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Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow12 Sept 2024, 06:07 am
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बस्तर दशहरे की काछन गादी रस्म में देवी ने दशहरा मनाने की अनुमति दी

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर दशहरा विश्व में अपनी अनोखी रस्मों के लिए जाना जाता है , 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की ऐसी ही एक अनोखी रस्म का शनिवार को आयोजन हुआ, काछन गादी रस्म के तहत राजपरिवार एवं बस्तर दशहरा समिति से जुड़े सदस्यों ने देवी से बस्तर दशहरा मनाने की औपचारिक अनुमति ली, इस रस्म का आयोजन भंगाराम चौक स्थित काछन गुड़ी में आयोजित की गई, पनका जाति की 10 वर्षीय कन्या पिहू दास ने देवी का स्वरूप धारण किया और काँटो के झूले में बैठकर राज परिवार के सदस्यों को बस्तर दशहरा मनाने की अनुमति दी, रस्म के तहत देवी एक फूलों की माला राज परिवार के प्रमुख सदस्य को देकर दशहरा मनाने की अनुमति प्रदान करती है, इस रस्म को देखने के लिए भंगाराम चौक से लेकर काछन गुड़ी तक जन सैलाब उमड़ा हुआ था ।
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उज्जैन- सिंहस्थ 2028 के लिए देवास गेट बस स्टैंड बंद: यातायात पर नया नियम

Ujjain, Madhya Pradesh:12 अक्टूबर से देवासगेट बस स्टैंड को बंद किया जाकर देवास गेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने पर रोक आदेश जारी किया गया है। इसके उल्लंघन करने पर परमिट निरस्तीकरण और आरसी कैंसिल की कार्रवाई की जाएगी。 उज्जैन मै सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से देवास गेट बस स्टैंड को बंद किया जाकर देवास गेट बस स्टैंड को नई जगह स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 12 अक्टूबर से देवासगेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने पर पूर्ण रूप रोक लगाते हुए सभी बसों का संचालन नानाखेड़ा बस स्टैंड से किए जाने का आदेश क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार एवम संभागायुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन मध्यप्रदेश के द्वारा शासन के अन्य स्थानीय विभागो के प्रतिनिधियों एवम बस संचालकों की बैठक से प्राप्त परामर्श के पश्चात जारी किया गया है, नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई, परमिट निरस्तीकरण, आरसी कैंसिल और चालानी कार्रवाई सहित अन्य वैधानिक कदम उठाए जाएंगे。 बस स्टैंड के संचालन के लिए पूर्व से संचालित नानाखेड़ा बस स्टैंड स्थित 1.689 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। नानाखेड़ा बस स्टैंड पर बसों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने के साथ यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नगर पालिका निगम उज्जैन के माध्यम से विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बस स्टैंड के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपने का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा देवासगेट से संचालित होने वाली लोकसेवा बसों को भी प्रस्तावित नए स्थल से संचालित करने की व्यवस्था का उल्लेख है। प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर बसों के अनावश्यक दबाव को कम करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए तथा शहर अंतर्गत हो रहे वृहद सड़क चौड़ीकरण , एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण तथा अन्य निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रगतिरत होने के कारण बसों के संचालन को सुव्यवस्थित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 12 अक्टूबर से लागू होने वाली बताई गई व्यवस्था के तहत देवासगेट बस स्टैंड पर बसें ले जाने के नियम का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें न्यायालयीन कार्यवाही, परमिट निरस्तीकरण, वाहन का पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) निरस्त करने तथा चालान काटने जैसी कार्रवाई शामिल होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बसों के संचालन को निर्धारित स्थल पर व्यवस्थित करने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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शिवगंज के संत त्रिवेणी गिरी महाराज की मौत: हत्या के आसार, जांच तेज़

