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Satpal GargSatpal GargFollow30 Sept 2024, 12:40 pm
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खड़गे के अमर्यादित बयान पर वर्मा का हमला: राजनीति में मर्यादा की कसौटी

Ranchi, Jharkhand:प्रेस विज्ञप्ति दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित टिप्पणी कांग्रेस की विकृत राजनीतिक मानसिकता का परिचायक : डॉ. प्रदीप वर्मा खड़गे जी ने अपने बयान से राजनीतिक मर्यादा, भारतीय संस्कार और सार्वजनिक जीवन की गरिमा को किया तार-तार रांची। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए कथित अमर्यादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और भारतीय राजनीतिक संस्कृति के सर्वथा विपरीत बताया है। डॉ. वर्मा ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध की आड़ में किसी दिवंगत पिता के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना कहां तक उचित है? कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति से देश राजनीतिक परिपक्वता, संयम और शालीनता की अपेक्षा करता है, लेकिन इस तरह की टिप्पणी ने सार्वजनिक जीवन की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जी की 139वीं जयंती जैसे गरिमामय अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से यदि किसी दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है, तो यह केवल संबंधित व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कारों और सामाजिक मूल्यों के प्रति असंवेदनशीलता का भी परिचायक है। हमारी संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। ‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव’ केवल शब्द नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन का मूल आधार है। डॉ. वर्मा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति आज जिस स्तर पर पहुंचती दिखाई दे रही है, वह बेहद चिंताजनक है। वैचारिक विरोध का उत्तर तर्क और तथ्यों से दिया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत कटाक्ष और अमर्यादित भाषा से। लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन उस अधिकार के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि वरिष्ठता केवल पद या अनुभव से नहीं, बल्कि आचरण और वक्तव्य की गरिमा से भी प्रमाणित होती है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। राजनीतिक चुनौतियों का सामना जनसेवा, स्पष्ट नीतियों और सकारात्मक एजेंडे से किया जाता है, न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों के सहारे। जनता सब देख रही है और राजनीतिक नेतृत्व के आचरण का मूल्यांकन भी कर रही है। डॉ. वर्मा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि व्यक्तिगत अपमान और कटु बयानबाजी के माध्यम से वह जनता का विश्वास जीत सकता है। भारत की जनता जागरूक है और लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनादेश का होता है। राजनीतिक अहंकार और अमर्यादित भाषा किसी भी दल की साख को मजबूत नहीं कर सकती। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपेक्षा की कि वे अपने बयान पर गंभीरता से विचार करें और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएं। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति, पारिवारिक सम्मान और लोकतांत्रिक शिष्टाचार से समझौता स्वीकार्य नहीं है। डॉ. वर्मा ने कहा कि भारतीय राजनीति में पद की गरिमा, शब्दों की मर्यादा और जनता की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। लोकतंत्र में अहंकार नहीं, जनादेश सर्वोपरि है और राजनीतिक बयानबाजी की नहीं, बल्कि आचरण की कसौटी पर ही नेतृत्व की वास्तविक पहचान होती है।
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मुख्यमंत्री वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर मानवता व आरक्षण पर जोर

Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महर्षि वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत *चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन* मेरे निवास पर महर्षि वाल्मीकि के पावन प्रकट उत्सव का आयोजन मेरे लिए असीम शांति का अनुभव- मुख्यमंत्री आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी को शत-शत नमन, उनके प्रकट उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव समाज के संविधान की तरह- मुख्यमंत्री महर्षि वाल्मीकि ने हमें जाति, वर्ण या वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का दिया मंत्र अयोध्या में भगवान वाल्मीकि और माता शबरी मंदिर भी बनाए गए- मुख्यमंत्री वाल्मीकि समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई हमने योगदान का सम्मान करने के लिए अनुसूचित जातियों के आरक्षण का वर्गीकरण किया अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का किया गठन सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी कल्याण आयोग का किया गठन हमने एजेंसीों के माध्यम से कार्यरत 5000 से अधिक सफाई कर्मचारियों को संबंधित पालिका के रोल पर लिया अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 71000 तक की शगुन राशि दी जाती है सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती में 10% कोटा वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए किया आरक्षित अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का किया गठन अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मकान मरम्मत हेतु 80 हजार रुपए दिए जा रहे हैं मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत नव विवाहित जोड़े को 250000 रुपए के अनुदान राशि की जाती है प्रदान हमारी हर योजना हर नीति और हर निर्णय में महर्षि वाल्मीकि जी की भावना है बसती- मुख्यमंत्री
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मेवात की लक्ष्मी ड्रोन दीदी बनकर खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर रहीं

