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Shakti KishorShakti KishorFollow23 Aug 2024, 06:02 am
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जींद में संपत्ति विवाद के कारण पिता ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी

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Jhanj Kalan, Haryana:जींद में रिश्ते का कत्ल पूर्व SI ने इकलौते बेटे को 5 गोलियां मारकर उतारा मौत के घाट, आरोपी पिता गिरफ्तार प्रॉपर्टी विवाद में वारदात का आरोप गांव तलौड़ा में मचा हड़कंप, अदालत ने आरोपी को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा हरियाणा के जींद जिले के गांव तलौड़ा में संपत्ति विवाद को लेकर पिता द्वारा अपने 26 वर्षीय इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी की पहचान मदनलाल के रूप में हुई है, जो चंडीगढ़ पुलिस में उप निरीक्षक (SI) रह चुका है और गांव तलौड़ा का पूर्व सरपंच भी बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या के आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, मदनलाल अपने बेटे मुरारी लाल के साथ पैतृक गांव तलौड़ा आया हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पैतृक जमीन बेचने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान मदनलाल ने अपने लाइसेंसी हथियार से बेटे मुरारी लाल पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से मुरारी की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारम्भिक जानकारी में मुरारी को पांच गोलियां लगने की बात सामने आई है। बताना जा रहा है कि मदनलाल चंडीगढ़ में रहता है। पुलिस सेवा छोड़ने के बाद उसने वहां घी की फैक्ट्री लगाई थी और उसका बेटा मुरारी लाल भी कारोबार में साथ देता था। वारदात के पीछे संपत्ति विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, विवाद के वास्तविक कारणों की पुलिस जांच कर रही है। पत्नी के बयान पर 6 लोगों के खिलाफ केस थाना सदर जींद के प्रभारी उप निरीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि मदनलाल ने अपने बेटे की गोली मारकर हत्या की है। मृतक की पत्नी शिवानी के बयान के आधार पर थाना सदर जींद में हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है。 पुलिस ने मुख्य आरोपी मदनलाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले की आगामी जांच में जुटी हुई है।
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सम्राट चौधरी बोले: 700 करोड़ खर्च के बावजूद सरकारी डॉक्टर नहीं मिलते

Patna, Bihar:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के एक कार्यक्रम में बिहार के सरकारी डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर नाराजगी जताया कहां की हम सरकारी अस्पताल में काम करने वाले अपने डॉक्टर को सबसे अच्छी तनख्वाह देते हैं। लेकिन जब हमें जनता के लिए डॉक्टरों की जरूरत होती है उसे वक्त उनकी उपलब्धता नहीं रहती है। एक हॉस्पिटल हम बनाते है 700 करोड़ रुपया लगता है। चलाने में 80 करोड़ रुपया लगता है एक साल में। और किसी प्राइवेट के हॉस्पिटल को हम देखते हैं मेडिकल कॉलेज को देखते हैं। हम लोगों ने मधेपुरा में मेडिकल कॉलेज बनाया सरकारी, पूर्णिया में बनाया, बेतिया में बनाया कोई 700 कोई 800 करोड़ का बनाया। डॉक्टर को हम सबसे अधिक तनख्वाह देते हैं, लेकिन जब हमको जनता के लिए डॉक्टर खोजना होता है नहीं मिलते हैं। मेरा 700 करोड़ का लायबिलिटी खड़ा होता है। लेकिन मैं देखता हूँ डेहरी में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खुला है, कटिहार में मेडिकल कॉलेज खुला है, किशनगंज में मेडिकल कॉलेज खुला है। रात के 12 बजे भी व्यवस्था खोजिएगा, और मात्र 200 करोड़ रुपया वो लगाते हैं और उनका मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल चलता है, हमारा 700 करोड़ वाला नहीं चलता है। इसलिए