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Shashank RathoreShashank RathoreFollow12 Jan 2025, 06:07 pm

बरेलीः भऊआपुर गांव में युवक का फांसी के फंदे पर लटकता मिला शव, भैंस चोरी का था आरोप

Bareilly, Uttar Pradesh:

बरेली कैंट थाना क्षेत्र के भऊआपुर गांव में भैंस चोरी के एक आरोपी का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। तीन दिन पहले गांव के राम गोपाल पर कुछ ग्रामीणों ने भैंस चोरी का आरोप लगाया था, लेकिन राम गोपाल इसे झूठा बताते रहे। अब उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और राम गोपाल की मौत की जांच शुरू कर दी है। राम गोपाल के परिजनों के मुताबिक, गांव के मुन्ने कश्यप आदि ने पुलिस से शिकायत की थी। जिसमें आरोप लगाया था कि रामगोपाल ने उनकी भैंस चोरी की है।

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मुजफ्फरपुर बाढ़ में फंसे 27 लोग NDRF ने रातों-रात बचाए

Muzaffarpur, Bihar:गंडक नदी के पानी ने कई पंचायत में तबाही मचा रखी है और वहां बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इसी बीच कुछ लोग बाढ़ राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों के बीच गए थे और उसके बाद एक मोटर वोट से लौट रहे थे तभी उनकी मोटर वोट अचानक पानी में फंस गई. मोटर वोट फंसने के कारण करीब 27 लोगों की जान पर आफत आ गई, लेकिन एनडीआरएफ की टीम सूचना मिलते ही रात के अंधेरे में देव दूत बनकर मौके पर पहुंचकर देर रात तक सभी का सफर रेस्क्यू कर सुरक्षित निकल लिया. दरअसल मुजफ्फरपुर के पारू और साहेबगंज प्रखंड में गंडक नदी का बांध टूटने के कारण कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और बाढ़ के कारण लोगों परेशान हैं और ऐसे में उनके मदद के लिए कई सामाजिक लोग आगे आकर राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरण कर रहे हैं. इसी क्रम कुछ सामाजिक लोग बाढ़ पीड़ितों के बीच मोटर वोट से राहत सामग्री बांट कर लौट रहे थे तभी उनका मोटर वोट गंडक नदी में फंस गया. जिसमें 27 लोग सवार थे. जिन्हें 9वीं वाहिनी NDRF की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया. एनडीआरफ टीम के अनुसार लगभग 27 लोग मोटर वोट के माध्यम से गंडक नदी के दूसरी ओर गए थे और वापस लौटने के दौरान मोटर वोट में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण सभी लोग नदी के बीच एक ऐसे स्थान पर फंस गए, जो चारों ओर से पानी से घिरा हुआ था. इस घटना की सूचना CO, पारू द्वारा NDRF टीम को दी गई. सूचना मिलते ही टीम कमांडर इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी शर्मा तथा टीम 2IC सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में 30 सदस्यीय NDRF रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई. NDRF टीम द्वारा गंडक नदी स्थित चक्की, सोहागपुर, फतेहाबाद और प्रखंड पारू से रेस्क्यू बोट लॉन्च की गई. टीम ने नदी की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच घटनास्थल तक पहुंचकर सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रूप से रेस্ক्यू किया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. रेस्क्यू के दौरान NDRF के प्रशिक्षित बचावकर्मियों द्वारा सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया और सभी लोगों के सकुशल बाहर निकाले जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं फंसे हुए लोगों के परिजनों/अभिभावकों ने NDRF टीम का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया. 9वीं वाहिनी NDRF द्वारा आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित रेस्क्यू तथा जनजीवन की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित किया गया.
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कटोया में आलोर दिशा: जनता की आवाज़ से शहर का विकास

