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बांदा की युवती मानव तस्करी का शिकार, दुबई कोर्ट में सुनाई गई फांसी की सजा
Goyara Mugali, Uttar Pradesh:बांदा के गोयरा मुगली गांव की युवती मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर दुबई पहुंच गई। फेसबुक से दोस्ती कर आगरा के व्यक्ति ने उसे प्रेम में फंसाया और उसके गहने और बैंक अकाउंट के पैसे लेकर उसे अपने रिश्तेदार दंपति को बेच दिया। दुबई में इस दंपति ने युवती पर बच्चे की हत्या का आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया। दुबई की कोर्ट ने युवती को फांसी की सजा सुनाई है। मानव तस्कर युवक समेत 4 आरोपियों के खिलाफ सीजेएम बांदा ने मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई का आदेश दिया है।
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देवघर की अनोखी परंपरा: विजयदशमी पर रावण दहन नहीं
Deoghar, Jharkhand:विजयदशमी को रावण दहन की परंपरा रही है लेकिन देवघर एक मात्र ऐसा शहर है जहां पर रावण दहन नहीं किया जाता इसका सबसे बड़ा कारण है कि आज बैद्यनाथ धाम रावण की वजह से है आज सबों की रोजी-रोटी रावण की वजह से चल रही है रावण यहां पूजनीय है और जो पूजनीय होते हैं उनका दहन नहीं किया जाता बाबा मंदिर के तीर्थ पुरोहित बताते हैं कि बैद्यनाथ धाम के झूमर में भी रावण का बखान किया गया है और रावण का आभार जताया गया है रावण एक ब्रह्म राक्षस के साथ-साथ महा ज्ञानी थे रावण ने यहां बाबा भोलेनाथ को स्थापित किया था और इसी बाबा के शिवलिंग की वजह से या नगरी बैद्यनाथ धाम और ज्योतिर्लिंग के नाम से प्रसिद्ध हुई इस शहर की पहचान बाबा भोलेनाथ है आज यह शहर भोलेनाथ की कृपा से जी रहा है और जहां की जनता रावण के इस कार्य से आज अपनी रोजी-रोटी चल रहे है और शहर की ख्याति पूरे विश्व में है उसे श्रवण का पुतला दहन नहीं किया जाता है यहां रावण को आराध्य देव माना जाता है और यहां पर रावण दहन की परंपरा नहीं है0
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दिल्ली के कालका जी मंदिर में कन्या पूजन से नवरात्र का समापन, भक्त उत्साहित
New Delhi, Delhi:दिल्ली के प्रसिद्ध कालका जी मंदिर में नवरात्र के आखिरी दिन किया गया कन्याओं का पूजन भोजन,उपहार और दक्षिणा देकर किया गया कन्याओं की विदाई इस नवरात्र के आखिरी दिन महानवमी श्रद्धालुओं के द्वारा धूम-धाम से मनाया गया और वही श्रद्धालु आज अपने पूजा का समापन कन्या पूजन के साथ समाप्त करेंगे। कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत के द्वारा कन्या पूजन का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कन्याओं का पूजन किया गया और उन्हें भोजन कराया गया और दक्षिणा देकर विदाई की गई। इसके साथ आज नवरात्र का समापन हो गया है और जो भी श्रद्धालु नवरात्र के अवसर पर पूरे 9 दिन अन्न का सेवन नहीं करते वे आज से अन्न का सेवन कर सकेंगे। वही इस दौरान कन्या पूजन के बाद मीडिया से बात करते हुए काल्काजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि शक्ति की पूजा में कन्या पूजन अनिवार्य अनुष्ठान है। कन्या को साक्षात परब्रह्म स्वरूप माना गया है। उनके आयु के अनुसार 2 वर्ष की अर्धकुमारी, 3 वर्ष की त्रिमूर्ति, 4 वर्ष की कल्याणी, 5 वर्ष की रोहिणी, 6 वर्ष की कालिका, 7 वर्ष की चंडिका 8 वर्ष की श्यामभी और नव वर्ष की कन्या को साक्षात देवी का स्वरूप माना जाता है। दिव्यज्ञान की प्राप्ति के लिए ब्राह्मण कन्या, शत्रुओं पर विजय के