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ANUPAM MISHRAANUPAM MISHRAFollow21 Nov 2024, 08:56 am
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दीपावली पर अतिक्रमण से दमकल पहुंच में दिक्कत, अलवर के बाजारों में आग आशंका

Alwar, Rajasthan:दीपावली पर बाजारों में अतिक्रमण बना अग्निकांड का खतरा, संकरी गलियों में दमकल की पहुंच मुश्किल; चूड़ी मार्केट में पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा **अलवर।** दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। खरीदारी के लिए उमड़ रही भीड़ के बीच शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रखने से बाजारों की गलियां लगातार संकरी हो रही हैं। ऐसे में यदि किसी बाजार में आगजनी या कोई अन्य आपात स्थिति पैदा होती है तो दमकल की गाड़ियों और राहत संसाधनों का घटनास्थल तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन सकता है। अलवर के मुख्य बाजार स्थित चूड़ी मार्केट, गणेश मार्केट और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में अतिक्रमण के चलते पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि इन संकरी गलियों में दमकल की गाड़ी का पहुंचना भी लगभग नामुमकिन नजर आता है। चिंता की बात यह है कि चूड़ी मार्केट में कुछ साल पहले दीपावली की रात भीषण आग लग चुकी है, जिसमें कई दुकानें जलकर राख हो गई थीं। इसके बावजूद बाजार में अतिक्रमण की समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि पिछले हादसे से सबक लेने के बजाय आखिर जिम्मेदार और व्यापारी लापरवाही क्यों बरत रहे हैं? इस मामले में नगर निगम महापौर सुमनलता अग्रवाल ने बताया कि अलवर शहर में निगम के पास छह दमकल गाड़ियां उपलब्ध हैं। हाल ही में मॉकड्रिल भी कराई गई है और संबंधित अधिकारियों को अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखने के आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया इस बार मुख्य बाजार में लगने वाली ठेली पटरी की दुकानों वहां भीड़ कम करने के उद्देश्य से नया हाट बाजार विकसित किया है जहाँ सभी दुकानदार शिफ्ट हो गए है जिससे बाजार में भीड़ कम रहेगी बाइट : सुमनलता अग्रवाल, महापौर, नगर निगम** वहीं, व्यापारी अनिल मनोचा ने भी बाजारों में अतिक्रमण को व्यापारियों की लापरवाही माना। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान के सामने दो से ढाई फीट तक जगह खाली रखनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए और दमकल की गाड़ी आसानी से बाजार में पहुंच सके। बाइट : अनिल मनोचा, दुकानदार** इधर, फायर ब्रिगेड अधिकारी अमित मीणा ने बताया कि दीपावली को देखते हुए सभी छह दमकल गाड़ियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके अलावा सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक बाजार क्षेत्र में भी एक दमकल गाड़ी तैनात रहती है। उन्होंने व्यापारियों से भी अपील की कि वे अतिक्रमण न करें और अग्निशमन व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। बाइट : अमित मीणा, फायर ब्रिगेड अधिकारी** दरअसल, दीपावली के दौरान आतिशबाजी, बिजली की झालरों और ओवरलोड विद्युत कनेक्शन के कारण शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बाजारों में पर्याप्त जगह, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और दमकल की निर्बाध आवाजाही बेहद जरूरी है। त्योहार की तैयारियों के बीच प्रशासनिक सतर्कता के साथ व्यापारियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है। क्योंकि बाजारों में किया गया अतिक्रमण किसी दिन बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है। जरूरी है कि समय रहते व्यवस्थाएं सुधारी जाएं, ताकि दीपावली रोशनी और खुशियों का पर्व बने, किसी हादसे की वजह से मातम में न बदले.
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उज्जैन पुलिस ने दीपावली पर एक करोड़ मूल्य के मोबाइल लौटाए

