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Gonda - युवक ने घर में घुसकर मां बेटी को पीटा
Paraspur, Uttar Pradesh:ग्राम बहुवन में जानमाल की धमकी देते हुए एक व्यक्ति ने घर में घुसकर मां- बेटी की पिटाई कर दी. पीड़ित महिला ने आरोपी पर केस किया, आरोप है कि उसकी लड़की को देखकर हंसने का विरोध करने पर विपक्षी ने घर में घुसकर लड़की की पिटाई कर दी, बचाने दौड़ी मां को भी जानमाल की धमकी व अभद्रता करते हुए मारा पीटा. एसओ दिनेश सिंह ने कहा कि पीड़ित महिला के तहरीर पर आरोपित पर विधिक धाराओं में केस दर्ज कर प्रकरण की जाँच शुरू कर दी गयी है।
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वाराणसी: मकबूल आलम रोड पर मारपीट, एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी। थाना लालपुर-पांडेयपुर क्षेत्र अंतर्गत मकबूल आलम रोड पर मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मारपीट की घटना में एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट आई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। Z MEDIA, वाराणसी0
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झाबुआ के चुरी ग्राम में तीन बच्चों के शव कुएं में, जांच जारी
Ratlam, Madhya Pradesh:झाबुआ जिले के राणापुर छेत्र के चुरी ग्राम इलाके में तीन बच्चों के शव कुएं में मिलने से हड़कंप मच गया। शव के कान, नाक और होंठ पर कटे हुए चोट से ग्रामीणों में अलग आशंकाएं गहराती हैं। कोई इसे नरबली से जोड़ रहे हैं। पुलिस हत्या और दुर्घटना को लेकर तफ्तीश में जुटी है.0
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Indore NSG की धमाकेदार सुरक्षा तैयारी: तीन जगहों पर मॉक ड्रिल
Indore, Madhya Pradesh:त्योहारों से पहले इंदौर में NSG का सुरक्षा अभ्यास तीन अलग-अलग स्थानों पर मॉक ड्रिल की। एयरपोर्ट, डेली कॉलेज और राजवाड़ा पर हुए इस अभ्यास में आपात परिस्थितियों से निपटने की रणनीति का परीक्षण किया गया। डेली कॉलेज में आतंकियों और बंधकों से जुड़ी काल्पनिक स्थिति बनाकर करीब 5 से 6 घंटे तक ऑपरेशन चलाया गया। इंदौर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी कमांडो ने सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवादी घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए विशेष मॉक ड्रिल की। त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने की रणनीति के तहत एयरपोर्ट, डेली कॉलेज और राजवाड़ा सहित तीन अलग-अलग स्थानों पर अभ्यास किया गया। डेली कॉलेज परिसर में मॉक ड्रिल के दौरान 5 से 6 आतंकियों के मौजूद होने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही एनएसजी कमांडो ने मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन शुरू किया। मुख्य भवन में प्रवेश करने से पहले कमांडो ने स्मोक बम का इस्तेमाल किया और इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से परिसर में प्रवेश किया। अभ्यास के दौरान आतंकियों को निष्क्रिय करने और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को परखा गया। करीब 5 से 6 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में अलग-अलग आपात परिस्थितियां बनाकर कमांडो की प्रतिक्रिया, रणनीति और समन्वय का परीक्षण किया गया। वहीं, इंदौर एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा से जुड़े अभ्यास की जानकारी सामने आई है। देर रात राजवाड़ा क्षेत्र में भी मॉक ड्रिल की गई। इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी खतरे के समय सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करना है।0
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बिलासपुर से रामलला के दर्शन को अयोध्या रवाना श्रद्धालुओं की ट्रेन
