बुलंदशहर में बेटे-बहू ने वृद्ध मां को कंधे पर बिठाकर कराई कांवड़ यात्रा
Pali Badshahpur, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला जब एक बेटे और बहू ने अपनी वृद्ध मां को कंधे पर बिठाकर कांवड़ यात्रा कराई। पहासू के राजकुमार ने अपनी माँ सरोज देवी की इच्छा पूरी करने के लिए पत्नी लक्ष्मी के साथ 65 किलोमीटर की यात्रा का संकल्प लिया। उन्होंने छोटी काशी अनूपशहर की गंगा नदी से जल उठाया। इस दृश्य को देखकर लोगों ने उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार और सीता माता जैसी बहू कहा।
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पति को सांप से डसवाकर मारने वाली रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी, जज बोले- '3 बच्चों का ख्याल DM रखें
Meerut, Uttar Pradesh:अमित पाराशर/मेरठ: यूपी के मेरठ में एक बार फिर रिश्तों को तार-तार करने वाली खौफनाक वारदात पर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया है। पति अमित कश्यप की गला घोटकर हत्या करने और उसे सांप के डसने से हुई मौत का रूप देने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मेरठ कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनते ही दोनों कोर्ट रूम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे।
मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए सरकारी वकील (एडीजीसी) फरजाना खान ने कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत रखे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 'अति से अति दुर्लभ' (Rarest of Rare) श्रेणी में आता है, क्योंकि इसमें गहरी साजिश के तहत न केवल हत्या की गई, बल्कि कानून और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए एक बेकसूर सांप का इस्तेमाल किया गया।सरकारी वकील ने कोर्ट से दोनों दोषियों के लिए सख्त से सख्त यानी मृत्युदंड की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के रहने वाले अमित कश्यप की हत्या उसकी पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर 17 अप्रैल 2025 की रात की थी। अमरदीप मृतक अमित के साथ ही टाइल्स पत्थर लगाने का काम करता था, जिस कारण उसका घर आना-जाना था और इसी दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। हत्या को स्वाभाविक मौत या सर्पदंश दिखाने के लिए दोनों ने एक सपेरे से एक हजार रुपए में सांप खरीदा था। गला घोटकर मारने के बाद उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया ताकि सबको लगे कि सांप के डसने से मौत हुई है। सुबह शरीर पर निशान देखकर घरवाले भी धोखे में आ गए थे।
जब अमित के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ, तो असलियत सामने आई कि उसकी मौत दम घुटने (गला दबाने) से हुई थी। सपेरों ने भी गवाही दी कि जिस सांप को इस्तेमाल किया गया था, उसके दांत ही नहीं थे, जिससे किसी की मौत हो ही नहीं सकती। पुलिस ने वारदात के महज 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम-12 / विशेष अदालत में 551 दिनों तक चली सुनवाई के दौरान 87 तारीखें पड़ीं और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए, जिसके बाद 7 अक्टूबर को इन्हें दोषी करार दिया गया था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब जज ने रविता और अमरदीप से पूछा कि उन्हें दोषी ठहराया गया है, वे सजा के तौर पर क्या कहना चाहते हैं, तो दोनों गिड़गिड़ाने लगे: रविता बोली: "मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनका ख्याल रखा जाए।" इस पर जज ने स्पष्ट किया कि बच्चों की देखभाल अब मेरठ के जिलाधिकारी (DM) करेंगे। अमरदीप बोला: "मेरे मां-बाप बूढ़े हैं, उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है।" इसके बाद दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग स्क्रीन के सामने ही फफक फफक कर रो पड़े।
मेरठ में हाल ही में चर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' (मुस्कान और साहिल केस) में कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद, इस 'सांप कांड' ने यह साबित कर दिया है कि क्रूरता की हदें पार करने वाले अपराधियों को न्यायपालिका कतई बख्शने के मूड में नहीं है। समाज में अवैध संबंधों और संपत्ति या अन्य लालच के चलते अपनों को ही रास्ते से हटाने के जघन्य अपराध पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़े हैं। इसमें मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था।
