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MLMadan lalFollow20 Jan 2025, 04:23 pm
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कानपुर में महिलाओं का शराब ठेके विरोध: ठेका स्थानांतरण की मांग तेज

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर में शराब ठेके को लेकर महिलाओं का उग्र विरोध प्रदर्शन बर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुलाबी बिल्डिंग में चल रहे देसी व अंग्रेजी शराब के ठेके को लेकर क्षेत्रीय महिलाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि इस ठेके के कारण इलाके में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है। उनका कहना है कि यहां से गुजरने वाली बहन-बेटियों के साथ नशे में धुत लोग आए दिन छेड़खानी करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर महिलाएं पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। डीएम से क्षेत्रीय महिलाओं ने शिकायत की थी जिसके बाद डीएम ने 31 मार्च तक ठेके को दूसरी जगह शिफ्ट करने के आश्वासन दिया था लेकिन डीएम की दी हुई तारीख निकलने के बाद महिलाओं ने बड़े रोष के साथ प्रदर्शन किया है जहां बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर सड़कों पर उतर आईं और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं की मांग है कि जल्द से जल्द इस शराब के ठेके को बंद किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है।
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Untitledमेरठ–मार्बल शोरूम में छत के रास्ते घुसा चोर, ऑफिस का ताला नहीं टूटा तो बैरंग लौटा; CCTV में कैद वारदात

MANISH PARASHARMANISH PARASHARFollow1m ago
Meerut, Uttar Pradesh:

Manish Parashar 
   Meerut 
9457843475

 

​मेरठ –उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चोरों के हौसले बुलंद हैं। थाना नौचंदी क्षेत्र के शास्त्री नगर में बीती रात एक चोर ने 'गोयल मार्बल' नामक दुकान को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, मजबूत सुरक्षा और ताला न टूटने के कारण चोर बड़ी वारदात को अंजाम देने में नाकाम रहा। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

 

​छत के रास्ते दाखिल हुआ शातिर चोर

 

​वैशाली कॉलोनी निवासी पंकज गोयल की शास्त्री नगर सेक्टर-10 स्थित गुरुद्वारा रोड पर गोयल मार्बल के नाम से दुकान है। पंकज गोयल के मुताबिक ​समय मंगलवार रात करीब 2:15 बजे चोर छत के रास्ते दुकान के परिसर में घुसा। ​चोर ने ऑफिस का शीशा तोड़ दिया और अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। ऑफिस के मुख्य दरवाजे पर लगा ताला काफी मशक्कत के बाद भी नहीं टूटा। हार मानकर चोर बिना कुछ लिए वापस भाग निकला।

 

​व्यापारियों में भारी रोष

 

​नौचंदी थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों में गहरा आक्रोश है। बुधवार सुबह पंकज गोयल ने घटना की जानकारी संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री अंकुर गोयल को दी। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस गश्त में ढिलाई के कारण अपराधी बेखौफ हो रहे हैं।

क्या कहती है पुलिस?

 

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नौचंदी थाना प्रभारी इलम सिंह पवार ने बताया "दुकान मालिक की तहरीर प्राप्त हो गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

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हनुमान जयंती पर चौमूं और सामोद मंदिरों में भक्तों की भीड़, रोपवे समस्या

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर हनुमान जयंती पर कई कार्यक्रमों का होगा आयोजन मन्दिरों में आज की गई भव्य सजावट सामोद वीर हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला हैं जारी हनुमान जी की जा रही विशेष पूजा अर्चना হनुमान जयंती के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। चौमूं के कस्बे के हनुमान मंदिरों में भव्य सजावट की गई है, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। विशेष रूप से सामोद स्थित वीर हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी है और लोग श्रद्धा के साथ हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं।मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसादी वितरण का आयोजन किया जा रहा है। भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर तक पहुंचाने के लिए भक्त 1150 सीढ़ियां पहुंचकर बजरंगबली के दर्शन कर रहे हैं.. रोप-वे बंद होने के कारण बुजुर्ग श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वहीं, किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है,
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हनुमान जयंती पर सोलन के temples में भक्तों की श्रद्धा, पूजा-आरती और उत्साह