Nuh, Haryana:मेवात की लक्ष्मी बनीं ‘ड्रोन दीदी’, खेतों में ड्रोन से कर रहीं फसलों पर छिड़काव आस-पास के दर्जनों गांवों में किसानों को दे रहीं ड्रोन से कीटनाशक व उर्वरक छिड़काव की सुविधा, आधुनिक तकनीक से बढ़ी आमदनी। केंद्र सरकार की ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। नूंह जिले के बसई खाजादा गांव की लक्ष्मी इसकी मिसाल हैं। कभी घर तक सीमित रहने वाली लक्ष्मी आज ड्रोन पायलट बनकर आसपास के दर्जनों गांवों में किसानों के खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव कर रहीं हैं। उनके तकनीकी हुनर और मेहनत के चलते अब क्षेत्र के लोग उन्हें ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं। लक्ष्मी वर्ष 2016 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं और जनवरी 2024 में ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षण मिला। ट्रेनिंग के बाद उन्हें गरुड़ एयरोस्पेस कंपनी का कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया गया। लक्ष्मी के अनुसार यह ड्रोन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से योजना के तहत उपलब्ध कराया गया। पहले किसानों को खेतों में पीठ पर मशीन लादकर हाथ से कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव करना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत लगती थी। अब ड्रोन से यह काम 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाता है। इस वक्त तक उन्होंने करीब 350 खेतों में छिड़काव किया है। वर्ष 2025 में उनकी आय लगभग 60 हजार रुपये और वर्ष 2026 तक अब तक करीब 75 हजार रुपये हो चुकी है। गेहूं और बाजरा जैसी फसलों में मौसम की जरूरत के अनुसार ड्रोन से छिड़काव किया जाता है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें ड्रोन दीदी योजना की जानकारी मिली, प्रशिक्षण मिला और आत्मविश्वास बढ़ा। वे अब आसपास के गांवों के किसानों को उनके खेतों में छिड़काव के लिए बुलाती हैं। ड्रोन दीदी योजना ने उन्हें रोजगार के साथ-साथ आत्मविश्वास और समाज में सम्मान भी दिलाया है, और वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी योगदान कर पा रही हैं। ग्रामीण महिलाएं आधुनिक तकनीक से कृषि क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। किसानों को भी राहत मिल रही है; ड्रोन से छिड़काव करने से समय और मेहनत बच रही है। पहले पीठ पर मशीन लादकर तथा हाथ से छिड़काव करना पड़ता था, अब कम समय में काम हो जाता है। आगे भी आसपास के किसान ड्रोन की सेवा लेने के लिए आ रहे हैं। लक्ष्मी की कहानी यह दिखाती है कि प्रशिक्षण, तकनीक और अवसर मिलने से ग्रामीण महिलाएं कृषि क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकती हैं।
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दिल्ली में यमुना रिवर क्रूज का सॉफ्ट ट्रायल शुरू, पर्यटन को नया आयाम

New Delhi, Delhi:दिल्ली में आज से शुरू होगी यमुना रिवर क्रूज की सॉफ्ट ट्रायल सेवा. दिल्ली के पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम, यमुना नदी में पहली बार रिवर क्रूज सेवा की सॉफ्ट ट्रायल शुरुआत होगी. इस सेवा को नमो यमुना रिवर्स सफारी के नाम से शुरू किया जाएगा. सोनिया विहार से जगतपुर तक क्रूज का संचालन किया जाएगा. क्रूज में 40 मिनट की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये किराया तय किया गया है. एक बार में क्रूज पर अधिकतम 30 लोग सफर कर सकेंगे. शुरुआती तौर पर 4 से 5 दिन तक ट्रायल किया जाएगा, जिसके बाद क्रूज सेवा का औपचारिक उद्घाटन होगा. इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों को यमुना नदी से राजधानी की ऐतिहासिक विरासत और खूबसूरत नजारे देखने का नया अनुभव देना है. पर्यावरण अनुकूल इस पहल को यमुना रिवरफ्रंट के विकास और नदी किनारे मनोरंजन की नई संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.
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मेरठ में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई शरदीय कोजागरी लक्ष्मी पूजा

MANISH PARASHARMANISH PARASHARFollow38m ago
Meerut, Uttar Pradesh:Manish Parashar Meerut 9457843475 ​मेरठ: शरद पूर्णिमा की पावन और चांदनी रात में शहर में श्री श्री कोजागरी लक्ष्मी पूजा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति, सदर बाजार तथा घंटाघर स्थित मुकुंदी की धर्मशाला में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माँ लक्ष्मी की विशेष आराधना की। ​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 'कोजागरी' का अर्थ 'कौन जाग रहा है?' होता है। शरद पूर्णिमा की इस पवित्र रात्रि में माँ लक्ष्मी का पूजन करने से घर में सुख, शांति, वैभव और समृद्धि का वास होता है। ​शहर के प्रमुख बंगाली सांस्कृतिक केंद्रों—सदर बाजार स्थित बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति और घंटाघर स्थित मुकुंदी की धर्मशाला—में कोजागरी लक्ष्मी पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। दोनों ही प्रमुख स्थलों पर बंगाल की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का अनूठा संगम देखने को मिला। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। ​ ​कार्यक्रम के दौरान मेरठ सार्वजननीन दुर्गा पूजा सोसायटी व समिति के अध्यक्ष मनोज मंडल ने पर्व के उल्लास और परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शरद पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर माँ लक्ष्मी की आराधना से समाज में सुख-समृद्धि और भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों को पूरी निष्ठा के साथ मनाता है। ​वहीं, बंगाली दुर्गाबाड़ी समिति के सचिव डॉ. सुब्रतो सेन ने बातचीत करते हुए पूजा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया यह लक्ष्मी पूजन दुर्गा पूजा के पांचवें दिन मनाया जाता है, जिसे 'कोजागुरी लक्ष्मी पूजा' कहा जाता है। इसमें परंपरा के अनुसार सभी लोग पहले अपने घरों में माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उसके बाद मंदिर तथा सामूहिक आयोजनों में एकत्रित होते हैं। इस अनुष्ठान में महिलाओं का योगदान बहुत अधिक होता है। पंडित जी द्वारा पूरी विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पाठ संपन्न कराया गया, जिसके पश्चात माँ की भव्य आरती और प्रसाद वितरण किया गया।" ​बंगाली समाज में इस पर्व का विशेष स्थान है। शरद पूर्णिमा की इस रात को केवल धन-धान्य की प्राप्ति ही नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण, कृतज्ञता और पारिवारिक मंगल की कामना का प्रतीक माना जाता है। घंटाघर और सदर के दोनों मुख्य परिसरों में सजे भव्य दरबार और दीपकों की रोशनी ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। पूजा के अंत में भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
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कैराना में ओवैसी का अखिलेश यादव पर हमला, बोले- यूपी के मुसलमानों को चाहिए अपनी सियासी लीडरशिप

