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कुमाऊं में बस और जिप्सी सेवाओं के विस्तार को मंजूरी; महिला संचालकों को अवसर

Haldwani, Uttarakhand:कुमाऊं मंडल में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर और सुगम बनाने की दिशा में संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। हल्द्वानी में हुई आरटीए की बैठक में जसपुर से टनकपुर के बीच उत्तराखंड परिवहन की बसें चलाने की अनुमति दी गई है। जसपुर-फाटो रेंज में 10 जिप्सियों और वन विभाग की पूर्व लिखित सहमति के आधार पर जिम कॉर्बेट क्षेत्र में 8 जिप्सियों के संचालन को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 24 महिला जिप्सी संचालकों को भी अनुमति दिए जाने पर सहमति बनी है, बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न नए मार्गों पर बस और टैक्सी परमिट की मांग से संबंधित जानकारी प्राधिकरण के सामने रखी। इसके साथ ही वन विभाग के साथ समन्वय कर ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई, बैठक में सर्वसम्मति से जसपुर से टनकपुर के बीच उत्तराखंड परिवहन की बसों के संचालन की अनुमति प्रदान की। इस फैसले से इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन सुविधा के विस्तार का रास्ता साफ हुआ, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 24 महिला जिप्सी संचालकों को जिप्सी संचालन की अनुमति दिए जाने पर भी बैठक में सहमति बनी। इससे पर्यटन क्षेत्र में महिला जिप्सी संचालकों को भी अवसर मिलने का रास्ता तैयार हुआ है, हालांकि कॉर्बेट और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में जिप्सियों की संख्या को लेकर मंडलायुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग से वर्तमान में संचालित जिप्सियों और पर्यटकों की संख्या के आधार पर आवश्यक जिप्सियों की मांग का विस्तृत विवरण प्राप्त करने को कहा। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वन विभाग से प्राप्त विवरण का समुचित परीक्षण करने के बाद ही आगामी बैठक में जिप्सियों के संचालन से संबंधित आगे का निर्णय लिया जाए। साथ ही परमिट प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
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गांधी जयंती पर 341 गांवों में जलार्पण, घर-घर नल से पेयजल शुरू

Noida, Uttar Pradesh:गांधी जयंती पर 341 गांवों में होगा जलार्पण •इन गांवों में अब नियमित पेयजल आपूर्ति होगी शुरू •प्रदेश में अब तक 18,878 जलार्पण, 38,281 गांव रिपोर्टेड लखनऊ। 01.10.2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत 341 गांवों में जलार्पण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा इन गांवों में पूरी की गई पेयजल योजनाएं ग्रामीणों को समर्पित की जाएंगी। जलार्पण के साथ इन गांवों में घर-घर नल से नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू होगी。 प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजनाओं के विस्तार के साथ हर घर जल की स्थिति में भी लगातार प्रगति हुई है। प्रदेश में अब तक 18,878 जलार्पण किए जा चुके हैं। वहीं, 28, 385 गांवों का सर्टिफिकेशन हो चुका है। साथ ही हर घर जल योजना के तहत 38,281 गांव रिपोर्टेड हो चुके हैं। क्या है जलार्पण जलार्पण उस चरण को कहा जाता है, जब गांव की पेयजल योजना पूरी हो जाती है और घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था तैयार हो जाती है। इसके बाद योजना को गांव की जनता को समर्पित किया जाता है और नियमित जलापूर्ति की शुरुआत होती है। जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) का फोकस केवल पेयजल योजनाओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के संचालन, रखरखाव और ग्रामीण परिवारों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर भी है। रिपोर्टेड गांव का क्या है मतलब? हर घर जल योजना में रिपोर्टेड गांव वे गांव हैं, जहां 100 प्रतिशत घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके बाद गांव में योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का सत्यापन किया जाता है और ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव आदि के हस्ताक्षर के बाद गांव का सर्टिफिकेशन किया जाता है。 जलार्पण के बाद योजनाओं के संचालन पर जोर जलार्पण के बाद पेयजल योजनाओं का नियमित संचालन और रखरखाव महत्वपूर्ण होगा। गांवों में नियमित जलापूर्ति, पानी की गुणवत्ता और योजनाओं की कार्यशीलता की निगरानी की जाएगी। गांव जल एवं स्वच्छता समितियां इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ग्रामीणों की भागीदारी से पेयजल योजनाओं की निगरानी और स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी। हर घर जल से ग्रामीण परिवारों के जीवन में आ रहा बदलाव : जलशक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा, “महात्मा गांधी जी ने स्वच्छता और ग्राम स्वराज को हमेशा प्राथमिकता दी। गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश के 341 गांवों में होने वाला जलार्पण इसी भावना के अनुरूप गांवों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जल जीवन मिशन के माध्यम से हमारी सरकार गांव के हर परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। घर में पानी पहुंचने से महिलाओं और बेटियों का समय और श्रम बचता है, बच्चों की पढ़ाई को बेहतर अवसर मिलता है और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुविधा आती है। हमारा प्रयास है कि हर घर जल की सुविधा गांवों में केवल कनेक्शन तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों को नियमित रूप से इसका लाभ मिले।” नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) योगेश कुमार ने कहा, “जल जीवन मिशन के तहत हमारा फोकस हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना है कि जलापूर्ति लगातार और गुणवत्तापूर्ण बनी रहे। 2 अक्टूबर को 341 गांवों में होने वाला जलार्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जलार्पण के बाद योजनाओं का बेहतर संचालन, रखरखाव और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ गांव जल एवं स्वच्छता समितियों और ग्रामीणों की भागीदारी भी जरूरी है।” एक नजर में उपलब्धि - प्रदेश में अब तक 18,878 जलार्पण हो चुका है - 28, 385 गांवों का सर्टिफिकेशन पूर्ण - हर घर जल योजना के तहत 38,281 गांव रिपोर्टेड सड़कों की मरम्मत के लिए पूरे प्रदेश में अभियान शुरू जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए पूरे प्रदेश में रोड रेस्टोरेशन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा ऐसी सड़कों को चिह्नित कर पुनर्स्थापना का कार्य कराया जा रहा है। यदि किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत अभी तक नहीं हुई है, तो ग्रामीण जल सारथी ऐप पर सड़क की फोटो और वीडियो अपलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों की निगरानी की जाएगी और संबंधित समस्या के निस्तारण के लिए कार्रवाई की जाएगी।
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महानदी जल विवाद: गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, सीएम साय ने की 'विन-विन' समाध

