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दिल्ली में दुर्गा पूजा विसर्जन के लिए 80-81 कृत्रिम तालाब बनाकर तैयारियां तेज

New Delhi, Delhi:आज दशहरा है और दशहरा के दिन दुर्गा पूजा का समापन हो जाता है. इस दिन पूजा पंडालों में स्थापित मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है. इस बार सप्तमी दो दिन होने के कारण मूर्तियों का विसर्जन मंगलवार को नहीं, बल्कि कल 21 अक्टूबर बुधवार को किया जाएगा. दिल्ली सरकार ने मूर्ति विसर्जन के लिए बड़े पैमाने पर 80 से 81 अस्थायी कृत्रिम तालाब बनवाए हैं. यमुना नदी में मूर्ति विसर्जन के पानी में प्रदूषण रोकने के लिए केवल इन कृत्रिम तालाबों में ही विसर्जन की अनुमति दी जा रही है. दिल्ली जल बोर्ड आज सुबह से पानी भरने का कार्य शुरू कर चुका है और बड़े मूर्तियों के विसर्जन के लिए क्रेन भी घाट पर लाए गए हैं. श्रद्धालु मूर्तियाँ रात तक विसर्जित करते हैं और घाटों पर लाइट की व्यवस्था की गई है. इरिगेशन फ्लड डिपार्टमेंट के अधिकारी लोकेश कौशिक ने बताया कि पिछले साल कुंज पार्क पर 300 से ज्यादा मूर्तियाँ विसर्जित की गई थीं, इस साल भी 300 से ज्यादा मूर्तियाँ विसर्जित करने की संभावना है. मूर्ति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाओं के लिए दो क्रेन लाए गए हैं. दिन भर करीब 200-250 टैंकरों से तालाबों में पानी डाला जा रहा है. दिल्ली पुलिस के जवान सुरक्षा के मद्देनजर तैनात रहेंगे. प्रशासन ने 80-81 कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं जो गणेश चतुर्थी के विसर्जन के लिए प्रयुक्त तालाबों को दुर्गा पूजा के लिए साफ करके पुनः तैयार किया गया है. यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए केवल इन निर्धारित तालाबों में ही विसर्जन की अनुमति दी गई है.
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जायल में रावण पुतला 55 फीट के बदले 27 फीट: भ्रष्टाचार के आरोप

Nagaur, Rajasthan:जायल (नगरपालिका) जायल में रावण पुतले के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप, 55 फीट की जगह 27 फीट का बनाया पुतला। नगरपालिका चेयरमैन कमलेश लोमरोड़ ने मौके पर पहुंचकर पुतले की नाप कराई। चेयरमैन और कांग्रेस पार्षद दशहरा कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। जायल। जायल नगरपालिका की ओर से आयोजित दशहरा कार्यक्रम से पहले रावण के पुतले के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगरपालिका चेयरमैन कमलेश लोमरोड़ ने पुतला निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि टेंडर की शर्तों को दरकिनार कर निर्धारित ऊंचाई से काफी छोटा पुतला बनाया गया है। चेयरमैन कमलेश लोमरोड़ दशहरा मैदान पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों के साथ रावण के पुतले की नाप करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में 55 फीट ऊंचाई का पुतला बनाने की शर्त थी, जबकि मौके पर महज 27 फीट का पुतला तैयार किया गया है। इस मामले को लेकर नगरपालिका प्रशासन और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं। दशहरा कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान पुतले की ऊंचाई और टेंडर शर्तों को लेकर उठे विवाद के बीच नगरपालिका चेयरमैन कमलेश लोमरोड़ और कांग्रेस पार्षदों ने दशहरा कार्यक्रम का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि इस मामले में नगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और पुतला निर्माण से जुड़े आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।
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बड़ेसरा में जुड़वा भाइयों के शव: पुलिस जांच जारी, इलाके में शोक

