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Shailendra KumarShailendra KumarFollow29 Jan 2025, 12:21 pm

Basti - कुंभ मेले में हुई भगदड़ के दौरान लोगों की मौत पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

Gandhinagar, Uttar Pradesh:

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने प्रयागराज में हुई भगदड़ के दौरान हुई मौतों पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में अमहट स्थित मंदिर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. इस मौके पर घायल भक्तों की जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की गई. जिला अध्यक्ष ने मेले में हुई भगदड़ के लिए इंतजामों पर सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों से व्यवस्था सुधारने की बात की, न कि इसे भगवान के भरोसे छोड़ने का पक्ष लिया। 

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रतलाम में घनी आबादी के बीच अवैध कबाड़ गोदाम हटाने का प्रशासनिक अभियान जारी

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम मे बगैर सुरक्षा इंतज़ामों के और रिहायशी इलाकों मे संचालित कबाड़ा गोदामों पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। विरियाखेड़ी क्षेत्र मे कल नगर निगम और प्रशासन की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अवैध कबाड़ा गोदाम हटाने की मुहिम चलाई। लेकिन आज शहर के घने रिहायशी इलाके वेदव्यास कॉलोनी मे कार्रवाई उस वक्त अटक गई जब निगम अमला गोदाम खाली कराने पहुंचा। करीब एक घंटे तक इंतज़ार और समझाइश के बाद भी गोदाम नहीं हटाया जा सका, जिसके बाद संचालक को स्वयं गोदाम खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया, और कबाड़ा गोदाम खाली करने का इंतज़ार करते रहे स्थानीय रहवासियों मे इसको लेकर भारी नाराजगी है, क्योंकि इसी कबाड़ा गोदाम मे दिसंबर माह मे भीषण आग लगी थी। आग इतनी भयावह थी कि करीब चार दिन बाद उस पर काबू पाया जा सका था। हादसे मे आसपास के मकानों के तीन शेड भी जल गए थे, जिसके बाद से इलाके के लोग लगातार ऐसे गोदाम हटाने की मांग कर रहे हैं।
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धार की भोजशाला में शंकराचार्य ने सनातन आस्था और विकास का संदेश दिया

Dhar, Madhya Pradesh:धार, मध्यप्रदेश: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को नियमित सत्याग्रह और पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। माँ वाग्देवी की विधिवत पूजा, यज्ञ-हवन और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, जिसमें श्रद्धालाओं ने आहुतियां दीं। काशी सुमेरु पीठ के प्रमुख जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती भी भोजशाला पहुंचे और पूजा-पाठ में भाग लेकर सनातन परंपरा और आस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद धार की भोजशाला में धार्मिक आयोजन और सत्याग्रह जारी हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रही। यज्ञ-हवन, वैदिक मंत्रोच्चार और हनुमान चालीसा के बीच श्रद्धालुओं ने माँ वाग्देवी से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। शंकराचार्य ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन आस्था, श्रद्धा और संघर्ष की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भोजशाला में आने वाले श्रद्धालुओं पर लाठियां बरसती थीं, पर अब समय बदल चुका है और भक्तों पर पुष्प-वर्षा हो रही है। इंदौर हाईकोर्ट की बेंच ने निर्णय साक्ष्यों और पुरातत्व रिपोर्ट के आधार पर जो निर्णय दिया है, वह सनातन समाज की बड़ी जीत है। भोजशाला को महाराजा भोज द्वारा स्थापित माँ सरस्वती का प्राचीन मंदिर और ज्ञानस्थली बताया गया। उन्होंने कहा भोजशाला केवल मंदिर नहीं, गुरुकुल और शिक्षा का केंद्र रही है। यहाँ बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजा का महत्व रहा। भविष्य में भोजशाला को शिक्षा और संस्कार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। ब्रिटिश संग्रहालय में रखी माँ वाग्देवी की प्रतिमा को भारत लाने की मांग दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यदि मूल प्रतिमा वापस नहीं लाई जा सके तो यहां ग्रेनाइट या स्फटिक पत्थर से माँ सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला के भव्य विकास और कॉरिडोर निर्माण को लेकर की गई घोषणाओं का समर्थन करते हुए कहा कि भोजशाला जल्द ही अपना खोया हुआ गौरव और सम्मान पुनः प्राप्त करेगी। मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग उठाई गई कि मंदिरों के संसाधनों का उपयोग गुरुकुल, गौशाला और शिक्षा केंद्रों के विकास में होना चाहिए। बाइट: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती। भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों में फैसले को लेकर उत्साह है, वहीं आने वाले दिनों में भोजशाला के विकास और धार्मिक स्वरूप को लेकर गतिविधियां तेज होंगी। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि आज सत्याग्रह शंकराचार्य सहित शामिल हुए; पहले जहां केवल मंगलवार को ही पूजा-पाठ होता था, अब क्षेत्र के हिंदू समुदाय 365 दिन गौशाला में माँ की पूजा-अर्चना कर रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा की सराहना की गई और उम्मीद है कि मां वाग्देवी जल्द ही भोजशाला में आएंगी। पहली बार मुखिया भोजशाला में आए और मां की पूजा-आराधना की, तथा राजा भोज के ग्रंथों को यहां लाकर ज्ञानस्थली और भोज शोधपीठ स्थापित होंगे ताकि पीएचडी अध्ययन किया जा सके। बाइट: गोपाल शर्मा भोजशाला मुक्ति यज्ञ
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लोहरदगा में दंतेल हाथी के हमले से दहशत, महिला की मौत, ग्रामीण आक्रोश

