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श्योपुर में 90 वर्षीय आवदा डैम की मरम्मत प्रस्ताव अभी भी लंबित
Baroda, Madhya Pradesh:श्योपुर जिले के 90 वर्ष पुराने आवदा डैम की मरम्मत का प्रस्ताव अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है। 2021 की बाढ़ के दौरान डैम के फूटने की अफवाहों से लोगों में भगदड़ मची थी। इस घटना के बाद भी डैम की मरम्मत नहीं की गई। जल संसाधन विभाग ने पिछले साल ही मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा इस संबंध में लिखे गए पत्र का जल संसाधन मंत्री ने जवाब दिया है, जिससे मामला फिर से चर्चा में आया है।
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अयोध्या के दीपोत्सव: राम की पैड़ी पर 30 लाख दीपों से आलौकिक रोशनी
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियां तेज, राम की पैड़ी पर दीप बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। सात नवंबर को होने वाले दीपों के महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने के लिए वालंटियर्स घाटों पर दीप सजाने में जुट गए हैं। राम की पैड़ी के 56 घाटों पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य है। दीपों को व्यवस्थित तरीके से बिछाया जा रहा है, ताकि दीपोत्सव के दिन एक साथ लाखों दीप जलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया जा सके। दीपों की सजावट पूरी होने के बाद रामनगरी अलौकिक रोशनी से जगमगाएगी।0
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कौशांबी में बुखार से तीन मासूम बच्चियों की मौत, ग्रामीण दहशत में
Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी में बुखार ने तीन मासूम बच्चियों की जिंदगी छीन ली। मरने वालों में दो सगी बहनें भी शामिल हैं। वहीं, पांच अन्य बच्चे भी बुखार की चपेट में हैं, जिनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। तीन दिन के भीतर दो गांवों में हुई मौतों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। सीएमओ ने सगी बहनों की मौत की वजह मेनिंजाइटिस यानी दिमागी बुखार बताया है। मामला मूरतगंज विकासखंड के आलमचंद और बसेढ़ी गांव का है। आलमचंद गांव निवासी कालीदीन की आठ वर्षीय बेटी कनिका की शनिवार को तेज बुखार के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि सोमवार रात उसकी चार वर्षीय बहन यशि ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, बसेढ़ी गांव निवासी जब्बर की ढाई वर्षीय बेटी आसमा की भी बुखार के चलते शनिवार को मौत हो गई। इसके अलावा पांच अन्य बच्चे भी बीमार हैं। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम डॉ. अमित पाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने पांच सदस्यीय टीम को प्रभावित गांव भेजा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सगी बहनों में बड़बड़ाने और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण सामने आए थे, जिन्हें मेनिंजाइटिस से जोड़कर देखा गया है। आज आलमचंद और बसेढ़ी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप लगाकर बच्चों और ग्रामीणों की जांच एवं उपचार करेगी। वहीं, ग्रामीणों ने गांव में गंदगी और नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों के पनपने का आरोप लगाया है।0
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पंचकूला में मासूम के साथ बर्बरता: महिला आयोग ने कड़ी निंदा
Panchkula, Haryana:पंचकूला में मासूम बच्ची के साथ बर्बरता पर महिला आयोग सख्त... अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी ने की घटना की कड़ी निंदा... बोली- बच्चों की परवरिश पर ध्यान दें अभिभावक, मोबाइल फोन का बढ़ता इस्तेमाल भी चिंता का विषय... पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में मासूम छात्रा के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना की हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए समाज से बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और जागरूक होने की अपील की। उषा प्रियदर्शनी ने कहा कि बच्चों की परवरिश केवल स्कूलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि माता-पिता और पूरे समाज को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी। अभिभावकों को अपने बच्चों के व्यवहार, उनकी मानसिक स्थिति और गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों में बढ़ते मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज के समय में यह बेहद जरूरी हो गया है कि माता-पिता इस बात पर नजर रखें कि बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं और किस तरह की गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर काम करना होगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।0