Katwa, West Bengal:রাজা সবারে দেন মান, সে মান আপনি ফিরে পান” রবী ঠাকুরের এই পঙ্‌ক্তি যেন মনে করিয়ে দেয়, মানুষের কথা শুনে তাকে সম্মান দেওয়াও এক ধরনের নেতৃত্ব। সেই ভাবনাকেই যেন বাস্তবের মাটিতে নামিয়ে কাটোয়ায় শুরু হল ‘আলোর দিশা’। কাটোয়া বিধানসভায় বিধায়ক কৃষ্ণ ঘোষের উদ্যোগে আয়োজিত এই অনুষ্ঠানে কোনও একক কণ্ঠ নয়, জায়গা পেল শহরের সাধারণ মানুষের মতামত। কাটোয়া কেমন হোক, কীভাবে আরও সুন্দর ও উন্নত হোক, সেই প্রশ্নের উত্তর খুঁজতেই এক মঞ্চে জড়ো হলেন বিভিন্ন পেশা ও ভাবনার মানুষ। বিধায়ক কৃষ্ণ ঘোষ বলেন, আমি না থাকলেও আগামী দিনে এই আলোর দিশা থাকবে। সকলের মতামতকে গুরুত্ব দিয়ে পর্যালোচনা করে কাজ করা হবে। সকলের জন্যই এই উদ্যোগ।শহর মানে শুধু রাস্তা, আলো, বাড়ি কিংবা পরিকাঠামো নয়। শহর মানে তার মানুষ, তাদের স্মৃতি, সংস্কৃতি, খেলাধুলা, নাটক-যাত্রা আর প্রতিদিনের ছোট ছোট চাহিদা। ‘আলোর দিশা’র মঞ্চে তাই উঠে এল রবীন্দ্র পরিষদের মতো সাংস্কৃতিক পরিসরকে আরও আধুনিক করার ভাবনা,খেলার মাঠের প্রয়োজন, যাত্রা ও নাটকের সঙ্গে যুক্ত মানুষের আর্থিক সমস্যার কথাও। অর্থাৎ উন্নয়নের পরিকল্পনা শুধু উপর থেকে নয়, শহরের মানুষের মুখ থেকেই উঠে আসুক, এমনই এক প্রয়াস এই অনুষ্ঠান। স্থানীয় বাসিন্দা তথা শিক্ষিকা সায়ন্তনী ঘোষ বলেন,এই প্রথম কোনও খোলা জায়গায় এভাবে নিজের মতামত ভাগ করে নেওয়ার একটা জায়গা পেলাম। বিধায়কের এই উদ্যোগকে সাধুবাদ জানায়। আশা রাখি মানুষের মতামত অনুযায়ী কাজ হবে। বিধায়কের কথায়, ‘আলোর দিশা’ কোনও ব্যক্তি বা রাজনৈতিক দলের একার নয়, এটি কাটোয়াবাসীর জন্য একটি দীর্ঘমেয়াদি মঞ্চ। আজ যাঁরা মতামত জানালেন, তাঁদের পাশাপাশি আগামী দিনে যাঁরা এখনও নিজেদের কথা বলতে পারেননি, তাঁদেরও এই উদ্যোগের সঙ্গে যুক্ত করার লক্ষ্য রয়েছে। আলোর দিশা ফেসবুক পেজ থেকে নির্দিষ্ট গুগল ফর্মের মাধ্যমে মতামত জানাতে পারবেন শহরের সাধারণ মানুষ। সবমিলিয়ে সাধারণ মানুষকে বলার জন্য একটা খোলা জায়গা দেওয়া হয়েছিল এই অনুষ্ঠানের মাধ্যমে। হয়তো এভাবেই মানুষের কথা শুনে, তাঁদের সম্মান দিয়ে, ছোট-বড় সব কণ্ঠকে এক সুতোয় গেঁথে এগিয়ে চলার এটা একটা প্রচেষ্টা। আর সেখানেই যেন রবী ঠাকুরের সেই কথার নতুন অর্থ “রাজা সবারে দেন মান, সে মান আপনি ফিরে পান।”
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बाबा बागेश्वर की 500 किमी सनातन एकता रथ यात्रा पूरी तैयारी के साथ शुरू

