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HSHANSRAJ SINGHFollow7 Jan 2025, 10:45 am

Amethi - करणी सेना ने पुलिस विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा

Musafirkhana, Uttar Pradesh:

एसपी कार्यालय में करणी सेना ने पुलिस विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा। संग्रामपुर थाना प्रभारी पर करणी सेना ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप संदीप राय को गैर जनपद स्थानांतरण के बाद मिली थाने की जिम्मेदारी करणी सेना सालों पहले आईजी द्वारा गैर जनपद स्थानांतरित किए जाने के बाद भी जमे हैं। थाना प्रभारी स्थानांतरण के सालों बीत जाने के बाद संदीप राय को मिली थाने की जिम्मेदारी करणीसेना ने थाना प्रभारी पर आए दिन लोगों से बदसलूकी करने का आरोप 3 दिन में नहीं हटे थाना प्रभारी तो बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम एसपी ऑफिस पहुंचकर मुख्यमंत्री और डीजीपी के नाम संबोधित सौंपा ज्ञापन।

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ESIC पगार-ओવરटाइम मांग के लिए Gen-Z युवाओं का गर्मी में धरना

Thane, Maharashtra:Gen-Z तरुणांचा उन्हात ठिय्या.. मुरबाड, कुडवली MIDC : ESIC, पगारवाढ आणि Overtime साठी सुशिक्षित तरुणांचे आंदोलन.. मुरबाड MIDC मधून एक संवेदनशील बातमी समोर येत आहे. कंपनीच्या गेटसमोर हे आंदोलक नाहीत, तर पोटासाठी आणि हक्कासाठी लढणारी आपल्याच घरची सुशिक्षित लेकरं भर उन्हात बसली आहेत. मुरबाड तालुक्यातील कुडवली MIDC मधील कंपनीच्या गेट क्रमांक ३ समोर गेल्या आठवडया पासून येथे B.Sc, M.Sc, D.Pharma, B.Pharm, ITI आणि Engineering अशा उच्चशिक्षित पदव्या घेतलेले तरुण-तरुणी भर उन्हात आंदोलन करत आहेत. ही कुठलीही भाड्याने आणलेली गर्दी नाही. ही सर्वसामान्य शेतकरी कुटुंबातली, परिस्थितीची जाणीव असलेली तरुणाई आहे. ८ ते १० तास घाम गाळून काम करणाऱ्या या तरुणांच्या मागण्य आहेत. की आई आजारी पडल्यास उपचार मिळावा म्हणून ESIC कार्ड मिळावं, रात्रभर केलेल्या कामाचा Overtime चा मोबदला मिळावा आणि वाढत्या महागाईच्या काळात थोडी पगारवाढ मिळावी. या तीनच प्रमुख मागण्यांसाठी ही Gen-Z तरुणाई रस्त्यावर उतरली आहे. सामान्य जनतेने आणि लोकप्रतिनिधींनी या आपल्याच मातीतल्या लेकरांच्या पाठीशी उभं राहण्याची गरज आहे. कंपनी प्रशासन यावर संवेदनशीलपणे तोडगा काढणार का? हा खरा सवाल आहे. एकीकडे रोजगाराच्या मोठ्या घोषणा केल्या जात असताना, दुसरीकडे सुशिक्षित तरुणांना साध्या हक्कांसाठी उन्हात बसावं लागतंय, हे चित्र अस्वस्थ करणारं आहे. प्रशासनाने यात तातडीने लक्ष घालण्याची गरज आहे.
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जयपुर में विजयदशमी की धूम: रावण दहन से बुराई पर अच्छाई की जीत

Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजधानी जयपुर में आज विजयदशमी का पर्व धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवरात्र के समापन के साथ ही दशहरे को लेकर शहर में विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों और प्रमुख स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस दौरान बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया जाएगा。 विजयदशमी के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर भगवान श्रीराम की विजय का उत्सव मनाया जाएगा। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। दशहरे के पर्व को लेकर बच्चों से लेकर बड़ों तक में खास उत्साह देखने को मिल रहा है。 वहीं, कल कन्या पूजन के साथ ही शारदीय नवरात्र का समापन हुआ। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना करने के बाद श्रद्धालु अब विजयदशमी के पर्व पर पूजा-अर्चना करेंगे। शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों में दर्शन, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी है。 विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजा की भी विशेष परंपरा है। इस अवसर पर लोग अपने शस्त्रों और औजारों की पूजा कर सुख-समृद्धि और विजय की कामना करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व अन्याय, अहंकार और नकारात्मकता पर विजय का प्रतीक है。
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बिलासपुर में कोहरे और ठंड से सड़कें खतरे की घंटी, यात्रियों को सावधान रहने को कहा गया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर में ठंड की दस्तक के साथ ही धुंध के आगोश में शहर दिखाई देने लगा है। एक ओर जहां प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों पर कुदरत ने धीरे-धीरे बर्फ की बिखेरना शुरू कर दी है तो साथ ही निचले इलाकों में कोहरे की चादर से जनजीवन प्रभावित दिखाई दे रहा है। जी हां बिलासपुर शहर में जहां सुबह व शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है तो साथ ही सुबह के समय धुंध भी बढ़ती नजर आ रही है। वहीं आलम यह है कि धूंध की वजह से विजिबिलिटी घटने से वाहन चालकों को सफर करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बता दें बिलासपुर शहर का अधिकतर क्षेत्र गोविंद सागर झील के किनारे है इसीलिए यहां सर्दियों के मौसम में अकसर धुंध की मार देखने को मिलती है, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंड का प्रकोप रहता है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए स्थानीय लोगों व दुकानदारों को अलाव का सहारा भी लेना पड़ता है। वहीं स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि धुंध के कारण जहां सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने लगी है तो साथ ही उन्हें वाहन चलाते समय डिपर व लाइट का सहारा लेना पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार बिलासपुर व आसपास के क्षेत्र में उम्मीद से ज्यादा धूंध देखने को मिल सकती है, ऐसे में सभी वाहन चालकों को ध्यानपूर्वक वाहन चलाने की जरूरत है और धुंध के समय सड़कों पर घूम रहे अवारा पशुओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए ताकि किसी तरह का कोई सड़क हादसा पेश ना हो सके।
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लातेहार के असुर समुदाय दशहरे पर शोक मनाता, नवमी-दशमी उपवास