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अयोध्या के दसवें दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की मौजूदगी से रोशन होगा रामनगरी
Ayodhya, Uttar Pradesh:रामनगरी अयोध्या में सात नवंबर को होने जा रहा दसवां दीपोत्सव एक बार फिर भव्यता और दिव्यता का नया इतिहास रचने की तैयारी में है। दीपों के इस महाकुंभ में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल होने के लिए सात नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। राम की पैड़ी से लेकर सरयू तट तक दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 56 घाटों को दीपों से सजाया जा रहा है और पूरी रामनगरी को रोशनी से जगमगाने की तैयारी है। अयोध्या में दीपों के महाकुंभ को लेकर तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव में हैं। सात नवंबर को होने वाले दसवें दीपोत्सव में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल होंगे। इस बार दीपोत्सव में एक ऐतिहासिक परंपरा का नया अध्याय भी जुड़ने जा रहा है, जब उपराष्ट्रपति भगवान श्रीराम और माता सीता का राजतिलक करेंगे। वहीं, 30 लाख दीपों से रामनगरी को रोशन करने की तैयारी है। सात नवंबर को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन अयोध्या पहुंचेंगे। दीपोत्सव के दौरान वह महर्षि वशिष्ठ की भूमिका में भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस परंपरा का निर्वहन करते रहे हैं। इस बार उपराष्ट्रपति की मौजूदगी दीपोत्सव को खास बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। दीपोत्सव की सबसे भव्य तस्वीर सरयू तट पर दिखाई देगी। राम की पैड़ी सहित सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। 35 हजार स्वयंसेवक घाटों पर दीप सजाने में जुटे हैं। 7 नवंबर को शाम होते ही जब एक साथ लाखों दीप जगमगाएंगे, तो सरयू की लहरों पर रोशनी का अद्भुत नजारा दिखाई देगा। दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर 2,147 अर्चक और बटुक सामूहिक महाआरती करेंगे। शाम करीब 5 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 50 मिनट तक लक्ष्मण किला घाट से नया घाट और राम की पैड़ी तक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती होगी। वहीं, उपराष्ट्रपति माँ सरयू की महाआरती में भी शामिल होंगे। इसके अलावा 2,100 ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीकी के संगम से सजेगा अयोध्या का दसवां दीपोत्सव। अब सभी की निगाहें सात नवंबर पर टिकी हैं, जब रामनगरी 30 लाख दीपों की रोशनी से जगमगाएगी और सरयू तट पर होने वाले भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे देश के उपराष्ट्रपति।0
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बद्रीनाथ धाम के पहाड़ों में भीषण आग, लाखों रुपये की जड़ी-बूटियां जलने का खतरा
Karnaprayag, Uttarakhand:एंकर बद्रीनाथ धाम क्षेत्र में माता मूर्ति मंदिर के समीप स्थित पहाड़ी चट्टानों पर भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद लाखों रुपये की दुर्लभ जड़ी-बूटियों और बहुमूल्य वनस्पतियों के जलकर नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। आग की लपटें चट्टानों और दुर्गम पहाड़ी हिस्सों तक फैलने के कारण आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आग बुझाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू और राहत अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग के साथ भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ आग को फैलने से रोकने और उसे बुझाने के प्रयास में लगी हैं। माता मूर्ति मंदिर के आसपास का पहाड़ी इलाका काफी दुर्गम और चट्टानी है। ऐसे में आग तक पहुंचना और उस पर प्रभावी तरीके से काबू पाना राहत एवं बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। चट्टानों पर फैली आग के कारण कई स्थानों पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद वन विभाग, सेना, ITBP और SDRF के जवान लगातार अभियान में जुटे हुए हैं। इस अग्निकांड से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली कई दुर्लभ और औषधीय महत्व की वनस्पतियां आग की चपेट में आने की बात सामने आ रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लाखों रुपये मूल्य की जड़ी-बूटियों