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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow15 Nov 2024, 03:37 am
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मैनपुरी-करहल बैंड-बाजों और आकर्षक झांकियों के साथ निकलेगी श्रीराम विवाह शोभायात्रा ।

Ajay KumarAjay KumarFollow1m ago
Karhal, Uttar Pradesh:मैनपुरी/करहल। श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत 16 अक्टूबर को कस्बे में श्रीराम विवाह शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस संबंध में रामलीला महोत्सव समिति के सचिव नितिन चतुर्वेदी ने प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा शुक्रवार शाम छह बजे मोटामल महाराज मंदिर से शुरू होगी। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियों, बैंड-बाजों और डीजे समेत करीब 90 आइटम शामिल होंगे। उन्होंने कस्बे के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाने की अपील की। इस दौरान समिति के सचिव नितिन चतुर्वेदी,अध्यक्ष बलराम दुबे,संरक्षक अमर सिंह यादव,उपाध्यक्ष सुभाष यादव,कोषाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी,चिदरूप जैन,जीतू पांडेय,अंशुल और अंकित मौजूद रहे।
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नगर पंचायत परतावल में बढ़ता आवारा पशुओं का आतंक, जिम्मेदार बेखबर, बड़े हादसे का इंतजार

Dipu RawatDipu RawatFollow2m ago
Parasa Buzurg, Uttar Pradesh:सड़कों पर खुलेआम घूम रहे छुट्टा पशु, राहगीरों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा, प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल परतावल/महराजगंज। नगर पंचायत परतावल में दिन-प्रतिदिन बढ़ता आवारा पशुओं का आतंक आमजन के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर बाजार और चौराहों तक छुट्टा पशुओं का जमावड़ा राहगीरों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दशहरा मेले और त्योहारों के दौरान बाजारों में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सड़कों पर बेखौफ घूमते आवारा पशु किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कब जागेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं नगर पंचायत क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है। हैरानी की बात यह है कि महराजगंज जिले में समय-समय पर कई जिलाधिकारी आए और उनका स्थानांतरण भी हो गया, लेकिन परतावल की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आवारा पशुओं से आमजन को निजात दिलाने की जिम्मेदारी कौन लेगा जरूरत है कि नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर सुरक्षित गोआश्रय स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले लोगों की सुरक्षा हो सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर किसी अनहोनी के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी।
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यूज बाय डेट लागू: फर्रुखाबाद की मिठाई दुकानों पर इस्तेमाल की तारीखें दिखने लगीं

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में मिठाई विक्रेता ने ‘यूज बाई डेट’ के नियम का किया स्वागत, बोले- ग्राहकों से बहस खत्म होगी फर्रुखाबाद में यूज बाई डेट से दुकानदार खुश फर्रुखाबाद में मिठाइयों की दुकानों पर रियलिटी चेक के दौरान मिठाइयों पर उनके निर्माण की तारीख और इस्तेमाल की अंतिम तारीख लिखी हुई मिली। मिठाई विक्रेता सचिन भारद्वाज का कहना है कि कई बार ग्राहक मिठाई खरीदकर घर ले जाते हैं और डिब्बा कई दिनों तक खोलते ही नहीं हैं। कुछ मिठाइयां कम समय में इस्तेमाल करनी होती हैं, लेकिन ग्राहक को इसकी जानकारी नहीं होती। ऐसे में मिठाई खराब होने पर दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है और ग्राहकों के साथ बहस की स्थिति बन जाती है。 मिठाई विक्रेता सचिन के मुताबिक, यूज बाय डेट लिखे होने से ग्राहक को पहले से स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी कि मिठाई का इस्तेमाल कब तक करना है। इससे ग्राहकों की जागरूकता बढ़ेगी और दुकानदारों की परेशानी भी कम होगी। उन्होंने इस नियम को अच्छा कदम बताते हुए इसका समर्थन किया. फिलहाल फर्रुखाबाद में मिठाई की दुकानों पर तारीख प्रदर्शित करने की व्यवस्था देखने को मिली। अब देखना होगा कि इस नियम का पालन जिले की सभी मिठाई की दुकानों पर किस तरह सुनिश्चित कराया जाता है।
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गोरखपुर में रास्ते के विवाद के बाद हत्या के प्रयास: दो गिरफ्तार, दो नाबालिग हिरासत में

