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VishwanathVishwanathFollow23 Jan 2025, 02:04 pm
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बिहार में 24 घंटे में मौसम बदलेगा; हल्की बारिश और तेज हवा की संभावना

Patna, Bihar:बिहार में मौसम का मिजाज अगले 24 घंटे में बदला हुआ रहेगा। उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, कुछ जगहों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। 12 जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है वहीं मानसून की गतिविधियां कमजोर होने से अगले दो दिनों में तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। बीते 24 घंटे में पटना में 61.2 मिमी और वाल्मीकि नगर में 194.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
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गंगा के कटाव से चिरैया दियारा डूबने की कगार पर

Barh, Bihar:बख्तियारपुर प्रखंड का चिरैया दियारा गांव गंगा नदी के कटाव के कारण डूबने के कगार पर है। स्थानीय प्रशासन ने रेत की बोरियों से गंगा की तेज धारा को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सभी बोरियां धारा में बह गईं। चिरैया दियारा में 500 से अधिक घरों के पास गंगा नदी का कटाव पहुंच गया है। दो साल पहले तक गंगा नदी ग्रामीणों के घरों से दो किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर बहती थी, लेकिन कटाव की तेज रफ्तार से अब उनके घरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों ने अपना घर बचाने के लिए कुछ पेड़ काटकर गंगा के किनारे डाल दिया, जिससे कुछ हद तक कटाव रुका है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव को कटाव से बचाने के लिए गंगा नदी के ढाल पर पत्थर के बोल्डर रखने की जरूरत है, तभी गंगा के कटाव को रोका जा सकता है। अगर सरकार कटाव को रोकने का कुछ प्रयास नहीं करती है, तब चिरैया दियारा का अस्तित्व ही मिट जायेगा। अगर समय रहते कटाव को नहीं रोका गया, तब सभी घर गंगा में विलीन हो जाएंगे।
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हाथरस में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-बस भिड़ंत, एक दर्जन से अधिक घायल

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में हुआ भीषण सड़क हादसा ट्रक और रोडवेज बस की भिड़ंत दोनों चालक गंभीर, एक दर्जन से ज्यादा यात्री घायल सिकंदराराऊ में कासगंज रोड पर हुआ हादसा हाथरस में सिकंदराराऊ के कासगंज रोड पर सोरों जी ढाबे के पास सरकारी राशन से लदे ट्रक और राजस्थान रोडवेज बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई... हादसा इतना भीषण था कि बस और ट्रक के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए... वहीं बस में सवार एक दर्जन से अधिक यात्रियों को भी चोटें आईं.... हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया... बताया जा रहा है कि... राजस्थान रोडवेज की बस बरेली से जयपुर की ओर जा रही थी... इसी दौरान सिकंदराराऊ पंत चौराहे की तरफ से आ रहे सरकारी राशन से भरे ट्रक से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई... टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए... हादसे के बाद घटनास्थल के नजदीकी लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया... एक दर्जन से अधिक घायल यात्रियों को घटनास्थल के नजदीक स्थित कलावती नर्सिंग होम भेजा गया, जहां उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद यात्री अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए... वहीं जो यात्रि सुरक्षित थे, उन्हें दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य की ओर भेज दिया गया... बस और ट्रक के दोनों चालकों, बस के कंडक्टर को उपचार के लिए सीएचसी सिकंदराराऊ भेजा गया... डॉक्टरों ने दोनों चालकों की गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर कर दिया... हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत, बचाव कार्य कराया... हादसे के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हो गया था... पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को घटनास्थल से हटवाकर आवागमन सुचारु कराया... वहीं ट्रक में लदी चावल की बोरियों को भी दूसरे वाहनों में शिफ्ट कराया गया... इसके बाद सड़क पर यातायात सामान्य हो गया...
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बलिया में अर्नब तूफान से 3500 केले के पौधे नष्ट, किसान लाखों के नुकसान से जूझे

