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बाराबंकी से मुंबई तक संजय त्रिपाठी का अभिनय सफर चर्चा में

Barabanki, Uttar Pradesh:मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले और लंबे समय से बाराबंकी से जुड़े अभिनेता संजय त्रिपाठी ने रंगमंच से लेकर मुंबई की फिल्मी दुनिया तक अपनी अलग पहचान बनाई है। दर्शनशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रयागराज पहुंचे संजय का रुझान रंगमंच की ओर हुआ और यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई। हालही मे रिलीज हुई फिल्म ‘हैवान’ में अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ नजर आ रहे संजय त्रिपाठी ने अपने अभिनय से अलग छाप छोड़ी है। फिल्म में उनके किरदार को दर्शक काफी सराह रहे हैं। संजय त्रिपाठी का परिवार मूल रूप से उन्नाव का है। उन्होंने रानी शंकर सहाय से प्राथमिक शिक्षा हासिल की और इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज से पढ़ाई की। उन्नाव के केशरगंज में उनका पैतृक घर है। आगे की शिक्षा उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की, जहाँ से दर्शनशास्त्र में परास्नातक किया। इसी दौरान उनका परिवार बाराबंकी आकर बस गया और बाराबंकी से उनका गहरा जुड़ाव हो गया। संजय चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता रेलवे में कार्यरत थे, जबकि माता गृहिणी थीं। परास्नातक के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए संजय प्रयागराज पहुंचे, लेकिन वहां उनका जुड़ाव रंगमंच से हो गया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के वागेश कुमार सिंह ने उन्हें रंगमंच से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने लगातार कई नाटकों में अभिनय किया। उन्होंने एनएसडी की प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण की, लेकिन साक्षात्कार में चयन नहीं हो सका। वर्ष 2004-05 के आसपास संजय पूरी तरह मुंबई आ गए और फिल्मों में काम की तलाश शुरू की। फिल्मकार विशाल भारद्वाज ने अपनी लघु फिल्म ‘ब्लड ब्रदर्स’ में उन्हें नशे के आदी व्यक्ति की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका दी। इसके बाद तिग्मांशु धूलिया की फिल्म ‘शागिर्द’ में अनुराग कश्यप के साथ गैंगस्टर की भूमिका निभाई। इसके बाद संजय को हॉलीवुड फिल्मकार जेनिफर लिंच की फिल्म ‘हिस्स’ में काम करने का अवसर मिला। निशिकांत कामत की फिल्म ‘मुंबई मेरी जान’ में भी उन्होंने अभिनय किया। अनुराग कश्यप के साथ वे चर्चित वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ का हिस्सा रहे। अमोल गुप्ते के साथ ‘हवा हवाई’, राधिका आप्टे के साथ भारत-ब्रिटेन की फिल्म ‘बॉम्बैरिया’ और ईरानी फिल्मकार माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ में भी उन्होंने काम किया। संजय त्रिपाठी को करीब 15 वर्ष पहले प्रियदर्शन की फिल्म ‘आक्रोश’ में भी काम करने का अवसर मिला था। करीब तीन वर्ष पहले रामोजी राव फिल्म सिटी में काम के दौरान उन्होंने प्रियदर्शन को इस पुराने जुड़ाव की याद दिलाई। प्रियदर्शन को भी वह बात याद आ गई। उन्होंने अपने सहयोगी के माध्यम से संजय को अपनी फिल्म के लिए बुलाया और इस तरह उन्हें अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ काम करने का मौका मिला। संजय प्रियदर्शन को बेहद बेहतरीन फिल्म निर्देशक मानते हैं और उनके अनुसार प्रियदर्शन अपने आप में सिनेमा की एक विश्वविद्यालय हैं। उनकी फिल्म ‘हैवान’ 11 सितंबर को रिलीज हो चुकी है। संजय कहते हैं कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। मुंबई को दुनिया का सबसे अच्छा शहर मानने वाले संजय आज भी लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी में बिताए दिनों को याद करते हैं। उनका कहना है कि इन शहरों और यहां के लोगों से उनका भावनात्मक जुड़ाव आज भी बना हुआ है। बाराबंकी से अपने विशेष रिश्ते के कारण वह यहां के लोगों से मिलने वाले स्नेह और समर्थन को अपने लिए खास मानते हैं।
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भारत 2030 तक विश्व चिकित्सा नेतृत्व के पथ पर तेज़ी से बढ़ेगा: डॉ शाह

