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Amethi - हाईवे पर डयूटी कर रहे सिपाही को बाइक सवार युवक ने मारी टक्कर
Musafirkhana, Uttar Pradesh:अमेठी, हाईवे पर ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल को अपाची सवार युवक ने मारी टक्कर. सिपाही के पैर में आई गंभीर चोटें, मौके पर पहुंची थाना रामगंज पुलिस ने जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुचाया, सिपाही को टक्कर मारने वाले युवक को पुलिस ने पकड़ कर ले गई अपने साथ।
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15 करोड़ के वरदहा पुल की स्वीकृति पर विधायक और पूर्व विधायक के श्रेय युद्ध
Chakala Sitapur, Madhya Pradesh:चमरौहां के वर्धाहा नदी पुल पर श्रेय की जंग, आमने-सामने आए वर्तमान विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी और पूर्व विधायक आनंद शुक्ला लोकप्रिय- चित्रकूट 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद तेज हुई सियासी बयानबाजी, दोनों ने अपने-अपने प्रयासों को बताया अहम; बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को होती रही है भारी परेशानी चित्रकूट। मानिकपुर थाना क्षेत्र के चमरौहां गांव के पास वरदहा नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित पुल की स्वीकृति के बाद अब क्षेत्र में राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ तेज हो गई है। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस पुल को लेकर वर्तमान विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी और पूर्व विधायक आनंद शुक्ला के बीच बयानबाजी सामने आई है। एक ओर वर्तमान विधायक ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए पुल की स्वीकृति को अपने प्रयासों से जोड़कर पेश किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने उन पर श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए पुल की स्वीकृति में अपनी भूमिका का दावा किया है। ऐसे में वर्षों से पुल निर्माण की आस लगाए बैठे ग्रामीणों की समस्या अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है。 15 करोड़ के पुल को मंजूरी, दो नेताओं के बीच श्रेय की जंग चमरौहां गांव के पास वर्धाहा नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जाती रही है। यह इलाका उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के समीप स्थित है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। खासकर बरसात और बाढ़ के समय नदी पार करना मुश्किल हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्तावित पुल की स्वीकृति की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में जहां लोगों को राहत की उम्मीद जगी है, वहीं इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। वर्तमान विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए पुल निर्माण की स्वीकृति को अपनी पैरवी का परिणाम बताया है। वहीं पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने वर्तमान विधायक के दावे पर सवाल उठाते हुए पुल की स्वीकृति का श्रेय खुद को दिया है। दोनों नेताओं के दावों के बीच अब यह मुद्दा केवल विकास कार्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक उपलब्धि और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है。 वर्तमान विधायक ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मानिकपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने चमरौहां गांव के पास वर्धाहा नदी पर पुल की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है। उन्होंने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी स्वीकृति को अपनी कोशिशों से जोड़कर प्रस्तुत किया है。 