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सरकार के विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी, हाई कोर्ट ने अफसरों पर जवाबदेही की मनीरा रखी

Sangrur, Punjab:ਵਨ ਟੂ ਵਨ ਆਰਟੀਆਈ ਐਕਟੀਵਿਸਟ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਕਮਲ ਅਨੰਦ ਅੱਜ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਲੋਕ ਹਿੱਤ ਦੇ ਵਿੱਚ zee media ਦੀ ਟੀਮ ਨਾਲ ਜਦੋਂ ਕਮਲ ਅਨੰਦ ਨੇ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ کہ ਜੋ ਵੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੰਮ ਕਰਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀਤਾ ਹੋਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਰੂਰ ਆਰੋਪ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕਿ ਚਾਹੇ ਉਹ ਸਰਕਾਰੀ ਬਿਲਡਿੰਗ ਹੋਵੇ ਚਾਹੇ ਉਹ ਸੜਕ ਦਾ ਕੰਮ ਹੋਵੇ ਕਿ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਭਰਸ਼ਟਾਚਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ ਪਰ ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀਤਾ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਉਸ ਟਾਈਮ ਤੱਕ ਆਰੋਪ ਬੇਬੁਨਿਆਦ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਲਈ ਕਮਨ ਅਨੰਦ ਵੱਲੋਂ ਹਾਈ ਕੋਰਟ ਦਾ ਰੁੱਖ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੰਪਲੇਂਟ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਤਾਂ ਜਰੂਰ ਲੋਕ ਹਿੱਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਕੰਮ ਕਰਾਉਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਜੋ ਅਫਸਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਉਸ ਦੇ ਵਿੱਚ pardarshita ਨਹੀਂ ਲੈ ਕੇ ਆਂਦੇ ਜਿਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਹਾਈਕੋਰਟ ਦਾ ਰੁੱਖ ਕੀਤਾ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਅਫਸਰਾਂ ਦੀ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਤੈਅ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਵੀ ਕੋਈ ਸੜਕ ਜਾਂ ਬਿਲਡਿੰਗ ਬਣਦੀ ਹੈ ਉਸ ਜਗ੍ਹਾ ਦੇ ਉੱਤੇ ਬੋਰਡ ਲਗਾਉਣੇ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹਨ ਬੋਰਡ ਰਾਹੀਂ ਸਾਰੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਮੈਨਸ਼ਨ ਕੀਤੀਆਂ ਹੋਣੀਆਂ ਜਰੂਰੀ ਹਨ ਜਿਸ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਲੱਗ ਸਕੇ ਕਿ ਜੋ ਇਹ ਸੜਕ ਜਾਂ ਬਿਲਡਿੰਗ ਬਣ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿੰਨੇ ਪੈਸਿਆਂ ਦੀ ਬਣ ਰਹੀ ਹੈ ਇਹ ਪੈਸਾ ਕਿਹੜੇ ਕਿਹੜੇ ਡਿਪਾਰਟਮੈਂਟ ਤੋਂ ਲਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀ ਮਿਆਦ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ਕਿੰਨੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਇਹ ਕੰਮ ਪੂਰਾ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕਿਹੜੀਆਂ ਕਿਹੜੀਆਂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਕੰਮ ਸਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਿਹਾ ਤਾਂ ਉਸ ਦੀ ਕੰਪਲੇਂਟ ਕਿੱਥੇ ਕਿੱਥੇ ਤੇ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀਤਾ ਆਵੇਗੀ ਇਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਮੈਂ ਹਾਈਕੋਰਟ ਦੇ ਵਿੱਚ ਗਿਆ ਸੀ ਹਾਈਕੋਰਟ ਨੇ ਅਫਸਰਾਂ ਤੇ ਜੁਰਮਾਨਾ ਲਾਉਣ ਦਾ ਪ੍ਰਵਾਦਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕਾਨੂੰਨ ਤਾਂ ਜਰੂਰ ਬਣਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਰ ਕੁਝ ਅਫਸਰਾਂ ਵਾਲੋਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪਾਢ ਦਾ ਸ਼ਿਤਾ ਨਹੀਂ ਲਿਆਈ ਜਾਂਦੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਲੀਡਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਫਾਇਦਾ ਹੋਏਗਾ ਤੇ ਆਮ ਜਨਤਾ ਨੂੰ ਵੀ ਫਾਇਦਾ ਹੋਵੇਗਾ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਚੱਲ ਸਕੇਗਾ ਕਿ ਸਾਡਾ ਪੈਸਾ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਲੀਡਰ ਨੂੰ ਇਹ ਆਸਾਨੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਿ ਜੋ ਪੈਸਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪਾਸ ਕਰਵਾ ਕੇ ਸਰਕਾਰੀ ਬਿਲਡਿੰਗ ਜਾਂ ਸੜਕ ਤੇ ਲਗਾਉਣਾ ਹੈ ਉਹ ਸਹੀ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਵਨ ਟੂ ਵਨ ਐਡਵੋਕੇਟ ਕਮਲ ਅਨੰਦ
