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Ramkishan MauryaRamkishan MauryaFollow26 Jan 2025, 12:29 pm

Basti: चौरी में आबादी की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद

Barahpur Kaji, Uttar Pradesh:

चौरी गांव में आबादी की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एक महिला के खिलाफ विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला उस जमीन पर गोबर का ढेर लगा रही है। प्रधान आशीष गुप्ता ने बताया कि उक्त जमीन पर आंबेडकर पार्क बनाया जाएगा, जिसमें गांव की महिलाओं के लिए अलग स्नानघर और शादी-विवाह के लिए धर्मशाला की व्यवस्था होगी। प्रधान ने कहा कि इससे व्यक्तिगत लाभ नहीं होगा, बल्कि पूरा गांव इससे लाभान्वित होगा। हालांकि, गांव की एक महिला इसका विरोध कर रही है और आरोप लगा रही है कि जमीन का जबरन कब्जा किया जा रहा है। प्रधान ने बताया कि लेखपाल ने भी महिला से जमीन खाली करने के लिए कहा है, लेकिन वह गोबर का ढेर हटाने को तैयार नहीं है।

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गाजीपुर में राजस्व टीम पर हमला: लेखपाल सिर में चोट, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर सरकारी कार्य के दौरान लेखपाल पर जानलेवा हमला, एक युवक ने ईंट मारकर लेखपाल का फोड़ा सिर तालाब खुदाई और नाली निर्माण के दौरान हुआ हमला गंभीर रूप से घायल लेखपाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती सदर तहसील के सहेड़ी गांव की घटना राजस्व, पुलिस और पंचायत विभाग की टीम मौके पर थी मौजूद लेखपाल अनिल प्रजापति पर अचानक किया गया हमला सरकारी काम में बाधा डालने से प्रशासन में हड़कंप डीएम अनुपम शुक्ला ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी, पुलिस जांच में जुटी गाजीपुर में सरकारी कार्य के दौरान राजस्व विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। सदर तहसील के सहेड़ी गांव में तालाब खुदाई और नाली निर्माण कार्य कराने पहुंची राजस्व टीम के एक लेखपाल पर गांव के ही युवक ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। हमले में लेखपाल का सिर फूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घायल लेखपाल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दरअसल गाजीपुर के सदर तहसील क्षेत्र के सहेड़ी गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सरकारी भूमि पर तालाब खुदाई और नाली निर्माण कार्य कराने पहुंची राजस्व विभाग की टीम पर हमला हो गया। राजस्व विभाग, पुलिस और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में गांव के एक युवक ने अचानक लेखपाल अनिल प्रजापति को निशाना बना लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने लेखपाल पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में लेखपाल अनिल प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर में गहरी चोट आई। घटना के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला और घायल लेखपाल को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमले की इस घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले में आरोपी युवक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
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निर्जला एकादशी: रायसिंहनगर के मुख्य बाजार में मीठे पानी की छबील लाखों श्रद्धालुओं के बीच

Sri Ganganagar, Rajasthan:एंकर :- रायसिंहनगर। निर्जला एकादशी के अवसर पर आज मुख्य बाजार में जगह-जगह ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई। निर्जला एकादशी पर धार्मिक बस सेवा समिति द्वारा मुख्य बाजार में मीठे की पानी की छबील लगाई गई जिसमें बाजार के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। धार्मिक बस सेवा समिति के सेवादारों द्वारा मीठे पानी की छबील लगाई गई जिसमें हजारों की संख्या में राहगीरों द्वारा प्रसाद ग्रहण किया गया। इस दौरान धार्मिक बस सेवा समिति के अध्यक्ष नरेश ठक्कर कुलभूषण सिंगल, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मनीष कौशल, फतेह चंद अग्रवाल, गोपाल गिरी, दीपक धानुका, सुरेश कुमार, दलबीर सिंह, पूर्ण सिंह अजय गौतम, तुलसाराम सहित बड़ी संख्या में सेवादारों ने भाग लिया
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अलवर मेडिकल मंत्री की अचानक चेकिंग: PHC पर स्टाफ अनुपस्थिति और जिला अस्पताल में हाईअलर्ट