लिए क्षत्रिय कन्या और व्यापार में वृद्धि के लिए वैश्य कन्या का पूजन किया जाता है ताकि उन्हें मनवांछित फल प्राप्त हो। आगे उन्होंने बताया कि आज अष्टमी सुबह 10:27 तक रहेगी उसके बाद नवमी शुरू हो जाएगा ऐसे में अष्टमी और नवमी के बीच में कन्या का पूजन करना अतिशुभदायक होता है। कालकाजी मंदिर में 9 सुंदरी कन्याओं का चयन किया जाता है क्योंकि माता स्वयं सुंदरी है ऐसे में किसी भी कन्या का अंग भंग नहीं होना चाहिए इसके पश्चात ही कन्या पूजन शुरू किया जाता है। यह भी बताया गया कि शारदीय नवरात्रि 2026 में कन्या पूजन और हवन के बाद आज महानवमी एवं नवरात्रि का समापन हो रहा है। नवरात्र में कन्या पूजन के बाद मां दुर्गा की आरती, प्रसाद वितरण, कन्याओं का सम्मानपूर्वक विदाई संस्कार और पूजा सामग्री का उचित प्रबंधन किया जा सकता है। इन परंपराओं का मूल भाव श्रद्धा, सेवा, स्वच्छता और सम्मान है.0
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जलपाईगुड़ी रामकृष्ण मठ में कुमारि पूजा श्रद्धालुओं का उत्साह
Jalpaiguri, West Bengal:নিয়ম-নিষ্ঠা ও ধর্মীয় আচার মেনে জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে কুমারী পুজো, ভক্তদের ঢল। দুর্গাপুজো উপলক্ষে জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমে অনুষ্ঠিত হলো ঐতিহ্যবাহী কুমারী পুজো। এই পুজো দর্শন করতে সোমবার আশ্রমে ভিড় জমালেন অসংখ্য ভক্ত ও দর্শনার্থী। শুধু জলপাইগুড়ি জেলা নয়, পার্শ্ববর্তী বিভিন্ন জেলা থেকেও বহু মানুষ এই পুজো দেখতে উপস্থিত হন। রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমের কুমারী পুজো ধর্মীয় আচার-অনুষ্ঠান ও কঠোর নিয়ম-নিষ্ঠার সঙ্গে সম্পন্ন হয়। এই পুজোর অন্যতম আকর্ষণ একটি শিশু কন্যাকে দেবী দুর্গার প্রতীক হিসেবে কুমারী রূপে পুজো করা। আশ্রমের মহারাজের পৌরোহিত্যে সম্পূর্ণ ধর্মীয় রীতিনীতি মেনে এই পুজো অনুষ্ঠিত হয়। ভক্তি, নিষ্ঠা ও আধ্যাত্মিক পরিবেশে কুমারী পুজো দেখতে সকাল থেকেই আশ্রমে ভক্তদের সমাগম হতে থাকে। এ বছর জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রম의 দুর্গাপুজো আরও একটি বছর পূর্ণ করল। সারা বছর ধরে এই পুজোর জন্য অপেক্ষা করে থাকেন বহু ভক্ত। বিশেষ করে কুমারী পুজোকে কেন্দ্র করে মানুষের মধ্যে আলাদা উন্মাদনা দেখা যায়। কোনো ধরনের জাঁকজমক ছাড়াই প্রাচীন ঐতিহ্য ও ধর্মীয় রীতিনীতি মেনে আশ্রমে পুজো সম্পন্ন হয়। কঠোর নিরাপত্তার ব্যবস্থার মধ্য দিয়ে ভক্তদের উপস্থিতিতে কুমারী পুজো অনুষ্ঠিত হয়। দূরদূরান্ত থেকে আসা দর্শনার্থীরা পুজো দর্শন করে ভক্তিভরে প্রার্থনা জানান। সব মিলিয়ে ধর্মীয় নিষ্ঠা, আধ্যাত্মিক পরিবেশ ও ঐতিহ্যের মেলবন্ধনে জলপাইগুড়ি রামকৃষ্ণ মিশন আশ্রমের কুমারী পুজো ঘিরে এদিন উৎসবমুখর হয়ে ওঠে গোটা আশ্রম চত্বর। এই বছরের কুমারী হয়েছে হৃতিকা চক্রবর্ত্তী বাবা - মৃন্ময় চক্রবর্ত্তী মা - অমৃতা চক্রবর্ত্তী দিদি - মোনালী চক্রবর্ত্তী বাড়ির ঠিকানা- নিউটাউন পাড়া, জলপাইগুড়ি বাবা পেশায় গ্রাম পঞ্চায়েত কর্মচারী মা পেশায় প্রাথমিক বিদ্যালয়ের শিক্ষিকা কুমারী সেন্টপল্স স্কুল এর প্রথম শ্রেণীর ছাত্রী বয়স ৬ বছর ১০ মাস।0
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मध्य प्रदेश चुनाव: कांग्रेस का आंदोलन बीजेपी के खिलाफ नया दांव
Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल मध्य प्रदेश में चुनाव के रास्ते आंदोलन को ढाल बनाएगी कांग्रेस आगामी 6 महीने में लगातार नवंबर से शुरू हो जाएंगे कांग्रेस के आंदोलन जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन करेंगे कांग्रेस के प्रदेश भर में पदाधिकारी विधानसभा और लोकसभा चुनाव से 2 साल पहले कांग्रेस ने आंदोलन का चुना रास्ता मध्य प्रदेश में अलग-अलग चरणों में होंगे आंदोलन बीजेपी असफलता और जनता के मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जाएगा बीजेपी वाले कहते थे कि विपक्ष कहां है अब विपक्ष बताया कि कैसे विपक्ष काम करता है हजारों कार्यकर्ताओं को मुद्दे को उठाने के लिए ट्रेनिंग दी गई कांग्रेस का संगठन पूरी तरह का समाप्त है सोशल मीडिया से शुरू हुए आंदोलन को अपनी नीति बनती है कांग्रेस के पास ना नेता है ना सिद्धांत है ना जनता के मुद्दे उठाती है कांग्रेस का यह अभियान फ्लॉप साबित होगा0
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गयाजी में सोने की लंका थीम दुर्गा पंडाल नवरात्रि में आकर्षण का केंद्र
Gaya, Bihar:गयाजी में सोने की लंका थीम पर बना भव्य दुर्गा पंडाल, गोल्डन रोशनी में जगमगाता नजारा देखते ही बन रहा. इस बार नवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार की पावन भूमि गयाजी में कुछ ऐसा हुआ है, जिसे देखकर हर कोई हैरान और मंत्रमुग्ध है. इस बार गयाजी के केदारनाथ मार्केट में माँ दुर्गा का स्वागत करने के लिए बनाई गई है—'सोने की लंका'. चारों तरफ फैले गोल्डन लाइटों के उजाले में नहाया यह भव्य पंडाल किसी राजमहल से कम नहीं लग रहा. दूर-दूर से लोग इस अद्भुत नजारे को देखने खिंचे चले आ रहे हैं. इस पंडाल को बिल्कुल रामायण की पौराणिक 'स्वर्ण लंका' की तर्ज पर तैयार किया गया है। बारीक नक्काशी, ऊँचे गुंबद और सुनहरी रोशनी में चमकती इसकी दीवारें देखते ही बनती हैं. जैसे ही आप इस भव्य पंडाल के अंदर कदम रखते हैं, आपको एक अलग ही अलौकिक ऊर्जा और शांति का अहसास होता है. पंडाल के केंद्र में विराजमान माँ शेरावाली की अलौकिक और सौम्य प्रतिमा श्रद्धालुओं का दिल जीत रही है. भक्ति और कला का यह अनोखा संगम लोगों को भावविभोर कर रहा है. रात के समय जब यहाँ की लाइट्स ऑन होती हैं, तो पूरा परिसर सोने की तरह दमक उठता है. शहर भर से आए लोग यहाँ सेल्फी लेने और इस जादुई नजारे को अपने कैमरों में कैद करने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं. अगर आप भी इस बार नवरात्रि में गयाजी में हैं, तो इस अद्भूत 'सोने की लंका' थीम वाले पंडाल के दर्शन करना बिल्कुल न भूलें.0
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रायपुर दशहरा: 101 फीट रावण समेत पुतलों का दहन, इलेक्ट्रिक आतिशबाजी पहली बार
Raipur, Chhattisgarh:दशहरा उत्सव को लेकर रायपुर में तैयारी तेज है, रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में भी भव्य तैयारी है. इसबार कल दशहरे की शाम 101 फीट के रावण के पुतले का और 85-85 फीट के मेघनाद और कुंभकरण के पुतले का दहन होगा. वहीं इसबार बेहद खास होने वाला है यहां इलेक्ट्रिक आतिशबाजी जो बगैर बारूद के होगी. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे.0
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गरबा मैदान में तलवार लेकर घुसे गुंड, वरप में दहशत; 4 गिरफ्तार
