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Basti272163

Basti - पैकोलिया पुलिस का कारनामा, वर्षों पुराना रास्ता बंद करने की कोशिश

Apr 14, 2025 17:08:07
Tenduwa, Uttar Pradesh

 चोरी का कथित खुलासा करने के बाद एक और कारनामा चर्चा में छाया, पैकोलिया पुलिस खड़े होकर बंद करा रही वर्षों से चल रहा रास्ता. आक्रोश पुलिस की मिलीभगत से आधा दर्जन से अधिक घरों का बंद हो रहा रास्ता. वर्षों से चले रहे रास्ते पर पैकोलिया पुलिस जबरन करवा रही अवैध निर्माण. पीड़ित के मना करने पर गाली गलौज देते फावड़ा लेकर मौके पर दौड़ाया. थानेदार से ग्रामीणों ने किया फरियाद मगर नहीं की गई कोई भी सुनवाई. पैकोलिया पुलिस राजस्व के मामले में खुलकर पूरी तरह कर रही मनमानी। 

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MDMahendra Dubey
Jan 27, 2026 14:04:08
Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में 33 गांव के किसानों का जबरदस्त प्रदर्शन, सैकड़ों ट्रेक्टर लेकर सड़कों पर आए किसान, प्रशासन को आना पड़ा सड़क पर.. एंकर/ एमपी के दमोह में आज दोपहर बाद से किसानों ने सड़को पर आकर जबरदस्त प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को किसानों के सामने सड़कों पर आने मजबूर होना पड़ा। दरअसल ये किसान जिले के 33 गांव के किसान थे जो सैकड़ों की तादात में ट्रैक्टरों पर सवार होकर जिला मुख्यालय पर पहुंचे लेकिन शहर की व्यवस्था अस्त व्यस्त न हो इसके लिए उन्हें हटा नाका पर रोका गया लेकिन किसानों का गुस्सा सर चढ़ कर बोला तो किसानों ने प्रदर्शन किया। इस पूरे आंदोलन के पीछे जिले की बड़ी सिंचाई परियोजना सीतानगर सिंचाई परियोजना है, इसमें इस इलाके के 84 गांव को शामिल किया गया था लेकिन जब परियोजना शुरू हुई तो 33 गांव इसमें से अलग कर दिए गए जबकि इन गांव के किसानों के लिए सिंचाई के पानी की सख्त जरूरत हैं। पिछले चार सालों से किसान इस मांग को लेकर प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और अब किसान आंदोलित है। हजारों की संख्या में आए किसानों ने प्रदर्शन शुरू किया तो गहमागहमी का माहौल बन गया और फिर काफी देर बाद जिले के कलेक्टर खुद इन किसानों के बीच पहुंचे और उनसे लंबी बातचीत की। किसानों के इस आंदोलन का कांग्रेस ने भी समर्थन किया है वहीं किसानों ने कलेक्टर के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म किया है। इस मामले में कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि सिंचाई परियोजना में सरकार को एक्शन लेना है और जिला स्तर पर जो भी कार्यवाही होगी वो जल्दी ही पूरी करके सरकार को भेजी जा रही है। बाइट/ आर पी कुर्मी ( किसान नेता दमोह) बाइट/ मस्तराम पटेल ( नेता सरपंच संघ दमोह) बाइट/ बालकिशन ( किसान) बाइट/ मनु मिश्रा ( पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस दमोह) बाइट/ सुधीर कोचर ( कलेक्टर दमोह)
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ASANIMESH SINGH
Jan 27, 2026 14:03:32
Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। महाकाल मंदिर के गर्भगृह दर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले पर बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि गर्भगृह में दर्शन को लेकर अंतिम निर्णय जिला कलेक्टर ही लेंगे। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने बताया कि पहले से ही यह व्यवस्था है कि कौन श्रद्धालु गर्भगृह में जाएगा और कौन बाहर से दर्शन करेगा, इसका फैसला कलेक्टर द्वारा ही किया जाता रहा है। हाईकोर्ट का पूर्व फैसला भी मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए दिया गया था। सांसद फिरोजिया ने कहा कि भगवान के सामने राजा और रंक में कोई भेद नहीं होता। अगर वीआईपी को गर्भगृह में प्रवेश मिलता है तो आम श्रद्धालु को दूर से दर्शन कर निराश नहीं होना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि कम से कम दो घंटे का समय केवल आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह दर्शन के लिए तय किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने दर्शन व्यवस्था को लेकर समय और क्षमता की गणना कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। सांसद ने कहा कि फिलहाल छुट्टियों के चलते भारी भीड़ उमड़ रही है और बीते दो दिनों में ही करीब 5 लाख श्रद्धालु महाकाल के दर्शन कर चुके हैं, ऐसे में किसी भी निर्णय में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है। सांसद फिरोजिया ने यह भी सुझाव दिया कि छुट्टियों और बड़े त्योहारों के दौरान गर्भगृह में प्रवेश सीमित या बंद रखा जाए, ताकि भीड़ प्रबंधन में प्रशासन को परेशानी न हो और आम श्रद्धालुओं को भी सुचारू दर्शन मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री इस विषय में संतुलित और जनहित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगे।
