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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow13 Mar 2025, 04:40 pm
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बाढ़ पीड़ितों के बीच जनप्रतिनिधियों को आक्रोश का सामना, विरोध के दृश्य वायरल

Chapra, Bihar:बाढ़ के आक्रोश का शिकार हो रहे जनप्रतिनिधि, वीडियो वायरल दो तस्वीरें कई सवाल छोड़ गईं, बाढ़ की त्रासदी के बीच लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंच रहा है। सामने आईं दो तस्वीरें सारण की मौजूदा स्थिति और बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश की कहानी बयां करती हैं। दोनों तस्वीरों में अलग-अलग जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के बीच उनका दर्द जानने और मदद पहुंचाने पहुंचे, लेकिन उन्हें भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पहली तस्वीर महाराजगंज के भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की है। तरैया विधानसभा के पानापुर इलाके में तटबंध टूटने के बाद सांसद बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उनके साथ गाली-गलौज भी की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में सांसद ने संयम बनाए रखा। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और उनके दर्द को साझा करते हुए जल्द से जल्द राहत और समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया। दूसरी तस्वीर अमनौर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह की है। मंटू सिंह दूसरी बार अमनौर के विधायक हैं। वे भी बाढ़ प्रभावित इलाके में लोगों का हाल जानने पहुंचे थे। वहां कुछ युवकों के साथ उनकी नोकझोंक और गाली-गलौज की स्थिति बन गई। विधायक ने भी संयम का परिचय दिया और किसी तरह के विवाद में पड़ने के बजाय वहां से निकल जाना ही बेहतर समझा। इन दोनों घटनाओं को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा होता है—प्राकृतिक आपदा के समय जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के बीच उनका दर्द समझने और मदद पहुंचाने पहुंचेंगे, अगर उनका सामना इसी तरह के आक्रोश और दुर्व्यवहार से होगा, तो आखिर वे काम कैसे करेंगे? यह भी सच है कि बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा यूं ही नहीं है। कई दिनों से लोग पानी, भोजन, आवागमन, राहत सामग्री और सुरक्षित स्थान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में उनका आक्रोश समझ में आता है। लेकिन गुस्सा अपनी जगह है और जनप्रतिनिधियों के साथ गाली-गलौज या दुर्व्यवहार अपनी जगह। बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता—तीनों के बीच संयम, संवाद और सहयोग जरूरी है। सामने आईं ये दोनों तस्वीरें न केवल जनप्रतिनिधियों के सामने खड़ी चुनौती दिखाती हैं, बल्कि यह सोचने पर भी मजबूर करती हैं कि आक्रोश की अभिव्यक्ति आखिर कितनी दूर तक उचित है?
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अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध महराजगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई,पति-पत्नी गिरफ्तार