के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने और वन विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। आग पर नियंत्रण पाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी, भारतीय सेना के जवान, ITBP और SDRF की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य आग को अन्य पहाड़ी हिस्सों और आसपास के वन क्षेत्र में फैलने से रोकना है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। माता मूर्ति मंदिर के समीप लगी इस आग ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशील पारिस्थितिकी और दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों में लगने वाली आग से केवल पेड़-पौधे ही नहीं, बल्कि औषधीय वनस्पतियों, वन्यजीवों और पूरे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचता है। फिलहाल सभी की नजरें आग बुझाने में जुटी टीमों के अभियान पर टिकी हैं। आग लगने के वास्तविक कारणों, प्रभावित क्षेत्रफल और वन संपदा को हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।0
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सुबोध उनियाल के इस्तीफे पर सियासत की जंग: आत्मसम्मान बनाम सरकार की छवि
Dehradun, Uttarakhand:एंकर आज का सबसे बड़ा सियासी सवाल उत्तराखंड से है - क्या एक कैबिनेट मंत्री हाईकमान को भी ठेंगा दिखा सकता है? कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कह रहे हैं - "मैं इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा!" पूरा मामला है टिहरी के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो का। मंत्री जी ने मंच से कह दिया - दलेर मेहंदी नशे में धुत थे, लिप-सिंक कर रहे थे, खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। उसके बाद मुंबई से मीका सिंह ने मोर्चा खोल दिया - माफी मांगो! कांग्रेस ने कहा - मंत्री को बर्खास्त करो! और अब मंत्री जी ने दो टूक कह दिया - LIFE में सबसे मीठी चीज SELF RESPECT है। तो क्या ये मंत्री का आत्मसम्मान है या सत्ता का अहंकार? क्या धामी सरकार अपने ही मंत्री के बयान से किनारा कर रही है? इसी देखिए ये रिपोर्ट - कहानी टिहरी गढ़वाल के कुंजापुरी मेले से शुरू हुई। लाखों की भीड़, स्टेज पर दलेर मेहंदी। लेकिन शो के बाद सियासत गरमा गई। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने आरोप लगा दिया - दलेर मेहंदी नशे में थे, लिप-सिंक कर रहे थे। फिर क्या था, विवाद बढ़ गया। मीका सिंह ने वीडियो जारी कर माफी की मांग की। कांग्रेस ने इस्तीफे की मांग कर दी। लेकिन मंत्री जी अपने स्टैंड पर कायम रहे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि "अगर हाईकमान कहेगा कि आपको माफी मांगनी पड़ेगी, मैंने कहा मैं इस्तीफा देना पसंद करूंगा, माफी नहीं मांगूंगा... जीवन में सबसे मीठी चीज आपकी सेल्फ रिस्पेक्ट है।" भाजपा अपनी सरकार के मंत्री के बचाव में खड़ी नजर आ रही है ... भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री अगर किसी चीज़ को कह रहे है तो सोच समझकर बोल रहे है ... ओर राज्यहित ओर राज्य की जनता के साथ उनका खड़ा होना जरूरी है। कांग्रेस का आरोप है कि कैबिनेट मंत्री विख्यात ही अपनी असभ्य भाषा के लिए जाने जाते है ... उनका आक्रामक रवैया हमेशा ही विवादों का विषय रहा है। लेकिन सरकार के मुखिया सोचना चाहिए कि राज्य की छवि धूमिल करने वाले को हटाना उचित है। तो मंत्री जी का स्टैंड क्लियर है - इस्तीफा मंजूर है, माफी नामंजूर! एक तरफ पॉप स्टार की इज्जत का सवाल है, दूसरी तरफ पावर स्टार मंत्री की सेल्फ रिस्पेक्ट का! अब देखना होगा कि इस जंग में हाईकमान किसके साथ खड़ा होता है - मंत्री के आत्मसम्मान के साथ या सरकार की छवि के साथ!0
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Patwari strike continues as government’s tough stance sparks public anger
राजस्व पटवारी संघ की हड़ताल को 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार और पटवारियों के बीच जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। वहीं, सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कई पटवारियों को निलंबित करने के साथ ही ब्रेक इन सर्विस के नोटिस भी जारी किए हैं। सरकारी कार्रवाई से नाराज पटवारियों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में पटवारी संघ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए निलंबन आदेश की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। पटवारी संघ का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करने के बजाय निलंबन और नोटिस जैसी कार्रवाई कर रही है। संघ ने सरकार की इस कार्रवाई को दमनात्मक बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही है। पटवारी संघ की चार प्रमुख मांगों में नए पीवी ऐप पर पर्याप्त प्रशिक्षण के बाद ही काम शुरू कराने, राजस्व निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने और निलंबन एवं स्थानांतरण की कार्रवाई निरस्त करने की मांग शामिल है। इधर, 22 दिनों से जारी पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार और पटवारी संघ के बीच यह गतिरोध कब खत्म होगा और आम जनता को इस हड़ताल से कब राहत मिलेगी? 