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झारखंड के दुमका-पालामू मेडिकल कॉलेज के 1000 बिस्तर, MBBS से PG तक सीटें बढ़ें

Ranchi, Jharkhand:रांची दुमका और पलामू मेडिकल कॉलेज होंगे एक हजार बिस्तरों के, एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाने की तैयारी अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य आधारभूत संरचना के विकास की समीक्षा की मेडिकल कॉलेजों में विद्युत बसें उपलब्ध कराने का निर्देश झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में दुमका और पलामू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा। दोनों संस्थानों में सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000-1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने तथा एमबीएसबीएस की सीटें बढ़ाने और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के विस्तार की योजना है। दुमका मेडिकल कॉलेज के विकास पर लगभग 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक अपर मुख्य सचिव के कार्यालय कक्ष में हुई। इसमें विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव श्री ललित कुमार शुक्ला सहित विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में दुमका के पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू के एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित देवघर, रांची, लोहरदगा, चाईबासा, जमशेदपुर तथा अन्य मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य आधारभूत संरचना के विकास और मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक में दुमका स्थित पीजे मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास की विस्तृत योजना पर चर्चा हुई। बताया गया कि लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस संस्थान में वर्तमान में उपलब्ध 500 बिस्तरों के साथ सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में स्नातक चिकित्सा शिक्षा (एमबीबीएस) की 100 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त स्नातकोत्तर (पीजी) की 150 सीटों की व्यवस्था करने की योजना है। परियोजना पर लगभग 375 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज परिसर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए छात्रावास बनाने तथा अतिथिगृह के निर्माण का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों और संस्थान में आने वाले अतिथियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। पलामू स्थित एमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास पर भी बैठक में चर्चा की गई। यह संस्थान लगभग 75 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि दुमका और पलामू, दोनों मेडिकल कॉलेजों के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है。 पलामू मेडिकल कॉलेज में भी सदर अस्पताल को सम्मिलित करते हुए कुल 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था करने की योजना है। साथ ही स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 150 सीटों की व्यवस्था करने की योजना भी बैठक में रखी गई। बैठक में हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के विकास पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अंतर्गत लगभग 75 से 100 एकड़ भूमि में अस्पताल और संबंधित आधारभूत संरचनाओं के विकास की योजना पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त देवघर, रांची, लोहरदगा और चाईबासा के मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी मेडिकल कॉलेजों में विद्युत बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवागमन में सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने जमशेदपुर सहित अन्य तीन मेडिकल कॉलेजों में भी बसें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस पहल से बड़े अस्पताल परिसरों में मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों और चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करने वाले लोगों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। बैठक में राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या का विस्तार करने, छात्रावास एवं अतिथिगृह जैसी सुविधाएं विकसित करने और मरीजों के आवागमन को सुगम बनाने पर जोर दिया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को अधिक सुदृढ़ बनाना है。
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राजस्थान ने 34 माह में बिजली उत्पादन और सौर ऊर्जा में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की