Thane, Maharashtra:ब्रेकिंग... कल्याण ग्रामीण भागातील वरप मध्ये गरब्यात तलवारी घेऊन दहशत - जिल्हा परिषद शाळेच्या पटांगणात सराईत गुन्हेगारांचा राडा - दोन दिवसांपूर्वीच्या वादातून तरुणाला मारण्यासाठी आल्याची माहिती - CCTV समोर - कल्याण तालुका टिटवाळा पोलिसांकडून ८ जणांवर गुन्हा - ४ ताब्यात... गरब्यात तलवारी घेऊन दहशत - वरप ZP शाळेच्या मैदानात गुंडांचा धुडगूस - नाच थांबवला, नागरिकांची पळापळ... CCTV मध्ये कैद झाला थरार - 3-4 बाईकवरून 5-6 तरुण तलवारी घेऊन गरब्यात घुसले - टिटवाळा पोलिसांची कारवाई - 4 जण ताब्यात... या घटनेची माहिती मिळताच टिटवाळा पोलिसांनी तात्काळ कारवाई केली आहे. टिटवाळा पोलिसांकडून सात ते आठ jणांविरोधात गुन्हा दाखल करण्यात आला असून, चार जणांना ताब्यात घेतल्याची माहिती आहे. वरप-कांबा परिसरात वारंवार अशा दहशतीच्या घटना घडत असल्याने येथे स्वतंत्र पोलीस ठाणे उभारण्याची मागणी ग्रामस्थांकडून अनेक दिवसांपासून होत आहे. या घटनेतील आरोपींवर कठोरात कठोर कारवाई करावी, अशी मागणी ग्रामस्थांनी केली आहे.0
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दिल्ली के कालकाजी मंदिर में नवरात्र के आखिरी दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
New Delhi, Delhi:आज नवरात्र का आखिरी दिन है और आखिरी दिन दिल्ली के प्रसिद्ध कल्काजी मंदिर में माता कालका के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखा जा रहा है जहाँ आज सुबह से ही श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने के लिए लंबी लाइनों में लगकर माता कालका के दर्शन कर रहे हैं इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लंबी लाइन में लगकर माता के भवन तक पहुंच रहे हैं और माता की जय कार्य करते हुए नवरात्र के आखिरी दिन माता कालका के दर्शन कर रहे हैं. वही हम आपको बता दे कालकाजी मंदिर में सालों भर माता कालका के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ देखी जाती है लेकिन नवरात्र के अवसर पर विशेष तौर पर कालकाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पूजा का विशेष आयोजन होता है इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने के लिए पहुंचता है जिसको देखते हुए बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्ध सैनिक बल की तैनाती की जाती है और मंदिर के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे के साथ ही सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाता है आज नवरात्र का आखिरी दिन है ऐसे में श्रद्धालुओं के भेद नवरात्र के आखिरी दिन भी देखने को मिल रहा.0
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कोटा के आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने बड़ा खुलासा किया
Noida, Uttar Pradesh:kota aaropi arrest0
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कश्मीर के दुर्गानाग मंदिर में अष्टमी-नवमी का दुर्लभ संयुक्त उत्सव
Chaka, अष्टमी-नवमी का दुर्लभ संयोग पर कश्मीर में मंदिरों में धूम। कश्मीरी पंडितों ने ऐतिहासिक दुर्गानाग मंदिर में घर वापिस 90 के दशक से पहले वाले भाईचारे की प्रार्थना की। इस साल एक दुर्लभ और शुभ संयोग के चलते महा अष्टमी और महा नवमी एक ही दिन पड़े, जिससे नवरात्रि का नौवां दिन पूरे कश्मीर में एक बड़े उत्सव में बदल गया। कश्मीरी पंडितों ने इस अवसर को गहरी धार्मिक आस्था, विस्तृत अनुष्ठानों और सच्चे मन से की गई प्रार्थनाओं के साथ मनाया। इस दौरान समुदाय ने एक बार फिर अपने अतीत को याद किया और साथ ही बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जताई। इन उत्सवों का मुख्य केंद्र श्रीनगर का ऐतिहासिक दुर्गानाग मंदिर रहा, जो पूरी कश्मीर घाटी में माता दुर्गा की एकमात्र 'स्थापना' (मंदिर) है। 