विधायक की ओर से इस संबंध में सामने आए दावे के बाद पुल निर्माण को लेकर उनकी भूमिका चर्चा में है। उनका पक्ष यह है कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा कराने की दिशा में प्रयास किए गए, जिसके बाद पुल की स्वीकृति का रास्ता साफ हुआ। हालांकि, स्वीकृति की आधिकारिक प्रक्रिया, प्रस्ताव तैयार होने के समय और संबंधित विभागीय अभिलेखों की जानकारी के बिना यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि परियोजना को मंजूरी दिलाने में किसकी कितनी भूमिका रही। पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने उठाए सवाल दूसरी ओर, पूर्व विधायक आनंद शुक्ला ने वर्तमान विधायक पर पुल निर्माण की स्वीकृति का श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस проекта को स्वीकृत कराने में अपनी भूमिका का दावा किया है। उनके रुख से स्पष्ट है कि वह वर्तमान विधायक के दावे से सहमत नहीं हैं। पूर्व विधायक के आरोपों के बाद चमरौहां के वरदहा नदी पुल को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। दोनों पक्षों की ओर से मीडिया और सोशल मीडिया पर बयानबाजी किए जाने से यह मामला क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल दोनों नेताओं के दावों के बीच पुल की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज, विभागीय पत्राचार और शासन स्तर पर हुई कार्रवाई महत्वपूर्ण हो जाती है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर परियोजना की प्रक्रिया और विभिन्न जनप्रतिनिधियों के योगदान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है。 बाढ़ के समय ग्रामीणों की बढ़ जाती है मुश्किल चमरौहां के पास वर्धाहा नदी पर पुल निर्माण की मांग के पीछे स्थानीय लोगों की आवागमन संबंधी परेशानी एक प्रमुख वजह रही है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की स्थिति बनने पर ग्रामीणों के लिए नदी पार करना कठिन हो जाता है। ऐसे में लोगों को अपने दैनिक कार्यों, जरूरी यात्राओं और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के समीप स्थित इस क्षेत्र में पुल का निर्माण होने से संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ पुल के निर्माण, संपर्क मार्गों की उपलब्धता और परियोजना पूरी होने के बाद की व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। ग्रामीणों के लिए सबसे अहम बात यह है कि वर्षों से उठाई जा रही मांग अब निर्माण के स्तर तक पहुंचे। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य कब शुरू होगा, कितने समय में पूरा किया जाएगा और बरसात के दौरान आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान कब मिलेगा, इन सवालों के जवाब का इंतजार रहेगा। श्रेय की राजनीति के बीच निर्माण शुरू होने की प्रतीक्षा करीब 15 करोड़ रुपये के प्रस्तावित पुल को स्वीकृति मिलने की खबर से चमरौहां और आसपास के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। लेकिन इस उपलब्धि को लेकर वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल भी गर्म कर दिया है。 एक तरफ वर्तमान विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए पुल की स्वीकृति को अपनी कोशिशों से जोड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक आनंद शुक्ला इस दावे को चुनौती देते हुए अपनी भूमिका का दावा कर रहे हैं। ऐसे में पुल निर्माण का श्रेय किसे मिलना चाहिए, इस पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं। हालांकि, विकास परियोजनाओं की स्वीकृति आम तौर पर प्रस्ताव, विभागीय परीक्षण, प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी जैसी प्रक्रियाओं से गुजरती है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के दावे के आधार पर पूरी परियोजना का श्रेय तय करने के बजाय आधिकारिक अभिलेखों और संबंधित विभाग की जानकारी को आधार बनाना अधिक उचित होगा。 ग्रामीणों को श्रेय नहीं, धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार चमरौहां के वरदहा नदी पुल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि स्वीकृत परियोजना का निर्माण जल्द शुरू हो और वर्षों पुरानी परेशानी से उन्हें स्थायी राहत मिले। बाढ़ के दौरान नदी पार करने की मुश्किलों से जूझने वाले ग्रामीणों के लिए पुल किसी राजनीतिक दावे से अधिक बुनियादी जरूरत है。 अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि करीब 15 करोड़ रुपये की इस परियोजना की निर्माण प्रक्रिया कब आगे बढ़ती है और पुल कब तक तैयार हो पाता है। वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक के बीच श्रेय को लेकर चल रही बहस के बीच आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर दोनों के दावों की पड़ताल भी जरूरी होगी। फिलहाल चमरौहां के वरदहा नदी पुल की स्वीकृति ने क्षेत्र में विकास की उम्मीद के साथ राजनीतिक श्रेय की बहस को भी हवा दे दी है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि वर्षों पुरानी मांग का समाधान कागजों से निकलकर धरातल पर कब दिखाई देता है।0