Solan, Himachal Pradesh:हनुमान जयंती के पावन अवसर पर जिला सोलन में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण जय श्री राम और जय बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर और चोला चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। प्रसाद के रूप में बूंदी और बेसन के लड्डू, चने और केले का भोग लगाया गया।
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डुमरी के सोनारडीह टाण्डाबारी भूधसान: तीन मौत, गैस रिसाव से डर

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद जिले के सोनारडीह के टाण्डाबारी में हुए भूधसान घटनास्थल डुमरी विधायक जयराम महतो पहुँचे।जमींदोज हुए घरों को ग्रामीणों के साथ जायजा लिया।घटनास्थल का मुआयना किया।घटना में हताहत हुए परिवार के सदस्यों से विधायक मिले।स्थानीय ग्रामीणों से घटना की जानकारी लिया।ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि क्षेत्र डेंजर जोन है।घटना के बाद से सभी डरे सहमे हुए है।तीन लोगो की मौत हो गई है।दरार का दायरा लगातार बढ़ रहा है।जहरीली गैस का रिसाव हो रहा।बच्चे बुजुर्ग गैस से प्रभावित होकर बीमार हो रहा है।विधायक ने ग्रामीणों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।विधायक ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन के अधिकारियों से मौके से बात कर सभी ग्रामीणों को उचित मुवाबजे के साथ सुरक्षित स्थान पर जल्द शिफ्ट करने को कहा।मंगलवार को टाण्डाबारी में दो घर जमींदोज हो गया था, जिसमें तीन लोग घर के साथ धरती में समा गया था।बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने तीनों लोगों के शव को रेस्क्यू कर बाहर निकाला।जयराम महतो ने कहा कि घटना में हुई मौत को निंदनीय है।इस घटना के लिए सीधे तौर पर बीसीसीएल जिम्मेदार है। घटना के बाद बीसीसीएल राहत कार्य के नाम पर औपचारिकता निभा रही है। पुनर्वास को लेकर सदन में भी सवाल किए थे। प्रभावित ग्रामीणों को न्याय नही मिलेगा तो हमसब भी चुप नहीं बैठेंगे।सभी को सुरक्षित स्थान पर बसाने की पहल जल्द बीसीसीएल और जिला प्रशासन को करना चाहिए।यहां के लोग हमेसा खतरे में है।घटना को लेकर मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
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चमोली में गैस सिलेंडर विरोध के साथ कांग्रेस ने 2027 विधानसभा जीत की तैयारियां तेज की

Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर विधान सभा चुनावों की तैयारियों को लेकर चमोली जिले में कॉंग्रेस सृजनात्मक कार्यक्रम के माध्यम से अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में जुट गयी है । जिला कॉंग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज कर्णप्रयाग विधानसभा के कण्डारा न्याय पंचायत में भाजपा के खिलाफ खाली गैस सिलेंडरों को लेकर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया । बीओ 1 / 2027 के विधानसभा चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहे है भाजपा और कॉंग्रेस दोनों पार्टियो ने तैयारियां तेज कर दी है । भाजपा जहां केंद्र सरकार की उपलब्धि गिना रही है तो कॉंग्रेस कार्यकर्ता भाजपा की नाकामियों को गिना कर 2027 विधानसभा चुनाव को जीतने का दम भर रहे है । चमोली जिले में कॉंग्रेस गांव गांव जाकर भाजपा की नाकामियों को गिना रही है । कर्णप्रयाग विधानसभा के न्याय पंचायत कंडारा में कॉंग्रेस ने सृजनात्मक कार्यक्रम के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं को पार्टी में जोड़ा और विधानसभा चुनावों को लेकर बूथ स्तर की जिम्मेदारी दी , इस दौरान कॉंग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर खाली सिलेंडरों के साथ प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार का पुतला दहन किया । पूर्व कॉंग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह फैल हो गयी है । आज लोग गैस और डीजल पेट्रोल के लिए परेशान है । महंगाई चरम पर है जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है । वही बद्रीनाथ बिधायक लखपत बुटोला भी बद्रीनाथ विधानसभा में सक्रिय हो गए है । बद्रीनाथ विधानसभा के अंतर्गत भी कॉंग्रेस पुराने कार्यकर्ताओं का सम्मान और नए कार्यकर्ताओं को पार्टि से जोड़कर मिशन 2027 को फतह करने की तैयारियों में लगी है। बाईट / मुकेश नेगी पूर्व अध्यक्ष कॉन्ग्रेस कमेटी चमोली बाईट / लखपत बुटोला विधायक बद्रीनाथ विधानसभा
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1 अप्रैल से देश में जनगणना शुरू: उत्तराखंड में 10 से 24 अप्रैल सेल्फ-गणना