1. भरत यादव – अध्यक्ष, राजस्व पटवारी संघ 2. योगेश गुप्ता – पटवारी (कम बाल वाले) 3. राजेंद्र सिंह – सह-संयोजक, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन (चश्मा लगाए हुए)0
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गोहद में स्कूल बस टक्कर से पांचवीं कक्षा की 11 वर्षीय छात्रा की मौत
Bhind, Madhya Pradesh:गोहद में एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने मासूम छात्रा की जिंदगी छीन ली। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय बच्ची रोज की तरह स्कूल जाने के लिए अपने पिता के साथ सड़क किनारे खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही थी, तभी लापरवाही से दौड़ती आई दूसरे स्कूल सनराइज की बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। दरअसल, पूरा मामला गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरखड़ी का है। 4 नवंबर की सुबह करीब 7 बजे 11 वर्षीय छात्रा दीप्ती स्कूल जाने के लिए अपने घर से निकली थी। वह गांव की सड़क पर अपने पड़ोसी के घर के सामने पिता विशम्भर शर्मा के साथ खड़ी होकर स्कूल बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान दूसरे स्कूल की बस तेज रफ्तार और कथित लापरवाही से आई और सड़क किनारे खड़ी बच्ची को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्ची के शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आईं। परिजन उसे तत्काल शासकीय अस्पताल गोहद लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने नेशनल हाइवे 719 पर जाम लगा दिया और एफआईआर और चालक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे पुलिस ने तत्काल बस को जप्त कर चालक जबर सिंह जाटव को हिरासत में ले कर मामला दर्ज कर जाम खुलवाया। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सवाल यह है कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाने वाली स्कूल बसों की रफ्तार और लापरवाही पर आखिर कब लगाम लगेगी?0
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ग्रेटर नोएडा बैंक हेराफेरी: दीपांशी गिरफ्तार, खाताधारकों के पैसे ट्रांसफर
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक की सेक्टर पाई स्थित शाखा में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में सीबीआई ने मुख्य आरोपी दीपांशी को गिरफ्तार किया है, वह बैंक में चपरासी के पद पर तैनात थी और बी टेक पास थी, आरोप है कि उसने बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर ग्राहकों के खातों से रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की। जांच में सामने आया है कि दीपांशी ने बैंक में तैनाती के दौरान अन्य कर्मचारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल किया। आरोप है कि ग्राहकों के खातों से रकम निकालकर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। खासतौर पर उन खाताधारकों को निशाना बनाया गया, जिन्हें जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजे की रकम मिली थी। आरोपियों ने ग्राहकों की बैंकिंग संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर इस पूरी हेराफेरी को अंजाम दिया। बड़ी बात यह थी कि उसने सभी खाताधारकों को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर दे रखा था, जब खाता धारक अपने खाते की जांच करने के लिए आते थे तो वह सबसे बाहर जाकर मिल लेती थी और कोई बहाना बनाकर उन्हें बैंक में नहीं आने देती थी। सीबीआई ने मामले में आशुतोष पाठक को भी गिरफ्तार किया है, वही जांच में प्रदीप, मेमवती देवी और प्रियंका कुमारी के नाम भी सामने आए हैं, ये सभी लोग साकीपुर के रहने वाले हैं, वही आशुतोष पाठक और सरोज अक्षर गांव के रहने वाले हैं, ये दोनों दीपांशी के परिचित हैं, वही शालिनी मंडी श्याम नगर की रहने वाली है। मामले में सीबीआई की जांच जारी है। बैंक कर्मचारियों की भूमिका, यूजर आईडी और पासवर्ड के इस्तेमाल, संदिग्ध बैंक खातों तथा मोबाइल नंबर और ईमेल में बदलाव जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। खाताधारकों ने मांग की है कि इस मामले में केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि हेराफेरी में शामिल अन्य बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने लाई जाए।0