Bilaspur, Chhattisgarh: बिलासपुर।विजयादशमी के बाद न्यायधानी बिलासपुर से श्रद्धा और आस्था की एक और ट्रेन अयोध्या और काशी के लिए रवाना हुई। 850 यात्रियों को लेकर निकली इस विशेष ट्रेन में भगवान रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु रवाना हुए। इस दौरान बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े समेत बीजेपी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों में भगवान रामलला के दर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि विजयादशमी पर भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन के लिए रवाना करना खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ से लगातार श्रद्धालुओं को अयोध्या भेजा जा रहा है। दर्शन करके लौटने वाले श्रद्धालु अपने साथ प्रसाद और यादगार अनुभव लेकर आते हैं। सरकार की मंशा है कि अधिक से अधिक लोग भगवान रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर सकें। इस अवसर पर उन्होंने सभी यात्रियों को सुखद और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं。0
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मंगलसिंह नगर में ओबीसी आरक्षण पर बहिष्कार का ऐलान, ग्रामीणों में आक्रोश
Jodhpur, Rajasthan:बालेसर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मंगलसिंह नगर में पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार का ऐलान, ओबीसी आरक्षण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, फिलहाल शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़ पहुंचे मौके पर और ग्रामीणों से कर रहे हैं समझाईश ग्रामीणों ने सरपंच पद ओबीसी के लिए आरक्षित होने पर जताई नाराजगी, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में मतदान का बहिष्कार, ग्राम पंचायत मंगलसिंह नगर की मतदाता सूची में कुल 1052 मतदाता दर्ज हैं, लेकिन इनमें ओबीसी वर्ग का एक भी मतदाता नहीं होने के बावजूद प्रशासनिक आरक्षण प्रक्रिया के तहत सरपंच पद ओबीसी वर्ग के लिए किया आरक्षित।0
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जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पहला HLA मिसमैच्ड बोन मैरो ट्रांसप्लांट सफल
Jaipur, Rajasthan:एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि MAA योजना के अंतर्गत फैंकोनी एनीमिया के मरीज का विभाग का पहला HLA-मिसमैच्ड बोन मैरो ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर के क्लिनिकल हीमेटोलॉजी विभाग ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग द्वारा राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के अंतर्गत 22 वर्षीय ट्रांसफ्यूजन-निर्भर फैंकोनी एनीमिया से पीड़ित मरीज का सफलतापूर्वक HLA-मिसमैच्ड एलोसंजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) किया गया है। यह इस विभाग में फैंकोनी एनीमिया के लिए अपनी तरह का पहला HLA-मिसमैच्ड एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट है। फैंकोनी एनीमिया एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें DNA की मरम्मत की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण धीरे-धीरे बोन मैरो फेल्योर हो सकता है तथा मरीज को बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इस बीमारी में मायलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम और एक्यूट मायलॉइड ल्यूकेमिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एलोजेनिक हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट इस बीमारी में बोन मैरो फेल्योर को ठीक करने का एकमात्र संभावित उपचारात्मक विकल्प है। फैंकोनी एनीमिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। DNA की मरम्मत में जन्मजात दोष के कारण इन मरीजों में कीमोथेरेपी और रेडिएशन के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता होती है, जिससे उपचार के दौरान गंभीर विषाक्त प्रभावों और अंगों को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे मरीजों में विशेष रूप से अनुकूलित कंडीशनिंग रेजिमेन, सावधानीपूर्वक उपचार योजना और उत्कृष्ट सहायक चिकित्सा की आवश्यकता