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Kashmir में सर्दी के आग से तबाही: घर-धंधे राख, लोग ठंडी रातों में संघर्ष
SBShowket Beigh
Dec 11, 2025 06:30:50
Srinagar,
With the arrival of winter in Kashmir, the valley faces a crisis far more dangerous than the cold. The number of fire incidents surges sharply, turning homes, shops, and entire livelihoods into ashes within minutes. Families are left homeless in the freezing night, women, children, and the elderly forced to sleep in tents and on footpaths, battling both grief and harsh winter winds. From Srinagar’s old city to remote districts, the scale of destruction is heartbreaking. Tonight, Salaam TV brings you the real stories of those who lost everything — and the alarming rise of winter fires that continues to haunt the valley every year. As temperatures fall to minus 8, minus 10, the valley turns toward heaters—bukhārīs, gas heaters, electric blankets, makeshift kerosene stoves. But one small spark and a warm room turns into a furnace. Homes made of centuries-old wood ignite like dry leaves. By the time fire tenders reach, memories, savings, documents, childhood photographs—everything disappears into the night sky. In Kashmir, fire doesn’t just burn homes. It burns dreams, destroys decades of hard work, and leaves families standing on cold streets with nothing but the clothes they are wearing. You will find them sleeping on footpaths, inside broken sheds, under makeshift tents—fighting cold and grief together. Children shivering, wrapped in thin blankets. Women searching through ashes for anything—a ring, a pot, a school bag. Elderly people staring at the smoke as if their entire life is floating away with it. Our homes are gone. Our shops are gone. Our livelihood gone. Not just homes; entire workshops, warehouses, godowns, and small industries vanish in winter fires. Carpenters lose their sawmills. Shoe shops, garment shops, computer centres—all turn to black dust. Families depending on a single shop suddenly find themselves with zero income, zero security, and a long winter ahead. A fire lasts only a few minutes. But the night after, that lasts forever. In the darkness, you see families warming their hands near small makeshift fires, children asking their mothers, “Ghar kab banega?” Women crying silently so their children don’t hear. Men pretending to be strong while their hearts break inside. The valley sleeps, but fire victims remain awake—cold, homeless, and forgotten. Yet, amidst the ashes, Kashmir stands up again. Neighbours come first—bringing blankets, food, and courage. Local volunteers rush to help. Young boys collect donations. Old women open their doors to families who lost everything. This is Kashmir. A place where snow may freeze water—but never the heart. Winter fires are not accidents alone; they are a warning. From better infrastructure to safer heating practices to quicker fire response, Kashmir needs a system that protects its people before another home turns to smoke. As winter deepens, the valley wraps itself in snow—but beneath that white blanket lies a fear, the fear of fire. For every family who lost a home, for every child sleeping in a tent, for every mother holding ashes of her memories, their story must be told. Winter in Kashmir is not just cold, it burns. This winter, let’s not allow fire to take away what snow cannot. In winters, Kashmir witnesses a tragic rise in fire incidents. As temperatures drop, the pressure on our electrical systems increases and people rely heavily on heating appliances. Unfortunately, a large number of these devices are either faulty or used without proper safety measures. In many recent cases, entire families have lost their homes within minutes. Such losses are heartbreaking—and avoidable. Simple steps like installing a small fire extinguisher, keeping emergency exits clear, and turning off appliances before sleeping can save precious lives. Fire & Emergency Services is fully committed, and our men are risking their lives every day. But we need community support. Together, we can reduce these tragedies and make this winter safer for everyone in the valley. In winter, most fires happen due to gas heaters, electronic blankets, kerosene stoves, kangris and short circuits — but with proper care, we can prevent them. Yes, we rely on heaters, kangris and electric gadgets for warmth, but simple precautions can save homes and lives. Our winter essentials are important, and by using them safely, we can protect our families and our neighbourhood. We have seen many fire incidents in our area, but people here stand together and help each other in every crisis. Winter is tough, but our unity is stronger — neighbours come forward immediately to save lives and support victims. With awareness and careful use of heating devices, we can reduce these tragedies and keep our valley safe. As local residents, we have learned that one small safety step in winter can save an entire neighbourhood. We always remind each other to check heaters, wires, and kangris — because safety is a shared responsibility. Our community has suffered losses, but together we are creating awareness so that no family faces such pain again.