मैंने कहा है पीपीपी मोड चलाना होगा. वहीं मुख्यमंत्री के बयान के बाद आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हैं, यह बात तेजस्वी यादव जी लगातार कहते रहे हैं। आज दर्द मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी का भी छलका है कि इतनी लागत से हम अस्पताल बनाते हैं, 700-800 करोड़ से, परिचालन पर करोड़ों-करोड़ खर्च करते हैं, बावजूद भी जनता परेशान है। इलाज नहीं होता है, डॉक्टर नहीं रहते हैं। कई सवाल खड़े होते हैं सरकार के ऊपर, आखिर सरकार को फजीहत झेलनी पड़ती है। वो कार्यक्रम में बोल रहे थे, और हम तो लगातार कह रहे हैं कि पीएचसी (PHC) से लेकर के रेफरल अस्पताल से लेकर के जिला अस्पताल की मैं बात कर रहा हूँ, पीएमसीएच, एनएमसीएच (PMCH, NMCH) की बातें कह रहा हूँ। समुचित इलाज नहीं होती है, डॉक्टर नहीं मिलते। शक्ति यादव मुख्य प्रवक्ता RJD बिहार का स्वास्थ्य सेवा भगवान भरोसे है, ये बात कबूल रहे हैं मुख्यमंत्री, ये सबको समझनी चाहिए। और जबसे नए-नवेले आए हैं, आज स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ध्वस्त होती चली गई है। चूंकि अमंगल साया पहले पड़ा था, उसकी परिणति अब दिख रही है。 श्याम रजक जेडयू विधायक ने कहा मुख्यमंत्री ने सच्चाई से लोगों को परिचित कराने का काम किया है।" "माननीय नीतीश कुमार जी जब 2005 में आए, उसके पहले अस्पतालों की, स्कूलों की या अन्य विकास क्षेत्रों की क्या स्थिति थी?" "लोग सिर्फ उसका उदाहरण देने का काम करते थे। इतनी निर्लज्जता, इतना अपमान, इतना उपहास, इतनी बेनामी स्थिति होती थी।" "अस्पताल में शायद ही कोई दिन 10 मरीज भी पहुंच पाते थे। लेकिन नीतीश कुमार जी ने स्वास्थ्य पर ध्यान दिया और कई जिलों में बड़े-बड़े अस्पताल बनाने का काम किया।" "यही पीएमसीएच, जहां 5000 से भी ज्यादा बेड का अस्पताल बनाया।" "मधेपुरा में, भागलपुर में कई जगह, नालंदा में कई जगह, गया में कई जगह अस्पताल बनाने का काम किया, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम किया।" बाइट---- श्याम रजक जेडयू विधायक श्याम रजक ने कहा यह मैं मानता हूं कि सब कुछ बनने के बाद भी कमियां कुछ रह जाती हैं, जिससे हमारे जो पेशेंट हैं, जो बीमार हैं, जो लोग जाते हैं, उनको कुछ कई तरह की असुविधा भी मिलती है।" "हालांकि सुविधा की पूरी व्यवस्था की गई है और किसी तरह की लापरवाही भी कुछ चिकित्सक, कुछ स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा होती है।" "लेकिन इसके बावजूद भी हम व्यवस्था बहुत अच्छे ढंग से करते हैं। जो लापरवाही होते हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जाती है।" "अभी हमारे स्वास्थ्य मंत्री ने एलएनजेपी के तीन डॉक्टरों पर कार्रवाई की।" "इसके पहले भी पीएमसीएच में, एनएमसीएच में, बाहर भी कई जगह लोगों पर कार्रवाई की है।" "और अब स्थिति, लोगों की एक संवेदनशीलता, लोगों की ड्यूटी, लोगों की कार्यप्रणाली, वो बदला है।" "और अब वो चिकित्सक के साथ मरीजों का एक अच्छा व्यवहार भी होने जा रहा है।" बाइट---- श्याम रजक जेडयू विधायक "मुख्यमंत्री का दर्द तो है ही, क्योंकि हम मेहनत करते हैं, हम राशि देते हैं, हम हर तरह की व्यवस्था करते हैं।" "तो हमें डॉक्टरों का या उससे संबंधित जितने भी पदाधिकारी कर्मचारी हैं, उनका सहयोग होना चाहिए।" "बिना सहयोग के कोई चीज पूर्ण नहीं हो सकता है।" "ताली दोनों हाथ से बजती है।" "हम चाहते हैं कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।"