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- जिला के भंडरा प्रखंड अंतर्गत मसमानों पंचायत के बेदाल टंगरा टोली ढाबा चौंरा में जंगली दंतेल हाथी के हमले से इलाके में दहशत फैल गया है। पति और बच्चें के साथ खेत में काम कर रही महिला पर हाथी ने हमला कर दर्दनाक मौत के घाट उतार दिया, जबकि साथ में मौजूद मासूम बालक और पतिबाल-बाल बच गए। मृतिका बेदाल टंगरा टोली निवासी कृष्णा उरांव की पत्नी प्रतिमा उराईन के रूप में हुई है। प्रतिमा उराईन अपने खेत में लगे गन्ने की फसल में काम कर रही थी। इसी दौरान जंगल से निकले एक विशालकाय दंतेल हाथी ने अचानक हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से महिला संभल भी नहीं सकीं और हाथी ने उसे बुरी तरह कुचल दिया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को हाथी के चंगुल से निकालकर गंभीर अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भंडरा पहुँचाया, लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही हो रही है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने मृतक परिवार को मुआवजा और हाथियों के आतंक से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है। डीएफओ ने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। और ग्रामीण हाथी के मार्ग को रोकने का काम न करें और न ही उसके करीब जाय।
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पीलीभीत के निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से एक मजदूर की मौत, 3 घायल

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत में निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से मलबे में 4 लोग दबे, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई जबकि 3 घायल हो गए। बताया जा रहा है कि कोतवाली बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद में राजेश अरविंद के निर्माणाधीन मकान का लिंटर खोलते समय शटरिंग के नीचे लगा लोहे का गाटर अचानक गिर गया जिसके साथ दीवार गिर गयी। जिससे शटरिंग के नीचे खड़े मजदूर मिस्त्री सहित 4 लोग मलबे में दब गए। चीख पुकार मचने पर स्थानीय लोग मौके पहुंच गए जिनकी मदद से मजदूरों को बाहर निकाला गया। जिसमें मजदूर रामचंद्र की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायल वीरेंद्र कुमार, ब्रजपाल और बुद्धसेन को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी बीसलपुर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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UP NEWS : निर्माणाधीन मकान की शटरिंग,गाटर और दीवार गिरने से चार लोग दवे,एक मजदूर की मौत तीन घायल

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत की कोतवाली बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद में राजेश अरविंद उर्फ राजू एडवोकेट के निर्माणाधीन मकान का लिंटर खोलते समय शटरिंग के नीचे लगा लोहे का गाटर निकालते समय अचानक दीवार गाटर और शटरिंग नीचे खड़े मजदूरों के ऊपर गिरने से मिस्त्री सहित 4 लोग मलवे में दब गए। चीख पुकार मचने पर स्थानीय लोग मौके पहुंच गए जिनकी मदद से मजदूरों को बाहर निकाला गया। जिसमें मजदूर रामचंद्र की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायल वीरेंद्र कुमार, ब्रजपाल और बुद्धसेन को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी बीसलपुर ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल रेफरकर दिया।
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गौरीबाजार विद्युत उपकेंद्र पर सपा कार्यकर्ताओं का धरना, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का विरोध

ASAmit SinghFollow10m ago
Gauri Khurd, Uttar Pradesh:समाजवादी पार्टी के युवा नेता एवं समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव महेश यादव के नेतृत्व में मंगलवार को गौरीबाजार विद्युत उपकेंद्र पर युवाओं व सपा कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे से जारी है। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कस्बों और शहरों की तुलना में काफी कम बिजली आपूर्ति की जाती है, जिससे गांव के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गांव और शहर के लोग समान रूप से टैक्स देते हैं और देश की उन्नति में बराबर की भागीदारी निभाते हैं, फिर बिजली आपूर्ति में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धरना शुरू होने के काफी समय बाद तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। सपा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बढ़ाने और समान व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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व्यारमा नदी के मगरमच्छ हमले से गांवों में दहशत, ग्रामीण चिंतित