Ujjain, Madhya Pradesh:पुलिस ने दीपावली पर दिया तोहफा एक करोड़ के मोबाइल लौटाये नागारिको के खिले चेहरे दीपावली से पहले उज्जैन पुलिस ने लोगों को दिया बड़ा तोहफा।पुलिस ने गुम हुए करीब एक करोड़ रुपये कीमत के पांच सौ बाईस मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस लौटाये। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। आज दोपहर को पुलिस कन्ट्रोल रूम में एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस की आईटी सेल और साइबर टीम ने CEIR पोर्टल और आधुनिक तकनीक की मदद से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया।इसके बाद अलग-अलग जिलों और राज्यों की पुलिस से समन्वय कर मोबाइल बरामद किए गए।एसपी के मुताबिक वर्ष दो हजार छब्बीस में अब तक कुल नौ सौ अट्ठाईस मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी कीमत करीब एक करोड़ तिहत्तर लाख रुपये है। वहीं वर्ष दो हजार तेईस से अब तक दो हजार पांच सौ साठ मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी कुल कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई है।खास बात यह भी है कि इस साल आम लोगों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पास पहुंचे सत्तावन गुम मोबाइल फोन स्वयं पुलिस को लौटाए।दीपावली से पहले खोये हुये मोबाइल वापस मिलने पर मोबाइल धारकों ने उज्जैन पुलिस का आभार जताया।
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दंतेवाड़ा में अन्नदाता गर्जना: किसान 15 सूत्रीय मांगों के साथ प्रदर्शन

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा में किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने अन्नदाता गर्जना रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान रैली में शामिल हुए। किसानों ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और शासन-प्रशासन से जल्द निराकरण की मांग की। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में आयोजित इस अन्नदाता गर्जना रैली में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। रैली के बाद किसानों ने धरना प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, कृषि मंत्री एवं कृषि विभाग के उप संचालक के नाम SDM को ज्ञापन सौंपा। किसानों की प्रमुख मांगों में धान का समर्थन मूल्य 5,500 से 7,000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करना, बाढ़ प्रभावित किसानों को 65 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देना, कृषि ऋण माफ करना, लंबित फसल बीमा राशि का भुगतान और जैविक मंडी की स्थापना शामिल है। इसके अलावा भूमगादी का संचालन किसानों को सौंपने और जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने की मांग भी उठाई गई। किसान संघ ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी 15 सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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अंतरराज्यीय चोर चरण अहिरवार गिरफ्तार, लाखों के आभूषण बरामद

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर पुलिस ने चोरी का खुलासा किया है. लवकुशनगर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर चरण अहिरवार को अभिरक्षा में लेकर ग्राम हिनौता में हुई चोरी के सोने-चांदी के आभूषण कीमत करीब 3 लाख रुपये बरामद किए हैं. आरोपी झांसी, निवाड़ी, महोबा और छतरपुर में चोरी, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 14 से अधिक अपराधों में लिप्त है. थाना लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत माह जुलाई में ग्राम हिनौता तथा माह सितंबर में थाना ओरछा रोड क्षेत्र के ग्राम धमौरा में चोरी की घटनाएं हुई थीं. फरियादियों की रिपोर्ट पर संबंधित थानों में भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी के अपराध पंजीबद्ध किये गए थे. घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजत सकलेचा द्वारा पुलिस टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के निर्देश दिए गए थे. पुलिस टीम द्वारा दोनों थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी चरण अहिरवार पिता सुम्मी अहिरवार, निवासी ग्राम देवथा, थाना अलीपुरा, जिला छतरपुर को गिरफ्तार किया गया था. पहले आरोपी के कब्जे से ग्राम धमौरा में चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण एवं घटना में प्रयुक्त हुंडई एक्सटर कार, कुल कीमत करीब 24 लाख रुपये जब्त की गई थी. इसी क्रम में पुलिस टीम ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर लवकुशनगर के ग्राम हिनौता में हुई चोरी के संबंध में वैधानिक कार्यवाही करते हुए 3 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए. वैधानिक कार्यवाही के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराज्यीय चोर है जो यूपी और एमपी के कई जिलों में सक्रिय रहा है. बाइट - अरूण सोनी -सीएसपी
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कटनी में महिलाओं का अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन, एक माह से कार्रवाई नहीं