Jaipur, Rajasthan:2030 तक वैश्विक चिकित्सा नेतृत्व की दिशा में भारत तेजी से बढ़ सकता है: डॉ. शशि शेखर शाह मजबूत हेल्थ सिस्टम, मेडिकल रिसर्च, एआई, डेटा और नवाचार बनेंगे भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख आधार जयपुर। भारत दशक के अंत तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की मजबूत स्थिति हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। देश की विशाल स्वास्थ्य व्यवस्था, चिकित्सकों को मिलने वाला व्यापक क्लिनिकल अनुभव, कुशल चिकित्सा मानव संसाधन, मजबूत फार्मास्व्टिकल सेक्टर तथा आधुनिक तकनीक और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता भारत को वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में नई भूमिका निभाने की क्षमता प्रदान करती है। यह विचार न्यूयॉर्क के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्रत चिकित्सक डॉ. शशि शेखर शाह ने बुधवार को महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर में आयोजित अतिथि व्याख्यान के दौरान व्यक्त किए। डॉ. शाह ने कहा कि भारत की चिकित्सा व्यवस्था में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। आधुनिक उपचार सुविधाओं, तकनीकी क्षमताओं और अस्पताल प्रबंधन के क्षेत्र में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत में उपलब्ध व्यापक क्लिनिकल एक्सपोजर और बड़ी संख्या में मरीजों से चिकित्सकों को मिलने वाला अनुभव भी देश की एक महत्वपूर्ण ताकत है। झुंझुनूं में जन्मे डॉ. शाह ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जयपुर से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त की और बाद में अमेरिका में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। रिसर्च और इनोवेशन पर निवेश बढ़ाने की जरूरत डॉ. शाह ने कहा कि भारत को वैश्विक चिकित्सा नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए मेडिकल रिसर्च, क्लिनिकल रिसर्च नेटवर्क, बायोमेडिकल इनोवेशन और हेल्थ टेक्नोलॉजी में निवेश को और गति देनी होगी। देश में मजबूत राष्ट्रीय क्लिनिकल रिसर्च नेटवर्क विकसित करने के साथ वैश्विक स्तर के क्लिनिकल ट्रायल, संयुक्त शोध परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थ डेटा और डिजिटल हेल्थ आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले प्रमुख क्षेत्र होंगे। हालांकि एआई के उपयोग में तकनीकी क्षमता के साथ मानवीय विवेक और चिकित्सकीय निर्णय क्षमता का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। डॉ. शाह ने फार्मास्युटिकल उत्पादों और उन्नत चिकित्सा उपकरणों के घरेलू निर्माण, भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप चिकित्सा शिक्षा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विकास तथा चिकित्सा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फॉरेन कोलैबोरेशन, नॉलेज एक्सचेंज प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता के आदान-प्रदान से भारत की चिकित्सा क्षमता को और मजबूती मिल सकती है। जयपुर बन रहा है महत्वपूर्ण मेडिकल हब डॉ. शाह ने कहा कि जयपुर भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और नई तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से मरीजों का जयपुर आकर उपचार कराना यहां विकसित हो रहे चिकित्सा इकोसिस्टम की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जयपुर जैसे मजबूत मेडिकल इकोसिस्टम देश के वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चिकित्सा क्षेत्र में होने वाला तकनीकी विकास समाज के सभी वर्गों तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और वहनीय स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में पहुंचना चाहिए। आने वाले समय में एआई, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल हेल्थ और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक उपचार की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रिसर्च, तकनीक और स्किल डेवलपमेंट पर संस्थान का फोकस महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एम. एल. स्वर्णकार ने कहा कि संस्थान रिसर्च, तकनीकी अपग्रेडेशन, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। बदलती चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के साथ चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ रिसर्च, तकनीकी दक्षता और नवाचार को समान महत्व देना भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों और चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों तथा तकनीकी बदलावों के अनुरूप बेहतर अवसर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। अतिथि व्याख्यान के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थ डेटा, तकनीकी नवाचार, चिकित्सा शिक्षा, क्लिनिकल ट्रायल, अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में डॉ. वी. के. कपूर, डॉ. सुधीर सचदेव, डॉ. एस. एस. जायसवाल, डॉ. टी. सी. सदासुखी, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. नृपेश सदासुखी, डॉ. राजगोविंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक एवं मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित रहे。
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तीन महीने में 43 लाख की सड़क ध्वस्त, जांच फेल पर बुलडोजर चला

