icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

दुर्ग में पायल निर्मलकर ने बॉयफ्रेंड के दबाव से आत्महत्या कर ली

Durg, Chhattisgarh:एंकर- दुर्ग से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ दुर्ग के डिपरापारा में रहने वाली पायल निर्मलकर ने अपने ही बॉयफ्रेंड से तंग आकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली वही बकायदा पायल निर्मलकर ने सुसाइडल नोट भी छोड़ा है जहाँ उसने आत्महत्या करने का कारण योगी नामक अपने बॉयफ्रेंड पर लगाया है. दरअसल दुर्ग के डिपरा पारा में रहने वाली पायल निर्मलकर का योगी नामक युवक के साथ पुरानी पहचान और बातचीत हुआ करती थी लेकिन योगी पायल निर्मलकर के ऊपर लगातार अवैध संबंध बनाने को लेकर दबाव डाल रहा था जिसके कारण पायल पिछले दो महीने से परेशान चल रही थी वही योगी लगातार उसे धमकी भी देता और कहता था कि वह उसके तमाम वीडियो वायरल कर देगा जिससे पायल निर्मलकर लगातार परेशान चल रही थी इसी बीच आत्महत्या के पहले उसने अपने मोबाइल को अनलॉक कर गैलरी में कई फोटो पेमेंट के स्क्रीनशॉट भी छोड़े हैं इतना ही नहीं बाकायदा अपने दुपट्टे का फंदा बनाकर आज पायल ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली फिलहाल इस पूरे मामले पर सुसाइडल नोट के आधार पर अब दुर्ग पुलिस विवेचना कर रही है तो वही पायल के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया गया है.
0
0
Report

