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औरैयाः नाले में पड़ा मिला युवक का शव, गुरुवार की शाम घर निकला था युवक
Auraiya, Uttar Pradesh:बमरीपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक नाले में युवक का शव पड़ा मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकाला। युवक की पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई जिसके बाद रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। माहतेपुर गांव निवासी सत्यनारायण उर्फ सत्तू (35) गुरुवार शाम औरैया गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह बमरीपुर गांव के पास नाले में ग्रामीणों ने शव देखा।
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दिल्ली दौरे के दौरान भूपेश बघेल की टिप्पणी; 5,000 किसान प्रदर्शन और गन्ना मूल्य
Noida, Uttar Pradesh:RAIPUR (CHHATTISGARH): BHUPESH BAGHEL (FORMER CHHATTISGARH CHIEF MINISTER) ON SITUATION DURING VISIT TO DELHI/ DETENTION OF 5,000 PROTESTERS/ SUGARCANE PROCUREMENT PRICES AND FARMERS’ PROTEST/ SONAM WANGCHUK’S WARNING OF INDEFINITE HUNGER STRIKE/ CANCELLATION OF union RAILWAY MINISTER ASHWINI VAISHNAW’S RAIPUR VISIT0
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ट्विंकल खन्ना जयपुर पहुंचीं, इवेंट में शामिल होंगी
Noida, Uttar Pradesh:काशीराम जयपुर। अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना पहुंची जयपुर। मुंबई की फ्लाइट से पहुंची जयपुर एयरपोर्ट। एक इवेंट में शामिल होने जयपुर आई हैं ट्विंकल खन्ना।0
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छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹425 किया, किसानों ने समाप्त की हड़ताल
Raipur, Chhattisgarh:Chhattisgarh Govt Hikes Sugarcane Price to ₹425 Per Quintal; Farmers Call Off Strike रायपुर: छत्तीसगढ़ में आंदोलन कर रहे गन्ना किसानों की मांगों पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में किसान नेताओं के साथ सकारात्मक वार्ता हुई। सरकार ने गन्ने का खरीद मूल्य 355 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद किसानों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों के हित में यह कदम उठाया गया है।0
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महालया के अवसर पर इडेन गार्डन में लेसर शो और रेड रोड पर कार्यक्रम
Howrah, West Bengal:আজ মহালয়া।দেবী পক্ষের শুরু।আজ এই বিশেষ তিথিতে রাজ্য সরকারের উদ্যোগে বিশেষ অনুষ্ঠান ইডেন গার্ডেন্সে।সেখানে হবে লেসার শো।বাজবে দশ হাজার ঢাক।এছাড়াও রেড রোডে হবে বিশেষ অনুষ্ঠান।সুন্দরভাবে সাজানো হয়েছে রেড রোড।বাংলার লোক সংস্কৃতি ও ঐতিহ্য তুলে ধরা হবে।আলাদা আলাদা মঞ্চ তৈরী হয়েছে।সেখানে ইতিমধ্যেই লোক শিল্পীরা আসতে শুরু করেছেন।0
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जयनगर में तृणमूल विधायक पर हमला: ईंट-लाठी से मारपीट, भाजपा पर आरोप-प्रत्यारोप
Jainagar, Bihar:জয়নগরে আক্রান্ত তৃণমূল বিধায়ক! গাড়ি আটকে ইট-লাঠি দিয়ে মারধরের অভিযোগ, পাল্টা দাবি বিজেপির জয়নগর: বিধায়ক কার্যালয় থেকে ফেরার পথে আক্রান্ত তৃণমূল বিধায়ক। রাস্তায় গাড়ি আটকে ইট ও লাঠি দিয়ে মারধরের অভিযোগ উঠল বিজেপি কর্মীদের বিরুদ্ধে। ঘটনাটি ঘটেছে জয়নগর থানার মনসাতলা ও গৌড়বেড়িয়া হাট এলাকায়। হামলায় বিধায়কের পাশাপাশি তাঁর নিরাপত্তারক্ষী ও গাড়ির চালকও আহত হয়েছেন বলে অভিযোগ। যদিও বিজেপির পাল্টা দাবি, বিধায়কের উসকানিমূল মন্তব্যের জেরেই সাধারণ মানুষ এই হামলা চালিয়েছেন। জানা গিয়েছে, প্রতি শনিবারের মতো এদিনও নিজের কার্যালয়ে গিয়েছিলেন বিধায়ক। সেখানকার কাজ সেরে ফেরার পথে মনসাতলা এলাকায় কয়েকজন তাঁর গাড়ি আটকান বলে অভিযোগ। বিধায়ককে গাড়ি থেকে নামতে বলা হয়। এমনকি তাঁকে দেখে নেওয়ার হুমকিও দেওয়া হয় বলে অভিযোগ। এরপরই ইট দিয়ে তাঁর গাড়িতে হামলা চালানো হয়। অভিযোগ, সেখান