icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271504
Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow22 Jan 2025, 01:33 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राजस्थान में 1640 बसों के पंजीयन पर घोटाले के संकेत, जांच शुरू

Jaipur, Rajasthan:1640 बसों के पंजीयन पर रार! - MORTH की रोक, फिर भी पंजीयन कर दिए, राजस्थान में कहीं एक और घोटाला तो नहीं हो गया - 1 सितंबर 2025 से लगी थी बस पंजीयन पर रोक, टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट को किया था अनिवार्य, मुख्यालय ने रिपोर्ट मांगी, अब चोरी खुलने का डर जयपुर। राजस्थान परिवहन विभाग में फिर एक और बड़े गड़बड़झाले की आहट सुनाई देने लगी है। राजस्थान में पिछले एक साल में ऐसी बसों का पंजीयन कर दिया गया है, जिनका प्रोटो टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट ही नहीं था। अब परिवहन मुख्यालय के आदेश से प्रदेशभर में आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में हड़कम्प मच गया है। दरअसल 1 सितंबर 2025 से राजस्थान में बसों के पंजीयन को लेकर नए नियम लागू हुए थे। इसकी अधिसूचना केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 6 मार्च 2024 को जारी की थी। अधिसूचना के तहत ये कहा गया था कि अब नई बसों के पंजीयन के समय वाहन के लिए टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से लेना होगा। इसके साथ ही फॉर्म 22बी को विलोपित करते हुए 22ए के आधार पर पंजीयन करना अनिवार्य किया गया। 1 सितंबर 2025 के बाद नए नियमों के अनुसार ही बसों का पंजीयन होना चाहिए था। लेकिन प्रदेश के कई डीटीओ और आरटीओ कार्यालयों में नियमों का उल्लंघन करते हुए बसों का पंजीयन कर दिया गया है। इसे गड़बड़ी मानते हुए अब परिवहन मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में बसों के पंजीयन की जांच शुरू की गई है। 1 सितंबर 2025 से क्या नियम लागू हुआ? - चेसिस पर अलग से बनने वाली बस बॉडी के पंजीयन के लिए नियम - 13 से अधिक सीटर बसों के लिए टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट जरूरी - एआईएस 52 के रिवीजन 2008 के मुताबिक सर्टिकेट होना जरूरी - 22 से अधिक क्षमता वाली बसों के लिए एआईएस 153 के नए नियम - एआईएस 153 के मानकों के तहत ही बस का पंजीयन किया जा सकता गड़बड़ी क्या हुई ? - 1 सितंबर 2025 से नियम लागू हुए, लेकिन फिर भी बसें पंजीकृत हुई - 1640 बसें प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पंजीकृत कर दी गई - परिवहन मुख्यालय ने सभी DTOs को सूची भेजकर सूचना मांगी - बसों के पंजीयन की जांच कर सूचना भेजने के निर्देश दिए - नियमों का उल्लंघन होने पर बसों का पंजीयन निरस्त करने को कहा - 15 दिन में कार्यवाही का प्रमाण पत्र भेजने के दिए निर्देश मुख्यालय ने कहा, पंजीयन निरस्त कर कार्यवाही का प्रमाण पत्र भेजें परिवहन मुख्यालय ने 1 अक्टूबर को इस सम्बंध में सभी आरटीओ-डीटीओ को नियमों का उल्लंघन कर पंजीकृत की गई बसों पर कार्रवाई के लिए लिखा था। लेकिन इसके बावजूद भी ज्यादातर आरटीओ-डीटीओ ने इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अब ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजेश शर्मा ने रिमाइंडर भेजते हुए कहा है कि जिन बसों के पंजीयन में अनियमितता हुई है, उनका पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही बसों के पंजीयन की जांच और की गई कार्रवाई का प्रमाण पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं करने वाले आरटीओ-डीटीओ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
0
0
Report