होती है, ताकि उपचार संबंधित जटिलताओं को कम करते हुए सफल प्रत्यारोपण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, HLA-मिसमैच्ड डोनर से ट्रांसप्लांट करने पर ग्राफ्ट-वर्सेस-होस्ट डिजीज की रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण और प्रत्यारोपण के बाद निगरानी जैसी चुनौतियाँ और बढ़ जाती हैं। मरीज में सफलतापूर्वक engraftment हो चुका है। मरीज की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति स्थिर है और आज उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। फैंकोनी एनीमिया में प्रत्यारोपण की जटिलताओं तथा HLA-मिसमैच्ड डोनर से जुड़े अतिरिक्त जोखिमों को देखते हुए यह सफलता विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह प्रत्यारोपण राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के अंतर्गत किया गया, जिससे मरीज को इस अत्याधुनिक एवं संभावित रूप से जीवनरक्षक उपचार का लाभ सरकारी स्वास्थ्य योजना के माध्यम से प्राप्त हो सका। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएँ जटिल रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों तक उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह प्रक्रिया डॉ. विष्णु शर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, क्लिनिकल हीमेटोलॉजी विभाग के नेतृत्व में संपन्न हुई। इसमें डॉ. देवेश पराशर, एसोसिएट प्रोफेसर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रत्यारोपण टीम, नर्सिंग स्टाफ तथा ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, पैथोलॉजी एवं प्रयोगशाला सेवाओं सहित सहयोगी विभागों के समन्वित प्रयासों से प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और मरीज में सफल engraftment एवं चिकित्सकीय सुधार संभव हो सका। यह उपलब्धि एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर के नवगठित क्लिनिकल हीमेटोलॉजी विभाग की उन्नत बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाएँ प्रदान करने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। विभाग में इस प्रकार का पहला HLA-मिसमैच्ड ट्रांसप्लांट संपन्न होना जटिल रक्त संबंधी बीमारियों के उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस युवा मरीज का सफल प्रत्यारोपण और अस्पताल से छुट्टी राजस्थान में उन्नत हीमेटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे उन मरीजों के लिए नई आशा जगी है, जिन्हें विशेष एवं संभावित रूप से रोगमुक्त करने वाले उपचार की आवश्यकता होती है.0
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खूँटी के गिरजाघर पर फादर बैनेदिक बारला पर हमला: पुलिस जाँच जारी
Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले में रोमन कैथोलिक का सबसे बड़ा गिरजा घर जिसे गिरजाघर कहा जाता है और खूँटी के गिरजाघर के फादर और आरसी मध्य विद्यालय के शिक्षक फादर बैनेदिक बारला पर कल तड़के सुबह जानलेवा हमला किया गया। जो एक बड़ा मामला बताया जा रहा है क्योंकि ईसाई पंथ का अगुआ और मार्गदर्शक शिक्षक के ऊपर हमला हुआ है। ऐसे नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने वाले शिक्षक पर हमला के विरोध में शोकित ईसाई समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर इसे ईसाईयों पर हमला बतलाया। लेकिन इसका उद्भेदन अभी तक नहीं हुआ कि आखिर ईसाईयों पर हमला करने वाले कौन हैं। इसका तभी उद्भेदन हो पाएगा जब उनके घर पर कौन गया और किस उद्देश्य से हमला किया गया। जिसपर पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई है। लेकिन अभी तक इसका कोई रिजल्ट नहीं आता है। आगे की कार्रवाई की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। तकनीकी शाखा सक्रिय है वहीं लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अब देखना है कि फादर बैनेदिक बारला को मारने का क्या कारण है और ईसाईयों पर हमला कौन से लोगों ने किया। लेकिन सच तब सामने आयेगा जब अकेले रहनेवाले फादर बैनेदिक बारला स्वस्थ हो जाएं और अपने मुंह से कुछ बोलें। फिलहाल भगवान से जी मीडिया प्रार्थना करती है कि वे जल्द स्वस्थ हो जाएँ।0