Noida, Uttar Pradesh:राजस्थान ने बिजली उत्पादन से लेकर पावर ट्रांसमिशन में हासिल की नई रफ्तार सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28,303 मेगावाट की वृद्धि 26 जिलों में दिन के समय में अन्नदाताओं को मिल रही बिजली प्रधानमंत्री कौशलं योजना (कुसुम) योजना में राजस्थान देश में अग्रणी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की तुलना में भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन क्षमता के क्षेत्र मे 5 गुना तक उपलब्धि हासिल की कांग्रेस सरकार में विद्युत तंत्र रहा कुप्रबंधन का शिकार, उपभोक्ता बिजली को तरसे जयपुर, 23 अक्टूबर। राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं और नीतियों के समयबद्ध क्रियान्वयन से भाजपा सरकार ने 34 माह के कार्यकाल में पूर्ववर्ती सरकार के पहले 34 माह के साथ-साथ पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल के कार्यों को कई गुना पीछे छोड़ बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 26 जिलों में अन्नदाताओं को दिन के दो ब्लॉक मे बिजली मिल रही है। कस्बों से लेकर गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय में विद्युत तंत्र कुप्रबंधन का शिकार रहा, डिस्कॉम्स घाटे में ही रहे और उपभोक्ता बिजली को तरसे। बिजली उत्पादन में 10 हजार 920 मेगावाट की रिकॉर्ड वृद्धि प्रदेश में भाजपा की सरकार ने रोडमैप के तहत बिजली, पानी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं पर प्रतिबद्ध होकर कार्य किया है। परिणामस्वरूप गत 34 माह के कार्यकाल में राज्य के उपयोग के लिए बिजली उत्पादन क्षमता में 10 हजार 920 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस के पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में यह आंकड़ा 3 हजार 958 मेगावाट तक ही पहुंचा था। इस प्रकार भाजपा सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस की तुलना में पौने तीन गुना बिजली उत्पादन की वृद्धि दर्ज की गई है। अगर कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों की तुलना की जाए तो भाजपा सरकार का आंकड़ा लगभग 5 गुना से अधिक है। राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा का हो रहा तेजी से विस्तार राजस्थान में सौर ऊर्जा की व्यापक संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं पर कार्य करते हुए भाजपा सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और प्रदेशवासियों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। जिसके परिणामस्वरूप 34 माह के कार्यकाल में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 28 हजार 303 मेगावाट की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पहले 34 माह में यह वृद्धि मात्र 3 हजार 985 मेगावाट और पूरे पांच वर्ष में 14,878 मेगावाट तक ही सीमित रही। उच्च क्षमता वाले सब-स्टेशनों की हो रही तेजी से स्थापना बिजली उत्पादन में वृद्धि के साथ सुचारु प्रसारण भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में उच्च क्षमता वाले विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विद्युत प्रसारण नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा सरकार के 34 माह के कार्यकाल में ही 400 केवी क्षमता के 2 ग्रिड सब-स्टेशन, 220 केवी क्षमता के 9 ग्रिड सब-स्टेशन, 132 केवी क्षमता के 51 ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच वर्ष के पूरे कार्यकाल में 400 केवी क्षमता का एक, 220 केवी के पांच तथा 132 केवी 38 ग्रिड सब-स्टेशन ही स्थापित हुए थे। इसी प्रकार भाजपा सरकार के शासन में 33 केवी के 532 सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के 34 माह मे 33 केवी के मात्र 477 सब-स्टेशन ही स्थापित हो पाये थे। राजस्थान के विद्युत उत्पादन, सौर ऊर्जा क्षमता, विद्युत सब-स्टेशनों के विस्तार से जुड़े ये आंकड़े राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की दिशा और विकास की संभावनाओं को सामने रखते हैं। डिस्कॉम्स अब लाभ की स्थिति में पीएम कौसुम योजना में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। पीएम कौसुम योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 5.57 गीगावॉट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है जो कि देश में सर्वाधिक है। इस योजना से 3 लाख 78 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। राजस्थान डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति इस सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। अजमेर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 825 करोड रूपये एवं वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने 931 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है।
