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Shakti KishorShakti KishorFollow2 Feb 2025, 09:25 am

Hapur - हरियाणा सीएम बोले 8 तारीख में दिल्ली में बनने जा रही है बीजेपी की सरकार

Hapur, Uttar Pradesh:

ग्राम सिरोधन में एक निजी कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे. मीडिया से बात करते हुए नायब सिंह सैनी ने बताया कि 8 तारीख में दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है और लोगों से झूठा वादा करने वाले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार को लोगों के द्वारा बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. आपको बता दें बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के बेटे के सगाई समारोह में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पहुंचे थे।

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अमरौहा कोर्ट परिसर में स्मैक तस्करों का वीडियो वायरल, सुरक्षा चूक उजागर

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर पुलिस सुरक्षा के बीच अमरोहा कोर्ट परिसर में स्मैक तस्करों ने बनाई वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस कर्मियों की लापरवाही आई सामने अमरोहा से बड़ी खबर सामने आई है। थाना अमरोहा देहात क्षेत्र स्थित न्यायालय परिसर में पुलिस सुरक्षा के बीच स्मैक तस्करों द्वारा वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि न्यायालय परिसर में खड़े होकर बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने के लिए बनाया गया। मामले में दिल्ली के छेनू गैंग से जुड़े बताए जा रहे शार्प शूटर समीर उर्फ बाली का नाम भी सामने आ रहा है। आरोप है कि बाली लंबे समय से स्मैक तस्करी से जुड़ा हुआ था। हाल ही में अमरोहा नगर कोतवाली पुलिस ने करीब नौ लाख रुपये कीमत की स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब कोर्ट परिसर से वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा में साथ चले पुलिस वालों की लापरवाही सामने आई है
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86 साल के धनीराम शांडिल ने राजनीति के अगले कदम पर संकेत नहीं दिए

Shimla, Himachal Pradesh:अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर शिमला में वृद्ध जनों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने वृद्ध जनों को दिवस की शुभकामनाएं दीं और इस दौरान खुद को ऊर्जा से भरा हुआ बताया। 86 साल की उम्र में भी शांडिल ने राजनीति से रिटायरमेंट के सवाल पर फिलहाल विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि वे हर काम के लिए तैयार हैं। वहीं, सोलन विधानसभा सीट से अगला चुनाव वह खुद लड़ेंगे या उनके बेटे, इस पर शांडिल ने कहा कि इसका फैसला पार्टी का आलाकमान करेगा। शांडिल पहले कई मौकों पर इशारों में राजनीति से रिटायरमेंट की बात कहते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। यानी सियासी पारी को लेकर उन्होंने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं। गौरतलब है कि डॉ. धनीराम शांडिल सोलन विधानसभा सीट से अपने दामाद राजेश कश्यप को चुनाव हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। विधानसभा में पहुंचने से पहले वे लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। शांडिल राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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लालगंज, वैशाली: एम्बुलेंस नहीं मिलने पर शव ठेले से घर भेजा गया

Hajipur, Bihar:बihar की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर वैशाली के लालगंज से सामने आई है। यहां अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद उसके परिजनों को शव घर ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन तक नहीं मिला। मजबूर परिवार उसी ठेले पर शव लेकर घर पहुंचा, जिससे युवक को अस्पताल लाया गया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल तेज हो गए हैं।वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र के कसेरा टोला वार्ड नंबर 6 की है। मृतक की पहचान 31 वर्षीय मोनू कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक मोनू घर के पास पानी भरे गड्ढे में गिर गया था। गंभीर हालत में उसे ठेले से लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया।अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जया अमवस्ता ने जांच के बाद मोनू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने शव घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एंबुलेंस की मांग की, लेकिन आरोप है कि उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया।आखिरकार परिवार को उसी ठेले पर शव रखकर घर लौटना पड़ा। अब सवाल सिर्फ एक परिवार की मजबूरी का नहीं, बल्कि सरकारी अस्पताल में शव ले जाने की व्यवस्था और एंबुलेंस सुविधा पर भी उठ रहा है।वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। वैशाली के सिविल सर्जन ने कहा है कि जांच में डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही सामने आई तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.
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धनबाद में भाजपा ने पम्पू तालाब की सफाई कराई, युवा स्वच्छता जागरूक