Damoh, Madhya Pradesh:दहशत के साये में नदी किनारे बसे गांवों के लोग, मगरमच्छ लगातार कर रहे हमला... व्यारमा नदी को इलाके की जीवनदायिनी कहा जाता है और इस नदी की वजह से ना सिर्फ लोगों की प्यास बुझती है बल्कि खेती किसानी में भी व्यारमा नदी का अहम योगदान है लेकिन बीते कुछ महीनों से इस नदी ने लोगों को दहशत में डाल दिया है और कई गांवों के लोग इसके किनारे जाने से ही नहीं डर रहे बल्कि दिन रात खतरे की आशंका के मद्देनजर सो तक नहीं पा रहे और इसकी वजह इस नदी के मगरमच्छ है जो हमलावर हो गए है और लोगों पर लगातार जानलेवा हमला बोल रहे है। जिले के तेजगढ़ के कुलुआ दिनारी ग्राम पंचायत के गांवों के अलावा पचास से ज्यादा गांव दहशत के साये में है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक बारिश के समय नदी में पानी के तेज बहाव के बीच मगरमच्छ नदी से बाहर आ जाते थे और इस मौसम में ग्रामीण सतर्कता बरतते थे लेकिन बीते साल भर से किसी भी मौसम और समय मगरमચ્છ नदी से निकलकर रिहायशी इलाकों में आ जाते है और इस वजह से लोगों को खतरा बना रहता है। इस इलाके में ये मगरमच्छ हर दिन किसी न किसी जानवर को निशाना बना रहे है और पूरे क्षेत्र में सैकड़ों जानवर इन मगरमच्छों का निवाला बन चुके है। इसके साथ ही नदी में जाने वाले इंसानों को भी मगरमच्छों ने हमला कर निशाना बनाया है और बीते छह महीनों में करीब दो दर्जन लोगों को घायल किया गया है। एक बार फिर इस मामले को लेकर लोगों की चिंता बड़ी है। इस व्यारमा नदी के आसपास ही पुरानी बसाहट के हिसाब से घनी बस्तियां है स्कूल जैसे संस्थान है और हर पल खतरा भी बना है। इस मामले एक वन विभाग के अफसरों की माने तो व्यारमा नदी में दो-पाँच पानी बल्कि सैकड़ों मगरमच्छ है और इसे क्रोकोडायल नर्सरी भी माना जाता है मतलब ये नदी मगरमच्छों के लिए पसंद है लिहाजा इतनी बड़ी तादात में मगरमच्छों को देख पाना आम तौर पर संभव नहीं है लेकिन जब जब किसी घटना की सूचना मिलती है हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की जाती है और साल भर में लगभग दर्जन भर हमलावर मगरमच्छों को रेस्क्यू कर उन्हें भोपाल भेजा गया है। अभी भी कुलुआ के पास पिंजरे लगाए गए है आसपास मुनादी भी कराई गई है और लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की जा रही है।
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बिहार सरकार अफसर परिवार समेत पर्यटन स्थलों पर दो दिन: विपक्ष ने कहा ढकोसला

Patna, Bihar:बिहार सरकार के अधिकारी और कर्मचारी परिवार के साथ турист स्थल पर दो दिन प्रवास करेंगे। यह नियम तीन महीनों पर एक बार गतिविधि के रूप में मानक माना गया है। सरकार ने इसे पर्यटन को बढ़ावा देने का कदम बताया है, जबकि विपक्ष इसे ढकोसला और असंगत कदम करार दे रहा है। कार्यक्रम का नाम बिहार दर्शन रखा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने गृह जिला को छोड़ कर दूसरे जिले के पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे और दोनों रात वहां परिवार के सदस्यों के साथ बिताएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के जारी दिशा-निर्देशों में सभी प्रमंडलों के आयुक्त, जिलाधिकारी, एसपी सहित विभागीय प्रमुखों को यह निर्देश दिए गए हैं। विपक्ष सरकार के इस निर्णय की आलोचना कर रहा है; आरजेडी राजनीतिक सवाल उठा रही है जबकि कांग्रेस इसे नकल करने वाला फ्लॉप कदम बताकर ढकोसला कह रही है। इस प्रवास अवधि में कोई बैठक या सरकारी समीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा और तीन पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर तस्वीरें खींची जाएंगी, साथ ही स्थलों के लिए सुझाव भी जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त और सचिवालय में विभागीय अधिकारियों को दिए जाएंगे। सत्तापक्ष इसे एक बेहतरीन शुरुआत मान रहा है, वहीं विपक्ष आलोचना कर रहा है।
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अररिया के नरपतगंज की सड़कों का हाल छह महीनों में बदहाल—भ्रष्टाचार के आरोप

Forbesganj, Bihar:अररिया के नरपतगंज नगर पंचायत द्वारा बनाई गई सड़कों का हाल छह महीनों में ही बदहाल हो जा रहा है, सड़कों में गड्ढे पड़ गए हैं जिसमें पानी जमा हो जाने के कारण लोगों को आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत द्वारा बनाई गई सड़कों में घोर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में नगर पंचायत के अधिकारियों से लगातार लिखित शिकायत की गई है लेकिन अधिकारी आँखें बंद किए हुए हैं जिससे संवेदक मनमाने तरीके से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़कों का निर्माण करते हैं, ग्रामीणों ने मामले में दोषी संवेदकों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की धमकी दी है
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