Bharatpur, Rajasthan:डीग जिले के जनूथर थाना क्षेत्र के बड़ेसरा गांव में मंगलवार को दो जुड़वा भाइयों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों बालकों के शव गांव में ज्वार-बाजरे की पुंज में मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। दोनों बालकों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, दोनों मृतक बालकों की उम्र करीब 13 वर्ष बताई जा रही है। दोनों भाई गांव में अपने नाना के यहां रहते थे। बताया जा रहा है कि परिवार में तीन भाई और एक बहन हैं। मंगलवार को दोनों बालकों के शव ज्वार-बाजरे की पुंज में मिलने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डीग पुलिस अधीक्षक शरण कांबले और जनूथर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और दोनों बालकों के शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग मौके पर जुट गए। फिलहाल दोनों बालकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है। मौत के कारणों का पता जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। दो किशोर भाइयों की एक साथ मौत की खबर से बड़ेसरा गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भी गहरा दुख और चिंता का माहौल है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
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जयपुर के रामचंद्रजी मंदिर में विजयादशमी पर कलश स्थापना और शस्त्रपूजन

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में विजयादशमी पर आस्था और राजसी परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। चांदपोल के 132 साल पुराने रामचंद्रजी मंदिर के शिखर पर 30 किलो वजनी और 6 फीट ऊंचा अष्टधातु कलश स्थापित किया गया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश प्रतिष्ठा हुई। मंदिर में 144 साल पुराना चांदी का धनुष और रियासतकालीन शस्त्र भी आकर्षण का केंद्र रहे। खास बात यह है कि साल में सिर्फ दशहरे पर ही ठाकुरजी का राजसी दरबार सजता है और ऐतिहासिक शस्त्रों का पूजन होता है। विजया दशमी पर चांदपोल बाजार स्थित ऐतिहासिक ठिकाना मंदिर श्रीरामचंद्रजी में आस्था, राजसी परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला। 132 साल पुराने मंदिर के शिखर पर करीब 30 किलो वजनी और 6 फीट ऊंचे अष्टधातु के नवीन कलश की स्थापना की गई। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा सहित संत-महंतों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ कलश प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ। इसी अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन दर्शन की सुविधा देने वाले मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया गया था। मंदिर में विजयादशमी पर रियासतकालीन शस्त्र पूजन की परंपरा भी निभाई गई। इस मौके पर 1882 में राजमाता गुलाब कंवर की ओर से भेंट किया गया 10 किलो वजनी चांदी का धनुष सहित अन्य ऐतिहासिक शस्त्र पूजन के लिए निकाले गए। साल में केवल विजयादशमी पर ही ठाकुरजी का राजसी दरबार सजाया जाता है। मंदिर के महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि नवीन शिखर कलश का निर्माण जयपुर के कारीगर नरेश अग्रवाल ने किया। लगभग 6 फीट ऊंचे और 30 किलो वजनी कलश eight धातुओं से तैयार किया गया था। इसके निर्माण में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, लोहा और पारा सहित धातुओं का उपयोग किया गया। कलश निर्माण का कार्य शुभ लग्न और चौघड़िया देखकर करवाया गया था। मंदिर के शिखर पर नवीन कलश की स्थापना को ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा के संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। विजयादशमी पर मंदिर में रियासतकाल से चली आ रही आयुध पूजन की परंपरा भी निभाई गई। महंत परिवार ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धनुष-बाण, तलवार, खड्ग, कटार, भाले, गदा, बंदूक और फरसे सहित विभिन्न शस्त्रों का पूजन किया। बाइट-मंजू शर्मा सांसद, जयपुर शहर; बाइट-नरेन्द्र तिवाड़ी महंत श्रीरामचंद्रजी मंदिर। श्रीरामचंद्रजी मंदिर महंत तिवाड़ी के अनुसार मंदिर के शस्त्रागार में कई ऐतिहासिक शस्त्र संरक्षित हैं। इनमें करीब 10 किलो वजनी और 3 फीट लंबा चांदी का धनुष विशेष है, जिसे 1882 में माजी साहब गुलाब कंवर ने भेंट किया था। इसके अलावा करीब 8 किलो वजनी दोधारी खड्ग, महाराजा माधोसिंह की ओर से भेंट की गई 5 किलो चांदी की तलवार और सूर्य चिह्न अंकित लकड़ी की बंदूक भी शामिल है। लकड़ी की बंदूक महाराजा भवानीसिंह की ओर से भेंट की गई थी। शस्त्रागार में 10 फीट लंबे भाले, सिंहमुख वाली गदा और चांदी मढ़े अन्य आयुध भी संरक्षित हैं। इन शस्त्रों को साल में केवल विजयादशमी पर ही बाहर निकाला जाता है। मंदिर की खास परंपरा के अनुसार विजयादशमी पर ठाकुरजी को राजवाड़ी पोशाक धारण करवाई गई। राजसी दरबार में ऐतिहासिक शस्त्र सजाए गए। महंत नरेंद्र तिवाड़ी का कहना है कि मंदिर में रियासतकाल से यह परंपरा चली आ रही है। शस्त्रों को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर परिसर में अलग शस्त्रागार भी बना हुआ है। इस अवसर पर मंदिर भक्त समाज की ओर से बधाई उत्सव भी आयोजित किया गया। चांदपोल स्थित ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्रजी का निर्माण वर्ष 1894 में राजमाता गुलाब कंवर धीरावत ने करवाया था। मंदिर का स्थापत्य अयोध्या के प्रसिद्ध कनक भवन से प्रेरित है। इसके निर्माण में 18 साल 9 महीने का समय लगा था। उत्तरमुखी मंदिर अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और राजसी धार्मिक परंपराओं के कारण प्रसिद्ध है। कलश स्थापना समारोह के दौरान ऑनलाइन दर्शन के लिए तैयार मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया गया था। जयपुर के तकनीकी छात्रों द्वारा विकसित इस ऐप के जरिए देश-विदेश में रहने वाले श्रद्धालु घर बैठे मंदिर के लाइव दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ धार्मिक सेवाओं और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकेगी। बहरहाल, जयपुर के इस ऐतिहासिक मंदिर में विजयादशमी सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं, बल्कि सदियों पुरानी राजसी परंपराओं को जीवंत करने का अवसर भी है। एक ओर 132 साल पुराने मंदिर के शिखर पर अष्टधातु का नया कलश, तो दूसरी ओर 144 साल पुराना चांदी का धनुष और रियासतकालीन शस्त्र। खास बात यह कि अब ठाकुरजी का दरबार मोबाइल पर भी सजेगा। यानी शिखर पर विरासत का कलश, दरबार में शौर्य का इतिहास और मोबाइल पर आस्था के दर्शन... गुलाबी नगरी में परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम।
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डोटासरा बोले: मदन राठौड़ का इस्तीफा पंचायत चुनाव के बाद ही स्वीकारे जायेंगे