Dehradun, Uttarakhand:देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना कार्यक्रम शुरू हो गया है। पहले चरण में मकान की गणना होगी और अगले साल देश में लोगों की गणना की जाएगी। उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के लिए तैयारियां पूरी हैं। आखिर किस तरह होगी जनगणना देखिए इस रिपोर्ट में। देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना कार्यक्रम शुरू हो गया है। पहले चरण में मकान की गणना की जाएगी। उत्तराखंड में पहला चरण 10 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक सेल्फ गणना कार्यक्रम किया जाएगा। एप्लीकेशन की मदद से लोग 33 प्रश्नों का जवाब देंगे। एप्लीकेशन में बताना होगा मकान नंबर क्या है, मकान की दीवार किस सामग्री से बनी है, मकान की छत में प्रमुख सामग्री, मकान की हालत क्या है, परिवार में कितने लोग रहते हैं, परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया का लिंग, मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति या अन्य से संबंधित है या नहीं, मकान के स्वामित्व की स्थिति, रहने के लिए कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पानी का मुख्य स्रोत, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय उपलब्ध है, गंदे पानी की निकासी कैसे होती है, रसोई घर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की स्थिति क्या है, घर में रेडियो ट्रांजिस्टर है, घर में टेलीविजन है, घर में इंटरनेट सुविधा है, घर में लैपटॉप कंप्यूटर है, घर में टेलीफोन/mobiles/smartphones हैं, साइकिल-स्कूटर-मोटरसाइकिल-पोमेड है, घर में कार/जीप/v Exxon आदि है या नहीं, घर के लोग कौन सा अनाज खाते हैं आदि सवाल होंगे। 1 अप्रैल 2026 से देश में जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है। पहले चरण में देश के 10 राज्यों में 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच मकान की गणना की जाएगी। उत्तराखंड में 10 अप्रैल से कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। उत्तराखंड के सचिव जनगणना दीपक गैरोला ने बताया कि उत्तराखंड में 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक सेल्फ-गणना यानी सेल्फन्यूमरेशन प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। एप्लीकेशन की मदद से लोग अपने परिवार की जानकारी देंगे। जनगणना एप्लीकेशन के जरिए 33 प्रश्न लोगों से पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों का जवाब लोगों को एप्लीकेशन में देना होगा। सभी जानकारियां एप्लीकेशन में अपलोड करनी होगी। इन 33 प्रश्नों में घर की स्थिति, घर में प्रयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, परिवार के सदस्यों की संख्या, रोजगार की स्थिति, आर्थिक स्थिति, और जाति से संबंधित कई तरह के प्रश्न होंगे। स्वजनगणना कम्प्लीट होने के बाद भविष्य में जब जनगणना अधिकारी लोगों के घरों में पहुंचेंगे तो उनको फिजिकल वेरिफिकेशन भी करना होगा। जो जानकारी एप्लीकेशन में फिट की गई है उसके प्रमाण भी देने होंगे। देश में पहली बार डिजिटल तरीके से जनगणना का कार्यक्रम किया जा रहा है। देश में एक साथ फरवरी 2027 में लोगों की गणना का कार्यक्रम शुरू होगा। लेकिन उत्तराखंड जैसे हिमालय राज्यों में जहां बर्फबारी ज्यादा होती है वहां इसी साल सितंबर 2026 में जनगणना की जाएगी। हालांकि अभी केंद्र का इस मामले में नोटिफिकेशन नहीं पहुंचा है। लेकिन सभी तरह के कार्य इसके लिए किए जा चुके हैं। जनगणना के लिए सभी कर्मचारियों को विस्तृत ट्रेनिंग दी गई है। जनगणना कार्यक्रम में अधिकतर शिक्षकों को ही लगाया गया है। लगभग 1 महीने में जनगणना अधिकारी को 800 घरों की जनगणना को पूरा करना होगा। जनगणना के लिए ट्रेनिंग और अन्य कार्य पूरे हो गए हैं। अब 10 अप्रैल से सेल्फ एन्यूमरेशन के जरिए कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। डिजिटल माध्यम से लोगों को सुविधा देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। जनगणना पूरी होने के बाद आर्थिक स्थिति से लेकर जातीय स्थिति क्या है इसका वास्तविक आकलन हो पाएगा।
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फरसगांव-केशकाल में युवक ने दो युवतियों से शादी, आदिवासी समाज का तीखा विरोध