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जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू, घाटी में चाक चौबंद निगरानी

Chaka, आतंक पर अंतिम प्रहार: घाटी से आतंकवाद का अखरी निशान का सफाया करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ा। एक कड़े और निर्णायक कदम के तहत, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ एक व्यापक और बहुआयामी अभियान छेड़ दिया है। सीमावर्ती इलाकों के घने जंगलों से लेकर श्रीनगर के व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों और सभी दस जिलों के भीतरी इलाकों तक, सुरक्षा बलों ने सक्रिय आतंकवादियों, उनके मददगारों (OGWs), फंडिंग करने वालों और उनके समर्थकों पर अपना शिकंजा कस दिया है। यह बड़ा अभियान, पुलिस शहीद दिवस के मौके पर पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात द्वारा दिए गए एक सख्त और स्पष्ट बयान के बाद शुरू किया गया है। आतंकवाद और अलगाववाद के गठजोड़ के खात्मे का ऐलान करते हुए, DGP प्रभात ने कहा कि प्रशासन तब तक चैन से नहीं बैठेगा, जब तक कि चरमपंथ से जुड़े हर एक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाकर सजा नहीं दिला दी जाती। DGP नलिन प्रभात ने कहा, "हमारा लक्ष्य एकदम साफ है: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और चरमपंथ से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान करना और उसे पूरी तरह से जड़ से खत्म करना।" उन्होंने आगे कहा, "आज हमें यह संकल्प लेना होगा कि जब तक हम इस धरती को अलगाववादी और आतंकवादी तत्वों से मुक्त नहीं कर देते, तब तक हम रुकेंगे नहीं। मैं जम्मू-कश्मीर के उन लोगों को भी चेतावनी देना चाहता हूं जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं—अब आपके दिन गिने-चुने हैं। अगर आप पाताल में भी छिपने की कोशिश करेंगे, तो भी हम आपको ढूंढ निकालेंगे और कानून के तहत कड़ी सजा दिलाएंगे।" DGP के निर्देशों का पालन करते हुए, सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। पूरी कश्मीर घाटी और संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा का एक मजबूत घेरा तैयार किया गया है: अचानक लगने वाले मोबाइल चेक-पोस्ट (नाके): श्रीनगर और घाटी के अन्य नौ जिलों में कई जगह अस्थायी चेक-पोस्ट बनाए गए हैं। हर वाहन, कमर्शियल गाड़ी और संदिग्ध पैदल चलने वालों की पहचान की जांच की जा रही है। अलग-अलग जिलों को जोड़ने वाली सड़कों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर चौबीसों घंटे हाई-डेफिनिशन ऑप्टिकल और थर्मल सर्विलांस (निगरानी) के जरिए नजर रखी जा रही है। महत्वपूर्ण वन मार्गों और पहाड़ी श्रृंखलाओं की ओर जाने वाले रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। घुसपैठ करने वाले समूहों या बचे हुए आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने न मिल सकें—जो आम नागरिकों के बीच छिपने की कोशिश कर रहे हैं—इसके लिए व्यापक तलाशी और 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' अभियान (CASO) चलाए जा रहे हैं। पूरी घाटी में चलाया जा रहा यह आक्रामक अभियान, हाल ही में सुरक्षा बलों द्वारा नियंत्रण रेखा (LoC) और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हासिल की गई आतंकवाद-विरोधी सफलताओं की एक कड़ी है। सुरक्षा बलों ने पीर पंजाल और उत्तरी सेक्टरों में पाकिस्तान स्थित लॉन्चपैड से की गई घुसपैठ की कई कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और सेना के संयुक्त खुफिया अभियानों ने जंगलों में सक्रिय आतंकी ठिकानों को बेअसर कर दिया है। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है, जिनका इस्तेमाल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति बिगाड़ने के लिए किया जाना था। सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के साथ-साथ, पुलिस प्रशासन ने UAPA (यूएपीए) के तहत आतंकी फंडिंग और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी संपत्तियों, वाहनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इससे उन राष्ट्र-विरोधी तत्वों की आर्थिक कमर टूट रही है, जो इसी पैसे के दम पर पलते-बढ़ते हैं। घाटी के भीतरी इलाकों में तैनात विशेष सामरिक इकाइयों, रियल-टाइम में काम कर रहे खुफिया नेटवर्क और उच्च कमान द्वारा लागू 'जीरो-टॉलरेंस' नीति के जरिए सुरक्षा तंत्र ने घाटी के हर कस्बे में एक स्पष्ट संदेश भेज दिया है: "घेरा कसता जा रहा है, अब छिपने की कोई जगह नहीं बची है। तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते।"
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शिक्षक निर्वाचन में कुशीनगर का दमदार मतदान, 84.15 फीसदी पडे वोट

SCSANJAY CHANKAYAFollow11m ago