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पुरुलिया अस्पताल परिसर में गंदगी और साफ-सफाई को लेकर स्वास्थ्य महकमे की समीक्षा
Purulia, West Bengal:পুরুলিয়া: পুরুলিয়ার বিজেপি সাংসদ জ্যোতির্ময় সিং মাহাতোর হুঁশিয়ারির পর পুরুলিয়া মেডিকেল কলেজ এবং হাসপাতালে পুরুলিয়া সদর ক্যাম্পাস পরিদর্শন করেন জেলা মুখ্য স্বাস্থ্য দপ্তর আধিকারিক অশোক বিশ্বাস এবং অন্যান্য স্বাস্থ্য আধিকারিকরা। আজ সকাল থেকেই হাসপাতাল চত্বরে পৌরসভার কর্মীরা আবর্জনা পরিষ্কারের নামে এদিন পরিদর্শনের পর জেলা মুখ্য শাস্ত্র দপ্তর আধিকারিক বলেন, হাসপাতালের আউটলেট না থাকায় নিকashির জল রাস্তায় উঠে যায়, ঠিকমতো পরিস্কার হয় না। বর্য্য পদার্থ ঠিক মতো পরিষ্কার হয় না তা শেডের মধ্যে ভর্তি হয়ে পরে থাকা প্লাস্টিকে ভরা বজ্য পদার্থ দেখলেই বোঝা যায়। দায়িত্ব পাওয়া সংস্থা যে তাদের কাজ করে না তা এই সেডের ছবি দেখলেই বোঝা যায়। হাসপাতাল চত্বরের ময়লা পরিষ্কার করার দায়িত্ব পুরুলিয়া পৌরসভার সেই কাজ পুর করেনা। তিনি বলেন হাসপাতাল কর্তৃপক্ষর সাথে সাথে সাধারণ মানুষের সচেতন হওয়ার প্রয়োজন রয়েছেন যেখানে সেখানে মল মূত্র ত্যাগ করছে।0
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पुजों के दौरान बांकुरा शहर में अंतरराज्यीय चोर गिरोह गिरफ्तार, 13 सदस्य शामिल
Bankura, West Bengal:পুজোর সময় ভিড়ের সুযোগে একের পর এক মণ্ডপে দর্শনার্থীদের কাছ থেকে হাত সাফাই , তদন্তে নেমে বাঁকুড়ার একটি বেসরকারি লজ থেকে গ্রেফতার আন্ত:রাজ্য ছিনতাইবাজ চক্রের পুরুষ মহিলা সহ ১৩ জন পুজোর সময় ভিড়ের সুযোগ নিয়ে বাঁকুড়া শহরে একের পর एक মণ্ডপে দর্শনার্থীদের কাছ থেকে বিভিন্ন সামগ্রী ছিনতাই ও হাত সাফাই এর পরিকল্পনা করে বাঁকুড়া শহরের একটি বেসরকারি লজে ঘাঁটি গেড়েছিল ছিনতাইবাজদের একটি বড়সড় আন্ত:রাজ্য চক্র। পুজোর দিনগুলিতে অবাধে তারা দর্শনার্থীদের কাছ থেকে অলঙ্কার, ঘড়ি ও মোবাইল চুরির কাজে সাফল্যও পায়। কিন্তু শেষ রক্ষা হল না। তদন্তে নেমে অবশেষে বাঁকুড়ার ওই বেসরকারি লজে হানা দিয়ে ওই আন্ত:রাজ্য ছিনতাইবাজ চক্রের পুরুষ ও মহিলা মিলিয়ে মোট ১৩ জনকে গ্রেফতার করল বাঁকুড়া সদর থানার পুলিশ। ধৃতদের আজ বাঁকুড়া জেলা আদালতে তোলা হলে আগামী ৪ নভেম্বর পর্যন্ত প্রত্যেককে জেল হেফাজতে রাখার নির্দেশ দেয় আদালত। পুজোর সময় ভিড় ঠেলে একের পর এক মণ্ডপে ঘুরে ঠাকুর দেখেন হাজার হাজার মানুষ। প্রায় প্রত্যেকের গায়েই থাকে দামী অলঙ্কার, ঘড়ি। হাতে থাকে মোবাইল ফোন। ভিড়ের সুযোগ নিয়ে সেই সব সামগ্রী হাত সাফাই অথবা ছিনতাই করার উদ্যেশ্যে পুজোর আগেই বাঁকুড়ার একটি বেসরকারি লজে আস্তানা গেড়েছিল আন্ত:রাজ্য ছিনতাই চক্রের পুরুষ ও মহিলা মিলিয়ে মোট ১৩ জন। এই ১৩ জনের মধ্যে কারো বাড়ি উত্তরপ্রদেশ, কারো বিহার, কারো ঝাড়খণ্ড আবার কারো বাড়ি ওড়িশায়। এদের মধ্যে দুজন মহিলার বয়স ৬০ বছরের উর্ধে। পুজোর কয়েকদিন ধরে বাঁকুড়ার বিভিন্ন বড় মণ্ডপে ছড়িয়ে ছিটিয়ে এই চক্রের ছিনতাইবাজরা একের পর এক দর্শনার্থীর কাছ থেকে সোনার গহনা, ঘড়ি ও মোবাইল হাত সাফাই করতে সফলও হয়। পুজোর মধ্যেই বাঁকুড়া সদর থানায় পৃথক পৃথক ভাবে হাজির হয়ে দুই মহিলা অভিযোগ জানান বাঁকুড়ার নতুনচটি সর্বজনীন ও মধ্য কেন্দুয়াডিহি সর্বজনীনের পুজো মণ্ডপ দেখতে গিয়ে খোয়া গেছে তাঁদের গলায় থাকা সোনার হার। ঘটনার তদন্তে নেমে পুলিশ ওই আন্ত:রাজ্য ছিনতাইবাজ চক্রের হদিশ পায়। এরপরই পুলিশ হানা দেয় বাঁকুড়ার গোবিন্দনগরের বাসস্ট্যান্ড এলাকায় থাকা একটি বেসরকারি লজে। সেখান থেকেই গ্রেফতার করা হয় ওই চক্রের সঙ্গে যুক্ত পুরুষ ও মহিলা মিলিয়ে মোট ১৩ জনকে। ধৃতদের কাছ থেকে উদ্ধার হয় খোয়া যাওয়া হার দুটি। এই চক্রের সঙ্গে আর কেউ যুক্ত রয়েছে কিনা তা যেমন খতিয়ে দেখা হচ্ছে তেমনই এই চক্র আর কোনো চুরি বা ছিনতাই এর সঙ্গে যুক্ত রয়েছে কিনা তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে。0