1990 के दशक से पहले, यह मंदिर बड़े उत्सवों का एक जीवंत केंद्र हुआ करता था, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते थे। आज भी यहाँ भक्तों का तांता लगा रहा, जिन्होंने प्रार्थना की और माता को फूल, फल तथा पारंपरिक कश्मीरी शाकाहारी व्यंजन अर्पित किए। दिन भर विशेष पूजा-अर्चना हुई, जिसमें लगातार मंत्रों का जाप और 'दुर्गा सप्तशती' का पवित्र पाठ किया गया। मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय था; हवा में धूप-अगरबत्ती की सुगंध और शंख की ध्वनि गूंज रही थी। कश्मीरी पंडितों के लिए, इस साल अष्टमी और नवमी का एक साथ पड़ना विशेष भावनात्मक महत्व रखता है। महा नवमी देवी दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। जो बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत को दर्शाती है। दशकों तक उथल-पुथल झेलने वाली इस भूमि पर, शक्ति, धैर्य और दैवीय सुरक्षा का संदेश लोगों के दिलों को छू गया। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ 'कन्या पूजन' किया, जिसमें छोटी बच्चियों को देवी का साक्षात रूप मानकर उनकी पूजा की गई और उनसे सुख-समृद्धि, सुरक्षा तथा शांति का आशीर्वाद मांगा गया। कई नए मंदिर खुल रहे हैं और हालात हर दिन बेहतर हो रहे हैं। हम चाहते हैं कि ऐसा ही माहौल बना रहे। हमने उसी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के लिए प्रार्थना की, जिसके साथ हम कभी रहा करते थे। हमारी कामना है कि वह भाईचारा फिर से लौट आए। दुर्गानाग मंदिर में बुजुर्गों ने याद किया कि कैसे कभी यहाँ भव्य उत्सव हुआ करते थे, जो पूरी घाटी के लोगों को एक साथ ले आते थे। उन्होंने इच्छा जताई कि भक्ति और आपसी भाईचारे का वही माहौल न केवल इस पवित्र स्थल पर, बल्कि पूरे क Kashmir के सामाजिक ताने-बाने में भी जल्द लौट आए। कई अन्य लोगों ने भी यही भावना दोहराई और एक ऐसी उम्मीद का जिक्र किया जो भले ही शांत है, लेकिन लगातार बढ़ रही है। समुदाय की prarthnanाओं में अक्सर 'नब्बे के दशक से पहले के हालात' का जिक्र आता है। 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद बढ़ने से पहले, कश्मीर अपनी मिली जुली संस्कृति 'कश्मीरियत' के लिए जाना जाता था, जहाँ हिंदू और मुसलमान एक जैसी परंपराओं, त्योहारों और जीवनशैली को साझा करते थे। उन वर्षों में पंडित समुदाय के बड़े पैमाने पर पलायन ने गहरे जख्म दिए थे। आज, जैसे-जैसे सुरक्षा हालात बेहतर हो रहे हैं और मंदिरों का जीर्णोद्धार करके उन्हें फिर से खोला जा रहा है, समुदाय के कई लोग इसे सामान्य स्थिति की ओर धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से लौटने के संकेत के रूप में देख रहे हैं। हाल के वर्षों में पंडित समुदाय के साथ भरोसा फिर से कायम करने के लिए सरकार ने जो प्रयास किए हैं, जैसे पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार और धार्मिक आयोजनों में मदद करना उन्होंने इस सावधानी भरी उम्मीद को और बढ़ाया है। धार्मीअनुष्ठानों से परे, यह त्योहार सांस्कृतिक निरंतरता को बनाए रखने का एक शांत संदेश भी था। विस्थापन और तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी परंपराओं को जीवित रखने वाले इस समुदाय के लिए, ऐसे दिन उनके विश्वास को और मजबूत करते हैं। विस्तृत पूजा-अर्चना, सामूहिक प्रार्थना, और देवी तथा छोटी बच्चियों के प्रति सम्मान ये सब उस समुदाय के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं जो अपनी विरासत को सहेज कर रखना चाहता है। साथ ही, वे एक ऐसे क