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ढालपुर मैदान में मॉक ड्रिल के दौरान रस्सी फंसने से अग्निशमन वाहन अटका

Kullu, Himachal Pradesh:जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर मैदान में जहां अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। तो वही, हजारों व्यापारी भी व्यापार के लिए पहुंचे हैं। ऐसे में आगजनी सहित अन्य बड़ी घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के द्वारा मॉक ड्रिल की गई। लेकिन गलत तरीके से लगाए गए तंबू और रस्सियों के चलते अग्निशमन वाहन को मैदान से गुजरने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। अग्निशमन विभाग कुल्लू के द्वारा शुक्रवार को ढालपुर मैदान में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। तो अग्निशमन वाहन मैदान में कई जगह फंस गए। व्यापारियों के द्वारा कई जगहों पर तंबू के रस्सी गलत जगह पर लगाई गई है। तो कई जगह पर तरपाल गलत तरीके से बिछाए गए हैं। ऐसे में अग्निशमन वाहन को गुजरने के लिए भी कड़ी मशक्कत उठानी पड़ी। हालांकि मॉक ड्रिल में आए कर्मचारियों के द्वारा रस्सियों को हटाया गया और व्यापारियों को भी निर्देश दिए गए कि वह अपने टेंट को उचित तरीके से लगाए। ताकि आगजनी के दौरान तुरंत राहत कार्यों को पूरा किया जा सके। लेकिन प्रशासन के द्वारा आयोजित इस मॉक ड्रिल में कर्मचारियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पहले से ही प्रशासन जगह को सही तरीके से व्यवस्थित रखे तो किसी प्रकार की दुर्घटना में अग्निशमन वाहन तुरंत मौके पर पहुंच सकते हैं। लेकिन अगर इस तरह से अव्यवस्था का आलम रहा तो यहां ढालपुर मैदान में कोई बड़ा हादसा भी पेश आ सकता है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह व्यापारियों को तुरंत निर्देश दे ताकि वाहनों के गुजरने के स्थान को खाली रखा जा सके। अग्निशमन विभाग के प्रभारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग के द्वारा यहां पर अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है और जगह-जगह पर पानी के हाइड्रेंट भी दुरुस्त किए गए हैं। लेकिन मॉक ड्रिल के दौरान गलत तरीके से बिछाई गई रस्सी और तिरपाल के चलते उन्हें दिक्कतों को परेशान सामना करना पड़ा। ऐसे में अब इस बारे प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है। ताकि दोबारा इस तरह से किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
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आराधना मोना ने गांधी विचारधारा के साथ राहुल गांधी की राह पर सवाल उठाए

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा, "राहुल गांधी कांग्रेस की विचारधारा को लेकर आगे चल रहे हैं। उनकी विचारधारा आज की नहीं है। यह महात्मा गांधी की विचारधारा है, कांग्रेस की विचारधारा है जो आजादी के आंदोलन से पहले की है। तो उस विचारधारा को लेकर राहुल गांधी चल रहे हैं। राहुल गांधी कल भी थे, आज भी हैं और कल भी रहेंगे." गृह मंत्री अमित शाह द्वारा घुसपैटियों के वोट अधिकार बचाने के आरोप पर उन्होंने कहा, "मैं उनसे कहूंगी कि जरा देख लें कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के सदर विधानसभा में क्या हुआ है, जहां पर उनके मंत्री हैं। वहां पर जब इतनी बड़ी अनियमितता पाई गई, जिसको चुनाव आयोग ने भी स्वीकार किया है तो उसका संज्ञान लेकर वो इस पर चर्चा करें तो बेहतर होगा।"