हनुमानगढ़ धानमंडी में बारिश से जलभराव के खिलाफ व्यापारी चेतावनी: मंथन चल रहा

Hanumangarh, Rajasthan:न्यूज स्टोरी पैकेज | हनुमानगढ़ जंक्शन धानमंडी मामूली बारिश में धानमंडी जलमग्न, भीगा किसानों का धान टूटी सड़कें, बदहाल निकासी और खराब धर्मकांटे से बढ़ी परेशानी व्यापारियों की चेतावनी—व्यवस्था नहीं सुधरी तो मंडी बंद कर देंगे, टैक्स भी नहीं देंगे 1. एंकर इंट्रो किसान खेतों में दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करता है, लेकिन जब उसी फसल को बेचने के लिए मंडी पहुंचता है, तो वहां की अव्यवस्थाएं उसकी परेशानी बढ़ा देती हैं। हनुमानगढ़ जंक्शन की धानमंडी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बुधवार रात हुई मामूली बारिश ने मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। परिसर में पानी भर गया और खुले में रखा धान भीग गया। अब व्यापारी गीला धान खरीदने से कतरा रहे हैं। टूटी सड़कें, पानी निकासी की समस्या और खराब धर्मकांटे से परेशान व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दे दी है। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो मंडी बंद कर धरना दिया जाएगा और टैक्स देना भी बंद कर दिया जाएगा। आखिर मंडी की बदहाली दूर क्यों नहीं हो रही? देखिए, यह खास रिपोर्ट। 1. VO-1 — बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल ये तस्वीरें हनुमानगढ़ जंक्शन की धानमंडी की हैं। यहां बुधवार रात हुई मामूली बारिश के बाद ही पानी भर गया। खुले में रखे धान के ढेर भी पानी की चपेट में आ गए। नतीजा यह हुआ कि किसानों की उपज भीग गई और अब उसकी बिक्री को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। मंडी में पहुंची फसल को सुरक्षित रखने और बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम कितने जरूरी हैं, इसकी हकीकत इन तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही है। पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से मंडी परिसर में जलभराव हो रहा है। वहीं, टूटी सड़कें परेशानी को और बढ़ा रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब मामूली बारिश में मंडी का यह हाल हो जाता है, तो तेज बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में सबसे बड़ा खतरा किसानों की उपज को होने वाले नुकसान का है。 1. बाइट-1 — प्यारेलाल बंसल,पूर्व अध्यक्ष, व्यापार मंडल संघ (02:15 मिनट) जंक्शन धानमंडी में पानी निकासी की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। मामूली बारिश होते ही मंडी परिसर में पानी भर जाता है और किसानों की उपज भीगने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। मंडी की सड़कें टूटी हुई हैं और पानी निकासी के लिए बनाया गया वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहा। इस संबंध में मंडी समिति के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत करवाया जा चुका है। डायरेक्टर को भी पत्र भेजा गया, लेकिन बजट का अभाव बताकर समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। मंडी में लगा धर्मकांटा भी खराब है और छोटा होने के कारण किसानों की कृषि जिंसों की तुलाई में परेशानी आती है। व्यापारी मंडी में कारोबार करने के बदले टैक्स देते हैं, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यदि जल्द ही पानी निकासी, सड़कों और धर्मकांटे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी मंडी बंद कर धरना देने और टैक्स देना बंद करने के लिए मजबूर होंगे。 1. VO-2 — धर्मकांटे से लेकर सड़कों तक परेशानी मंडी की बदहाली सिर्फ बारिश के पानी तक सीमित नहीं है। यहाँ टूटी सड़कें और खराब धर्मकांटा भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। व्यापारियों के मुताबिक, मौजूदा धर्मकांटा आकार में छोटा है और खराब होने के कारण तुलाई के काम में दिक्कत आती है। बड़ा और बेहतर धर्मकांटा स्थापित होने से किसानों के साथ खरीद एजेंसियों को भी सुविधा मिल सकती है。 व्यापारियों का आरोप है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों तक बात पहुंचाई गई, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस काम नहीं हुआ। अब नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। व्यापारियों की चेतावनी साफ है—मंडी में कारोबार के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा。 1. बाइट-2 — सतपाल दामड़ी (02:05 मिनट) धानमंडी में किसानों और मजदूरों को हर साल ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बुधवार रात ہوئی मामूली बारिश में ही मंडी परिसर में पानी भर गया और खुले में पड़ा धान भीग गया। जब हल्की बारिश में यह हालत बन रहे हैं, तो भारी बारिश होने पर स्थिति कितनी खराब हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। अक्सर देखने में आता है कि नुकसान होने के बाद ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि सक्रिय होते हैं, जबकि ऐसी समस्याओं से बचने के लिए पहले से व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान का खतरा बना रहता है। हमारी मांग है कि कृषि उपज मंडी समिति के सचिव और संबंधित अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लें और पानी निकासी का स्थायी समाधान करवाएं। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाने चाहिए。 1. VO-3 — अधिकारियों का जवाब ⁠बाइट - विष्णुदत शर्मा,कृषि उपज मंडी समिति सचिव (01:05 मिनट) विजुअल: मंडी की नालियां, जलभराव वाले स्थान, शेड के आसपास का क्षेत्र और मंडी समिति कार्यालय। दूसरी तरफ, मंडी समिति के अधिकारियों का कहना है कि जलभराव की समस्या के पीछे नालियों का लेवल नीचे होना प्रमुख वजह है। कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारी विष्णुदत्त शर्मा के मुताबिक, शेड के पास बारिश का पानी जमा हो जाता है। फिलहाल मजदूरों की मदद से पानी की निकासी करवाई जाती है। अधिकारी ने बताया कि व्यापारियों की मांग पर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करवाया गया था। यदि इसमें कोई कमी है, तो मार्केटिंग बोर्ड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर जांच करवाई जाएगी। टूटी सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की बात भी कही गई है। वहीं, धर्मकांटे के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और प्रस्ताव तैयार होने पर इसे भी शामिल किया जाएगा। यानी फिलहाल समस्या के समाधान के लिए जांच और प्रस्ताव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। 1. रिपोर्टर कुलदीप शर्मा पीटीसी — मौके से 2. एंकर आउटर — समापन धानमंडी में जलभराव, टूटी सड़कें और खराब धर्मकांटे की समस्या अब व्यापारियों के विरोध का कारण बन गई है। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। वहीं, मंडी समिति ने ड्रेनेज सिस्टम की जांच और निर्माण कार्यों के प्रस्ताव की बात कही है। अब सवाल यही है कि किसानों और व्यापारियों को राहत देने के लिए ये व्यवस्थाएं कब तक दुरुस्त होंगी।
0
0
Report