Alwar, Rajasthan:अलवर में चिकित्सा मंत्री का औचक निरीक्षण: पीएचसी पर स्टाफ गायब, जिला अस्पताल पहले से ही अलर्ट अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर गुरुवार को अलवर दौरे पर पहुंचे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से आते हुए उन्होंने रास्ते में बगड़ तिराहा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं। पांच में से चार स्टाफकर्मी छुट्टी पर थे और तैनात डॉक्टर भी पीजी करने के लिए जा चुका था। इस स्थिति पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए तत्काल नए डॉक्टर की नियुक्ति के निर्देश दिए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही。 इसके बाद मंत्री सीधे अलवर जिला Hospital पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हालांकि मंत्री इसे सरप्राइज विजिट बताते रहे, लेकिन अस्पताल प्रशासन और अधिकांश स्टाफ को उनके आगमन की पहले से ही जानकारी थी, जिससे व्यवस्थाएं पहले ही दुरुस्त कर ली गई थीं。 इस दौरान प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को लेकर विपक्ष, खासकर कांग्रेस के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री खींवसर ने कहा कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान में राज्य में प्रति एक लाख प्रसव पर करीब 48 प्रसूताओं की मृत्यु होती है, जो राष्ट्रीय मानकों से बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि कोटा और बीकानेर में हाल ही में हुई घटनाओं का आपस में कोई संबंध नहीं है और सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए काम कर रही है。 बगड़ तिराहा पीएचसी में स्टाफ की कमी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य ही जमीनी हकीकत को सामने लाना है। डॉक्टर के पीजी के लिए जाने की जानकारी मिलने पर वहां तुरंत नए डॉक्टर की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही सीएमएचओ, पीएमओ और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे。 जनाना अस्पताल में निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति ने ऊंची आवाज में अपनी समस्या बताने की कोशिश की, लेकिन मंत्री बिना सुने आगे बढ़ गए। बाद में उस व्यक्ति ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और समय पर सुनवाई नहीं होती।
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लखनऊ हादसे के बाद कोटा में फायर सेफ्टी पर सख्ती, अवैध संस्थानों की जांच तेज

Kota, Rajasthan:में फायर सेफ्टी पर उठे सवाल, कार्रवाई को बेर प्रशासन घिरा लखनऊ अग्निकांड के बाद शिक्षा नगरी में अवैध कोचिंग, हॉस्टल और लाइब्रेरी पर बहस तेज कोटा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद देशभर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा नगरी कोटा में भी प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है और कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों तथा लाइब्रेरी की जांच की जा रही है। हालांकि प्रशासन की कार्रवाई को लेकर शहर में कई सवाल भी उठने लगे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित अवैध कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी पर कार्रवाई को कई लोग केवल खानापूर्ति बता रहे हैं। आमजन का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। फायर सेफ्टी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि शहर में कितने भवन ऐसे हैं जो बिना अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं शहर में बड़े पैमाने पर हुए कथित अवैध निर्माणों को लेकर भी चर्चा तेज है। लोगों का सवाल है कि कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) और नगर निगम का पीला पंजा प्रभावशाली लोगों के अवैध निर्माणों पर कब चलेगा। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि फायर सेफ्टी, भवन निर्माण नियमों और संचालन संबंधी मानकों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लखनऊ की घटना के बाद कोटा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। नागरिकों का मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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जयपुर की पहली बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी

Jaipur, Rajasthan:Deepak goyal big जयपुर-पहली बारिश में नगर निगम के दावों की खुली पोल कुछ मिनटों की बारिश… और शहर पानी-पानी। ड्रेनेज सिस्टम फेल, सड़कों पर पानी का कब्जा। नाले साफ होने के दावों के बीच जगह-जगह जलभराव। सवालों के घेरे में नगर निगम की तैयारी। बारिश से पहले सफाई अभियान के दावे हुए बेअसर। ना नालियां दुरुस्त, ना पानी निकासी का इंतजाम। चारदीवारी इलाके में सबसे ज्यादा बारिश का असर। कई जगह पानी में डूबी गाड़ियां, लोग परेशान। पहली बारिश ने दिखाया स्मार्ट सिटी के ड्रेनेज सिस्टम का सच। कुछ देर की बारिश में ही शहर की सड़कों पर आफत। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा के दावों पर उठे सवाल। बारिश से पहले की तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित?
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बीकानेर में DG स्पेशल ऑपरेशन की सुरक्षा समीक्षा, अलर्ट जारी

