icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राजस्थान के बैंकों में हड़ताल से पहले रविवार खुलेंगे, ATM शुल्क नहीं लगेगा

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे सरकारी बैंक, ATM शुल्क भी नहीं लगेगा जयपुर- 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के बीच राजस्थान के बैंक ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। हड़ताल से पहले रविवार को यानी कल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक जरूरी बैंकिंग सेवाओं के लिए खुले रहेंगे। आज बैंको का अवकाश रहेगा। लगातार पांच दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए आरबीआई और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने यह व्यवस्था की है। राजस्थान में ग्राहक रविवार को जरूरी बैंकिंग लेनदेन पूरे कर सकेंगे। हड़ताल के दौरान राज्य के किसी भी बैंक के एटीएम से लेनदेन पर सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा डिजिटल बैंकिंग रहेगी चालू हड़ताल के दौरान यूपीआई, आईएमपीएस, आरटीजीएस, एनईएफटी, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। नकद जमा और निकासी के लिए ग्राहक अपने क्षेत्र में उपलब्ध बैंकिंग बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नेटवर्क का भी इस्तेमाल कर सकेंगे हालांकि चेक क्लियरेंस, व्यापार से जुड़े दस्तावेजों और लॉकर संचालन जैसे ऐसे काम, जिनके लिए बैंक शाखा जाना जरूरी है, प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी गई है 5-डे वर्किंग को लेकर हड़ताल बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल का प्रमुख मुद्दा सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करना है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि Government की ओर से 5-डे वर्किंग को लेकर कोई औपचारिक सहमति नहीं बनी थी वहीं बैंक यूनियनों का दावा है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुए समझौते में सभी शनिवार को अवकाश रखने पर सहमति बनी थी। PLI यानी Performance Linked Incentive के नियमों को लेकर भी सरकार और बैंक यूनियनों के बीच मतभेद हैं राजस्थान के बैंक ग्राहकों के लिए सलाह है कि वे 27 सितंबर को बैंकिंग समय समाप्त होने से पहले जरूरी शाखा संबंधी काम पूरे कर लें, ताकि हड़ताल के दौरान परेशानी से बचा सके
0
0
Report

श्रावस्ती में तेज हवाओं-बारिश से पेड़ गिर, बिजली सप्लाई ठप, किसानों के नुकसान

Shravasti, Uttar Pradesh:श्रावस्ती में तेज हवाओं और बारिश का कहर यूपी के श्रावस्ती जिले में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं के चलते जिले के कई इलाकों में पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन बाधित कर गया। वहीं पेड़ों के गिरने से विद्युत व्यवस्था भी चरमरा गई है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगह बिजली सप्लाई ठप है और करीब 12 घंटे से लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल भी गिर गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। वहीं राप्ती बैराज का जलस्तर भी खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है。 श्रावस्ती में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। तेज हवाओं के चलते जिले के कई इलाकों में पेड़ धराशायी हो गए। सड़क पर पेड़ गिरने से कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ। लोगों को रास्ते से पेड़ हटने का इंतजार करना पड़ा। तेज हवाओं के चलते विद्युत व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। कई जगह बिजली के तार और पोल प्रभावित होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। नगर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली सप्लाई ठप होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कई इलाकों में करीब 12 घंटे से बिजली व्यवस्था बदहाल है। वहीं लगातार बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के चलते जमीन पर गिर गई है। फसल गिरने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। मौसम की मार से किसानों के चेहरों पर मायूसी साफ नजर आ रही है। उधर, राप्ती नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। राप्ती बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं बीचोबीच सड़क पर गिरे पेड़ों की जानकारी के बाद उसे कटवाकर आवागमन चालू कराने में जुटा है。
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report

चंबा की सीमा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देशवासियों को गर्वित किया—वीडियो संदेश

Chamba, Himachal Pradesh:भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देशवासियों को गौरवान्वित करने वाली सीमा ने देशवासियों के लिए वीडियो मैसेज जारी किया है। वीडियो मैसेज के जरिए सीमा कह रही हैं कि भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर भारतवासियों का अपार स्नेह pाकर अभिभूत हूं क्योंकि यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है और यह मुझे आगे और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है। 28 सितंबर को पांच हजार मीटर की दौड़ की स्पर्धा में हिस्सा ले रही हूं। काफी टफ लाइन अप है लेकिन भारत को एक और मेडल लाने की उसकी पूरी कोशिश रहेगी। मुझे संपूर्ण भारतवासियों के आशीर्वाद और समर्थन की जरुरत है। आप उस इवेंट का अवलोकन करते हुए जरुर समर्थन करते हुए आशीर्वाद दें。
0
0
Report
Advertisement