Katni, Madhya Pradesh:कटनी - अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन, एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप। एंकर - कटनी जिले के बड़वारा तहसील अंतर्गत ग्राम नहवारा सेझा में अवैध शराब के कारोबार को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आज सभी महिलाओं ने एसपी कार्यालय पहुंच नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना है कि गांव में कथित अवैध शराब की पैकारी और अवैध शराब निर्माण हो रहा है। जिसको लेकर महिलाएं पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और जनप्रतिनिधियों को शिकायत एवं नामजद आरोपियों की सूची सौंपने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, शराब कारोबार का विरोध करने वाली महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। VO 01 - ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक, गांव में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री और निर्माण का विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में बड़वारा थाना पुलिस, क्षेत्रीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने का समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया, जब अवैध शराब का विरोध कर रही महिलाओं और बेटियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता की गई। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे गांव की महिलाओं में भय और असुरक्षा का माहौल है। बाइट - आंशिक नायक, ग्रामीण युवती बाइट - कुंता बाई, ग्रामीण महिला बाइट - संधीर चतुर्वेदी, डीएसपी
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हेलीकॉप्टर से बोमा पद्धति: उज्जैन में 150 नीलगाय सुरक्षित ट्रांसफर, किसानों को राहत

Ujjain, Madhya Pradesh:वन विभाग का अनोखा अभियान सफल, हेलीकॉप्टर की मदद से नीलगाय को फनल तक लाकर ट्रकों में किया गया शिफ्ट। किसानों को फसल नुकसान से मिलेगी राहत उज्जैन जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली नीलगाय को अब सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग ने दक्षिण अफ्रीका की बोमा पद्धति से विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया है। इस अभियान में अब तक उज्जैन से करीब 150 नीलगाय को सुरक्षित पकड़ा जा चुका है। खास बात यह है कि पूरे अभियान में किसी भी वन्यजीव को चोट नहीं आई है। सीएफओ किरण बिसेन ने जानकारी देते हुए बताया कि बोमा पद्धति से वन्यजीवों को पकड़कर दूसरी जगह पहुंचाने का यह बेहद सफल प्रयास रहा है। उज्जैन में नीलगाय के कारण किसान लंबे समय से परेशान थे। ये झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में इस अभियान से किसानों और वन्यजीवों, दोनों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में एक बड़े फनल की तरह घेराबंदी की जाती है। इसे पर्दों और हरे पेड़-पौधों से इस तरह ढका जाता है कि जानवरों को इसका पता नहीं चलता। हेलीकॉप्टर की मदद से नीलगाय को बिना परेशान किए उनकी सामान्य गति से फनल की ओर लाया जाता है। इसके बाद वे रैंप के जरिए सीधे ट्रक में पहुंच जाते हैं। इस अभियान में कुल 13 ट्रकों की मदद ली गई है। इनमें 10 ट्रक टाइगर रिजर्व क्षेत्रों से और 3 ट्रक महाराष्ट्र वन विभाग से लाए गए हैं। किरण बिसेन के मुताबिक, उज्जैन में अब तक करीब 150 नीलगाय का रेस्क्यू किया गया है। वहीं, पूरे उज्जैन सर्कल में शाजापुर से 1506 कृष्णमृग (ब्लैकबक) और उज्जैन सहित अन्य क्षेत्रों से कुल 232 नीलगाय का रेस्क्यू किया गया है। इन वन्यजीवों को गांधी सागर, कूनो और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह है कि किसी भी जानवर को चोट नहीं पहुंची। न ही किसी वन्यजीव की जान को खतरा हुआ और न ही कैप्चर मायोपैथी जैसी समस्या सामने आई। यानी जानवरों को पकड़ने के दौरान तनाव के कारण होने वाली गंभीर शारीरिक परेशानी भी नहीं हुई। यह अभियान 8 अक्टूबर से शुरू हुआ था। पहले शाजापुर में कृष्णमृग का रेस्क्यू किया गया और इसके बाद उज्जैन में नीलगाय को पकड़ने का काम शुरू हुआ। अब 4 नवंबर को अभियान का आखिरी दिन रहेगा। वन विभाग को उम्मीद है कि आखिरी दिन भी अच्छी संख्या में नीलगाय का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। इस अभियान से उम्मीद है कि किसानों को फसलों के नुकसान से राहत मिलेगी और वन्यजीवों को भी बिना किसी नुकसान के उनके लिए तय सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सकेगा। बाइट - किरण बिसेन - चीफ फारेस्ट अफसर
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Sant Kabir Nagar में 22 किलो अवैध गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