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Mar 02, 2026 21:45:47
Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद मे होलीका दहन सकुशल हुआ संपन्न, कुछ जगहों पर कल होगा होलिका दहन, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक चौबंद, हर्षोल्लास क़े साथ हुआ होलिका दहन, लोगो ने एक दुसरे को गुलाल लगा दीं होली की शुभकामनायें.... सोमवार शाम को होलिका दहन से पहले श्रद्धालुओं ने होली का विधि विधान से पूजन किया, पूजन कर अपने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की प्रार्थना की। शाम को शुभ मुहूर्त में महानगर के विभिन्न मोहल्लो आदि स्थानों में पहले होली को लकड़ी और उपलों से सजाया गया। उन पर फूल और बरबुली की माला चढ़ाई। उस पर लाल रंग का झंडा भी लगाया गया। शाम को श्रद्धालु अपने परिवार के साथ होलिका स्थल पर पहुंचे। वहां पर सजाई गई होली का की विधि विधान से पूजा अर्चना की, फिर होलिका दहन विधि विधान से पूर्ण कराया गया... होलिका दहन से पहले महिलाओं और पुरुषों ने होलिका की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं ने रोली, अक्षत, नारियल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधिवत पूजा संपन्न की। इसके बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया, जिसे देखने के लिए आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।
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Mar 02, 2026 20:55:55
uttrapradesh, Uttar Pradesh:मीरगंज। होली पर्व से पूर्व शनिवार को मीरगंज के नथपुरा रोड स्थित श्री बालाजी महाराज दरबार में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। महंत रामकिशोर जी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में फूलों, गुलाल और अबीर की बौछार के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक होली उत्सव मनाया। महिला, पुरुष और बच्चों की भारी भीड़ सुबह से ही दरबार परिसर में उमड़ पड़ी। दरबार में बाबा के जयकारों और होली के भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। जैसे ही फूलों और गुलाल की होली शुरू हुई, पूरा पंडाल रंगों और खुशियों से सराबोर हो गया। श्रद्धालु एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहे थे। लगभग तीन घंटे तक चले दरबार में भजन-कीर्तन और संगीत वादन ने समा बांध दिया। मशहूर भजन गायक दीपक सांवरिया ने अपने मधुर स्वरों में भगवान बालाजी के भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनके भजनों पर भक्त ताली बजाते और झूमते नजर आए। आरती और भोग के पश्चात गुलाल, अबीर और फूलों की वर्षा के साथ उत्सव और भी रंगीन हो गया। महंत रामकिशोर जी ने दरबार के नित्य सेवाकार्य में लगे सेवादारों को सपत्नीक वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है तथा इसे शांति और भक्तिमय वातावरण में मनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने समाज में सद्भाव बनाए रखने और मर्यादित तरीके से पर्व मनाने की अपील की। इस अवसर पर बब्लू, योगेश कुमार गुप्ता, उमेश कुमार, बब्लू गंगवार, ओमकार गंगवार, दीपक, ओमप्रकाश गंगवार, पंडित राजकिशोर शर्मा, विनय कुमार शर्मा, सतीश कुमार, सोनू गुप्ता, विकास यादव, भजन लाल यादव, योगेश शर्मा, रिंकू, रूपराम, ओमकार, सुषमा देवी और मीना देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक अर्जी लगाकर सभी भक्तों ने सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। फूलों और गुलाल की इस अनोखी होली ने सनातन परंपरा और आस्था की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
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YSYatnesh Sen
Mar 02, 2026 18:47:09
Indore, Madhya Pradesh:होली विशेष स्टोरी आधुनिक दौर में आज भी आदिमानव काल की तरह होलिका दहन नोट – होली विशेष स्टोरी एंकर- होली यानी आस्था, विश्वास और परंपरा का उत्सव। आज जहां आधुनिक भारत में डिजिटल इंडिया का दौर है वहीं आज भी प्राचीन पद्धति जीवंत है देशभर में होलिका दहन आधुनिक साधनों के साथ किया जाता है लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के देपालपुर का धाकड़ सेरी इलाका ऐसा है जहां 21वीं सदी में भी आग जलाने और उससे होलिका का दहन करने का तरीका हजारों साल पुराना है। हम आपको लिए चलते हैं देपालपुर क्षेत्र की धाकड़ सेरी में जहां होलिका दहन के लिए माचिस या लाइटर नहीं बल्कि आज भी आदिमानव काल की तरह चकमक पत्थरों से अग्नि उत्पन्न की जाती है। देखिए एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट वीओ 01 - ये तस्वीरें हैं मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के देपालपुर मे स्थित धाकड़ सेरी इलाके की जहां परंपरा केवल निभाई नहीं जाती बल्कि जी भी जाती है। ढलती शाम गांव के बुजुर्ग, बच्चे, महिलाए और बीच में सजकर तैयार होलिका। लेकिन असली दृश्य अब शुरू होता है क्योंकि यह आम तरह से रस्म अदायगी कर आधुनिक दौर की होलिका दहन नहीं बल्कि प्राचीन युग की परम्परागत तरीके से जलाई जाने वाली होलिका दहन प्रक्रिया है वीओ 02.