Sirohi, Rajasthan:सिरोही के शिवगंज में संत त्रिवेणी गिरी महाराज की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ रहा है. काम्बेश्वर महादेव मंदिर के पास संत का दो से तीन दिन पुराना शव मिलने के बाद साधु-संतों और ग्रामीणों में आक्रोश है. हत्या की आशंका जताते हुए साधु-संतों ने शिवगंज पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वहीं, पुलिस ने एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद जांच में आगे की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. देखिए, सिरोही से ये खास रिपोर्ट. सिरोही जिले के शिवगंज में संत त्रिवेणी गिरी महाराज की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. काम्बेश्वर महादेव मंदिर के पास संत का दो से तीन दिन पुराना शव मिलने के बाद से ही साधु-संतों और ग्रामीणों में नाराजगी है. मामले में हत्या की आशंका जताते हुए साधु-संतों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की. इससे पहले भी उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी. इसी मांग को लेकर साधु-संत और ग्रामीण शिवगंज पुलिस थाने पहुंचे. पुलिस थाने पहुंचे साधु-संतों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कराने और मौत के कारणों ka खुलासा करने की मांग उठाई. उनका कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो. इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने साधु-संतों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया. मामले की जांच में अब एफएसएल रिपोर्ट अहम मानी जा रही है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार के अनुसार, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच के लिए एफएसएल रिपोर्ट महत्वपूर्ण है और इसे आने में करीब एक महीने का समय लग सकता है. पुलिस का कहना है कि जांच की प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी मौके पर पहुंचे और साधु-संतों तथा ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी. वहीं, पुलिस ने संत त्रिवेणी गिरी महाराज के पास से मिले सामान में नकदी, चांदी की चिलम, माला और कड़ा उनके साथ के साधु-संतों को लौटा दिए. पुलिस अधिकारियों के आश्वासन और समझाइश के बाद साधु-संत वापस लौट गए. निरंजन गिरी जी महाराज, संयम लोढ़ा, पूर्व विधायक. फिलहाल संत त्रिवेणी गिरी महाराज की संदिग्ध मौत के मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है. साधु-संतों ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने 11 नवंबर को दोबारा आने की बात कही है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि संत की मौत किन परिस्थितियों में हुई और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं? फिलहाल पुलिस जांच और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। मामले में मौत के कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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CJI सूर्यकांत गंगोत्री धाम में दर्शन-तर्पण से पितरों को श्रद्धांजलि

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:भारत के मुख्य न्यायाधीश ने गंगोत्री धाम में पूजा अर्चना और दर्शन कर अपने पितरों के उद्धार के लिए दिए तर्पण उत्तरकाशी उत्तरकाशी जनपद के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में शनिवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन और पूजा-अर्चना की। मुख्य न्यायाधीश ने अपनी पत्नी के साथ गंगा घाट पर तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से तर्पण दिए। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ आईटीबीपी (ITBP) के महानिदेशक सुरजीत कपूर भी गंगोत्री धाम पहुंचे थे। उन्होंने भी मां गंगा की पूजा और पितरों के लिए तर्पण किया। पूजा-पाठ के समय गंगा पुरोहित सभा के अध्यक्ष संजीव सेमवाल और सचिव पंडित माधवनंद सहित अन्य तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।
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Bareilly में वैष्णो देवी जैसे मंदिर: 98 फीट गुफा और जल गुफा

Bareilly, Uttar Pradesh:नवरात्रि के पावन मौके पर अगर आपका माता वैष्णो देवी के दर्शन की इच्छा जागृत हो और आपके पास जम्मू जाने का समय न हो तो आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि Bareilly के मनोकामना मंदिर आपको माता वैष्णो देवी के दर्शन करा देगा. एक खास रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां जम्मू कश्मीर के कटरा जैसा वैष्णो देवी मंदिर बना है. इसमें 98 फीट गुफा में बाण गंगा, चरण पादुका, गर्भ गुफा, अर्धकुंवारी, माता के पिंडी के दर्शन होते हैं और भक्त पानी वाली गुफा से होकर दर्शन करते हैं. माता वैष्णो देवी के दर्शन से भक्तों की मन्नत पूरी होती है. यहां महादेव का सवा कुंतल का चांदी का शिवलिंग भी है; नवरात्रि में मंदिर में भक्तों की कतार लगी रहती है।
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हरदोई: शराब पीने से रोकने पर फल विक्रेता पर दबंगों का हमला, वीडियो वायरल

