Amroha - पशु बाजार में जा पहुंचे पालिका सभासद और जमकर किया हंगामा
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा जनपद के गजरौला में कुमराला पुलिस चौकी के पास लगने वाले साप्ताहिक पशु बाजार में पहुंचे मायापुरी के सभासद, अरविंद कुमार ने किया हंगामा। अपने खेत में जबरन पशु बाजार लगाने और पांच लाख रुपये की लहटे की फसल नष्ट होने का लगाया आरोप। गजरौला इंस्पेक्टर सनोज प्रताप सिंह को फोन कर दी सूचना। आइए आप भी चलिए मौके पर और जानिए क्या है पूरा मामला।
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दिल्ली तालुका स्टेडियम में गुर्जीर महासभा का आयोजन; सामाजिक उत्थान के संकल्प
New Delhi, Delhi:दिल्ली के तालुका स्टेडियम में गुर्जर महासभा का किया गया आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित रैली गुर्जर समाज के स्वाभिमान, सम्मान, एकता, गौरवशाली विरासत एवं सामाजिक उत्थान के संकल्प को समर्पित है। गुर्जर महासभा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई सांसद और विधायक पहुंचे इस आयोजन का उद्देश्य समाज की एकजुटता को मजबूत करना, युवाओं को प्रेरित करना तथा शिक्षा, रोजगार, नशामुक्ति और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। पंकज चौधरी केंद्रीय राज्य वित्त राज्य मंत्री और भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष गुर्जर महासभा ने तीनों जातियां को चाहे वह कुर्मी हो पटेल हो या फिर गुर्जर हूं एकजुट करने का काम किया है इस महासभा के जरिए एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है हरिश्चंद्र भाटी अध्यक्ष गुर्जर महासभा 120 साल पुरानी यह संस्था है संविधान में जिस तरीके से पिछड़ी जातियों को आरक्षण देने और उनके उद्यान के लिए संविधान में कहा गया है हम मांग करते हैं कि सरकार उसको लागू करें कमेटी बनी लेकिन कमेटी का अप्रूवल अभी तक लागू नहीं किया गया कई राज्यों में चुनाव है यह एक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी कहा जा सकता है क्योंकि जिस तरीके से गुर्जर समाज को आगे बढ़ना चाहिए शिक्षा में व्यापार में उसको आगे बढ़ाने की और कोशिश की जाएगी राजेश नगर कैबिनेट मंत्री हरियाणा हरियाणा सरकार में हो या फिर केंद्र सरकार से हम इस बात को आगे बढ़ाएंगे की गुर्जर समाज के लिए जो भी काम हो सकते हैं हम पूरी कोशिश करेंगे किया जाएडेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
New Delhi, Delhi:अरविंद सिंह/नई दिल्ली: डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 और DPDP नियम, 2025 के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन ने यह याचिका दायर की है
याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम राहत के तौर पर प्रावधानों पर रोक लगाने की मांग की जिस पर कोर्ट ने कहा कि दूसरे पक्ष को सुने बिना एकतरफा आदेश पास नहीं कर सकते।
डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) ने सुप्रीम कोर्ट में इस क़ानून को चुनौती दी है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर पत्रकारों को किसी व्यक्ति के बारे में खबर प्रकाशित करने से पहले उससे अनुमति लेनी पड़ी, तो खोजी पत्रकारिता और समाचारों की रिपोर्टिंग करना मुश्किल हो जाएगा।
DNPA ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम की धारा 7, 17(2), 18, 19, 27, 29, 36, 37 और 44(3) को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।
इसके अलावा, याचिका में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 (DPDP Rules, 2025) के नियम 16, 17 और 23 को भी चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा कि इस कानून के प्रावधानों से न्यूज़रूम बंद हो जाएंगे।अगर हमें इस बात के लिए किसी व्यक्ति की मर्जी पर निर्भर रहना पड़े कि वह अपनी व्यक्तिगत जानकारी के इस्तेमाल की अनुमति देगा या नहीं, तो ख़बर पब्लिश करने का मकसद ही खत्म हो जाएगा।
खबरें समय पर लोगों तक पहुँचनी चाहिए। अगर हमें किसी व्यक्ति के बारे में खबर प्रकाशित करने से पहले उसकी अनुमति लेनी पड़ेगी, तो न्यूज़रूम बंद हो जाएंगे। फिर पत्रकारिता करने का क्या मतलब रह जाएगा!
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि याचिकाकर्ता इस क्षेत्र के एक्सपर्ट हैं और वे केंद्र सरकार को ऐसे उपाय सुझा सकते हैं, जिनसे कानून का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।
इसके जवाब में वकील ने कहा कि याचिका दायर करने के बाद DNPA ने केंद्र सरकार को इस मामले में एक ज्ञापन सौंपा था।DNPA ने 10 अगस्त 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक विस्तृत ज्ञापन दिया था। इसमें DPDP Act और उसके नियमों को लागू करने से जुड़ी चिंताओं को उठाया गया था।इसके बाद 25 अगस्त 2026 को DNPA के प्रतिनिधियों और मंत्रालय के अधिकारियों के बीच एक मीटिंग भी हुई।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नागरिकों के अधिकारों और मीडिया की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