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STSATISH TAMBOLI
Jan 27, 2026 14:02:57
Kawardha, Chhattisgarh:कुएँ में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, हत्या की आशंका कबीरधाम जिले के थाना सहसपुर लोहारा अंतर्गत चौकी रणवीर क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम पैलपार में उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के एक कुएँ में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। यह क्षेत्र थान खम्हरिया–नगर सीमा से लगा हुआ बताया जा रहा है。 ग्रामीणों द्वारा कुएँ में शव देखे जाने की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सहसपुर लोहारा पुलिस और चौकी रणवीर की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद शव को कुएँ से बाहर निकाला गया। शव की स्थिति देखकर प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसके चलते हत्या की आशंका जताई जा रही है。 हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के गांवों और इलाकों में गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है, ताकि शव की पहचान की जा सके और घटना के कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है。
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NJNEENA JAIN
Jan 27, 2026 14:02:01
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर न्याय की मांग को लेकर रवि कुमार 23 जनवरी से अनशन पर बैठे; उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। अनशन के दौरान हालत गंभीर होते देख मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद रवि कुमार को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए ड्रिप और ग्लूकोज चढ़ाया। इलाज के बाद जब उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, तो वह ड्रिप लगी अवस्था में ही दोबारा जिला अधिकारी कार्यालय पहुंच गया और अपना अनशन जारी रखा। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ग्लूकोज की बोतल लेकर युवक के साथ DM कार्यालय के बाहर मौजूद रहा। पीड़ित रवि कुमार का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेगा। उसने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी घर से जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गई थी। बाद में उसे जानकारी मिली कि पत्नी ने किसी अन्य व्यक्ति से दूसरी शादी भी कर ली है। रवि कुमार के अनुसार वह वर्ष 2023 से लगातार प्रशासन के चक्कर काट रहा है और कई बार शिकायत दर्ज करा चुका है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस मदद नहीं मिली। इसी से परेशान होकर उसने जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर अनशन शुरू किया। मामला की जानकारी मिलने पर आज़ाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने पीड़ित की मदद के लिए एक प्रतिनिधिमंडल जिला अधिकारी कार्यालय भेजा। आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता कमल वालिया डीएम कार्यालय पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। कमल वालिया ने बताया कि वे जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ित की समस्या को गंभीरता से उठाएंगे और उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। वहीं, मौके पर मौजूद लोग भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल रवि कुमार का अनशन जारी है और उसकी तबीयत पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
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Jan 27, 2026 14:01:46
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा में यूजीसी एक्ट के विरोध को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। सवर्ण समाज से जुड़े ब्राह्मण महासभा और क्षत्रिय महासभा ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने डीएम ऑफिस के बाहर जोरदार नारेबाजी की और यूजीसी एक्ट को छात्र व समाज विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया। इस दौरान बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा इसी कानून से नाराज होकर दिए गए इस्तीफे का भी हवाला दिया गया। संगठनों का कहना है कि यह कानून इतना गलत है कि अधिकारी भी इससे दुखी होकर अपने पद छोड़ रहे हैं