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गयाजी जंक्शन पर महिला चोर गैंग गिरफ्तार, पटना की चार महिलाएं, मंगलसूत्र-तीन मोबाइल बरामद

Gaya, Bihar:गयाजी जंक्शन पर सक्रिय था महिला चोर गैंग! पटना की चार महिलाएं गिरफ्तार, सोने का मंगलसूत्र और तीन मोबाइल बरामद गयाजी जंक्शन पर रेल यात्रियों को निशाना बनाने वाले महिला चोर गैंग का खुलासा हुआ है। रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के जरिए यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करने वाली चार महिलाओं को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी का सोने का मंगलसूत्र और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार सभी महिलाएं पटना जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। रेलवे सुरक्षा बल की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया रेलवे स्टेशन पर विशेष निगरानी और गश्त की जा रही थी। इसी दौरान आरपीएफ, अपराध आसूचना शाखा, सीपीडीएस और जीआरपी की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर की तरफ पहुंची। यहां चार महिलाएं संदिग्ध अवस्था में दिखाई दीं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की मदद से छहों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान महिलाओं के पास से पीली धातु का एक मंगलसूत्र बरामद हुआ, जिसका वजन 8.30 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी मिले। बरामद सामान के बारे में पूछताछ करने पर महिलाओं ने रेल यात्रियों के सामान की चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर जीआरपी थाना पहुंचाया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सायरा खातून (55 वर्ष), समीमा खातून (50 वर्ष), नजिया खातून (45 वर्ष) और रजिया खातून (40 वर्ष) के रूप में हुई है। चारों पटना जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित दरगाह पर मुसलमपुर हाट की रहने वाली हैं। आरपीएफ के उपनिरीक्षक इन्द्र कुमार की लिखित शिकायत पर जीआरपी थाना गया में कांड संख्या 277/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 317(5) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट गया, अपराध आसूचना शाखा, सीपीडीएस और जीआरपी की टीम शामिल रही। रेलवे स्टेशन पर महिला चोर गैंग के पकड़े जाने से यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान को महत्वपूर्ण सफलता मिली है。
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गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजा बरामद, पंजाब की दो महिलाएं गिरफ्तार

Gaya, Bihar:गया एयरपोर्ट पर कस्टम की बड़ी कार्रवाई, थाईलैंड से आईं पंजाब की दो महिलाएं 10 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार; अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई गया जी से बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बढ़ते संचालन के बीच गया एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला सामने आया है। कस्टम विभाग की टीम ने थाईलैंड से पहुंचीं पंजाब की दो महिलाओं को करीब 10 किलोग्राम मारिजुआना (गांजा) के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है, हालांकि कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे थाई एयरवेज की फ्लाइट से दोनों महिलाएं थाईलैंड से गया एयरपोर्ट पहुंची थीं। एयरपोर्ट पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान एक्स-रे स्कैनिंग में उनके सामान को लेकर सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। इसके बाद सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने दोनों महिलाओं को रोक लिया। उनके बैग की गहन तलाशी ली गई तो चार अलग-अलग बैग में बेहद शातिराना तरीके से छिपाकर रखा गया करीब 10 किलो मारिजुआना बरामद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्टम विभाग के अधिकारियों ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान सिमरनजीत और कुलविंदर के रूप में हुई है। दोनों पंजाब की रहने वाली बताई जा रही हैं। थाईलैंड से गया तक गांजे की इतनी बड़ी खेप पहुंचने के मामले ने एयरपोर्ट सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इस खेप को गया लाने के पीछे किस नेटवर्क का हाथ है और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।
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हरियाणा में डीजीपी ने थाने स्तर पर अपराध नियंत्रण के कड़े निर्देश जारी किए