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 11 से 15 अक्टूबर तक अपनी प्रस्तावित 500 किलोमीटर लंबी तीसरी सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा की पूरी तैयारी कर ली है. बाबा बागेश्वर ने बताया कि यह यात्रा पांच जिलों से होकर गुजरेगी. यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर रुककर श्रद्धालुओं और सनातनियों से संवाद किया जाएगा. इस दौरान राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा पाठ, 7 वचनों की शपथ तथा धर्म, संस्कृति और हिंदू एकता का संदेश दिया जाएगा. बाबा बागेश्वर ने पांचों जिलों पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह और सागर सहित देशभर के सनातनियों से यात्रा में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि जहां-जहां रथ यात्रा पहुंचे और सभा हो, वहां आसपास के गांवों के श्रद्धालु पहुंचकर अपनी सहभागिता दर्ज कराएं. साथ ही बागेश्वर शिष्यों, भक्तों और सुंदरकांड मंडलों द्वारा पीले चावल बांटकर देशभर के सनातनियों को यात्रा का निमंत्रण देने की बात कही गई. बाबा बागेश्वर ने हाथ जोड़कर बुंदेली भाषा में भी सभी से इस यात्रा में शामिल होकर अपनी आहुति देने का आह्वान किया.
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बॉक्सा जंगल की रॉयल बंगाल टाइगर ने आखिरकार खुद जंगल में प्रवेश किया

Alipurduar, West Bengal:আলিপুরদুয়ার == অবশেষে দুদিন পর নিজের ঘেরাটোপ থেকে বেরিয়ে গভীর জঙ্গলে ঢুকে পড়ল বক্সার রানী রয়েল বেঙ্গল টাইগার। গত ২ অক্টোবর রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারি ও কেন্দ্রীয় বন ও পরিবেশ মন্ত্রী ভুপেন্দ্র যাদবের উপস্হিতিতে বক্সা ব্রাঘ্র প্রকল্পে নতুন করে রয়েল বেঙ্গল টাইগারের পরিচয় ঘটান হয়। বিহারের বাল্মীকি ব্যাঘ্র প্রকল্পের বনাঞ্চল থেকে একটি স্ত্রী রয়েল বেঙ্গল টাইগার নিয়ে আসা হয়েছে। বক্সা জঙ্গলের ২৫ মাইল বনাঞ্চলে ঘেরাটোপে রাখা হয়েছিল টাইগারটিকে। ২ অক্টোবর গেট খুলে দিলেও জঙ্গলে বের হয়নি টাইগারটি। রবিবার বিকেল ৫ টা নাগাদ বাঘটি নিজেই ঘেরাটোপ ডিঙ্গিয়ে গভীর জঙ্গলে চলে যায়। রাতে সেই খবরটি বনমন্ত্রী মনোজ ওঁরাও द्वारा পোস্ট করা হয় এবং খুশির কথা প্রকাশ করা হয়।
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मुरादाबाद के गांव में तेंदुआ दोबारा दिखा, दहशत फैली; वन विभाग ने पिंजरे लगाए

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद मे फिर एक बार गांव मे दिखा तेंदुआ, इस बार कांठ तहसील के छजलेट थाना क्षेत्र के गांव रामनगर उर्फ़ रमपुरा मे देखा गया तेंदुआ, तेंदुए के गांव मे होने की सूचना के बाद ग्रामीणों मे दहशत का माहौल, गांव मे कुएँ के पास ईख के खेत के किनारे बैठा दिखाई दिया तेंदुआ, कार मे बैठे ग्रामीणों ने तेंदुए की बनाई वीडियो, बता दें पिछले करीब 2 महीने से कांठ एवं ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्रों मे बनी हुई है तेन्दुओ की दहशत, अब तक तेन्दुओ के हमले मे 30 से ज्यादा लोग घायल हो चुके जबकि 4 लोगो की मौत हो चुकी है, तो वहीँ अब तक वन विभाग ने कुल 27 तेंदुए रेस्क्यू किए है जिसमे 23 जीवित तेंदुए , 1 शावक एवं 3 मृत तेंदुओ के मिले शव शामिल है, प्रशासन ने भी तेन्दुओ कों पकड़ने के लिए अपनी मजबूत तैयारी कर रखी है और करीब 48 पिंजरे प्रभावित क्षेत्रों मे लगाए गये है एवम् वन विभाग की टीमें लगातार गांवो मे गश्त कर रही है।
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बाढ़ पीड़ितों के बीच जनप्रतिनिधियों को आक्रोश का सामना, विरोध के दृश्य वायरल