स्वास्थ्य के मामले में विशेष कर करके हम प्रथम दायित्व निभाते हैं।" "लेकिन अगर कुछ लोग इसका बेजा हरकत करते हैं, तो दुख होता है, लेकिन उसको अभी हम बख्शने से हिचकते नहीं हैं।" "उसमें न हम देखते हैं कौन क्या है। जो भी दोषी है, उस पर कार्रवाई करते हैं।" बाइट---- श्याम रजक जेडयू विधायक कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी का जो सोच है गरीबों के प्रति उसकी मैं सराहना करती हूँ, उसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। लेकिन जो उनके साथ अधिकारी बैठे हैं, जो उनके सरकार में अधिकारी हैं जिन पर इस नियम कानून का पालन कराने का जिम्मेवारी है, जब तक वो नहीं सुधरेंगे तब तक गरीबों के साथ न्याय नहीं होगा। और गरीबों तक सरकार की कोई भी योजना पहुंचे ये संभव नहीं है क्योंकि भ्रष्ट अधिकारी जब तक सरकार में बैठे रहेंगे तब तक गरीबों को न्याय मिलना मुश्किल है। क्योंकि सरकार और मुख्यमंत्री का तो चेहरा बदल रहा है लेकिन वही भ्रष्ट अधिकारी सरकार के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं。
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धनबाद के कोयलांचल में इको-फ्रेंडली दुर्गा पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद कोयलांचल में दुर्गोत्सव लोग खुशी उत्साह के साथ मनाया गया। विभिन्न पूजा समिति एक से बढ़कर एक पूजा पंडाल बनाई है। धनसार दुर्गापूजा कमिटी एक अलग थीम की पूजा पंडाल बनाई है जो पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आधारित है। एक लाख पौधों की सजावट से पंडाल को पूरी तरह प्राकृतिक स्वरूप दिया गया है। पंडाल का बाहरी हिस्सा भगवान जगन्नाथ के चेहरे के आकार का है। इस मनमोहक आकृति को उभारने के लिए बांस के 40 हजार छोटे-छोटे टुकड़ों का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है। पंडाल के अंदर कदम रखते ही श्रद्धालुओं को हरियाली-ही-हरियाली दिखेगी। पंडाल को तीन लेयर में बनाया गया है। पहले लेयर में पौधा ही पौधा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, झरिया आग, सनातन संदेश दिखाया गया है। दूसरे लेयर में कृत्रिम बरगद के पेड़ को वन देवी का रूप दिया गया है। दिखाया गया है कि मिट्टी और पेड़ की जड़ों से मां वन देवी प्रकट हो रही हैं। साथ चारों ओर पौधा ही पौधा है। अंत में तीसरे लेयर में माँ दुर्गा की प्रतिमा है। साथ में भगवान गणेश, कार्तिक, माता लक्ष्मी, माँ सरस्वती की प्रतिमाएं हैं, जो पेड़ के पत्तों के बीच हैं। प्रतिमा को प्रकृति का रूप दिया गया है। प्रतिमा के ठीक सामने तुलसी पौधा लगाया गया है जो सनातन और तुलसी पौधे के महत्व के संदेश को दर्शा रहा है। पूरा पंडाल इको फ्रेंडली बनाया गया है। पूरे पूजा पंडाल को बनाने में 17 लाख रुपये की लागत लगाई गई है। साल 1946 से धनसार पूजा कमिटी पूजा कर रही है।
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देवघर में नकली शराब बनाने की तैयारी के साथ बड़े छापे, दो गिरफ्तार

Deoghar, Jharkhand:देवघर में उत्पाद विभाग के द्वारा नकली शराब बनाने और बेचने की तैयारी को लेकर बड़ी कार्रवाई की है देवघर के सारवा और देवीपुर अंतर्गत कुरवा गांव गांव के जंगल में छापेमारी कर बड़ी खेप में नकली शराब बरामद किया गया है यह शराब की खेप देवघर के लोकल मार्केट सहित बिहार में खपाने की कोशिश की जा रही थी जिन्होंने दो अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है वहीं उनके पास से दो मोबाइल फोन एक बाइक 45 पेटी शराब नकली शराब की बोतल 10 बोरा खाली बोतल लगभग 10 जरकिन शराब बनाने की सामग्री को बरामद किया है इस बाबत जानकारी देते हुए अवर निरीक्षक कांग्रेस कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में छापेमारी की गई जिसमें नकली शराब बनाने और बेचने की तैयारी की जा रही थी जिसमें यह कार्रवाई की गई है वहीं आगे की पूछताछ जारी है।
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BSP साथ तीसरे मोर्चे ने हाथी चिह्न से बारां-बूंदी-उनियारा में बदला समीकरण