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फतेहपुर के नवरात्रि के मौके पर ऑनलाइन नॉनवेज सप्लाई पर बवाल; आउटलेट बंद
Farrukhabad, Uttar Pradesh:फतेहपुर में नवरात्र के मौके पर ऑनलाइन नॉनवेज सप्लाई को लेकर बवाल मच गया... आखिरकार पुलिस प्रशासन को आउटलेट पर ताला लगाना ही पड़ा.. फिर सवाल है कि क्या हिंदू संगठन के दबाव के चलते आउटलेट पर ताला लगाया गया?0
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SHARDDHA VIDEO: विडियो स्पेशल प्रोग्राम के लिए है
Noida, Uttar Pradesh:SHARDDHA VIDEO विडियो स्पेशल प्रोग्राम के लिये है0
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Jaipur, Rajasthan:खबर के लिए चालान की फोटो0
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यूपी में योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के सम्मेलन में दिया संबोधन
Noida, Uttar Pradesh:BAREILLY, UTTAR PRADESH: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों के सम्मेलन में भाग ले रहे थे और संबोधन दे रहे थे। 2017 में सरकार बनते समय 160000 शिक्षकों के पद बेसिक पद खाली पड़े थे। अगर युवा अच्छा और योग्य होता है, मेरिट सूची में नाम आता है। जिस समाज में योग्य गुरु हो, उसे चन्द्रगुप्त बनने में देर नहीं लगती।0
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यवला की मुक्तिभूमी पर बाबा साहेब आंबेडकर की धर्मांतरण घोषणा का 91वां वर्षगांठ
Yeola, Maharashtra:नाशिकच्या येवल्यातील ऐतिहासिक मुक्तिभूमीवर आज धर्मांतरण घोषणा दिनाचा ९१ वा वर्धापन दिन साजरा होत आहे. १३ ऑक्टोबर १९३५ रोजी याच भूमीत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांनी धर्मांतराची ऐतिहासिक घोषणा केली होती. त्यानंतर 14 ऑक्टोबर रोजी दीक्षाभूमी नागपूर येथे बौद्ध धर्माची दीक्षा घेतली नागपूर पाठोपाठ येवल्याच्या या ऐतिहासिक भूमीला देखील विशेष महत्त्व असून आज येवल्यातील मुक्ती भूमी जय भीम च्या घोषणांनी दुमदुमून गेली होती.0
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वकीलों का सुप्रीम कोर्ट लॉन में विरोध, संविधान प्रस्तावना व राष्ट्रगान के साथ प्रदर्शन
Noida, Uttar Pradesh:नैशनल से ड्रैग करें 10 अक्टुबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले वकीलों को लेकर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ वकीलों ने इकट्ठा होकर सुप्रीम कोर्ट लॉन में विरोध प्रदर्शन किया। वकीलो ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी और राष्ट्रगान गाया। बाइट- * * * * *राजू रामचंद्रन( वरिष्ठ वकील) *प्रदीप राय(SCBA प्रेजिडेंट)0
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ढिंडसा परिवार को बड़ा राजनीतिक झटका: लगभग 100 परिवार आम आदमी पार्टी में शामिल
Lehragaga, Punjab:ਢੀਂਡਸਾ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਸਿਆਸੀ ਝਟਕਾ! 100 ਦੇ ਕਰੀਬ ਪਰਿਵਾਰ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹਲਕਾ ਲਹਿਰਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਸਲੇਮਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚ ਸੱਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਛੱਡਿਆ ਢੀਂਡਸਾ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਸਾਥ。 