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज। पुलिस अधीक्षक महराजगंज श्री शक्ति मोहन अवस्थी (IPS)* के कुशल निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अवैध मादक पदार्थों की तस्करी/बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में ,अपर पुलिस अधीक्षक महराजगंज के मार्गदर्शन में एवं क्षेत्राधिकारी फरेन्दा के पर्यवेक्षण में थाना बृजमनगंज पुलिस द्वारा अवैध गांजा की तस्करी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया। *घटना का विवरण—* दिनांक 04.10.2026 को थाना बृजमनगंज पुलिस टीम द्वारा अपराध एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान बनगड़िया तिराहे पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि हडियाकोट की तरफ से एक पुरुष एवं एक महिला अलग-अलग झोले/बड़ी पन्नी में गांजा लेकर पैदल बनगड़िया होते हुए फरेन्दा की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी फरेन्दा को अवगत कराया गया तथा पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर हडियाकोट-बनगड़िया मार्ग पर *मदारीपुर मोड़ से आगे सड़क किनारे जंगल में घेराबंदी कर संदिग्धों की निगरानी की गई।* कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए हुलिये के अनुसार एक पुरुष एवं एक महिला झोला व बड़ी पन्नी लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा दोनों को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम *होरीलाल जायसवाल पुत्र गिरीशचन्द्र जायसवाल, उम्र 52 वर्ष* एवं *चन्द्रावती पत्नी होरीलाल, उम्र 42 वर्ष,* निवासीगण *बंजरहा सोनबरसा, टोला सिसहनिया, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज* बताया। तलाशी के दौरान अभियुक्त *होरीलाल के कब्जे से 01 किलो 600 ग्राम गांजा* तथा अभियुक्ता *चन्द्रावती के कब्जे से 01 किलो 500 ग्राम गांजा* , कुल *03 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा* बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त अभियुक्त *होरीलाल के कब्जे से एक अदद मोबाइल फोन एवं ₹280 नकद* बरामद हुए। पूछताछ में दोनों द्वारा बताया गया कि वे पति-पत्नी हैं तथा गांजा बेचने के उद्देश्य से फरेन्दा जा रहे थे। दोनों अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में लिया गया। उक्त बरामदगी एवं गिरफ्तारी के संबंध में थाना बृजमनगंज पर *मु0अ0सं0 238/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट* पंजीकृत कर अभियुक्तगण के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। *गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण* 1.होरीलाल जायसवाल पुत्र गिरीशचन्द्र जायसवाल, उम्र 52 वर्ष, शैक्षिक योग्यता- कक्षा 5वीं तक 2.चन्द्रावती पत्नी होरीलाल, उम्र 42 वर्ष, शैक्षिक योग्यता- अशिक्षित निवासीगण बंजरहा सोनबरसा, टोला सिसहनिया, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज। *बरामदगी का विवरण-* 03 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा 01 अदद मोबाइल फोन ₹280/- नकद *अपराधिक इतिहास-* अभियुक्त होरीलाल के विरुद्ध थाना लोटन, जनपद सिद्धार्थनगर में मु0अ0सं0 002/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत है। *गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-* 1.थानाध्यक्ष श्री मदन मोहन मिश्र 2.व0उ0नि0 श्री तारकेश्वर वर्मा 3.हे0का0 आलोक कुमार 4.का0 अखिलेश यादव 5.का0 हृदयराम यादव 6.म0का0 पूजा सिंह 7.म0का0 साक्षी गौतम
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महाराजगंज खुले में शराब पीने वालों के विरुद्ध महराजगंज पुलिस का अभियान,123 स्थानों पर हुई सघन चेकिंग

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक महराजगंज *श्री शक्ति मोहन अवस्थी (IPS)* के निर्देशन में जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा खुले में शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा *शराब की दुकानों के आसपास, बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों* पर सघन चेकिंग एवं भ्रमण किया गया। पुलिस टीमों द्वारा खुले में शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन न करने के संबंध में आवश्यक हिदायत दी गई तथा नियमानुसार उनके विरुद्ध *चालानी कार्रवाई* की गई। अभियान के दौरान जनपद में *कुल 123 स्थानों पर चेकिंग* की गई, जिसमें खुले में शराब का सेवन करते पाए गए कुल *1351 व्यक्तियों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई* की गई। *महराजगंज पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने, नशे की हालत में सार्वजनिक शांति भंग करने अथवा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।* पुलिस द्वारा शराब की दुकानों एवं उनके आसपास विशेष निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर किसी व्यक्ति द्वारा अशांति, हुड़दंग अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न की जा सके। महराजगंज पुलिस की *आमजन से अपील* है कि *सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन न करें तथा जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।* अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
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गुना अस्पताल में दिव्यांग भाई को बहन ने कंधे पर ले जाकर पहुंचाया, सवाल

Guna, Madhya Pradesh:GUNA (MP) - अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य की पोल खोलती तस्वीर...गुना के अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक बहन अपने दिव्यांग भाई को कंधे पर बैठाकर वार्ड तक ले जाती दिखाई दे रही है। भाई खुद चलने में सक्षम नहीं है। बहन का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसे मरीज को अंदर ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला, जिसके बाद उसने भाई को अपनी पीठ पर बैठाया और खुद वार्ड तक पहुंचाया। - मामला राघौगढ़ क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव का बताया जा रहा है। यहां की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। कृष्णाबाई के मुताबिक, जगदीश पिछले करीब एक साल से बीमार है और दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। - कृष्णाबाई का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसने मदद की उम्मीद की, लेकिन उसके मुताबिक मरीज को वार्ड तक पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। ऐसे में उसने खुद ही भाई को कंधे पर बैठाया और अस्पताल के अंदर लेकर गई। - इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी की बात से इनकार किया है。 - प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर मौजूद हैं। क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पुराने अस्पताल के आसपास भी स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं। मरीजों को अंदर ले जाने के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। - अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कई बार मरीज के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर वार्ड तक ले जाते हैं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल के कर्मचारियों को सूचना देकर मदद ली जा सकती है。 - एक तरफ अस्पताल प्रबंधन पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्ध होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ सामने आई तस्वीर व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है।
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मधेपुरा विद्युत रेल इंजिन फैक्ट्री के पास ग्रामीणों का आंदोलन घोषित, भ्रष्टाचार का आरोप