Uska Khurd, Uttar Pradesh:सन्तकबीरनगर : पुलिस ने 2 गांजा तस्करों को किया गिरफ्तार, 22 किलो अवैध गांजा बरामद संतकबीरनगर में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। कोतवाली पुलिस ने 22 किलो 400 ग्राम अवैध गांजे के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार 2 संदिग्धों को रोक कर उनकी तलाशी ली तो उनके पास से अवैध गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार तस्करों की पहचान सईद खान उर्फ बब्लू निवासी परदेशवा थाना कोतवाली खलीलाबाद और रामअवतार निवासी चकौरा थाना जलालपुर अंबेडकरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से गांजे के साथ घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद किया हैं। दोनों तस्कर उड़ीसा से गांजे की तस्करी कर उसे बेचने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने तस्करों के खिलाफ NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दोनों को न्यायालय भेज दिया है।
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भगवान राम–कृष्ण में फर्क पर सनातन धर्म की नई बहस, संतों की प्रतिक्रिया

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां अयोध्या से चलकर गोंडा जिले की एक दिवसीय दौरे पर आज मंगलवार देर शाम नवाबगंज पहुंचे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज ने नवाबगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होकर के विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे बच्चों से मुलाकात की है। वही बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भगवान के प्रति लोगों की अपनी-अपनी आस्था है भगवान से बहुत प्रकार के लोगों के संबंध होते हैं। उन संबंधों के हिसाब से हम भगवान को किस तरीके से परिभाषित करना चाहते हैं यह महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर किसी भी प्रकार से भगवान के प्रति कोई भी गलत टिप्पणी करता तो भारत और साधु समाज या सनातन धर्म स्वीकार नहीं करेगा। अगर कोई उनको कोई अन्य भावना से अपना आराध्य मान करके जैसे गोपिया उनको कानुवा कहती है। कोई उन्हें कृष्णा कहता है कोई माखन चोर कहता है। इस प्रकार से अगर सात्विक विचारधारा से भगवान को परिभाषित किया गया है तो हमें लगता है कि इसमें कोई दोष नहीं होना चाहिए। आगे बयान देते हुए कहा कि उन्होंने कहा है कि भगवान श्री राम और कृष्णा में अंतर है भगवान राम का नाम सीधा है और भगवान कृष्ण का नाम टेढ़ा है। क्योंकि भगवान श्री कृष्णा तीन जगह से टेढ़े हो करके खड़े होते हैं और भगवान कृष्ण को त्रिभंगीलाल कहा भी जाता है। जिन लोगों ने बांके बिहारी का दर्शन किया होगा लोगों ने देखा होगा कि भगवान श्री कृष्णा तीन जगह से टेढ़ा हो करके खड़े होते हैं। मुझे लगता है कि अगर किसी दुर्भावना के साथ इस तरीके की बात कही जाती है तो उसकी निंदा होनी चाहिए लेकिन अगर एक भक्त के रूप में कोई संत इस बात को कहता है तो हमें लगता है कि इसमें कुछ गलत नहीं है। वही अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवाल को लेकर के कहा कि मुझे लगता है कि किसी की विचारधारा को समझने के बाद उसे पर टिप्पणी किया जाए तो ज्यादा ठीक होगा।
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गोंडा में छात्र संसद कार्यक्रम का समापन: बच्चों ने नई शिक्षा नीति पर बहस की