रेल बाधाओं से बस्तर दशहरा पर्यटन प्रभावित, अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था पर चिंता

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर दशहरा बस्तर की पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है, हर साल देशभर से पर्यटक यहां की अनूठी परंपराओं और आदिवासी संस्कृति को देखने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार रेल सेवाओं में बाधा से पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है, मालिगुड़ा लैंडस्लाइड और रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक के चलते बंगाल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर से आने वाली ट्रेनें कोरापुट तक ही पहुंच पा रही है, इसके कारण पर्यटक जगदलपुर नहीं पहुंच पा रहे, होटलों की बुकिंग रद्द हो रही है, वहीं वाहन चालकों, गाइड और छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, होटल एसोसिएशन के सचिव साहिल बारोटिया ने लगातार बुकिंग रद्द होने पर चिंता जताई है साथ ही प्रशासन से जल्द वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की मांग की है, उन्होंने सुझाव दिया कि कोरापुट से जगदलपुर तक परमिट फ्री बसें चलाई जाएं, ताकि पर्यटकों को राहत मिल सके, अब सवाल है कि बस्तर दशहरा के महत्वपूर्ण सीजन में पर्यटकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब होगी? समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर होटल, बाजार और स्थानीय कारोबारियों की आजीविका पर पड़ सकता है।
0
0
Report
Advertisement

कोटपूतली-बहरोड़ में पंचायत चुनाव: नामांकन तिथियाँ घोषित, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

AYAmit YadavJust now
Jaipur, Rajasthan:इंट्रो:-- कोटपूतली....कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जिला प्रशासन ने जिला परिषद चुनावों की नामांकन प्रक्रिया और तिथियों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है। नामांकन की अंतिम तिथि जिला परिषद के सभी 27 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 अक्टूबर को दोपहर 3:00 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में ही संचालित की जाएगी। समीक्षा स्कूटनी) प्राप्त होने वाले सभी नामांकनों की समीक्षा 7 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे की जाएगी। वही नाम वापसी 18 अक्टूबर को रविवार होने के कारण, उम्मीदवार 19 अक्टूबर को दोपहर 3:00 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। नामांकन स्थल जिला परिषद के सभी वार्डों के नामांकन केवल कलेक्ट्रेट परिसर में ही लिए जाएंगे。 प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था इस प्रकार रहेगी...... एक साथ चुनाव की चुनौती इस बार जिला परिषद, पंचायत समिति और सरपंच पद के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। जो एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे प्रशासन पूरी मुस्तैदी से संपन्न करा रहा है। प्रशिक्षण और निर्देश सरपंच पद के रिटर्निंग अधिकारियों (ROs) की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है, जिन्हें दो चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। मतदान दलों और पोलिंग पार्टियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फर्जी मतदान या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। सुरक्षा एवं शांतिपूर्ण मतदान चुनाव को भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और एसडीएम सहित पुलिस बल पूरी तरह मुतौैद रहेगा। सरपंच पद की मतगणना संबंधित चरणों में सरपंच चुनाव के तुरंत बाद वहीं पर की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से कोटपूतली-बहरोड़ के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे आगामी चरणों के पंचायत चुनावों में बिना किसी डर या संकोच के बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें。
0
0
Report

जैसलमेर कांग्रेस ने पंचायतीराज चुनाव के लिए एकजुट होकर टिकट वितरण की तैयारी शुरू की