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद शहर के प्रसिद्ध पम्पू तालाब में भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व धनबाद विधायक राज सिन्हा ने किया। इस दौरान नगर मंडल अध्यक्ष, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता सुबह से ही तालाब की सफाई में जुटे रहे। विधायक राज सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक भाजपा की ओर से देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पम्पू तालाब की सफाई की गई है। उन्होंने कहा कि पम्पू तालाब एक बड़ा छठ तालाब है, जहां छठ पूजा के दौरान करीब 10 से 20 हजार लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। तालाब की खराब स्थिति को देखते हुए सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। राज सिन्हा ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम है और राष्ट्र प्रथम की नीति के साथ सेवा ही संकल्प है। उन्होंने लोगों और खासकर युवाओं से अपील की कि कचरा इधर-उधर न फेंकें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें। अभियान के दौरान नगर निगम की ओर से ट्रैक्टर और जेसीबी भी मंगाई गई, जिसके जरिए तालाब परिसर से कचरा हटाने का काम किया गया।
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एशियन गेम्स गोल्ड के बाद आशु मलिक का खानपुर कलां में भव्य स्वागत

Sonipat, Haryana:सोनीपत न्यूज रिपोर्टर - जयदीप राठी एंकर:एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद आज कबड्डी खिलाड़ी आशु मलिक अपने गांव खानपुर कलां पहुंचे। गांव पहुंचने पर आशु मलिक का ढोल-नगाड़ों और विशाल जुलूस के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और परिवार के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं गांव पहुंचने पर आशु मलिक ने अपनी दादी को मेडल पहनाया। दादी भी अपने पौते के गोल्ड मेडल जीतने पर खुश नजर आई। वीओ:गोहाना के गांव खानपुर कलां में जैसे ही एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर कबड्डी खिलाड़ी आशु मलिक पहुंचे, ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ विशाल जुलूस निकाला गया और आशु मलिक का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। गांव पहुंचने के बाद आशु मलिक ने सबसे पहले अपनी दादी को एशियन गेम्स में जीता हुआ गोल्ड मेडल पहनाया। इस भावुक पल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। आशु मलिक ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि भारतीय कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और उन्हें इस टीम का हिस्सा बनने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। आशु मलिक ने गांववासियों का भी धन्यवाद किया और कहा कि जिस तरह से गांव पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया, उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। वहीं, आशु मलिक के गोल्ड मेडल जीतने पर परिवार के लोगों ने भी खुशी जाहिर की और इसे पूरे गांव और परिवार के लिए गर्व का पल बताया।
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17 लाख धोखाधड़ी: नोएडा से गिरफ्तार रामचंद्र, सीजेपी मंच पर दिखा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं — डिफेंडर के नाम पर 17 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी नोएडा से गिरफ्तार — सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके के साथ मंच पर दिखा — पुलिस लगातार पीछे थी, आरोपी रामचंद्र ठिकाने बदलकर घूमता रहा — जुलाई में पुलिस पहुंची तो सीजेपी के मंच पर मिला आरोपी — माहौल बिगड़ने की आशंका में पुलिस टीम लौट आई थी — पुलिस के मुताबिक स्कूलों की जांच करते हुए ठिकाने बदलता रहा आरोपी डिफेंडर वाहन बेचने के नाम पर 17 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में झुंझुनूं पुलिस के वांटेड और सीजेपी के कथित नेता रामचंद्र को झुंझुनूं कोतवाली पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब डेढ़ साल से गिरफ्तारी से बच रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इस दौरान जुलाई 2026 में आरोपी जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान मंच पर भी दिखाई दिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी की तलाश में टीम दिल्ली और नोएडा में लगातार दबिश दे रही थी। आरोपी के सीजेपी के प्रदर्शन में मंच पर पहुंचने के बाद भी उस समय मौके का माहौल देखते हुए पुलिस को कार्रवाई से पीछे हटना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने दोबारा उसकी तलाश तेज की और आखिरकार 28 सितंबर को सूरजपुर नोएडा से उसे गिरफ्तार कर लिया। शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि मामले की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को हुई। जब राजस्थान हर्बल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर साजिद दीवान ने कोतवाली थाने में शिकायत दी। शिकायत के अनुसार कंपनी के काम के लिए रेंज रोवर डिफेंडर-130 खरीदना था। इसके लिए नोएडा की AVYAAN Automotive Pvt. Ltd. के संचालक रामचंद्र से संपर्क किया गया। आरोपी ने वाहन की कीमत 1 करोड़ 67 लाख 37 हजार 89 रुपए बताई और छह महीने के भीतर वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद कंपनी के खाते से आरोपी के बताए खाते में 6 मार्च 2024 को 7 लाख और 8 मार्च 2024 को 10 लाख रुपए, यानी कुल 17 लाख रुपये RTGS के जरिए भेजे गए। लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी वाहन नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने जब रकम वापस मांगी तो पुलिस के अनुसार आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई। शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि आरोपी कभी दिल्ली तो कभी नोएडा में अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस टीम उसकी लोकेशन