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से बड़ी खबर डीजी स्पेशल ऑपरेशन आनंद श्रीवास्तव बीकानेर में, इंटरनेशनल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की, सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, डीजी स्पेशल ऑपरेशन ने लिया जायजा डीजी स्पेशल ऑपरेशन आनंद श्रीवास्तव पहुंचे बीकानेर सीमा क्षेत्र बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा रहे साथ मौजूद अधिकारियों ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सुरक्षा हालात का लिया जायजा सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर लिया फीडबैक संवेदनशील इलाकों में पहले से है सख्त निगरानी सीमा से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार की जा रही है मॉनिटरिंग सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अलर्ट मोड पर
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निर्जला एकादशी के अवसर पर मोदी फ्रेंड क्लब ने शुद्ध केसर-इलायची शर्बत वितरित किया

Tonk, Rajasthan:एंकर- निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर शहर के घंटाघर चौराहे पर मोदी फ्रेंड क्लब की ओर से श्रद्धालुओं और राहगीरों को शुद्ध केसर-इलायची का शर्बत पिलाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांत प्रचारक शिवलहरी, पंडित राजकुमार शर्मा एवं पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता ने किया। इस अवसर पर आयोजकों ने बताया कि मोदी फ्रेंड क्लब लगातार 13वें वर्ष निर्जला एकादशी पर शर्बत वितरण का आयोजन कर रहा है। अतिथियों ने इस सेवाकार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित होने की उम्मीद जताई। बाइट -01- शिवलरी जी,प्रान्त प्रचारक बाइट -02- राजकुमार शर्मा, पंडित जी बाइट -03- भगवान भंडारी, आयोजक
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खूंटी में नया बस स्टैंड उद्घाटन, जाम से मुक्ति और रोजगार के अवसर

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी । खूँटी में आज बस स्टाप का उद्घाटन किया गया। जिसमें एसडीओ दीपेश कुमारी, नगर पंचायत अध्यक्ष रानी टुटी, कार्यपालक पदाधिकारी दीप्रिया मिंज, जिला परिवहन पदाधिकारी हरिशंकर बारीक की अगुवाई में नया बस पड़ाव का शुभारम्भ किया गया। जहाँ आज से सभी ओर आवागमन करने वाले दूरगामी बसें रुकने लगी हैं। खूंटी जो कि जिला का मुख्य केन्द्र है और वहां एक भी बस स्टैंड नहीं थी। जहां लोग बस से उतर या चढ़ सकें। लोग सड़कों पर ही बस रुकवाकर चढ़ते और उतरते हैं। वहीं इस ब स्टैंड बनने से खूंटी को एक सौगात मिला है। इससे लोग भी काफी खुश हैं। इस उद्घाटन के मौके पर , बसों के चालकों को नगर पंचायत अध्यक्षा रानी टुटी एसडीओ दीपेश कुमारी सहित सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने माला पहनाकर व फूल देकर स्वागत किया। आज जमीन के दावेदार से विवादों के बीच आपाधापी में किया गया उद्घाटन कार्यक्रम किया गया। इस नये बस पड़ाव का शुभारम्भ होने से शहर को जाम से मुक्ति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, छोटे वाहन जैसे टैम्पो व टुक-टुक चलानेवालों के लिए भी आर्थिकोपार्जन का माध्यम होगा। इस बस स्टैंड के बनने से लोगों में काफी उत्साह और उम्मीदें हैं, जिससे पूरा हो सकेगा। एसडीओ दीपेश कुमारी ने बतायी कि आज नए बस स्टैंड का शुभारंभ किया गया इसी बस स्टैंड से छोटी और बड़ी गाड़ियाँ आवागमन करेंगी। इससे लोगों को सुविधा भी मिलेगी और शहर में बढ़ती भीड़ की समस्या से निजात मिलेगा। शहर में जहां-तहां सड़कों पर वसीम व छोटी गाड़ियाँ रुकती थी अब वो नहीं रुकेंगी। इसके लिए मैं और मेरे साथ प्रशासनिक पदाधिकारी थाना सभी लोग मिलकर इस पर काम करेंगे। नगर पंचायत की अध्यक्षता रानी टूटी ने बताई की पिछली बार में जीती थी तो मैं घोषणा की थी की खूंटी में बस स्टैंड बनाऊंगी । इसी दृष्टि कौन से उसे समय बस स्टैंड का योजना बनाया गया था और फिर मैं जीत गई हूं और इस बार मुझे इसका उद्घाटन करना हुआ। इससे खुशी मिलती है कि एक तो जहां तहां बस खड़े होने से सड़क जाम हो जाती थी उससे निजात मिलेगा और छोटी गाड़ियों के लिए भी यह बस स्टैंड आमदनी का एक माध्यम बनेगा। बस स्टैंड बनने से दुकानें भी लगेंगी। और उनके लिए रोजगार का आमदनी का श्रोत भी बनेगा। नगर पंचायत की प्रशासक दीप्रिया मिंज ने बताई कि यह बस स्टैंड बनने की काफी वर्षों के बाद आज से बस पड़ाव शुरू हो रहा है। जिसका उद्घाटन आज हुआ। इस बस स्टैंड के शुरू होने से काफी हद तक शहर जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी। लोग इधर-उधर वाहन खड़ा नहीं करेंगे। इसका लोगों को लाभ मिलेगा। जिला परिवहन पदाधिकारी हरिशंकर बारिक ने बताया कि खूंटी में बस स्टैंड नहीं था बस स्टैंड बनने से लोगों को आवागमन करने में सुविधा मिलेगी। क्योंकि यहां सिमडेगा और राउरकेला के अलावे चाईबासा सहित विभिन्न जिलों और राज्यों की गाड़ियां इधर से गुजरती है जो बस स्टैंड पर ही रुकेंगे। इधर उधर सड़कों पर नहीं रुकेंगे। इससे बस स्टैंड से बस पकड़ने में सुविधा मिलेगी।
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BRO ने 12 दिनों में चिशोटी में 140 फीट बेली ब्रिज बनाकर यातायात बहाल किया