Amit TararAmit TararFollow43m ago
Shamli, Uttar Pradesh:रिपोर्ट:- अमित तरार उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना विधानसभा में पहुंचे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय हालात, चीन सीमा, बेरोजगारी, महंगाई, मुजफ्फरनगर दंगों और मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी के मुसलमानों को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लीडरशिप खड़ी करनी होगी। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि वह मुसलमानों से वोट तो लेते हैं, लेकिन मुश्किल समय में उनके साथ खड़े होने का सवाल भी पूछा जाना चाहिए। कैराना में अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने सबसे पहले विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मक्का और जेद्दा में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दोस्ती निभाने के बजाय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। ओवैसी ने आशंका जताई कि क्षेत्र में युद्ध बढ़ने से भारत में पेट्रोल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी युद्ध के बजाय शांति की दिशा में पहल करने की अपील की। ओवैसी ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सीमा की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई गरीबों और मस्जिदों तक सीमित क्यों दिखाई देती है। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर बुलडोजर चलाने की इतनी ही ताकत है तो उसे अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भेजकर दिखाया जाए। ये सभी आरोप और टिप्पणियां ओवैसी ने अपने राजनीतिक भाषण के दौरान कीं। अपने भाषण में ओवैसी ने बेरोजगारी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े आर्थिक लक्ष्य घोषित करने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता और किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान चाहिए। उन्होंने महिलाओं के खातों में पैसे भेजने के वादों और प्रदेश में विकास कार्यों के खर्च पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई से नौकरियां नहीं मिलेंगी। उन्होंने किसानों के गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग भी उठाई। ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव भी रहे। मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने तत्कालीन सपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और विधानसभा में मुस्लिम विधायक भी मौजूद थे, इसके बावजूद दंगा प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षा देने के सवाल उठे। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय पीड़ितों की पर्याप्त मदद नहीं की गई। ओवैसी ने दंगा प्रभावित राहत शिविरों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियों को उन्होंने करीब से देखा था। उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि उस समय पीड़ित परिवारों के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
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खड़गे के बयान पर बीजेपी का आक्रामक पलटवार, विलय दिवस पर मोदी-केंद्रित विरोध

Jammu, साहिल केरनी ज़ी मीडिया जम्मू खड़गे के बयान पर बीजेपी का पलटवार, पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर जताया कड़ा विरोध जम्मू-कश्मीर के विलय दिवस के मौके पर जम्मू स्थित बीजेपी मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा सहित बीजेपी के कई नेता और विधायक मौजूद रहे। महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही सुनील शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना निंदनीय है और बीजेपी इसकी कड़ी निंदा करती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट फेरबदल को लेकर सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर निशाना साधते हुए इसे दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि करीब दो साल के कार्यकाल में सरकार रोजगार और विकास के मोर्चे पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई। जब छह मंत्रियों के साथ भी ठोस काम नहीं हुआ, तो अब तीन नए मंत्रियों के शामिल होने से क्या बदलाव आएगा? सुनील शर्मा ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर भी भारत के साथ जुड़े, ताकि विलय दिवस और भव्यता के साथ मनाया जा सके। टीटी — सुनील शर्मा, नेता प्रतिपक्ष जम्मू-कश्मीर के विलय दिवस के अवसर पर जम्मू स्थित बीजेपी मुख्यालय के आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सी.ए. सत शर्मा ने महाराजा हरि सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। सत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति और जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता को लेकर उसकी बेचैनी ऐसे बयानों में दिखाई देती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट फेरबदल पर प्रतिक्रिया देते हुए सत शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में बदलाव जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है, क्योंकि सरकार पहले भी विकास और रोजगार के मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम देने में नाकाम रही है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला के विधायकों को लेकर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए भी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए। टीटी स्क्रिप्ट — सी.ए. सत शर्मा, जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद
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