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में शराब पीने से मना करने पर फल विक्रेता के साथ मारपीट का आरोप लगा है।आरोप है कि पहले ठेले पर उसके साथ मारपीट की गई, फिर शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे युवक को कोतवाली शहर के गेट पर घेरकर पीटा गया। आज हुई घटना में घायल फल विक्रेता को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। कोतवाली गेट पर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।पुलिस की चौखट तक पहुंचे पीड़ित के साथ दोबारा मारपीट ने मामले को गंभीर बना दिया है।\n\nकोतवाली देहात क्षेत्र के बढ़ेयन पुरवा निवासी नन्हे गुप्ता पुत्र सत्यपाल गुट्ता, कोतवाली शहर क्षेत्र में डीएम चौराहे पर बैंक ऑफ इंडिया के सामने एएसपी आवास के निकट फल का ठेला लगाते हैं। नन्हे के मुताबिक, आजादनगर निवासी राजेश गुप्ता अपने साथियों के साथ ठेले पर जूस पीने आता था। आरोप है कि जूस पीने के दौरान वे खुले में शराब भी पीते थे। करीब 15 दिन पहले नन्हे ने ठेले पर शराब पीने से मना करते हुए दूसरी जगह जाने को कहा था। आरोप है कि इस पर उसने धमकी दी और गाली-गलौज भी की। पीड़ित के मुताबिक, आज आरोपी फिर पहुंचे और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की।\n\nनन्हे ने बताया कि उसने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद वह शहर कोतवाली पहुंचा और प्रार्थनापत्र लिखवाया। आरोप है कि इसके बाद 10 से 15 लोगों ने कोतवाली गेट पर उसे घेर लिया और मारपीट कर फरार हो गए। पीड़ित को घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। फिलहाल पुलिस कोतवाली गेट पर युवक के साथ मारपीट करने के आरोपियों की तलाश में जुटी है。
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NTPC क्षेत्र में गैस सिलेंडर से आग, फायर ब्रिगेड ने तुरंत नियंत्रण पाया

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल में NTPC लेबर गेट के पास एक मकान से आग की लपटें निकलता देख हड़कंप मच गया। तुरंत फायरब्रिगेड की गाड़ियों मौके पर पहुंची और आग को कंट्रोल किया। मकान में छोटे गैस सिलेंडर में आग लग गई थी, जिसे किराएदार ने निकालकर सीढ़ी पर रख दिया। मकान के निचले हिस्से में कई दुकानें हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर किराएदार रहते हैं। बताया जा रहा है कि छोटे सिलेंडर पर खाना बनाने के दौरान आग लगी। इसके बाद किराएदार ने जलते सिलेंडर को मकान की सीढ़ी पर रख दिया। आग की लपटें देखकर लोगों को मकान में आग लगने का डर सताने लगा। कोई भी ऊपर जाकर आग बुझाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। सूचना मिलने पर NTPC थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति की मदद से गीले कपड़े के सहारे जलते सिलेंडर को पकड़कर बगल के खाली प्लॉट में फेंक दिया, जिससे आग बुझ गई। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई थी। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा。
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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ट्रैक्टर-ट्रॉली से पत्थर गिरे, दो बाइक सवार सुरक्षित

Tonk, Rajasthan:हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से सड़क पर पत्थर बिखरने की घटना सामने आई। सड़क पर अचानक पत्थर गिरने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान दो बाइक सवार बाल-बाल बच गए। घटना के बाद क्षेत्र में पत्थरों के परिवहन के तरीके और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कार्यालय के आसपास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रॉली से पत्थर सड़क पर गिरने लगे। सड़क पर बिखरे पत्थरों के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के सामने अचानक खतरा पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो बाइक सवार युवक बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर खनन क्षेत्र से लाए जा रहे थे और परिवहन के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई। लोगों का कहना है कि यदि कोई वाहन इन पत्थरों की चपेट में आ जाता, तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना ने शहर की सड़कों पर निर्माण सामग्री और खनिजों के परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों की पालना पर भी सवाल खड़े किए हैं। लीज नियमों और अवैध परिवहन पर कार्रवाई की मांग स्थानीय निवासियों ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में बिना अनुमति या निर्धारित नियमों की अनदेखी कर पत्थरों के परिवहन की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। लोगों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में लीज की वैधता, खनन की अनुमति और परिवहन संबंधी नियमों की जांच जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि पत्थरों का परिवहन करने वाले वाहनों के दस्तावेजों, लीज की वैधता और परिवहन अनुमति की जांच की जाए। साथ ही, सड़क पर पत्थर गिरने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार वाहन चालकों और वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सड़क पर पत्थर बिखरने की घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। व्यस्त रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान यदि पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जाती है, तो राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि परिवहन के दौरान सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखा जाए और सड़क पर सामग्री गिरने की स्थिति में तत्काल सफाई करवाई जाए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ खनन एवं परिवहन नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है。
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