Baran, Rajasthan:हाड़ौती से पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर नरेश मीणा के तीसरे मोर्चे को मिला हाथी का साथ, बारां-बूंदी-उनियारा में BSP सिंबल पर लड़ेगा चुनाव बारां। जिले में पंचायत चुनाव से पहले हाड़ौती की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। किसान नेता नरेश मीणा के तीसरे मोर्चे को बहुजन समाज पार्टी (BSP) का साथ मिल गया है। सूत्रों के अनुसार चाहने के बावजूद आम आदमी पार्टी ने नरेश मीणा समर्थकों को टिकट नहीं दिए थे। जिसके बाद तीसरा मोर्चा लगातार नए विकल्प पर विचार कर रहा था। अब बसपा ने तीसरे मोर्चे को समर्थन देने का फैसला किया है। तय हुआ है कि बारां, बूंदी और उनियारा क्षेत्र में तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी हाथी के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। इससे हाड़ौती में पंचायत चुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल गया है。 गौरतलब है कि इससे पहले नरेश मीणा ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने आप पार्टी से मिलकर उनके समर्थकों के टिकट कटवाए हैं। बसपा के साथ आने के बाद अब तीसरे मोर्चे को जमीनी स्तर पर बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है。
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बिलासपुर में नवरात्र पर रास डांडिया, डांस और भक्तिमय माहौल

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्र, चारों ओर माता की भक्ति और आराधना का माहौल है। ऐसे में जगह-जगह डांडिया और गरबा के आयोजन किए जा रहे हैं। न्यायधानी बिलासपुर में भी रास डांडिया का भव्य आयोजन हुआ, जहां रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोगों ने डांडिया की धुन पर जमकर धमाल मचाया। देर रात तक उत्सव का रंग चढ़ा रहा और पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। नवरात्र के पावन अवसर पर बिलासपुर में आयोजित रास डांडिया में उत्साह और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक परिधानों में सजे युवक-युवतियों और महिलाओं ने डांडिया की ताल पर कदम से कदम मिलाए। रंग-बिरंगे परिधान, आकर्षक सजावट और संगीत की मधुर धुनों ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। डांडिया की लय जैसे-जैसे तेज होती गई, वैसे-वैसे प्रतिभागियों का उत्साह भी बढ़ता गया। महिला हो या पुरुष, युवा हों या परिवार के सदस्य, सभी ने पूरे जोश के साथ डांडिया किया। आयोजन में शामिल लोगों ने नृत्य और संगीत के जरिए नवरात्र की खुशियां साझा कीं। देर रात तक डांडिया की धुन गूंजती रही और प्रतिभागी उत्सव का आनंद लेते नजर आए। रास डांडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का भी अवसर है। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा और डांडिया का विशेष महत्व है। यही वजह है कि हर साल इन आयोजनों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिलता है। भक्ति, संगीत और संस्कृति के रंगों से सजा बिलासपुर का रास डांडिया आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया। मां दुर्गा की आराधना और डांडिया की धुन के साथ नवरात्र का उत्साह चरम पर नजर आया।
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सतना रेलवे स्टेशन पर रातभर मारपीट, यात्रियों के बीच विवाद भारी

Satna, Madhya Pradesh:सतना। सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बीती रात जमकर मारपीट हुई। वास्कोडिगामा एक्सप्रेस से उतरे कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते लात-घूंसों में बदल गया। हंगामा बढ़ने पर रेल पुलिस के तीन जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन मारपीट कर रहे युवकों पर पुलिस की मौजूदगी का भी असर नहीं पड़ा। वे पुलिस के सामने ही एक-दूसरे पर हमला करते रहे। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस जवान कुछ देर बाद एक युवक को लेकर मौके से चले गए। इसके बाद युवकों फिर जमकर मारपीट की, विवाद की वजह अभी सामने नहीं आई है, घटना के बाद रेल पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
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भिण्ड में लिव-इन पार्टनर की हत्या, शव की खोज 25 किलोमीटर नदी में जारी