Chandigarh, Chandigarh:डीजीपी ने थाना स्तर पर अपराध के पैटर्न का बारीकी से विश्लेषण करने के निर्देश। नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों में विशेष टीमें गठित कर उनकी शीघ्र रिकवरी सुनिश्चित करें। रात्रि नाकाबंदी, पेट्रोलिंग, सीसीटीवी और अपराधियों के डাটা डिजिटलीकरण पर विशेष फोकस करने के निर्देश हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने आज पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में अपराध नियंत्रण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण, थाना स्तर पर अपराध की प्रवृत्तियों की पहचान, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से निपटने की तैयारियों तथा अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। - *धरना-प्रदर्शनों से उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक पहले से तैयार रखें एक्शन प्लान, एसओपी के अनुरूप करें कार्रवाई: डीजीपी* डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों के धरना-प्रदर्शनों से कई बार कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें और निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस बल हर स्तर पर आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों से लैस (Well Equipped) रहे। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को जिलेवार धरना-प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं का विश्लेषण कर उनके कारणों की पहचान करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। - **बेहतर डेटा से बनेगी प्रभावी अपराध नियंत्रण रणनीति** डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए सटीक और बेहतर डेटा का होना बेहद जरूरी है। यदि हमारे पास अपराध से संबंधित विस्तृत और विश्वसनीय आंकड़े होंगे तो हम बेहतर रणनीति तैयार कर सकेंगे, जिससे अपराध की रोकथाम में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा एसओपी तैयार की गई है। सभी अधिकारी इसका गंभीरता से पालन करें और निर्धारित एसओपी के अनुरूप ही कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए और उन्हें अपने एक्शन प्लान की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। - **थाना स्तर पर अपराध की समीक्षा, बढ़ते अपराधों के कारणों की होगी पहचान** बैठक के दौरान थाना स्तर पर अपराध की स्थिति की समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था श्री राकेश आर्य ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराध के बदलते पैटर्न और वृद्धि वाले क्षेत्रों की जानकारी दी। डीजीपी ने निर्देश दिए कि हत्या, डकैती सहित अन्य अपराधों में वृद्धि के कारणों का गहन विश्लेषण किया जाए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के पहले दस महीनों में प्रदेश में कुल अपराध में 9.41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, लेकिन थाना स्तर पर अपराध की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपराध की प्रकृति और स्थान के अनुसार पेट्रोलिंग बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा अन्य निवारक उपाय अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही, अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की बात कही। - **नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों में विशेष टीमें बनाने के निर्देश** डीजीपी ने 18 वर्ष से कम आयु के गुमशुदा लोगों विशेषकर लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चियों सहित गुमशुदा व्यक्तियों, विशेषकर कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए तथा उनकी शीघ्र तलाश और रिकवरी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को लेकर अत्यंत गंभीर है और पुलिस अधिकारियों को भी इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। - **अपराधियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने पर जोर** श्री सिंघल ने आरजेएसएफ यूनिट द्वारा अपराधियों के डेटा के सत्यापन और डिजिटलीकरण के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपराधियों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से उनकी गतिविधियों और मूवमेंट पर प्रभावी निगरानी रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरजेएसएफ यूनिट द्वारा किया जा रहा अपराधियों के डेटा के डिजिटलीकरण का कार्य जल्द से जल्द पूरा करे जिसके बाद पीओ, बेल जम्परों तथा मोस्ट वांटेड अपराधियों का डेटा वेरीफाई किया जाएगा। - **रात्रि नाकाबंदी और सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने के निर्देश** अपराध की रोकथाम के लिए डीजीपी ने सभी थानों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बिना नंबर प्लेट अथवा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा रात्रि नाकाबंदी को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों की गतिविधियों और उनके मूवमेंट पर नजर रखने के लिए रात्रि नाकाबंदी बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए पुलिस आयुक्त , पुलिस महानिरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्वयं नाका प्वाइंट्स की मॉनिटरिंग करें और अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करें। - **एक्सटॉर्शन कॉल्स पर एसओपी के अनुसार हो कार्रवाई** एक्सटॉर्शन कॉल्स के मामलों पर चर्चा करते हुए डीजीपी ने कहा कि ऐसी कॉल प्राप्त होने पर कार्रवाई के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा एसओपी निर्धारित की गई है। सभी अधिकारी इसका पालन सुनिश्चित करें और एक्सटॉर्शन कॉल्स से संबंधित डेटा की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने बताया कि अभेद्य ऐप के माध्यम से प्राप्त होने वाली एक्सटॉर्शन कॉल्स से संबंधित जानकारी भी नियमित रूप से जिलों के साथ साझा की जा रही है। संबंधित जिलों को निर्देश दिए गए कि इस डेटा का तकनीकी टीमों के माध्यम से विश्लेषण करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। - **एटीएम से छेड़छाड़ होने पर सीधे डायल 112 पर पहुंचेगा अलर्ट** बैठक में एटीएम चोरी और एटीएम के माध्यम से होने वाले वित्तीय फ्रॉड की रोकथाम को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। डीजीपी ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा एटीएम मशीनों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। अब यदि कोई व्यक्ति एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ करता है अथवा उसे उखाड़ने का प्रयास करता करता है तो इसका अलर्ट सीधे डायल 112 हेल्पलाइन पर प्राप्त होगा, जिससे police टीम तत्काल मौके پر पहुँचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को एटीएम चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एटीएम के माध्यम से होने वाले साइबर एवं वित्तीय फ्रॉड की घटनाओं का डेटा विश्लेषण कर प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ अपराधी एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए तकनीकी विश्लेषण और प्रभावी निगरानी के माध्यम से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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नोएडा में धनतेरस-दिवाली के दौरान ट्रैफिक प्लान: 5 से 8 नवंबर तक डायवर्जन लागू