Jaisalmer, Rajasthan:पंचायतीराज चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तेज की तैयारी, जिला प्रमुख सहित 10 पंचायत समितियों में प्रधान बनाने का दावा, कांग्रेस जिला प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता प्रहलाद गुंजल पहुँचे जैसलमेर,शहर की कलाकार कॉलोनी स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित हुई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक, बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, टिकट वितरण और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर हुई चर्चा पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने जैसलमेर जिले में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने और संगठन को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है। इसी सिलसिले में गुरुवार को कांग्रेस जिला प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता प्रहलाद गुंजल जैसलमेर पहुंचे। शहर की कलाकार कॉलोनी स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति, टिकट वितरण और संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद गुंजल ने जिला प्रमुख सहित जिले की सभी 10 पंचायत समितियों में कांग्रेस के प्रधान बनाने का दावा किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा और प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी तीखे हमले किए। बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर, बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पोकरण के पूर्व विधायक शाले मोहम्मद, जैसलमेर के पूर्व विधायक प्रत्याशी रूपाराम धनदे, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा जोशी, पूर्व सभापति अशोक तंवर, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, सुमार खान और राधेश्याम कल्ला सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, कार्यकर्ताओं की राय से होगा टिकट वितरण बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिला प्रभारी प्रहलाद गुंजल ने कहा कि कांग्रेस आगामी पंचायतीराज चुनाव पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी। टिकट वितरण में सर्वसम्मति और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी का लक्ष्य कांग्रेस का बोर्ड बनाना है। पार्टी आम कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए योग्य और मजबूत उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारेगी। गुंजल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल के पास चुनाव लड़ने का नैतिक साहस नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के फैसलों और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते भाजपा चुनाव मैदान में आई है। निकाय चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने सत्ता की ताकत के इस्तेमाल से लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। ब्यूरोक्रेसी को लेकर उठाए सवाल प्रहलाद गुंजल ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी का ऐसा चरित्र पहले नहीं देखा। उन्होंने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर सत्ता के इशारे पर काम करने के आरोप लगाए। गुंजल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के विश्वास को शासन की ताकत से दबाया नहीं जा सकता और पंचायतीराज चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि आरक्षित अनुसूचित जनजाति सीटों के साथ सामान्य सीटों पर भी पार्टी विशेष रणनीति के तहत उम्मीदवार उतारने पर विचार करेगी। सामान्य सीटों पर एसटी वर्ग के एक-दो योग्य व्यक्तियों को अवसर देने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श और प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन के बाद लिया जाएगा। भाजपा सरकार पर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का हमला सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में पार्टी के सभी जनप्रतिनिधि, नेता और कार्यकर्ता जिला प्रभारी प्रहलाद गुंजल के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। जिले के पूर्वी से पश्चिमी हिस्से तक कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं को साथ लेकर संगठन को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन कार्यकर्ताओं की राय और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए किया जाएगा, ताकि जिला प्रमुख और सभी पंचायत समितियों में कांग्रेस के प्रधान बन सकें। बेनीवाल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति अलग है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार के प्रति जनता में असंतोष बढ़ा है। ओरण भूमि, नहरी पानी और मनरेगा के मुद्दे उठाए सांसद बेनीवाल ने ओरण भूमि के मुद्दे पर कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 30 हजार बीघा से अधिक भूमि ओरण के रूप में घोषित की गई थी और आगे भी इस दिशा में प्रस्ताव थे, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद संबंधित फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान ओरण और गोवंश संरक्षण के नाम पर समर्थन हासिल किया, लेकिन आज भी कई क्षेत्रों में गोवंश पानी और चारे के अभाव से जूझ रहा है। उन्होंने नहरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति और डिग्गी निर्माण की स्थिति पर भी सवाल उठाए। बेनीवाल ने कहा कि इन समस्याओं से किसान और आमजन परेशान हैं। मनरेगा का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण गरीबों और जरूरतमंद परिवारों की आजीविका से जुड़ी योजना को कमजोर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और आगामी पंचायतीराज चुनाव में भाजपा को जवाब देगी। निकाय चुनाव की गलतियों से सबक लेने की बात निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण और सामने आई कमियों का जिक्र करते हुए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि इस बार उम्मीदवारों के चयन में पिछली गलतियों को दोहराने से बचने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने माना कि पूर्व में वार्ड परिसीमन और अन्य प्रशासनिक कारणों से कुछ स्थानों पर दिक्कतें आई थीं। इस बार इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। बेनीवाल ने दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार और वोट शेयर मजबूत हुआ है तथा आगामी पंचायतीराज चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। बाइट-प्रहलाद गुंजल, कांग्रेस जिला प्रभारी, जैसलमेर बाइट - उम्मेदाराम बेनीवाल, सांसद, बाड़मेर- जैसलमेर- बालोतरा
0
0
Report