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश छात्र संसद प्राइड ऑफ इंडिया आवास समारोह का आज मंगलवार देर शाम समापन किया गया। समापन के बाद फर्स्ट, सेकंड रैंक के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नई शिक्षा नीति को लेकर के किया गया था जिसमें लगभग 20 राज्यों के 200 से अधिक बच्चे शामिल हुए हैं। जहां पक्ष और विपक्ष की भूमिका के साथ-साथ निर्दलीय भूमिका के रूप में युवाओं ने अलग-अलग सांसदों का प्रतीकात्मक रूप लेकर के नई शिक्षा की नीति को लेकर सार्थक, तीखी और हंगामेदार बहस करके एक दूसरे से सवाल पूछ कर जवाब भी दिया है। पक्ष की तरफ से कानपुर के रहने वाले सूर्य प्रताप प्रतीकात्मक रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, कुशीनगर के रहने वाले राजीव रंजन तिवारी प्रतीकात्मक रूप से अमित शाह, बदायूं की रहने वाली अक्षया गोयल प्रतीकात्मक रूप से राजनाथ सिंह, बदायूं के रहने वाले आस्षिक प्रकाश गोयल प्रतीकात्मक रूप से चिराग पासवान और पीयूष गोयल, लखनऊ की रहने वाली अग्रिमा बाजपेई प्रतीकात्मक रूप से कंगना रौनाट, मुरादाबाद के रहने वाले हर्ष भटनागर प्रतीकात्मक रूप से अटल बिहारी वाजपेई, बहराइच की रहने वाली चेष्टा प्रतीकात्मक रूप से सुषमा स्वराज बनी हुई थी। जबकि विपक्ष के रूप में आगरा के रहने वाले दिनेश यादव प्रतीकात्मक रूप से अखिलेश यादव, महाराजगंज के रहने वाले युसूफ प्रतीकात्मक रूप से राहुल गांधी, राजस्थान की रहने वाली हिमांशी सोनी प्रतीकात्मक रूप से प्रियंका गांधी वाड्रा, इटावा के रहने वाले देवराज वर्मा प्रतीकात्मक रूप से तेजस्वी यादव और बहराइच के रहने वाले कमलदीप प्रतीकात्मक रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे के रूप में इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर समापन करने पहुंचे पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि पढ़ने वाले बच्चों के द्वारा यह बहुत ही अच्छा प्रयास है। लगातार संसद में जो भाषण होते हैं वाद विवाद होता है उसका स्तर भी लगातार गिर रहा है। यह बच्चे इस कार्यक्रम में सांसद का रोल करते हैं नई शिक्षा नीति को लेकर के इन लोगों ने दो दिन तक बहस की है। इसमें 20 प्रान्तों के बच्चे शामिल इससे स्थानीय लोगों ने भी बहुत लाभ उठाया है कैसे वाद विवाद किया जाए बहुत अच्छा कार्यक्रम चला है। अमित शाह के मतदाता हटाए जाने वाले बयान पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे सवाल को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि 13 करोड़ मतदाता हटाए गए हैं। जिसमें 3 करोड़ घुसपैठियों हटाए गए हैं इसका चर्चा गृहमंत्री अमित शाह ने किया है अब हम नहीं समझते हैं कि इस पर आपत्ति क्या है। हम तो गांव के रहने वाले हैं अगर वह 9 करोड़ को घुसपैठिया मानते हैं तो यह उनके सोच का परिणाम है तमाम ऐसे लोग थे जो शहर और गांव दोनों जगह वोटर थे उनके नाम हटाए गए हैं अगर कुछ कमी है तो आप सुझाव दीजिए लेकिन सुझाव नहीं दे रहे हैं डिबेट करिए उसके लिए पार्लियामेंट है उसमें डिबेट करिए आप रामलीला मैदान में डिबेट करोगे। वही पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आप उनका क्या भाव रहा होगा उन्होंने किस तरीके से देखा किस भाव से उन्होंने किया यह मैं नहीं बता सकता। इस कार्यक्रम को करने के लिए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा इन बच्चों को निशुल्क में अपना कार्य स्थल उपलब्ध कराया गया था। साथ ही साथ बच्चों की इस कार्यक्रम में उन्होंने निशुल्क में काफी मदद भी की है अयोध्या सरयू नदी में डूबने वाले लोगों की जान बचाने वाले भगवान दीन निषाद और उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया है।
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देश की सबसे पुरानी बाघिन महक की उम्र 22 साल, वन विभाग ने सुरक्षा बढ़ा दी