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Jalpaiguri ke Barnish me Vandani Puja: paanch sau saal se chali aa rahi parampara
Jalpaiguri, West Bengal:প্রায় পাঁচশো বছরের ঐতিহ্য! ভান্ডানি পুজো ও মেলাকে ঘিরে জনজোয়ার জলপাইগুড়ি জেলার ময়নাগুড়ির বার্নিশে। বিজয়া দশমীর পর একাদশী তিথিতে দেবী ভান্ডানির পুজো ও মেলাকে কেন্দ্র করে জনজোয়ারে ভাসল জলপাইগুড়ি জেলার ময়নাগুড়ির বার্নিশ এলাকা। ডুয়ার্সের প্রাচীনতম ভান্ডানি পুজোগুলির মধ্যে অন্যতম এই পুজো। গবেষকদের মতে, এই পুজোর ইতিহাস পাঁচশো বছরেরও বেশি পুরনো। প্রতি বছরের মতো এ বছরও উৎসাহ ও উদ্দীপনার মধ্য দিয়ে আয়োজন করা হয় পুজোর। বৃহস্পতিবার ভোর থেকেই বার্নিশের ভান্ডানি মন্দিরে পুণ্যার্থীদের ভিড় জমতে শুরু করে। বেলা বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে ভিড় আরও বাড়তে থাকায় পরিস্থিতি সামাল দিতে ব্যস্ত হয়ে পড়েন পুলিশকর্মীরা। মন্দির সংলগ্ন এলাকায় বসে কয়েকশো দোকান। পুজো ও মেলাকে কেন্দ্র করে জমে ওঠে কেনাকাটাও। বার্নিশের এই পুজোকে ঘিরে রয়েছে বলিপ্রথার প্রচলনও। পুজো কমিটির দাবি, শুধু জলপাইগুড়ি নয়, আশপাশের বিভিন্ন জেলা থেকেও বহু পুণ্যার্থী দেবী ভান্ডানির দর্শনে আসেন। দেবী ভান্ডানিকে ঘিরে রয়েছে নানা লোককথা ও জনশ্রুতি। প্রচলিত विश्वास অনুযায়ী, বিজয় দশমীতে কৈলাসে ফেরার পথে কৃষক সমাজের প্রার্থনায় সাড়া দিয়ে এক দিনের জন্য মর্ত্যে থেকে যান দেবী। কৃষকদের মঙ্গল কামনায় পুজো গ্রহণ করেন তিনি। শস্যের ভান্ডার রক্ষার এই বিশ্বাস থেকেই দেবীর নাম ভাণ্ডানি হয়েছে বলে মনে করা হয়। লোকবিশ্বাস, ধর্মীয় আচার এবং প্রাচীন ঐতিহ্যের মেলবন্ধনে আজও স্বমহিমায় উজ্জ্বল ময়নাগুড়ির বার্নিশের ভাণ্ডানি পুজো। বছরের পর বছর ধরে এই পুজোকে ঘিরে মানুষের আবেগ ও উৎসাহই প্রমাণ করে, ডুয়ার্সের সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যে ভাণ্ডানি পুজোর গুরুত্ব কতটা গভীর।0
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मुरादाबाद कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण केस में 1 माह की अगली सुनवाई तय की
Moradabad, Uttar Pradesh:जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के मामले मे मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट मे आज की सुनवाई हुई पूरी, जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट की तरफ़ से 17 ब्लॉक के कोर्ट मे कराये गए नक़्शे जमा, जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता बोले हम जल्द ही जमा करेंगे बाकी सभी डाक्यूमेंट्स, मुरादाबाद कमिश्नर ने जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता को दिए सख्त निर्देश, 1 माह के अंतर डाक्यूमेंट्स जमा करने है जिसके बाद आगे फाइनल सुनवाई होगी और उसके बाद जल्द इसका फैसला सुनाया जायेगा, मामले मे कमिश्नर कोर्ट ने लगाई 1 माह के बाद की तारीख, जौहर यूनिवर्सिटी के अधिवक्ता ने लगाए डीएम रामपुर और प्रशासनिक अधिकारीयों पर एप्लीकेशन देने के बाद भी उनको पुरे डाक्यूमेंट्स उपलब्ध ना करवाने के आरोप।0
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देवरिया के महुआ पाटन बाजार में दुकानदार विवाद में महिला घायल, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जनपद के तरकुलवा थाना क्षेत्र के महुआ पाटन बाजार में दो दुकानदारों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमें एक पक्ष से एक लड़की को गंभीर चोट आई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। वहीं आपको बता दें कि दुकान के पीछे पेशाब करने को लेकर दोनों दुकानदारों के बीच वाद विवाद हुआ और विवाद के दौरान दोनों ओर से लाठी डंडे चलने लगे। जिसमें एक पक्ष से एक लड़की मारपीट के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गई.0
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रामगढ़ में दोपहर तक 43.01% मतदान, बूथों पर मतदान तेज