राजमेस ने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के लेखाधिकारी मनोज गोयल की संविदा समाप्त कर दी

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के लेखाधिकारी मनोज गोयल की संविदा सेवाओं को राजमेस ने एक आदेश जारी कर समाप्त कर दिया है। राजमेस के आदेश पत्र के बाद झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक संजय पोरवाल ने भी तत्काल प्रभाव से लेखाधिकारी (संविदा कर्मी) मनोज गोयल को कार्य मुक्त कर दिया। लेखाधिकारी मनोज गोयल पर वेतन से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप थे, जिसे लेकर लंबे समय से जांच चल रही थी。 मामले में जानकारी देते हुए झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ संजय पोरवाल ने बताया कि मनोज गोयल झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 2008 से संविदा पद पर लेखाधिकारी का काम कर रहा था। मनोज गोयल के खिलाफ कुछ वर्षों में वित्तीय अनियमित के गंभीर आरोप लगे थे। जिसकी जांच झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय Singh Rathod द्वारा की गई थी। जांच के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों के मामले की पुष्टि हुई। जिसके बाद जिला कलेक्टर द्वारा भी लेखाधिकारी मनोज गोयल को कार्य मुक्त करने हेतु राजमेस को पत्र लिखा गया था।उक्त मामले में सुरेश नवल अतिरिक्त निदेशक (राजमेस) ने आदेश जारी कर लेखाधिकारी (संविदा कर्मी) मनोज गोयल की संविदा सेवा समाप्त कर दी। लेखाधिकारी मनोज गोयल के पास न्यायालय में कोई स्थगन आदेश भी नहीं था, जिसकी पुष्टि होने के बाद यह कार्यवाही की गई। इसके साथ ही झालावाड़ मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य व नियंत्रक को गोयल को कार्य मुक्त करने के आदेश जारी किया गया। जिसके बाद डीन डॉ संजय पोरवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोयल को कार्य मुक्त कर दिया। मनोज गोयल अब भविष्य में राजमेस के अधीनस्थ संस्थानों में संविदा अथवा नियमित सेवाओं के लिए भी अपात्र घोषित कर दिए गए हैं। ऐसे में मनोज गोयल अब राजमेस से जुड़ी संस्थाओं में भविष्य में भी किसी सेवा से नहीं जुड़ पाएंगे।
0
0
Report
Advertisement

रामगढ़ के शेरपुर में गोतस्करी की कोशिश नाकाम, 16 गोवंश सुरक्षित गोशाला पहुंचाए गए