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लोकतंत्र बचाओ भीड़ हटाओ अभियान पर बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल बीजेपी के कल से शुरू होने वाले अभियान लोकतंत्र बचाओ भीड़ हटाओ पर सियासत भाजपा प्रवक्ता योगेश गुप्ता का बयान कांग्रेस के झूठे आरोपों को लेकर जनता के बीच जाएंगे Gen- z के साथ संवाद करेंगे कांग्रेस के आरोपों का पर्दाफी करेंगे हमारे सभी वरिष्ठ नेता अभियान में शामिल होंगे कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया का बयान बीजेपी क्या संविधान बचाने की बात करेगी गैर संवैधानिक तरीके से यह लोग काम कर रहे हैं कांग्रेस नेताओं को लालच देकर अपने पार्टी में जोड़ा, तब संविधान की याद नहीं आई युवा इनके रीति नीति को समझ चुका है
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सौगत राय: मोदी विपक्ष को नीचा दिखाने की कोशिश, पंजाब में बीजेपी हार जाएगी

Noida, Uttar Pradesh:कोलकाता, पश्चिम बंगाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमले पर, टीएमसी सांसद सौगत रॉय कहते हैं, "मोदी की यह टिप्पणी एक प्रतिद्वंद्वी को नीचा दिखाने के लिए है। मोदी घबराए हुए हैं। उन्हें एहसास हो रहा है कि उनके पैरों तले से ज़मीन खिसक रही है। इसलिए, वे अपने विरोधियों पर हमला कर रहे हैं। इसके बजाय, उन्हें यह बताना चाहिए कि वे खुद असल में क्या करते हैं। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए विपक्ष पर तंज कसना सही नहीं है।" वे आगे कहते हैं, "यह तय है कि पंजाब में बीजेपी हारेगी। वहां मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच है। जब भी उनकी पार्टी की हालत खराब होती है, तो अमित शाह घुसपैठियों का मुद्दा उठा देते हैं। मुझे इसमें कोई सच्चाई नहीं दिखती।"
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कोटा ट्रेन फायरिंग केस: आरोपियों को महज 4 मिनट में गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा में गिरफ्तारी की प्लानिंग से जुड़े कुछ और अहम प्वाइंटर्स, यात्र बनकर आरोपियों के पास बैठे SI मुंबई पुलिस के इनपुट पर कोटा में RPF और सिटी पुलिस ने ट्रेन में आरोपियों को पकड़ने का ऑपरेशन तैयार किया。 बदमाशों की पहचान के लिए RPF जवान सीताराम ने ट्रेन की खिड़की से सर्च किया, जबकि SI प्रताप सिंह बैग लेकर यात्री बनकर आरोपियों के पास बैठ गए。 ट्रेन रुकते ही पुलिस और RPF के जवानों ने जनरल कोच को दोनों तरफ से घेर लिया। महज 3 से 4 मिनट में तीनों आरोपियों को पकड़ लिया。 दो आरोपी नीचे की सीट पर बैठे थे, जबकि तीसरा ऊपर की बर्थ पर लेटा था। पुलिस ने तीनों को कोच से बाहर निकाल लिया。 यात्रियों को भनक न लगे, इसलिए आरोपियों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 2 की ओर होते हुए रंगपुर पुलिया के रास्ते स्टेशन से बाहर निकाला गया。 मुंबई क्राइम ब्रांच से RPF को सुबह 9:30 बजे आरोपियों के ट्रेन में सफर करने की सूचना मिली, जबकि कोटा पुलिस को सुबह 9:15 बजे इनपुट मिल गया था。 ट्रेन के कोटा पहुंचने से पहले ही पुलिस को पता था कि तीनों आरोपियों जनरल कोच में बैठे हैं। मुंबई पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज भी साझा किया था。 ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दूसरी ट्रेन खड़ी होने के कारण करीब 5 मिनट आउटर पर रोका गया। इस दौरान पुलिस और RPF जवानों ने अपनी-अपनी लोकेशन तय कर ली。 ऑपरेशन के दौरान यात्रियों की भीड़ और संभावित भगदड़ को ध्यान में रखते हुए जवानों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था。 आरोपियों के पकड़े जाने तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाने के लिए रेलवे के परिचालन विभाग को भी सूचना दी गई थी。 गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को अलग-अलग पुलिसकर्मियों ने पकड़कर कोच से बाहर निकाला। स्टेशन के पीछे वाले रास्ते से सुबह करीब 10:30 बजे बाहर ले जाया गया।