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया में अर्नब तूफान ने लगातार बारिश और तेज हवाओं से किसानों को बेइंतहा दर्द दे दिया है. बलिया जनपद के बेल्थरा रोड के सीयर ब्लाक अंतर्गत पड़री गांव के प्रगतिशील किसान ज्ञानचंद शर्मा की मेहनत पर पानी गिर गया है. लगभग 3500 केले के पौधे पूरी तरह से बर्बाद हो गए. ज्ञानचंद बताते हैं कि एक पेड़ से अनुमानित 350 रुपये की कमाई थी. इस हिसाब से 3500 पौधों से उन्हें 12 लाख 25 हजार का नुकसान हुआ है. ज्ञानचंद बताते हैं कि अर्नब तूफान ने सिर्फ उनके केले के पौधों को नहीं नष्ट किया बल्कि उनके सामने जीविका चलाने का संकट भी खड़ा कर दिया है. तूफान में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान ज्ञानचंद शर्मा शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं.
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देवर ने भाभी की हत्या की: शराब के नशे में इटावा अस्पताल में मौत

Etawah, Uttar Pradesh:आगरा जनपद के चित्राहाट इलाके में देवर ने भाभी की चाकू मारकर मौत के घाट उतारा,इटावा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे पति ने आरोप लगाया,शराब के नशे में देवर ने चाकू मारकर घटना को अंजाम दिया है आरोपी फरार हुआ है। इटावा अस्पताल नजदीक होने पर पति लेकर महिला को पहुंचा था। इटावा के जिला अस्पताल में आगरा जनपद के चित्राहाट इलाके के बलीपुरा गांव के रहने वाले सत्यवीर अपनी पत्नी गीता देवी को इलाज के लिए पहुंचे जहां पर डॉक्टर ने परीक्षण के दौरान मृत घोषित कर दिया है। वहीं इस मामले में सत्यवीर ने आरोप लगाया है कि गीता देवी के देवर (चाचा के बेटे) ने शराब पीकर आया और किसी बात गीता देवी के पेट के साइड में चाकू घोप दिया जिससे हालत गंभीर हो गई है। आनन फानन इटावा जिला अस्पताल नजदीक होने पर लेकर पति पहुंचा लेकिन महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई है। वहीं इस मामले में संबंधित थाने को सूचना दे दी है। बाइट: सत्यवीर - मृतक महिला का पति बाइट: डॉ. ओमकांत राजपूत - ई.एम.ओ - जिला अस्पताल इटावा
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टोंक में अंडर-17 हॉकी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता: सख्त तैयारी, 41 जिलों के खिलाड़ी जुटेंगे

Tonk, Rajasthan:प्रेस विज्ञप्ति टोंक शहर में राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर- 17) की तैयारियां जोरों पर प्रतियोगिता में भाग लेंगे प्रदेश के 41 जिलों से 656 खिलाड़ी आगामी 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक टोंक शहर में 70 वीं राज्य स्तरीय माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयी क्रीड़ा प्रतियोगिता (छात्र वर्ग) अंडर-17 हॉकी का आयोजन निजी स्कूल के संयोजन में किया जाएगा। निदेशक कमलेश सिंगोदिया ने बताया कि राष्ट्रीय खेल हॉकी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन टोंक शहर में पहली बार किया जा रहा है । प्रतियोगिता की तैयारियां जोरों- शोरों से की जा रही है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 41 जिलों की टीमें भाग लेंगी और 656 खिलाड़ी भाग लेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक शिक्षा राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता की सम्पूर्ण व्यवस्थाओं एवं सफल संचालन को लेकर विभागीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें संयोजक रमेश चन्द विजय, सह संयोजक किशन लाल कुम्हार, दशरथ लाल कुमावत (प्राचार्य), हिमांशु सोगाणी (वरिष्ठ व्याख्याता) एवं सदस्य प्रहलाद दास मधुकर, राजीव वर्मा (उप प्राचार्य), सुधीर सक्सेना (व्याख्याता), श्योजी लाल बैरवा (व्या. शा. शि.) एवं सुरेश बुन्देल (वरिष्ठ अध्यापक) शामिल हैं। मैदान प्रभारी सैयद शाहीन अफरोज (प्राचार्य) को नियुक्त किया गया है, जिनके मार्गदर्शन में जिले के 32 शारीरिक शिक्षक कोठी नातमाम एवं सआदत पैवेलियन ग्राउण्ड को तैयार करने में जुटे हुए हैं। मैदानी तैयारियों में राउमावि डारडातुर्की के शारीरिक शिक्षक रतन लाल जाट का अहम योगदान बताया जा रहा है, जो स्वयं ट्रैक्टर चलाकर मैदानों को समतल करने में जुटे हुए हैं。
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कोटा स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बदले जाने से ट्रेनें बदलीं रूट, यात्री सूचना जाँचें