Alwar, Rajasthan:रामगढ़ के शेरपुर में गोतस्करी की कोशिश नाकाम, 16 गोवंश मुक्त कराए; आरोपी फरार अलवर रामगढ़ क्षेत्र के नौगांवा थाना अंतर्गत शेरपुर गांव में गुरुवार तड़के गोतस्करी दल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 16 गोवंशों को गोतस्करी के संदेह में मुक्त कराया गया। इनमें 15 बछड़े और एक गाय शामिल हैं। बताया जा रहा है कि गोवंशों को पैदल राजस्थान-हरियाणा सीमा पार कर हरियाणा ले जाने की तैयारी थी। संयुक्त टीम के मौके पर पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए। मुक्त कराए गए सभी गोवंशों को सुरक्षित गोशाला पहुंचाया गया। गौरक्षा दल के सदस्य प्रवीण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि शेरपुर गांव में मेवात के संत बाबा लाल दास मंदिर के समीप कुछ लोग गोवंशों को लेकर हरियाणा की ओर जा रहे हैं। आशंका थी कि सीमा पार ले जाने के बाद गोवंशों को वाहन में भरकर आगे ले जाया जाएगा। सूचना मिलते ही रामगढ़ गौरक्षा दल की टीम सक्रिय हो गई। इसके बाद गौरक्षा दल के सदस्य मोहित पंडित और मोहित सेन सहित नौगांवा नगरपालिका चेयरमैन राजेंद्र सैनी मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर नौगांवा थानाधिकारी हरदयाल यादव भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और गौरक्षा दल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। अतरिया के पास स्थित गोशाला में पहुंचाए गोवंश कार्रवाई के बाद टीम ने सभी 16 गोवंशों को अपने संरक्षण में लेकर अतरिया के पास स्थित गोशाला पहुंचाया, जहां उनकी सुरक्षा और देखभाल की व्यवस्था की गई। इस कार्रवाई में गौरक्षा दल के साथ नौगांवा नगरपालिका चेयरमैन राजेंद्र सैनी का भी सहयोग रहा। पुलिस फरार आरोपियों की पहचान करने और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी है। बाइट: प्रवीण मिश्रा, गौरक्षक दल सदस्य, रामगढ़
0
0
Report

18 वर्षीय युवती की आत्महत्या: डूंगरपुर में पुलिस जांच जारी

Dungarpur, Rajasthan:सदर थाना क्षेत्र के सतीरामपुर गांव में एक 18 वर्षीय युवती ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। युवती दो दिन पहले गुजरात से घर आई थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सदर थाने के ASI पोपट लबाना ने बताया कि सतीरामपुर निवासी 18 वर्षीय नीमा अहमदाबाद में मजदूरी करती थी। दो दिन पहले ही वह अहमदाबाद से घर आई थी। वही नीमा का शव घर के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला। पिता के चिल्लाने पर पत्नी और आसपास के पड़ोसी एकत्र हुए, जिसके बाद युवती को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिजनों ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। जहाँ पुलिस ने पोस्टमार्म के बाद शव परिजनों को सौप दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Saiki, Bihar:सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में राजस्व पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिले के पटवारी तहसील कार्यालयों के मार्ग पर धरने पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। संघ ने मांगों के समर्थन में आंदोलन शुरू किया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में राजस्व पटवारी संघ का आंदोलन शुरू हो गया है। 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारी अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इनमें फसल गिरदावरी के लिए PV ऐप के उपयोग पर रोक, दमनकारी नीति के तहत किए गए स्थानांतरण निरस्त करना, भुइयां पोर्टल पर मैनुअल फसल प्रविष्टि का विकल्प देना और किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदा जाना सुनिश्चित करना शामिल है। पटवारियों का कहना है कि किसानों के हितों और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण में प्रमुख सचिव ने शिकायतकारों से बात की

Jaipur, Rajasthan:एंकर-राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी होना चाहिए। इसकी हकीकत जानने के लिए गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव नवीन जैन खुद परिवादियों से रूबरू हुए। सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की। उनकी समस्याओं और लंबित प्रकरणों की स्थिति जानी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नवीन जैन ने सामान्य प्रशासन और नागरिक उड्डयन विभाग से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किस तरह की शिकायतें सबसे ज्यादा आ रही हैं, इनके समाधान में कितना समय लग रहा है और निस्तारण के बाद परिवादी कितने संतुष्ट हैं। उन्होंने शिकायतों के विषयवार वर्गीकरण में आवश्यक बदलाव करने के भी निर्देश दिए, ताकि भविष्य में आने वाले परिवादों का प्रभावी तरीके से समाधान हो सके। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में होने के साथ गुणवत्तापूर्ण भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायत का समाधान होने के बाद परिवादी से मिलने वाले फीडबैक को भी गंभीरता से लिया जाए। इसी आधार पर यह आकलन किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली है या नहीं। वीडियो कॉल के दौरान सामने आए लंबित प्रकरणों को लेकर जैन ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने की जरूरत है। अधिकारियों को शिकायतों की प्रवृत्ति, समाधान में लगने वाले समय और परिवादियों के फीडबैक की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
0
0
Report