Ramgarh, Dohli, Rajasthan:रामगढ़। पंचायत राज संस्थाओं के प्रथम चरण के चुनाव के तहत गुरुवार को रामगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही मतदाताओं का मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। दोपहर 1 बजे तक क्षेत्र में 43.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। रामगढ़ पंचायत समिति के 17 वार्डों और जिला परिषद के 3 वार्डों के लिए मतदान कराया जा रहा है। चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह नजर आ रहा है। वहीं, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसी क्रम में रामगढ़ के एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी सुभाष यादव ने ललांवडी गांव स्थित मतदान केंद्र का inspector कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मतदान प्रक्रिया की जानकारी ली और मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की। दोपहर 1 बजे तक 43.01 प्रतिशत मतदान होने के बाद अब शेष समय में मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। क्षेत्र में निर्धारित समय तक मतदान प्रक्रिया जारी रहेगी। बाइट: सुभाष यादव, एसडीएम रामगढ़0
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गांव वालों ने वोट देकर फर्ज निभाया, अब विकास के ठोस काम चाहिए
Jaipur, Rajasthan:Anchor-गांव वालों ने अपना फर्ज निभा दिया... अब नेताओं की बारी है। किसी ने खेत छोड़ा, किसी ने दुकान तो कोई घर का काम छोड़कर वोट डालने पहुंचा। लेकिन सवाल ये है कि वोट देने वाले गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम क्यों हैं? पीने के पानी के लिए 400 रुपए का टैंकर, इलाज के लिए शहर की दौड़, पढ़ाई के लिए दूर जाते बच्चे और सड़कों के लिए इंतजार... चुनाव से पहले वादों की बरसात करने वाले प्रत्याशियों को ग्रामीणों ने ईवीएम का बटन दबाकर पांच साल की जिम्मेदारी सौंप दी है। अब मतदाताओं का साफ संदेश है। हमने वोट देकर अपना फर्ज निभाया, अब जीतने वाले वादे नहीं, काम करके दिखाएं। गांव में पानी नहीं है, तो 400 रुपए खर्च कर टैंकर मंगवाना पड़ता है। इलाज करवाना हो तो शहर की दौड़ लगानी पड़ती है। सड़क नहीं होने से सफर मुश्किल है और बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए गांव से दूर भेजना पड़ता है। कहीं नालियाँ नहीं हैं तो कहीं स्ट्रीट लाइट का इंतजार है। ये उन गांवों की तस्वीर है, जहां हर पांच साल में चुनाव आते हैं, विकास के वादे होते हैं, लेकिन ग्रामीणों की bुनियादी जरूरतें आज भी पूरी नहीं हो पाई हैं। पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में मतदान केंद्रों पर कुछ अलग ही तस्वीर नजर आई। किसी ने खेत का काम छोड़ा, किसी ने दुकान खोलने से पहले मतदान किया तो कोई घर-गृहस्थी का काम छोड़कर वोट डालने पहुंचा। बुजुर्ग लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचे तो पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में भी उत्साह दिखाई दिया। लेकिन मतदान केंद्रों पर लगी कतारों के बीच एक सवाल भी खड़ा था...आखिर गांवों की बदहाली कब दूर होगी...ग्रामीण मतदाताओं का कहना है कि उन्होंने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा दी है। अब जिन्हें ईवीएम का बटन दबाकर पांच साल के लिए जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, उन्हें भी अपना फर्ज निभाना होगा। मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता मतदाता VO-2- मतदान केंद्रों पर वोट डालने आये ग्रामीण मतदाताओ का कहना है कि चुनाव के समय गांव में सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के वादे करने वाले जनप्रतिनिधि जीतने के बाद गांव को भूल न जाएं...ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की बनी हुई है। कई जगह लोगों को पानी के लिए टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक एक टैंकर पर करीब 400 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। यानी जिस पानी को बुनियादी सुविधा के तौर पर घर तक पहुंचना चाहिए, उसके लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ाती है। गांव में पर्याप्त इलाज नहीं मिलने पर मरीजों को शहर जाना पड़ता है। खराब सड़कों के कारण यह सफर और मुश्किल हो जाता है। शिक्षा के लिए भी कई परिवारों को बच्चों को दूर भेजना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि गांवों में ही बेहतर स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवागमन के साधन उपलब्ध कराए जाएं। पंचायत चुनाव आते ही गांवों में विकास के वादों की लंबी फेहरिस्त तैयार हो जाती है। कोई सड़क बनवाने का भरोसा देता है तो कोई घर-घर पानी पहुंचाने की बात करता है। कोई स्कूल-कॉलेज खुलवाने का दावा करता है तो कोई खेल मैदान, नालियां और स्ट्रीट लाइट लगवाने का। ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन वादों में से कितने धरातल पर उतरेंगे। पांच साल बाद जब फिर चुनाव होंगे तो क्या गांव की तस्वीर बदली होगी या फिर इन्हीं समस्याओं को लेकर नए सिरे से वादे किए जाएंगे...मतदाताओं ने साफ कहा अब भाषण नहीं, विकास का हिसाब चाहिए। बहरहाल, चुनाव कोई ऐसी दुकान नहीं है, जहां वोट देने के बाद पांच साल तक हर सुविधा घर पहुंचाने की गारंटी मिल जाए। लेकिन यह भी सच है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। उन्हें समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने, बजट दिलाने और काम पूरा करवाने के लिए जवाबदेह होना होगा।0
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जोधपुर के 6 पंचायत समितियों में शांतिपूर्ण मतदान, गांव विकास के लिए उत्साह
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर जिले में प्रथम चरण के पंचायती राज मतदान सुबह 7:00 बजे से शांतिपूर्ण ढंग से शुरू होकर सुचारू रूप से संपन्न हुए। इस चरण के तहत शेरगढ़, चाबा, अगोलाई, चामू, सेखाला और बालेसर—इन छह पंचायत समितियों में मतदान कराया गया। सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी गांव की सरकार चुनने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला, जहां विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें नजर आईं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए थे। कुल 354 मतदान केंद्रों में से 84 संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सुरक्षा जाब्ता और वीडियोग्राफर्स की विशेष तैनाती की गई थी। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा सीनियर आरएएस व आईएएस अधिकारियों को एरिया मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रत्येक पोलिंग दल में छह-छह सदस्य शामिल रहे, जिनके साथ रिटर्निंग ऑफिसर और पुलिस बल मौजूद रहा। इस दौरान मुख्य रूप से जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले गए। अगोलाई पंचायत समिति क्षेत्र में सुबह से ही मतदाताओं में भारी जोश देखा गया। यहाँ बनाए गए आदर्श मतदान केंद्रों पर लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान करने पहुंचे नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पानी, सड़क और शिक्षा जैसी बुनियादी और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के आधार पर वोट दिया है। मतदाताओं का कहना था कि गांव का विकास करने वाले, पढ़े-लिखे और योग्य जनप्रतिनिधि को चुनना उनकी प्राथमिकता है। वही एसीपी राजेंद्र सिंह उज्ज्वल ने कहा कि सभी 6 पंचायत समितियां पर शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हो रहे हैं क्रिटिकल केंद्र पर अधिक जाता लगा दिया गया है सुरक्षा को लेकर पूर्ण व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए संदेश दिया कि संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग हर नागरिक का कर्तव्य है, ताकि एक सशक्त और सही प्रतिनिधि का चयन कर क्षेत्र का समग्र विकास किया जा सके。0
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