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Anurag SinghAnurag SinghFollow7 Jan 2025, 03:32 pm

गोंडाः कर्नलगंज नगर के गुरुद्वारे में सम्मान समारोह का आयोजन, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले मेधावियों को किया गया सम्मानित

Colonelganj, Uttar Pradesh:

कर्नलगंज नगर के प्रसिद्ध गुरुद्वारे में एक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालय के आए हुए बच्चों को पुरस्कार देकर उन्हें सम्मानित किया गया। बीते वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरुद्वारे में प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन हुआ था, जिसमें नगर के विभिन्न विद्यालय के बच्चों ने भाग लिया था। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।

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113 वर्ष पुराने राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार की रखी आधारशिला, जल्द शुरू होगा कार्य

Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow1m ago
Maharajganj, Uttar Pradesh:महराजगंज, 6 नवंबर। फरेंदा रोड स्थित टेढ़वा कुटी परिसर में स्थापित 113 वर्ष पुराने ऐतिहासिक राम जानकी मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू होगा। शुक्रवार को सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने विधिवत पूजन-अर्चन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांच ईंटें रखकर मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल जायसवाल भी मौजूद रहे। मंदिर के देखरेखकर्ता संत कुमार वर्मा ने बताया कि राम जानकी मंदिर का निर्माण वर्ष 1913 में हुआ था। मंदिर के तत्कालीन पुजारी जय गुरुदेव बाबा के सानिध्य में यहां सुबह-शाम नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती होती थी। वर्तमान में भी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीरामचंद्र एवं लक्ष्मण जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं। प्रत्येक वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर यहां भव्य जन्मोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आधारशिला रखने के बाद सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि यह मंदिर नगर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। 113 वर्ष पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार होना नगरवासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मंदिरों का निर्माण और उनका संरक्षण बेहद जरूरी है। प्राचीन मंदिर हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मंदिर के जीर्णोद्धार की आधारशिला रखे जाने से क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों में खुशी का माहौल है। इस दौरान संजीव शुक्ला, राकेश गुप्ता, राकेश अग्रहरी, विनोद गुप्ता, संजय पांडेय, अखिलेश्वर राव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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मऊरानीपुर: दीपावली पर मिठाई खरीदते समय रहें सावधान! कहीं आपको भी तो नहीं लग रहा घटतौली का चूना?

Rajeev DixitRajeev DixitFollow2m ago
Mauranipur, Uttar Pradesh:मऊरानीपुर/झांसी। दीपावली का त्योहार आते ही मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग अपनों के लिए मिठाइयां खरीदकर त्योहार की खुशियां बांटने में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच मिठाई की तौल को लेकर ग्राहकों की जेब पर कथित तौर पर डाका डालने का मामला सामने आ रहा है। सवाल यह है कि त्योहार की मिठास के बीच कहीं दुकानदार आपको घटतौली का चूना तो नहीं लगा रहे? आरोप है कि कुछ मिठाई विक्रेता मिठाई तौलते समय डिब्बे और उसके ढक्कन को भी तराजू पर रखकर वजन कर रहे हैं। ऐसे में ग्राहक जब 500 ग्राम मिठाई के पैसे देता है तो शुरुआती तौल में ही डिब्बे सहित वजन दिखाया जाता है। डिब्बे और ढक्कन का वजन हटाने के बाद वास्तविक मिठाई की मात्रा करीब 400 ग्राम तक रह जाने की आशंका जताई जा रही है। यानी ग्राहक को 500 ग्राम के नाम पर करीब 100 ग्राम मिठाई का नुकसान उठाना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल बाट-माप विभाग पर! हैरानी की बात यह है कि त्योहार के दौरान मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की बढ़ती भीड़ और घटतौली की शिकायतों की आशंका के बावजूद बाट-माप विभाग की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर त्योहार से पहले या त्योहार के दौरान विभाग की ओर से दुकानों पर सघन जांच अभियान क्यों नहीं चलाया गया? क्या विभाग को बाजार में हो रही तौल संबंधी गड़बड़ियों की जानकारी नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के लिए किसी शिकायत का इंतजार कर रहे हैं? यदि समय रहते दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटों, बाट और मिठाई की तौल की जांच की जाए तो ग्राहकों को होने वाली इस कथित ठगी पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है।
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केएमसी मेडिकल कॉलेज में होगी एमडी एवं एमएस की पढ़ाई, 76 पीजी सीटों को मिली स्वीकृति

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज। पूर्वांचल के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, महराजगंज को पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों की स्वीकृति मिली है। अब कॉलेज में एमबीबीएस के साथ-साथ एमडी (MD) एवं एमएस (MS) की पढ़ाई का रास्ता भी खुल गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की ओर से जारी तत्कालीन स्वीकृति सूची के अनुसार, कॉलेज को विभिन्न विभागों में कुल 76 पीजी सीटों की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इस उपलब्धि से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में केएमसी मेडिकल कॉलेज ने एक नया मुकाम हासिल किया है। *19 विभागों में शुरू होंगे विशेषज्ञता के पाठ्यक्रम* राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अपडेटेड पीजी ब्रॉड स्पेशियलिटी सीट मैट्रिक्स में केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, महराजगंज का नाम शामिल है। आयोग की सूची में कॉलेज के कुल 19 पीजी पाठ्यक्रम दर्ज हैं। इनमें एमडी के 14 और एमएस के 5 पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 4 सीटें निर्धारित हैं। स्वीकृत पाठ्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है: एमडी (MD) - जनरल मेडिसिन, एनेस्थीसियोलॉजी, पीडियाट्रिक्स,डर्मेटोलॉजी,साइकियाट्री ,माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी,रेडियो डायग्नोसिस, एनाटॉमी ,फिजियोलॉजी,बायोकेमिस्ट्री,फार्माकोलॉजी ,फॉरेंसिक मेडिसिन,कम्युनिटी मेडिसिन तथा एमएस (MS)- जनरल सर्जरी ,ऑर्थोपेडिक्स,ईएनटी,ऑप्थैल्मोलॉजी,ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी | इस प्रकार 14 एमडी पाठ्यक्रमों में 56 सीटें और 5 एमएस पाठ्यक्रमों में 20 सीटें मिलाकर कुल 76 सीटें उपलब्ध होंगी। इससे पूर्वांचल के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा । अब तक एमडी एवं एमएस की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को महराजगंज और आसपास के क्षेत्रों से बाहर के मेडिकल कॉलेजों का रुख करना पड़ता था। लेकिन पीजी पाठ्यक्रमों की स्वीकृति से स्थानीय और आसपास के जिलों के मेधावी मेडिकल विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और शोध के नए अवसर भी विकसित होंगे। एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू होने से विभिन्न चिकित्सा विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की इस उपलब्धि को संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एमबीबीएस की पढ़ाई से शुरुआत करने वाले संस्थान के लिए अब पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ना बड़ी उपलब्धि है। संस्थान के चेयरमैन श्री विनय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कॉलेज के शैक्षणिक विस्तार को लेकर यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। इससे केएमसी परिवार, चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। उन्होनें कहा कि महराजगंज में एमडी एवं एमएस पाठ्यक्रमों की शुरुआत से केएमसी मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह संस्थान पूर्वांचल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए सभी चिकित्सक,अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र है । दीपावली के अवसर पर मिली यह उपलब्धि केएमसी परिवार के लिए किसी बड़े उपहार से कम नही
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