का पता लगाकर लगातार दबिश देती रही। पुलिस के मुताबिक करीब डेढ़ साल तक आरोपी की तलाश जारी रही और उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-नोएडा में कई स्थानों पर दबिश दी गई। शहर कोतवाल के अनुसार जुलाई 2026 में पुलिस टीम आरोपी तक पहुंच गई थी। लेकिन इसी दौरान वह जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन में मंच पर मौजूद दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार उस समय प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि वहां कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद सामने आए फोटो और वीडियो में आरोपी सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के साथ मंच पर दिखाई दिया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी आरोपी की तलाश जारी रखी गई। उसकी अलग-अलग जगहों पर लोकेशन मिलती रही। पुलिस के अनुसार आरोपी के कई स्कूलों में जाकर जांच करने से संबंधित फुटेज भी सामने आई। इसके बाद टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि आरोपी लगातार जगह बदल रहा था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। पुलिस के अनुसार आखिरकार आरोपी की लोकेशन सूरजपुर, नोएडा में मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और रामचंद्र पुत्र प्रेमलाल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को झुंझुनूं लाया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बाइट : श्रवण कुमार मील, शहर कोतवाल, झुंझुनूं
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झुंझुनूं के बगड़ में कांग्रेस ने.wallet बोर्ड बना लिया; अमित ओला ने इतिहास रचा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं — बगड़ में पहली बार कांग्रेस बोर्ड बनने पर ओला परिवार उत्साहित झुंझुनूं जिले की बगड़ नगरपालिका में आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह है। इस जीत का असर अब झुंझुनूं की सियासत में भी दिखाई देने लगा है। खास तौर पर ओला परिवार की ओर से इस जीत को लेकर खुलकर खुशी जाहिर की गई है। झुंझुनूं नगर परिषद के सभापति अब्दुल्ला अगवान और उप सभापति वीरेंद्र डारा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में कांग्रेस नेता अमित ओला बगड़ नगरपालिका के कांग्रेस बोर्ड बनने को लेकर खुलकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम में अमित ओला ने बगड़ नगरपालिका में कांग्रेस के बोर्ड बनने को अपने परिवार और पार्टी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जो काम उनके दादा और झुंझुनूं की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले स्वर्गीय शीशराम ओला के दौर में नहीं हो सका, वह अब हो गया है। उन्होंने कहा कि “आज हमारे बगड़ के अध्यक्ष महोदय बैठे हैं। यह बहुत ऐतिहासिक बात है कि ना दादाजी कर पाए, ना पापा के राज में हुआ और हम लोगों ने मिलकर यह कर पाए।” अमित ओला का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। खास तौर पर इसलिए क्योंकि उन्होंने बगड़ के नतीजे को सीधे अपने परिवार की पिछली राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा है। अमित ओला ने अपने संबोधन में दल-बदल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में अक्सर बीजेपी द्वारा दूसरी पार्टियों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को अपने साथ लेने की चर्चा होती रही है, लेकिन इस बार उन्होंने इसके उलट होने की बात कही। “इस देश में अब तक आपने सुना है बीजेपी वाले फलाना ले गए, पार्टियां ले गए पूरी की पूरी, सांसद ले गए पूरे के पूरे। यह एक हमें ऐसे मजबूत साथी मिले, हमने उल्टी गंगा बहाई और बीजेपी से हम लेकर आए हैं।” अमित ओला ने आगे कहा कि उनके साथियों ने मिलकर एक ईमानदार और स्वच्छ व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया है। अमित ओला के बयान में सिर्फ बगड़ नगरपालिका की जीत की खुशी ही नहीं, बल्कि 2028 की राजनीति का संकेत भी दिखाई दिया। उन्होंने नवनिर्वाचित सभापति अब्दुल्ला अगवान से कहा कि 2026 के चुनाव में जो भूमिका उन्हें निभानी थी, वह उन्होंने निभा दी है और अब 2028 में उनकी बारी है। उन्होंने कहा कि “जो हमारा कर्म था और फर्ज था, वो 2026 में आपके चुनाव में हमने पूरी तरह निभाया है। अब 28 की आपकी बारी है।” अमित ओला ने अपने संबोधन में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह के नतीजे शहर में आए हैं, उनके आधार पर अब गांवों में भी राजनीतिक समीकरणों को लेकर नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि “बीजेपी ने सोचा की शहरों में नतीजे कुछ ऐसे आएंगे कि गांव में फायदा होगा।” इसके बाद उन्होंने भाजपा को लेकर कहा कि जब शहर में ही उसे पूरी तरह साफ कर दिया गया है तो गांव में क्या बचेगा, यह देखना होगा। अमित ओला का यह बयान अब निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस की रणनीति और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है। बगड़ नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनना ओला परिवार के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमित ओला ने खुद सार्वजनिक मंच से इसे परिवार के राजनीतिक इतिहास से जोड़ते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने साफ तौर पर अपने दादा स्वर्गीय शीशराम ओला और पिता के राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि जिस उपलब्धि का इंतजार पहले पूरा नहीं हुआ, वह अब उनके साथियों के जरिए हासिल हुई है। अब अमित ओला के इस बयान के बाद बगड़ नगरपालिका का बोर्ड केवल निकाय चुनाव की जीत नहीं, बल्कि झुंझुनूं की आने वाली राजनीति में कांग्रेस की रणनीति और 2028 की तैयारी के संकेत के तौर पर भी चर्चा में है।
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फींच गांव में डोडा पोस्त तस्करी का बड़ा खुलासा; 27.325 किग्रा चूरा और ₹26 लाख