PMERC successfully conducted the Scientific Session

Prahlad KumarPrahlad KumarFollow8m ago
Noida, Uttar Pradesh:New Delhi, September 27, 2026: Pushpanjali Medical Education and Research Centre (PMERC) successfully conducted the Scientific Session of Pushpanjali Medicon 2026, bringing together more than 3,000 delegates from across the healthcare fraternity. The 24-hour academic programme was conducted simultaneously across three halls, with each hall hosting eight hours of scientific learning. Eminent doctors, clinicians, medical experts and healthcare professionals participated in the sessions and discussed the latest advancements and emerging developments across various medical specialties. Among the distinguished speakers were Dr. Sanjiv Kaul, Dr. Shekhar Seshadri, Dr. Milind Pande, Dr. Anil Arora and Dr. Ved Prakash Mishra, among several other experts. Dr. Vinay Aggarwal, Chief Patron and CMD, Pushpanjali Medical Education and Research Centre, said, “The participation of more than 3,000 delegates reflects the strong academic relevance of Pushpanjali Medicon and the growing need for platforms that facilitate continuous medical learning. Conducting 24 hours of scientific sessions simultaneously across three halls allowed us to bring together experts from multiple specialties and provide delegates with diverse learning opportunities. The discussions focused on recent advances, evolving treatment approaches and the changing healthcare landscape, with artificial intelligence emerging as an important area of discussion in transforming medical care and clinical practice.” The scientific programme featured lectures and discussions by several eminent speakers from the medical fraternity, who shared their expertise on a wide range of specialty-specific topics. Their sessions covered contemporary developments, newer treatment approaches, technological innovations and important clinical perspectives relevant to medical professionals. Dr. Vinay Aggarwal, further added, “One of the key highlights of this year’s scientific programme was the breadth of subjects and the quality of academic discussions. Experts shared their experience on the latest developments across specialties, while considerable attention was given to the increasing role of artificial intelligence in healthcare. AI is opening new possibilities in diagnosis, decision-making, treatment planning and healthcare delivery, and it is important for medical professionals to understand both its opportunities and evolving applications. Such scientific exchanges help doctors remain updated and encourage collaborative learning.” A significant focus of the scientific programme was the rapidly expanding role of artificial intelligence in medicine. Speakers discussed how AI-enabled technologies are increasingly being explored across areas such as diagnostics, clinical decision-making, medical imaging, treatment planning and healthcare management, while emphasising the continued importance of clinical judgement and responsible adoption of emerging technologies.
0
0
Report
Advertisement

कटारिया ने सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया, जनता सेवा पर जोर

Ajmer, Rajasthan:राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक अपनी खास पहचान रखने वाले पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने अजमेर में अल्प प्रवास के दौरान आत्मीयता और अनुभव को साझा किया। यह एक रिपोर्ट है। गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राजनीति धर्म और सिद्धांतों पर आधारित हो कर सेवा के कर्तव्य का स्मरण कराती है, क्योंकि चुनाव जीतने के बाद नेता उस क्षेत्र की जनता का नेता हो जाता है जहां की जनता ने उसे वोट देकर जितवाया है। वर्तमान राजनीति को सिद्धांतों पर चलने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वह आज भी अपने सिद्धांतों पर कायम हैं। छात्र संघ चुनाव में हिंसा के स्थान को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हुए उन्होंने सरकार और विद्यार्थियों को जन नेता जय प्रकाश के आंदोलन को प्रेरणादाई बताया। पेपर लीक मामले के एक परिजन और छात्र की पीड़ा को भी उन्होंने समझा और कहा कि मेहनत के दम टूट जाते हैं, कर्ज और परेशानी के बीच तैयारी बड़ी चुनौती बन जाती है। उन्होंने अपने पुराने सहयोगी और भाजपा के नेता स्वर्गीय धर्मेश जैन को भी याद किया और कहा कि संघ में वह लगभग एक वर्ष पूर्व आए थे, लेकिन राजनीति में शिखर भाग्य से मिलते हैं। समापन में उन्होंने कहा कि अपने परिवार के साथ जैन तीर्थ सम्मेद शिखर की यात्रा पर रवाना होते समय वे पंजाब के राज्यपाल के दायित्व के साथ जनता की सेवा के संदेश को अहिंसक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
0
0
Report