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दरभंगा के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान जारी, NDA को जीत की उम्मीद

Darbhanga, Bihar:दरभंगा में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान जारी है। इसी क्रम में दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित मतदान केंद्र पर सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद सांसद ने कहा कि सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार और उनका उत्साह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के पक्ष में बड़ी संख्या में मतदान हो रहा है और एनडीए प्रत्याशियों की जीत तय है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के सर्वेश कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के डॉ. घनश्याम राय उम्मीदवार हैं।
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अलवर के तिलक मार्केट में आग से रेडीमेड दुकान और पटाखा गोदाम जलकर राख

Alwar, Rajasthan:अलवर के तिलक मार्केट में भीषण आग से मचा हड़कंप, पटाखों के धमाकों से दहला बाजार; रेडीमेड दुकान और गोदाम जलकर राख पटाखों के भंडारण को लेकर उठे सवाल, साड़ी की दुकान कराई खाली; दमकल की कई गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, व्यस्त बाजार में गोदाम संचालित होने से प्रशासन की निगरानी पर सवाल अलवर। शहर के व्यस्त तिलक मार्केट में शुक्रवार सुबह एक दुकान की ऊपरी मंजिल पर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते दूसरी मंजिल पर संचालित युवराज रेडीमेड की दुकान और तीसरी मंजिल पर बने पटाखों के गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में रखे पटाखों में लगातार धमाके होने लगे, जिससे पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को खाली कराया गया। गनीमत रही कि आग सुबह के समय लगी, जब बाजार में अपेक्षाकृत कम भीड़ थी। इससे दमकलकर्मियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में सहूलियत मिली। जानकारी के अनुसार, तिलक मार्केट के कॉर्नर पर स्थित एक दुकान की निचली मंजिल पर साड़ियों का कारोबार संचालित होता है, जबकि दूसरी मंजिल पर युवराज रेडीमेड और तीसरी मंजिल पर पटाखों का गोदाम बताया जा रहा है। इस दुकान से जुड़े कारोबार के डोगर दास बिहारी दास फर्म के नाम से संचालित होने की जानकारी सामने आई है, जिसके मालिक हरीश बताए गए हैं। आग की चपेट में आने से रेडीमेड दुकान और पटाखों के गोदाम में रखा सामान जलकर राख हो गया। वहीं, नीचे स्थित साड़ी की दुकान को समय रहते खाली करा लिया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, नुकसान करीब 5 से 10 लाख रुपये तक हो सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच के बाद ही हो सकेगा। शहर के बीचोंबीच पटाखों का गोदाम, प्रशासन की निगरानी पर सवाल इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक बाजार में पटाखों का गोदाम कैसे संचालित हो रहा था। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यहां लंबे समय से पटाखों का कारोबार किया जा रहा है और दीपावली के मद्देनजर ऊपरी मंजिल पर पटाखों का स्टॉक रखा गया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या संबंधित विभागों को इस भंडारण की जानकारी थी और यदि थी, तो सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं की गई। हालांकि, गोदाम की वैधता, पटाखों के भंडारण की अनुमति और आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। तिलक मार्केट अलवर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां कपड़े, जूते और अन्य सामान की बड़ी