पाकिस्तान से ड्रोन से पंजाब पहुँची हेरोइन, हनुमानगढ़ में तस्कर गिरफ्तार

Hanumangarh, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब पहुंचा चिट्टा, राजस्थान में सप्लाई से पहले तस्कर गिरफ्तार,1 किलो 546 ग्राम हेरोइन बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़; विदेशी पिस्टल, तीन कारतूस और 80 हजार रुपए भी मिले हनुमानगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार सवार एक आरोपी को 1 किलो 546 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है। आरोपी के कब्जे से चाइना मेड .30 बोर पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और 80 हजार रुपए नकद भी बरामद किये गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रांझू खां के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान कार नंबर हरियाणा नंबर गाड़ी को रोककर तलाशी ली। तलाशी में आरोपी के कब्जे से 1 किलो 546 ग्राम अवैध हेरोइन , विदेशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और 80 हजार रुपए नकद बरामद हुए। पुलिस की प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क के संपर्क में था。
0
0
Report

भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2047 प्रकाशित; नागरिक सुझाव दें

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल इस वक्त की बड़ी खबर भोपाली मास्टर प्लान ड्राफ्ट सरकार ने मास्टर प्लान ड्राफ्ट का प्रकाशन किया मास्टर प्लान -2047 ड्राफ्ट का प्रकाशन 2047 के मद्देनजर तैयार किया मास्टर प्लान ड्राफ्ट मास्टर प्लान ड्राफ्ट को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी की पोस्ट गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर - भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र - के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं
0
0
Report

बेगूसराय के सिमरिया धाम में युवक गंगा में गिरा, गोताखोरों की टीम ने जान बचाई

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर बेगूसराय के सिमरिया धाम स्थित राजेंद्र पुल पर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब गंगा नदी का नजारा देख रहा एक युवक अचानक चक्कर आने से संतुलन खो बैठा और उफनती गंगा में जा गिरा। युवक के नदी में गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर युवक को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया। इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आपको बताते चले कि बेगूसराय के सिमरिया धाम स्थित राजेंद्र पुल की हैं... जहां गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और तेज बहाव के बीच एक युवक अचानक नदी में जा गिरा। बताया जा रहा है कि युवक गंगा का नजारा देख रहा था, तभी अचानक उसे चक्कर आया और संतुलन बिगड़ने से वह नदी में जा गिरा।नदी में गिरने के बाद युवक तेज धारा के बीच काफी दूर तक बहता चला गया। बताया जाता है कि करीब 500 मीटर दूर तक युवक पानी में बहता रहा। युवक को गंगा में गिरता देख घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर अनिल कुमार अपनी टीम के साथ युवक को बचाने के लिए नदी में उतर पड़े। हालांकि, गोताखोरों की मोटरबोट खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी सामने आई। इसके बावजूद गोताखोरों ने हिम्मत नहीं हारी और एक निजी लकड़ी की नाव की मदद से युवक का पीछा शुरू किया।तेज बहाव और उफनती गंगा के बीच काफी मशक्कत के बाद गोताखोर युवक के करीब पहुंचे। इसके बाद युवक की ओर रस्सी फेंककर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।बताया जा रहा है कि युवक की पहचान नीम कुमार के रूप में हुई है। समय रहते युवक को नदी से बाहर निकाल लिए जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। गोताखोरों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।फिलहाल इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह युवक गंगा की तेज धारा में बह रहा है और स्थानीय गोताखोर अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचाने में जुटे हुए हैं.
0
0
Report
Advertisement