Kota, Rajasthan:कोटा.. कोटा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 का जल्द ही पुनर्विकास होगा। इसके चलते रेलवे कई ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव करेगी। रेलवे ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है, हालांकि ब्लॉक की तारीख और अवधि अभी तय नहीं हुई है। प्लेटफॉर्म नंबर-3 ब्लॉक रहने के दौरान ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर 4, 2, 1, 1-ए या उपलब्ध अन्य प्लेटफॉर्म से संचालित किया जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव चार ट्रेनों को लेकर है। ब्लॉक अवधि में जोधपुर-भोपाल, भोपाल-जोधपुर, जबलपुर-अजमेर और अजमेर-जबलपुर ट्रेन कोटा स्टेशन नहीं आएंगी। इन चारों ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से सोगरिया होकर चलाने की योजना है। इसके अलावा इटावा-कोटा, इंदौर-कोटा और बीना-कोटा ट्रेनों की यात्रा कोटा के बजाय सोगरिया स्टेशन पर समाप्त कराने की योजना है। वहीं कोटा-बीना ट्रेन कोटा की जगह सोगरिया से रवाना करने की तैयारी है। रेलवे ने साफ किया है कि फिलहाल यह अग्रिम सूचना है। ब्लॉक की तारीख और अवधि तय होने के बाद ट्रेनों और प्लेटफॉर्म में बदलाव की विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। यात्रियों से अपील है कि यात्रा से पहले NTES, रेल मदद 139 या स्टेशन की सूचना प्रणाली से अपनी ट्रेन और प्लेटफॉर्म की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।
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नेतरहाट: छोटा नागपुर की रानी, पर्यटन की धूम बरकरार

Latehar, Jharkhand:लातेहार देश विदेश के पर्यटकों के दिलों पर राज करने वाली नेतरहाट किसी परिचय का मोहताज नहीं है । लातेहार जिला का नेतरहाट जिसे "छोटा नागपुर की रानी" भी कहा जाता है झारखंड के लातेहार जिले में समुद्र तल से लगभग 3,622 फीट की ऊंचाई पर बसा एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहाँ का मनोरम दृश्य, घने जंगल, घुमावदार सड़कें और पहाड़ों के बीच से उतरती धुंध पर्यटकों का मन मोह लेती है। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहाँ की वादियों का सौंदर्य किसी जादुई कैनवास जैसा प्रतीत होता है। नेतरहाट में देश विदेश के पर्यटकों रोजाना आना जाना लगा रहता है जिससे पर्यटन के क्षेत्र में सरकार अच्छी खासी आमदनी होती है । यह नेतरहाट का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जो अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाले सूर्यास्त (Sunset) के लिए जाना जाता है। ढलते सूरज की किरणें जब पहाड़ियों के पीछे छिपती हैं, तो पूरा आसमान नारंगी और सुनहरे रंगों से सराबोर हो जाता है। इस जगह से एक ब्रिटिश लड़की 'मैग्नोलिया' और एक स्थानीय चरवाहे की अमर प्रेम कहानी भी जुड़ी हुई । नेतरहाट के घने वनों के बीच स्थित अपर घाघरी और लोअर घाघरी जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता के बेहतरीन उदाहरण हैं। घने पेड़ों और चट्टानी रास्तों से बहता हुआ पानी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है । ऐतिहासिक नेतरहाट आवासीय विद्यालय और शांत नेतरहाट झील (जहाँ नौका विहार की सुविधा है) भी यहाँ के दृश्यों की भव्यता को बढ़ाते हैं। लातेहार डीसी संदीप कुमार ने बताया झारखंड सरकार पर्यटन के क्षेत्र को और खूबसूरत बनाया जा रहा है सनसेट स्थल को विकसित करने को लेकर कार्य प्रगति पर है । सनराइज स्थल को सजाने और संवारने का कार्य किए जा रहे है पर्यटकों को लिए कई होटलो का निर्माण कर किए जा रहे ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो सके ।
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टोंक के क्रेयान्स 2026 में 272 बाल कलाकारों ने चित्रकला से दिखाई कला की उड़ान