থেকে কোনোরকমে বেরিয়ে এলেও গৌড়বেড়িয়া হাট এলাকায় ফের বিধায়কের গাড়ি আটকানো হয়। সেখানে তাঁকে গালিগালাজ করার পাশাপাশি ইট দিয়ে মাথায় আঘাত করা হয় বলে অভিযোগ। লাঠি দিয়েও মারধর করা হয়। বিধায়কের দাবি, কেন তিনি মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের দল করেন, কেন এই আসনে জয়ী হয়েছেন—সেই প্রশ্ন তুলেই তাঁর উপর হামলা চালানো হয়। হামলার জেরে বিধায়কের বাঁ চোখে আঘাত লেগেছে। আঘাত গুরুতর বলেই দাবি তাঁর। আক্রান্ত হয়েছেন তাঁর নিরাপত্তারক্ষী এবং গাড়ির চালকও। খবর পেয়ে ঢোসা ক্যাম্পের পুলিশ ঘটনাস্থলে পৌঁছে তাঁদের উদ্ধার করে। পরে বিধায়ক নিজেই জয়নগর থানায় গোটা বিষয়টি জানান। এই ঘটনার পিছনে বিজেপি আশ্রিত দুষ্কৃতীদের হাত রয়েছে বলে অভিযোগ বিধায়কের। এলাকায় গুন্ডামির রাজত্ব চলছে বলেও অভিযোগ তুলেছেন তিনি। অন্যদিকে, বিজেপির দাবি, বিধায়কের উসকানিমূল মন্তব্যের কারণে ক্ষুব্ধ সাধারণ মানুষ এই হামলা চালিয়েছেন। ফলে ঘটনাকে কেন্দ্র করে শুরু হয়েছে রাজনৈতিক চাপানউতোর। গোটা ঘটনায় এলাকায় উত্তেজনা ছড়িয়েছে。0
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भंवरगढ़ में प्रेमी के साथ फरार महिला, परिवार ने दिया प्रतीकात्मक श्राद्ध
Baran, Rajasthan:बारां के भंवरगढ़ थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार भंवरगढ़ निवासी कमलेश चौधरी पत्नी लोकेश चौधरी, जो तीन बच्चों की मां है, अपने प्रेमी बकनपुरा निवासी राम लखन गुर्जर के साथ फरार हो गई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले करीब 2 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी परिजनों को लगने के बाद परिवार ने कई बार महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुई और अंत में प्रेमी के साथ चली गई। महिला के इस कदम से नाराज परिवार ने सामाजिक रूप से उससे सभी रिश्ते खत्म करने का फैसला लिया। परिजनों ने जीवित महिला का ही प्रतीकात्मक श्राद्ध कार्यक्रम आयोजित कर समाज में यह संदेश दिया कि अब उनका उससे कोई संबंध नहीं है। परिजनों द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से गांव सहित पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल इस मामले में किसी प्रकार की पुलिस शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है.0
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मुजफ्फरपुर DRI-STF की संयुक्त कार्रवाई: 5.14 करोड़ की नेपाल-मूल चरस गिरफ्तार
Muzaffarpur, Bihar:Slug- मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की बड़ी कार्रवाई,5.14 करोड़ की नेपाल-मूल की चरस जब्त,नेपाल के सप्लायर और मुख्य मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को किया गिरफ्तार Anchor - इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है,जहां मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के एक गांव से नेपाली मूल के 5.14 करोड़ के चरस के साथ एक महिला समेत दो तस्कर को गिरफ्तार किया है और इस तरह मुजफ्फरपुर DRI और बिहार STF की टीम ने एक सक्रिय बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है. दरअसल डीआरआई (DRI) मुजफ्फरपुर और बिहार पुलिस की एसटीएफ (STF) ने एक साझा ऑपरेशन में 5.14 किलोग्राम नेपाल-मूल की चरस जब्त की है.जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 5.14 करोड़ रुपये बताई जा रही है.इस मामले में नेपाल के सप्लायर और मुख्य मास्टरमाइंड लक्ष्मण साव और मीरा देवी को गिरफ्तारी किया गया है.नशामुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबियों में से एक मानी जा रही है.बिहार एसटीएफ को इनपुट मिला था कि नेपाल से रक्सौल के रास्ते ड्रग्स की एक बड़ी खेप भारत में दाखिल होने वाली है.जानकारी मिलते ही डीआरआई मुजफ्फरपुर और एसटीएफ ने एक संयुक्त टीम बनाई.