ट्रक से 1719 बोतल विदेशी शराब बरामद: जहानाबाद में दो गिरफ्तार

Jehanabad, Bihar:खबर बिहार के जहानाबाद से है, जहां दुर्गा पूजा से ठीक पहले पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। घोसी थाना क्षेत्र के धामापुर मोड़ के समीप पुलिस ने एक ट्रक से 125 कार्टन में 1719 बोतल विदेशी शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए कोल्डड्रिंक और जूते की बोरियों के बीच शराब छिपा रखी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से यह पूरी साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने मौके से दो शातिर शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्करों एक सरिस्ताबाद गांव निवासी मुन्ना कुमार शामिल है जबकि दूसरे तस्कर काको थाना अंतर्गत सातनपुर गांव निवासी अजीत कुमार बताया जाता है। दरअसल आगामी दुर्गा पूजा और त्योहारी सीजन को देखते हुए जहानाबाद पुलिस लगातार असामाजिक तत्वों और शराब तस्करों पर नजर रख रही है। इसी क्रम में पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रक के जरिए शराब की एक बड़ी खेप खपाने के लिए लाई जा रही है। सूचना मिलते ही घोसी थाना की पुलिस टीम ने धामापुर मोड़ के पास मोर्चा संभाला और गाड़ियों की सघन जांच शुरू की। जांच के दौरान जब धामापुर मोड़ से गुजर रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। तस्करों ने चेकिंग से बचने के लिए जूते और कोल्डड्रिंक के पैकटों के नीचे 125 कार्टन में 10021 लीटर विदेशी शराब छिपा रखी थी। पुलिस ने तुरंत शराब और ट्रक को जब्त कर लिया और मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। जब्त सभी शराब पंजाब निर्मित है जो विभिन्न ब्रांड के है। इधर इस संबंध में एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना पर धामापुर मोड़ के पास वाहन चेकिंग की गई। ट्रक से 1719 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई है और दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है साथ ही लाइजनिंग कर रहे एक लैग्जारी कार को जब्त किया गया है। जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से पड़ताल कर रही है। साथ ही नालंदा जिले में उत्पाद विभाग की टीम पर हुई गोलीबारी की घटना के एंगल से भी जांच की जा रही है कि कहीं इसी ट्रक से अनलोड कर पिकअप के जरिए शराब आगे तो नहीं भेजी जा रही थी। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। Byte - कोटा किरण कुमार,एसपी,जहानाबाद
0
0
Report

पंचायती राज चुनाव 2026: सरमथुरा में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं की जांच, सुविधाओं में सुधार

Dholpur, Rajasthan:पंचायतीराज चुनाव 2026: प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ागांव और खरौली के मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश सरमथुरा (धौलपुर) पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के मद्देनजर सरमथुरा इलाके में प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है।एसडीएम राकेश न्योल ने ग्राम पंचायत बड़ागांव एवं ग्राम पंचायत खरौली के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों ग्राम पंचायतों के कुल पांच मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को देखा गया।निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बड़ागांव के एक मतदान केंद्र को आदर्श मतदान केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया गया। इसके लिए पंचायत समिति सरमथुरा के विकास अधिकारी को मतदान केंद्र को आकर्षक ढंग से सजाने, सेल्फी पॉइंट बनाने, मतदाताओं की सहायता के लिए वोटर असिस्टेंट बूथ स्थापित करने तथा मतदाताओं के लिए छायादार प्रतीक्षा स्थल के रूप में टेंट लगाने सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।वहीं, ग्राम पंचायत खरौली के मतदान केंद्रों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराना है। इस दौरान एसडीएम राकेश न्योल , तहसीलदार भीवाराम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top