और आने वाले समय में और अधिकारियों के इस्तीफे की उम्मीद है। हालांकि, विवाद उस वक्त बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी अपना ज्ञापन सीधे जिलाधिकारी को देना चाहते थे, लेकिन डीएम ने ज्ञापन लेने के लिए केवल दो प्रतिनिधियों को बुलाया। इसी बात से नाराज होकर दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख जिलाधिकारी ने एडीएम, सीओ और पुलिस बल को मौके पर बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और किसी तरह हालात पर काबू पाया। प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यूजीसी एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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AMAsheesh Maheshwari
Jan 27, 2026 14:01:34
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MJManoj Jain
Jan 27, 2026 14:01:16
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SLSanjay Lohani
Jan 27, 2026 14:01:03
Satna, Madhya Pradesh:सतना शहर में 31 करोड़ से अधिक की लागत का नया बस स्टैंड बनकर तैयार हुआ और प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के हाथों 27 दिसंबर को इसका उद्घाटन किया गया। लेकिन बसों के संचालक को नए बस स्टैंड से संचालित करने के लिए प्रशासन के मंसूबे पर पानी फिर चुका है। और इसी बात को लेकर अब बस यूनियन के लोग सड़कों पर उतर आए हैं सुंदरकांड एवं राम नाम से प्रशासन को सद्बुद्धि देने की बात कह रहे हैं. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सर्वसुविधायुक्त नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) का लोकार्पण हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। चार लाख की आबादी वाले सतना शहर में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन का तर्क है कि कुछ बस ऑपरेटर अब भी निजी स्वार्थों के चलते पुराने बस स्टैंड को छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जिससे शहर के बीचोंबीच यातायात बाधित हो रहा है। प्रशासन ने जनहित को देखते हुए सभी बसों को अनिवार्य रूप से नए ISBT पर शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद ऑपरेटरों ने हड़ताल और चक्का जाम की धमकी देकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस स्थिति से आम नागरिकों में भी नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि निजी हितों के कारण पूरे शहर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। दोपहर बस स्टैंड को खाली कराने के लिए एसडीएम राहुल सिलड़िया, आरटीओ संजय श्रीवास्तव और डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे मौके पर पहुंचे और माइकिंग के माध्यम से बसों को तत्काल हटाने की अपील की। प्रशासनिक सख्ती के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एक एक कर बस ऑपरेटर और व्यापारी इकट्ठा हुए और धरने पर बैठ गए। हाथ ठेला व्यापारियों ने घटना स्थल पर भजन कीर्तन तक शुरू कर दिया। बसों के पहिए जाम कर दिए गए। निजी बस संचालक एवं विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश सुखेजा का कहना है कि हमारी कोई नवीन मांगे नहीं है। हम तो प्रशासन की सदबुद्धि के लिए सुन्दर कांड का पाठ कर रहे हैं। हम नए बस स्टैंड से अपनी बसों का संचालन नहीं करेंगे.
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PKPravesh Kumar
Jan 27, 2026 14:00:38
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में भी यूजीसी के संशोधित नियमों के खिलाफ विरोध तेज़ हो गया है। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंसाचार्य ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यूजीसी द्वारा किए गए संशोधित नियम सवर्ण छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं और इससे शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा होगी। जगतगुरु परमहंसाचार्य का कहना है कि यदि सरकार उनकी इच्छा मृत्यु की मांग पूरी नहीं करती है तो यूजीसी के संशोधित नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से योग्य छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में यूजीसी के नियमों का विरोध किया जा रहा है और इसी कड़ी में अब अयोध्या के संत समाज भी सवर्ण छात्र-छात्राओं के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। संतों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे ने अयोध्या सहित पूरे देश में सियासी और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है。
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