Kawardha, Chhattisgarh:तीनों महीनों में उखड़ गई 43 लाख की सड़क, जांच में फेल होने के बाद अधिकारी ने बुलडोजर चलवाया। कवर्धा। पंडरिया ब्लॉक के गुंझेटा गांव में लगभग 43 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क महज तीन महीने में खराब हो गई, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्रामीण विकास योजना के तहत करीब 550 मीटर सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ महीनों बाद सड़क की गिट्‌टी उखड़कर बाहर आने लगीं, इसके बाद ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और गुणवत्ता में अनदेखी की शिकायत विभाग से की। शिकायत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की जाँच कराई। कोर कटिंग के जरिए सड़क के सैंपल लिए गए और तकनीकी जांच के लिए लैब भेजे गए। जांच में सड़क गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरी न उतरने के कारण विभाग ने खराब हिस्से को बुलडोजर से तोड़ने की कार्रवाइ शुरू कर दी। अधिकारियों ने ठेकेदार को खराब सड़क हटाकर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के भुगतान पर भी रोक लगाई गई है। ठेकेदार ने लिखित रूप से गलती स्वीकारते हुए सड़क दोबारा बनाने का भरोसा दिया है। कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता होने पर विभाग अब मौके पर ही सख्त कदम उठा रहा है।
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कांग्रेस का विरोध तेज: निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पैदल मार्च

Khargone, Madhya Pradesh:एंकर खरगोन में आज देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर विरोध जताया। कांग्रेस कार्यालय से कलेक्टर आफिस तक लोकतंत्र बचाओ देश बचाओ पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए वोट चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की गई। डिप्टी कलेक्टर वीरेंद्र कटारे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि जोशी, सुश्री डॉ विजय लक्ष्मी साधौ, विधायक केदार डाबर, विधायक श्रीमती झूमा सोलंकी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
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मुजफ्फरपुर में गंडक बांध टूटा, दर्जनों गाँव जलमग्न, लोगों में दहशत

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में नारायणी गंडक नदी का बांध टूट गया है, मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जयमल डुमरी में बांध टूटा है. जिसके बाद दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है. बांध टूटने से स्थानीय लोग काफी दहशत में हैं और ऊंचे स्थान पर पलायन करने लगे हैं. नारायणी गंडक नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था, वहीं कई जगह बांध के ऊपर से भी पानी का बहाव होने लगा, जिसके बाद से ही लोग दहशत में आ गये, वहीं कुछ ही देर के बाद बांध पर दबाव बढ़ा और बांध टूट गया, जिससे जयमाल डुमरी और आसपास के कई पंचायत प्रभावित हो गये हैं. स्थानीय लोगो का डर है कि दूसरा बांध काफी कमजोर हैं, अगर दबाव बढ़ा तो ये भी टूट जाएगा फिर सैंकड़ों गाँव जलमग्न हो जाएगा. बांध टूटने की खबर के बाद प्रशासनिक टीम पहुंची है, वहीं स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, स्थानीय लोगो का कहना है कि समय रहते अगर बांध की मरम्मत कर दी जाती तो बांध नहीं टूटता.
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मेडिकल कॉलेज टेंडरों में विशिष्ट शर्त पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोप

Jaipur, Rajasthan:Jaipur मेडिकल कॉलेज टेंडरों में ‘विशिष्ट शर्त’ का आरोप हजारों करोड़ के ठेकों में गड़बड़ी की शिकायत, पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव पर भी सवाल RTI कार्यकर्ता अशोक पाठक ने मुख्य सचिव से की उच्चस्तरीय जांच की मांग शिकायत में RSRDC की टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल G 3 और 75 बेड वाले मेडिकल कॉलेज भवन का अनुभव अनिवार्य करने का आरोप शिकायतकर्ता का दावा, शर्त से प्रतिस्पर्धा सीमित हुई, एक फर्म को फायदा अन्य ठेकेदारों को फर्म के साथ JV या सबलेट में काम लेना पड़ा RSRDC में टेंडर स्वीकृति की शक्तियों में बदलाव पर भी सवाल MD की पावर 25 से घटाकर 15 करोड़, चेयरमैन की पावर 50 से बढ़ाकर 150 करोड़ करने का आरोप NIT में शर्त जोड़ने के लिए बोर्ड मंजूरी नहीं लेने का भी दावा केंद्र तक शिकायत पहुंचने के बाद शर्त हटाए जाने का दावा RTI कार्यकर्ता का आरोप, ऊंची दरों पर टेंडर से राजकोष को नुकसान 18 महीने में पूरे होने वाले काम 50-60 महीने बाद भी अधूरे होने का दावा 10 फीसदी पेनल्टी के प्रावधान के बावजूद काम में देरी का आरोप मुख्य सचिव से जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
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संभल । संभल दंगे के आरोपी मुल्ला अफरोज को अभी राहत नहीं .. हत्या समेत संगीन मामलों के 4 केस बरकरार