ਲਹਿਰਾਗਾਗਾ: ਹਲਕਾ ਲਹਿਰਾ ਵਿੱਚ ਢੀਂਡਸਾ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਉਸ ਸਮੇਂ ਵੱਡਾ ਸਿਆਸੀ ਝਟਕਾ ਲੱਗਿਆ, ਜਦੋਂ ਪਿੰਡ ਸਲੇਮਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚ ਸੱਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਆਪਣੇ सਾਥੀਆਂ ਸਮੇਤ ਢੀਂਡਸਾ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਸਾਥ ਛੱਡ ਕੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਪੱਲਾ ਫੜ ਲਿਆ। ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਸਾਬਕਾ ਸਰਪੰਚ ਸੱਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਦੇ ਨਾਲ ਰਾਮਫਲ ਸਿੰਘ, ਮੇਲਾਂ ਸਿੰਘ, ਜੇਠੂ ਸਿੰਘ, ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ, ਗੁਲਾਬ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਬਲਕਾਰ ਸਿੰਘ ਸਮੇਤ ਕਰੀਬ 100 ਪਰਿਵਾਰ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ。 ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਐਡਵੋਕੇਟ ਬਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਏ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਿਰੋਪੇ ਪਾ ਕੇ ਜੀ ਆਇਆਂ ਆਖਿਆ。 ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਬਰਿੰਦਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਸਾਰੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨੂੰ ਬਣਦਾ ਮਾਣ-ਸਨਮਾਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。0
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बिहार के सभी जिलों में आयकर नियमावली 2025 के संशोधित प्रावधान कर्मचारियों को प्रशिक्षित
Buxar, Bihar:आयकर नियमावली संशोधन 2025 लागू होने के बाद संशोधित प्रावधानों की जानकारी सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने के लिए बिहार के सभी जिलों में विभागीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। बक्सर समाहरणालय में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों को संशोधित नियमावली की जानकारी दी गई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों में वित्तीय कार्यभार संभालने वाले कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संशोधित नियमों, उनके प्रावधानों और विभागीय कार्यों में उनके अनुपालन को लेकर विस्तार से informacij दी गई। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के बीच नियमों को लेकर बनी भ्रांतियों को दूर करना और वित्तीय कार्यों के निष्पादन में संशोधित प्रावधानों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करना है。0
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AAP सांसद मालविंदर कंग ने झोटा हत्या पर दुख जताया; बैलेट पेपर से चुनाव मांग
Noida, Uttar Pradesh:MALWINDER SINGH KANG, MP AAP दिल्ली आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर कंग का बयान मलविंदर कंग ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया कहा, झोटा एक एक्टिविस्ट थे। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। पंजाब के लॉ एंड ऑर्डर पर उठ रहे सवाल पर बोले कंग कहा, जिस तरह कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, पुलिस को अपनी रणनीति बदलनी चाहिए। SIR और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर INDIA गठबंधन से अलग प्रदर्शन पर बोले कंग कहा, यह हाईकमान का फैसला होता है, लेकिन आम आदमी पार्टी शुरू से ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग मालविंदर कंग ने कहा, जब अमेरिका जैसे बड़े देश बैलेट पेपर से चुनाव करा रहे हैं, तो भारत में भी बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए। परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देते हुए कहा कि परगट सिंह एक संजीदा नेता हैं और संजीदा राजनीति करते हैं।0
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पंचायत चुनाव के लिए नामांकन आज: जिला परिषद के उम्मीदवारों की रेस तेज