सुरक्षाबलों की इस स्पेशल टीम ने भारत-नेपाल बॉर्डर के बेहद सुदूर और संवेदनशील इलाकों में पांच दिनों तक लगातार डेरा डाले रखा और कड़ी निगरानी (Surveillance) रखी.9 अक्टूबर की देर रात टीम को पक्का इनपुट मिला कि रक्सौल के एक गांव के एक घर में भारी मात्रा में चरस छिपाई गई है और वहां इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड भी मौजूद है.जिसके बाद DRI और एसटीएफ की टीम बिना समय गंवाए 10 अक्टूबर की तड़के सुबह डीआरआई, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने उस ठिकाने पर धावा बोल दिया.तलाशी के दौरान घर से 10 पैकेटों में बंद 5.14 किलोग्राम ताजा चरस बरामद हुई.मौके से दो लोगों को दबोचा गया,जिसमें नेपाल से इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट करने वाला मुख्य सप्लायर यानी मास्टरमाइंड लक्ष्मण साव और उसके महीला सहयोगी मीरा देवी भी शामिल है.जिससे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि नेपाल से आई इस चरस को मध्य प्रदेश के इंदौर सप्लाई किया जाना था.पकड़े गए दोनों आरोपियों को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायीक हिरासत में भेज दिया गया है.एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं.फिलहाल इस पूरे सप्लाई चेन को खंगालने और सिंडिकेट के बाकी गुर्गों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है.0
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साफ नजर का मतलब हमेशा स्वस्थ आंखें नहीं, अच्छी नजर को हल्के में न लें
Noida, Uttar Pradesh:नरोदा / गांधीनगर, अक्टूबर 2026: आंखों की सेहत को अक्सर तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता, जब तक नजर से जुड़ी कोई परेशानी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित न करने लगे। विशेषज्ञों ने लोगों से नियमित आंखों की जांच कराने और आंखों की सेहत का ध्यान रखने वाली अच्छी आदतों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। धुंधला दिखना, पढ़ने में परेशानी या रात में साफ न दिखना जैसे लक्षण नजर की समस्या का संकेत हो सकते हैं, लेकिन आंखों की कई गंभीर बीमारियां शुरुआत में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी बढ़ सकती हैं। डायबिटीज, लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत और उम्र बढ़ना ऐसे प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से नियमित आंखों की जांच जरूरी हो जाती है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच करानी चाहिए, क्योंकि डायबिटिक रेटिनोपैथी शुरुआत में बिना किसी लक्षण के रेटिना की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। उम्र के साथ होने वाली कैटरेक्ट, ग्लूकोमा और एज रिलेटेड मैक्युलर डिजेनेरेशन जैसी बीमारियों की भी समय पर जांच और इलाज जरूरी है, ताकि नजर बनी रहे और लोग रोजमर्रा के कामों के लिए आत्मनिर्भर रहें। डॉ. निखिल प्रजापति, सीनियर कंसल्टेंट - कैटरेक्ट एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन, सेंटर फॉर साइट, गांधीनगर ने कहा, “अच्छी नजर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। आंखों की कई बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं और व्यक्ति सामान्य रूप से पढ़ता, काम करता, गाड़ी चलाता और रोजमर्रा के काम करता रह सकता है। ग्लूकोमा, उदाहरण के लिए, धीरे-धीरे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचा सकता है और एक बार नजर चली जाए तो उसे आमतौर पर वापस नहीं लाया जा सकता। इसी तरह डायबिटिक रेटिनोपैथी भी शुरुआत में नजर में कोई खास बदलाव किए बिना रेटिना को प्रभावित कर सकती है। इसलिए आंखों की जांच को सिर्फ चश्मे का नंबर पता करने वाली जांच नहीं समझना चाहिए। यह एक जरूरी हेल्थ चेकअप है, जिससे बीमारियों का समय पर पता लगाने और नजर को बचाने में मदद मिल सकती है।” उम्र बढ़ने के साथ आंखों की देखभाल और भी जरूरी हो जाती है। कैटरेक्ट का प्रभावी इलाज संभव है, जबकि ग्लूकोमा और एज रिलेटेड मैक्युलर डिजेनेरेशन जैसी बीमारियों को समय पर पहचानने से उन्हें बेहतर तरीके से कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। अच्छी