Latehar, Jharkhand:दशहरा पर जब पूरे देश में भक्ति, हर्ष और उल्लास का माहौल है, तब लातेहार झारखंड के लातेहार में रहने वाली असुर जनजाति के लिए दशहरा में हर्ष और उल्लास की जगह शोक का माहौल होता है । इनका कहना है कि महिषासुर महिलाओं पर हथियार नहीं उठाते थे, इसलिए देवी दुर्गा को आगे कर उनकी छल से हत्या कर दी गई । लातेहार के चंदवा प्रखंड के बारी एटे ग्राम और बालूमाथ प्रखंड के मसियातु ग्राम में असुर जाति समुदाय के लोग रहते इस गांव में तो रावण को पूर्वज के रूप में पूजा जाता है । लातेहार जिले में आज से असुर जनजाति का दो दिवसीय शोक पर्व शुरू हो गया है। चंदवा प्रखंड के बारी एटे ग्राम और बालूमाथ प्रखंड के मासियातू ग्राम असुर जाति के लोग आज नवमी से उपवास पर हैं। समुदाय के लोगों ने कहा कि वे महिषासुर को अपना पूर्वज और जमीन का राजा मानते हैं, इसलिए दुर्गा पूजा में शामिल न होकर शोक मनाते हैं। इसको लेकर समुदाय के लोगों ने अपने-अपने गांव से बयान दिया है।हम लोग पहले से ही भैंसासुर के वंशज हैं, उसी के अनुसार हम लोग असुर कहलाते हैं। असुर का जो मान-सम्मान रहा है, उसी को लेकर हम चलते हैं। दुर्गा पूजा में नवमी तिथि को भैंसासुर को मारा जाता है, उसी में हम लोग दो दिन - नौमी और दसमी को शोक मनाते हैं । झारखंड में यही परंपरा कम-ज्यादा हर जगह मनाई जाती है। बहुत लोग नहीं जानने के कारण नहीं बता पाते, लेकिन जो जान रहे हैं, वे अपने नियम और सिस्टम को लेकर चलते आ रहे हैं और हम लोग उसी हिसाब से मान रहे हैं। शोक हम लोग वैसे ही मनाते हैं जैसे कोई आदमी मर जाता है। विसर्जन होने के बाद हम लोग अपना शोक तोड़ते हैं। हम लोग विसर्जन में शामिल नहीं होते हैं। हम लोग असुर हैं, भैंसासुर के वंशज हैं और नवमी और विजयदशमी को शोक मनाते हैं। इस दौरान खान-पान में परहेज करते हैं। कुछ छोटे बच्चे थोड़ा-बहुत खा लेते हैं, लेकिन बड़े लोग शिकार और मछली नहीं खाते। नवमी और विजयदशमी को हमारा यही मान्यता है कि हम शोक में रहते हैं और उपवास करते हैं। विजयदशमी के बाद ही खान-पान शुरू होता है, क्योंकि हम भैंसासुर के वंशज हैं। दुर्गा मां ने उसको मारा था, इसलिए हम लोग शोक मनाते हैं। शोक में हम सादा-सूखा खाते हैं और सुबह से उपवास करते हैं। आज हम उपवास है किए है । नवमी और दशमी दो दिन हम उपवास करते हैं। भैंसासुर को दुर्गा मां ने मारा, उसी कारण हम लोग ये मनाते हैं। दो दिन नवमी और दशमी को हम लोग व्रत रखते हैं। घर में जो खाना-पीना रहता है उसी से शाम को व्रत तोड़ते हैं। जब दुर्गा मां का विसर्जन हो जाता है, उसके बाद हम लोग घर का बना हुआ खाना खा सकते हैं। देखिए, जैसे हमारे पुरखा मनाते आ रहे हैं, वही परंपरा हम लोग में चल रही है। उसी तरह हम लोग भी मनाते हैं। जो पूजा-पाठ है, सब अपने घर में ही पूजा करते हैं। हम लोग महिषासुर के वंशज कहे जाते हैं। उपवास मना रहे हैं। सादा-सूखा खाकर रह रहे हैं। एक दिन, दो दिन ऐसे ही उपवास पर रहते हैं। घर का काम करके खाते हैं, उपवास करके त्योहार मनाते हैं। हां, भैंसासुर हमारे पूर्वज हैं, ऐसा मानते आ रहे हैं। जो नवमी-दशमी होता है, घर में ही उपवास करते हैं और वही करके चलते हैं। हम मंदिर-उंदिल, दुर्गा पूजा में नहीं जाते हैं, अपने घर-घर में ही मनाते हैं। अपना जो पहले से आता है - गंध, धूप, दारू, पानी चढ़ाकर पूजा करते हैं। उपवास भी रखते हैं। पूर्वजों से मानते आए हैं तो वही मानते हैं। भैंसासुर हमारे जमीन के राजा थे, मिट्टी से हम लोहा पैदा करते थे पहले। उसके बाद राजा के बाद हम लोग यहां-वहां भागते चले, अंग्रेजों ने लूट लिया, उसके बाद सब तितर-बितर हो गए।
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भांगड़ में परिवार के साथ दुर्गापूजा मंडप देखने पहुंचे मন্ত্রী दिलीप घोष

