ৫১৭ বছরে পদার্পণ করেছে রাজবাড়ির ঐতিহ্যবাহী দুর্গাপুজো। আর এই বিশেষ দিনেই দেবীর চক্ষুদান পর্বকে কেন্দ্র করে রাজবাড়ি চত্বরে ভিড় জমিয়েছেন বহু ভক্ত ও দর্শনার্থী। রাজপরিবারের সদস্যদের উপস্থিতিতে সন্ধ্যায় বিশেষ পুজোর আয়োজন করা হয়েছে। প্রাচীন রীতি ও ঐতিহ্য মেনে সম্পন্ন হচ্ছে দেবীর চক্ষুদান পর্ব। মহালয়ার এই শুভক্ষণে দেবীর চক্ষুদানকে ঘিরে ভক্তদের মধ্যে দেখা গিয়েছে বিশেষ উৎসাহ ও আবেগ। ইতিহাস, ঐতিহ্য আর ধর্মীয় আচার—সব মিলিয়ে মহালয়ার পুণ্যলগ্নে ফের একবার স্বমহিমায় জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top