Chapra, Bihar:बाढ़ के आक्रोश का शिकार हो रहे जनप्रतिनिधि, वीडियो वायरल दो तस्वीरें कई सवाल छोड़ गईं, बाढ़ की त्रासदी के बीच लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंच रहा है। सामने आईं दो तस्वीरें सारण की मौजूदा स्थिति और बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश की कहानी बयां करती हैं। दोनों तस्वीरों में अलग-अलग जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के बीच उनका दर्द जानने और मदद पहुंचाने पहुंचे, लेकिन उन्हें भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पहली तस्वीर महाराजगंज के भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की है। तरैया विधानसभा के पानापुर इलाके में तटबंध टूटने के बाद सांसद बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उनके साथ गाली-गलौज भी की। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में सांसद ने संयम बनाए रखा। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और उनके दर्द को साझा करते हुए जल्द से जल्द राहत और समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया। दूसरी तस्वीर अमनौर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह की है। मंटू सिंह दूसरी बार अमनौर के विधायक हैं। वे भी बाढ़ प्रभावित इलाके में लोगों का हाल जानने पहुंचे थे। वहां कुछ युवकों के साथ उनकी नोकझोंक और गाली-गलौज की स्थिति बन गई। विधायक ने भी संयम का परिचय दिया और किसी तरह के विवाद में पड़ने के बजाय वहां से निकल जाना ही बेहतर समझा। इन दोनों घटनाओं को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा होता है—प्राकृतिक आपदा के समय जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के बीच उनका दर्द समझने और मदद पहुंचाने पहुंचेंगे, अगर उनका सामना इसी तरह के आक्रोश और दुर्व्यवहार से होगा, तो आखिर वे काम कैसे करेंगे? यह भी सच है कि बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा यूं ही नहीं है। कई दिनों से लोग पानी, भोजन, आवागमन, राहत सामग्री और सुरक्षित स्थान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में उनका आक्रोश समझ में आता है। लेकिन गुस्सा अपनी जगह है और जनप्रतिनिधियों के साथ गाली-गलौज या दुर्व्यवहार अपनी जगह। बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता—तीनों के बीच संयम, संवाद और सहयोग जरूरी है। सामने आईं ये दोनों तस्वीरें न केवल जनप्रतिनिधियों के सामने खड़ी चुनौती दिखाती हैं, बल्कि यह सोचने पर भी मजबूर करती हैं कि आक्रोश की अभिव्यक्ति आखिर कितनी दूर तक उचित है?
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अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध महराजगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई,पति-पत्नी गिरफ्तार

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज। पुलिस अधीक्षक महराजगंज श्री शक्ति मोहन अवस्थी (IPS)* के कुशल निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अवैध मादक पदार्थों की तस्करी/बिक्री के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में ,अपर पुलिस अधीक्षक महराजगंज के मार्गदर्शन में एवं क्षेत्राधिकारी फरेन्दा के पर्यवेक्षण में थाना बृजमनगंज पुलिस द्वारा अवैध गांजा की तस्करी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया। *घटना का विवरण—* दिनांक 04.10.2026 को थाना बृजमनगंज पुलिस टीम द्वारा अपराध एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान बनगड़िया तिराहे पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि हडियाकोट की तरफ से एक पुरुष एवं एक महिला अलग-अलग झोले/बड़ी पन्नी में गांजा लेकर पैदल बनगड़िया होते हुए फरेन्दा की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी फरेन्दा को अवगत कराया गया तथा पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर हडियाकोट-बनगड़िया मार्ग पर *मदारीपुर मोड़ से आगे सड़क किनारे जंगल में घेराबंदी कर संदिग्धों की निगरानी की गई।* कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए हुलिये के अनुसार एक पुरुष एवं एक महिला झोला व बड़ी पन्नी लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा दोनों को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम *होरीलाल जायसवाल पुत्र गिरीशचन्द्र जायसवाल, उम्र 52 वर्ष* एवं *चन्द्रावती पत्नी होरीलाल, उम्र 42 वर्ष,* निवासीगण *बंजरहा सोनबरसा, टोला सिसहनिया, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज* बताया। तलाशी के दौरान अभियुक्त *होरीलाल के कब्जे से 01 किलो 600 ग्राम गांजा* तथा अभियुक्ता *चन्द्रावती के कब्जे से 01 किलो 500 ग्राम गांजा* , कुल *03 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा* बरामद हुआ। इसके अतिरिक्त अभियुक्त *होरीलाल के कब्जे से एक अदद मोबाइल फोन एवं ₹280 नकद* बरामद हुए। पूछताछ में दोनों द्वारा बताया गया कि वे पति-पत्नी हैं तथा गांजा बेचने के उद्देश्य से फरेन्दा जा रहे थे। दोनों अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में लिया गया। उक्त बरामदगी एवं गिरफ्तारी के संबंध में थाना बृजमनगंज पर *मु0अ0सं0 238/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट* पंजीकृत कर अभियुक्तगण के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। *गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण* 1.होरीलाल जायसवाल पुत्र गिरीशचन्द्र जायसवाल, उम्र 52 वर्ष, शैक्षिक योग्यता- कक्षा 5वीं तक 2.चन्द्रावती पत्नी होरीलाल, उम्र 42 वर्ष, शैक्षिक योग्यता- अशिक्षित निवासीगण बंजरहा सोनबरसा, टोला सिसहनिया, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज। *बरामदगी का विवरण-* 03 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा 01 अदद मोबाइल फोन ₹280/- नकद *अपराधिक इतिहास-* अभियुक्त होरीलाल के विरुद्ध थाना लोटन, जनपद सिद्धार्थनगर में मु0अ0सं0 002/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट पंजीकृत है। *गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-* 1.थानाध्यक्ष श्री मदन मोहन मिश्र 2.व0उ0नि0 श्री तारकेश्वर वर्मा 3.हे0का0 आलोक कुमार 4.का0 अखिलेश यादव 5.का0 हृदयराम यादव 6.म0का0 पूजा सिंह 7.म0का0 साक्षी गौतम
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महाराजगंज खुले में शराब पीने वालों के विरुद्ध महराजगंज पुलिस का अभियान,123 स्थानों पर हुई सघन चेकिंग