Kota, Rajasthan:कोटा। कभी अपनी शाही चाल और रौब से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक अब उम्र के ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुकी है, जहां उसके कदम लड़खड़ाने लगे हैं। कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रह रही महक 22 साल से अधिक उम्र पूरी कर चुकी है और 23वें वर्ष में चल रही है। आमतौर पर बाघों की उम्र 14 से 17 साल के बीच होती है, लेकिन महक इस औसत उम्र से कई साल आगे निकल चुकी है। उम्र के इस पड़ाव पर उसके शरीर का पिछला हिस्सा कमजोर हो गया है। चलने और शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी होने के कारण अब उसे पर्यटकों के सामने ओपन डिस्प्ले एरिया में नहीं छोड़ा जा रहा है। गिरने और चोट लगने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने उसे नाइट शेल्टर और कराल क्षेत्र में ही रखने का निर्णय लिया है। यहां पशु चिकित्सकों की विशेष निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
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हरदोई में SC/ST केस डराकर वसूली करने वाला गिरोह गिरफ्तार

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में SC/ST और दुष्कर्म के मुकदमों का खौफ दिखाकर वसूली! गिरोह पर FIR तीन महिलाओं समेत छह नामजद हरदोई में अनुसूचित जाति उत्पीड़न, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर विस्तृत जांच के बाद बेहटा गोकुल थाने में तीन महिलाओं समेत छह लोगों को नामजद करते हुए एक-दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि गिरोह संभ्रांत लोगों को SC/ST एक्ट और दुष्क्रम जैसे मुकदμών में फंसाने का भय दिखाकर रुपये वसूलता था। रकम देने से इनकार करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाते थे। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने दर्ज मुकदमों के आधार पर समाज कल्याण विभाग से कितने मामलों में आर्थिक सहायता हासिल की। मामले की शिकायत बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के पहेलिया निवासी पुनीत सिंह ने एसपी अशोक कुमार मीणा से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि एक संगठित गिरोह लोगों को गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर वसूली कर रहा है। शिकायत में कई मामलों का भी उल्लेख किया गया था। जांच में पहेलिया निवासी अनिल मिश्र, प्रियंका उर्फ पिंकी, अमित उर्फ पिंटू, सरस्वती, उसके पति रजनीश और लोनार कोतवाली क्षेत्र के दुबघटिया निवासी अरुणा वर्मा के नाम सामने आए। सीओ हरपालपुर प्रवीण यादव ने बताया कि छह नामजद और एक-दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।आरोपियों की ओर से बड़ी संख्या में आईजीआरएस शिकायतें किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के सामने आए रिकॉर्ड के मुताबिक, अरुणा ने वर्ष 2018 में लोनार कोतवाली में SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। वर्ष 2020 में दो और मामले दर्ज कराए, जिनमें छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप थे। वर्ष 2021 में बेहटा गोकुल थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया। प्रियंका ने वर्ष 2020 और 2025 में दो मुकदमे दर्ज कराए थे। इनमें SC/ST एक्ट समेत कई धाराएं शामिल थीं। अरुणा ने अपने पति जगपाल और उनके दो भाइयों समेत परिवार के एक अन्य सदस्य के खिलाफ दहेज़ उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया था। वर्ष 2022 में अरुणा ने देहात कोतवाली में दुष्कर्म और SC/ST एक्ट के तहत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया, लेकिन सुनवाई के दौरान अरुणा ने अदालत में दिए बयान में घटना से ही इनकार कर दिया था। अब पुलिस दर्ज मुकदमों और सरकारी सहायता राशि से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है。
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अखिलेश के सम्मान के बीच बाराबंकी दिशा बैठक में सुरेश यादव कुर्सी पर डटे रहे