नजर बनी रहने से बुजुर्गों को आत्मनिर्भर रहने और रोजमर्रा के काम सुरक्षित तरीके से करने में मदद मिलती है। डॉ. प्रजापति ने आगे कहा, “रोजमर्रा की आदतों का आंखों के आराम और लंबे समय तक आंखों की सेहत पर असर पड़ता है। कंप्यूटर और स्मार्टफोन पर लंबे समय तक काम करने से आंखों में सूखापन, थकान, सिरदर्द और आई स्ट्रेन हो सकता है। बीच-बीच में ब्रेक लेना, बार-बार पलकें झपकाना, स्क्रीन से सही दूरी रखना और पर्याप्त रोशनी में स्क्रीन का इस्तेमाल करना मददगार हो सकता है। बच्चों की आंखों पर खास ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि वे कम उम्र से ही स्मार्टफोन, टैबलेट और दूसरी स्क्रीन के संपर्क में रहते हैं। बाहर खेलने और समय बिताने के मौके कम होने से मायोपिया का खतरा भी बढ़ सकता है। बच्चों को रोजाना कुछ समय बाहर बिताने और कम उम्र से ही आंखों की अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना फायदेमंद हो सकता है।” 8 अक्टूबर को मनाए गए वर्ल्ड साइट डे 2026 की थीम “#LoveYourEyes” है। इसका संदेश साफ है, नजर सामान्य होने पर भी आंखों की सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित आंखों की जांच, स्क्रीन के इस्तेमाल में सावधानी और समय पर डॉक्टर से सलाह लें।0
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गोरखपुर में अज्ञात बुजुर्ग की ट्रेन की चपेट में मौत: पहचान अब भी नहीं
Gorakhpur, Uttar Pradesh:चौरीचौरा में ट्रेन की चपेट में आने से बुजুর्ग की मौत, शिनाख्त नहीं। गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र में भोपा रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार को ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 वर्षीय अज्ञात बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना रेलवे क्रॉसिंग गेट संख्या 147-बी के पास की है। सूचना मिलने पर आरपीएफ और चौरीचौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बुजुर्ग की पहचान कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन देर तक शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस बुजुर्ग की पहचान कराने में जुटी है。0
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गुरदासपुर के दीनानगर में भीषण सड़क हादसा: कार चालक सन्नी भगत की मौत
Gurdaspur, Punjab:गुरदासपुर के दीनानगर के अंतर्गत गांव मियाणी के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे में कार चालक सन्नी भगत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार सड़क किनारे खड़े सफेदे के पेड़ से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। मृतक की पहचान बहरामपुर निवासी सन्नी भगत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सन्नी भगत अपनी कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान गांव मियाणी के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और कार बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े सफेदे के पेड़ से टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग के कारण कार बुरी तरह जल गई। इस हादसे की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर फैल गई। सन्नी भगत की अचानक मौत से परिवार और परिचितों में गम का माहौल है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है।0
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लुधियाणा दरासी मैदान में 121 फीट ऊँचा रावण पुतला तैयार
Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਫੂਕਿਆ ਜਾਵੇੇਗਾ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਪਿਛਲੇ ਤਿੰਨ ਦਹਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ’ਤੇ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਦੇ ਨਾਲ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅੱਗ Pooरे ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਦਸਹਿਰਾ ਭਾਵੇਂ 20 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਮਨਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਪਰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਬਣਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਵੀ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪੁਰਾਣੇ ਦਸਹਿਰਾ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿੱਚ ਇਸ ਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਤਲੇ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਆਗਰੇ ਤੋਂ ਆਏ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰ ਪੂਰੀ ਟੀਮ ਨਾਲ ਪਿਛਲੇ 20 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਵਾਰ ਰਾਵਣ ਦੀ ਰੰਗਲੀ ਪੁਸ਼ਾਕ ਅਤੇ ਧੁੰਨੀ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੇ ਚੰਗਿਆੜੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਹੋਣਗੇ。 ਯੂ ਪੀ ਦੇ ਆਗਰਾ ਸ਼ਹਿਰ ਤੋਂ ਸਿਵਲ ਇಂಜਨੀਅਰ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਿਛਲੇ 30 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਮਸ਼ਹੂਰ ਦਰੇਸੀ ਗਰਾਊਂਡ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਰਾਵਣ, ਮੇਘਨਾਦ ਅਤੇ ਕੁੰਭਕਰਨ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਬਣਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਅਸਗਰ ਅਲੀ ਨੇ ਦਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਵਾਰ ਦਰੇਸੀ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ 121 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਰਾਵਣ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਪੁਤਲੇ ’ਤੇ 12 ਫੁਟ ਤੱਕ ਦਾ ਛਤਰ ਲਾਇਆ ਜਾਏਗਾ। ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਧੁੰਨੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਛੱਤਰੀ ਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਜੋ ਰਿਮੋਟ ਕੰਟਰੋਲ ਨਾਲ ਚੰਗਿਆੜੇ ਛੱਡੇਗੀ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਅਤੇ ਕੰਨਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੇ ਰੰਗ-ਬਿਰੰਗੇ ਚੰਗਿਆੜੇ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਖਿੱਚ ਦਾ ਕੇਂਦਰ ਹੋਣਗੇ। ਇਸ ਵਾਰ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਦੀ ਪੋਸ਼ਾਕ ਵੀ ਰੰਗੀਲੀ ਬਣਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸ ਲਈ ਕਾਲੇ, ਨੀਲੇ, ਚਾਂਦੀ ਰੰਗੇ ਅਤੇ ਸੋਨੇ ਰੰਗੇ ਕਾਗਜ਼ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਸੁਹੇਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਕਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਲਈ ਰਾਵਣ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。0
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नवरात्रि से पहले प्रयागराज में सुरक्षा कड़ी, CCTV-ड्रोन निगरानी जारी
Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): नवरात्रि, दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले पुलिस अलर्ट पर है। CCTV और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है。0
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घड़साना के किसानों की महापंचायत, बेनीवाल का 9:15 बजे तक अल्टीमेटम
Noida, Uttar Pradesh:श्री गंगानगर के घड़साना से बड़ी खबर सिंचाई पानी को लेकर किसानों की महापंचायत जारी ह numan बेनीवाल ने सरकार को दिया 9.15 बजे तक का अल्टीमेटम सरकार ने अगर किसानों की सभी मांगे नही मानी तो करेंगे कूच वहीं वार्ता के लिए धरनास्थल पर पंहुचे उपखंड अधिकारी दीपक चंदन तहसीलदार कुलदीप कस्वां व डीएसपी जयप्रकाश0
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जसपुर-काशीपुर हाईवे पर हादसा: ऑटो-टाटा 407 भिड़ंत में तीन की मौत, चार घायल
Jaspur, Uttarakhand:जसपुर-काशीपुर हाईवे पर देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ऑटो रिक्शा और टाटा 407 की आमने-सामने भिड़ंत में ऑटो रिक्शा में सवार तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जसपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त कर ली है और हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। स्थानीय नागरिक जसपुर के बताए जाते हैं, जिनके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। ड्राइवर के ठिकाने की जानकारी मिल चुकी है और उसे सूचना दी गई है।0