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में रास्ते पर जाने से रोकने को लेकर विवाद मारपीट तक पहुंच गया। विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से हमला करने का आरोप लगा है। मामले में गीडा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक फावड़ा और एक डंडा बरामद किया है। आखिर रास्ते को लेकर ऐसा क्या विवाद हुआ कि मामला हत्या के प्रयास तक पहुंच गया? गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के बड़गहन गांव में रास्ते पर जाने से रोकने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को वादी को रास्ते पर जाने से मना किया गया। जब वादी ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि अभियुक्तों ने लाठी-डंडे और रॉड से वादी और उनके परिजनों के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गीडा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी गीडा के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक गीडा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमरेश कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की। इस दौरान अनिल यादव और आकाश यादव, दोनों निवासी बड़गहन, थाना गीडा को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मामले में शामिल दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
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अंकिता भंडारी केस: SIT ने तफ्तीश तेज कर तीनों आरोपियों को सजा

Dehradun, Uttarakhand:अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही सियासत के बीच उत्तराखंड पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। पुलिस मुख्यालय देहरादून में अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने प्रेस वार्ता की और बताया कि इस केस में शुरू से ही तत्परता से कार्रवाई की गई। डॉ. वी. मुरुगेशन, ADG ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तुरंत SIT बनाई गई। SIT की अध्यक्षता DIG स्तर की महिला IPS अधिकारी को दी गई ताकि निष्पक्ष और गहन जांच हो सके। SIT ने डिजिटल, फॉरेंसिक, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को जुटाया और गवाहों के बयानों का विश्लेषण किया। शासन की ओर से त्वरित सुनवाई और मजबूत पैरवी की गई। इसी का नतीजा है कि कोटद्वार की अदालत ने तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।
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जम्मू-कश्मीर में साझा खुत्बे विवाद पर वक्फ बोर्ड-उलेमा टकराव