Kashmir के लिए प्रार्थना कर रहे हैं जहाँ आपसी सद्भाव एक बार फिर से जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन जाए। दिन भर के अनुष्ठान पूरे होने पर, दुर्गानाग से एक स्पष्ट संदेश मिला। महा अष्टमी और महा नवमी ने कश्मीरी पंडितों को न केवल शक्ति और समृद्धि के लिए माता दुर्गा का आशीर्वाद पाने का अवसर दिया, बल्कि एक गहरी सामूहिक इच्छा को व्यक्त करने का मौका भी दिया: कि बीते समय का माहौल एक दिन फिर लौट आए, घाटी फिर से मिल-जुलकर मनाए जाने वाले त्योहारों और आपसी सम्मान की जगह बन जाए, और देवी की कृपा-दृष्टि के साये में 'कश्मीरियत' की भावना पूरी तरह से बहाल हो सके। फिलहाल, पूरी आस्था और दृढ़ता के साथ प्रार्थनाएं जारी हैं। इस शांत विश्वास के साथ कि हर बीतता दिन इस समुदाय को उस शांति के थोड़ा और करीब ला रहा है, जिसे वे कभी जानते थे।0
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चिंतपूर्णी मंदिर में महाअष्टमी के साथ धूमधाम, भक्तों की भारी भीड़
Una, Himachal Pradesh:विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी के दरबार में आज शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। माँ के जयकारों से पूरा चिंतपूर्णी धाम गुंजायमान रहा। सुबह से ही देश-विदेश और विशेषकर पड़ोसी राज्य पंजाब, दिल्ली व हरियाणा से आए हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। महाअष्टमी के विशेष उपलक्ष्य पर मंदिर प्रशासन और पुजारियों द्वारा माता रानी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। माँ चिंतपूर्णी को भव्य रूप से सजाया गया और उन्हें छप्पन भोग अर्पित किए गए। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित मुख्य हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां डाली गईं। परंपरा के अनुसार, लोक-कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना के साथ प्रतीकात्मक रूप से नारियल की बलि भी दी गई। पंचांग के अनुसार इस बार तिथियों का विशेष संयोग देखने को मिला। आज महाअष्टमी की तिथि सुबह 10:51 बजे तक ही थी, जिसके चलते सुबह के समय ही श्रद्धालुओं ने उपवास, दर्शन और पूजा के विधान पूरे किए। सुबह 10:51 बजे के ठीक बाद महानवमी की तिथि शुरू हो गई। इसके चलते कई श्रद्धालुओं ने दोपहर बाद से ही नवमी के पूजन की शुरुआत कर दी। माता चिंतपूर्णी के इस पावन मेले में पंजाब और अन्य राज्यों से आई दर्जनों सामाजिक व धार्मिक लंगर संस्थाओं ने श्रद्धालुओं की खूब सेवा की। महाअष्टमी के मौके पर इन संस्थाओं द्वारा पारंपरिक कन्या पूजन (कंजक पूजन) का आयोजन किया गया, जिसमें छोटी कन्याओं को पूड़ी, चना और हलवे का प्रसाद बांटकर उनसे आशीर्वाद लिया गया। कन्या पूजन की रस्म संपन्न होने के साथ ही बाहरी राज्यों से आईं लंगर समितियां अब अपने गंतव्यों की ओर वापस लौटने लगी हैं। मेलाधिकारी एवं एसडीएम पारस अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि माता चिंतपूर्णी का यह पावन नवरात्र मेला पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो गया है। उन्होंने कहा, "दुर्गा अष्टमी का पर्व बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रशासन, पुलिस और मंदिर न्यास के आपसी तालमेल की बदौलत श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के सुगम दर्शन करवाए गए। पूरा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रहीं."0
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बारां कृषि मंडी में दशहरे के बाद नीलामी फिर शुरू, किसानों में तेजी