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बाड़मेर कुरजा में खनन माफिया का तांडव, दो साल में पहाड़ गायब
Barmer, Rajasthan:बाड़मेर से एक रिपोर्ट बताती है कि खनन माफिया कैसे प्रकृति को छलनी करने में जुटा हुआ हैं। महज दो साल में पहाड़ गायब, जमीन छलनी और पीछे छूट गए मौत जैसे गड्ढे! सवाल है अगर ये गौचर जमीन थी और खनन अवैध था, तो फिर दो साल तक पहाड़ों को कौन लूटता रहा… और प्रशासन कहां सोता रहा? देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट बाड़मेर में खनन माफिया का तांडव! दो साल में पहाड़ गायब, गौचर जमीन पर किसका राज? ये पहाड़ हैं… या किसी ने इनका कत्ल कर दिया? जहां कभी पहाड़ खड़े थे, वहां आज गहरे गड्ढे हैं। जमीन का सीना छलनी है और प्राकृतिक संपदा के विनाश के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल , महज दो साल में आखिर पूरा पहाड़ गायब कैसे हो गया? ये तस्वीरें बाड़मेर जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर कुरजा गांव की हैं। आरोप है कि खनन माफिया ने दो साल के भीतर यहां की पहाड़ियों का भूगोल ही बदल दिया। और मामला सिर्फ पहाड़ों के उजड़ने का नहीं है। जिसकी जमीन पर खनन हुआ, उसे ग्रामीण अनारक्षित गौचर भूमि बता रहे हैं। यानी वह जमीन, जो गांव के पशुधन के लिए अहम मानी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले दो साल से लगातार आवाज उठा रहे हैं। पटवारी से लेकर माइनिंग डिपार्टमेंट तक खनन को अवैध बता रहा है। अगर सरकारी विभागों के स्तर पर भी खनन को अवैध माना जा रहा है, तो फिर सवाल बेहद गंभीर है। सवाल है? कि कार्रवाई कौन रोके बैठा है? पहाड़ कटते रहे, गड्ढे गहरे होते रहे, लेकिन जिम्मेदारों की नींद क्यों नहीं टूटी? खनन के दौरान हुए विस्फोटों ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा किया। ग्रामीणों को डर है कि लगातार हो रही इस गतिविधि का असर उनके जीवन, आसपास की जमीन और पर्यावरण पर पड़ रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि गहरे गड्ढों के बीच से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। एक तरफ धूल और प्रदूषण का खतरा, दूसरी तरफ प्राकृतिक संपदा का नुकसान और तीसरी तरफ गौचर भूमि को लेकर गंभीर सवाल। यानि पहाड़ भी गए, जमीन भी उजड़ी और ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ी। अब बताइए, इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? इस पूरे मामले में राजस्व के नुकसान का सवाल भी कम गंभीर नहीं है। कितना खनिज निकाला गया? कितने वाहनों से उसकी ढुलाई हुई? कितनी रॉयल्टी जमा हुई? अगर खनन अवैध था, तो सरकारी खजाने को कितने राजस्व का नुकसान हुआ? इन सवालों के जवाब रिकॉर्ड की जांच से ही सामने आएंगे। प्रशासन को खनन की अनुमति, लीज, जमीन की जमाबंदी और गौचर भूमि की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। अवैध खनन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। क्योंकि सवाल सिर्फ कुरजा की पहाड़ियों का नहीं है। सवाल उस व्यवस्था का है, जिसकी जिम्मेदारी प्राकृतिक संपदा और सरकारी जमीन की रक्षा करना है। बाड़मेर के कुरजा में ग्रामीण दो साल से आवाज उठा रहे हैं। अब प्रशासन की बारी है कि वह जवाब दे। गौचर जमीन पर खनन किसने होने दिया? पहाड़ों को काटने वालों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा? याद रखिए… पहाड़ दोबारा खड़े करना आसान नहीं है। लेकिन उन्हें बचाने की जिम्मेदारी जिनकी थी, उनसे जवाब मांगना जनता का हक है। कुरजा की उजड़ी पहाड़ियां आज एक ही सवाल पूछ रही हैं: खनन माफिया की मशीनें चलती रहीं… आखिर कार्रवाई का बुलडोजर कहां था ?0
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