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Chandausi, Uttar Pradesh:संभल । संभल दंगे के आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगा NSA सुप्रीम कोर्ट के रद्द किए जाने के बाद ..बड़ी खबर । अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील राहुल दीक्षित का बड़ा बयान - सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वोपरि है, उसका पालन करेंगे, NSA में हो सकता है कमी रही हो ...लेकिन मुल्ला अफरोज पर हत्या और अन्य संगीन मामलों के 4 केस बरकरार है । यह सोचना गलत है कि मुल्ला अफरोज सभी केस से बरी हो गया है ...मुल्ला अफरोज के खिलाफ हत्या के 4 मामले अभी भी जिला जज की कोर्ट में विचाराधीन है । कल जिला कोर्ट में मुल्ला अफरोज पर लगे केस में अहम सुनवाई होगी । सरकारी बकील राहुल दीक्षित का दावा ....कल जिला कोर्ट में मुल्ला अफरोज और गुलाम की पत्रावली पर 313 CrPC / 351 की कार्रवाई होगी, मजबूत पैरवी कर सजा दिलाएंगे ।
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युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगी पंचायती राज व्यवस्था ।

Rajiv RamRajiv RamFollow6m ago
Mainpura, Bihar:नवादा। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जिला कांग्रेस कार्यालय में पंचायत टास्क फोर्स को लेकर प्रेस वार्ता हुई। अध्यक्षता युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने की। मुख्य वक्ता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रभाकर झा ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होगी। वहीं, पंचायत टास्क फोर्स के जिला प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि 39 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को पंचायत, वार्ड, प्रखंड व जिला परिषद स्तर पर सक्रिय किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत और वार्ड में युवा समितियां गठित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि समितियां ‘एक भलाई और एक लड़ाई’ के तहत जनहित से जुड़े कार्य करेंगी।
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आगरा में नकली दवा माफिया के गोदाम पर छापा: करोड़ों रु की दवाओं का disclosed बरामद

Agra, Uttar Pradesh:आगरा में मंगलवार को तथाकथित नकली दवा माफिया के गोदाम पर ड्रग विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की जिसमें दवाओं का जखीरा बरामद हुआ, इस जखीरे में कई बड़ी नामी कंपनियों की दवाएं भी बरामद हुई है. मामला आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र का है जहां मदर आर डी स्कूल के पीछे बने गोदाम पर टीम ने छापा मारा. छापामार कार्यवाही में आगरा सहित, मथुरा, एटा, हाथरस सहित कई जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर शामिल रहे. पकड़ी गई दवाओं की कीमत करीब 2 करोड़ 37 लाख बताई जा रही है, ड्रग विभाग की टीम को ये भी पता चला कि ये सभी दवाएं पांडुचेरी से आई है. पकड़ी गई दवाई में इन कंपनियों की दवाएं मिली. फार्मा कंपनियों के नाम Sanofi, Torrent Pharmaceuticals, Sun Pharmaceutical Industries, Dr. Reddy's Laboratories, MSN Laboratories Pvt. Ltd., AstraZeneca. टीम ने मौके पर मिली 14 दवाओं के नमूने लिए जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है, जिन दवाओं के नमूने भेजे गए उनके नाम: Cardes 2.5 Cardace 2.5, Cardace 5, Amaryl 2 MG, Allegra, Allegra-M, Losar-H, Losar 50, Allegra 120, Rozavel 40, Amaryl 1 mg, Kidrol DT, Jalra-M, Brilinta 90, Rozuwast 20 / Rozowe 20. ड्रग विभाग की जांच में सामने आया कि ये पूरा जखीरा पुरानी कार्यवाहियों से जुड़ा है; मई में हुई कार्यवाही में हे मां मेडिको के मालिक हिमांशु अग्रवाल पर बड़ी कार्यवाही हुई थी जिसके दौरान हिमांशु अग्रवाल के दोनों गोदामों पर करोड़ों रुपये की दवाएं सील की गई थी, ड्रग विभाग ने मौके पर मिले युवक से पूछताछ में जानकारी जुटाई और ये माल कहां से आया पर पता चला कि ये वही माल है जो हिमांशु अग्रवाल के यहां सील किया गया था, अपनी जांच के साथ साथ ड्रग विभाग ने पूरे मामले में 5 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है जिसमें 1. इकरार 2. शामिन 3. सालुआ 4. हिमांशु अग्रवाल 5. आशिया जैन. अब सवाल ये है कि गोदाम जब सील थे और अगर कोर्ट से सील खोने के आदेश मिले तो ऐसे में ड्रग विभाग ने सील दवाओं की जांच में क्या पाया, और कैसे ये माल सप्लाई हुआ.
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गोपीगंज में 8 साल के मासूम की मौत, कंक्रीट मिक्सर ने चपेट में लिया