Pali, Rajasthan:पंचायत राज चुनाव को लेकर जिला परिषद सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्य के लिए नॉमिनेशन प्रस्तुत करने की आज अंतिम तिथि है जिसके आधार पर जिला मुख्यालय पर पाली जिले के 33 जिला परिषद वार्डों के दावेदारों द्वारा नॉमिनेशन प्रस्तुत किया जाता है, वहीं पहले चरण की पंचायत समिति सोजत सुमेरपुर मारवाड़ रानी और बगड़ी में 95 पंचायत समिति वार्ड के लिए आवेदन उपखंड मुख्यालय पर स्वीकार किए जा रहे हैं, वहीं राजनीतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस द्वारा अभी तक सिंबल सूची जारी नहीं की गई है लेकिन बताया जा रहा है कि सीधे रिटर्निंग अधिकारी को ही जिला परिषद सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए सिंबल जमा करवाए जाएंगे।0
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ओवरस्पीडिंग पर दुपहिया चालान: नियमों की गड़बड़ मैपिंग पर जांच शुरू
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर हैडर- - दुपहिया के चालान, अपराध कार का! - ट्रैफिक पुलिस के नियमों को लेकर सवाल - एमवी एक्ट के नियम 183(1) की गलत व्याख्या? - 183(1) में एलएमवी वाहनों का जिक्र - दुपहिया के ओवरस्पीडिंग का सही नियम क्या? - गलती परिवहन विभाग की या ट्रैफिक पुलिस की? एंकर राज्य में मोटर साइकिल और स्कूटर यानी दुपहिया वाहनों के ओवर स्पीडिंग में चालान किए जा रहे हैं। दुपहिया वाहन के तेज गति में चलने पर 1 हजार रुपए का चालान काटा जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि दुपहिया वाहन के हाई स्पीड में चालान काटने का सही तरीके से नियम ही परिभाषित नहीं है। क्याें हो रही है गफलत, यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य में बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन चालक इन दिनों राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए गलत नियमों का शिकार हो रहे हैं। दुपहिया वाहन चालकों के ओवर स्पीडिंग में चालान काटे जा रहे हैं। जबकि मोटर वाहन अधिनियम में किसी भी दुपहिया वाहन का ओवर स्पीडिंग में चालान नहीं किया जा सकता। दरअसल ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान परिवहन विभाग द्वारा जारी नियमों के आधार पर किए जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की जो मैपिंग अपने संसाधनों में की हुई है, वह गलत तरीके से करने के चलते दुपहिया के ओवरस्पीडिंग में चालान किए जा रहे हैं。 Gfx In ऐसे समझिए गलत चालान - वाहन संख्या RJ14WS9852 का 3 बार हुआ चालान - 27 मई 2026, 20 मई 2026 और 9 अप्रैल 2026 को चालान - इस मोटरसाइकिल के तीनों बार 1000-1000 रुपए के चालान हुए - मोटर वाहन अधिनियम के नियम 183(1)(1) का दिया गया हवाला - एक्सेस स्पीड बताते हुए प्रत्येक बार 1000 रुपए का चालान नियम क्या कहते हैं ? - एमवी एक्ट के नियम 183(1) (1) में दुपहिया वाहन का जिक्र नहीं - इस नियम में एलएमवी वाहनों के ओवरस्पीडिंग का है जिक्र - एलएमवी(कार, ट्रैक्टर) के ओवरस्पीड पर 1000 रुपए का चालान - 183(1)(2) में मध्यम व भारी वाहनों की ओवरस्पीडिंग का जिक्र - मध्यम व भारी वाहन के ओवर स्पीडिंग पर 2000 रुपए का चालान - सवाल यह कि क्या ट्रैफिक पुलिस ने कर रखी है नियमों की गलत मैपिंग? Gfx Out वीओ- 2 बड़ी बात यह है कि दुपहिया के चालानों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान के साथ एलएमवी लिखा जा रहा है, जबकि मोटर वाहन अधिनियम में दुपहिया और एलएमवी दोनों अलग-अलग श्रेणियां हैं। दुपहिया वाहन को एलएमवी श्रेणी में किसी भी स्थिति में गिना नहीं जा सकता। इस पूरे प्रकरण में बड़ी जिम्मेदारी परिवहन विभाग की भी है। दरअसल ट्रैफिक पुलिस द्वारा एमवी एक्ट से जुड़े नियमों में चालान परिवहन विभाग के गाइडेंस के आधार पर किए जाते हैं। लेकिन इस पूरे मामले में रोजाना शिकायतें मिलने के बावजूद भी परिवहन विभाग की नियम शाखा ने चुप्पी साधी हुई है। नियम शाखा के अधिकारियों के सुस्त रवैये से रोजाना दुपहिया वाहन चालक परेशान हो रहे हैं。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर0
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धान खरीदी में पारदर्शिता: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का दावा