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में धनतेरस-द दिवाली पर ट्रैफिक प्लान जारी, 5 से 8 नवंबर तक कई रास्तों पर डायवर्जन नोएडा में धनतेरस और दीपावली के त्योहार को देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। बाजारों और शॉपिंग मॉल में खरीदारी के लिए उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए 5 नवंबर से 8 नवंबर 2026 तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। खास तौर पर सेक्टर-18 अट्टा मार्केट में भीड़ को नियंत्रित करने और जाम से बचाने के लिए कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा। यातायात पुलिस के मुताबिक, अट्टापीर चौक से अट्टा चौक की तरफ जाने वाले वाहन अट्टापीर से बाएं मुड़कर रायरेजिडेंसी चौक से दाहिने मुड़ते हुए कॉम्बिज स्कूल के सामने से एलिवेटेड रोड के नीचे यू-टर्न लेकर सेक्टर-28 कार मार्केट होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं, अट्टा चौक से अट्टापीर की ओर जाने वाले वाहन अट्टा चौक से बाएं मुड़कर जीआईपी मॉल के सामने से फिल्मसिटी फ्लाईओवर के नीचे यू-टर्न लेकर डीएलएफ और सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन की तरफ से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे। फिल्मसिटी फ्लाईओवर और गुरुद्वारा सेक्टर-18 की ओर से मेट्रो स्टेशन जाने वाले वाहन सेक्टर-18 अंडरपास का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा दादरी कस्बे में लुहारली टोल से एनटीपीसी तिराहा, दादरी तक भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों का आवागमन पहले से लागू नो-एंट्री व्यवस्था के तहत प्रतिबंधित रहेगा। जरूरत पड़ने पर रेलवे रोड से वाहनों को वैकल्पित मार्ग दिया जाएगा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी भारी, मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बाजारों में खरीदारी के लिए निजी वाहनों के बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें, सड़कों पर पार्किंग करने से बचें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर 9971009001 और व्हाट्सऐप नंबर 7065100100 पर संपर्क किया जा सकता है।
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बलरामपुर में घने कोहरे से सड़कें सूनी, सुबह से रफ्तार थमी

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में कोहरे की दस्तक, सुबह से छाई घनी धुंध; सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार बलरामपुर। जनपद में मौसम ने करवट ले ली है। गुरुवार तड़के करीब 2 बजे से ही जिले में घना कोहरा छाया रहा। सुबह 8 बजे तक भी कोहरे का असर कम नहीं हुआ। हालात ऐसे रहे कि सड़कों पर करीब 30 मीटर की दूरी के बाद कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। घने कोहरे के चलते जिले के प्रमुख मार्गों सहित ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। वाहन चालक दिन में भी लाइट जलाकर सावधानीपूर्वक सफर करते नजर आए। सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और आम दिनों की अपेक्षा आवाजाही काफी कम दिखाई दि. जिले में कोहरे के इस दौर की शुरुआत के साथ ही सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की जरूरत है।
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पुखरायां में कपड़े के बैग एटीएम छह महीने बाद भी खाली, शोपीस बना रहा खर्च