संख्या में दुकानें हैं। दीपावली के दौरान बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यदि यह हादसा दोपहर या अधिक भीड़भाड़ के समय होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। पटाखों में लगातार हो रहे धमाकों ने आग की भयावहता को और बढ़ा दिया तथा आसपास के दुकानदारों में दहशत पैदा कर दी। मौके पर पहुंचीं मेयर, अधिकारियों को अलर्ट रहने के दिए थे निर्देश घटना की सूचना मिलने पर नगर निगम की मेयर सुमनलता अग्रवाल भी मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि दीपावली के सीजन को देखते हुए एक दिन पहले ही अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए थे। इसी सतर्कता के चलते घटना की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। बाइट: सुमनलता अग्रवाल, मेयर, नगर निगम अलवर वहीं, स्थानीय दुकानदारों ने बाजार के बीच पटाखों के गोदाम के संचालन को गंभीर खतरा बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि घनी आबादी और दुकानों से घिरे इस बाजार में पटाखों का भंडारण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। उन्होंने ऐसे स्थानों पर पटाखों के भंडारण की जांच कराने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने की मांग की。 बाइट: स्थानीय दुकानदार पटाखों के भंडारण पर नियमों के बावजूद कारोबार को लेकर सवाल गौरतलब है कि अलवर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल है। वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों की बिक्री और उपयोग को लेकर न्यायालयों तथा संबंधित प्रशासन की ओर से समय-समय पर प्रतिबंध और दिशा-निर्देश लागू किए जाते रहे हैं। ऐसे में शहर में पटाखों के भंडारण और कारोबार की वैधता को लेकर जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि अलवर शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर पटाखों का भंडारण कर घरों और दुकानों से आपूर्ति की जाती है। तिलक मार्केट की संबंधित दुकान भी पटाखों के कारोबार के लिए जानी जाती बताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों, गोदाम में रखे पटाखों की मात्रा और भंडारण संबंधी अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस घटना ने दीपावली से पहले बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और पटाखों के भंडारण की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
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PHED मुख्यालय का पेयजल बिल 3.82 लाख बकाया, जनता सवाल उठा रही

Jaipur, Rajasthan:जनता को नसीहत, खुद मियां फजीहत! राजस्थान में जनता को पानी पिलाने वाला जलदाय विभाग पानी के बिलों पर जनता पर शिकंजा कसता है. नियम गिनाता है,लेकिन पहले विभाग खुद के मुख्यालय की हकीकत जान ले। पानी के बकाया बिलों पर जनता के लिए रिकवरी अभियान चलाने वाले विभाग के मुख्यालय का खुद के पेयजल कनेक्शन के बिल लाखों रुपए बकाया है। आखिरकार बकाया बिलों पर कैसे जल विभाग खुद कटघरे में खड़ा हो गया..देखिए इस खास रिपोर्ट में! सवालों में पीएचईडी विभाग- आम जनता से पानी के बिलों की वसूली के लिए अभियान चलाने वाला जन Health Engineering विभाग खुद अपने बकाया बिलों को लेकर सवालों के घेरे में है। जयपुर स्थित जल भवन में चार पेयजल कनेक्शन के बिल महीनों से बकाया हैं। मुख्यालय पर कुल 3 लाख 82 हजार रुपए का पानी का बिल बकाया है। बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख भी निकल चुकी है। लेकिन जल भवन का बिल अभी तक जमा नहीं हुआ है। जयपुर में पेयजल उपभोक्ताओं के 300 करोड से ज्यादा के बिल बकाया है। शहर में 6 लाख पेयजल कनेक्शन है। जिसमें जलदाय मुख्यालय का भी बिल है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जलदाय विभाग खुद ही पानी का बिल जमा नहीं करवा पा रहा। चीफ इंजीनियर प्रशासन मुकेश बंसल का कहना है कि इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। मैं पता करता हूं। पता करवाकर पूरे मामले में एक्शन लेता हूं。 