Tonk, Rajasthan:टोंक की ओर से आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय कला पर्व क्रेयान्स 2026 के तहत निजी महाविद्यालय टोंक में जिला स्तरीय बाल कला उत्सव चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के कक्षा 6 से 12 तक के 272 बाल चित्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कागज पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से उकेरकर भावनाओं की अभिव्यक्ति की। बाल कला उत्सव के संयोजक पुरुषोत्तम सोनी ने बताया कि प्रतियोगिता में जिले के लगभग 300 बाल चित्रकारों ने भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया था। प्रतियोगिता दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक आयोजित हुई। सोसायटी के सचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया। प्रथम श्रेणी में कक्षा 6 से 8 तथा द्वितीय श्रेणी में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दोनों श्रेणियों में कुल 272 बाल कलाकारों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी बाल कलाकारों को 3 अक्टूबर 2026 को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान किए जाएंगे。
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प्रेतशिला पर्वत: अकाल मृत्यु के पूर्वजों को मोक्ष दिलाने वाली अनोखी परंपरा

Gaya, Bihar:प्रेतशिला की अनोखी परंपरा:- पिंडदान और तर्पण से पितरों को मिलती है प्रेतयोनि से मुक्ति गया शहर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर प्रेतशिला नाम का पर्वत है. ये गया धाम के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है. इस पर्वत की चोटी पर प्रेतशिला नाम की वेदी बनी हुई है, लेकिन पूरे पर्वतीय प्रदेश को प्रेतशिला के नाम से भी जाना जाता है. इस प्रेत पर्वत की ऊंचाई लगभग 975 फीट है। प्रेतशिला के मूल भाग यानी पर्वत के नीचे ही ब्रह्मकुण्ड में स्नान-तर्पण के बाद श्राद्ध का विधान है. कहा जाता है कि इसका प्रथम संस्कार ब्रह्मा जी द्वारा किया गया था. श्राद्ध के बाद पिण्ड को ब्रह्मकुण्ड में स्थान देकर प्रेत पर्वत पर जाते हैं. जो लोग सक्षम होते हैं वो लगभग 676 सीढ़ियां चढ़कर प्रेतशिला नाम की वेदी पर पिंडदान करने के लिए जाते हैं. वायुपुराण के अनुसार, इस प्रेतशिला पर अकाल मृत्यु को प्राप्त लोगों का श्राद्ध व पिण्डदान करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस पर्वत पर पिंडदान करने से अकाल मृत्यु को प्राप्त पूर्वजों तक पिंड सीधे पहुंच जाते हैं, जिनसे उन्हें कष्टदायी योनियों से मुक्ति मिल जाती है. इस पर्वत को प्रेतशिला के अलावा प्रेत पर्वत, प्रेतकला एवं प्रेतगिरि भी कहा जाता है. प्रेतशिला पहाड़ी की चोटी पर एक चट्टान है, जिस पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश की मूर्ति बनी हुई है. श्रद्धालुओं द्वारा पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस चट्टान की परिक्रमा कर के उस पर सत्तु से बना पिंड उड़ाया जाता है. प्रेतशिला पर सत्तू उड़ाने की पुरानी परंपरा है. कहा जाता है कि इस चट्टान के चारों तरफ 5 से 9 बार परिक्रमा कर सत्तू चढ़ाने से अकाल मृत्यु में मरे पूर्वज प्रेत योनि से मुक्त हो जाते हैं और वो मोक्ष को प्राप्त कर जाते है. यहाँ श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों को प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है. इसलिए इस प्रेतशिला पर पिंडदान के लिए न केवल बिहार के बल्कि भारत के कोने- कोने से लोग अपने पूर्वज की मुक्ति के लिए यहां पिंडदान करते है। इस संबंध में प्रेतशिला वेदी के धामी पंडा शिवा पांडे ने बताया कि जो अकाल मृत्यु से मार जाते है, जहर खाकर, फाँसी लगाकर, डूबा कर, उनकी आयु भर्मण करती है और इस स्थान पर पिंडदान और तर्पण करने से मोक्ष गति को प्राप्त करते है।यहां दो स्थान है नीचे में जो तालाब है वो ब्रह्मा कुंड है और ऊपर जो पर्वत है वो प्रेतशिला है। ऊपर में 676 सीढ़िया जाकर लोग पिंडदान करते है और वहाँ ब्रह्मा जी का चरण है जिसमें गदा त्रिशूल एवं अन्य चीज बना हुआ है और वहां तीन सोने की लकीर है जो तीन प्रेत है.
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