Baran, Rajasthan:बारां कृषि उपज मंडी में दो दिन बाद लौटी रौनक, कल दशहरे पर बंद रहेगी नीलामी बारां। स्थानीय कृषि उपज मंडी में दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फिर से रौनक लौट आई। शुक्रवार को जिंस का उठाव नहीं होने से शनिवार को मंडी बंद रही, जबकि रविवार को साप्ताहिक अवकाश था। दो दिन बंद रहने के बाद मंगलवार सुबह से ही मंडी में नीलामी शुरू होते ही किसानों और व्यापारियों की भारी चहल-पहल देखी गई। खरीफ सीजन की नई फसल की बंपर आवक के चलते मंडी परिसर खचाखच भरा रहा। त्योहारी सीजन के बावजूद सवा लाख से अधिक कट्टों की आवक हुई। प्लेटफॉर्म से लेकर शेड तक बोरियों के ढेर लगे रहे, वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी रहीं। व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मंडी प्रशासन ने मेलखेड़ी रोड स्थित दूसरे गेट से वाहनों के प्रवेश की अलग व्यवस्था की। सोमवार को अधिकांश जिंसों के भावों में तेजी देखी गई। मंडी में अधिकतर फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर बिकीं। मक्का की करीब 21 हजार क्विंटल आवक रही, जिसके भाव 1700 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। सोयाबीन की 13 हजार क्विंटल आवक के साथ 6150 से 7300 रुपये, धान की 10 हजार क्विंटल आवक के साथ 3600 से 4200 रुपये, उड़द की 4 हजार क्विंटल आवक के साथ 6800 से 8841 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। वहीं लहसुन 2500 क्विंटल आवक के साथ 5180 से 24500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। सोयाबीन, मक्का, धान और उड़द में अच्छी तेजी देखने को मिली। इधर मंडी प्रशासन ने सूचना जारी की है कि कल 20 अक्टूबर, मंगलवार को दशहरा पर्व, विजयादशमी के उपलक्ष्य में मंडी में पूर्ण अवकाश रहेगा। इस दिन अनाज मंडी सहित सभी जिंसों की नीलामी कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। मंडी अब सीधे बुधवार 21 अक्टूबर को खुलेगी। प्रशासन और व्यापार संघ ने किसानों से अपील की है कि वे मंगलवार को अपनी उपज लेकर मंडी न आएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।0
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राजस्थान पुलिस की मदद से हमलावर गिरफ्तार, मुंबई कस्टडी में लाने की तैयारी
Noida, Uttar Pradesh:हमलावरों को राजस्थान पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया है। ये लोग सूरत की तरफ भाग रहे थे। इनकी कस्टडी लेकर मुंबई लाए जाएंगे। जांच के बाद यह पता चलेगा कि इसके पीछे कौन है। सबको ढूंढा जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।0
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चित्तौड़गढ़ के नवरात्रि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के सोनियाणा में मां आसावरा माता मंदिर परिसर में आयोजित छह दिवसीय नवरात्रि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य कैलाश जाट पिपलवास सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। भजन गायक दिनेश नायक ने गणपति वंदना और सांवरिया सेठ के भजनों से भक्तिमय माहौल बनाया। वहीं कृष्णा जाट ने मां आसावरा और तेजाजी महाराज के भजनों की प्रस्तुति दी। कॉमेडियन कमल थाला ने हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब गुदगुदाया, जबकि मुस्कान कोटा, शीला रंगीली और रियाना जयपुर की नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।0