Baruipur, West Bengal:ভাঙ্গড়ে পরিবারকে নিয়ে দুর্গাপুজোর মণ্ডপ পরিদর্শনে মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ。 দুর্গাপুজোর আবহে ভাঙ্গড়ের বিভিন্ন পুজো মণ্ডপ ঘুরে দেখলেন রাজ্যের পঞ্চায়েত ও গ্রামোন্নয়ন মন্ত্রী দিলীপ ঘোষ। সঙ্গে ছিলেন তাঁর স্ত্রী রিঙ্কু ঘোষ মজুমদার। ভাঙ্গড়ের বড়ালী পূর্বশ্রী পল্লী সর্বজনীন দুর্গোৎসব কমিটি এবং কালিকাপুর ঘোষপাড়া দুর্গাপুজো পরিচালন সমিতির পুজো মণ্ডপে উপস্থিত হয়ে প্রতিমা দর্শন করেন মন্ত্রী। পরিবারকে সঙ্গে নিয়ে পুজো মণ্ডপ পরিদর্শন ঘিরে এলাকায় উৎসবের আমেজ দেখা যায় রাতে।
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जबलपुर में 75 फीट रावण पुतला दहन, आतिशबाजी से आसमान गूंज उठा

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर में 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का भव्य दहन, आतिशबाजी से गूंजा आसमान. गौरीघाट स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया. इस दौरान 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ कुंभकरण के पुतले का भी दहन किया गया. इस भव्य आयोजन का जिम्मा पंजाबी हिंदू एसोसिएशन उठा रहा है. संगठन द्वारा पिछले 74 वर्षों से लगातार इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है. विजयादशमी से एक दिन पहले आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कार्यक्रम में प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. रावण दहन के दौरान शानदार आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन के साथ ही पंजाबी हिंदू एसोसिएशन ने विजयादशमी का उत्साह मनाया प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष थी भव्यता के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया...
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हिंडोरिया के राजपरिवार की हजार साल पुरानी दिवालों की परंपरा, तखत पर नवरात्रि यात्रा

Damoh, Madhya Pradesh:यहां अलग अलग पूजा स्थलों पर विराजमान प्रतिमाएं राज दरबार में लाई जाती है पूजन करने, हिंडोरिया राजघराने की अनूठी परंपरा दमोह जिले से कुछ अलग तरह की परम्परा और मान्यताओं का उदाहरण सामने आता है जो देश दुनिया से बेहद अलग है। देखिए ये खास रिपोर्ट हिण्डोरिया राजघराने के इतिहास के बारे में बताती है कि हजार साल पहले राजघराने के राजा नवरात्रि में देवी स्थलों में पूजा अर्चना नहीं कर पाते थे, माता रानी के भक्त थे, उन्होंने दिवालों में पूजा पाठ करने वाले पुजारियों को सपना दिया कि माता रानी को राज दरबार लेकर जाएं ताकि राजा पूजा कर सकें और तब से यह परंपरा बन गई है और लोग इसे पालकी नहीं बल्कि तखत कहते हैं। नगर भ्रमण के बाद ये तखत हिंडोरिया के राजा के यहां पहुंचते हैं और राजा परिवार इन दिवालों की प्रतिमाओं का पूजन अर्चन करते हैं। राजपरिवार का इतिहास बताता है कि भारत आए आक्रांताओं और अंग्रेजी हुकूमत का कब्जा नहीं पाई, किशोर सिंह आजादी की लड़ाई के महानायक रहे और 1842 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की; आज भी राजा किशोर सिंह याद किए जाते हैं। मौजूदा दौर में भी हिंडोरिया राज परिवार में राजनीति की धुरी घूमती है; राहुल सिंह दमोह से सांसद हैं, प्रदुमन सिंह छतरपुर जिले से विधायक रह चुके हैं। परिवार के सदस्य राजतिलक होते हैं और पूजा अर्चना का दस्तूर है; दीवाले की प्रतिमा के सामने प्रत्यक्ष चमत्कार दिखते हैं; पंडा पुजारी लोहे की नुकीली रॉड से भेदकर कपड़े के चप्पलों पर चलते हैं जिसे स्थानीय भाषा में बाना कहा जाता है; रक्तस्राव नहीं होता, बलि की प्रथा है और बकरे की बली देकर ही मातारानी को छह महीनों के लिए स्थाने बैठाया जाता है। राहुल सिंह के अनुसार मातारानी उनके घर तक चलकर आती हैं और यह परंपरा सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण मानी जाती है; पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह और एडवोकेट वैभव सिंह इस परंपरा को दुनिया की अनूठी परंपरा बताते हैं।
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solapur: बैठक से किसानों को पानी मिलने का आश्वासन, आंदोलन स्थगित