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:कानपुर देहात के पुखरायां नगर पालिका में प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने और लोगों को कपड़े के थैले उपलब्ध कराने के लिए करीब सात लाख रुपये खर्च किए गए। सार्वजनिक स्थानों पर तीन अलग-अलग जगहों पर क्लॉथ बैग एटीएम मशीनें लगाई गईं। दावा था कि इन मशीनों से बाजार आने वाले लोगों को आसानी से कपड़े के बैग मिल सकेंगे, लेकिन छह महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी ये मशीनें एक भी बैग नहीं निकाल सकी हैं। दरअसल, सरकार की मंशा थी कि बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक की जगह कपड़े से बने थैलों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। इसी उद्देश्य से पुखरायां में तीन स्थानों पर क्लॉथ बैग एटीएम लगाए गए। इन मशीनों की खासियत यह बताई गई थी कि कोई भी व्यक्ति 10 रुपये का नोट या सिक्का मशीन में डालेगा तो उसे अपने आप एक कपड़े का बैग मिल जाएगा। इससे लोगों को बाजार में सामान खरीदने के लिए प्लास्टिक की थैली का विकल्प भी मिलना था। मशीनें लगने के बाद इनका बाकायदा शुभारंभ भी किया गया। मशीनों पर बड़े-बड़े स्टिकर लगाए गए, जिन पर स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नगर पालिका अध्यक्ष की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं। लेकिन उद्घाटन के बाद इन मशीनों की हकीकत कुछ और ही सामने आई। छह महीने से अधिक समय गुजरने के बावजूद इनका संचालन शुरू नहीं हो सका। मशीनों के अंदर कपड़े के बैग रखे हुए हैं, लेकिन रुपये या सिक्का डालने पर बैग बाहर नहीं निकलता। नतीजा यह है कि लाखों रुपये की लागत से लगाई गईं तीनों मशीनें सार्वजनिक स्थानों पर महज शोपीस बनकर रह गई हैं। स्थानीय लोगों और बाजार में आने वाले ग्राहकों को आज तक इनका लाभ नहीं मिल सका है। वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के मुताबिक मशीनों में तकनीकी खराबी है, जिसके चलते उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। जिन फर्मों ने मशीनें लगाई थीं, उनका भुगतान भी फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने जल्द मशीनें शुरू कराने की बात कही है। अब सवाल यह है कि प्रतिबंधित प्लास्टिक पर रोक लगाने के उद्देश्य से खर्च किए गए सात लाख रुपये की इन मशीनों से लोगों को आखिर कब राहत मिलेगी, या फिर ये यूं ही शोपीस बनी रहेंगी?
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गंगोत्री हाईवे पर इनोवा नदी में गिरी, 4 की मौत, एक घायल

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:गंगोत्री हाईवे पर सड़क हादसा, इनोवा कार नदी में गिरी, 4 की मौके पर मौत, एक गंभीर घायल. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गंगनानी से करीब 20 मीटर आगे डबरानी की ओर एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। हादसे में वाहन में सवार 04 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 01 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद 4 लोगों के शव गाड़ी के किनारे पड़े मिले। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग एवं पुलिस मौके पर पहुंचे और नदी में गिरे घायल एवं शवों को बड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचाया। घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगों की मदद से सड़क तक लाया गया और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पहुंची और शवों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है।
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बारां के तीसरे चरण में 6 पंचायत समितियों के 147 ग्राम पंचायतों में मतदान

Baran, Rajasthan:पंचायतीराज चुनावों के तीसरें चरण में बारां जिले की 6 पंचायत समितियों में मतदान के लिए लगी कतार बारां जिले में आज गांव की सरकार का फैसला होगा। तीसरे चरण में जिले की 6 पंचायत समितियों की 147 ग्राम पंचायतों में आज मतदान हो रहा है। सरपंच पद के लिए 947 उम्मीदवार मैदान में हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। किसी गांव में केवल दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है, तो कहीं 18 उम्मीदवारों के बीच कड़ा संघर्ष है। सरपंच पद के लिए कुल 1308 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच में 16 नामांकन खारिज हो गए, जबकि 345 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। इसके बाद 947 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे। सबसे ज्यादा 268 नामांकन शाहाबाद पंचायत समिति में आए थे। इसके बाद किशनगंज में 232, अंता में 218, नाहरगढ़ में 208, केलवाड़ा में 206 और मांगरोल में 176 नामांकन दाखिल हुए थे。 नाम वापसी के बाद शाहाबाद में सबसे ज्यादा 173 उम्मीदवार मैदान में हैं। किशनगंज में 164, केलवाड़ा में 149, मांगरोल और नाहरगढ़ में 144-144 तथा अंता में 173 प्रत्याशी मैदान में हैं। मांगरोल की शाहपुरा में सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। किशनगंज के रानीबड़ौद में 15, नाहरगढ़ और बारां के बामला में 13-13 प्रत्याशी हैं। वहीं अंता के 2 गांवों में 11-11 प्रत्याशी हैं। केलवाड़ा के जेसवा और फरदुआं में सबसे कम दो-दो प्रत्याशी ही मैदान में हैं。
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