Madanpur, Bihar:मधेपुरा में विद्युत रेल इंजन कारखाना क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। रविवार को चकला में ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें कारखाना प्रबंधन की ओर से सीएसआर और जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्थानीय स्तर पर कराए जा रहे कार्यों और सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीणों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि रेल इंजन फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा घोर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा सीएसआर के तहत हो रहे काम में भी कोई पारदर्शिता नहीं है लोगों को ठगा गया है। लोगों ने कहा कि जिस समय जमीन लिया जा रहा था तो कहा गया था कि हर परिवार में एक लोग को नौकरी दी जाएगी लेकिन आज नौकरी के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर अभिलंब हमारी मांगों पर फैक्ट्री प्रबंधन अमल नहीं करती है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का आगाज किया जाएगा और फिर धरना प्रदर्शन से शुरू हुए आंदोलन फैक्ट्री बंद तक किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा की स्थापना के बाद से ही ठगा गया है लेकिन अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी अगर जल्द मांगों को नहीं मांगा गया तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
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एनएच-31 का गड्ढा भरकर युवाओं ने दिखाई मिसाल, सरकार पर दबाव बढ़ा

Katihar, Bihar:प्रेरणादायक स्टोरी -- हमने गड्ढा नहीं, हादसे का रास्ता बंद किया है युवाओं की पहल बनी मिसाल विभाग ने नहीं सुनी तो युवाओं ने संभाला मोर्चा, चंदा जुटाकर भर दिया सड़क का गड्ढा एक महीने से एनएच-31 पर बना था जानलेवा गड्ढा, हादसे में युवक हुआ गंभीर घायल हादसे ने युवाओं को झकझोरा, फिर खुद उठाया फावड़ा सरकारी इंतजार छोड़ युवाओं ने खुद खरीदी सीमेंट, बालू और गिट्टी कुरसेला-गेड़ाबाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर कई जगह सड़क बदहाल जब सड़क का गड्ढा लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो कुरसेला के युवाओं ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने न तो किसी सरकारी मदद का इंतजार किया और न ही व्यवस्था को कोसते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। युवाओं ने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट, बालू और गिट्टी खरीदी और श्रमदान कर सड़क के जानलेवा गड्ढे को भर दिया। युवाओं की इस पहल से जहां राहगीरों को तत्काल राहत मिली, वहीं यह कदम सरकारी व्यवस्था के लिए भी एक सवाल छोड़ गया कि जिस सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, उसके लिए स्थानीय युवाओं को अपनी जेब से पैसे क्यों जुटाने पड़े ? स्थानीय युवक संजय, मुकेश और मोहम्मद तनवीर ने बताया कि कुरसेला से गेड़ाबाड़ी तक एनएच-31 के कई हिस्सों में सड़क की स्थिति खराब है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे विशेषकर बाइक सवारों को खतरा बना रहता है। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाली के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि सड़क की मरम्मत करना उनकी मजबूरी बन गई थी। उनका उद्देश्य किसी विभाग के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि किसी दूसरे परिवार को उस दर्द से बचाना है, जिससे एक घायल युवक का परिवार गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क जनता के लिए है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सभी की है। लेकिन स्थायी समाधान संबंधित विभाग को ही करना होगा। युवाओं ने मांग की कि कुरसेला से गेड़ाबाड़ी तक एनएच-31 का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए। सरकारी व्यवस्था की प्रतीक्षा करने के बजाय अपने स्तर पर सड़क के गड्ढे को भरने वाले युवाओं की पहल इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ गड्ढा भरने की कहानी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की मिसाल है। युवाओं ने दिखा दिया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा किसी बड़े संसाधन की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है तो सिर्फ पहल करने की। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत अस्थायी राहत है और सड़क की स्थायी मरम्मत अब संबंधित विभाग को तत्काल करनी चाहिए。
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पानापुर में तटबंध टूटने पर भारी बवाल, ग्रामीणों ने SDO और JE को घेरा