Jammu, 12 दिन में BRO का कमाल! चिशोटी में 140 फीट का बेली ब्रिज तैयार, मचैल से फिर जुड़ा सड़क संपर्क Kishtwary, 25 जून : करीब 10 महीने पहले बादल फटने से कटे जम्मू-कश्मीर के मचैल इलाके का सड़क संपर्क अब फिर से बहाल हो गया है। सीमा सड़क संगठन यानी BRO ने महज 12 दिनों में 140 फीट लंबा ट्रिपल-डबल रिइनफोर्स्ड बेली ब्रिज तैयार कर चिशोटी में यातायात बहाल कर दिया है। यह पुल रणनीतिक और धार्मिक, दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 14 अगस्त 2025 को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी क्षेत्र में आए भीषण बादल फटने से पुराना पुल बह गया था, जिससे गुलाबगढ़ और मचैल के बीच का एकमात्र सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इसके बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट संपर्क ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया और केवल 12 दिनों में 140 फीट लंबा ट्रिपल-डबल रिइनफोर्स्ड बेली ब्रिज तैयार कर दिया; इस पुल का वर्चुअल उद्घाटन व्हाइट नाइट कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पद्दर-नागसेनी के विधायक सुनील कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सेना के इंजीनियरों के सहयोग से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच पूरा किया। पुल के निर्माण में साइट तैयार करने, एबटमेंट बनाने, बेली ब्रिज लॉन्च करने और एप्रोच रोड विकसित करने जैसे सभी कार्य रिकॉर्ड समय में पूरे किए गए। यह सड़क किश्तवाड़–गुलाबगढ़–कुंडल–माछैल मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है और भविष्य में प्रस्तावित उमासी ला दर्रे के जरिए लद्दाख के ज़ांस्कर क्षेत्र तक रणनीतिक संपर्क स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। रणनीतिक महत्व के अलावा यही सड़क मचैल माता मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग भी है। हर वर्ष तीन लाख से अधिक श्रद्धालु मचैल माता यात्रा में शामिल होते हैं। जुलाई में शुरू होने वाली वार्षिक यात्रा से पहले पुल का तैयार होना श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। BRO का कहना है कि यह पुल केवल सड़क संपर्क बहाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दूरदराज़ मचैल क्षेत्र के लोगों की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। यह परियोजना भारतीय सेना और BRO के समन्वय, इंजीनियरिंग क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तेज़ी से काम करने की मिसाल बनकर सामने आई है।
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पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का प्रेस वार्ता; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Begun, Rajasthan:#चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ में आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने स्टेशन रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की। जिला अध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया की अध्यक्षता और पीसीसी उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी हंगामी लाल मेवाड़ा की मौजूदगी में कांग्रेस नेताओं ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को गंभीर मुद्दा बताया। नेताओं ने कहा कि बार-बार परीक्षाएं रद्द होने से विद्यार्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। प्रेस वार्ता में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
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कुंवर प्रणव चैंपियन पर जाति-आधारित आरोपों का नया वीडियो वायरल, पुलिस ने मामला दर्ज

