Amethi - ट्रेन की चपेट में आने से युवक की हुई दर्दनाक मौत
Katra Phool Kunwar, Uttar Pradesh:अमेठी ट्रेन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई.अज्ञात युवक पटना कोटा एक्सप्रेस ट्रेन से हादसे का शिकार हुआ है. हादसे का शिकार हुए युवक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है. पूरा मामला अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे क्रॉसिंग का है।
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राष्ट्रपति मुर्मू केदारनाथ दर्शन के लिए सुरक्षा व व्यवस्थाएं तेज
Routhiya, Uttarakhand:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवंबर के प्रथम सप्ताह में बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच सकती हैं। प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित केदारनाथ धाम भ्रमण को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रपति के भ्रमण को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने पुलिस के साथ केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में प्रशासन को जानकारी प्राप्त हो चुकी है और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। शासन से मिलने वाले निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, हेलीपैड से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुपालन और मंदिर में पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि राष्ट्रपति का प्रस्तावित भ्रमण सुचारू रूप से संपन्न हो और इस दौरान बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बाइट: विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयागशामली में छह जोन में शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान शुरू
Shamli, Uttar Pradesh:शामली जिले में शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए छह जोनल मतदान केंद्रों पर समय से कड़े बंदोबस्त के साथ मतदान शुरू हो गई। राजस्व अधिकारी और पुलिस सुरक्षा के बीच मतदान के दौरान सुरक्षा चाक चौबंद है, बाहर से आने जाने वाले मतदाताओं की कड़ी चेकिंग की जा रही है, तथा मोबाइल और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पूर्णतया पाबंदी है। जिलाधिकारी सुरक्षा का जिम्मा लेते हुए हर पोलिंग बूथ पर निरीक्षण कर रहे हैं। प्रदेश में जहां स्नातक और शिक्षक एमएलसी के चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है, शामली में छह मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिन पर 22 बूथ हैं; शिक्षक सीट पर 1619 और स्नातक सीट पर 4586 मतदाता हैं जो आज अपने मत का प्रयोग कर नेता को विजय बनाएंगे। जिलाधिकारी आलोक यादव और पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के दिशा निर्देश में कड़े बंदोबस्त के साथ मतदान कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में छह जोन बनाए गए हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था के साथ कड़े बंदोबस्त में मतदान कराई जा रही है। स्कूल में शिक्षक व्यवस्था के अनुसार बूथ तक पहुँच रहे हैं और मतदान कर रहे हैं। उधर मतदान के बाद महिला मतदाता ने कहा कि वह अपने और अपने साथ शिक्षकों के बेहतर भविष्य के लिए वोट दे रही हैं; उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को बेहतर बताया है।लखनऊ: कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार, मखाना की खेती के लिए सीतापुर को किया सेलेक्ट
Lucknow, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ: कृषि उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार, मखाना की खेती के लिए सीतापुर चिह्नित ओर से आज प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डॉ. संजय सिंह महानी, उपकार ने प्रदेश में कृषि उत्पादन और अनाजों की गुणवत्ता में हुए सुधार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में लगातार बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने के साथ मक्का की खेती को भी बढ़ावा दिया गया है। वहीं, दलहन की खेती में अरहर सहित अन्य फसलों की देसी किस्मों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पोषण, रंग, आकार और गुणवत्ता जैसे मानकों के आधार पर 74 देसी किस्मों के संरक्षण की जानकारी भी दी गई। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करने पर काम किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश में मखाना की खेती की संभावनाओं को देखते हुए सीतापुर को चिह्नित किया गया है। वैज्ञानिकों की ओर से की गई जांच में यहां की मिट्टी की गुणवत्ता मखाना उत्पादन के लिए अनुकूल पाए जाने की जानकारी दी गई है। इससे आने वाले समय में प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
बाइट संजय सिंह महानी, उपकार (उत्तर प्रदेश)