Chapra, Bihar:पानापुर के भगवानपुर सरौजा में तटबंध टूटने पर बवाल, ग्रामीणों ने SDO और JE को घेरा लापरवाही और घटिया निर्माण का आरोप, अधिकारियों को पानी में फेंकने की भी कोशिश, वीडियो वायरल, सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर सरौजा में तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जल संसाधन विभाग के SDO और जूनियर इंजीनियर (JE) को आक्रोशित ग्रामीणों ने घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि तटबंध के निर्माण और मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई तथा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण तटबंध टूट गया और बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगते हुए जमकर विरोध किया। विरोध के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आक्रोशित ग्रामीणों ने SDO और JE को पानी में फेंकने की भी कोशिश की। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तटबंध की समय रहते सही तरीके से मरम्मत और निगरानी की गई होती तो आज बड़ी आबादी को बाढ़ की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। वहीं, अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के इस टकराव ने तटबंध निर्माण और उसकी गुणवत्ता की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अधिकारियों को पानी में फेंकने की कोशिश और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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बाढ़ राहत वितरण के दौरान पिस्टल तानने वाले थानाध्यक्ष पर सारण पुलिस का निलंबन

Patna, Bihar:सारण: बाढ़ राहत वितरण के दौरान पिस्टल तानने वाले थानाध्यक्ष निलंबितछपरा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद सारण पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मकेर थाना के थानाध्यक्ष पु०अ०नि० संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सारण के आदेश के अनुसार, बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह जनता की ओर अपना पिस्टल तानते हुए दिख रहे हैं। पुलिस ने इसे घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और पद के दुरुपयोग का मामला बताया है।आदेश में कहा गया है कि आरोपी थानाध्यक्ष को सामान्य जीवन-यापन भत्ते पर निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला पुलिस कार्यालय सारण निर्धारित किया गया है। उनकी उपस्थिति के आधार पर ही सामान्य जीवन-यापन भत्ता देय होगा।यह आदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सारण द्वारा 4 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। वायरल वीडियो की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
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जालौन में पुलिस के सामने चोरों ने किया आंख मिचौली खेल,पैट्रोल पम्प पर डायल 112 पुलिस के सामने चोरी,

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Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में पुलिस के सामने चोरों ने किया आंख मिचौली का खेल, पैट्रोल पम्प पर डायल 112 पीआरबी पुलिस के सामने चोरी, पुलिस के सामने पैट्रोल पम्प पर लगे करीब 20 हजार कीमत के 4 कैमरे चोरी कर ले गए बदमाश, चोरी किए गए उन्ही सीसीटीवी कैमरों के DVR में कैद हुए शातिर बदमाश, बाइक सवार बदमाश पहले पुलिस के सामने बातचीत करते रहे और फिर कैमरे उखाड़कर हुए फरार, पुलिस के सामने CCTV कैमरों की चोरी से कानून व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल, पंप संचालक विनीत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच, जालौन के नदीगांव थाना क्षेत्र के कस्बे के भारत पेट्रोल पंप का मामला।
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गोरखपुर प्रेस क्लब हिंसा के बाद सपा पर 12 मुकदमे; शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण तैयारी

