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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow12 Jan 2025, 09:00 am
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नगर परिषद चित्रकूट की बड़ी लापरवाही , वार्ड में जलसंकट के बीच हजारों गैलन पानी हो रहा बर्बाद

AHAnuj HanumatFollow3m ago
Manikpur, Manikpur Sarhat, Uttar Pradesh:चित्रकूट नगर परिषद (एमपी ) की हठधर्मिता! वार्ड नंबर-4 में तीसरे दिन भी जल संकट, हजारों गैलन पानी बर्बाद धर्मनगरी चित्रकूट में नगर परिषद की लापरवाही और ठेकेदार की कथित मनमानी का खामियाजा भुगत रही जनता। वार्ड नंबर-4 में पाइपलाइन टूटने से लगातार तीसरे दिन भी पानी की किल्लत बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है, लेकिन पाइपलाइन सुधारने कोई नहीं पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि पानी की बर्बादी जारी है और वार्डवासी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। जिम्मेदार एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर जनता को राहत कौन देगा?
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अमित शाह ने खरगे के बयान पर पलटवार, कांग्रेस पर गाली-गलौज का आरोप

Noida, Uttar Pradesh:केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर किया पलटवार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएँ तार-तार कर दी हैं। यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा, तो कभी 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएँ पार करती जा रही है। बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा व निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है। जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है। जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियाँ की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।
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टीबी अस्पताल कॉलोनी में बक्से में मिला गार्ड का शव

VIVEK DUBEYVIVEK DUBEYFollow13m ago
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा के टीबी अस्पताल की कांशीराम कॉलोनी में बंद कमरे के अंदर बक्से में शव मिलने से सनसनी फैल गई। 14 ब्लॉक के इस कमरे से कई दिनों से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिसके बाद पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरा खुलवाया तो अंदर रखे बक्से में 55 वर्षीय श्याम सुंदर कठेरिया का शव मिला। श्याम सुंदर शुभम होटल में गार्ड की नौकरी करते थे और अपनी बेटी के साथ इस कमरे में रहते थे। शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ चुका था और कमरे में तेज दुर्गंध फैली हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब हत्या समेत कई बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, मृतक के साथ रहने वाली उनकी बेटी भी घटना के बाद से लापता बताई जा रही है। एसपी सिटी बबीता सिंह के मुताबिक मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी।फिलहाल पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच में जुटी है।
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, बच्चों की सुरक्षा की नई पहल

New Delhi, Delhi:*दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल सुविधाएं स्थापित करेगी दिल्ली सरकार।* छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण, प्रत्येक स्कूल में तैनात होंगे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी कम लागत में विद्यार्थियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल। दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में समर्पित चिकित्सा सुविधाएं स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रस्ताव तैयार किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार, शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों में मेडिकल सुविधाएं स्थापित करेगी। इस पहल का उद्देश्य स्कूल समय के दौरान विद्यार्थियों को तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना है। विद्यार्थी अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा स्कूलों में बिताते हैं। स्कूल के समय में छोटी-मोटी चोट लगना, अचानक तबीयत खराब होना, थकान, चक्कर आना और असहज महसूस करना जैसी परिस्थितियां सामान्य हैं। वर्तमान में कई सरकारी स्कूलों में ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल देखभाल उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित स्थान या बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इसके कारण कई बार उपचार में अनावश्यक देरी होती है और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी चिंता का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह योजना स्कूलों को सुरक्षित, समावेशी और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्ताव की प्रमुख विशेषताएं 1. प्राथमिक उपचार की सुविधा: स्कूलों में स्थापित मेडिकल कक्षों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में घाव की ड्रेसिंग, ओआरएस (ORS) देना और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को कुछ समय आराम करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।स्कूलों में जांच संबंधी चिकित्सा सेवाएं या डॉक्टर के पर्चे पर दी जाने वाली दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी। 2. प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती: प्रत्येक स्कूल में एक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, जैसे सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) या बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी (Multipurpose Health Worker), को तैनात किया जाएगा। ये स्वास्थ्यकर्मी विद्यार्थियों की तत्काल स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं और किशोरावस्था से जुड़े स्वास्थ्य विषयों में सहायता प्रदान करेंगे। 3. छात्राओं के लिए विशेष सुविधा: मेडिकल कक्ष में छात्राओं को मासिक धर्म से संबंधित आवश्यकताओं के दौरान सुरक्षित, निजी और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। 4. चरणबद्ध क्रियान्वयन और वित्तीय प्रावधान: सभी 1,086 सरकारी स्कूलों को इस योजना के दायरे में लाने के लिए अनुमानित वार्षिक वित्तीय व्यय ₹48.87 करोड़ होगा। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में उन स्कूलों में मेडिकल सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, जहां इसके लिए अलग कमरे उपलब्ध हैं। इसके बाद वैकल्पिक कमरों और पोर्टा केबिन के माध्यम से अन्य स्कूलों में भी यह सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने बताया की सरकार की दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और देखभालपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए। जब स्कूल के समय में किसी विद्यार्थी की तबीयत खराब होती है या उसे चोट लगती है, तो अभिभावकों और शिक्षकों को यह भरोसा होना चाहिए कि स्कूल परिसर में ही तत्काल प्राथमिक उपचार और उचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली सरकार की यह पहल सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने तथा उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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पुलिस का बड़ा एक्शन! दो मुठभेड़ों में 3 इनामी गिरफ्तार,2 के पैर में लगी गोली; असलहे और कारतूस बरामद