Jaipur, Rajasthan:जयपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ पर पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा का बड़ा पटवार, डोटासरा ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का इस्तीफा हो चुका पंचायत चुनाव के बाद उसे स्वीकार कर लिया जाएगा, मदन राठौड़ का पाकिस्तान प्रेम आम जनता को और उनके नेताओं को सबको दिख गया इसलिए उनका इस्तीफा हो चुका है पंचायत चुनाव के बाद स्वीकार कर लिया जाएगा, वो सिर्फ बैठकर बयान बाजी कर रहे हैं, मदन राठौड़ के नियम कायदे वाले बयान को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मैं खुद पेशे से वकील हूं मदन राठौड़ को आती है वकालत, मदन राठौड़ को खुद को नियम और कानून का ज्ञान नहीं है
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डूंगरपुर में 22 अक्टूबर को पहले चरण के मतदान की तैयारी पूरी

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के तहत 22 अक्टूबर को सात पंचायत समितियों की 119 सीटों तथा जिला परिषद की 20 सीटों पर मतदान होगा। 404 उम्मीदवार पंचायत समिति सीटों के लिए और 65 उम्मीदवार जिला परिषद सीटों के लिए मैदान में हैं, तथा कुल 5,21,601 मतदाता अपने भाग्य का फैसला करेंगे। निर्वाचन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे हैं; संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष व्यवस्था होगी। पहले चरण के लिए 596 बूथ बनाए गए हैं; इनमें 108 बूथ संवेदनशील बताए गए हैं। 71 पुलिस मोबाइल दल और 71 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे ताकि मतदान शांति-पूर्वक और निष्पक्ष हो सके। चुनाव प्रचार में कांग्रेस, भाजपा और बीएपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला भी नजर आ रहा है。
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उदयपुर में विजयदशमी: 100 फीट सोने की लंका सहित रावण दहन तैयार

