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Satpal GargSatpal GargFollow30 Sept 2024, 12:40 pm
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खैरागढ़ के सरकारी स्कूल की जर्जर छत: बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के दावे और शिक्षा के नाम पर करोड़ों के बजट की बातें अक्सर सुनाई देती हैं, लेकिन खैरागढ़ जिले के वनांचल में शिक्षा व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो इन दावों की पोल खोल रही है। ग्राम पंचायत सरईपतेरा के आश्रित ग्राम लालपुर घाट स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में बच्चे जर्जर छत के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि बारिश का पानी रोकने के लिए शिक्षकों को स्कूल की छत पर प्लास्टिक की झिल्लियां बिछानी पड़ी हैं। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर इस स्कूल का भवन पिछले एक साल से बदहाल है। छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है और सरिया तक बाहर दिखाई देने लगा है। बावजूद इसके यहां बच्चों की पढ़ाई जारी रही। शिक्षक, सरपंच और ग्रामीण लगातार मरम्मत या नए भवन की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी。 विडंबना देखिए, जहां बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना चाहिए, वहां सरकारी स्कूल की छत झोपड़ी जैसी व्यवस्था के भरोसे है। सवाल है कि जर्जर भवनों की सूची और निरीक्षण का जिम्मा संभालने वाला शिक्षा विभाग आखिर इतने समय तक क्या करता रहा? मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने नाराजगी जताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई और नए भवन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही है। अब सवाल है कि क्या शिक्षा विभाग किसी हादसे का इंतजार कर रहा था? बच्चों का भविष्य संवारने वाले स्कूल में पहले उनकी जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
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हरखड़ी गांव में 40 वर्षीय आसमा खातून की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार

Balrampur, Uttar Pradesh:हरखड़ी गांव में 40 वर्षीय आसमा खातून की संदिग्ध मौत, दुपट्टे से बंधा मिला गला; पोस्टमार्टम को भेजा गया शव बलरामपुर जनपद के थाना पचपेड़वा क्षेत्र के ग्राम हरखड़ी में बुधवार सुबह एक 40 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से गांव में सनसनी फैल गई। महिला का शव घर में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल डायल 112 और थाना पचपेड़वा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया। मृतका की पहचान आसमा खातून (40) पत्नी मोहम्मद अकरम उर्फ राजू पुत्र अब्बास के रूप में हुई है। बताया जाता है कि मृतका का पति बीते चार जून को रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गया था, जहां वह मेहनत-मजदूरी करता है। परिवार में एक 11 वर्षीय बेटा और एक बेटी है। बेटी की शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। सूचना पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी。 इस संबंध में थाना प्रभारी पचपेड़वा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。 घटनास्थल पर स्थानीय जिला पंचायत सदस्य साजिद खान, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मृतका के पिता आफत अली निवासी रमईपुर, थाना गैसड़ी ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी बेटी की मौत के कारणों का पता लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल महिला की संदिग्ध मौत को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है.
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वाराणसी में धीरेंद्र शास्त्री के बयान के विरोध में प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर आक्रोश जताया

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Varanasi, Uttar Pradesh:कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के बाद वाराणसी में विरोध प्रदर्शन शुरू। वाराणसी जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बायकॉट के पोस्टर लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने धीरेंद्र शास्त्री के पोस्टर पर जूते-चप्पल मारकर अपना आक्रोश जताया। इसके बाद पोस्टर को आग के हवाले कर कथावाचक के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। सपा नेताओं और अधिवक्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान जिला मुख्यालय परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और विरोध का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
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बिहार में बयान-वार के बीच हंगामा: तेजस्वी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