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग: मराठवाड्याला पाणी सोडण्यास विरोध करणाऱ्या शेतकऱ्यांसोबत जिल्हाधिकाऱ्यांची बैठक संपन्न, घाटणे बॅरेज परिसरातील बाधित शेतकऱ्यांना जिल्हाधिकाऱ्यांकडून पाणी देण्यासह आणि फेर सर्व्हे करुन मदत देण्याचे आश्वासन - सोलापूरच्या मोहोळ मधून तुळजापूरला पाणी देण्याच्या वादाचे प्रकरण - मोहोळच्या घाटणे बॅरेज परिसरातील बाधित शेतकऱ्यांना जिल्हाधिकाऱ्यांकडून पाणी देण्यासह आणि फेर सर्व्हे करुन मदत देण्याचे आश्वासन - शिवसेना शिंदे गटाचे नेते संतोष पाटील, बाधित शेतकरी आणि जिल्हाधिकाऱ्यांची बैठक पार पडली - बैठकीमध्ये समाधानकारक तोडगा निघाल्याने शेतकऱ्यांनी आपले आंदोलन तात्पुरते स्थगित केले. - लवकरच शेतकऱ्यांना प्रलंबित बिले देण्यात येणार असल्याने शेतकरी समाधानी - जिल्हाधिकाऱ्यांनी समाधानकारक तोडगा काढल्याने आम्ही समाधानी आहोत मात्र आमचे आंदोलन कायम असणार आहे. - आमचा पाणी देण्याला विरोध नाही मात्र आमच्या जमिनीचा मोबदला आणि राखीव पाणी आम्हाला मिळणे गरजेचे आहे. - त्यामुळे आम्ही हे आंदोलन उभे केले होते भविष्यात गरज पडल्यास आणखी आंदोलन उभारू - दरम्यान जिल्हाधिकारी एस. कार्तिकेयन यांनी शेतकऱ्यांना योग्य तो मोबदला दिला जाईल - तसेच दुष्काळ असल्याने दोन्ही बाजूच्या शेतकऱ्यांनी एकमेकांना समजून घेतले पाहिजे - दुष्काळाचा सामना सर्वांनी मिळून केला पाहिजे。
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पुणे शिक्षक सीट पर महायुती-शिवसेना के नेताओं के बयानों से घमासान

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - पुणे शिक्षक - पदवीधर मतदार संघाच्या निवडणुकीत महायुतीत दोस्तीत कुस्ती, उमेदवाराच्या प्रचारावरून two पक्षातील नेत्यांचे एकमेकांवर टीका पुणे शिक्षक मतदारसंघातील शिवसेना पुरस्कृत उमेदवार सचिन सानप यांच्याबाबत केलेल्या वक्तव्यावरून राजकीय वर्तुळात चर्चांना उधाण आले आहे. पालकमंत्री जयकुमार गोरे यांनी सचिन सानप यांना ओळखत नसल्याचे सांगत त्यांच्यावर टीका केली होती. गोरे यांच्या या वक्तव्याला राज्याचे उद्योगमंत्री आणि शिवसेना नेते उदय सामंत यांनी जोरदार प्रत्युत्तर दिले आहे. उदय सामंत यांनी प्रसारमाध्यमांशी बोलताना जयकुमार गोरे यांना सुनावले आहे. कोणालाही कमी लेखू नका, काहीही होऊ शकतं, असे सांगत आज सचिन सानप यांना ओळखत नसाल, तर २७ तारखेला नक्की ओळखाल, असा टोला त्यांनी लगावला आहे. तसेच मी बोलेल तेच योग्य, असे समजणे चुकीचे आहे, असे म्हणत सामंत यांनी जयकुमार गोरे यांना एक सूचक इशाराही दिला आहे. या प्रकरणी पालकमंत्री जयकुमार गोरे आणि उद्योगमंत्री उदय सामंत यांच्या भूमिकेमुळे महायुतीमधील मंत्र्यांकडून राजकीय दावेप्रति दावे करण्यात येत आहे. आगामी निवडणुकीच्या पार्श्वभूमीवर या वक्तव्यांना मोठे महत्त्व प्राप्त झाले आहे. बाईट : जयकुमार गोरे, पालकमंत्री बाईट : उदय सामंत, उद्योगमंत्री
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रतलाम में रावण दहन के लिए तैयारी पूरी, देर रात पुतला पोलोग्राउंड पहुंचा