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सोनीपत के रेहान की टाइगर श्रॉफ गाड़ी पर फायरिंग केस: गिरफ्तार
Sonipat, Haryana:टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में सोनीपत के रेहान की गिरफ्तारी, पिता बोले— कानून दे सख्त सजा सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले रेहान को मुंबई पुलिस ने जयपुर हाईवे से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रेहान ने बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाई थीं और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया था। इस मामले में इंडिया न्यूज़ की टीम जब सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी पहुंची, तो आरोपी के परिवार से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं। रेहान के पिता ने बेटे की कथित वारदात पर अनजान होने की बात कही और कहा कि कानून उसे जो सजा देना चाहे, देनी चाहिए। वीओ-1: सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी का रहने वाला रेहान इन दिनों मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर कथित फायरिंग के मामले को लेकर चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक़, वारदात के बाद वह फरार हो गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उसे जयपुर हाईवे से गिरफ्तार कर लिया। वीओ-2: ईदगाह कॉलोनी में पता चला कि रेहान के पिता अंसारुद्दीन यहां रहते हैं। पिता के मुताबिक, पिछले करीब 12 से 13 साल से उनका रेहान की मां के साथ संपर्क नहीं है। रेहान और उसका छोटा भाई अपनी मां के साथ रहते थे। पिता ने बताया कि उन्हें बेटे की इस कथित वारदात के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी। वीओ-3: नौवीं कक्षा के बाद छोड़ दी पढ़ाई रेहान के पिता के अनुसार, उन्होंने बेटे को नौवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद आगे पढ़ने के लिए भी समझाया था, लेकिन उसने पढ़ाई छोड़ दी। पिता का कहना है कि वह चाहते थे कि रेहान उनके पास आकर काम सीखे और अपने पैरों पर खड़ा हो। उन्होंने रेहान को काम सिखाने की बात भी कही थी, लेकिन वह उनके पास आने के लिए तैयार नहीं हुआ। वीओ-4: पहले भी दर्ज हुआ था मामला पिता के बयान के मुताबिक, करीब चार से पांच महीने पहले उन्हें रेहान के खिलाफ आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले की जानकारी मिली थी। बताया गया कि गोहाना में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और बाद में उसे जमानत मिल गई थी। पिता के अनुसार, उस समय रेहान की मां उसे छुड़वाकर ले गई थीं। हालांकि, इन पुराने मामलों की विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना बाकी है। वीओ-5: गुड़गांव में काम सीखने की बात कहकर निकला था घर से रेहान के पिता ने बताया कि जमानत पर बाहर आने के बाद वह घर से यह कहकर निकला था कि गुड़गांव जाकर वेल्डिंग का काम सीखेगा। जब पिता ने उससे काम के बारे में पूछा, तो उसने वेल्डिंग सीखने की बात कही। इसके बाद वह घर से चला गया। पिता के मुताबिक, उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर वह इस तरह के गंभीर मामले में शामिल हो सकता है। वीओ-6: पिता ने कहा— कानून के अनुसार मिले सजा रेहान के पिता ने कहा कि यदि उनका बेटा दोषी पाया जाता है, तो कानून के मुताबिक उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न करे।0
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