मंदसौर में किसान की मदद न करने पर हथकरघा विभाग कर्मचारी निलंबित
Mandsaur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक किसान को लौटकर आवेदन देने के लिए कलेक्ट्रेट आते देखा गया। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ जिसमें हथकरघा विभाग के कर्मचारी राजेश विजयवर्गीय किसान की मदद नहीं करते दिखे। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विजयवर्गीय को असंवेदनशीलता के आरोप में निलंबित कर दिया।
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EOW ने कैलारस नगर परिषद, मुरैना में 1.42 करोड़ रुपये खरीद घोटाला की जांच शुरू
Morena, Madhya Pradesh:मुरैना - कैलारस नगर परिषद में 1 करोड़ 42 लाख रुपये की कथित खरीदी में गड़बड़ी के मामले को लेकर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने नगर परिषद के स्टोर रूम में पुराने स्टॉक रजिस्टर खंगाले और खरीदी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की है जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मांगे। इनमें कथित घोटाले के आरोपों से जुड़े स्टोर कीपर शिवकुमार के स्थानांतरण की फाइल भी शामिल है। बताया जा रहा है कि EOW पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन जरूरी फाइलें और दस्तावेज समय पर नहीं मिलने पर परेशानी आ रही थी। टीम ने नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को पत्र देकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। अब जांच एजेंसी की नजर उन रिकॉर्ड पर है, जिनसे कथित खरीदी में हुई गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।जंतर-मंतर पर बिना जरूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी -सुप्रीम कोर्ट
New Delhi, Delhi:नई दिल्ली: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली ट्रेन और मेट्रो पर रोक लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को रखा।
सिब्बल ने कहा 10 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के लगभग 57 स्टेशन बंद किए जा रहे है। दिल्ली आने वाली ट्रेनें को रद्द किया जा रहा हैं। ऐसे में लोग कहीं आ-जा नहीं सकते। मेरे देश में यह क्या हो रहा है? यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन है।
वहीं अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सुरक्षा के लिए CAPF की 221 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 10 detention सेन्टर तैयार किए जा रहे हैं। OYO होटलों से कहा गया है कि वे नई बुकिंग न लें। YouTubers के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मीडिया से कहा गया है कि वे अपना आई कार्ड साथ रखें। दिल्ली पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दे रही है।
इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
इस बात पर याचिका लगाने वाले वकीलों ने जवाब दिया कि सरकार को समझना होगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन गैरकानूनी नहीं होता। वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि सरकार प्रदर्शनकारियों को संभाल नहीं पा रही हैं, वे पूरे शहर को बंद नहीं कर सकते। वकील ने बताया कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने इजाजत मांगी थी, उन्हें नहीं मिली। इसलिये वो हाई कोर्ट गए।
इस मामले को सुनते हुए जस्टिस बागची ने कहा कि लोगों को संगठन बनाने और उससे जुड़ने का मौलिक अधिकार है, लेकिन कानून के अनुसार इस अधिकार को नियंत्रित भी किया जा सकता है। अगर अधिकारी प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी करते हैं या नहीं करते हैं, तो आप कोर्ट आ सकते हैं। लेकिन बिना ज़रूरी मंजूरी के प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। अगर हमें पता चल जाए कि प्रदर्शन का आयोजन कौन कर रहा है और उसमें कितने लोगों के आने की उम्मीद है, तो हम उसी हिसाब से व्यवस्था का आदेश दे सकते है। अगर हमें यह जानकारी मिल जाए तो हम सरकार से भी कह सकते हैं कि वह उसी के अनुसार कदम उठाए, न कि पूरे शहर पर बड़े पैमाने पर बैन लगा दें।
इस पर सिब्बल ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं से पूरी जानकारी लेकर कोर्ट आएंगे। दो बजे कोर्ट को पूरी जानकारी देंगे।
(दिल्ली से जी न्यूज रिपोर्टर अरविंद सिंह की रिपोर्ट)