Mahuwa, Uttar Pradesh:महराजगंज।* पुलिस अधीक्षक महराजगंज *श्री शक्ति मोहन अवस्थी (IPS)* के निर्देशन में जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, सार्वजनिक स्थानों पर शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा खुले में शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा *शराब की दुकानों के आसपास, बाजारों, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों* पर सघन चेकिंग एवं भ्रमण किया गया। पुलिस टीमों द्वारा खुले में शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन न करने के संबंध में आवश्यक हिदायत दी गई तथा नियमानुसार उनके विरुद्ध *चालानी कार्रवाई* की गई। अभियान के दौरान जनपद में *कुल 123 स्थानों पर चेकिंग* की गई, जिसमें खुले में शराब का सेवन करते पाए गए कुल *1351 व्यक्तियों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई* की गई। *महराजगंज पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने, नशे की हालत में सार्वजनिक शांति भंग करने अथवा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।* पुलिस द्वारा शराब की दुकानों एवं उनके आसपास विशेष निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर किसी व्यक्ति द्वारा अशांति, हुड़दंग अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न की जा सके। महराजगंज पुलिस की *आमजन से अपील* है कि *सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन न करें तथा जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।* अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
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गुना अस्पताल में दिव्यांग भाई को बहन ने कंधे पर ले जाकर पहुंचाया, सवाल

Guna, Madhya Pradesh:GUNA (MP) - अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य की पोल खोलती तस्वीर...गुना के अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक बहन अपने दिव्यांग भाई को कंधे पर बैठाकर वार्ड तक ले जाती दिखाई दे रही है। भाई खुद चलने में सक्षम नहीं है। बहन का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसे मरीज को अंदर ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला, जिसके बाद उसने भाई को अपनी पीठ पर बैठाया और खुद वार्ड तक पहुंचाया। - मामला राघौगढ़ क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव का बताया जा रहा है। यहां की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। कृष्णाबाई के मुताबिक, जगदीश पिछले करीब एक साल से बीमार है और दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। - कृष्णाबाई का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उसने मदद की उम्मीद की, लेकिन उसके मुताबिक मरीज को वार्ड तक पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। ऐसे में उसने खुद ही भाई को कंधे पर बैठाया और अस्पताल के अंदर लेकर गई। - इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी की बात से इनकार किया है。 - प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर मौजूद हैं। क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पुराने अस्पताल के आसपास भी स्ट्रेचर उपलब्ध रहते हैं। मरीजों को अंदर ले जाने के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। - अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कई बार मरीज के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर वार्ड तक ले जाते हैं। जरूरत पड़ने पर अस्पताल के कर्मचारियों को सूचना देकर मदद ली जा सकती है。 - एक तरफ अस्पताल प्रबंधन पर्याप्त संसाधन और स्टाफ उपलब्ध होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरी तरफ सामने आई तस्वीर व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है।
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मधेपुरा विद्युत रेल इंजिन फैक्ट्री के पास ग्रामीणों का आंदोलन घोषित, भ्रष्टाचार का आरोप