Padrauna, Uttar Pradesh:🔵 15 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न, डीएम-एसपी ने संभाली निगरानी की कमान, मतपेटियों भेजी गयी गोरखपुर विश्वविद्यालय कुशीनगर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 में कुशीनगर के शिक्षक मतदाताओं ने उत्साह के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। जिले में शुक्रवार को 15 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ। कुल 3496 मतदाताओं वाले इस निर्वाचन में 84.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सतर्क रहा। जिलाधिकारी संजय चौहान और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था तथा मतदान की प्रगति का जायजा लिया। बतादे कि शिक्षक निर्वाचन के लिए जनपद में कुल 15 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। शुक्रवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। निर्वाचन के दौरान मतदान कार्मिकों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन की प्राथमिकता मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के साथ ही मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना रही। 🔴 मतदान केंद्रों पर पहुंचे डीएम-एसपी, व्यवस्थाओं की परखी हकीकत मतदान के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान ने पुलिस अधीक्षक के साथ पडरौना ब्लॉक, नगर पालिका पडरौना, रामकोला ब्लॉक और कप्तानगंज स्थित मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान कार्मिकों से मतदाताओं की कुल संख्या, अब तक पड़े वोट और मतदान प्रतिशत की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और मतदान कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतने, निष्पक्षता बनाए रखने तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए। 🔴 दोपहर तक 71.48 प्रतिशत मतदान, अंतिम आंकड़ा 84.15 फीसदी जनपद में मतदान की रफ्तार दोपहर बाद भी जारी रही। दोपहर दो बजे तक 71.48 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। शाम चार बजे मतदान समाप्त होने तक कुल मतदान प्रतिशत बढ़कर 84.15 हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इस तरह जिले में शिक्षक निर्वाचन की मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर संपन्न हो गई। 🔴 कलेक्ट्रेट से गोरखपुर विश्वविद्यालय पहुंचीं मतपेटियां मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित स्थल कलेक्ट्रेट सभागार लाया गया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बीच मतपेटियों को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर भेज दिया गया। मतगणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विश्वविद्यालय में संपन्न होगी।
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मैनपुरी-मतदान के बाद बोले सपा विधायक तेज प्रताप यादव,शिक्षक और स्नातक सीटों पर जीत का किया दावा ।

Ajay KumarAjay KumarFollow18m ago
Karhal, Uttar Pradesh:मैनपुरी/करहल मैनपुरी। आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक तेज प्रताप सिंह यादव ने पार्टी प्रत्याशियों की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान समाजवादी पार्टी के पक्ष में है और दोनों सीटों पर सपा प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे। सपा विधायक ने आरोप लगाया कि मैनपुरी में दो मतदान केंद्रों पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गड़बड़ी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के सहयोग से जीत हासिल करना चाहती है। तेज प्रताप सिंह यादव ने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी के साथ है और चुनाव परिणाम में इसका असर दिखाई देगा।
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रदर्शन पर राजेश ठाकुर की टिप्पणी वायरल

Noida, Uttar Pradesh:RANCHI (JHARKHAND) : RAJESH THAKUR (CONGRESS) ON JAMIA MILLIA ISLAMIA HUNGER STRIKE AND CAMPUS SLOGANS / SUDHANSHU TRIVEDI REMARKS ON CONGRESS PARTY / ITBP CHIEF STATEMENT ON CHINA FACE-OFFS IN ARUNACHAL / BJP CLAIMS OF RIFT BETWEEN PRIYANKA AND RAHUL GANDHI OVER RAIHAN VADRA EXHIBITION रांची, झारखंड | कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में जारी प्रदर्शन पर कहा, "सबको अपनी बात कहने का अधिकार है और विश्वविद्यालय में चुनाव को लेकर यदि कोई नारे लगा रहा है तो उसमें कुछ गलत बात नहीं है। विश्वविद्यालय है तो चुनाव होना चाहिए। उस क्रम में और भी कई सारी चीजें हो रही होंगी। 'फ्री कश्मीर' का मतलब ये लोग क्या समझते हैं? मतलब कश्मीर में पूरी आजादी होनी चाहिए... वहां राज्य के दर्जे को जो खत्म किया गया, उस बारे में कहा जा रहा है... हम समझते हैं कि वे केवल छात्र हैं और सभी को अपनी बातों को जायज तरीके से रखने का अधिकार है..."