– इंदौर के देपालपुर की धाकड़ सेरी यहां होलिका दहन की शुरुआत होती है दो चकमक पत्थरों से… होलिका जलाने वाले पटेल इन पत्थरों को विशेष विधि से आपस में टकराते हैं… धीरे-धीरे एक चिंगारी निकलती है वही चिंगारी रुई को सुलगाती है रुई से घास से बनी ‘हिड’ को आग दी जाती है और फिर उसी पवित्र अग्नि से होलिका दहन संपन्न होता है। यह प्रक्रिया देखने में भले सरल लगती हो लेकिन इसके पीछे वर्षों का अभ्यास और आस्था जुड़ी है। स्थानीय लोगों की माने तो उनका कहना है की यह परंपरा हमारे पूर्वजों से चली आ रही है। पहले के समय में माचिस नहीं होती थी। पत्थरों से ही आग जलाई जाती थी। हम आज भी उसी रीति को निभाते हैं। स्थानीय पंडित नमन गुरु जी की माने तो यह दृश्य मानो आदिमानव काल की झलक देता है। प्राचीन काल में अग्नि प्राकृतिक रूप से उत्पन्न की جاتی थी। पत्थरों की चिंगारी कभी धोखा नहीं देती। यह शुद्ध और पवित्र मानी जाती है। यह परंपरा हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है। वीओ 03- जैसे ही होलिका प्रज्वलित होती है जयकारों की गूंज और ढोल की थाप आसमान तक पहुंचती है डिजिटल इंडिया के इस दौर मे जहां एक क्लिक पर सबकुछ उपलब्ध है वहीं देपालपुर की धाकड़ सेरी यह संदेश देती है कि आथुुनिकता अपनाइए लेकिन परंपराओं को मत छोड़िए। यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। पत्थरों से जलती यह होलिका हमें याद दिलाती है कि असली रोशनी बिजली की नहीं संस्कारों की होती है। यत्नेश सेन जी मीडिया इंदौर Wt – होलिका जलाने वाले रामकिशन पटेल और स्थानीय रमेश पटेल के साथ संवाददाता यत्नेश सेन
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RSRajkumar Singh
Mar 02, 2026 18:45:34
Hajipur, Bihar:खबर वैशाली जिले के लालगंज से है जहाँ होली पर्व को लेकर वैशाली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के उद्देश्य से लालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर लालगंज में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधीक्षक वैशाली के निर्देश पर डीएसपी गोपाल मंडल के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया।फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू होकर बड़ी मस्जिद चौक, भट्टी पोखर, पुरानी पोस्ट ऑफिस चौक, सोनर पट्टी, गांधी चौक और तिनपुलवा चौक सहित कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस जवानों ने पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा का संदेश दिया।पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की। वहीं असामाजिक तत्वों, हुड़दंग करने वालों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।होली पर्व को लेकर लगातार गश्ती, वाहन जांच और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।होली पर्व को लेकर लगातार गश्ती, वाहन जांच और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस फ्लैग मार्च में लालगंज थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार, सीओ स्मृति साहनी, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी कन्हैया कुमार, इंस्पेक्टर सुभाष प्रसाद समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे。
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KYKaniram yadav
Mar 02, 2026 18:31:03
Agar, Madhya Pradesh:एंकर – आगर मालवा जिले के नलखेड़ा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध बगलामुखी माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे एक शासकीय अधिकारी की चप्पल चोरी हो गई। खास बात यह है कि पूरे घटनाक्रम का खुलासा मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों से हुआ है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी की गई है। वीओ – जानकारी के मुताबिक, सोमवार 2 मार्च को दोपहर में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी दर्शन के लिए नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी चप्पल रसीद काउंटर के पास निर्धारित स्थान पर उतारी थी। करीब दस मिनट बाद जब वे वापस लौटे तो उनकी चप्पल वहां नहीं मिली। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक व्यक्ति चप्पल ले जाते हुए दिखाई दिया। मंदिर प्रबंधन की मदद से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई और उससे पूछताछ भी की गई, जिसमें उसने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार कर ली। वीओ- घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए भीड़ भी एकत्रित हो गई, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित होती है। वीओ- नायब तहसीलदार ने पुलिस से भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। बाइट - अरुण चंद्रवंशी, नायब तहसीलदार वीओ- मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और मंदिर प्रबंधन सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाता है।