बद्रीनाथ के ब्रह्मकपाल में पिंडदान के लिए भारी भीड़

Karnaprayag, Uttarakhand:आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो गये है, बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के लिए सुबह से ही भारी भीड़ है. बदरीनाथ धाम में स्थित ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण का विशेष महातम्य है. मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से अन्य तीर्थों के मुकाबले आठ गुना अधिक पुण्य मिलता है. यहां पर भगवान शिव को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी. भगवान शिव ने क्रोधित होकर भगवान ब्रह्ना का पांचवा सिर काट डाला जो भगवान शंकर के त्रिशूल पर चिपक गया था. ब्रह्मकपाल तीर्थ है जिसे कपाल मोचन तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. पितरों को मोक्ष के चलते बदरीनाथ धाम को मोक्ष धाम भी कहते है. यहां पर पिंडदान करने के पश्चात पितरों को मोक्ष मिलने के काऱण अन्य जगह पिंडदान और तर्पण करने की आवश्यकता नहीं होती. बद्रीनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर अलकनंदा नदी के किनारे ब्रह्मकपाल तीर्थ स्थित है. यहां पर पितृ तर्पण या पिंडदान करने का विशेष महत्व है. ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित संजय हटवाल और हरीश सती कहते हैं कि गया और काशी में भी पिंडदान किया जाता है लेकिन ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व है. श्राद्ध पक्ष में गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन दिया जाता है. इसके साथ ही श्राद्ध में चावल की खीर बनाई जाती है. चावल को देवताओं का अन्न माना जाता है. इसलिए चावल की खीर बनाई जाती है. देवताओं और पितरों को चावल प्रिय है. इसलिए यह पहला भोग होता है. साथ ही चावल, जौ और काले तिल से पिंडदान बनाकर पितरों को अर्पित किए जाते हैं. आज श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन धाम में खराब मौसम के चलते ब्रह्मकपाल क्षेत्र में अपने पित्रों के पिंड दान तर्पण के लिए दिल्ली, दक्षिण भारत, नेपाल, राजस्थान, बंगाल सहित देश के भिन्न भिन्न राज्यों से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने पित्रों के नाम का पिंड दान तर्पण किया है. बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल का कहना है कि वंश वृद्धि के लिए पित्रों का पूजन करना चाहिए, प्रथम पिंड गया से प्रारंभ होता है और अंतिम पिंड बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल से. ब्रह्मकपाल वो तीर्थ है जिस तीर्थ में ब्रह्मा की भी हत्या होने के बाद भगवान शंकर पर ब्रह्म हत्या लग गयी, ब्रह्मा का एक सिर कट गया और यही बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल में उनके त्रिशूल से छूट पड़ा. यानी कि ब्रह्म हत्या का पाप भी पूर्ण हो गया अर्थात वो क्षेत्र भी विशेष रूप से पित्र प्रतिक्षा करते हैं. महाभारत में ये भी कहा गया है कि इस क्षेत्र के दर्शन से पितृ खुश हो जाते है अगर कुछ नहीं कर सकते तो हाथ ऊपर खड़े करिए और पितृों को याद करिए.
0
0
Report

बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल के पिंडदान से पितरों को मोक्ष, श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Karnaprayag, Uttarakhand:आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो गये है, बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के लिए सुबह से ही भारी भीड़ है. बदरीनाथ धाम में स्थित ब्रह्मकपाल में पितृ तर्पण का विशेष महातम्य है. मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से अन्य तीर्थों के मुकाबले आठ गुना अधिक पुण्य मिलता है. यहां पर भगवान शिव को ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिली थी. भगवान शिव ने क्रोधित होकर भगवान ब्रह्ना का पांचवा सिर काट डाला जो भगवान शंकर के त्रिशूल पर चिपक गया था । बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल को लेकर ये है मान्यता भी है कि ब्रह्म हत्या के पाप के मुक्ति के लिए भगवान शिव तीनों लोक घूमे. अंत मे बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में ज्यो ही पहुचे, त्यों ही यह सिर त्रिशूल से छूट गया और यह तीर्थ ब्रह्मकपाल कहलाया. पितरो को मोक्ष के चलते बदरीनाथ धाम को मोक्ष धाम भी कहते है. यहां पर पिंडदान करने के पश्चात पितरों को मोक्ष मिलने के काऱण अन्य जगह पिंडदान और तर्पण करने की आवश्यकता नहीं होती. बद्रीनाथ मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर अलकनंदा नदी के किनारे ब्रह्मकपाल तीर्थ स्थित है. इसे कपाल मोचन तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर पितृ तर्पण या पिंडदान करने का विशेष महत्व है. ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित संजय हटवाल और हरीश सती कहते हैं कि गया और काशी में भी पिंडदान किया जाता है लेकिन ब्रह्मकपाल में पिंडदान का विशेष महत्व है. श्राद्ध पक्ष में गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन दिया जाता है. इसके साथ ही श्राद्ध में चावल की खीर बनाई जाती है. चावल को देवताओं का अन्न माना जाता है. इसलिए चावल की खीर बनाई जाती है. देवताओं और पितरों को चावल प्रिय है. इसलिए यह पहला भोग होता है. साथ ही चावल, जौ और काले तिल से पिंडदान बनाकर पितरों को अर्पित किए जाते हैं. आज श्राद्ध पक्ष के प्रथम दिन धाम में खराब मौसम के चलते ब्रह्मकपाल क्षेत्र में अपने पित्रों के पिंड दान तर्पण के लिए देश के भिन्न भिन्न राज्यों से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपने पित्रों के नाम का पिंड दान तर्पण किया है. बद्रीनाथ मंदिर के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल का कहना है कि वंश वृद्धि के लिए पित्रों का पूजन करना चाहिए, प्रथम पिंड गया से प्रारंभ होता है और अंतिम पिंड बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल से. ब्रह्मकपाल वो तीर्थ है जिस तीर्थ में ब्रह्मा की भी हत्या होने के बाद भगवान शंकर पर ब्रह्म हत्या लग गयी, ब्रह्मा का एक सिर कट गया और यही बद्रीनाथ ब्रह्मकपाल में उनके त्रिशूल से छूट पड़ा. यानी कि ब्रह्म हत्या का पाप भी पूर्ण हो गया अर्थात वो क्षेत्र भी विशेष रूप से पित्र प्रतिक्षा करते हैं. महाभारत में ये भी कहा गया है कि इस क्षेत्र के दर्शन से पितृ खुश हो जाते है अगर कुछ नहीं कर सकते तो हाथ ऊपर खड़े करिए और पितृों को याद करिए.
0
0
Report