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव जिले के फरसगांव और केशकाल क्षेत्र से सामने आए एक युवक द्वारा दो युवतियों से शादी करने के मामले ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। इस घटना को लेकर आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सामाजिक स्तर पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस पूरे मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक फरसगांव के अध्यक्ष ईश्वर कोर्राम सहित समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने फरसगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आदिवासी समाज इस तरह की शादी का समर्थन नहीं करता है और यह परंपराओं व सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि युवक ने दोनों युवतियों को बहला-फुसलाकर उनसे शादी की है, जो न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि सामाजिक व्यवस्था को भी प्रभावित करने वाला है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आदिवासी समाज ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Philkal ... प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, समाज के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। बाइट -ईश्वर कोर्राम ब्लाक अध्यक्ष आदिवासी समाज
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अमरसर स्कूल में ग्रेस विवाद के बाद 2 शिक्षक हटे, 4 नई नियुक्ति

Churu, Rajasthan:सरदारशहर। जी राजस्थान न्यूज की खबर का बड़ा असर: अमरसर स्कूल में एक्शन, 2 शिक्षक हटाए, 4 नए लगाए अमरसर स्कूल में ग्रामीणों द्वारा की गई तालाबंदी की खबर को जी राजस्थान न्यूज़ ने उठाया था प्रमुखता से 10वी कक्षा में 14 में से 12 छात्र ग्रेस से पास होने पर था ग्रामीणों में आक्रोश ग्रेस से पास हुए बच्चे या फेल हुआ सिस्टम? कौन जिम्मेदार? शिक्षा व्यवस्था या लापरवाह सिस्टम! इस नाम से चली थी जी राजस्थान पर खबर खबर चलने के बाद मौके पर पहुंचे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुभाष सोनगरा शिकायत के आधार पर 2 शिक्षकों को हटाया, शिक्षा व्यवस्था विद्यालय में बनाए रखने के लिए लगाए चार नए शिक्षक, खराब रिजल्ट आने पर दो जांच कमेटियां बनाई सरदारशहर के अमरसर गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर उठे विवाद पर अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। जी राजस्थान न्यूज़ चैनल पर प्रसारित खबर “ग्रेस से पास हुए बच्चे या फेल हुआ सिस्टम?” के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और मौके पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुभाष सोनगरा पहुंचे। गौरतलब है कि विद्यालय के 10वीं कक्षा के परिणाम में कुल 14 में से 12 छात्रों के ग्रेस मार्क्स से पास होने के मामले ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। यह मुद्दा जी राजस्थान न्यूज़ चैनल ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। मौके पर पहुंचे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से 2 शिक्षकों को हटा दिया। साथ ही विद्यालय में पढ़ाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 4 नए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। खराब परीक्षा परिणाम के कारणों की गहराई से जांच के लिए विभाग ने दो अलग-अलग जांच कमेटियों का गठन किया है। ये कमेटियां शिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों की तैयारी और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच करेंगी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में अब शिक्षा व्यवस्था सुधार की उम्मीद जगी है। हालांकि लोगों का कहना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक निगरानी और गुणवत्ता सुधार जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे परिणाम दोबारा सामने न आएं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या यह केवल शिक्षकों की जिम्मेदारी है या फिर पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है? बाइट- सुभाष सोनगरा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी
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हनुमान जयंती पर आस्था का सैलाब, शोभायात्रा ने कस्बे को भक्ति में डुबो दिया