Madanpur, Bihar:मधेपुरा में विद्युत रेल इंजन कारखाना क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। रविवार को चकला में ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें कारखाना प्रबंधन की ओर से सीएसआर और जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्थानीय स्तर पर कराए जा रहे कार्यों और सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीणों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि रेल इंजन फैक्ट्री प्रबंधन के द्वारा घोर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा सीएसआर के तहत हो रहे काम में भी कोई पारदर्शिता नहीं है लोगों को ठगा गया है। लोगों ने कहा कि जिस समय जमीन लिया जा रहा था तो कहा गया था कि हर परिवार में एक लोग को नौकरी दी जाएगी लेकिन आज नौकरी के नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर अभिलंब हमारी मांगों पर फैक्ट्री प्रबंधन अमल नहीं करती है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का आगाज किया जाएगा और फिर धरना प्रदर्शन से शुरू हुए आंदोलन फैक्ट्री बंद तक किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा की स्थापना के बाद से ही ठगा गया है लेकिन अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी अगर जल्द मांगों को नहीं मांगा गया तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
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एनएच-31 का गड्ढा भरकर युवाओं ने दिखाई मिसाल, सरकार पर दबाव बढ़ा

Katihar, Bihar:प्रेरणादायक स्टोरी -- हमने गड्ढा नहीं, हादसे का रास्ता बंद किया है युवाओं की पहल बनी मिसाल विभाग ने नहीं सुनी तो युवाओं ने संभाला मोर्चा, चंदा जुटाकर भर दिया सड़क का गड्ढा एक महीने से एनएच-31 पर बना था जानलेवा गड्ढा, हादसे में युवक हुआ गंभीर घायल हादसे ने युवाओं को झकझोरा, फिर खुद उठाया फावड़ा सरकारी इंतजार छोड़ युवाओं ने खुद खरीदी सीमेंट, बालू और गिट्टी कुरसेला-गेड़ाबाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर कई जगह सड़क बदहाल जब सड़क का गड्ढा लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई पहल नहीं हुई, तो कुरसेला के युवाओं ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने न तो किसी सरकारी मदद का इंतजार किया और न ही व्यवस्था को कोसते हुए हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। युवाओं ने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट, बालू और गिट्टी खरीदी और श्रमदान कर सड़क के जानलेवा गड्ढे को भर दिया। युवाओं की इस पहल से जहां राहगीरों को तत्काल राहत मिली, वहीं यह कदम सरकारी व्यवस्था के लिए भी एक सवाल छोड़ गया कि जिस सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है, उसके लिए स्थानीय युवाओं को अपनी जेब से पैसे क्यों जुटाने पड़े ? स्थानीय युवक संजय, मुकेश और मोहम्मद तनवीर ने बताया कि कुरसेला से गेड़ाबाड़ी तक एनएच-31 के कई हिस्सों में सड़क की स्थिति खराब है। जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे विशेषकर बाइक सवारों को खतरा बना रहता है। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाली के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि सड़क की मरम्मत करना उनकी मजबूरी बन गई थी। उनका उद्देश्य किसी विभाग के खिलाफ खड़ा होना नहीं, बल्कि किसी दूसरे परिवार को उस दर्द से बचाना है, जिससे एक घायल युवक का परिवार गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क जनता के लिए है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सभी की है। लेकिन स्थायी समाधान संबंधित विभाग को ही करना होगा। युवाओं ने मांग की कि कुरसेला से गेड़ाबाड़ी तक एनएच-31 का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए। सरकारी व्यवस्था की प्रतीक्षा करने के बजाय अपने स्तर पर सड़क के गड्ढे को भरने वाले युवाओं की पहल इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ गड्ढा भरने की कहानी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकार की मिसाल है। युवाओं ने दिखा दिया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए हमेशा किसी बड़े संसाधन की जरूरत नहीं होती। जरूरत होती है तो सिर्फ पहल करने की। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत अस्थायी राहत है और सड़क की स्थायी मरम्मत अब संबंधित विभाग को तत्काल करनी चाहिए。
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