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:खबर भदोही से है जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में 8 साल के मासूम की मौत हो गई। गोपीगंज में स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे कक्षा-2 के छात्र दीवान मोदनवाल को कंक्रीट मिक्सर वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मामला गोपीगंज थाना क्षेत्र का है, जहां कक्षा-2 में पढ़ने वाला 8 वर्षीय छात्र दीवान मोदनवाल स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान कंक्रीट मिक्सर वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मासुम की मौत की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, पुलिस ने कंक्रीट मिक्सर वाहन और उसके चालक को कब्जे में ले लिया है। हादसे के बाद पुलिस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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जयपुर PHED ने 2 महीनों में इन-हाउस सॉफ्टवेयर बना कर 2 करोड़ बचा लिए

Jaipur, Rajasthan:पानी में पैसा बचा, दो करोड़ का सॉफ्टवेयर मुफ्त में बना, सरकारी अफसरों ने 2 महीने में तैयार किया जयपुर- PHED के इंजीनियरों ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसे निजी कंपनी से तैयार करवाने पर करीब 2 करोड़ रुपए की लागत आती। विभाग के चार अफसरों ने महज दो महीने में PHED_IT_PMU सॉफ्टवेयर तैयार किया है। खास बात यह है कि इसे विभाग ने अपने स्तर पर विकसित किया है, यानी इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर खरीदने पर होने वाला खर्च बच गया प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट यानी PMU सॉफ्टवेयर में किसी जल परियोजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। उपलब्ध डेटा के आधार पर यह सॉफ्टवेयर परियोजना की योजना तैयार करने में मदद करेगा। परियोजना की डिजाइन, अनुमानित लागत और उसे पूरा करने में लगने वाले संभावित समय की जानकारी भी सॉफ्टवेयर के जरिए हासिल की जा सकेगी विभाग के मुताबिक, सॉफ्टवेयर में प्रोजेक्ट का डेटा स्टोर करने की सुविधा होगी। इससे किसी परियोजना की प्लानिंग से लेकर उससे जुड़े जरूरी विवरण एक ही सिस्टम में उपलब्ध रहेंगे। इससे PHED में बड़े जल प्रोजेक्ट तैयार करने और उनकी योजना बनाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी योजनाओं के तहत तैयार होने वाली जल परियोजनाओं की प्लानिंग में किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना की जरूरत से जुड़ा डेटा दर्ज करने के बाद सिस्टम उसकी तकनीकी योजना तैयार करने में सहायता करेगा चार अधिकारियों ने तैयार किया सॉफ्टवेयर- PHED_IT_PMU को विभाग के SE विनय जैन, AEN वरुण मटोलिया, AEN पीयूष जैन और ACP पूनम रिजवानी ने मिलकर करीब दो महीने में तैयार किया है। विभाग के इंजीनियरों ने इसे इन-हाउस विकसित किया, जिससे बाहरी कंपनी से सॉफ्टवेयर तैयार करवाने की जरूरत नहीं पड़ी PHED के इस सॉफ्टवेयर को देशभर के करीब 700 प्रोजेक्ट्स/प्रविष्टियों में से स्कॉच सिल्वर अवार्ड भी मिला है। अब सरकार की ओर से इसे जल्द लॉन्च किए जाने की तैयारी है सॉफ्टवेयर के लॉन्च के बाद जल परियोजनाओं की योजना तैयार करने, लागत का अनुमान लगाने और प्रोजेक्ट से जुड़े डेटा को व्यवस्थित तरीके से रखने में PHED को तकनीकी मदद मिलने की उम्मीद है
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