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम में रावण दहन की तैयारियों में इस बार लेटलतीफी देखने को मिली। बीती देर शाम तक रावण का पुतला दहन स्थल तक नहीं पहुंचा था। Zee Media ने रावण के पुतले की तैयारियों में हो रही देरी को प्रमुखता से दिखाया। इसके बाद देर रात रावण का पुतला पोलोग्राउंड स्थित रावण दहन स्थल पर पहुंचाया गया। रात करीब एक बजे रावण के पुतले को खड़ा करने का काम शुरू हुआ। अब आज शाम होने वाले रावण दहन से पहले पूरे दिन लोग पोलोग्राउंड पहुंचकर रावण के विशाल पुतले को देख सकेंगे। देरी के बाद आखिरकार रावण दहन की तैयारी पूरी होती नजर आ रही है。
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इंदौर में रावण दहन से पहले पुतला आग का शिकार, आयोजक नया पुतला तैयार करेंगे

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर में रावण दहन से पहले ही रावण का पुतला आग की भेंट चढ़ गया। शहर की इंद्रपुरी कॉलोनी में शॉर्ट सर्किट होने से रावण के पुतले में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे पुतले को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 10 दिन की मेहनत से तैयार किया गया पुतला चंद मिनटों में जलकर राख हो गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, आयोजकों ने तुरंत नए पुतले की व्यवस्था की है। अब इस 32वें विशाल रावण दहन कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया है। इंदौर के इंद्रपुरी कॉलोनी में रावण दहन की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और रावण के पुतले में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा पुतला लपटों में घिर गया। करीब 10 दिन की मेहनत से तैयार किए गए रावण के पुतले को जलकर राख होने में कुछ ही मिनट लगे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रावण का पुतला आग की लपटों में घिरा नजर आ रहा है। इस घटना के बाद आयोजकों के सामने रावण दहन कार्यक्रम को लेकर चुनौती खड़ी हो गई। हालांकि, आयोजकों ने तत्काल नए पुतले की व्यवस्था की, ताकि कार्यक्रम आयोजित किया जा सके। इस 32वें विशाल रावण दहन कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया है। अब मंगलवार रात 9 बजे रावण दहन किए जाने की जानकारी दी गई है। इस तरह रावण दहन से पहले हुई इस घटना के बावजूद आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जारी रखी हैं।
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सोनभद्र के नवीन मंडी शेड-2 में भीषण आग, भारी नुकसान की आशंका

Obra, Uttar Pradesh:Anchor: सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज नवीन मंडी में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मंडी के नंबर-2 शेड में लगी आग ने वहां रखे आलू, लहसुन, सब्जियों और प्लास्टिक कैरेट को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से एक बाइक भी जल गई। शेड के नीचे व्यापारी अपना सामान रखते थे, ऐसे में आग से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग कैसे लगी, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।\n\nVO: सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित नवीन मंडी में आग की लपटों ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी। मंडी के नंबर-2 शेड में अचानक आग लगने से मौके पर हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने शेड के नीचे रखे सामान को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।\n\nVO: आग की चपेट में आकर आलू, लहसुन, सब्जियां और प्लास्टिक कैरेट जलने लगे। इसी दौरान वहां खड़ी एक बाइक भी आग की चपेट में आ गई। शेड के नीचे व्यापारी अपना माल रखते थे, लिहाजा आग से व्यापारियों को भारी नुकसान होने की आशंका है।\n\nVO: आग लगने की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर सीओ सदर और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।\n\nVO: फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग कैसे लगी और इससे कितना नुकसान हुआ, इसकी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। नवीन मंडी के नंबर-2 शेड में लगी आग ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब आग लगने की वजह और नुकसान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।\n\n
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