Begun, Rajasthan:रायपुर पटवारियों की हरताल पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बयान धान खरीदी में पारदर्शिता लाने इसको करना जरूरी है.. धान खरीदी के समय बाहर से धान आता है.. किसी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए आवश्यक है.. पिछले साल डिजिटल क्राफ्ट सर्वे 14 हजार गांव में सर्वे हुआ था.. इस साल 19 हज़ार गांव में सर्वे कर रहे है.. 1 करोड़ 90 लाख खसरा का डिजिटल सर्वे हो चुका है.. इसमें 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.. हमारा राजस्व अमला काम कर रहा है.. हमारा राजस्व अमला ईमानदारी से काम करे.. धान खरीदी के लिए यह जरूरी है.. किसानों के हित में इस काम को पूरा करे.. अभी तक हड़ताल की सूचना देने या मिलने कोई आया नहीं है.. अभी समय बहुत महत्वपूर्ण समय है.. ऐसे समय में सरकार की मदद करे.. जनजाति विकास विभाग के नाम बदले जाने पर आदिवासी समाज नाराज.. मामले में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा का बयान- हमारी सरकार जनजाति समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे है.. कांग्रेस उकसाते रहती है.. सरकार के खिलाफ उकसाने का काम कांग्रेस करती है.. सभी वर्गों के लिए सरकार काम कर रही है.. बाइट- टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री0
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बेंगलुरु पब विवाद: IAS अधिकारी विकास मरमत के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया
Hyderabad, Telangana:Andhra Pradesh: An Andhra Pradesh cadre Indian Administrative Service (IAS) officer, Vikas Marmat, project director of the Kuppam Area Development Authority (KADA), has been booked by Bengaluru police following an alleged altercation with police personnel at a pub on Residency Road. The case was registered at Cubbon Park police station based on a complaint by inspector Arun Salunke. Marmat and three others, Abhay Uday Singh, Nithish and Roshan. Police were checking customers' identity cards The incident reportedly occurred around 1.30am on October 10, when Bengaluru Central Crime Branch personnel were checking identity cards to verify the ages of customers at Cavore Bar and Restaurant on Residency Road. According to the complaint, four people allegedly entered into an argument with the police personnel and assaulted them. Police registered a criminal case against Marmat and the three others under at Cubbon Park police station. More details awaited in this case Andhra Pradesh Govt not yet reacted officially.0
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पाटन के किसानों के सामने सूखा संकट, मेघराज की बेरुखाई से फसल-बर्बादी का खतरा
Patan, Gujarat:મેઘરાજાની લાંબી રાહ જોઈ રહેલા પાટણ જિલ્લાના ખેડૂતોએ હવે ગંભીર મુશ્કેલીમાં મુકાયા છે. સમયસર વરસાદ ન વરરસનારા કારણે ખેતરોમાં ઉભો પાક સુગી રહ્યો છે, જેના કારણે અન્નદાતાઓની ચિંતા સાતમા આસમાને પહોંચી રહી છે. ખેડૂતોે શિયાળુ પાક વાવેતર માટે પણ તૈયારી શરૂ કરી દીધી છે પરંતુ કેનાલ થકી પાણી ન મળે તો સ્થિતિ વિપરીત પણ થઇ શકે છે. ખેતીમાં કેનાલમાં પાણી ન છોડાતા તો વાવેતર પર અસર થવાની संभावना છે. કરમાઈ રહેલા પાકને લાચારીથી નિહાળી રહ્યા હતા, તેમજ પાણી વિના સમય પસાર થઈ રહ્યો છે. કહેવાય છે કે વાવેતરની શરૂઆતમાં બિયારણ, ખાતર, દવા અને મજૂરી પર ઘણો ખર્ચ થયો હતો. આ સમસ્યાને કારણે ચણા, રાયડુ, ઘઉં, જીરુ જેવા પાક વાવવાના пешни થઇ રહ્યા છે. જો આ વર્ષે વરસાદ ની ખેંચવર રહેશે તો સુજલામ સુફલામ કેનાલમાં પાણી ન છોડવામાં આવે તો પાક વાવણી પર મોટો જોખમ રહેશે. કેવી રીતે હાલના क्षेत्रના ખેડૂતો શિયાળુ પાક માટે તૈયારીમાં મુકાશે અને કેનાલમાં પાણી મેળવવાનુંાવું છું તે અંગે ચર્ચા ચાલી રહી છે. જિલ્લાની ખાતી અધિકારીઓએ કહ્યું કે 2 લાખ હેક્ટરથી વધારે વિસ્તારમાં શિયાળુ પાકનું વાવેતર થવાનો પ્રયત્ન થાય છે અને આગામી તારીખોમાં વાવેતર શરૂ થઈ શકે છે. કારેતવાડી વિભાગ દ્વારા જણાવાયું છે કે ખેડૂતોને બિયારણની ખરીદી ચાલુ છે અને ખેડૂતોને ટ્યુબવેલ થકી પાણી મળી રહે તેવી શક્યતા રહેશે.0
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