Sawai Madhopur, Rajasthan:सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में हनुमान जयंती का पर्व इस वर्ष श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कस्बे में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में हनुमान भक्त शामिल हुए। शोभायात्रा नयागांव मार्ग स्थित बालाजी मंदिर से विधि-विधान के साथ प्रारम्भ हुई। यात्रा में सजी आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया, वहीं “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय माहौल में डूब गया। शोभायात्रा कस्बे के मुख्य बाजार और विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। पूरे कस्बे में केसरिया रंग की छटा देखने को मिली, जिससे वातावरण और भी धार्मिक हो उठा। अंत में शोभायात्रा शिव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस आयोजन ने न केवल आस्था को मजबूत किया बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया।
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राजस्थान में खरीफ के लिए उर्वरक वितरण पारदर्शी बनाकर विशेष अभियान शुरू

Jaipur, Rajasthan:किसानों को उर्वरक दिलाने के लिए 2 महीने पहले से चलेगा अभियान, खरीफ में नहीं होगी किल्लत - राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई से पूर्व तैयारी, कृषि विभाग चलाएगा विशेष राज्यव्यापी अभियान - उर्वरकों की गुणवत्ता और पारदर्शी वितरण के लिए अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण जयपुर। आगामी जून-जुलाई से शुरू होने वाले खरीफ सीजन में किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद मुहैया कराए जाएंगे। कृषि विभाग ने इसे लेकर एक राज्य व्यापी विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। अभियान के तहत किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे। खरीफ 2026-27 में उर्वरकों की गुणवत्ता व पारदर्शी वितरण के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। खरीफ फसल बुवाई मौसम 2026-27 के मद्देनजर किसानों को समय पर मानक गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद-उर्वरक वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह कवायद होगी। कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 29 मार्च से शुरू हो चुका है, जो 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल ने बताया कि अभियान के दौरान विशेष रूप से अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि एवं औद्योगिक उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इसके लिए व्यापक निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही शुरू की जा रही है। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, POS मशीन में दर्ज विवरण तथा वास्तविक उपलब्धता का मिलान किया जाएगा। ताकि किसी भी प्रकार कि अनियमितता या गड़बड़ी को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय परिसरों एवं गोदामों में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक का पोइंट ऑफ सेल मशीन (POS) में दर्ज स्टॉक से सत्यापन किया जाएगाऐगा। गड़बड़ी मिली तो निलंबन से निरस्तीकरण तक कार्रवाई निरीक्षण के दौरान यदि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनय 1955 के तहत प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाएगी। इसमें उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबन से लेकर निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि द्वारा उप जिला एवं खण्डीय निरीक्षकों को अलग-अलग क्षेत्र आवंटित किए गए हैं। उनके द्वारा औद्योगिक इकाइयों, उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों तथा गोदामों का सघन निरीक्षण कराया जा रहा है। निरीक्षक दल प्रत्येक इकाई से उपलब्ध यूरिया जिसमें एग्रीकल्चरल और टेक्निकल दोनों तरह के यूरिया के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में विश्लेषण हेतु भेजे जाएंगे, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल ने विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्यवाही करें, ताकि किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध हो सकें और किसानों की उपज में भी बढ़ोतरी हो सके।
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खरीफ 2026-27 में उर्वरक गुणवत्ता के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू

Jaipur, Rajasthan:केन्द्रीय कृषि विभाग के अनुसार आगामी खरीफ सीजन 2026-27 में किसानों को उच्च गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. किसान भाइयों को मानक गुणवत्ता के उर्वरक पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कवायद जारी है. अभियान 29 मार्च से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा. अनुदानित यूरिया के गैर-कृषि एवं औद्योगिक उपयोग को रोकने के लिए व्यापक निरीक्षण एवं प्रवर्तन शुरू कर दिया गया है. स्टॉक रजिस्टर, POS मशीन में दर्ज विवरण तथा वास्तविक उपलब्धता का मिलान किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके. उर्वरक विक्रेताओं के बिक्री परिसरों एवं गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का POS में दर्ज स्टॉक से सत्यापन किया जाएगा. यदि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के किसी प्रावधान का उल्लंघन पाया जाता है, तो प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी. जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि के अधीन उप-जिला एवं खण्डीय निरीक्षक क्षेत्र आवंटित कर निरीक्षण कर रहे हैं. औद्योगिक इकाइयों, विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों का सघन निरीक्षण किया जाएगा और नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके. डॉ किरोड़ीलाल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई करें ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर मिले और उपज में वृद्धि हो सके.
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