Patna, Bihar:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में अपराध नहीं होने की किया दिल्ली में दवा तो वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधि व्यवस्था पर कर दिया सवाल खड़ा मधुबनी की घटना का भी किया जिक्र बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे पर गए हुए थे वहीं बिहार के मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि बिहार में अपराध खत्म हो गया है मुख्यमंत्री के बयान आने के बाद नेता प्रतिपक्ष ने इसे आड़े हाथों लिया और वही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिहार के विधि व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया और मधुबनी की घटना का जिक्र कर दिया बाइट---- सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बिहार बाइट---- तेजस्वी यादव کا सोशल मीडिया पोस्ट लगाये मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने कहा की सबसे पहले हमारा माननीय मुख्यमंत्री जी से सवाल है कि वो पहले जनता को बताएं कि क्राइम और अपराध में क्या फर्क है। अगर बिहार में अपराध नहीं है, क्राइम है, तो क्राइम क्या है? एनसीआरबी का रिकॉर्ड है 2025 इसका। मर्डर 2,556, रेप 2,025, लूट राइट्स 174 और 2,502 और मधुबनी में जो घटना घटी है तो वो क्या है? पहले मुख्यमंत्री जी बता दें कि ये क्राइम है या अपराध है। हकीकत क्या है कि इनको सरकार पे कंट्रोल नहीं है, माननीय मुख्यमंत्री जी को। भ्रष्टाचार और क्राइम चरम पर है, ऑल टाइम हाई, इसलिए अब बोलना कम होना चाहिए माननीय मुख्यमंत्री जी का, भारतीय जनता पार्टी की सरकार का और काम पे ध्यान दें। बाइट---- ऋषि मिश्रा पूर्व विधायक कांग्रेस नेता RjD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा की बिहार में तो अपराध लगातार बढ़ रहा है। NCRB के आंकड़े तो सामने हैं मुख्यमंत्री जी को तो क्राइम और अपराध में फर्क ही पता नहीं है। क्राइम को हिंदी में अपराध कहते हैं। ये सामान्य ज्ञान का अभाव दिखा, हालांकि, राजद में थे तो प्रशासनिक अनुभव भी था, मुख्य सचेतक थे विपक्ष में, उसका भी अनुभव था, और वहां जाकर के अपराध और क्राइम का अंतर नहीं समझ रहे हैं, हिंदी, अंग्रेजी। बिहार में बदस्तूर अपराध बढ़ता ही जा रहा है।अब तो जो कानून का रखवाला है, वह घर में घुस के गोली मार रहा है, मधुबनी की घटना सामने है। लगातार बढ़ रहा है अपराध। आउट ऑफ़ कंट्रोल है क्राइम के मामले में, अब जान लेनी चाहिए, सम्राट जी नहीं समझ रहे हैं, उनकी व्यवस्था है, उनकी नीति में कमी है। बाइट--- शक्ति यादव मुख्य प्रवक्ता आरजेडी पूर्व विधायक कांग्रेस और राजद के बयान के बाद भाजपा के विधायक संजय गुप्ता ने पलटवार किया और कहा की तेजस्वी यादव जी को मैं स्पष्ट रूप से सलाह देना चाहता हूं कि शीशे के घरों में रहने वाले दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते हैं। वो उनकी माता जी और पिताजी की जब सरकार थी, तो बिहार में किस प्रकार से अपराध होता था कि अपराधी मुख्यमंत्री जी के आवास पर पकड़े जाते थे और वहीं पे जा के पंचायत होता था और किडनैपिंग का वहीं से हिसाब होता था और पूरे देश में एक बिहार की गलत छवि बनी हुई थी, जिसको एनडीए सरकार 2005 से अब तक नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में फिर सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। बाइट--- संजय गुप्ता बीजेपी विधायक अपराध अगर हुआ भी किसी कारण से तो वह अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलती है और तुरंत खोज के उसको सजा भी दिया जाता है। प्रशासन चुस्त-दुरुस्त है, प्रशासन पर कोई पॉलिटिकल इंटरफेरेंस नहीं है कि आप उसके माध्यम से प्रभावित कर सकते हैं अपराधी को। एनडीए के कोई नेता उसमें आज तक शामिल नहीं हुए। इसलिए यह जो घटनाएं घटती है उसमें तुरंत से सम्राट चौधरी जी की सरकार और पुलिस प्रशासन त्वरित गति से काम करती है। वह आप देख भी रहे हैं और बिहार की जनता सहजता पूर्वक आज आप पटना का जेपी गंगा पथ हो, रात के आप 12:00 बजे डाकबंगला देख लीजिए, कहीं भी देखिए निर्भीकता से घूमते हैं। धुबनी की जो घटना हुई है, जो आप देख रहे हैं कि उस एएसआई को तुरंत से निलंबित किया गया, कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, बल्कि जिला प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्पीडी ट्रायल के माध्यम से और उस केस को हम लोग लेते हैं। बाइट----- संजय गुप्ता बीजेपी विधायक जदयू की प्रवक्ता अंजू आरा ने कहा बिहार में 2005 से ही तत्कालीन मुख्यमंत्री हमारे आदरणीय नेता श्री नीतीश कुमार जी के लीडरशिप में NDA की सरकार रही और तथा अपराध जैसे विषय पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी रही। और अब NDA की गवर्नमेंट आदरणीय श्री सम्राट चौधरी जी के लीडरशिप में है, और उसी नीति को ये आगे बढ़ा रहे हैं, अपराध और अपराधियों पे उनकी भी पॉलिसी वही है। लेकिन जिस तरह से बिहार का विपक्ष या राष्ट्रीय जनता दल के लोग जो बोल रहे हैं, जरा उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उनका जो शासन काल था राष्ट्रीय जनता दल का, वो किस रूप में याद किया जाता था राष्ट्रीय स्तर पर। मुझे लगता है ये बताने की आवश्यकता नहीं है। बाइट----अंजुम आरा प्रवक्ता जेडयू बलिराजगढ़ की घटना पर प्रशासन सख्त, फरार ASI की गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीम गठित ASI के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को मिलेगा ₹25 हजार का इनाम जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने धरना स्थल पहुंचकर पीड़ित परिजनों से की मुलाकात, हरसंभव सहायता का दिया भरोसा मामले का स्पीडी ट्रायल कर दोषी को दिलाई जाएगी कड़ी से कड़ी सजा मधुबनी 3 नवंबर, 2026 बाबूबरही प्रखंड के बलिराजगढ़ में घटित घटना को जिला प्रशासन ने अत्यंत दुखद एवं गंभीर बताया है। जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री योगेंद्र कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार एवं उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति प्रकट की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा दोषी के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी तथा कानून के अनुरूप कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस क्रम में मंगलवार को जिला पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक खोजपुर चौराहा स्थित धरना स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने धरनारत लोगों एवं स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं तथा घटना को लेकर उनकी भावनाओं और चिंताओं को समझा। इस दौरान घटना से अत्यंत मर्माहत एक वृद्ध महिला भावुक होकर जिलाधिकारी को पकडकर बिलखने लगीं। जिलाधिकारी ने उन्हें ढांढस बंधाया तथा भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है। मामले में त्वरित कार्रवाई, ASI निलंबित
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सेवराई बाजार और आबादी वाले क्षेत्रों में नहीं लगेंगी पटाखों की दुकानें, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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Bhadaura, Uttar Pradesh:सेवराई (गाजीपुर)। आगामी दीपावली एवं छठ पूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सकुशल और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को स्थानीय पुलिस चौकी सेवराई परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, दुकानदारों और संभ्रांत लोगों ने भाग लिया। बैठक में त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पटाखों की बिक्री और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एसडीएम गजराज सिंह यादव ने पटाखा दुकानदारों को सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट किया कि बाजार के अंदर और आबादी वाले क्षेत्रों में किसी भी परिस्थिति में पटाखों की दुकान नहीं लगाई जाएगी। पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर और नियमानुसार ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकानदार बाजार अथवा आबादी वाले क्षेत्र में पटाखों की दुकान लगाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। दुकानों पर अग्निशमन एवं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं तथा ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। बिना अनुमति अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर पटाखों की बिक्री किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी दुकानदार प्रशासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। वहीं, कोतवाल नंद कुमार तिवारी ने कहा कि दीपावली एवं छठ पूजा को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा। बाजारों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अफवाह की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक सूचनाएं प्रसारित करने से बचें तथा किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। अंत में उपजिलाधिकारी गजराज सिंह यादव ने क्षेत्रवासियों, व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सहयोग एवं सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए दोनों पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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CEIR से बस्ती पुलिस ने 156 गुमशुदा मोबाइल लौटाए, कुल कीमत लगभग 28 लाख