राजस्थान में 1640 बसों के पंजीयन में नियम उल्लंघन, जांच शुरू

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में 1640 बसों के पंजीयन पर रार मची है. MORTH की रोक के बावजूद पंजीयन कर दिए गए. राजस्थान में कहीं एक और घोटाला तो नहीं हो गया. 1 सितंबर 2025 से लगी थी बस पंजीयन पर रोक. टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट को किया था अनिवार्य. मुख्यालय ने रिपोर्ट मांगी, अब चोरी खुलने का डर. 1 सितंबर 2025 से नियम लागू हुए थे; केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 6 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी की. कहा गया कि नई बसों के पंजीयन के समय टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा, और फॉर्म 22बी विलोपित कर 22ए के आधार पर पंजीयन. 1 सितम्बर 2025 के बाद ही लागू. लेकिन प्रदेश के डीटीओ/आरटीओ कार्यालयों में उल्लंघन कर पंजीयन हुआ. परिवहन मुख्यालय ने जांच शुरू की. परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में पंजीयन की जांच शुरू. 1 सितम्बर 2025 से नियम लागू हुए, लेकिन 1640 बसें पंजीकृत. मुख्यालय ने DTOs को सूची भेजकर सूचना मांगी. 15 दिन में कार्यवाही का प्रमाण पत्र भेजने के निर्देश. 1 अक्टूबर को आरटीओ-डीटीओ को कार्रवाई के लिए लिखा गया, पर अधिकतर ने कुछ नहीं किया. ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने रिमाइंडर भेजकर कहा कि अनियमित पंजीयन वाली बसों का पंजीयन निरस्त किया जाए और प्रमाण पत्र भेजे जाएं.
0
0
Report

SOG ने फर्जी MBBS डॉक्टर्स पर कार्रवाई, 4 विदेशी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर Vishnu SOG की फर्जी डॉक्टरों पर फिर कार्रवाई विदेश से MBBS करने वाले 4 और डॉक्टर गिरफ्तार FMG स्क्रीनिंग परीक्षा का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप परीक्षा पास किए बिना राजस्थान में कर रहे थे इंटर्नशिप 20 से 30 लाख रुपए देकर बनवाए फर्जी सर्टिफिकेट किरगिस्तान, रूस और कजाकिस्तान से की थी MBBS की पढ़ाई दौसा, धौलपुर, जयपुर और अलवर के मेडिकल कॉलेजों में की इंटर्नशिप फर्जी सर्टिफिकेट से राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए किया आवेदन SOG अब तक 100 से अधिक लोगों को कर चुकी है चिह्नित RMC के तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित 33 आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार मुख्य आरोपी भानाराम माली और शुभम गुर्जर पर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के आरोप प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए लेने का आरोप चारों आरोपियों से पूछताछ और मामले में अनुसंधान जारी
0
0
Report
Advertisement

पटना में बिना लाइसेंस पैकेज्ड पेयजल पर बड़ी कार्रवाई

Patna, Bihar:पटना में खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन करने और बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुज्ञप्ति के कारोबार संचालित करने वाली इकाइयों के विरुद्ध एक बड़ा अभियान चलाया गया है। आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने तथा बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के खाद्य कारोबार संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 14 अक्टूबर 2026 को पटना के संपतचक, सोनागोपालपुर, गौरीचक एवं आसपास के क्षेत्रों में पैकेज्ड पेयजल के निर्माण, पैकेजिंग एवं भंडारण से जुड़े पांच प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित इकाइयों में पैकेज्ड पेयजल का कारोबार किए जाने तथा विभिन्न ब्रांडों के लेबल में पानी की पैकेजिंग किए जाने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के दौरान कुल 15,340 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया, जिसका अनुमानित मूल्य 3,07,960 रुपये है। संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित इकाइयों को बंद कराया गया। निरीक्षण के दौरान सोनागोपालपुर, संपतचक स्थित महादेव इंटरप्राइजेज बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित पाया गया। प्रतिष्ठान से एक लीटर की 5,364 बोतल, 500 मिलीलीटर की 2,688 बोतल तथा दो लीटर की 126 बोतल सहित कुल 8,178 बोतलें जब्त की गईं। जब्त पेयजल की कुल मात्रा 6,960 लीटर तथा अनुमानित मूल्य 1,28,280 रुपये है। कार्रवाई के दौरान प्रतिष्ठान को बंद कराया गया तथा एक कानूनी नमूना जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। रामनगर, गौरीचक स्थित त्रिवेणी नीर प्रतिष्ठान भी बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के संचालित पाया गया। यहां से एक लीटर की 984 बोतल एवं 500 मिलीलीटर की 1,420 बोतल जब्त की गईं। जब्त पेयजल की कुल मात्रा 1,694 लीटर तथा अनुमानित मूल्य 33,880 रुपये है। प्रतिष्ठान से दो कानूनी नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही, निर्माण कार्य को बंद कराया गया। संपतचक स्थित Prahil Plastico Pvt. Ltd. के निरीक्षण में वैध खाद्य अनुज्ञप्ति नहीं पाई गई। प्रतिष्ठान में विभिन्न ब्रांडों के रैपर एवं लेबल में पानी की पैकेजिंग की जा रही थी। जांच के दौरान Beslari 1000 ml, Bislari Herbal Water 1000 ml तथा Bislferi ब्रांड के लेबल वाली बोतलें पाई गईं। इनकी कुल मात्रा 1,656 लीटर तथा दर्ज अनुमानित मूल्य 33,120 रुपये है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन एवं संबंधित अनुज्ञप्तियों की वैधता के संबंध में कार्रवाई की गई। संपतचक स्थित अमित कुमार के प्रतिष्ठान में पानी को मैनुअल तरीके से बोतलों में भरा जा रहा था। बोतलों पर लगे लेबल पर ‘A.V. Beverages, Bealin Road, Saran’ अंकित था। निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षमता की बोतलों में कुल 4,190 लीटर पानी पाया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 95,880 रुपये है। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन एवं वैध अनुज्ञप्ति से संबंधित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई की गई। सोना गोपालपुर, संपतचक स्थित अजय सिंह के मकान में बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के पैकेज्ड पेयजल की पैकेजिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान एक लीटर की 240 बोतल तथा 500 मिलीलीटर की 1,200 बोतल सहित कुल 840 लीटर पानी पाया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, एक लीटर की बोतलों में मौजूद पानी का दर्ज मूल्य 16,800 रुपये है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य कारोबार करने वाले सभी प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों एवं लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य है। बिना वैध खाद्य अनुज्ञप्ति के पैकेज्ड पेयजल का निर्माण, पैकेजिंग अथवा कारोबार करना नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