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NJNEENA JAIN
Mar 02, 2026 18:30:36
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ATAMIT TRIPATHI
Mar 02, 2026 18:30:21
Chowk, Uttar Pradesh:पड़ोसी मुल्क नेपाल में 5 मार्च को संसदीय चुनाव होना है जिसको देखते हुए 72 घंटे पहले भारत नेपाल सीमा को सील कर दिया है जिससे चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न होने पाए । आपको बता दे की महाराजगंज जनपद के नेपाल सीमा से सटे 84 किलोमीटर की सीमा है और नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है । एसएसबी और पुलिस के जवान पेट्रोलिंग करते हुए नजर आ रहे हैं चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी पैदा ना हो इसके लिए नेपाल बॉर्डर 2 मार्च से 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है सिर्फ आवश्यक एवं इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर किसी भी तरह के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है । चुनाव संपन्न होने के बाद बॉर्डर फिर से सामान्य रूप से खोल दिया जाएगा । हमारे संवाददाता ने भारत नेपाल के सोनौली सीमा पर देर रात जब जायजा लिया तो नौतनवा एसडीएम नवीन कुमार ने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि नेपाल चुनाव के मद्देनजर सोनौली सीमा को सील कर दिया गया है और पब्लिक मोमेंट्स पर रोक लगा दी गई है सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहेंगे नेपाल चुनाव के दृष्टिगत एसएसबी के जवान अलर्ट हो गए हैं और बॉर्डर पर सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी रखे हुए हैं 72 घंटे तक बॉर्डर को सील रखा जाएगा नेपाल में चुनाव संपन्न होने के बाद ही बॉर्डर को फिर से खोला जाएगा ।
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Mar 02, 2026 18:19:12
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली जनपद में संचालित 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिला अस्पताल परिसर में हर्षोल्लास के साथ होली का पर्व मनाया। इस दौरान ईएमटी और पायलटों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशियां साझा कीं और आमजन की सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।एम्बुलेंस संचालक संस्था EMRI Green Health Services के प्रोग्राम मैनेजर शिवम सोनी ने बताया कि होली रंगों और भाईचारे का त्योहार है,जो जाति,धर्म और उम्र के भेदभाव को मिटाकर सभी को एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा कि त्योहार के अवसर पर भी एंबुलेंस कर्मी पूरी जिम्मेदारी और निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं।उन्होंने जानकारी दी कि जनपद में कुल 86 एंबुलेंस कार्यरत हैं, जिनमें 102 सेवा की 43 और 108 सेवा की 43 एंबुलेंस शामिल हैं। सभी एंबुलेंस होली के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और 24 घंटे आमजन को सेवा प्रदान कर रही हैं।इस अवसर पर जिला प्रभारी हरिभूषण,अभिषेक,वीरेंद्र, अजीम,क्वालिटी ऑडिटर वीरेंद्र,हेल्प डेस्क कर्मी,ईएमटी और पायलट विवेक ठाकुर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि त्योहार हो या सामान्य दिन, जनसेवा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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KSKartar Singh Rajput
Mar 02, 2026 18:15:25
Morena, Madhya Pradesh:एंकर-ग्वालियर के बहुचर्चित अंजू गुर्जर अपहरण कांड मामले में जिला कोर्ट में अहम सुनवाई हुई, जिला कोर्ट ने घर में घुसकर फायरिंग करते हुए गर्भवती महिला अंजू गुर्जर का अपहरण करने वाले आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की है। दरअसल ग्वालियर जिले के तिघरा स्थित गुर्जा गांव में日दहाड़े घर में घुसकर फायरिंग और मारपीट करने के साथ महिला का अपहरण कर ले जाने की सनसनीखेज वारदात ने जिला पुलिस महकमे को हिला दिया था, वारदात में शामिल गिरफ्तार आरोपी बदमाश बिज्जे गुर्जर को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। घटना बीते 8 अक्टूबर 2025 की है जहां योगी गुर्जर अपने साथी डीपी गुर्जर तहसीला गुर्जर, भोला, प्रदीप और कुछ अन्य साथियों के साथ बंदूक लेकर अंजू के घर पहुंचे थे, बदमाशो ने फायरिंग करने के बाद घर में घुसकर मौजूद लोगों की बंदूक के बट से मारपीट की थी, इसके बाद आरोपी ने अंजू गुर्जर का अपहरण कर अपने साथ ले गये, मामले में बिज्जे गुर्जर को बीती 2 फरवरी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया था, इसके बाद कोर्ट में चालान पेश हुआ, कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी क्योंकि मामले को गंभीर मानते हुए। वारदात के मुख्य बदमाश योगी गुर्जर के सबसे करीबी बिज्जे गुर्जर पर कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
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