Barabanki, Uttar Pradesh:अखिलेश के सम्मान के बीच बाराबंकी दिशा बैठक में सुरेश यादव कुर्सी पर डटे रहे बाराबंकी। राजनीति में सम्मान के अपने मायने होते हैं और जब बात अपने ही दल के वरिष्ठ नेता की हो तो शिष्टाचार की अपेक्षा और बढ़ जाती है। लेकिन बाराबंकी में दिशा की बैठक के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के सम्मान में जहां बैठक में मौजूद सांसद, एमएलसी, विधायक और अधिकारी अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए, वहीं समाजवादी पार्टी के सदर विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव अपनी कुर्सी पर ही बैठे रहे। अब उनका यही अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है。 दरअसल, जिले के डीआरडीए सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक चल रही थी। बैठक में बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया, एमएलसी अंगद सिंह, विधायक धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश यादव, गौरव रावत, दिनेश रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक राजरानी रावत समेत तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद बैठक में पहुंचे। उनके सभागार में प्रवेश करते ही लगभग सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी सम्मान में खड़े हो गए, लेकिन सदर विधायक सुरेश यादव अपनी कुर्सी से नहीं उठे。 इस पूरे घटनाक्रम को लेकर इसलिए भी चर्चा तेज है, क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सार्वजनिक कार्यक्रमों में सांसद अवधेश प्रसाद को विशेष सम्मान देते नजर आते हैं। उनके सम्मान में अखिलेश यादव के खड़े होने की तस्वीरें और वीडियो भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस senior नेता का इतना सम्मान करते हों, उसी नेता के सामने पार्टी के एक विधायक का कुर्सी पर बैठे रहना कई सवाल खड़े कर रहा है。 दिशा की बैठक का यह नजारा अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे सामान्य शिष्टाचार से लेकर राजनीतिक संदेश तक के नजरिये से देख रहे हैं। हालांकि विधायक सुरेश यादव की ओर से इस व्यवहार को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल बैठक के विकास कार्यों से ज्यादा इस अनोखे नजारे की चर्चा सियासी गलियारों में हो रही है।
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चित्रकूट के रामपुर बेलरी में जल सत्याग्रह: पुल बना, किसान बेहाल

Chakala Sitapur, Madhya Pradesh:चित्रकूट में जल सत्याग्रह से गरमाया माहौल, पुल बना लेकिन ग्रामीणों की मुसीबत कम! जी हां! रामपुर बेलरी में झुरही नदी पर बने चेकडैम और जलभराव ने ग्रामीणों के सामने आवागमन से लेकर खेती-किसानी तक का संकट खड़ा कर दिया है। पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, किसानों की जमीनें जलमग्न हैं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। दरअसल, पूरा मामला चित्रकूट जनपद के रामपुर बेलरी गांव का है, यहां 2 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे से धर्मेंद्र कुमार भास्कर के नेतृत्व में झुरही नदी चेकडैम के पास विशाल क्रमिक जल सत्याग्रह आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों की मांग के बाद पुल का निर्माण तो कराया गया, लेकिन जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आज भी पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं आसपास के किसानों की जमीनों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों ग्रामीण, किसान, नौजवान और आमजन आंदोलन में शामिल हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, ग्रामीणों के आवागमन और वंचित बस्तियों को सम्मानजनक जीवन दिलाने की लड़ाई है। आंदोलन स्थल पर उपजिलाधिकारी मऊ भी पहुंचे और अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए स्पष्ट कहा कि जब तक किसानों की जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वह सत्याग्रह में उनके साथ डटे रहेंगे। आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। 1) गुंता बांध परियोजना में अधिग्रहित किसानों की जमीन का उचित और न्यायसंगत मुआवजा तत्काल दिया जाए। 2) अत्यधिक बारिश और जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। 3) रामपुर से बेलरी संपर्क मार्ग पर जलभराव और डूबे चेकडैम से पानी की निकासी कराकर आवागमन सुचारू किया जाए। 4) एससी बस्ती तक पक्का संपर्क मार्ग बनाया जाए, अथवा वहां के निवासियों को सुरक्षित स्थान पर सम्मानजनक तरीके से विस्थापित किया जाए। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थल पर सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े जनआंदोलन और अनिश्चितकालीन अनशन के बावजूद समुचित सुरक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने और ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। फिलहाल रामपुर बेलरी में जल सत्याग्रह जारी है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उनका समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और किसानों को उनकी बर्बाद फसलों का मुआवजा कब तक मिल पाता है।
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