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। लूणी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फींच गांव में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक मकान में छिपाकर रखा 27.325 किलोग्राम डोडा पोस्त चूरा और 26 लाख 39 हजार रुपए बरामद किए हैं। मामले में 65 वर्षीय भंवरलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार 30 सितंबर को लूणी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने फींच गांव में कार्रवाई की। टीम ने भंवरलाल पुत्र फुसाराम विश्नोई के घर की तलाशी ली। इस दौरान घर के अंदर छिपाकर रखे डोडा पोस्त चूरा से भरे दो कट्टे मिले, जिनका कुल वजन 27.325 किलोग्राम था। इसके साथ ही पुलिस ने 26 लाख 39 हजार रुपए भी बरामद किए। पुलिस ने आरोपी भंवरलाल, निवासी फींच, थाना लूणी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ के स्रोत और इससे जुड़े नेटवर्क के बारे में आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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महराजगंज नारायणी नदी का जलस्तर घटा, लेकिन बाढ़ का दर्द बरकरार, 6 दिन से राहत शिविर में रहने को मजबूर

AMIT KUMAR TRIPATHIAMIT KUMAR TRIPATHIFollow18m ago
Gerahva, Uttar Pradesh:नेपाल के पहाड़ों में बारिश थमने के बाद नारायणी नदी के जलस्तर में भले ही तेजी से कमी आई हो लेकिन महाराजगंज में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी भी खत नहीं हुई है । निचलौल तहसील के सोहगीबरवा, भोतहा, शिकारपुर और गेडहंवा समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पांच हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। अब नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद कई गांवों में घरों के अंदर और आसपास पानी जमा है। यही वजह है कि गेडहंवा में कई परिवार पिछले छह दिनों से अपना घर छोड़कर बाढ़ राहत शिविर में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से राहत शिविर में राशन और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाढ़ के पानी से घरों में रखा सामान और खाद्यान्न बर्बाद होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। वी/ओ- तस्वीरें महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र के गेडहंवा की हैं । कुछ दिन पहले तक यहां नारायणी नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा था और देखते ही देखते कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। अब नदी का जलस्तर कम हो रहा है बारिश भी थम चुकी है लेकिन गांव के लोगों की जिंदगी अभी सामान्य नहीं हो पाई है । कई घरों में अब भी बाढ़ का पानी जमा है। घर में रखा राशन, कपड़े और रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान पानी की वजह से खराब हो गया है। ऐसे में परिवारों के सामने घर लौटने से पहले साफ-सफाई और दोबारा गृहस्थी बसाने की चुनौती है। वॉक थ्रू विथ बाढ़ प्रभावित ग्रामीण वी/ओ- करीब छह दिन से राहत शिविर में रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से राशन और दवाइयां मिल रही हैं, लेकिन घर में पानी भरने से काफी सामान बर्बाद हो गया है। पानी निकलने के बाद ही घर वापस जाकर हालात देख पाएंगे। राजवीर में रह रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से भोजन और जरूरी दावों की व्यवस्था की जा रही है लेकिन बाढ़ से हुए नुकसान के बाद अब उन्हें अपने घर और गृहस्थी को दोबारा व्यवस्थित करने की चिंता सता रही है । वी/ओ- नारायणी नदी का जलस्तर भले ही अब नीचे आ रहा हो, लेकिन गेडहंवा समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी और कीचड़ जमा है जबकि बड़ी मात्रा में घरेलू सामान भी बर्बाद हो चुका है। ऐसे में लोगों को अब पानी उतरने के साथ-साथ राहत और नुकसान की भरपाई का इंतजार है।
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