टीला मोड़ में टाइल-वर्क के दौरान घर से सोना-चांदी चोरी, आरोपी गिरफ्तार

Ghaziabad, Uttar Pradesh:टीला मोड़ थाना क्षेत्र में घर में टाइल-पत्थर लगाने का काम करने आए मजदूर पर लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपी जय भगवान (38) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से 48.2 ग्राम सोने और 875 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। कृष्णा विहार कुटी निवासी शिवकेश के घर की पहली मंजिल पर सात अक्टूबर से टाइल-पत्थर लगाने का काम चल रहा था। इस काम में मिस्त्री बोबी और मजदूर जय भगवान लगे हुए थे। 11 अक्टूबर को अलमारी के लॉकर की चाबी लगी रह जाने का फायदा उठाकर आरोपी ने गहने चोरी कर लिए। 12 अक्टूबर की सुबह परिवार को आभूषण गायब होने का पता चला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। टीला मोड़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद सामान में सोने की कंठी, अंगूठियां, मंगलसूत्र सहित चांदी की पाजेब, कंगन, तगड़ी और अन्य आभूषण शामिल हैं। पुलिस ने मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) बढ़ाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है。
0
0
Report
Advertisement

बरौनी रिफाइनरी हादसे में मजदूर की मौत, प्रदर्शन में उग्रता से मुआवजे की मांग

Begusarai, Bihar:बेगूसराय के बरौनी रिफाइनरी के अंदर काम करने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में मजदूर की जान चली गई। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के किल्ली मोहनपुर, वार्ड नंबर-7 निवासी स्वर्गीय अशोक चौधरी के पुत्र मुरारी चौधरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुरारी चौधरी पिछले कई महीनों से बरौनी रिफाइनरी में मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे। वह निजी कंपनी एसकेपीएल में कार्यरत थे। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को मुरारी चौधरी चार से पांच अन्य मजदूरों के साथ करीब 40 फीट की ऊंचाई पर लोहे की पाइप और स्ट्रक्चर लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान लोहे का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिसके साथ मुरारी चौधरी भी ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूर आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मुरारी चौधरी की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में चीख-पुकार मच गई। वहीं, साथी मजदूरों में भी आक्रोश फैल गया। मजदूर शव को लेकर बरौनी रिफाइनरी के गेट पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में मजदूर वहां जुट गए। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। बताया जा रहा है कि मजदूर करीब 16 घंटे से शव के साथ रिफाइनरी गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान मजदूरों ने काम बंद कर हड़ताल भी शुरू कर दी है। मुआवजे की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया, जब मजदूरों के मुताबिक, काफी देर तक उनकी मांगों पर बातचीत करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी सामने नहीं आया। इसके बाद आक्रोशित मजदूरों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान तोड़फोड़ और मारपीट की घटना भी सामने आई है। आरोप है कि एक ठेकेदार के साथ भी मजदूरों ने मारपीट की। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में मजदूर रिफाइनरी गेट पर जुटे हुए हैं और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।हालांकि, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना को लेकर संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और रिफाइनरी प्रबंधन का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। बरौनी रिफाइनरी के अंदर हुए इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 40 फीट की ऊंचाई पर काम करने के दौरान यह हादसा कैसे हुआ? क्या मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? लोहे का स्ट्रक्चर टूटने के पीछे क्या कारण था? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल, मजदूर मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि घटनास्थल पर कई थाने के पुलिस और सदर एसडीएम अश्वनी कुमार पहुंचकर लोगों को समझाने बुझाने में लगे हुए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रिफाइनरी प्रबंधन और संबंधित कंपनी की ओर से पीड़ित परिवार को क्या सहायता दी जाती है और प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
0
0
Report