Basti, Uttar Pradesh:लोकेशन, बस्ती किसी का मोबाइल रोजगार का जरिया था, तो किसी की यादों और अपनों से जुड़ी अनमोल तस्वीरों का खजाना मोबाइल गुम होने के बाद किसी ने उम्मीद छोड़ दी थी, तो कोई लगातार पुलिस के चक्कर लगा रहा था। लेकिन बस्ती पुलिस की सर्विलांस सेल ने तकनीक और अपनी मेहनत के दम पर 156 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी ओमवीर सिंह ने बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे, तो किसी के चेहरे पर खुशी दिखी, तो किसी की आंखों में पुलिस के लिए शुक्रिया था। खास बात यह है कि जनवरी 2026 से अब तक बस्ती पुलिस कुल 743 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर चुकी है。 बस्ती पुलिस की इस कामयाबी के पीछे है सर्विलांस सेल की तकनीकी निगरानी, लगातार प्रयास और टीमवर्क। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी अपराध कुलदीप सिंह यादव के पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल की टीम ने CEIR पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग कंपनियों के 156 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये है। 3 नवंबर 2026 को पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी ओमवीर सिंह ने इन सभी 156 मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया। किसी को अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिला, तो किसी को लंबे समय से खोई अपनी जरूरी चीज वापस मिलने की खुशी। पुलिस की इस पहल ने साबित किया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए。 खास बात यह है कि यह सिर्फ 156 मोबाइलों की बरामदगी नहीं, बल्कि जनवरी 2026 से अब तक कुल 743 मोबाइल फोन बरामद करने की बड़ी उपलब्धि है। इन मोबाइलों की वापसी से सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है, बहरहाल, मोबाइल गुम होने पर मायूस होकर बैठने के बजाय और उसकी शिकायत दर्ज कराना और CEIR पोर्टल पर जानकारी देना कितना जरूरी है, बस्ती पुलिस की यह कामयाबी इसकी बड़ी मिसाल है। तकनीक का सही इस्तेमाल और पुलिस की सक्रियता जब एक साथ आई, तो 156 लोगों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल गया।
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गोमती नदी किनारे प्रेम प्रसंग से धीरेंद्र परिहार हत्या का पर्दाफाश

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर में 18 दिन से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। महिला ने कथित तौर पर घर में लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को दो दिन तक घर में छिपाया गया था और फिर भाई के साथ मिलकर शव को कार में रखा और नदी किनारे फेंक दिया। तीन नवंबर की शाम पुलिस ने गोमती नदी के पास से शव बरामद किया। शव बुरी तरह सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ गए थे। पुलिस ने महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
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