ATAlok TripathiFollow1h ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर को हुई फायरिंग की घटना में वांछित इनामी अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 25-25 हजार रुपये के इनामी तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो अभियुक्तों आशुतोष राय व सर्वेश राय सगे भाई है और थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान आशुतोष राय के बाएं पैर में और सर्वेश राय को दाएं पैर में गोली लगी है। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पिस्टल, देसी तमंचा और कारतूस बरामद की है। इस बात की पुष्टि सीओ मोहम्मदाबाद सुधाकर पाण्डेय ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि भांवरकोल थाना क्षेत्र में फायरिंग कर दो चचेरे भाइयों को घायल करने और दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। 13 अक्टूबर 2026 को हुई फायरिंग की घटना के बाद से आरोपी वांछित चल रहे थे। इसी मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी सर्वेश राय उर्फ सिट्टू को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। सर्वेश राय सुखडेहरा गांव का निवासी बताया गया है। मुठभेड़ के दौरान उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं, इसी फायरिंग प्रकरण में पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के इनामी आशुतोष राय उर्फ आशु उर्फ बिट्टू और उपेंद्र राय को भी मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में आशुतोष राय के बाएं पैर में गोली लगी और उसे भी इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। कार्रवाई के दौरान सर्वेश राय के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। वहीं, आशुतोष राय और उपेंद्र राय से संबंधित कार्रवाई में 315 बोर का एक देसी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद की गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों में कुछ का आपराधिक इतिहास भी रहा है। सर्वेश राय के खिलाफ हत्या, अपहरण, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज होने का उल्लेख है। वहीं, आशुतोष राय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों का जिक्र पुलिस ने किया है। उपेंद्र राय के खिलाफ भी पूर्व का एक मुकदमा दर्ज बताया गया है। फिलहाल, पुलिस मुठभेड़, बरामदगी और संबंधित मुकदमों में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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गाजीपुर में PET परीक्षा पर DM-SP का सख्त पहरा, औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, CCTV से चेकिंग तक हर...

ATAlok TripathiFollow1h ago
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर में PET परीक्षा 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। सनबीम विद्यालय और एवरग्रीन विद्यालय समेत विभिन्न केंद्रों पर अधिकारियों ने सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की चेकिंग और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिया कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि गाजीपुर में PET परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सनबीम विद्यालय और एवरग्रीन विद्यालय सहित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निर्देश! जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता हर हाल में बनाए रखी जाए। सीसीटीवी निगरानी और निर्धारित चेकिंग प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फिलहाल, गाजीपुर में PET परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस मुस्तैद है। अब देखना होगा कि प्रशासन की इस सख्ती के बीच परीक्षा की प्रक्रिया किस तरह संपन्न होती है।
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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं स्थापित होंगी

New Delhi, Delhi:दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल सुविधाएं स्थापित करेगी दिल्ली सरकार। छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण, प्रत्येक स्कूल में तैनात होंगे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी कम लागत में विद्यार्थियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल。 दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में समर्पित चिकित्सा सुविधाएं स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रस्ताव तैयार किया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार, शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों में मेडिकल सुविधाएं स्थापित करेगी। इस पहल का उद्देश्य स्कूल समय के दौरान विद्यार्थियों को तत्काल प्राथमिक उपचार और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराना है。 विद्यार्थी अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा स्कूलों में बिताते हैं। स्कूल के समय में छोटी-मोटी चोट लगना, अचानक तबीयत खराब होना, थकान, चक्कर आना और असहज महसूस करना जैसी परिस्थितियां सामान्य हैं। वर्तमान में कई सरकारी स्कूलों में ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल देखभाल उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित स्थान या बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इसके कारण कई बार उपचार में अनावश्यक देरी होती है और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी चिंता का सामना करना पड़ता है。 राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप यह योजना स्कूलों को सुरक्षित, समावेशी और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है。 प्रस्ताव की प्रमुख विशेषताएं 1. प्राथमिक उपचार की सुविधा: स्कूलों में स्थापित मेडिकल कक्षों में प्रशिक्षितhealthकर्मियों की निगरانی में घाव की ड्रेसिंग, ओआरएस (ORS) देना और आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों को कुछ समय आराम करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।स्कूलों में जांच संबंधी चिकित्सा सेवाएं या डॉक्टर के पर्चे पर दी जाने वाली दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी। 2. प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती: प्रत्येक स्कूल में एक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, जैसे सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) या बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी (Multipurpose Health Worker), को तैनात किया जाएगा। ये स्वास्थ्यकर्मी विद्यार्थियों की तत्काल स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं और किशोरावस्था से जुड़े स्वास्थ्य विषयों में सहायता प्रदान करेंगे। 3. छात्राओं के लिए विशेष सुविधा: मेडिकल कक्ष में छात्राओं को मासिक धर्म से संबंधित आवश्यकताओं के दौरान सुरक्षित, निजी और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। 4. चरणबद्ध क्रियान्वयन और वित्तीय प्रावधान: सभी 1,086 सरकारी स्कूलों को इस योजना के दायरे में लाने के लिए अनुमानित वार्षिक वित्तीय व्यय ₹48.87 करोड़ होगा。 योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में उन स्कूलों में मेडिकल सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, जहां इसके लिए अलग कमरे उपलब्ध हैं। इसके बाद वैकल्पिक कमरों और पोर्टा केबिन के माध्यम से अन्य स्कूलों में भी यह सुविधा सुनिश्चित की जाएगी。 शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने बताया की सरकार की दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और देखभालपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए। जब स्कूल के समय में किसी विद्यार्थी की तबीयत खराब होती है या उसे चोट लगती है, तो अभिभावकों और शिक्षकों को यह भरोसा होना चाहिए कि स्कूल परिसर में ही तत्काल प्राथमिक उपचार और उचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली सरकार की यह पहल सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने तथा उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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