छतरपुर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्थानीय प्रशासन ने एक दिन स्कूल बंद किए

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर जिले में बीते 24 घंटे से अधिक हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के बीच हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में स्कूलो का एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है ।,लगातार हो रही बारिश की वजह से जिले की सभी नदी-नाले उफान पर हैं और कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। बमीठा-खजुराहो मुख्य मार्ग पर भी घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।,इसी मार्ग पर खजुराहो घूमने आए विदेशी पर्यटकों की एक बस पानी में फंस गई है। बस में सवार टूरिस्टों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और बस को निकाला , मौसम विभाग ने अभी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है。
0
0
Report
Advertisement

यूपी में भारी बारिश से 15 की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त; राहत अभियान तेज

Lucknow, Uttar Pradesh:स्लग - यूपी के 63 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राहत-बचाव तेज करने के निर्देश 48 घंटे में 15 लोगों की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त राहत आयुक्त ने DM को प्रभावित परिवारों से सीधे मिलने के दिए निर्देश एंकर - उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश और खराब मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश और आंधी-तूफान से अब तक 15 लोगों की मौत, 4 पशुहानि और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। वी ओ - उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में करीब 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश नहीं हुई। वी ओ - भारी बारिश और आंधी-तूफान से प्रदेश में बड़ा नुकसान हुआ है। 15 लोगों की जनहानि, 4 पशुहानि, 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा 5 लोग घायल हुए हैं। जनहानि के मामले में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक मौत हुई है। अयोध्या में 2 और लखिमीपुर खीरी में 4 लोगों की मौत की सूचना है। वी ओ — मकानों का नुकसान बारिश और आंधी से कई जिलों में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बस्ती में 32, जालौन में 21, सुल्तानपुर में 8, अयोध्या और पीलीभीत में 7-7, बहराइच में 5, जबकि गाजीपुर और कानपुर देहात में 3-3 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है। वी ओ - राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। घायलों के उपचार की व्यवस्था, बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे और प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता देने के भी निर्देश दिए गए हैं। फायर सर्विस, PAC, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और SDRF की सेवाएं जरूरत के मुताबिक लेने को कहा गया है। वी ओ - प्रशासन को कच्चे मकानों के आसपास की स्थिति पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी जलभराव वाले क्षेत्रों का तत्काल संज्ञान लेंगे। जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। वी ओ - नेपाल में बारिश से बढ़ी चिंता नेपाल में जारी भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए संबंधित जिलों में बाढ़ राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वी ओ - मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 36 घंटे में मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन एवं मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
0
0
Report

लिफ्ट के बहाने नाबालिग के साथ दुष्कर्म: तीन गिरफ्तार

Darbhanga, Bihar:लिफ्ट देने के बहाने नाबालिग छात्रा को बाइक पर ले जाकर ननिहाल ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोप में बिरौल थाना क्षेत्र में तीन गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य आरोपी प्रविंद्र मांझी और उसके पिता जामुन मांझी और एक सहयोगी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने 25 सितंबर की देर शाम थाने में आवेदन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों के ठिकानों पर छापा मारकर दो नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारियों के समय मुख्य आरोपी प्रविंद्र मांझी के पिता जामुन मांझी को भी गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने पीड़ित परिवार को धमकाने और झूठे केस में फंसाने का धमकी दी थी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्रा के लिफ्ट देकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप मुख्य आरोपी पर है। आवेदन में जामुन मांझी पर भी पीड़िता के परिजनों को डराने-धमकाने और केस उठाने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी परिवार और पीड़ित परिवार के बीच पारिवारिक संबंध हैं और प्रविंद्र मांझी का प्रेम प्रसंग का एंगल दिख रहा है। लेकिन चूंकि पीड़िता नाबालिग है, मामला गंभीर है, नाबालिग को बाइक से ले जाकर ननिहाल में एक रात रकha गया है, दुष्कर्म से जुड़ा है, इसलिए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है। पीड़िता के बयान, घटना की परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top