Dehradun, Uttarakhand:एंकर पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और विवादों का हमेशा से चोली दामन का साथ रहा है। कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार आप फिर नए विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। देखिए आखिर क्या है पूरा मामला एक दिन पहले एक कुमार प्रणव सिंह चैंपियन का गाड़ी को ओवरटेक करने के मामले में किसी व्यक्ति को धमकाने का ऑडियो वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन किसी विवाद में फंसे हो। पहले भी धमकाने और गोलीबारी के मामलों में चैंपियन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है और वह जेल भी जा चुके हैं। हालांकि कुंवर प्रणव चैंपियन का कहना है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया हुआ ऑडियो वीडियो है। बाइट कुंवर प्रणव चैंपियन पूर्व विधायक कांग्रेस के senior नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इस मामले में कहा है कि कुंवर प्रणव चैंपियन जब कांग्रेस में थे तो भाजपा अक्सर हर मामले में कांग्रेस को कोसती थी। लेकिन अब जब कुंवर प्रणव चैंपियन भाजपा में है तो भाजपा को सभ्य नजर आते हैं। भाजपा को जवाब देना चाहिए कुंवर प्रणव चैंपियन के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे। किसी दलित व्यक्ति को जाति सूचक शब्दों से संबोधित करना किसी भी तरह से उचित नहीं है। ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए बाइट प्रीतम सिंह वरिष्ठ नेता कांग्रेस
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कोटा में Prahlad Gunjal के नेतृत्व में किसान-पशुपालक धरना, भूमि बेदखली के खिलाफ

Kota, Rajasthan:कोटा में प्रहलाद गुंजल का शक्ति प्रदर्शन: किसानों-पशुपालकों के साथ धरने पर बैठे, बोले- जमीनों से जबरन बेदखल किए जा रहे ग्रामीण कोटा। कांग्रेस नेता Prahlad Gunjal के नेतृत्व में गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और ग्रामीण कोटा के सीएडी सर्किल पर एकत्रित हुए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग, कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) और प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से कोटा और बूंदी जिलों के पशुपालकों तथा ग्रामीणों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। गुंजल ने कहा कि वन विभाग दशकों से जंगल क्षेत्रों में बसे गांवों की कृषि भूमि और पशु बाड़ों को उजाड़ने की कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीनों और आजीविका के साधनों से जबरन बेदखल किया जा रहा है। उनके अनुसार हाल ही में कोलाना और अमरकुंआ क्षेत्र में हुए विवाद इस स्थिति के ताजा उदाहरण हैं, जिनसे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है。 उन्होंने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण का दायरा बढ़ाकर सैकड़ों गांवों तक फैला दिया गया है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जमीनों और मकानों पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का आरोप था कि केडीए द्वारा उन गरीब परिवारों के मकानों और जमीनों को भी हटाया जा रहा है, जो पिछले 30 से 100 वर्षों से वहां निवास कर रहे हैं और नियमानुसार आवंटन के पात्र हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस कार्रवाई से लगभग 200 गांवों के लोग सीधे प्रभावित हो रहे हैं। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई की तुलना अंग्रेजी शासन से करते हुए कहा कि अपनी जमीन और आजीविका बचाने के लिए शांतिपूर्ण विरोध कर रहे ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। रानपुर थाना क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की。 धरने में वन अधिकार अधिनियम 2006 को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जो लोग पिछले 75 वर्षों या तीन पीढ़ियों से वन क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बेदखल नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही बरड़ क्षेत्र सहित अन्य इलाकों में दशकों से काबिज लोगों के विपरित कब्जों का नियमन कर उन्हें भूमि आवंटित करने की मांग भी रखी गई。 ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब शहरी भूमि कन्वर्जन के मामलों में बिल्डरों को 20 प्रतिशत सिवाईचक भूमि का पट्टा देने का प्रावधान है तो गांवों में वर्षों से निवास कर रहे लोगों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। धरने में आदिवासी भील समुदाय को संरक्षण देने और उनके अधिकारों की रक्षा करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रहलाद गुंजल ने कहा कि जिन गांवों की बात की जा रही है वे करीब 200 से 400 वर्ष पुराने हैं और वहां पीढ़ियों से लोग निवास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और दमनकारी नीतियों पर रोक नहीं लगाई तो बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। धरने में बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक, ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे。 प्रहलाद गुंजल धीरज गुर्जर कांग्रेस वरिष्ठ नेता
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