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। Date: 04-10-2026 लोकेशन: गोरखपुर。 SLUG: सपा जिलाध्यक्ष और पूर्व मंत्री-विधायक समेत 12 पर केस दर्ज, शस्त्र लाइसेंस भी रद करने की तैयारी。 गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेसवार्ता में हुआ कुर्सी विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। यह प्रेस क्लब में हुई प्रेसवार्ता के दौरान नेताओं के बीच जमकर हंगामा और मारपीट की घटना को दर्शाता है। प्रेस क्लब अध्यक्ष की तहरीर पर सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और सपा नेता काजल निषाद समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी की तहरीर पर अंशुमान सिंह, उनके बेटों समेत 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। मामला यहीं नहीं रुका... पुलिस अब अंशुमान सिंह के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू करने की तैयारी में है। देखिए गोरखपुर के इस हाईप्रोफाइल सपा विवाद की पूरी कहानी... गोरखपुर प्रेस क्लब का सभागार... शनिवार दोपहर समाजवादी पार्टी की प्रेसवार्ता चल रही थी। मंच पर पार्टी के नेता मौजूद थे और सामने पत्रकार प्रेसवार्ता कवर कर रहे थे। इसी दौरान कुर्सी पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि कहासुनी देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। इसी दौरान सपा नेता अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह पर पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। घटना के बाद प्रेस क्लब में अफरा-तफरी मच गई और पत्रकारों को भी वहां से हटना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। FIR का पूरा मामला: अब इस पूरे विवाद में कैंट पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकारधर द्विवेदी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्षPRahalad यादव, पूर्व मंत्री मोहसिन खान, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और सपा नेता काजल निषाद समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। तहरीर में मारपीट, बलवा, गाली-गलौज और धमकी के आरोप लगाए गए हैं। तहरीर में यह आरोप भी लगाया गया है कि कुछ लोग असलहा लेकर प्रेस क्लब पहुंचे थे। यह आरोप पुलिस जांच का विषय है। दूसरी FIR दर्ज: इधर, इसी विवाद में पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी की तरफ से भी कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें सपा से निष्कासित किए जा चुके अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत 12 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मुकदमे में हत्या के प्रयास, मारपीट और बलवा जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यानि एक ही घटना को लेकर अब दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस केस दर्ज हो चुका है। मामला दर्ज होने के बाद कैंट पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसपी सिटी निमिष पाटील के मुताबिक, प्रेस क्लब अध्यक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष की ओर से भी मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें दबिश दे रही हैं, जबकि एक आरोपित को हिरासत में लिए जाने की सूचना सामने आई है। शस्त्र लाइसेंस पर भी कार्रवाई की तैयारी: अब इस मामले में अंशुमान सिंह के शस्त्र लाइसेंस को लेकर भी पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है। हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी के आरोप वाले मुकदमे का हवाला देते हुए विवेचक की ओर से जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा अंशुमान सिंह और उनके दोनों बेटों के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों का पुलिस रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। दरअसल, विवाद की शुरुआत बताई जा रही है कुर्सी पर बैठने को लेकर। सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम की प्रेसवार्ता के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बैठने की व्यवस्था थी। इसी बीच अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। बैठने की जगह को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी और अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच विवाद हुआ। कहासुनी बढ़ी... गाली-गलौज हुई... फिर हाथापाई शुरू हो गई... और इसी दौरान कमलेश सिंह पर रामनगीना साहनी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। पार्टी नेताओं ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। प्रेस क्लब का विवाद सड़क से लखनऊ तक पहुंचा। घटना के बाद समाजवादी पार्टी ने अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर की जिला और महानगर कार्यकारिणी समेत कई संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया। यानि एक कुर्सी से शुरू हुआ विवाद अब पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल तक पहुंच गया है। गोरखपुर का ये विवाद अब सिर्फ कुर्सी और थप्पड़ तक सीमित नहीं रहा। एक तरफ दो मुकदमे... दूसरी तरफ गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश... पार्टी से निष्कासन... पूरी जिला-महानगर कमेटी पर कार्रवाई... और अब शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की प्रक्रिया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रेस क्लब में शुरू हुआ ये विवाद आगे और कितनी बड़ी कार्रवाई तक पहुंचेगा؟ फJiहाल पुलिस दोनों मुकदमों की जांच कर रही है और आरोपितों की तलाश जारी है।
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मकेर राहत वितरण के दौरान धमाकेदार वीडियो वायरल, पुलिस-प्रशासन पर सवाल

Chapra, Bihar:मकेर में राहत वितरण के दौरान बवाल, बाढ़ पीड़ितों पर पिस्टल तानने का वीडियो वायरल मकेर थाना प्रभारी संग्राम सिंह के कथित आचरण पर उठे सवाल, एसएसपी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई सारण में गंडक की बाढ़ से हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। मकेर और पानापुर समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग बांधों और सड़कों पर शरण लिए हुए हैं। इस बीच मकेर में राहत सामग्री वितरण के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है。 वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह राहत सामग्री वितरण के दौरान बाढ़ पीड़ितों की भीड़ के बीच अपनी सर्विस पिस्टल/रिवॉल्वर ताने हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग राहत सामग्री लेने के लिए जमा दिखाई दे रहे हैं, जबकि थानाध्यक्ष ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान उनके हाथ में हथियार दिखाई देता है。 वीडियो सामने आने के बाद बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में पुलिस के व्यवहार और राहत वितरण के दौरान अपनाई गई व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो के पूरे घटनाक्रम तथा संदर्भ की जांच अभी बाकी है。 एसएसपी ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले को लेकर सारण के एसएसपी रोशन कुमार से दूरभाष पर जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की गई है。 एसएसपी ने कहा कि जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी。 बाढ़ के बीच राहत सामग्री के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रभावित इलाकों में जुट रहे हैं। ऐसे में वायरल वीडियो ने राहत वितरण के दौरान प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर है।
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