Chaka, SPECIAL GROUND REPORT जम्मू-कश्मीर में साझा खुतबे (uniform khutbah) को लेकर मुफ्ती, इमाम और इस्लामी विद्वान वक्फ बोर्ड के आमने-सामने: हमने मस्जिदों में BJP-RSS का एजेंडा नहीं चलने देंगे जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार की नमाज़ के लिए एक "साझा खुत्बे" (uniform khutbah) के मुद्दे पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड ने अपने अधीन आने वाली दरगाहों, जामा मस्जिदों और अन्य संस्थानों में शुक्रवार के खुतबों के लिए विषय तय करने के वास्ते मुफ्ती, इमाम और खतीबों की एक कोर कमेटी बनाने का फैसला किया है। इस कदम के कारण कश्मीरी मुस्लिम विद्वानों, मुफ्ती, उलेमा और राजनीतिक नेताओं के साथ वक्फ बोर्ड का तीखा टकराव शुरू हो गया है। वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक कार्यों को स्वीकार करते हुए भी, कश्मीरी मुस्लिम विद्वानों और मुफ्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में धार्मिक मामलों से जुड़े फैसले थोपना शामिल नहीं है। उनका आरोप है कि वक्फ बोर्ड एक खास राजनीतिक दल का एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और मस्जिदों के मिंबरों (उपदेश देने के स्थानों) पर अपना नियंत्रण जमाना चाहता है। मुफ्ती का कहना है कि यह कोशिश कई सालों से चल रही थी और अब इसे लागू किया जा रहा है। उनका तर्क है कि BJP और RSS, वक्फ बोर्ड का इस्तेमाल एक आड़ के तौर पर कर रहे हैं ताकि मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का फायदा उठाया जा सके। वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. दरख्शां अंद्राबी ने कहा, "कोई आदेश नहीं है, कहीं कोई आदेश नहीं है। आप वह प्रेस कॉन्फ्रेंस देखें, सब कुछ आपके सामने है, वह लाइव है। आप खुद देख लें, कोई आदेश नहीं है। वहां मौजूद मुफ्ती और इमाम साहिबान ने यह फैसला लिया था कि अगर हमें ड्रग्स के मुद्दे पर बात करनी है, तो हम ड्रग्स पर बात करेंगे। अगर हमें इस बात पर चर्चा करनी है कि शादियां क्यों नहीं हो पा रही हैं, तो हम उस पर बात करेंगे। अगर बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं, तो वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हमारे समाज में यह मानसिक तनाव (ट्रॉमा) क्यों है? उन्होंने यही तय किया था, और इसी पर चर्चा होनी थी। वे अपने उपदेशों के जरिए, अपने तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। अब इस पर कोई चर्चा नहीं होगी। हमारे धार्मिक विद्वान जो भी करना चाहें, वे अपने तरीके से कर सकते हैं। इसमें हमारा कोई दखल नहीं है। हमारे धार्मिक गुरु जो भी करना चाहते हैं, वे कर सकते हैं।" बाद में, इस बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। इस वीडियो में चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगले शुक्रवार से एक साझा उपदेश (सर्मन) लागू किया जाएगा। कश्मीर के कश्मीरी मुफ्ती और विद्वानों ने बोर्ड के स्पष्टीकरण को चुनौती देने के लिए इसी वीडियो का इस्तेमाल किया है। पूरे कश्मीर में इसे लेकर तीखी और व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले को बीजेपी के एजेंडे का हिस्सा बताया और इसे मुसलमानों के धार्मिक मामलों में एक अस्वीकार्य दखल करार दिया। उन्होंने मांग की कि बीजेपी द्वारा नियुक्त चेयरपर्सन इस पहल को तुरंत रोक दें। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की और इसका विरोध किया। उन्होंने इसे आस्था में दखल बताया और एकरूपता लाने की इस कोशिश की तुलना बीजेपी के अन्य एजेंडों, जैसे 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' (समान नागरिक संहिता) से की। उन्होंने और अन्य लोगों ने मांग की है कि वक्फ बोर्ड का नियंत्रण जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए। धार्मिक संगठनों की मुख्य संस्था, 'मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा' (MMU) ने किसी भी वैधानिक निकाय द्वारा यह तय करने या नियंत्रित करने के प्रयास को खारिज कर दिया है कि 'मिंबर' (मस्जिद में उपदेश देने का स्थान) से क्या उपदेश दिया जाए। अन्य क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने भी इस विरोध में अपनी आवाज़ मिलाई है और चेतावनी दी है कि कश्मीर को एक समान धार्मिक प्रथाओं को लागू करने के लिए 'टेस्टिंग ग्राउंड' (प्रयोगशाला) न बनाया जाए। मुफ्ती, मौलाना और विद्वानों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम आस्था से जुड़े मामलों में दखल दिया है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह दखलंदाजी नहीं रुकी, तो कश्मीर में वक्फ बोर्ड को लेकर भारी अशांति फैल सकती है। कई विद्वानों और समुदाय के लोगों का संदेश बिल्कुल साफ है: "हम अपनी मस्जिदों में भाजपा-आरएसएस के एजेंडे को नहीं चलने देंगे।" यह टकराव जारी है। धार्मिक स्वायत्तता, प्रशासनिक अधिकारों की सीमाएं और 'मिंबर' की स्वतंत्रता इस बहस के केंद्र में हैं, जिसने पूरी घाटी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। खालिद हुसैन कश्मीर जी मीडिया
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गोरखनाथ मंदिर में मां स्कंदमाता की आराधना से भक्तिमय नवरात्र उत्साह