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर में आज विजयदशमी का पर्व बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। शहर के गांधी मैदान में रावण परिवार के पुतले दहन होंगे। रावण दहन की तैयारी अंतिम रूप दे दी गई है। गांधी मैदान में 70 फीट ऊँचे रावण और 65-65 फीट ऊँचे कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाए गए हैं, साथ ही 100 फीट की भव्य सोने की लंका भी बनाई गई है। सनातन मंदिर से राम दरबार की झांकियों से शोभायात्रा निकलेगी और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी मैदान पहुंचेगी। इसके बाद सोने की लंका का दहन होगा और उसके बाद कुंभकरण, मेघनाथ और रावण के पुतले जलाए जाएँगे। इस कार्यक्रम में शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीना, महापौर पारस सिंघवी समेत शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। गांधी मैदान में रावण दहन की तैयारी का जायजा लेने हमारे संवाददाता अविनाश जगनावत ने किया।
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दसरे मेळावे में 450 करोड़ विकास योजना और जल-स्टोरेज पर जोर

Ahilyanagar, Maharashtra:आमदार सुरेश धस दसरा मेळावा श्री क्षेत्र मच्छिंद्रनाथ गड मायंबा या मेळावा 2008 पासून सुरू आहे...सोशल मीडियावर काही जण मेळाव्या बद्दल काहितरी लिहितात...त्यांनी इतिहास पहावा... गडाचा विकास करण्यासाठी 2008 पासून प्रयत्न करत आहे. सध्या 450 कोटींचा विकास आराखडा करून कामे सुरू आहेत.. मध्यंतरी 10 वर्ष मी इथला आमदार नव्हतो त्या काळात गडासाठी 10 पैसे सुद्धा कोणी दिले नाहीत... या वर्षी भीषण दुष्काळ आहे त्यामुळे काळजी घेणं गरजेचं आहे...परंतु घाबरण्याचे कारण नाही...कितीही भीषण परिस्थिती असली तरी आपण खंबीर पणे तोंड देऊ... सगळ्यांनी पाण्याची बचत करायची आहे... उपलब्ध असलेले पाणी शेतीला देऊन संपवू नका... दुष्काळात राज्य सरकारने केलेली 5 हजाराची मदत ही तात्पुरती दिवाळीपूर्वीची आहे...आणखी मदत मिळणार आहे...कोणीही टोकाचं पाऊल उचलू नका फार अडचण असेल तर मला फोन करा... आपण गावागावात 150-200 जनावरांच्या छोट्या छोट्या छावण्या निर्माण करू...सरकारला विनंती करू छोट्या छावण्यांना मदत करा... राज्य सरकार ला पत्र दिल आहे. 8 तास तीन फ्यूज वीज देऊ नका मात्र सकाळी 3 तास आणि रात्री 3 तास द्या... पुढच्या वर्षी पासून दसरा मेळावा एक दिवस अशी होईल.... मी या ठिकाणी कोणताही राजकीय भाष्य करणार नाही... मला कोणी काही बोललं तर मी उद्या उत्तर देईल.. पुढच्या वर्षी एक दिवस आधी सायंकाळी 6 ते 8 या वेळेत होईल...
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गढ़वा में 29 टाइगर मोबाइल बाइक से अपराध नियंत्रण मजबूत

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड के गढ़वा जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने अपनी तैयारी और मजबूत कर ली है। जिले की पुलिस को अपराधियों पर लगाम कसने और गश्त व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 29 नई टाइगर मोबाइल बाइक मिली हैं। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर इन बाइकों को जिले के विभिन्न थानों और ओपी के लिए रवाना किया। गढ़वा पुलिस लाइन से अपराध नियंत्रण के लिए 29 टाइगर मोबाइल बाइक को रवाना किया गया। झारखंड सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई इन बाइकों को जिले के सभी थानों और ओपी में भेजा जाएगा। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने हरी झंडी दिखाकर बाइकों को रवाना किया। उन्होंने बताया कि इन बाइकों के मिलने से पुलिस को संकरी गलियों और संकरी सड़कों पर गश्त करने तथा अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। इससे पुलिस की पहुंच उन इलाकों तक भी आसान होगी, जहां बड़े वाहनों से पहुंचने में परेशानी होती है। इससे पहले भी झारखंड सरकार की ओर से जिले के विभिन्न थानों और ओपी को बोलेरो सहित अन्य वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। नई बाइक मिलने से पुलिस की गश्त व्यवस्था को और मजबूत होने की उम्मीद है。
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