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भारत-अजरबैजान विदेश मंत्रियों की मुलाकात के बाद द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा

Noida, Uttar Pradesh:बाकू, अज़रबैजान: अज़रबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव के साथ मुलाकात के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "मंत्री जी, सबसे पहले मैं आपको और आपकी पूरी टीम को, आज यहाँ पहुँचने पर मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का इतनी गर्मजोशी से स्वागत करने और शानदार मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। जैसा कि आप में से कई मित्र जानते होंगे - और मंत्री जी ने भी इसका ज़िक्र किया है - हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की हाल ही में पिछले महीने बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी, और मेरी आज की बाकू यात्रा उसी मुलाकात का अगला कदम है। आज यहाँ पहुँचने के तुरंत बाद, मैंने राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएँ दीं। हमारी बातचीत काफी केंद्रित और भविष्य की ओर देखने वाली रही, जिसमें हमने अपने संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति जी ने हमारे संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करने के लिए काफी समय दिया; इसमें हमारा मौजूदा सहयोग, हम और क्या कर सकते हैं, और हम किन चीज़ों को अलग तरीके से कर सकते हैं, इन सभी पर चर्चा हुई। हमने रणनीतिक नज़रिए से महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी बात की। साथ ही, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि हम दोनों ही स्वतंत्र सोच वाले राष्ट्र हैं, जो आज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने फैसले खुद लेते हैं....
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चक्रवात ARNAB: उत्तरी आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट पर तेज बारिश और खतरे की चेतावनी जारी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: IMD के DG डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया, "आज सुबह पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके 24 तारीख को डिप्रेशन, 25 तारीख को डीप डिपरेशन और 26 तारीख की सुबह तक पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद, यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और 28 तारीख की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तट के पास पहुंच जाएगा। इसके प्रभाव से, अभी पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति लगभग 35 से 45 किमी प्रति घंटा है, जो झोंकों के साथ 55 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कल हवा की गति और बढ़ेगी, जो 45-55 किमी प्रति घंटा (झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे) हो जाएगी। 25 तारीख को यह लगभग 55-65 किमी प्रति घंटा (झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटा) होगी। 26 तारीख की सुबह तक, हवा की गति 70-80 किमी प्रति घंटा (झोंकों के साथ 90 किमी प्रति घंटा) तक पहुंच जाएगी। इसके बाद भी, उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा तट की ओर बढ़ते हुए यह और अधिक तीव्र हो जाएगा। लैंडफॉल के समय उसकी अधिकतम तीव्रता क्या होगी, यह किस समय और किस जगह पर टकराएगा, इसके बारे में आज कोई सटीक अनुमान नहीं दिया गया है। कल जब यह डिप्रेशन में बदल जाएगा, तब हम लैंडफॉल के समय हवा की अधिकतम तीव्रता, और इसके टकराने की जगह व समय के बारे में बता पाएंगे। फिलहाल, इसके प्रभाव से समुद्र की स्थिति खराब है। कल यह स्थिति और भी खराब हो जाएगी। 26 तारीख से 28 तारीख के बीच समुद्र की स्थिति काफी खराब हो सकती है। इसलिए, हमने मछुआरों को सलाह दी है कि वे समुद्र में न जाएं—खासकर 25 तारीख तक पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में, और 26 से 29 तारीख के बीच पश्चिमी-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में। 26 तारीख से ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश शुरू हो जाएगी। धीरे-धीरे 27 तारीख को बारिश और तेज हो जाएगी, जिसमें कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 तारीख को उत्तरी आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तटीय ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 28 तारीख को उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा में सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान है; यहाँ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, और 24 घंटों के भीतर 20 सेंटीमीटर से भी ज्यादा अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। उसी दिन, पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 28 और 29 तारीख को छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के आसपास के इलाकों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। संक्षेप में कहें तो, इसका सीधा असर उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ेगा। लेकिन बारिश और तेज हवाओं के रूप में इसका असर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ तक भी देखने को मिल सकता है। हमने चेतावनी जारी कर दी है और हम लगातार इस सिस्टम पर नजर रखे हुए हैं; आपको नियमित रूप से अपडेट दिए जाते रहेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि समुद्री गतिविधियों से जुड़े सभी लोग—जैसे मछली पकड़ने वाले, नाव और जहाज चलाने वाले, तटीय और अपतटीय उद्योगों से जुड़े लोग, और बंदरगाह प्राधिकरण—इस आने वाले चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर लें...
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