धार में बड़ा सड़क हादसा: 11 घायल, कई बच्चे भी शामिल

Dhar, Madhya Pradesh:धार जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में नागदा-गुजरी मार्ग पर ग्राम मलगांव फाटे के पास गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। सेंधवा से रतलाम जिले के अंबा गांव जा रहा महिला, पुरुष और बच्चों से भरा वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में करीब 11 लोग घायल हो गए, जिनमें सात बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, वाहन में करीब 15 लोग सवार थे। सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं और मेलों में रस्सी पर चलने के करतब दिखाने का काम करते हैं। मलगांव फाटे के पास सामने से आए एक चार पहिया वाहन को बचाने के प्रयास में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद करते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सा अधिकारी अमित सिसोदिया के अनुसार, घायल महिला वहीदा सलमान की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जबकि अन्य घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है।
0
0
Report

रायपुर में नवजात को लावारिस छोड़ने वाला युवक गिरफ्तार, मौत की जांच शुरू

Begun, Rajasthan:रायपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है... जहां लोकलाज के डर से एक युवक पर नवजात बच्चे को लावारिस हालत में छोड़ने का आरोप लगा है... इस घटना में नवजात की मौत हो गई... पुलिस ने आरोपी युवक रफीक शेख को गिरफ्तार कर लिया है... मामला राजेंद्र नगर स्थित शांति भवन के गेट का है... पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक आलोक कुमार किंडो ड्यूटी से घर लौट रहे थे... इसी दौरान उन्होंने एक युवक को नीले रंग के ऑटो से उतरकर नवजात बच्चे को शांति भवन के गेट के सामने छोड़ते देखा... युवक कुछ दूर पैदल गया और फिर उसी ऑटो में बैठकर निकलने लगा... आरक्षक ने तत्काल ट्रैफिक पुलिस को इसकी सूचना दी... जिसके बाद पुलिस ने ऑटो रुकवाकर युवक से पूछताछ की... आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव निवासी रफीक शेख के रूप में हुई है... पुलिस के मुताबिक, आरोपी की प्रेमिका काजल मेश्राम ने उसी दिन एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था... दोनों की शादी नहीं हुई थी... ऐसे में लोकलाज के डर से नवजात को छोड़ने की बात सामने आई है... पुलिसकर्मी नवजात को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे... जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया... आरक्षक की शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 92 और 93 के तहत मामला दर्ज किया है... फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है...
0
0
Report
Advertisement

बैतूल दुर्गा उत्सव में 350 कन्याओं का पूजन, सेवा भारती ने भारी श्रद्धा के साथ आयोजन किया

Betul, Madhya Pradesh:एंकर -बैतूल में दुर्गा उत्सव के मौके पर आज आस्था और सेवा की ऐसी तस्वीर देखने को मिली,जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गंज स्थित रामकृष्ण बगिया में सेवा भारती परिवार बैतूल द्वारा विशाल कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 350 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पूजन किए गए और सम्मान के साथ प्रसाद एवं भोजन कराया गया। दुर्गा उत्सव के इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सेवा भारती परिवार के सदस्य शामिल हुए। पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। कन्या पूजन के जरिए नारी शक्ति के सम्मान और सनातन परंपरा के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया। श्रद्धा,सेवा और संस्कार से सजे इस आयोजन ने दुर्गा उत्सव की भव्यता को और खास बना दिया।
0
0
Report

वन टाइम सेटलमेंट के तहत BKTC अस्थाई कर्मचारियों ने बद्रीनाथ धाम में क्रमिक अनशन शुरू किया

Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर 'वन टाइम सेटलमेंट' के तहत नियमितीकरण की मांग को लेकर बीकेटीसी के अस्थाई कर्मचारियों ने आंदोलन के दूसरे दिन आज बद्रीनाथ धाम में सिंहद्वार के सामने 2 घंटे का क्रमिक अनशन किया। इन कर्मचारियों में बाबू, वेदपाठी, स्वयंसेवक, स्थिर वेतन कर्मचारी, पर्यावरण मित्र और बाजीगर पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। इन अनशनकारियों की मुख्य माँग 'वन टाइम सेटलमेंट' के तहत नियमितीकरण की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे बीते 20, 25 और 30 सालों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित नहीं किया गया है। इस आंदोलन को अब स्थानीय संगठनों का भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। बद्रीश पंडा पंचायत के साथ-साथ 'बद्रीश युवा पुरोहित संगठन' ने भी अनशन स्थल पर पहुँचकर कर्मचारियों की माँगों का पुरजोर समर्थन किया है।
0
0
Report

सुकमा के कोत्ताचेरु में चारपाई पर मरीज अस्पताल पहुंचाने की तस्वीर, स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल

Sukma, Chhattisgarh:सुकमा जिले के कोत्ताचेरु इलाके से एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की स्थिति उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक बीमार मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को चारपाई का सहारा लेना पड़ा। मरीज की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस वहां तक पहुंची, जहां तक रास्ता उपलब्ध था, लेकिन सड़क और सुगम रास्ते के अभाव में वह गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने मरीज को चारपाई पर लिटाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर आए। इसके बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सका। गौरतलब है कि सुकमा जिले में चारपाई पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इलाका माओवाद से मुक्त जरूर हो गया है, लेकिन दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में सवाल यह है कि जब किसी गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो सड़क और परिवहन की सुविधा के अभाव में उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
0
0
Report
Advertisement

हरदा में DAP और बिजली संकट पर किसान प्रदर्शन; सुधार नहीं तो आंदोलन

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा में DAP खाद और बिजली की समस्या को लेकर किसानों का प्रदर्शन, लोड सेटिंग के नाम पर बिजली की कटौती की जाएगी, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण किसान हरदा। जिले में DAP खाद की उपलब्धता और बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीण किसानों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्र में रात के समय लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती की जाएगी ,समस्याओं से परेशान किसान अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के काम के दौरान खाद और बिजली की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से DAP खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। वही 7 दिन का समय दिया गया है अगर व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो आगामी दिनों में हरदा जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा,
0
0
Report

ग्वालियर: BAMS इंटर्न स्टाइपेंड न बढ़ने पर डिग्री छोड़ने तक चेतावनी

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर BAMS छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है. शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के छात्रों ने कॉलेज और अस्पताल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू कर दिया है. छात्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में उन्हें दूसरे राज्यों और MBBS इंटर्न की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है. मांग पूरी नहीं होने पर छात्रों ने सामूहिक रूप से डिग्री छोड़ने तक की चेतावनी दी है. दरअसल ग्वालियर के शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में BAMS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र हड़ताल पर हैं. छात्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में BAMS इंटर्न को हर महीने महज 9,383 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि दूसरे राज्यों में यह राशि कहीं ज्यादा है. छात्रों ने तुलना करते हुए बताया कि तेलंगाना में करीब 29,792 रुपये, बिहार में 27 हजार, दिल्ली में 23,500 और राजस्थान में 22 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है. वहीं, मध्यप्रदेश में MBBS इंटर्न को मिलने वाले 21,500 रुपये के मुकाबले भी BAMS छात्रों का स्टाइपेंड काफी कम है. छात्र अपने मांग के समर्थन में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग यानी NCISM के राजपत्र विनियम 15-B का हवाला दे रहे हैं. छात्रों के मुताबिक, इस विनियम में इंटर्नशिप के दौरान प्रशिक्षुओं को संबंधित सरकार के तहत दूसरी चिकित्सा प्रणालियों के बराबर स्टाइपेंड देने और चिकित्सा पद्धतियों के बीच विसंगति नहीं रखने का प्रावधान है. छात्राओं का आरोप है कि कम स्टाइपेंड देकर आयुष विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है. उनका कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस विचार नहीं किया गया, छात्रों ने साफ किया है कि मुख्य गेट पर तालाबंदी के बाद भी यदि उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है. यहां तक कि छात्रों ने सामूहिक रूप से अपनी डिग्री छोड़ने की चेतावनी भी दी है. अब देखना होगा कि छात्रों की मांग पर शासन और कॉलेज प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top