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करोल बाग पुलिस ने सोने की चोरी में तीन आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख कीमत की ज्वेलरी बरामद
New Delhi, Delhi:सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने सोने की चोरी का केस सुलझाया! 3 आरोपी गिरफ्तार; PS करोल बाग ने ₹45 लाख कीमत की चोरी की पूरी 400 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद की - PS करोल बाग में दर्ज सोने की ज्वेलरी चोरी के एक केस में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। - लगभग 400 ग्राम वजन की पूरी चोरी की सोने की ज्वेलरी, जिसकी कीमत ₹45 लाख है, बरामद की गई। - आरोपियों ने मिलकर ट्रैफिक रेगुलेटर बनकर और शिकायत करने वाले का ध्यान भटकाकर चोरी को अंजाम दिया। - CCTV फुटेज, लोकल इंटेलिजेंस और क्रिमिनल डोजियर ने केस का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई। - आरोपियों में से एक PS आनंद पर्वत का रहने वाला है और उसके 14 पहले के क्रिमिनल केस हैं। घटना की जानकारी 01.11.2026 को, PS करोल बाग में सोने के गहनों की चोरी की जानकारी मिली। शिकायत करने वाले ने बताया कि वह लगभग 400 ग्राम सोने के गहने लेने के लिए बीडनपुरा, करोल बाग में मौजूद महालक्ष्मी ज्वैलर्स (फर्म का नाम: स्वास्तिक) गया था। शाम करीब 6:00 बजे ज्वेलरी लेने के बाद, उसने उन्हें अपनी मोटरसाइकिल के पीछे टंगे एक बैग में रखा और ब्रिटानिया चौक पर अपने ऑफिस की ओर चल दिया। ऑफिस पहुंचने पर, उसने देखा कि बैग की चेन खुली हुई थी और सोने की ज्वेलरी गायब थी। इसके अनुसार, PS करोल बाग में e-FIR नंबर 80094534/26 के ज़रिए केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।0
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वाराणसी: ऑनलाइन खरीदारी के खिलाफ वाराणसी में निकली ग्राहक जागरूकता पदयात्रा
Varanasi, Uttar Pradesh:ऑनलाइन खरीदारी के खिलाफ वाराणसी में निकली ग्राहक जागरूकता पदयात्रा, स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी की अपील मयंक कश्यप/ वाराणसी। ऑनलाइन खरीदारी के खिलाफ और क्षेत्रीय फुटकर दुकानदारों के समर्थन में बुधवार को समाजवादी व्यापार सभा ने प्रदेशव्यापी ग्राहक जागरूकता पदयात्रा निकाली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मंशा के अनुरूप, व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल की सहमति से एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के आह्वान पर वाराणसी में यह पदयात्रा नीचीबाग डाकघर के सामने से शुरू हुई। जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता एवं महानगर अध्यक्ष काशी नाथ गुप्ता के नेतृत्व में पदयात्रा नीचीबाग से मैदागिन, मालवीय मार्केट, सप्तसागर, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार आदि बाजारों से होकर गुजरी। इस दौरान पदाधिकारियों ने _"ऑनलाइन खरीदारी बंद करो! फुटकर दुकानदारों को भी जीने दो"_ लिखी तख्तियां लेकर व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से संपर्क किया और उन्हें स्थानीय बाजारों से खरीदारी के लिए जागरूक किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा - प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते प्रचलन का सीधा असर क्षेत्रीय फुटकर दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, परंपरागत बाजारों और उनसे जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका पर पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदार सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर सेवा देते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। मुरलीधर जायसवाल ने कहा - प्रदेश सचिव व मंडल प्रभारी मुरलीधर जायसवाल ने कहा कि ग्राहक केवल सामान का खरीदार नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। स्थानीय बाजार से खरीदारी करने पर क्षेत्र का पैसा क्षेत्र में ही रहता है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलता है। संगठन प्रभारी ने की अपील - जिला संगठन प्रभारी राजकुमार यादव ने जनता से अपील की कि ऑनलाइन के साथ-साथ अपने आसपास के क्षेत्रीय दुकानदारों से भी खरीदारी को प्राथमिकता दें, ताकि स्थानीय बाजारों की रौनक और