जल भवन के चार कनेक्शन, बिल जमा नहीं- जलदाय विभाग के मुख्यालय जल भवन में चार पेयजल कनेक्शन हैं। इन सभी कनेक्शनों के बिल लंबे समय से बकाया बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विभाग खुद समय पर पानी का बिल जमा नहीं करवा पा रहा, तो आम उपभोक्ताओं से बकाया वसूली की सख्ती किस आधार पर की जा रही है。 ये 4 बिल बकाया- बकाया बिल......कितना बकाया.......... पेनल्टी पहला बिल.........15699 रू...........170 रू दूसरा बिल.........46111 रू...........288 रू तीसरा बिल....... 233831 रू.........2507 रू चौथा बिल........ 87201 रू.......... 684 रू कुल बिल बकाया...382842............ 3649 रू समय सीमा खत्म,अब पेनल्टी का सवाल- पानी के बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख निकलने के बाद अब विभाग पर पेनल्टी लगने का भी सवाल खड़ा हो गया है। आम उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा करवाने की अपेक्षा करने वाले विभाग को पहले अपने बकाया बिलों का भुगतान सुनिश्चित करना होगा।जल भवन मंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक इसी दफ्तर में बैठते है। चीफ इंजीनियर्स समेत जलदाय विभाग का पूरा प्रशासनिक अमला भी यहीं बैठता है। इसके बावजूद मुख्यालय के ही चार पेयजल कनेक्शनों के बिल बकाया होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. जनता से वसूली, खुद के बिल पर चुप्पी क्यों? पानी के बिलों की वसूली को लेकर विभाग की सख्ती के बीच अब सवाल उठ रहा है कि जल भवन के बकाया बिलों की वसूली के लिए कौन जिम्मेदारी तय करेगा। क्या विभाग अपने ही मुख्यालय के बकाया बिल जमा करवाने के लिए भी अभियान चलाएगा या वसूली की सख्ती सिर्फ आम उपभोक्ताओं तक सीमित रहेगी? पीटीसी-आशीष चौहान नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से JPR_WATER_BILL_R स्लग से भेजी गई है。
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SAD Governor से मुलाकात के बाद CM बर्खास्तगी और ड्रग माफिया के शासन की मांग

Noida, Uttar Pradesh:Chandigarh: After meeting Punjab Governor Gulab Chand Kataria, SAD chief Sukhbir Singh Badal says, "A Shiromani Akali Dal delegation met the Governor today to discuss the current situation in Punjab. A useless Chief Minister has destroyed Punjab. Law and order is in shambles. There is no Govt. It is the drug mafia which is actually running the Govt...We demanded that the Governor dismiss the Chief Minister immediately..."\n\nSpeaking on anti-drug activist Parvinder Singh Jhota says, "...His wife should be given a Govt job, as a Class 1 gazetted officer. The family should also be given Rs 2 Crores..."\n"शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्यपाल से मुलाकात की और पंजाब के मौजूदा हालात पर चर्चा की। एक निकम्मे मुख्यमंत्री ने पंजाब को बर्बाद कर दिया है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यहाँ कोई सरकार नहीं है। असल में सरकार तो ड्रग माफिया चला रहा है... हमने मांग की है कि राज्यपाल तुरंत मुख्यमंत्री को बर्खास्त करें..."\n\nनशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "...उनकी पत्नी को क्लास 1 गजटेड ऑफिसर के तौर पर सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। साथ ही, उनके परिवार को 2 करोड़ रुपये भी दिए जाने चाहिए..."
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