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन आज मां स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां के पंचम स्वरूप की आराधना हुई। इस दौरान लोककल्याण के साथ सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने विशेष पूजन संपन्न कराया। मंदिर के शक्तिपीठ में प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने प्रातःकाल और सायंकाल विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौरी-गणेश के पूजन से अनुष्ठान की शुरुआत हुई। इसके बाद सभी देव-विग्रहों का षोडशोपचार विधि से पूजन किया गया। इस दौरान विद्वान आचार्यों ने श्रीमद्देवीभागवत महापुराण और श्रीदुर्गासप्तशती का सस्वर पाठ किया। मंत्रोच्चार और माता की स्तुति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पूजा के समापन पर वैदिक ऋचाओं के बीच मां की आरती उतारी गई। इसके बाद क्षमा प्रार्थना कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने मां स्कंदमाता की महिमा बताते हुए कहा कि मां ज्ञान और मोक्ष की प्रदाता हैं। उनकी आराधना से साधक को मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है। नवरात्र के पांचवें दिन गोरखनाथ मंदिर में हुई मां स्कंदमाता की आराधना के साथ ही मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर लोककल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
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वाराणसी के सारनाथ में अवैध पटाखे विस्फोट से दो मंजिला मकान ढहा, राहत कार्य जारी

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Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के सारंग तालाब इलाके में एक मकान में भीषण धमाका, ब्लास्ट के बाद दो मंजिला मकान भरभराकर ढहा। • शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे, जहां अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। • स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाकों में लोगों को भूकंप जैसा तेज झटका महसूस हुआ। • मकान के मलबे के नीचे एक महिला के दबे होने की आशंका है, जिससे स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी मच गई है। • सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं मलबे से अब तक 2 घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है। • राहत और बचाव कार्य को तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ATS की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है। मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी की इस घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित और प्राथमिकता के आधार पर इलाज कराने तथा हरसंभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। • धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के घरों और दुकानों के लोग सहमकर बाहर निकल आए। • पुलिस और फॉरेंसिक टीम ब्लास्ट के सटीक कारणों और अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
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समस्तीपुर में कंटेनर से शराब की 40 लाख कीमत की तस्करी उजागर

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में शराब तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्पाद विभाग की टीम ने एक कंटेनर गाड़ी के अंदर खड़ी चार स्कॉर्पियो से 2610 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। कंटेनर के अंदर चार-चार स्कॉर्पियो में शराब छिपाकर ले जाने की तैयारी थी। रात्रि गश्त के दौरान संदेह होने पर उत्पाद विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। मौके से कंटेनर और चारों स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया गया है। मामला जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के शंकर चौक के समीप का है। उत्पाद विभाग की टीम रात्रि गश्त कर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर पर संदेह हुआ। टीम ने जब कंटेनर की तलाशी ली तो उसके भीतर चार स्कॉर्पियो खड़ी मिलीं। इसके बाद चारों वाहनों की जांच की गई, जिसमें पांच अलग-अलग ब्रांड की शराब बरामद हुई। शराब की कुल मात्रा 2610 लीटर बताई गई है। उत्पाद विभाग ने शराब के साथ कंटेनर गाड़ी और चारों स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है। गुरुवार को उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था।एक कंटेनर के भीतर चार स्कॉर्पियो में शराब की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद तस्करी के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शराब की ढुलाई के लिए इस तरीके का इस्तेमाल किसके इशारे पर किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। उत्पाद विभाग मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा है।
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जहानाबाद में दुर्गा पूजा के लिए फ्लैग मार्च से सुरक्षा का कड़ा संदेश

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार की शाम एसपी कोटा किरण कुमार की अगुवाई में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर की सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाला। यह फ्लैग मार्च शहर के आम्बेडकर चौक से शुरू होकर हॉस्पिटल मोड़,ठाकुरबाड़ी,सट्टी मोड़,पंचमहला,मलहचक, ऊंटा मोड़ और काको मोड़ होते हुए पुनः हॉस्पिटल मोड़ पहुंचकर संपन्न हुआ। मार्च के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी से पूरे शहर में सुरक्षा का कड़ा संदेश गया। फ्लैग मार्च के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए एसपी कोटा किरण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मार्च का मुख्य उद्देश्य दशहरा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना है। उन्होंने असमाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अफवाह फैलाने की मंशा रखने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि जिले में सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। जिले में सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। जिला पुलिस बल के अलावा अतिरिक्त जवानों और मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखें। इस फ्लैग मार्च में एसपी के साथ एएसपी मनोज पांडेय,एसडीपीओ अनिकेत द्विवेदी और एसडीएम राजीव रंजन सिंह समेत भारी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौजूद रहे।
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