छोटे व्यापारियों की आजीविका सुरक्षित रहे। महानगर संगठन प्रभारी संजीव जायसवाल ने कहा कि संगठन छोटे, मध्यम एवं फुटकर व्यापारियों के हितों, सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए आगे भी आवाज उठाता रहेगा। ये रहे उपस्थित - कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, महानगर अध्यक्ष काशी नाथ गुप्ता, सपा प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य मो. दिलशाद अहमद, प्रदेश सचिव रवि जायसवाल, महानगर संगठन प्रभारी संजीव जायसवाल, गोपाल चौरसिया, धीरज कुमार गुप्ता, मुकेश गुप्ता, रणधीर चौधरी, नवीन सिंह, महानगर उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता सहित व्यापार सभा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।0
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सिकंदरा राव में एटा रोड पर जगदंबा होटल के पास मिला अज्ञात व्यक्ति का शव
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ, हाथरस- सिकंदराराऊ के एटा रोड स्थित जगदंबा होटल के पास बुधवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में हलचल मच गई। शव मिलने की सूचना पीआरवी 5697 को सुबह करीब 10:30 बजे मिली।सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सिकंदराराऊ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिकंदराराऊ भिजवाया। वहां से आवश्यक प्रक्रिया के बाद शव को हाथरस स्थित मोर्चरी भेज दिया गया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी हुई है। घटना के बाद मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है।0
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जींद में ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण, डॉक्टर उपलब्धता व दवा जानकारी से मरीजों को मिली राहत
Jhanj Kalan, Haryana:जींद में मरीजों को बड़ी राहत घर बैठे कर सकेंगे ओपीडी पंजीकरण, डॉक्टर की उपलब्धता की भी मिलेगी जानकारी अस्पतालों में लंबी कतारों से मिलेगी मुक्ति, क्यूआर कोड और ऑनलाइन सुविधा से आसान होगा इलाज का सफर सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने दी जानकारी, दवाओं की उपलब्धता का पता लगाने में भी मददगार होगी डिजिटल व्यवस्था क्यूआर कोड से दवाओं की उपलब्धता जानने में मिलेगी मदद वेबसाइट से मिलेगी डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से मरीजों का समय बचेगा जींद से गुलशन चावला रिपोर्टर0
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पंचायत चुनाव: चतुर्थ चरण के नामांकन का आज अंतिम दिन, तीनों क्षेत्र में दावेदारों की भीड़
Karauli, Rajasthan:पंचायत चुनाव के चतुर्थ चरण के नामांकन का आज अंतिम दिन, तीनों पंचायत समितियों में उमड़ेगी दावेदारों की भीड़ सपोटरा, कुडगांव और मंडरायल में पंचायत समिति सदस्य पद के लिए आज दोपहर 3 बजे तक जमा होंगे नामांकन, जिला करौली0
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी से चिन्हीकरण की मांग दोहराई
Pithoragarh, Uttarakhand:उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उठाई चिन्हीकरण की मांग, वर्षों से न्याय का इंतजार पिथौरागढ़। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने आज भारी संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की और अपने चिन्हीकरण की मांग उठाई। इस दौरान आंदोलनकारियों ने बताया कि वे वर्ष 2020-21 से लगातार अपने चिन्हीकरण की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद आज तक उन्हें राज्य आंदोलनकारी के रूप में चिन्हित नहीं किया गया है। इस कारण वे सरकार की ओर से मिलने वाले सम्मान और अधिकारों से भी वंचित हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि उनके पास आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वे जिलाधिकारी कार्यालय सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार आश्वासन ही मिल रहे हैं, लेकिन अब तक चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसको लेकर आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की। वहीं जिलाधिकारी ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग और प्रकरण को उचित माध्यम से शासन के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारियों के पास राज्य आंदोलन में भागीदारी के पर्याप्त साक्ष्य और दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो शासन स्तर पर नियमानुसार उचित कार्रवाई और समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।0
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