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-भिण्ड के शादी शुदा युवक पर लिव-इन पार्टनर की हत्या का आरोप, फिर गुमशुदगी का नाटक! भिण्ड स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर को मारकर पचनदा संगम में फेंकने का आरोप, 25 किलोमीटर तक नदी में तलाश जारी, दो दिन बाद भी नहीं मिला शव। एंकर-खौफनाक बारदात तीन राज्यों से जुड़ी हुई है, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से, जिस युवती की हत्या हुई वह पैदा हुई बिहार के नालंदा जिले में जिसकी शिक्षा और सर्विस मध्य प्रदेश के भिंड जिले में और हत्या हुई उत्तर प्रदेश के कानपुर और इटावा के बीच अब पुलिस तलाश रही है उसकी डेड बॉडी पचनदा इलाके के 25 किलोमीटर के रेडियस में। प्यार, साजिश और फिर हत्या की एक सनसनीखेज कहानी ने भिंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक पुलिस को उलझा दिया है। भिंड के जोशी नगर निवासी सत्य प्रकाश उर्फ बादशाह जाटव पर अपनी ल liv-इन पार्टनर और भिंड स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या करने का गंभीर आरोप है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद ही गुमशुदगी दर्ज कराई, तलाश के पर्चे छपवाए और महिला को खोजने का दिखावा कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों ने मामले को एक खौफनाक मोड़ दे दिया। पुलिस के अनुसार, बिहार की रहने वाली स्नेहलता और सत्य प्रकाश की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और उनका एक बेटा भी है। बताया जा रहा है कि सत्य प्रकाश पहले से शादीशुदा था और स्नेहलता के साथ उसके रिश्ते को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। इसी पारिवारिक तनाव को पुलिस मामले की जांच के दौरान एक अहम पहलू मानकर देख रही है। पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर को सत्य प्रकाश अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने निकला। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य व्यक्ति भी उनके साथ थे। आरोप है कि रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और उसके शव को उत्तर प्रदेश के पचनदा संगम में फेंक दिया गया। हालांकि, वारदात की पूरी परिस्थितियों और इसमें कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि के लिए पुलिस की जांच जारी है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस स्नेहलता की हत्या का आरोप सत्य प्रकाश पर लगा है, उसी की गुमशुदगी दर्ज कराने और तलाश का दिखावा करने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। शुरुआती तौर पर गुमशुदगी का मामला लग रही यह घटना अब कथित हत्या और सबूत छिपाने की आशंका से जुड़ गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। उधर, स्नेहलता का शव बरामद करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। शहर कोतवाली पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमों पचनदा संगम से लेकर औरैया की ओर लगभग 25 किलोमीटर के नदी क्षेत्र में लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। बीते दो दिनों से नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है। नदी का विस्तृत क्षेत्र और पानी के बहाव के बीच तलाश अभियान में कठिनाइयां सामने आ रही हैं। फिलहाल स्नेहलता का शव नहीं मिलने से कई सवाल अनुत्तरित हैं। पुलिस के सामने एक ओर शव बरामद करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर कथित हत्या की पूरी कहानी सामने लाने और वारदात में अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी। अब सबकी निगाहें पुलिस के सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं कि आखिर कब स्नेहलता का शव मिलता है और इस सनसनीखेज मामले की बाकी कड़ियां खुलती हैं।
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