New Delhi, Delhi:छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से लंबित महानदी जल विवाद के स्थायी समाधान के लिए नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा है। उन्होंने टकराव के बजाय वैज्ञानिक आकलन, संवाद और पारस्परिक सहयोग से ऐसा सर्वमान्य समाधान निकालने पर जोर दिया, जिससे दोनों राज्यों के किसानों और नागरिकों के हित सुरक्षित रहें।
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राजिम थाना क्षेत्र में ग्रामीण की मौत, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

Majarkata, Chhattisgarh:स्थान...गरियाबंद एंकर..गरियाबंद के राजิม थाना क्षेत्र के टेका गांव में ग्रामीण की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने अब तुल पकड़ लिया।मृतक राजकुमार भारद्वाज के परिजनों ने थाने पहुंच मामले में हत्या के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच करने की मांग उठाई है।परिजनों ने गांव के उन पांच शख्स का नाम भी पुलिस को बताया है जिन्होंने अंतिम दिनों में मृतक के साथ मारपीट किया था।आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होने पर थाना घेराव की चेतावनी तक दे दिया है। दरअसल 27 सितंबर को राज कुमार भारद्वाज का शव घर की खिड़की में फांसी के फंदे पर लटका मिला था,प्रस्थिति देखकर शुरू से ही परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इंकार किया था,लेकिन पुलिस ने आरंभिक जांच के आधार पर मामले को आत्महत्या मान मर्ग कायम कर लिया था।अब ग्रामीणों के रुख के बाद पुलिस पीएम रिपोर्ट और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही करने का भरोसा दिला रही है। बाइट 1.. डायमंड भरतद्वाज, मृतक के बेटा, काला ग्रे टी शर्ट। बाइट 2..गीता भरतद्वाज, परिजना。
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एनटीपीसी रिहंद अस्पताल में एंबुलेंस देरी पर हंगामा, गर्भवती महिला सड़क पर जन्म

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के बीजपुर स्थित एनटीपीसी रिहंद परिसर से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। ईडीसी गेट के सामने एक गर्भवती महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद करीब एक घंटे तक एंबुलेंस के लिए संपर्क किया गया, लेकिन समय पर मदद नहीं पहुंची। महिला के पति ने अस्पताल में 10 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह डोडहर निवासी अर्जुन की पत्नी रेशमा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों का कहना है कि सुबह करीब आठ बजे से ही एंबुलेंस के लिए संपर्क किया जाने लगा, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसी दौरान ईडीसी गेट के सामने सड़क पर ही महिला का प्रसव हो गया। पीड़ित महिला के पति अर्जुन का आरोप है कि मौके से ड्यूटी पर जाने वाले कई लोग गुजरते रहे, लेकिन समय पर मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि एनटीपीसी के एक व्यक्ति के संपर्क करने के बाद करीब एक घंटे की देरी से एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को धन्वंतरी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। परिजनों ने अस्पताल में 10 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। ईडीसी गेट से धन्वंतरी अस्पताल की दूरी करीब एक से डेढ़ किलोमीटर बताई जा रही है। ऐसे में आपात स्थिति में एंबुलेंस पहुंचने में कथित देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तक अर्जुन, पीड़ित महिला के पति ने बताया है कि फिलहाल पूरे मामले में एनटीपीसी रिहंद प्रबंधन और धन्वंतरी अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सवाल है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस पहुंचने में कथित देरी क्यों हुई और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कब होगी.
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दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद मिर्जापुर में स्कूल उन्नयन का काम शुरू

Ukhdand, Uttar Pradesh:मीरजापुर में IAS से इस्तीफा देकर दिव्या मित्तल ने राजनीति के मैदान में उतरने का ऐलान किया। मिर्ज़ापुर के लहुरियादह गांव हाल के दिनों में चर्चा का केंद्र बना गया है। इस गांव में आजादी के बाद पानी पहुंचा और शिक्षा की गुहार लगाई गई थी। दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद गांव में स्कूल देने की बात वीडियो में कही गई थी; कहा गया कि तीन साल बाद भी स्कूल नहीं बना। उनके वीडियो सामने आए और फिर कार्य शुरू हो गया। दिव्या ने 80 साल के हिसाब की बात कही है। गांव में प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह का उच्चीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। आज स्कूल के लिए जमीन नापी का कार्य किया गया। जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति 2025-26 में राज्य परियोजना निदेशक द्वारा प्रदान करते हुए 25.58 लाख का धन आवंटन किया गया है। उपजिलाधिकारी लालगंज द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराया गया है। दिनांक 23.08.2026 को विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में आवंटित 25.58 लाख हस्तांतरित किया जा चुका है। पैसा मिलने के बाद विद्यालय प्रबन्ध समिति द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जा रहा है।
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